A short devotional monologue in a South Asian language reflecting on the spiritual role of Srila Prabhupada and other acharyas. The speaker repeatedly poses hypothetical questions (“if Prabhupada were not present, what would happen?”) to emphasize the necessity of the guru and surrender in bhakti practice, references Sri Chaitanya Mahaprabhu and the guru-parampara, and closes with a modern YouTube call-to-action.
यदि प्रभुपादा होईतो तबे की होईतो ये जीवाना बाहीता कीछे। यदि प्रभुपादा होईतो तोबे की होईतो। बस्चतीरा जोतो पाबी दूरा चाली शुल्यावादी मायावादी तान्धेरा उधारा कोरीबारे माना हेना कौन तया निती तान्धेरा उधारा कोरीबारे माना हेना कौन तया ता देरा निकाते कौन जानाशी बेलायता होरीना जब याजीबा रूपे गडीते तदेरा होईतो आगुया। यदि प्रभुपा न होईतो तोबे की होईतो। आरोती रात्री दिने। देशे देशे हरी वेग्रह शेवा। आरोती रात्री दिने। रातो जात्रा आधी महो चबाई शोलो शेक्खाई ताओ। यदि प्रभुपा न होईतो, तौबे की होईतो। कीता भागवाता चेतन्न चोरीता प्रेमा बृतारा सासारो यदि प्रभुपात न होई तो, तो बेटी होई तो। के दिता मो देरा पूरी बृंदा बोन माया पूर मतो धा परमामंगल श्रीचैतन्न माहाप्राभूराँ शिक्षद्धाना अचारे प्रंजारे चहारे आचारे प्रोचारे शदा मातेरे के कोरी तानीयो जाना यादि प्राभु पाद्ना होईतो ताबे की होईतो ये जीवाना पाही ताकीशे प्रेमाग निरावादी जया बता का हुदाए तमारे शरनो कोरे। यादि प्रभुपाग न हैतो तबे की हैतो यादि प्रभुपादा होतो तबे की होईता एक जेवना पाहिता कीछे। निताइ गोरेरा आपारा करून के लिए। यदि तब पाद होतो तो बेकी होतो If you like our ad-free videos, be sure to subscribe to our channel. We publish new videos every day and don't forget to like and share our channel.