100% Pure Skincare Products - Make at Home | साफ़ त्वचा पाने के लिए उपाय

This content was created by Samaira Banga. This content was uploaded by Samaira Banga. This is a YouTube video titled "100% Pure Skincare Products - Make at Home | साफ़ त्वचा पाने के लिए उपाय" (created 2021-12-10T12:30:15Z). The content is a Hindi-language monologue/presentation by a single presenter (labeled SPEAKER A) giving DIY natural skincare recipes and routines: mung dal face cleanser, besan (gram flour) for body, oat-and-rose scrub, coconut and sesame oils as moisturizers, and aloe vera as a spot treatment. The speaker also explains risks of commercial chemical products (skin absorption, carcinogenic ingredients, animal testing, plastic waste), introduces the “three E’s” guideline (Edible, Ethical, Environmental), and issues a One-Week No-Product challenge with a call-to-action to join an online workshop. The video mixes mostly Hindi with occasional English phrases and is instructional/promotional in tone.
Chapters
आज हम सभी अपनी स्किन का ख्याल रखने के लिए बहुत मेहनत करते हैं। समय और पैसे दोनों ही खर्च करके नए-नए तरीके आजमाते हैं। किसी के कहने पर नए ब्रांड्स ट्राई करते हैं, उसपे नैचुरल लिखा हो तो खुश हो जाते हैं। मगर फिर भी जब अपने आप को शीशे में देखते हैं, तो लगता है काश स्किन इतनी डल इस वीडियो में आप जानेंगे तीन ऐसी स्किन केयर रेमेडीज़ जो सीधा प्रकृति से आती है, आपके पैसे और समय दोनों बचाती है और आपकी स्किन का नैचुरल ग्लो वापस लाती है। फेस क्लेंजर से लेके बॉडी वॉश तक, फेस पैक से लेके नैचुरल स्पॉट ट्रीटमेंट तक, आज हम ये सब चीजें घर पे बनाना सीखें मिलता ही रहेगा। मगर इन तीन नैचुरल स्किन केयर रेसिपीज़ पे बढ़ने से पहले, मैं आपको बताना चाहती हूँ कि मेरे लिए ये वीडियो बनाना इतना जरूरी क्यों था? मैं भी पहले बहुत सोप, क्रीम, फेस मास्क, फेस वॉश और ये सब मार्केट में मिलने वाली केमिकल वाले प्रोडक्ट्स बहुत यूज़ करती थी। ल पता लगा कि इनको यूज़ करने से तीन अलग-अलग लाइफ्स को खतरा है। पहला खतरा है आपकी स्किन पे। अगर आप अभी अपने हाथ पे थोड़ी क्रीम लगाओ, तो आधे एक घंटे तक तो आपकी स्किन ऑयली रहेगी, लेकिन तीन-चार घंटे बाद भी क्या वो ऑयली रहेगी? नहीं। तो कहाँ गई वो सारी क्रीम? आपके शरीर के अंदर, आप जो भी स्किन पर लगाते हैं, वो छेद उनको अंदर अब्सोर्ब कर लेते हैं और सीधा आपके ब्लड में भेजते हैं। Your skin is like your second mouth। आपकी स्किन आपके दूसरे मुंह के बराबर है। अब एक बार इस क्रीम को उल्टा करके वहाँ लिखे इंग्रेडिएंट्स को पढ़ने की कोशिश कीजिए। Palmitic acid, stearic acid, kokamideamide कोकूम टोप्रोफाइल इनमें ऐसे-ऐसे केमिकल डाले होते हैं जिनका नाम बोल भी नहीं सकते हम आज इतनी सारी स्टडीज बता रही हैं कि इन प्रोडक्ट में पैराबिन नाम का केमिकल पाया जाता है जो हमारे शरीर में कैंसर जैसी बीमारियाँ पैदा करता है हम आपको डराना नहीं चाहते बस ये चाहते हैं कि आप इन स और एक गोल्डन रूल याद रखें, जो आप खा नहीं सकते, वो स्किन पर लगा नहीं सकते। बोलिए मेरे साथ, जो आप खा नहीं सकते, वो स्किन पर लगा नहीं सकते। इन प्रोडक्ट्स का दूसरा खतरा है इन मासूम जानवरों पर। हर साल लाखों मासूम जानवरों को एनिमल टेस्टिंग के नाम पे टॉर्चर किया जाता है। जो प्रोड आपको क्या लगता है? ये पहले किस पे टेस्ट करी जाती है? छोटे-छोटे चूहों पर। डॉग्स को जबरदस्ती प्रोडक्ट्स में मौजूद चीजें टेस्ट करवाई जाती हैं। एक्सपेरिमेंट के नाम पे जानलेवा केमिकल्स खरगोश की आँखों में डाले जाते हैं, और प्रोडक्ट्स में बनती झाग डॉग्स को अंधा तक कर देती है। तो लगता है ये एकदम क्लीन और नैचुरल है, लेकिन पीछे ही पीछे क्या चलता है, वो ये कंपनीज कभी आगे नहीं लाती। आप एक बार सोच के देखिए, जो चीज किसी और को इतना टॉर्चर करके बनती है, क्या वो हमें कभी सुंदरता दे सकती है? किसी और को दुख पहुंचाके हम खुद को सुंदर बनाने निकले हैं, ऐसा तो हो तीसरा खतरा है माँ प्रकृति को, यानी हमारे इनवायरनमेंट को। आप जब हर महीने दुकान जाते हैं, वो सारे जरूरत के प्रोडक्ट्स लाते हैं और फिर हर महीने के आखिर में उन बottल्स को डस्टबिन में फेंक देते हैं। कहाँ जाती हैं वो फेंकी हुई बottल्स? ये बottल्स जाती हैं हमारे लैंडफिल्स और नदियों म 500 साल, यानी आज तक अपने जितने भी बottल्स अपनी जिंदगी में खरीदी हैं, वो अभी तक कहीं ना कहीं इस पृथ्वी पर पड़ी हैं। और अगर ये प्लास्टिक समुद्रों में फेंक दिया जाता है, तो फिशेस, वेल्स और टर्टल्स जैसे जानवरों के पेट में पहुंच जाता है, और हमारे समुद्रों में मौजूद इतनी सुंदर मर मेरे साथ इन सब की जिंदगी को खत्म नहीं, मगर बचाना चाहते हैं। प्रकृति के खिलाफ नहीं, साथ चलना चाहते हैं, तो मार्केट से इन प्रोडक्ट्स को खरीदना छोड़ दीजिए और सात्विक स्किन केयर पे स्विच कीजिए। And trust me, ये बहुत आसान है। क्या है ये सात्विक स्किन केयर? ये ऐसा स्किन केयर है जो three E's को फॉलो क क्योंकि हमारी स्किन हमारा सेकंड माउथ है, ये याद रखना बहुत जरूरी है कि जो आप खा सकते हैं, वही स्किन पर लगा सकते हैं। दूसरा ई एथिकल, यानी वही चीजें यूज़ करें जो किसी और जीव को नुकसान ना पहुंचाए। तीसरा ई इनवायरनमेंटल, यानी ऐसे कोई प्रोडक्ट्स ना यूज़ करें जो सिंगल यूज काते तो हम दाल चावल है, बला इसको स्किन पे कैसे लगाएं? लगा सकते हैं, बलकि यही तो फेस वाश का सबसे बेस्ट सब्स्टिट्यूट है. फेस वाश का सब्स्टिट्यूट बनाने के लिए ले लेजे एक कप साबुधरी मूंग की दाल कर पेस्ट बना ले और फिर फेस पर स्क्रब करके धो ले। इसको करने के बाद आपको अपनी स्किन एकदम सॉफ्ट पाएगी। जो भी फेस की डलनेस है, वो हट के चेहरा ग्लो करने लगेगा। सेकंड ऑप्शन है बेसन पाउडर। मूंग पाउडर जो अभी हमने आपको बताया, वो फेस के लिए ज़्यादा अच्छा है और बेसन पाउडर आपके बॉडी और उसे बिल्कुल वैसे ही ग्राइंड कर लें और एक शीशी में डाल कर रख लें इसको अपने शावो एरिया में रख लीजिए और नहाते वक्त थोड़ा निकाल कर पेस्ट बनाकर पूरी बॉडी पर अप्लाई कर लीजिए और फिर धो लें इसको यूज़ करने के कुछ ही दिन में आप नोटिस करेंगे कि आपका कॉम्प्लेक्शन और साफ होने अगर आप कुछ थोड़ा और फैंसी बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए ओट रोज स्क्रब ट्राइ कर सकते हैं। इसके लिए एक कप होल ओट्स ले ले, उसे ग्राइंड कर ले। अब इसे खुशबू से भरने के लिए उसमें आधा कप ड्राइड रोज पेटल्स डाल दे और फिर एक और बार ग्राइंड कर ले। इसको आप अपने बॉडी और फेस दोनो आप इनमें से जो चाहे वो पाउडर बना सकते हैं। आपको बार-बार बनाने की जरूरत नहीं है। आप एक ही बार में पूरे महीने का फेसवॉश और बॉडीवॉश बस पांच मिनट के अंदर-अंदर तैयार कर सकते हैं। जब आप कुछ दिन इनको यूज़ करेंगे, आपको लगेगा, अरे, मैं तो कोई साबुन नहीं यूज़ कर रही, और मेर चाहिए कि नहाते वक्त झाक तो बनना ही चाहिए। but आप सोचिए ना, अगर हम ये सब विश्वास नहीं करेंगे, तो उनके प्रोडक्ट्स क्यों खरीदेंगे? साबुन का तो बहुत अच्छा रिप्लेसमेंट मिल गया, पर अपनी क्रीम का क्या करूँ? आज मार्केट में फेस क्रीम से लेकर फुट क्रीम, हैंड क्रीम, बॉडी क्रीम, नाइट क्रीम, डे क्र तो पहले लोग क्या यूज़ करते थे? प्रकृति से आए प्योर और नैचुरल ऑयल्स। बेस्ट है कोकोनट ऑयल, यानी नारियल का तेल। गर्मियाँ हो या सर्दियाँ, ये ऑयल हमेशा स्किन को हाइड्रेटेड रखता है। मगर यदि आपकी ड्राई स्किन है, तो कोकोनट ऑयल की जगह सेसमे ऑयल, यानी तिल का तेल भी यूज़ कर सकते है चलिए आगे बढ़ते हैं। अब आपके लिए एक बोनस टिप, नैचुरल स्पॉट ट्रीटमेंट। अगर कभी भी आपको अपनी स्किन पे एक्ने, स्पॉट्स, ब्लैकहेड्स या कोई भी दिक्कत हो, तो उसका सबसे अच्छा उपाय है आलोवेरा जेल। अपने घर में एक आलोवेरा का प्लांट लगवा लें। जब भी जरूरत हो, तो अपने प्लांट स और फिर इस जेल को अपने पूरे फेस पे रब कर ले। ये आपको रात को सोने के पहले लगाना है। पूरी रात लगा छोड़ दे और सुबह वॉश कर ले। इसको चार पांच दिन लगातार करेंगे, तो देखेंगे कि अगर कोई एक्ने या पिंपल्स थे, वो जाने लगेंगे। एलोवेरा जेल का एक और फायदा ये कि ये एक नैचुरल सनस्क्रीन साबुन, फेसवॉश, क्रीम, जल और किस-किस चीज़ के सब्सटिट्यूट्स आप सीखना चाहते हैं? हमें नीचे कमेंट्स में बताएं। हम कोशिश करेंगे उन सब नैचुरल सब्सटिट्यूट्स को ढूंढकर आप तक लाने की। अगर आप इस वीडियो में यहाँ तक पहुँच गए हैं, तो हम आपको एक चैलेंज देना चाहते हैं। One week no product challenge। आपको सिंपली एक हफ्ते के लिए सारे केमिकल प्रोडक्ट्स को छोड़ देना है और उन चीजों से रिप्लेस करना है जो थ्री ईज़ को मीट करती हो एडिबल, एथिकल एंड एनवायरनमेंटल। अगर आप इस चैलेंज को लेने के लिए तैयार हैं तो अपने नए सात्विक स्किन केयर प्रोडक्ट्स की फोटो इंस्टाग्राम पर पोस्ट करें विद द ह तो हमारी ऑनलाइन वर्कशॉप जरूर अटेंड करें। इस वर्कशॉप में अब गहराई में सीखेंगे कि आप और क्या-क्या चीजें बदल सकते हैं, एक और बेहतर ज़िंदगी जीने के लिए। वर्कशॉप के लिए रजिस्टर करने के लिए यहाँ क्लिक करें और ऐसी और वीडियोस देखते रहने के लिए यहाँ क्लिक करें। जितनी आप नॉलेज










