Success Story of Best Artificial Intelligence Startup in India | Botosynthesis

This content was created by Ritwik Joshi. This content was uploaded by Ritwik Joshi. This is a YouTube video (title: "Success Story of Best Artificial Intelligence Startup in India | Botosynthesis", published Dec 17, 2021) in Hindi featuring Ritwik Joshi speaking alongside co‑founders/colleagues (mentioned: Vansh and Bawiya and other speakers). The speakers recount the startup origin (meeting in college, collaborating in labs and hackathons, winning prizes), founding Botosynthesis (established around Sept 2019), early work (Botlabs, onboarding clients) and the development since 2020 of a chatbot platform (delivered 80+ chatbots). They describe the platform’s vision and key features: a no‑code, hybrid (AI + rule/button) chatbot builder, omnichannel deployment (WhatsApp, Messenger, website, Instagram, etc.), drag‑and‑drop builder and support for businesses.
Chapters
हेलो मेरा नाम रित्विक है एंड हम एक स्टार्टअप चलाते हैं जिसका नाम बोटोसिंथेसिस है एंड मेरे साथ में इसके अंदर मेरे कोफाउंडर वंश और बाविया भी हैं तो सबसे पहले मैं स्टार्टिंग से शुरुआत करना चाहूँगा कि हमने कैसी इस चीज़ को स्टार्ट किया तो हमारी जो शुरुआत होती है वो हमारे कॉलेज हम कॉलेज के फर्स्ट ईयर में पहली बार मिले थे, मतलब मैं फर्स्ट ईयर में था और वंश उस टाइम सेकंड ईयर में थे, तब हम पहली बार मिले थे। और हमारी जो पहली मुलाकात हुई थी कॉलेज में, वो शायद कैंटीन में ऐसे ही कहीं पर हुई होगी, जिस टाइम हम एक दूसरे से कुछ टेक्निकल बातें कर रहे थे। तो हमारा जो देन उसके बाद में हम साथ में कुछ लैब्स में जाने लगे हमारे कॉलेजेस में काफी सारे लैब्स थे जहाँ हम कुछ प्रोजेक्ट्स बनाते थे जिसमें हमें एक दूसरे की मदद की ज़रूरत होती थी तो अक्सर उसके अंदर मदद एक दूसरे की लेते रहते थे सो आई थिंक सबसे पहले तो अपन आईसी लैब के अंदर मिले होंगे सबसे क्योंकि वहीं से हम दोनों की मुलाकातें चालू हुई अच्छी दोस्ती चालू होती गई क्योंकि एक अच्छी टीम बनने से पहले दोस्त बनना जरूरी होता हमेशा तो फिर हमने वहाँ पे उस कंपटीशन को जीता हमारे फेस्ट में फिर वहाँ से हमको लगा कि ठीक है अब अच्छा चल रहा है फिर हमको बवियर के साथ हम हमारा मिलना रित्विक और मैं दोनों म्यूजिशियन हैं, तो हमलोग एक्चुअली मिले थे कि कॉलेज बैंड फॉर्म करते हैं ऐसा कुछ।
देन हमारे आपस आपसी इंटरेस्ट मिले, टेक्निकल इंटरेस्ट भी है। उसके बाद मैं वंश से मिला, हमलोग एक हैकथॉन में गए थे साथ में।
तो धीरे-धीरे हमको पता पड़ा कि हम दोनों टेक्निकली आज हम तीनों एटलास पता है मेरा हम तीनों कंपेटिबल एक दूसरे से ऐसा नहीं था कि ठीक है मैं ऋत्विक से मिला ऋत्विक ने किसी और से मिलाया सब हम इंडिविजुअल हमें जो कंपेटिबिलिटी वो बहुत ज़्यादा एस कंपेयर्ड टू कनेक्टिविटी कंपेटिबिलिटी हमारा जो एक कॉमन इंटरेस्ट आ रहा था ऑटोमेशन आर्टिफ फार्मर्स फ्रेंड वो एक कंपलीटली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिल्ड एप्लीकेशन थी जो कि फार्मर्स को हेल्प करती थी उनकी डे टू डे फार्मिंग एक्टिविटीज़ में तो हमेशा चाहते थे उस टाइम प्रधानमंत्रीजी भी बहुत कहते थे कि हमारी फार्मर्स की जो आय है वो दुगनी करनी है तो उससे रिलेटेड हमने जिसके अंदर जो उदयपुर में डिजीफेस्ट हुआ था, जिसमें 800 से ज़्यादा टीमें आई थीं, उसके अंदर हम फर्स्ट रनरअप आए थे, और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजीव जी ने उस टाइम हमें 10 लाख रुपए का प्राइज मनी अवॉर्ड किया था। तो हमारे लिए बहुत ही अच्छा माइलस्टोन था उस टाइम। फिर हमारे पास थोड और जिसके साथ में हमने कुछ क्लाइंट्स भी ऑनबोर्ड किए थे, तो उसके ऊपर हमने लगभग दो साल तक काम किया एंड उसके बाद बॉटलैब्स जो अभी भी है, उसके ऑपरेशंस जो है वो थोड़े से सीज्ड आउट हैं, लेकिन हम उसके ऊपर बैकएंड में काम करते जा रहे हैं। लेकिन हमें बॉटलैब्स के अंदर ये था कि व सेप्टेंबर 2019 के अंदर एक नई कंपनी स्टेबलिश्ड करी और उसका नाम रखा बोटोसिंथेसिस। बोटोसिंथेसिस के अंदर बेसिकली इसके नाम से मैं ये पता चलता है ये आपने कहीं ना कहीं सुना होगा ऐसा आपको लग सकता है सुनने में।
तेरी इंटरेस्टिंग स्टोरी बोटोसिंथेसिस जो नाम है उसमें इस बात पे हमने कह सकते हैं ना फोटोसिंथेसिस से रिलेटेड वेल लगता है हर जगह जितने भी हमारे क्लाइंट हैं उन सबको ये बात नाम बहुत अच्छा लगा चाहे हम किसी से भी मिले हो कि कुछ अलग सा यूनिक सा नाम है इसलिए हमने रखा इवन हमारे लोगो भी देखोगे ना उस लोगो के ऊपर ही आपको एक लीफ दिखेगी सो विच मींस कि हम तो हमारा भी एक फिक्स प्रोसेस है हर चीज को ऑटोमेट करने का प्रोसेस है जिससे हम हमारी कंपनी ग्रो कर रहे हैं तो ये एक इंटरेस्टिंग नाम हमने उसके लिए पहले सिलेक्ट किया सो फार हमने 80 से ज़्यादा चैटबॉट्स जो हैं वो इंटरनेशनली डिलीवर किए हैं मेजोरिटी हमारा जो क्लाइंट बेस है वो यून तो हमने स्टार्टिंग के अंदर एक चैटबॉट प्लेटफॉर्म बनाना स्टार्ट किया था 2020 से हमने इसे बनाना स्टार्ट कर दिया था अब भाभी उसके बारे में कुछ डिटेल बताइएगा चैटबॉट प्लेटफॉर्म हमलोगों ने जब बनाना चालू किया तो हमारे दिमाग में एक विजन था कि हमलोग भी चैटबॉट बना रहे हैं सर तो ये सब चीजें जो थीं, उन लोगों को काफी डिफिकल्ट लगती थीं।
तो हमने सोचा एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करें जो उनको कोडिंग का नॉलेज अगर नहीं भी हो, तो भी उस प्लेटफॉर्म के थ्रू वो लोग चैटबॉट बना पाएं इजीली। और चैटबॉट बनाने के अलावा वो लोग समझ पाएं कि उनके बिजनेस पे वो कै और हम जानते थे कि चैटबॉट ऐसी चीज़ है जो फ्यूचर की टेक्नोलॉजी है। आने वाले टाइम में चैटबॉट से लोग ज़्यादा इंटरेक्ट करने वाले हैं। कई सारे ट्रेंड्स हैं जो बताते हैं कि चैटबॉट्स धीरे-धीरे, धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, जिनका यूज़ बढ़ रहा है। तो हमें पता था ये फ जिसको चैटबॉट बनाने के लिए बिजनेस को हमलोग इनेबल कर पाएं कि चैटबॉट्स बनाओ अप्लाई करो और एक वायबल कोस्ट में एक वायबल कोस्ट में आप उसको चला पाओ चैटबॉट को अपने बिजनेस के लिए तो ये हमारा विज़न था तो हमने उस हिसाब से प्लेटफॉर्म बनाना चालू किया और रिसेंटली हमने हमारा प्लेटफ प्लेटफॉर्म है और सो फार उसका जो रेस्पांस है मार्केट से वो काफी अच्छा रेस्पांस में मिल पा रहा है।
इस प्लेटफॉर्म की तीन मेजर खास बातें हैं।
फर्स्ट कि ये कंपलीटली नो कोड चैटबॉट प्लेटफॉर्म है, सेकंड थिंग कि ये एक हाइब्रिड चैटबॉट प्लेटफॉर्म है और तीसरी चीज़ इसकी है कि तो क्या होता है सबको लगता है कि बहुत बड़ी चीज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खाओ हम कोड कैसे करेंगे हमको बहुत ज़्यादा पैसे देने पड़ेंगे क्योंकि यूज़र ने होता है कि एआई का नाम सुनते हैं मैं हर एक बिजनेस को लगता है मिनिमम प्राइसिंग चालू होगी अब प्लस वन ले सो एक बिजनेस के लिए इस ऐसे अपन होता है ना वायर कनेक्ट करते एक सिस्टम जो दूसरे के वैसा ही आप हमारे सिस्टम पे जाके कर सकते हैं। फिर दूसरी चीज़ आती है कि हाइब्रिड है। हाइब्रिड अब ये होता है ना सर कि एक सिस्टम होता है आपने कितनी चीजें जो होगी कि किसी ने मैसेज भेजा उसके साथ बटन्स भी आते हैं कि आप क्लिक कर तो वो ऑटोमेटिकली हमारा सिस्टम समझ के उसको रिप्लाई दे देता है। आप खुद के क्वेश्चंस और आंसर उसमें ट्रेन कर सकते हो। तो ये दोनों का मिक्स जो कहते हैं, उसको एक हाइब्रिड सिस्टम कहते हैं, जो आप खुद इजीली बना सकते हो ड्रैग एंड ड्रॉप कर। उसमें आपको बहुत ज़्यादा डेवलपर की ज़रूरत थोड़ा करना है, जो कि हमारा पूरा नॉलेज बेस हेल्प करेगा, हमारा सपोर्ट टीम में पूरी हेल्प करेगी आपको कहीं भी दिक्कत आएगी, कंपलीटली फ्री हेल्प करेगी वहाँ कोई दिक्कत नहीं है। और तीसरी चीज आती है कि ओम्नीचैनल, आपने देखा होगा WhatsApp हो गया, Messenger हो गया, आपकी वेबसाइट के ऊपर चैटबोर्ड्स होते आपने एक चैटबोर्ड बना दिया आपका बिजनेस दस जगह पे इंस्टाग्राम ऑफिसली आज एक बिजनेस होता है उसकी वेबसाइट होती है फेसबुक पेज होता है इंस्टाग्राम होता है WhatsApp नंबर भी होता है क्योंकि WhatsApp इंडिया में कम्युनिकेशन के लिए बहुत इजी होता है तो ये सब एक ही चैटबोर्ड आप हर जगह डिप्लोय कर सकते ह
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