Safari Day - 3 Padapitham installation at Setu-bandha, Bhojana-sthali, Phisalni Sila & Caran Pahadi

A multi-speaker Hindi (with some English) transcript of a spiritual gathering recorded for a YouTube video titled "Safari Day - 3 Padapitham installation at Setu-bandha, Bhojana-sthali, Phisalni Sila & Caran Pahadi". Speakers narrate and discuss Lord Krishna’s childhood pastimes (makhan-chori, gochara/gochran, Brahma’s test), local pilgrimage practices (84 tirtha/84 kos yatra), and stories of devotees (e.g., Krishnaavti). The recording includes chanting (Hare Krishna, Hare Rama), ritual descriptions (bhog/food offerings, prasadam distribution), speaker introductions, and short English interjections from some participants. The tone is devotional, oral-narrative, and event-oriented.
तो ब्रह्म मोहन लीला का पहला कृष्ण बुक में 1 बहुत सुन्दर चित्र का जादुरणीमाताजीने बनाई थी, तो उस क्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण.
इतना ही है, छोटा छोटा.
तो वो दई चावल अपने हाथ में लेके इधर उधर घूम रहे हैं। और वो जो है उनके नीचे आ रहा है। तो भगवान की कृष्ण भूल रहे हैं। कहाँ गया मेरा गाय सर, मैं मेरा गाय का इंतजार कर रहा हूँ, लेकिन.
को देख नहीं पाता हूँ।
तो ये कौन हैं? 1 बहुत अनोखे आदमी उसका 4 सर कैसा है तो 1 दूसरा आदमी का क्यूँ, पूरा पूरा आम के ऊपर, पूरा आम कान है, शरीर के ऊपर बहुत आम है। ये लोग कुछ बोल रहे हैं मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा है। तो ये लोग जो बोल रहा है जल्दी जल्दी बोल के चले जाए। फिर में अपना नाम देख सकता हूँ, शीकृष्णaऐसे उनको देख के खड़े हैं, वो.
इतनी सुंदर.
Any so is is good in dtepisnesgoying out with the causes।
तो गोचरण का लीला होता है, भगवान श्री कृष्ण गोझरण करने जाते हैं। श्रीमत राजरानी का मिलने के लिए सबसे अच्छा 1 वातावरण है।
Also.
Taknotecalsoncos.
तो ये गोचारण के माध्यम से वो घर से निकल सकते हैं, घर में जो बड़े बुजुर्ग है उनकी नजर से निकल जाते हैं और अकेले हो जाते हैं।
Use in as a con।
तो वो परम को भगवान है, लेकिन यहाँ 1 गोले का जो पाठ है उसको निभा रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण चिन क्या है? अगर वो अचिंत नहीं होते, भगवान नाम के शब्द का कुछ अर्थ ही नहीं होता। प्रभु की जा सो वी हर फोर फॉर्चuनेt। prob is every day s coming on this yatra is wikas calling the various tan podcusgurmaad especially mpordhimhsdiamnot, there, but probs go every do it on my behave so।
कृष्णा कृष्णा, हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम, राम, हरे हरे.
अरे किसी रामराजा कुछ.
कुछ इंटरेक्शन दे इधर कम.
महाराज के बारे में।
अब गिफ्ट.
महाराज का हाथ से लग रहा है हरे कृष्णा सो वी आर ही भोजन थाली ही दे पुजारी.
महंत.
जी सो.
Gita.
We can init on swami guru maharaj and the inside and he gave। this place is er prime place a.
So in.
Rajastan, this is rajsthan and one of the prime visiting place for this rajasthan is.
So।
He the man ponda for this area and he was in good officer during his material, livelo and he is also the pujari for this rada radablvmontempl, here we have nkamaसowewill speak for five minute for about all this things and well।
Here harykishnaबोलिए कृष्ण बाल राम की भागते, जनों.
मैं.
आपके सामने ब्रिज का महात्म में भोजन थाली का महात्म आपके सामने वर्णन कर रहा हूँ व्यातिनेचराचरम सद पदम दर्दकम इन, 10 मई 10 मई श्री गुरुवे नम गुरुरे ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु साक्षात परम ब्रह्म तसमई, श्री गुरुवे नम भक्तजनों बृज के 12 बने। उनमें काम मन पवन श्रेष्ठ पांचवां बन है पांचवां बन क्यों है के यशोदा मैया जो है कम्बन की लड़की थी। यह सारण कृष्ण बलराम को सबसे ज्यादा जो प्रेम है वो काम बन से रहा है। तो जब महाभारत हो गई थी तो कृष्ण बजकोछोड़देद्वार का पुरी चले गये और द्वार को पुरी जो है उन्होंने फसा ली थी। उसके बाद 1 बार कृष्ण ब्रज में आए है और ब्रज में भी कहा है काम बन में आए। अनि मामा काम बन के जो रहने वाले थे। तो यह कारण कृष्ण बलराम सबसे पहले बृज में जो है काम बन जो है, पधारे हैं। यहाँ जब पधारे हैं तो जिनकी कृष्ण ने माखन चोरी लीला की किसी की मटकी फोड़ी, किसी का दही तो वो सब इकट्ठे हो गए हैं। और कहने लगे हैं अरे अब तो तू राजा हो गया है। कृष्ण ऐसे कह रही है अब तो तू राजा हो गया, हमें भूल गया है। तो कृष्ण क्या कह रहे हैं अरी मैया मैं बोल गई। माखनचोर कृष्ण हूँ, वह हूँ। अरे भैया मैं भोग वाला हूँ। तुम्हारे संग मैंने गाय चलाई है। अब तुम बताओ तुम्हारी क्या इच्छा है? तो यसुदामैया कहने लगी है के अरे लाला, अब तो तू जवान हो गया है, राजा हो गया है सब दीप परित जितने तीर थे उनकी यात्रा करो। तो कृष्ण को बाल चले तो उनने सूची इन बड़े बूढ़े माँ बाप हमको सीन को इतने कहा बरसात हो रही है, कहीं कीचड़ है, कहीं पानी है तो इन मेरे वासी को बड़ा को। इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने जम मास्टरी के बाद की जो दौड़ जाती है। उस दिन कृष्ण ने, सब्त दीप परत ने, जितने वीर थे उनको आह्वान किया है। आह्वान करके 84 तीरों को जो है। इस कान क्षेत्र में, जो है बुलाया है और गोला के पत्री, नाथ केगा नाथ यमनौत्री द्वारका पुरी सोमनाथ जी सारे तीर्थों को जो है इस काम में आप प्रवाजवानकीना है और जो है उनको यात्रा कराई है। इस यात्रा के बाद ही आपकी 84 तीर्थों की जो है 84 की, 84 कोस की यात्रा जो है प्रारंभ हुई है जो शख्स जो व्यक्ति इस 84 तीर्थ की यात्रा को जो कर देता है उसको सब तो दीप जितने तीर्थ हैं उनकी यात्रा का जन्म, उनकी यात्रा का जो पुण्य है वो सभी प्राप्त होता है। बोलिए कृष्ण बलदेव की भक्तजनों अब मैं आपको इस भोजन थाली की कथा वंदन कर रहा हूँ कि जिसका उद्धार प्रभु राम ने किया है। राम के ही वंश में अयुध्या पुरी के राजा कोबला उनकी कोई संतान नहीं थी। संता यज्ञ के प्रताप से उम्र में उनकी 1 लड़की पैदा हुई। उसका नाम उनके उन्होंने कृष्णावती रखता। कृष्णावती जब जवान हुई तो सोममंसकेराजा सूरसेन से उनकी शादी कर दी और उनको अयोध्या में घर जमाई लिया। कुछ दिन बाद भगवती के केतु नाम के राजा ने हमला किया जिसमें कृष्णावती के पते भी मारे गए और पिता भी मारे गए। अब कृष्णावती अकेली रह गई है। अकेली रहने के बाद भी राजा था who मैने दोनो राजन को जो है त्याग कर दिया। त्याग करने के बाद वो विष्णु भक्ति में लग गयी है। सरयू नदी में स्नान कर रही तुलसी जी का सीकरी विष्णु भगवान की पूजा करी इस प्रकार पिचासी वर्ष की उम्र हो गयी है। पिचासी वर्ष की उम्र में बुखार शरीर में आ रहे हो। तुम लोग पतले शहीद हो गए हो, लेकिन अपना नित्कर्म पूजा पाठ नहीं छोड़ा। बुखार की हालत में जैसा मिला विधवा हो गयी। न पति का प्यार मिला, न पुत्र, पुत्री का प्यार मिला। प्रभु 50ी साल में मेरी इतनी पत्थर की छाती हो गई है की मेरी यह लासा है। मैं 1 पत्थर की शिला बनूँ जिसके ऊपर बैठकर खाल बाल के साथ आप भोजन करे। आपकी जो झूठन बचेगी उसी से मेरे जीवन का मुख्या हो जाए। कुश्णुभगवान बोले कृष्णा पति कोई को? जब मैं द्वापर में जन्म लूंगा तब तू मथुरा के पश्चिम देश में कम नगरी है। माँ इंद्र पर्वत है, उसकी लेती में पत्थर की सलाह होगी तो ये वरदान दे के विष्णु भगवान अंतर ध्यान हो गए है। जब श्री कृष्ण को जन्म उपाय है तो कंस मामा कृष्ण को बरबादी के तरह तरह के उपाय कर। यशोदा मैया कृष्ण बलराम को लेकर अपने पिता के या काम मन में आ गई है। यशोदा मैया भी बहुत सी को नही है। यशोदा मैया काम बन की जो है लड़की थी। यह कारण यशोदा मैया कृष्ण बलराम को लेके अपने पिता के यहाँ यह काम मन में आ गई है। यहाँ आकर उन्होंने अपने नाना की गह चराई है और चलाते चलाते आ गए। नीचे झील सागर में पानी पीने को है, उसपर बैठ कर। अरे दाऊ भैया अरे ग्वाल वालों। तुम्हारी मैया ने कहा भोजन अपने भोजन या सिर पर रख लिया, सब मिल बैठ कर, जो है 1 जगह भोजन करेंगे। तो सब ने अपना जो भोजन बढ़िया बढ़िया भोजन लाये, उन्होंने सेना पर रख लिए, उनमे 1 मधु मंगल बड़ा गरीब है, माने कोई भोजन नारक को 3 दिन के पास ले आए हो। अब कृष्ण बार बार कह रहे हैं अरे मधु मंगल तेरी माने तो का पूजन रखे को अब शरम के मारे मधु। मंगल अपनी कटी जा से कृष्ण के सामने नहीं रखे और नीचे से ऊपर आकर जाँच को पीने लगो। कृष्ण हवाई मधु मंगल नहीं बोलो। तो कृष्ण सुंद निचे से ऊपर आई। जी ऐसी जा रहे। ब्रह्मा जी देख रहे हैं की देखो तो सही कैसे अवतार हुए, कैसे प्रभु हुए, कैसे कृष्ण हुए। जब उन्होंने इस सीन को देखा तो इस स्थान पर ब्रह्मा जी को भ्रम हो गया कि ये प्रभु नहीं हो सकते, ये कृष्ण नहीं हो सकते, ये तो सब झूठ है। तो ब्रह्मा जी को इस भ्रम हो गया है। और उनकी कृष्ण की परीक्षा लेने के लिए ब्रह्मा जी उनकी गाय बछड़ों को आप लोग कूड़े के कहने लगे। अरे कन्हैया अरे काना तेरी गाय बचने का है। कृष्ण के नाम रख रखे, उनको आवाज दी। जब कोई गाँव नहीं आई है तो उन्होंने बाल रूप में ध्यान लगाया देख। ब्रह्मा जी गाय बछड़ों को ले गए तो बाल रूप में श्री कृष्ण समझ गए की ब्रह्मा जी तुम्हारी परीक्षा दे रहे हैं। तो बाल रूप में ही। श्री कृष्ण ने वो गाय और बछड़े करते हुए दिखाए। ब्रह्मा जी ने देखा अरे इनको तो मैं उठा के चुरा के ऊपर ले गया। कई वो तो नींद नहीं आ गई है। ब्रह्मा जी को फिर भी विश्वास नहीं हुआ है। उन्होंने ऊपर जाकर देखा है तो गाय तब उनको पड़ा के यही प्रभु है, यही तार है, यही कृष्ण है। इस स्थान पर ब्रह्मा जी ने क्षमा मांगी है प्रभु सब ग्वार या मारन की झूठन खा रहे। यह कारण मैंने मा करे। उसके बाद दोनो भैया ने बैठ के सब सखान के भोजन की ने अपने हाथ से श्री कृष्ण अपने सखा को कौन छोड़ी ऐसी कृष्णावती। और जब से ठाकुर जी ने भोजन किया तब से उस पर की सला भोजन rio.
Big for, but i request is so maharaj during this to more time, what ever you get so, he can explain that in english in so, but we dont much time, so will.
Give them.
We have to person year।
तो ये भागवत गुरु मांस के नाम पर दान किए भागवतम, देते हैं गुरु मास के नाम, ऐक्चवली भागवत भागवत के.
भाग, nnapरवitkeचaरीवा gopal.
Also are happy to announce the father s goreng prem se.
Mar.
Gong prem com.
Car.
अरे वाह पिन गौरम प्रेम सह महाराज गीता भागवत सब के लिए 1 बार हरी नाम करना है की नहीं, हरि कृष्ण हरि कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे आलसो वन मोर सेंटिंग फॉर गुरु महाराज यह सुनो हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे वन मोर पर पांसर प्रसाद दीजडसमिनटीफरदेमस वन से हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम.
रामा.
रामा.
बोतल खाली की राधे राधे दोस्त.
जाई जय श्री राधे.
आप लोग बैठ रहे रहे खड़ा video.
गोल प्लेस बना.
Live, live or problem.
किट्टन के लिए.
माइक चाहिए प्रभु maharaj please राज कैमरा bol.
Madjmatajoples.
का बाहर.
हरे रे.
हर राह.
हर रहो रामा रामा.
राम राम.
िषणागृषनाहारिहरी हरिराम हाई.
कि.
हरे हरे हरे माताजी.
कृष्णा हरे कृष्णा का.
राम का माताजी हे ना हम लोग बात को राम राम.
हरे हरे के हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम.
जादू करो जादू करो। मन लगा कितनी है कितनी है रीति.
पारले मैक देख के का है मां.
के नाम जन आया की नहीं हो करे।
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