Transcribed segment of a spiritual address by Jayapataka Swami delivered on Aksaya Tritiya. The speaker urges devotees to give charity, perform service, chant and kirtan, and nurture devotional practices; emphasizes obedience to spiritual instructions, teacher-devotee relationships, and resisting material tests (maya). The tone is devotional and exhortatory.
आजके दिने जे शेवा कोरुगें, से शेवा ता भदवाने काछे अफ्पाय होई था जुवें। दान कोरुगें जाकितु। आजके दिने दान कोरें, सेवा कोरें, जाकित कोरें, जाप कीर्टान कोरें परमार्थी आज अक्पा है भाईव। अपना जाप कोरें, अनुवेश्ट कोरें, अपनारा सलई जख करें, हरे किष्ण जख करें, से जख करें जो के जख कहलच हरिमान संकित्तम हरिमान पर प्रमानन्दे हरे जनजीया मारा मारा भन अब महमें देखना करने भस्तुत आमि सुन्छी जर कराया 1500 जनलो भरिनाम दिख्खान नवाजने पस्तुत आछे अपा आपा आपा आपा आपा आपा शिष्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा विश्वा तादेर के देखा विश्व दिया जनन अमार्षे का सेवा रहे छे। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आम। नहीं तो आ प्रावुपाद अमाके प्राइ तीष्टा बेशी आदेश दीशिलें। एका तरह अमा समस्तोच आदेश इता करा सक्खम नाई। अगर आमने आहम पर थाई तुम्हार सहाज्या एक सहच। आमि अख्खम है इसे जएने सखले तुम्हारे सहाज्या चाहिची। करिवा अमर प्रेमारंदे। करिवा अमर प्रेमारं� आगा हारवना आगा सहार्ज हरवना।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। शर्चन देवार्जन जारे देवार्जन सहई हल हल किष्णों गुणाच। अमार अग्गाई गुरू होये तारो एइ देश।।।।।।।।।। आम थाक लोचे भलकर के शिक्षा दिया आदर था है शइटनलजर्स आमने इश्टार कर दिया। ता एकोन इश्पनेर एक काज होचे सखल के भलकर के शिक्षा दिया जाते चोईतनमा पुर्मशिक्षा स� माया देवी अपना जुद्ध हो चल छल। माया देवी एखन आमादे परिखा कर छाएं जिए आपना लाई किष्म के चान ना माया के चान। प्रिश्ना गोरण्गा गोरण्गा बैंग नोंड़ा वीडियो प्रिश्ना गोरण्गा आणानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानानान प्रसाद पाबो.