16 घंटे उपवास - आपके लिए है कि नहीं? | Intermittent Fasting - Is It For You?

A guide to 16-hour intermittent fasting: eat dinner at 6-7 PM, break your fast at 10-11 AM the next day with only water, coconut water, or vegetable juice in between. Three main benefits are organ rest that improves digestion, increased energy and mental clarity that can double work productivity, and better nutrient absorption. The video covers who should avoid it, how to handle initial fatigue and headaches, and answers common questions about side effects and flexibility.
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हाय मैं हूँ सुबह आज हम बात करेंगे 16 आवर फास्टिंग की यानी 16 घंटे उपवास ये एक ऐसी प्रैक्टिस है जिसको अपनाने के कुछ ही दिन में आप देखेंगे आपकी मेंटल क्लेरिटी बढ़ जाएगी सारा टाइम खाने के बारे में नहीं सोचना पड़ेगा आप दिन में ज़्यादा काम कर पाएंगे स्किन क्लियर होने लगेगी वेट अरे मेरी तो हेल्थ भी बढ़िया है, मेरा वजन भी ठीक ठाक है, मुझे क्या जरूरत है उपवास की?
और मुझे तो सारा टाइम भूख ही लगती रहती है, मुझे नहीं लगता मुझसे हो पाएगा ये. उपवास? मुझे तो उपवास के नाम से ही डर लगता है, मैं कैसे कर पाऊंगा उपवास?
चाहे आपको उपवास का नाम सुनते ही डर लगता ह या चाहे आप देर रात तक खाते हो, इस वीडियो को एंड तक जरूर देखें, क्योंकि ये एक प्रैक्टिस है जो आपकी ज़िंदगी बदल सकती है। 16 घंटे उपवास, आपका मतलब इंटरमिटेंट फास्टिंग ना? वही जो आईएफ वाली चीज़ अभी अमेरिका से प populer होके आई है? पता नहीं ये क्या नया फैड है? नहीं, आप पू आज जिस उपवास को हम फैड मान रहे हैं, हमारे पूर्वज उसको हजारों सालों से करते आए हैं। हमारे बहुत सारे शास्त्रों में भी क्लियरली मेंशन्ड है कि सूर्य अस्त के बाद कुछ नहीं खाना और सवेरे जब तक सूर्य सर के एकदम ऊपर न पहुंच जाए, तब तक कुछ नहीं खाना। हमारे पूर्वजों ने इसको 16 घंटे उपव अरे लेकिन वो तो पुराने जमाने के लोग थे ना आज का टाइम अलग है हम तो साइंस को मानते हैं आपको पता है कि आज हजारों साइंटिफिक स्टडीज भी प्रूफ कर रही हैं कि रोज अपने शरीर को खाने से आराम देने से आपको कितने फायदे हो सकते हैं आप खुद सर्च करके देख सकते हैं तो चलिए 16 घंटे उपवास की सही विध अगर आप डिनर शाम 7 बजे करते हैं, तो अगले दिन 11 बजे ही अपना अगला सॉलिड भोजन लीजिए। और अगर आप डिनर शाम 6 बजे ले पाते हैं, तो अगले दिन 10 बजे अपना फास्ट तोड़कर कुछ सॉलिड भोजन खाएं। इस 16 घंटे के दौरान आप पानी, नारियल पानी या वेजिटेबल जूस, यानी किसी भी सब्जी का जूस सच में क्योंकि 16 में से ज्यादातर समय तो सोते-सोते निकल जाता है। आइए अब समझते हैं 16 घंटे उपवास के तीन सबसे बड़े फायदे। पहला फायदा ये आपके सभी अंगों को आराम देता है। आप इमेजिन कीजिए आप अपने ऑफिस में काम कर रहे हैं और आपके बॉस आपको काम पे काम दिए जा रहे हैं। काम करते-करते श लेकिन आपके बॉस आकर आपको तीन घंटे का काम और दे जाते हैं, फिर आप घर जाने के लिए उठी रहे होते हैं, लेकिन तीन घंटे का काम और आ जाता है। आपको क्या लगता है? आप ऐसे कितने दिन तक काम कर पाएंगे? किसी चीज़ को जब हम इतना काम देते हैं, तो उसकी काम करने की क्षमता ही खत्म हो जाती है। ये पेट के साथ कर रहे हैं, उसपे लगातार प्रेशर डाल रहे हैं। इससे पहले हमारे रात के दाल-चावल पचे, सुबह के पराठे, इडली, डोसा अंदर और डाल देते हैं। वो पचा नहीं, दिन का लंच अंदर और डाल देते हैं। आपका पेट उस खाने को पचाने के लिए 24 घंटे मेहनत करता ही रहता है, ज़्यादातर दिन ओवरटाइम क आप ही सोचिए, वो ऐसा कब तक करता रहेगा? अगर आप उसपे इतना प्रेशर डालते रहें, तो जल्द ही वो ढंग से काम ही करना बंद कर देगा। तो खाया हुआ भोजन पचेगा नहीं, अंदर ही जमता रहेगा और दुनिया भर की बीमारियों को जन्म देगा। लेकिन 16 घंटे उपवास करने से आप अपने पेट को आराम देते हैं। पेट को ही न लीवर को बाइल बनाने से आराम और पेट को पाचन रस बनाने से आराम। उपवास के दौरान आपके सभी अंग आपको धन्यवाद बोलते हैं। दूसरा फायदा, इसको करके आप पहले से दो घुना ज़्यादा काम कर पाएंगे। आप और प्रोडक्टिव हो जाएंगे। आपके फ़ोन में सबसे हैवी एप्लीकेशन कौनसी है? आपकी कैमरा ऐप? अगर बैटरी एकदम कम हो जाएगी। फिर क्या दूसरे काम करने के लिए बैटरी बचेगी? नहीं, क्योंकि आपके फोन में तो लिमिटेड ही बैटरी है ना? ऐसा ही आपके शरीर के साथ है। आपके शरीर की सबसे हैवी ऐप कौनसी है? डाइजेशन की ऐप। जब आप नाश्ते में परांठा, चिवड़ा, बिस्किट, चाय जैसी भारी चीजें ख 70% से भी ज्यादा। अब अगर 70% एनर्जी यहाँ खर्च हो गई, तो क्या यहाँ के लिए एनर्जी बचेगी? आप ही बताइए। तो आप कल से ही इसको शुरू कीजिए और देखिए कैसे आपकी एनर्जी बढ़ जाती है। काम करने बैठेंगे तो इतनी क्लारिटी होगी कि जो काम दो घंटे में करते थे, वो एक घंटे में कर पाएंगे। ये सब तीसरा फायदा आप भोजन के न्यूट्रिएंट्स पोषण तत्वों को ज़्यादा अच्छे से अब्सोर्ब कर पाएंगे। आप में से कितने लोगों को कहा जाता है? अरे बेटा, कुछ न कुछ खाते रहो, नहीं तो पोषण कैसे मिलेगा? बीक हो जाओगे। लेकिन सच्चाई इससे एकदम उल्टी है। वो कैसे? जब तक रोज थोड़ी देर पेट को खाली कुछ फायदा नहीं क्योंकि पेट में उनको ग्रहण करने की तो जगह ही नहीं है ना वो पहले से ही भरा हुआ है लेकिन फास्टिंग से ये पेट खाली होता है वापस से जगह बनती है तो अगर आप अपने भोजन के पोषण तत्वों को उनके न्यूट्रिएंट्स को सच में अंदर लेना चाहते हैं तो रोज पेट को ब्रेक दे ब्रेक देने से अं उपवास के फायदों के बारे में सिर्फ हम नहीं, दुनिया भर में बहुत लोग सिखा रहे हैं। आइए देखते हैं।
Any correction and purification that needs to happen in the body, your stomach needs to be empty. It's very very important. Otherwise, the purification on the cellular level will not happen. उपवास रखते हैं इसलिए कि शरीर शुद्धि होते। शरीर की शुद्धि के लिए उपवास रखते हैं। जब शरीर शुद्ध होता है, तो मन शुद्ध होता। उपवास और उपासना यह हमारी जीवन पद्धति के बहुत ऊंचे आदर्श हुआ करते थे और हमारी प्रार्थनिताएं हुआ करती थीं। जेनर फैट का ही तो बैलेंस रहेगा, एक्सेस फैट भी इससे बर्न हो जाता है, एक्सेस कोलेस्ट्रॉल भी इससे बर्न हो जाता है। माने आँतों को, लीवर को, स्टमक को, इनको सबको विश्राम मिलेगा, जो भी बॉडी As part of nature throughout our existence, you can say for millions of years. When your pets are sick, they don't eat. You don't see your dog running and eating his food when he is sick. He stays in the corner and he does not eat. There is a wisdom in that.
चलिए, 16 घंटे उपवास कैसे करते हैं? ये तो हमने सीख लिया। इसके फायदे भी हम जान गए। लेकिन क्या आपको पता है ऐसे तीन रास्ते हैं जिनको फॉलो करके आप इसके फाइदों को डबल कर सकते हैं जाना चाहेंगे क्या है आईए पहला डीटॉक्स जूस सुबह के टाइम उपवास तोड़ने से दो घंटे पहले किसी भी सबजी का जूस ले ले जैसे की सफेद पेठा, लौकी, खीरा या फिर नारियल पानी आप ऐसे समझे की जब आप जब ये डीटॉक्स जूस शरीर के अंदर आते हैं, ये शरीर को बोलते हैं, अरे वाह, तुम सफाई कर रहे हो, आओ हम भी तुम्हारे साथ हाथ बटा देते हैं। और सफाई और तेजी से होने शुरू हो जाती है। लेकिन चाय, कॉफी, स्मूथी, दूध, सूप या फलों का जूस, 16 घंटे उपवास के दौरान इनमें से कुछ नहीं ल क्यों? क्योंकि हमारी जठर अगनी का सूर्य से बहुत गहरा संबंध है। जब सूरज हमारे सर के एकदम उपर होता है, तब हमारी जठर अगनी सबसे तेज होती है। जैसे जैसे सूरज धलता रहता है, हमारी जठर अगनी भी कम होती जाती है आप करना चाहेंगे तो जो होगा, जरूर होगा। तीसरा, आठ घंटे की विंडो में सात्विक भोजन खाइए।
कुछ लोग सोचते हैं, अरे हम सोलह घंटे उपवास कर दो रहे हैं ना, तो आठ घंटे में कुछ भी खा लेते हैं, जो मिले वो खा लेते हैं।
नहीं, आप ऐसी गलती मत करना। आठ घंटे की ईटिंग विंडो में आप जो भी खा जिसमें ये चार सिद्धांत का पालन होता है LWPW यानी Living Wholesome Plant Based और Water Rich सात्विक डाइट के बारे में पूरी तरह समझने के लिए हमारे चैनल पे ये वीडियो देखें एक आहार सारे इलाज हमने इसका लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स में भी शेयर किया है अगला सवाल ये कि 16 घंटे उपवास किस-किसको करना चाहिए और किस-किसको आप हाउसवाइफ हो या बिजनेसमैन, स्टूडेंट हो या प्रिंसिपल, बॉस हो या इंप्लॉय, ये 16 घंटे उपवास सभी के लिए है। अगर आपको आज कोई भी हेल्थ प्रॉब्लम है, कोई भी हेल्थ प्रॉब्लम, डायबिटीज़, पीसीओडी, थायराइड, ओबेसिटी, हाई ब्लड प्रेशर, जोड़ों में दर्द, साइनसाइटिस, ऑटोइम्यून डिजीज और टॉक्सिन्स को शरीर से निकालने का, अंदर से शरीर को साफ करने का उपवास से ज्यादा शक्तिशाली कोई तरीका नहीं। तो किसी भी बीमारी को रिवर्स करने के लिए तो ये बहुत फायदेमंद है। अगर आप कोई दवाई लेते हैं, तो शुरू-शुरू में आप अपने डॉक्टर से पूछें कि आप अपनी मेडिसिन्स को अपने 16 घं कि 16 घंटे उपवास से आपके शुगर लेवल ना कम हो जाए, तो आप शुरू शुरू में उपवास के दौरान थोड़ा गुड़ रखें अपने साथ। और जब भी चक्कर आते हैं, या अगर लगता है कि शुगर डिप हो रही है, तो आधा चम्मच गुड़ ले लीजिए। ये ध्यान रखिए कि अगर आप 16 घंटे उपवास के साथ साथ पूरी सात्विक अगर आप आज एकदम स्वस्थ हैं, कोई हेल्थ प्रॉब्लम नहीं है, तो 16 घंटे उपवास इंश्योर करेगा कि आगे जाके भी आप हमेशा स्वस्थ रहें। दूसरी कैटेगरी आती है उन लोगों की जिनको बिल्डिंग की जरूरत है। इसमें आ जाते हैं बच्चे, यानी वो जिनकी उम्र 16 साल के नीचे है, अंडरवेट लोग जिनको शरीर को बिल्डिंग की ज्यादा जरूरत होती है और इसलिए 16 घंटे की बजाय डिनर और ब्रेकफास्ट के बीच 12 से 14 घंटे का ब्रेक काफी है। लेकिन अगर उन्हें कोई भी हेल्थ प्रॉब्लम या बीमारी है, तो उनके लिए 16 घंटे उपवास बहुत फायदेमंद होगा। वो तब तक करें जब तक बीमारी शरीर से पूरी तरह ठ तो भी आपके लिए 16 घंटे उपवास बहुत फायदेमंद है। आजकल दुनिया भर में बहुत सारे एथलीट से कर रहे हैं मसल्स बढ़ाने के लिए। अगर आप सुबह बहुत जल्दी एक्सरसाइज करते हैं, तो आप 14 घंटे उपवास से शुरू कीजिए। आइए अब हम डिस्कस करते हैं कुछ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल। पहला हमने तो 16 घ थकान महसूस होने लगी। हम क्या करें? समझते हैं ऐसा क्यों होता है? जब एक अल्कोहलिक अल्कोहल छोड़ता है, तो क्या होता है? शुरू-शुरू में तो काफी विड्रॉल सिम्टम्स आते हैं, दिक्कत होती है, है ना? लेकिन क्या इसका मतलब अल्कोहल अच्छा था? नहीं, उसका शरीर एडजस्ट होने के लिए थोड़ा स और जब 16 घंटे उपवास शुरू करते हैं, तो बॉडी को एडजस्ट करने के लिए थोड़ा समय देना चाहिए। अगर आपने पहले ये कभी नहीं किया, तो हो सकता है आपको शुरू-शुरू में एसिडिटी, हेडेक या वीकनेस आए, लेकिन वो टेम्पररी है। दो-चार दिन में एकदम चली जाएगी। पेशेंस रखिए। अगर आपको एसिडिटी, 16 घंटे के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी सिप करते जाइए। वेटपैक और एनेमा भी यूज़ करें, जिसके बारे में हमने आपको अपनी दूसरी वीडियोस में बताया है। ये करने से एसिडिटी, सरदर्द, थकान अपने आप चले जाएंगे। दूसरा सवाल, ये 16 घंटे उपवास हमें कितने दिन तक करना है? जब तक आप स्वस्थ मगर जल्द ही ये आपके जीवन का तरीका बन जाएगा। 16 घंटे से पहले आपको और कुछ खाने का मन ही नहीं करेगा। आप इसको डाइट प्लान समझके मत कीजिए। ये तो प्रकृति के नियमों का एक हिस्सा है, और आप इसको फॉलो करके सिंपली उन नियमों का पालन कर रहे हैं। तीसरा सवाल, क्या मेरी फास्टिंग विंडो रोज सेम हो जितना हो सके उतनी कोशिश करें कि आपकी फास्टिंग विंडो रोज सेम रहें ताकि आपके शरीर को उन टाइमिंग्स की आदत पड़ सकें लेकिन हम समझते हैं कि ऐसा हमेशा मुन्किन तो नहीं हो सकता हो सकता है किसी दिन 6 से 10 उपवास आप कर रहे हो तो किसी दिन 7 से 11 कोई बात नहीं मेरा शेड्यूल तो ऊपर नीचे होता रहता है अब हम रोज़ रोज़ 16 घंटे उपास कैसे करें? देखिए, अगर हफ्ते में एक बार आपको कहीं बाहर जाना भी पड़ रहा हो, रात को खाने में देर हो भी जाती हो, तो अगले दिन ब्रेकफास्ट स्किप कर दीजिए। सुबह सिर्फ जूसेस ले लें और फिर सीधा लंच।
यदि आप ऑफिस जाते हैं, तो आप अपना स्केच्यूल ऐसा बन हम जितने भी कोशिश कर लें उससे पहले आ ही नहीं सकते। हम क्या करें?
हम आपकी सिचुएशन समझते हैं। ऐसे में आप वीकडेज को 16 घंटे की जगह हर रात 14 घंटे का उपवास करें। 8-9 बजे भी खाते हैं, तो अगले दिन 10-11 बजे तक ही अपना नाश्ता लीजिए। और वीकएंड को उसकी पूर्ति करने के लिए पूरा दिन उ मेरे परिवार में तो सब लेट खाना खाते हैं। एक ऐसा टाइम निकालिए जो आप दोनों के लिए कन्वीनिएंट हो। अगर आप 6 बजे खाना चाहते हैं और वो 8 बजे, तो उन्हें 7 बजे खाने के लिए अपने साथ मना लीजिए। एक और बहुत जरूरी बात। हमने देखा है कि जब कुछ लोग 16 घंटे उपवास करना शुरू करते हैं, वो उनको अपने से कम देखने लगते हैं फास्टिंग करने का भी घमंड आ जाता है और जब कोई उनकी बात नहीं सुनता वो उनसे गुस्सा हो जाते हैं आप ये गलती मत कीजिएगा किसी को भी इसको करने के लिए फोर्स नहीं करना और अगर आपकी बात कोई नहीं मानता तो उनको जज नहीं करना उपवास के दौरान आपकी क्या भ अगर आपको फास्टिंग के दौरान गुस्सा, डर, चिढ़चिड़ाहट या उदासी महसूस होती है, तो प्लीज अपने फास्टिंग आवर्स को 16 से 14 पे ले आओ। कोई बात नहीं। लेकिन करो, तो एकदम खुशी के साथ करो। मन हमेशा शांत होना चाहिए। और दूसरों को कभी प्रेशराइज मत करो। हाँ, उनको इसके फायदों के बारे में बत कि आप अपनी लाइफ को कितने डिसिप्लिन से जी रहे हैं, आपको कितने फायदे हो रहे हैं। कुछ महीनों बाद वो आपसे खुद आकर पूछेंगे, बताओ क्या करना है? अगर आपको ये वीडियो यूजफुल लगा, तो प्लीज इसे अपने सभी फ्रेंड्स और फैमिली के साथ अभी शेयर कीजिए, ताकि वो भी अच्छे स्वास्थ्य का लाभ ल










