भगवान की कृपा कैसे प्राप्त होगी ? | 11 Jan 2014 | Punjabi Bagh | Srila Gopal Krishna Goswami

Srila Gopal Krishna Goswami teaches that God's grace comes through three spiritual births: physical birth, accepting the divine name, and receiving a mantra. He emphasizes chanting the name on a mala with the prescribed number of beads, obedience to the guru, and avoiding sins like criticizing other devotees or misusing the name for selfish gain.
Chapters
जन्म होता है माता के गर्भ से और ये जन्म पशु करते हैं और इस जन्म को कहा जाता है शोकरजन्मा दूसरा जन्म प्राप्त होता है। जब हम है ना देश स्वीकार करते हैं तो आप सब आज में अपना दूसरा कर स्वीकार करते हैं क्या जाता और क्यूंकि का जन्म है के समय आपको बना दी जाती है माला के सादा को 1 ध्यान नाम दिया जाता है नाम के साथ जोड़ा जाता है दाल दाल इसका अर्थ है भगवान के सेवक और तीसरा जन्म प्राप्त होता है जब आपको ग्राम या मंत्र प्राप्त होता है इसके इसी से आप हान की आरती कर सकते हो स्वीकार कर सकते हो रसोई बना सकते हो कहा जाता है आज की शिक्षा दे रहे है थोड़े महीने बाद ग्राम स्पेशल फोर्स ग्राम कहा गया है में कर भी आप ने देशों के लिए ई नाम को चालन करते जाओ आपको नहीं बचाओगे नाम का पूरा नाम गवर्नर शिक्षा उन्हें दी जाती है तो कम से कम कुछ सालों के लिए रोज थोड़ा माना जा करने है और उन्हें दी जाती है जो रोज करने की जिम्मेदारी उठाएं के याद म हरिनाम हिमातल से है माना है साथ में हम चाह कर के बाद की है 1 है किसी प्रकार का नमाजी नहीं कोई नशे की चीज नहीं जाता है चाहे किसी प्रकार का और जो शिक्षा के अनुसार हो और इंडिया के में आप मोबाइल फोन है इन के साथ में कई बार लोग कहते हैं हे मन ये जो नियम है इस भगवान ने ये नियम गुरु बंपर द्वारा आगे है। अमेरिका के कई स्वामी जी मिलने आए में उन्होंने कहा की स्वामी जी आप अमेरिका में आज 4 दिन होंगे तो कोई नहीं आएगा आपके पास पापाजी ने कहा की मैं आया हूँ कल के आदेश के अनुसार भगवान के सच्चे संदेश का प्रचार और प्रापाजीनेयहीसचे संदेश का प्रचार दिया आने लगे है प्रॉपर से महा 700 से अधिक के हुए हैं सारे नियमों का पालन करते हैं और भी विनियम का पालन करे तो इन नियमों का पालन बहुत आवश्यक है यह वहाँ इंजन नियमों का पालन करते हैं ये भी के खम्बे का पालन नहीं करते हैं वो खम्बे तो और नियमों का पालन की शक्ति कहा से आते। मैं यहाँ आया होनी थी हमने 2 हजार 2 में 4 चीजें नहीं जुड़ सकते जीने का क्या फायदा है जैसे हमारा ही उद्देश्य है परम भगवान को प्रसन है। इसलिए इस विषय पर जन महा। बहु ने शिक्षा देते कहा की जो भर्ती के अनुकूल है वो प्यार प्यार स्वीकार करो जैसे सुधारण समाज में पर हो तो हर कोई सौदा अच्छा है अनुकूल है तो इसी प्रकार शादी शिक्षक के द्वारा शिक्षा के द्वारा हमें जान प्राप्त होता है। यहाँ कुल है केस्वामी जिन्होंने हमें नेक से जान दिए है। उन्होंने कहा है की जो कीमत में भरे पड़े हलो और भर्ती को मत 2 ये होना चाहिए हम सब का भार जैसे की अगर आपके शरीर में कोई बीमारी आ जाती है व बीमारी लाज करने के लिए जो भी कीमत आपको भरने पड़े आपके ये होना चाहिए। हम सब को इस संस्थान में नाम दी जाती है कभी अनुभव किया जाता है कुछ समय के लिए 236 साल 1 व्यक्ति गंभीर है यह व्यक्ति अध्यात्मिक जीवन चाहता है और ये व्यक्ति नीम के पालन के जब जाती जाती है कभी फूल सालों के लिए व्यक्ति ने हरि नाम का उचालन किया है लोग और जहाँ का पालन किया है सत्र ज्ञान है इसलिए कहा जाता है की नाम लेना चाहते हैं जिनका आज तो तो है नाम माध्यम है भगत प्रावि के लिए नियमों का पालक भी आवश्यक है। और सबसे महत्वपूर्ण सेवा है यह नाम तो जैसे मैंने जैसे हो। 16 माला का जाप भक्तों को रोज करना चाहिए ज्यादा कर सके तो कीजिये और जब मन की बजी स्थापना की उन्होंने भक्तों का रे सियादा 64 माला लॉंच कर दि नहीं कर सकते और उसे कम शोर वाला है मिलम और ये माना तो हमारे शास्त्र में अचानक ने कहा है की अगर आप का पूरा लाभ उठाना चाहते हो तो हमें 10 डाउन प्राब्लम से के बदल में रोज सुबह आंटी 10 डाउन ऑफ प्राब्लम का किया जाता है इसलिए ये हमें याद दिलाया जाए अगर नाम का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं हमें से बचना चाहिए और अपराध इस प्रकार सबसे पहला है उन भक्तों की निंदा करना जिन्होंने देवदर्शन किया है भगवान की सेवा में। इस अपराध का 1 और नाम क्या है प्रभु जी जो स्वयं भगवान है उन्होंने बड़ा अच्छा उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा है की जिस प्रकार अगर बात को सुन्दर बगीचे में छोड़ोगे क्या परिणाम होगा भी उसी प्रकार वचन अपराध से है इर्शा और द्वेश से हमें बचना है जब तक इरशादवेशरहेगा में तो भगवान निवास है बौधिक इनसान में सबके मन में इर्शाद्वेशरहता है। अगर हम देखते हैं कोई व्यक्ति सफल है रिशा आ जाती है क्यूँ इतना सफल है हम से आगे बोल रहा है गाने में बसते किसी में कोई योग्यता है किसी को कुछ सफलता प्राप्त हो रही है हम खुश है आखिर वो इस का योग कर रहा है की सेवा में तो इस ग्रेट से हमें बचना चाहिए। हमारे में मिला है भार देखे हो महा ने 2 शुरू किया था शिवा और वहाँ कई घंटों के लिए रोज किया जा रहा था 1 ग्रामीण था उस इलाके में इसने कहा शिवा को इतना आदर मिल रहा है दिन बाद सारे भक्त के उन्होंने 1 योजना बनाई जिसके द्वारा का भाग्य था कि 2 शिवाज न्होंने दुर्गा जी की पूजा का समान शराब वगैरा शिव दरवाजे के आगे रखे बाद दरवाजा खोला देखा सराहा की नवाज का पडोसी देखो मैं कर रहा था की मैं कृष्ण का भक्त हूँ दुर्गा का भक्त लोगों ने विश्वास नहीं किया परिणाम क्या हुआ इस कृषि वासी केवासी बीमारी चला जाए तो कहने का काफल है की हमें इस से बचना चाहिए। ये है हमारी कमजोरी बच सकोगे भर्ती के माध्यम से दूसरा है देव को भगवान के समान समझना या उनसे स्वतंत्र समझना सर बोलते हैं इस में सब भगवान 1 है न हो और जब हम प्रापर और महान चारों के ग्रंथ के सब में आते हैं। जब हम संग में आते हैं ये शिक्षा मिलती है कि भगवान और हमें दे जेलियों उपस्थित है कैसे जानते हो तैतीस करोड़ देवता देखे हैं। ये सूचना की सारे देवता देवी और भगवान के समान है। किसी भी देवता का पूजा भगवान कहते हैं कम होने के व्यक्ति देवता की है जो वह देवता दे रहे हैं में दे दवारा। इसी अध्याय में जिस पेड़ की जड़ में पानी सी पूरे ब्रिक्स का प्रभाव पहुँच जाता है, उसी प्रकार कृष्ण भारती द्वारा सबके प्रति भा है। उसे तो हमें यह नहीं सोचना चाहिए। जिस पद पर चलना चा पूरी श्रद्धा से भगवान श्रीकृष्ण के यह मानते हुए की सेवा करेंगे सारे देवता देवा है, उनकी सेवा बनाए भूख लगती है के शरीर के सारे अंग कमजोर हो जाते है। इस भूख को दूर करने के लिए सिर में थोड़ा प्रसाद 1 ही प्रभाव। तो इसी प्रकार कृष्ण भक्ति के द्वारा जो हमारा भार है, जो हार जाए देवता के प्रति सूने के देवता को रोशनी देते हैं, चन्द्रमा को रोशनी देते हैं। शाम आपको इस्तेमाल करते हो आपको दिल आ जाता है। इस प्रकार आपको वर्षा इस प्रकार देते आपके साथ। तो कृष्णा भाभी करोगे। तो इस लिए है कृष्णा अभी अपना परम 4 किया कृश्ण ने की है तो पूरी श्रद्धा से दर्दभाव सी हमें कृष्ण सेवा में जुड़ना चाहिए। आगे गुरु ग्या गुरु को सुधार व्यक्ति कहा गया है। इस व्यक्ति को हमारे गुरु से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। गुरु के विषय में गुरु हो। मेरी चर में आओ गुरु के भी काफी बढ़ा गुरु के भारत के लिए जो बन रहेगा जीरो सो करने हो तो भारत का ध्यान देते हैं। इस शो में कहा जाता है वो वयक्ति गुरु की सेवा कर सकता है। ये सेवा है ये के गुरु आपका मालिक है। गुरु में सब दास है। गुरु का 1 ही भाव रहता है जो भगवान का उपदेश है, जो देश परंपरा में आता है वो ही सन्देश आगे दिया जा। गुरु का भी यह नहीं सोचता हमारे को मंदरोंका सम्पत्ति का मालिक हो गुरु। यही सोचता है की सदा सेवक तो गुरु वो व्यक्ति मान सकता है जिससे मन पर जिस शास्त्र पर आधारित हो तो गुरु की इच्छा क्या है। यह बात भगवान रोशनाई क्यूँकी हम पर भगवान की शिक्षा को नहीं अपनाएंगे आप नहीं कर सकते तो गुरु अपने आसन के द्वारा भगवान के संदेश का भी मिलता है। 11 माह का 1 बेटा था जाईबीीमागथी माता के मीठा मत खाओ बढ़ते जा रहे है तो बेटा खाते जाता था तो गुरु के गुरु माता 1 गुरु के पास ले गए ने गुरु से कहा मेरा बेटा बहुत मीठा खाता है मीठा नहीं। गुरुजी ने कहा ऐसी बात से बात आए गुरु जी ने कहा बेटा मीठा मत खाओ गुरुजी। तो मा ने गुरु से कहा जी हां बड़ी ताकत से पहले आप गुरुजी से पहले मैं खुद तो गुरु 700 रुपए है सोयम। तो गुरु को अपने उदाहरण से स्वामी हरिदास साकुल सी कहा जहाँ गुरु को प्रचार करना है और जैसा माली को पूरा महा। विश्व में जितने नगर गाँव है या विश्व के लोग के साथ जुड़े की। उन्होंने देखा की 1 शुद्ध संदेश था जिसके अपने स्व की कोई रूची ले नहीं। इसके मन में 1 ही रूची प्रकार समाज को आधा किया जाए। इस प्रकार उनकी प्रजा को सुखी बनाया जाए। ये होना चाहिए समाज है चाहे वो कितना ही बाकी साल वाले को अपने समय के सबसे बड़े विद्वान थे अगर आप अंग्रेजी प्रो लाइन पढ़ने के लिए गुरु थे और अब नाम भरे ऊँचे बोले जिसमें महाबली स्वयं भगवान है, जो महाप्रभु में थे। मावली सन्यासी की निंदा कर दे। वो कहते है और हमारा विधान 1 समय 1 दिन वाले गुरुजी के काम आने वाली सियासी गुरु जी है। इतनी बड़ी हार से हमारे माँ गुरू ने कहा मेरे गुरु ने देखा कि मैं मूर्ख हूँ मेरे लिए कुल योग्यता नहीं है। हाँ तुम ही मान नहीं होगे। माँ स्वयं भगवान हैं और क्या कहते हैं गुरु के मोल तो विनम्रता का भाव होना चाहिए हमारे मन और हमारे संस्था में निजी केवल शिक्षा गुरु जो शिक्षक गुरु भी है उसी को आदर देंगे किसी और पर ये मिलनर भाव होना चाहिए और हमें ये जाना चाहिए मुल्क है। समझता ये है की हम सब में बड़ा घना हम सब सोचते हैं, हमें शिक्षा की आवश्यकता नहीं। साथ में कभी कभी ये भी हम देखते हैं की 1 बार लोग शिक्षा ले तो फिर से जुड़ा हो जाते बोलते हैं अब से सब कुछ प्राप्त हो गया, अब हमें किसी की जरूरत नहीं हमें सदा आवश्यक आगे चौथा साथी मान की वेला शास्त्र सम्मत प्रयोजन, वेली शात्र द्वारा को शिक्षा मिलती है। भगवान स दिल्ली छात्र में संदेश है, ये सनातन संदेश है। हमें ये नहीं सोचना चाहिए। आज में दिल्ली छात्र के संदेश हमें यह स्वीकार करना चाहिए है और भावेश ती पर गरम रहेगा और समता हूँ में सदा से संदेश का दाव चानाथेहै दुख होता देख। कई बार हमारे हिंदू भाई कहते है की क्या भगवान है। भगवान पॉलिटिस ने कहा क्या भगवान है? रामकृ् तो ये है हमारे समाज की स्थिति समाज में पूरी होती है। देश में कोई नहीं कोई दोष नहीं किसी माध्यम से रहा है और हम भगवान सा रहा है के रूप में पस्तुत हो गए। हमें शिक्षा दी कार से जा के सन्देश आज के भारत के लोग इस संदेश का पालन करने के यही सोचना है। हमे अपने मन महान स करना पड़ा। आगे में कहा गया है कलेह कलियों में 2 जी, 2 सी 1 कौन है? क्या ये सूचना की हरनामेकीशक्ति नहीं है? हरी नाम मंतलकीआवश ये 1 अपराध है। मान ने पूरा विश्वास होना चाहिए की ई नाम 1 साधन है, इसके लावा हमें और किसी मंत्र की आवश्यकता नहीं। जैसे मैंने कहा था कुछ समय पहले सोना जिमेदारी उठाते हैं ये केवल अगर आपके पास से ज्यादा जाप कर सकते हो तो सोना माला को बड़ा हो और ये सोचो की हमे दूसरे महदूर की आवश्यक और हमें अपनी व्याख्या भी जा। हे को दूसरे शब्दों में नाम द्वारा अमपलमजमानऐसी ये प्रार्थना करते हैं। क्या हमें भक्ति दीजिये भागती दीजिये साबा नाम विजया के बल पर करे प्रोग्राम में his बोस में ये सोचना की दिक्षित कृष्ण बाल के स गत काम करना हमारे बार करना ही पड़ेगा। हमे नए ना चलिए शिक्षा के पश्चात हमने की अज्ञानता में हमने कई काम किए और 700 के सर में हम समझ जाते है की आप अनुकूल है क्या क यार ठीक है क्या बात तो हमें है नाम के जाप के बल पर अपराध नहीं करना चाहिए। हमें यह नहीं सोचना चाहिए जब करते है भगवान है और प्रकृति के जो नियम हैं उनके परिणाम है जो ज्ञान में हमने कई अपराध प्रयास और 1 समय बाजी शिक्षा देते को पाप मन था तो मार देते है ना लो बोर्ड से नहीं अपराध नहीं के अपराध है न किसी को मन कार्य है करमकनकार्यगर्डसेस को दान देते हैं, सफर करते हैं, वीर के साथ मिलाते हैं और वह भाव क्या है। इसके बदले में हमें कुछ सुख मिलना चाहिए नाम माध्यम से। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं हमें क्या सेवा, दीजिये सेवा, दीजिए सेवा, मुक्ति मोदी से भगवान की सेवा से जुड़ते है और हमेशा शांत रहते हैं चाहे हम सब की स्थिति में हो, 2 की स्थिति में हो, चाहे हार हो तो केवल सा काम भाव से जुड़ते हैं हमें इसके बदले में ये लाभ होना चाहिए होनी चाहिए सदा शाम तो श्रीमान भाई देश में सबसे उत्तम ज्ञान है भारत क्या है कुल की संतोष होगा जबकि तो हम में रुचि नहीं लेते है। कहते है आप जहर को चाहे साधारण प्याले से जियो सोने के प्यार मे तो हम से जुड़े हैं अगर प्रेम प्राप्त करने के लिए और वो सम्भव है श्रद्धालु व्यक्ति को, महिला की महिमा को। लोगो ने कहा है की क तो हे कृष्ण मन में हम जाते है पर सुनने के लिए आता है तो है ना आप बोल सकते है सबको अपने भेज दिया जाकर। प्रचार करो। हम ने कहा बोलो कृष्ण कृष्ण घर जाकर सबसे निवेदन करो क्या किशन का नाम तो हम हर व्यक्ति को यह देश देते हैं हर क्रिश्न वो देश हम दे सकते हैं। जब दूसरे व्यक्ति में थोड़ी ज्यादा बड़े से अगर किसी को हो न नाम पूछेगा तो आप तो कोई पूछेगा घर का पता, फ़ोन नंबर, ईमेल आपके को विश्वास हो स विश्वास का न। तो अनेक उपेक्षा में सुनने के पश्चात ही हम क्या सुनें सुनते हैं, पढ़ते हैं क्या माया खराब है और माया किस से प्रस्तुत करती है। आप सब जानते हो जाते ही कहा क्या क्या दे क्या का प्रतिशोध है, क्या पर रोज रोज सुनते है जेवी हमारा क्या है छोटे कारियों के। ये भी अपराध है जब सुनते हो और आगे काम अपराध का 1 और अर्थ है अपराध अया सभी के पश्चात भी बनाए रखना दूसरा है खानपुर जपे ये भक्तों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। कई बार लोग में हम क्या सेवा कर सकते हैं। माजा मैं सबसे कहता हूँ सेवा करने को ध्यान 2 क्या सर ने जिम्मेदारी उठाई है आपको जायेगा आप किसी स्थिति में भी कर सकते हो। चलते चलते बस्तर में मारे की यात्रा करते हैं किसी समय में नुकसान करके 16 महा करोगे उसका अलग रहे है नाम ंतामीकिशनसजीत जब आप किसी बड़े व्यक्ति के साथ बैठते हो भी ऐसा अनुभव किया है बड़ा व्यक्ति के साथ बैठे बात कर रहे हो, किसी और से कुछ बात कर रहे हो तो ऐसे देते है उसी प्रकार जब हम हमारे सोना वाला का जब खोटा है उसका ज के हैं हमें ध्यान से करना चाहिए, कुछ समय जाप के लावा और कोई कार्य नहीं करना चाहिए ये नहीं की आप जाप कर रहे हो, बात कर रहे हो और काम कर रहे हो। और अगर आप ध्यान से करोगे, ध्यान पर उर्जा करोगे तो पहला लाभ क्या है में माल ने कहा की 4 साल के पहले जो हमारा भौतिक आसन है जो कामो वो रूप में ये नया क्या है वो तो आप सब से निवेदन है की आप सब ध्यान ऐसी करो साफ़ पानी से करो जब आप जाप करते हो तो और और जैसे बिना, ऐसे में भारत ने कहा था हमारा है और हमारा प्रयास चाहिए हम ध्यान है धान से स्कूटर मोटर साइकल चला रे हो वो जॉब कर सकते हो साइकल 24 ने सोना ने वो आपको धान ऐसी और जितने के साथ ही माला के साथ हमें शास्त्रों का भी अध्ययन करना चाहिए। पापाजी ने बड़ी कठिनाई के साथ इन नवा जो बहुत जुड़े हुए हैं इस संस्था के साथ वो हर दिगंत को परे। तो जी ने बड़े ऑपरेशन से लगभग सौ ग्रंथ अनुवाद की भाषा में जिनका आज अनुमान 70 से अधिक भाषा में हो गया, चीन भाषा में प्राप्त कर सकते हो भाषा में जन भाषा है, उर्दू भाषा में लगभग विश्व बिहार परसेंट हो। आप सब बढ़ते सुबह के समय आज का जमाना है और किसी आदत बंदर नहीं आ सकते और मंदर कम भारी है और प्रयास को हम ने और में क्या है धनवान जीवन और हमें यह नहीं भूलना चाहिए शिक्षा देते है और हम ये कहते है की भी है और देने का भाव क्या है। भगवान के ध्यान से करे पालन बिना शंका के भगवत सरकार अगर आप बीमारी हो नहीं हो घबरा जाते हो इसी प्रकार हमें घबरा जाना चाहिए देखेगी और नहीं तो आज सोचे ओर में तो मंगल की होती है जिसे लोग रोज ही आ सकते मंदर ऐसी जरूर हो तब में घरों में मंदर बना हूँ, बंदर में में बना हो सब होता है तो हमे मंदिर बनाओ जो मंदिर के कार्यक्रम होता है इसी प्रकार के कार्यक्रम में रखा तो हो करो। और जब हम इन ने विडियो माया और आनंद नमस्कार भगवान महारोग ने कहा देकयडिने सर को भी प्राप्त हुआ है आप ने नाम इसलिए आपने शिक्षा की इच्छा प्रस्तुत की तो आप सबसे यह की शिक्षा की जिम्मेदारी, यों का पालन करना शिक्षक की जिम्मेदारी हमने वाले हैं जारी निभाएंगे तो बिना शर्त के आगे बढ़ सकते हैं जो आप ध्यान से याद करो जा नियम का पालन करो। कहा 7 महत्वपूर्ण है जो की बीमारी किया जाते है जो में इच्छा यह भी रहती है की महाकाल के अनुसार है के है पर दुख दुखी होता है जब वो देखता है तो हिकारी जुड़े हैं वो यही सोचता है तो आप साथ जुड़े हो जावे और लोली के मंगल के साथ लोहनी में जैसे आप जानते हो सुन्दर मंद है और फिर से हमने की थी 1 बंदर बाद ंदरकीे temple tespiti hospital मंडल है ये हैप्पी हॉस्पिटल है बिमार किया आता है अपना हाल है तो भरी लोग दे रहे हैं। 4 को बड़ा है को बनाने में भगवान को आप की जरुरत है न हमारे हम दोनों को मौका देने का इस सेवा के काम करते है भगवान के पास करते हैं हमें सेवा दीजिये तो आप सबसे का पालन किया लोग रिया और ध्यान से और बिना संध्या के जो भी खाओ पर उसे क्या करना चाहिए गीता में कहा है जो की मुझे भोग लगा मिला खाए क्या खाने हा ने फोटो में जा वहाँ बना है तो खाएंगे क्या के बाहर जाना नहीं पड़े तो लोगों और ये वाले की काफी है इस लिए में होगा इस प्रकार ऐसी बोलेगा आप लोगों के नाम लाये जायेंगे में हम को फॉलो करते हैं बुलाएंगे 1 साथ ले जाना ना सुना और जा हे है रा माल को मेरे पास नाम दिया जायेगा इन सब नामों में 1 ही प्रकार की सर्दी है के सारे नाम हैं धमाल के नाम है माले हाल, रा रा बाल ले।
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