साइनस का 21-दिन में जड़ से इलाज | Sinus Treatment in 21 Days

In this Hindi YouTube video, Samaira Banga shares her personal battle with chronic sinusitis and claims to have cured herself without any medication for the past ten years. She argues that sinus problems stem from internal mucus and waste caused by poor dietary habits rather than external factors like temperature, pollen, or allergens. Banga outlines three common mistakes people make: blaming external triggers, relying on medicines that only suppress mucus, and assuming sinusitis is a lifelong condition. She then presents a five‑step, 21‑day “Sinus Reversal” program designed to eliminate the root cause. The steps are: (1) 16‑hour intermittent fasting to give the body time to clean out mucus, (2) a sattvic, plant‑based diet that avoids “dead”, refined, animal‑based, and low‑water foods, (3) daily sun exposure (sun‑bathing) for about 30 minutes to melt internal mucus, (4) enema therapy for intestinal detox, and (5) a wet‑pack (cold/heat) therapy applied to the head/neck for symptom relief. Two bonus tips—warm foot baths before sleep and brisk outdoor walking—are offered for additional relief. Banga promises noticeable improvement within 21 days and suggests the lifestyle can become permanent, eventually allowing discontinuation of all sinus medications.
Chapters
क्या आप बंद नाक से परेशान हैं? क्या आपके लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है? रात की गहरी नींद क्या आपके लिए एक सपना बन चुकी है? हर सुबह की शुरुआत सोर थ्रोट और हेडेक से होती है? अगर साइनसाइटिस ने आपकी नाक में दम कर रखा है, तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। मेरी भी लाइफ कुछ ऐसी ही थ आप जो सोच सकते हैं मैंने वो कोशिश की। एंटीबायोटिक्स, एंटीहिस्टामिन्स, होम्योपैथिक गोली, स्टेरोइड वाले नेजल स्प्रे, इनहेलर्स, बेस्ट से बेस्ट हॉस्पिटल जाने के बावजूद भी, वर्ल्ड के टॉप ईएनटी डॉक्टर से मिलने के बाद भी मेरी साइनस की प्रॉब्लम बढ़ती ही जाती थी। मैंने मान लिया जिसे सब बदल गया। अब पिछले दस साल से मैंने एक भी दवाई नहीं खाई है, एक भी स्प्रे इनहेलर नहीं लिया है। बंदना क्या होती है? अब तो मुझे याद भी नहीं। ये टर्निंग पॉइंट क्या था जिसके वजह से मैं अपने साइनसाइटिस को हमेशा के लिए रिवर्स कर पाया? ये नॉलेज मैं अपने तक सीमित नहीं रखना और अपने साइनसाइटिस को हमेशा के लिए गुडबाय कह पाए। इस वीडियो के पहले पार्ट में मैं आपके साथ शेयर करूँगा तीन ऐसी गलतियाँ जो हम सब साइनसाइटिस की बीमारी में करते हैं। और इस वीडियो के सेकंड पार्ट में हम शेयर करेंगे एक ऐसा फाइव स्टेप साइनस रिवर्सल प्लान, जिसको फॉलो करके सिर्फ मैंने ही साइनस के जड़ कारण को नहीं समझना। क्या आपने कभी सोचा है कि आपको ये साइनस की प्रॉब्लम क्यों हो रही है? हम हमेशा अपने बाहर के एनवायरनमेंट को ब्लेम करते रहते हैं। कभी बाहर के तापमान को, तो कभी ठंडे खाने को, कभी डस्ट को, कभी पोलेन को, कभी पॉल्यूशन को, तो कभी एलर्जीज़ को। अगर आपको साइनस कि इसका जड़ कारण आपके बाहर नहीं, आपके अंदर बैठा है। साइनस का जड़ कारण है अंदर भरा म्यूकस, अंदर जमी गंदगी। अगर आज हमें बार-बार छीक आ रही है, नाक हमेशा बंद रहती है, सांस अच्छे से नहीं आती, हमेशा फेस में दर्द रहता है, तो मतलब हमारी रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट में, छाती की नल बहुत सारी गंदगी भड़ी पड़ी है। but आप शायद पूछे, ये म्यूकस, ये गंदगी आई कहाँ से? ये म्यूकस आता है हमारे गलत फूड, यानी गलत खान-पान से। ज्यादातर खाना आज हम ऐसा खा रहे हैं, जो शरीर से अच्छे से बाहर नहीं निकल पाता, और अंदर ही अंदर गंदगी के रूप में जमता रहता है। फिर यही यानी रेस्पिरेटरी ट्रैक में पहुंचती है और वहाँ से हमारे गले और नाक में, जिसके कारण हम न सांस ले पाते हैं न कुछ अच्छे से स्मELL कर पाते हैं। तो आज से ये समझ लीजिए साइनस की जड़ आपके नाक में नहीं आपके पेट में है। ये साफ करेंगे तो ये ऑटोमैटिकली साफ हो जाएगा। हमारी दूसरी गलती साइनस को बट हर बार मैं देखता था कि कुछ देर के लिए तो दवाई प्रॉब्लम को कंट्रोल कर लेती थी, पर फिर प्रॉब्लम वापस आ जाती। और हर बार जब वो वापस आती और भी ज़्यादा भयानक रूप लेकर आती, फिर मैंने समझा कि दवाई शरीर में क्या करती है? ये उस म्यूकस को, उस गंदगी को, जो हमारी नाक से, गले से निकल दवाई लेते ही बंद तो तुरंत हो जाती है क्योंकि दवाई का काम ही ये है म्यूकस को सप्रेस करना वापस अंदर भेज देना हम दवाई लेते रहते हैं गंदगी अंदर दबती रहती है सरती रहती है और अंधरी अंदर प्रॉब्लम भरती जाती है आप ही सोचिए अगर वाकई दवाई ही इसकी इलाज होती तो एक ही बार में आपको साइन लेकिन प्रॉब्लम रिवर्स नहीं होती, because मेडिसिन्स डोंट क्योर, दे सप्रेस। आप शायद पूछे, अरे लेकिन नैचुरल रेमेडीज़ का क्या? गरम पानी पीना, स्टीम लेना, अलग-अलग काढ़े लेना, हल्दी वाला दूध, गागलिंग, नेती पॉट, देखिए, ये गलत नहीं है, but ये जड़ कारण को नहीं मिटाते, ये टेम्पररी रिल उसी के लिए तो हमने ये वीडियो बनाई है। इस वीडियो के सेकंड पार्ट में हम आपको वो फाइव स्टेप्स देंगे, जो आपको करने हैं। और फर्क आप अपने आप सिर्फ 21 दिन में देखेंगे। but अपने सल्यूशन पे भरने से पहले एक आखरी गलती समझते हैं। हमारी तीसरी गलती मान लेना कि साइनस तो ज़िंदगी भर रहेगा। हर सीजन चेंज पर डॉक्टर के पास दौड़ लगाना नॉर्मल है, कुछ स्मELL न कर पाना, टेस्ट न कर पाना नॉर्मल है, रात को बार-बार उठना नॉर्मल है, सांस न ले पाना नॉर्मल है। लेकिन आपको पता है क्या? ये नॉर्मल नहीं है। इनमें से एक भी चीज नॉर्मल नहीं है, क्योंकि माँ प्रकृति ने किसी को तो मतलब शरीर में बहुत गंदगी, म्यूकस बढ़ा पड़ा है। आज इस म्यूकस ने आपकी नोज और थ्रोट में घर बना रखा है। कल वो आपके कान, आँख और ब्रेन तक पहुँचकर उनको भी इंफेक्ट कर सकता है। लेकिन जिससे पहले ऐसा हो, इस गंदगी को बाहर निकालें और हमेशा-हमेशा के लिए साइनसाइटिस को अपने शरीर स अब हम भरेंगे इस वीडियो के सेकंड पार्ट में, जिसमें हम आपको ऐसे फाइव स्टेप्स बताएंगे जो आपको फॉलो करने हैं। आप सिर्फ 21 दिन इनको फॉलो करके देखिए और आप खुद जान जाएंगे कि प्रकृति के ये आसान नियम कितने पावरफुल हैं। इनको फॉलो करने के कुछ ही दिन में अंदर पड़ा बलगम, गंदगी सब बाहर स्प्रे से अपने साथ हमेशा रुमाल लेकर घूमने से छुटकारा मिल जाएगा। आप लोगों से फ्रीली बिना सोचे कॉन्फिडेंटली मिल पाएंगे। आपको किसी ठंडी जगह जाने से पहले 10 बार सोचना नहीं पड़ेगा। फैन की स्पीड एसी के टेम्परेचर से फर्क ही नहीं पड़ेगा। आप रात को सुकून की नींद सो पाएंगे।
आप अपनी न आइए पहले स्टेप पे बढ़ते हैं। 16 घंटे उपवास, यानी 16 आवर फास्टिंग। जब हम हर दो-दो घंटे में खाते रहते हैं, अपने पेट को कभी आराम नहीं देते, तो हमारा शरीर एक म्यूकस मैन्युफैक्चरिंग मशीन बन जाता है। आपको पता है इस म्यूकस, इस गंदगी को बाहर निकालने के लिए सबसे बड़ा मास्टर क यह है 16 hour fasting. Basically ये fasting करने का एक ऐसा तरीका है जो आजकल की modern life में बहुत आसान है. 16 घंटे उपवास कैसे करना है? Simply अगर आप dinner शाम को 7 बजे खाते हैं, तो अपना next solid meal अगले दिन सुबह 11 बजे ही लीजिए. 6 बजे खा लेते हैं, तो 10 बजे ले लीजिए. Basically हर रात 16 घंटे अपनी body को break देना है. जितना मुश्किल भी लग रहा है उतना है नहीं क्योंकि 16 में से ज्यादातर समय तो आप सो ही रहे होंगे। 16 घंटे उपास क्यों करना है? क्योंकि आपकी बॉडी एक बार में एक ही काम अच्छे से कर पाती है। डाइजेशन यानी खाने को पचाने का काम या क्लीनिंग यानी अंदर भरी म्यूकस को बाहर निकालने का काम। जब उसको सफाई का टाइम ही नहीं मिलता। जब आप रोज रात अपने शरीर को 16 घंटे खाने से ब्रेक देते हैं, तो आपका शरीर डाइजेशन को छोड़के क्लीनिंग पे लग पाता है। हर दिन 16 घंटे का उपवास करने से सालों पुराना जमा हुआ बलगम खुद बखुद अपनी जगह छोड़ने लगता है। आप करके देखिए, आप खुद महसूस करेंग रोड के बीच में यदि कुछ सफाई करनी हो तो पहले क्या करना होगा? गाड़ियों को थोड़ी देर रोकना होगा। ऐसा तो नहीं हो सकता ना कि गाड़ियाँ भी चलती रहें और रोड की सफाई भी हो जाए। डिटो सेम आपकी बॉडी के अंदर है। अगर आपकी बॉडी में डीप क्लीनिंग करनी है, तो गाड़ियों को, यानी खाने को रोज अब आप समझ गए कि 16 घंटे उपवास करना है, लेकिन बाकी 8 घंटे क्या खाना है? वो भी बहुत जरूरी है। बढ़ते हैं अपने सेकंड स्टेप पे, और वो है सात्विक डाइट प्लान, यानी सात्विक भोजन प्रक्रिया। दो तरह के खाने होते हैं: म्यूकस क्रिएटिंग फूड, यानी वो जो अंदर गंदगी बनाता है, और म्यूकस म्यूकस क्रिएटिंग फूड की पहली कैटेगरी है डेड फूड, यानी मरा हुआ खाना, यानी वो जो पैकेट, बottल, डब्बे, टिन, कार्टन में बंद आता है। ये सब चीजें हमारे शरीर में गोंद की तरह चिपक जाती हैं और फिर अंदर बैठी-बैठी सड़ती हैं और म्यूकस पैदा करती हैं। दूसरी तरफ है लिविंग फूड, स्प्राउट्स और ग्रेन्स, जो हमें सीधा-सीधा माँ प्रकृति से मिलता है, ये शरीर के अंदर जमी गंदगी को निकालने में मदद करता है। म्यूकस क्रिएटिंग फूड की दूसरी कैटेगरी है रिफाइंड फूड, यानी सफेद चावल, बिना चोकर का आटा, सफेद चीनी, तेल और तेल से बनी चीजें, मैदा, ये भी हमारी आँतों में यानी ब्राउन राइस, चोकर सहित आटा और खजूर या गुड़। अब जो हम बताने जा रहे हैं, हो सकता है आपके लिए एक्सेप्ट करना थोड़ा मुश्किल हो। म्यूकस क्रिएटिंग फूड की तीसरी कैटेगरी है एनिमल बेस्ड फूड, यानी नॉन-वेज, दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स। ये भी आपके शरीर में बहुत सारा म इसकी जगह प्लांट बेस्ड फूड खाएं, वो जो पेड़ पौधों से आता है। चिंता ना करें, हमने आपके लिए इन सभी चीजों के सब्सटिट्यूट्स बनाए हैं, जिसकी डिटेल्स आपको हमारी सात्विक फूड बुक में मिल जाएगी। म्यूकस क्रिएटिंग फूड की आखरी कैटेगरी है वाटर पूरा फूड, यानी ऐसा खाना जिसमें रस इसकी जगह वाटर रिच फूड ले, वो जिसमें पानी भरपूर मात्र में हो, जैसे कि जूसेस, फल और सब्जियाँ। जो वाटर रिच फूड्स होते हैं, वो इस म्यूकस की चिपचिपाहट को कम करते हैं। इनका फाइबर आपकी बॉडी के अंदर एक नैचुरल स्क्रब्बर का काम करता है, गंदगी को खींचकर अपने साथ बाहर निकालता है और आप जादू खुद देखेंगे। ये है मीट, फिश, एग्स, मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट्स, व्हाइट शुगर, व्हाइट फ्लावर, जिसमें आता है मैदा, रिफाइंड आटा, तेल और तेल से बनी चीजें, कुछ भी पैकेट, बottल, टिंड या कैंड। आप सोचेंगे, अरे तो फिर खाएं क्या? सुबह उठने के बाद किसी भी सब्जी का जूस या फिर नारियल पानी या फिर कोई भी सबजी का रस ले सकते हैं लगभग अपने डिनर के 14 घंटे बाद आप ये जूस ले सकते हैं और जूस के 2 घंटे बाद ही ब्रेकफ़ुस ले ब्रेकफ़ुस में एक प्लेट भर अपने फेवरिट फ्रूट्स लीजिए एक बार में एक ही फल खाएंगे तो सबसे ज़्यादा बेनिफिट मिलेगा लंच में आप अ एक रोटी खा रहे हैं तो दो कटोरी सब्जी ले, दो रोटी खा रहे हैं तो चार कटोरी सब्जी ले। और हाँ, सात्विक सब्जी और सात्विक रोटी ही लीजिएगा। आप डिनर में सूप या सैलेड ले सकते हैं। चाहे तो लंच और डिनर को स्विच भी कर सकते हैं। ये प्लान हमने और बहुत डिटेल में इस वीडियो में समझाया है। ये तो अभी जो मैं कर रहा हूँ उससे बहुत अलग है। हाँ जी, अलग तो होगा ही। यदि आप वो ही चीजें करते रहेंगे जो पहले करते थे तो साइनस रिवर्स कैसे होगा? लेकिन चिंता ना करें, आपको इसमें बहुत ही जल्द बहुत मजा आने लगेगा। आइए, अब हम अपने साइनस रिवर्सल प्लान के थर्ड और बहुत इम्पोर्ट आपको क्या करना है? Simply सूर्य की रोशनी अपनी पूरी बॉडी को दिखानी है। आपको सनबेधिंग सिर्फ सुबह या शाम के टाइम करनी है, दोपहर की कड़कती धूप में नहीं। सनराइज के करीब दो घंटे बाद कर सकते हैं। कितनी देर करनी है? करीब तीस मिनट। पंद्रह मिनट पूरी फ्रंट बॉडी को रोशनी दिखाएं और पंद्रह मिनट प हो सकता है तो कोई कपड़े नहीं। सूर्य की रोशनी आपके लिए एक हीलिंग मेडिसिन है। जब ये आपके गले, छाती और नाक पे पड़ती है, तो धीरे-धीरे अंदर जमी सारी बलगम पिघलाने लगती है। हो सकता है आपको सैन्बेधिंग करते समय छीक भी आए। अगर ऐसा होता है, तो समझ जाना कि अंदर जमा म्यूकस बाहर न हमारा चौथा स्टेप है एनएमए। ये एक बहुत पावरफुल डीटॉक्स टूल है, जो आपकी आँतों को साफ करता है। जब तक आप ये नहीं साफ करेंगे, तो ये साफ हो ही नहीं सकता। एनएमए पॉट कुछ ऐसा दिखता है। ये एक ऐसा तरीका है, जिससे हम अपने इंटेस्टाइन्स में पांच से सात मिनट के लिए पानी होल्ड करते हैं, फिर जब आप बाथरूम जाते हैं, तो पानी के साथ साथ वो सारी गंदगी भी बाहर निकलती हुई देखते हैं। बहुत लोग बताते हैं कि कभी-कभी तो वो म्यूकस भी बाहर निकलता हुआ देखते हैं। ये वो म्यूकस है जो बहुत सालों से अंदर जमा पड़ा होता है और आगे जाकर साइनस की प्रॉब्लम क्रिएट करता है। चिंता याद रखें आपको एनिमा सिर्फ पहले 21 दिन तक रोज लेना है और उसके बाद हफ़ते में सिर्फ एक बार या जरूरत पड़ने पर ये एनिमा पॉट हमने आपके लिए अपनी वेबसाइट पे भी अवेलिबल किया है आप वहाँ से इसको इसको करीब आधे घंटे के लिए लगा के रखनी है। आप इसको लगा के अपना कोई भी दूसरा काम भी कर सकते हैं। इससे क्या होता है? इसको लगाने से आपकी बॉडी में दो तापमान मेंटेन होते हैं, जहाँ पट्टी लगाई है वो पार्ट्स ठंडे, बाकी बॉडी गर्म। जब एक समय में दो टेम्परेचर्स मेंटेन होते हैं, तो ह और बाहर निकलने के लिए तैयार होता है। जब सर दर्द हो, तो इसको तुरंत लगाएं। आपको बहुत ही जल्द आराम मिलेगा। ठंडी पट्टी आपको कब लगानी है? इस प्लान को फॉलो करने के शुरू के तीन महीने रोज लगाइए। एक बार सुबह, एक बार शाम। तीन महीने बाद रोज लगाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ जरूरत पड या फिर हमने ये आपके लिए अपनी वेबसाइट पे भी अवेलेबल किया है सात्विकमूवमेंट.डॉट ओरजी। अगर बाहर बहुत ज़्यादा ठंड है, तो आप इस स्टेप को स्किप कर सकते हैं। तो ये हो गए हमारे फाइव स्टेप्स कंप्लीट। अब एक बहुत इम्पोर्टेंट पॉइंट डिस्कस करना है। जब आप ये पांचों स्टेप्स फॉलो करन अरे मैं तो पांचों स्टेप्स फॉलो कर रहा हूँ पर फिर भी मेरी कंडीशन और बुरी हो गई। आपको समझना होगा, आपकी कंडीशन और बुरी नहीं ठीक हो रही है। इन डीटॉक सिम्टम्स के थ्रू आपकी बॉडी अंदर की गंदगी को बाहर निकाल रही है, सफाई कर रही है। जब ऐसा होता है तो इसको दवाई लेकर अंदर नहीं और साथ ही साथ ठंडी पट्टी, एनिमा और सनबेधिंग की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दें। आप देखेंगे कि जब आप इन डीटॉक सिम्टम्स को नैचुरली ठीक करेंगे, सिर्फ दो-तीन दिन में प्रॉब्लम चली जाएगी और आपकी बॉडी पहले से भी ज़्यादा साफ निकल के आएगी। चलिए, अब हमारे पास आपके लिए दो बोनस टिप्स हैं, त अगर आपको रात को अच्छे से नीन नहीं आती, तो ये आपको बहुत रिलीफ देगा. एक बाल्टी में गरम पानी भर लीजे और रात को सोने से पहले 15 मिनट के लिए इस पानी में अपने पैर भिगोकर बैठ जाएं. पानी उतना ही गरम होना चाहिए जितना पसाने से सहन कर सके. ऐसा करने से आपका बलड सर्कुलेशन बढ़ता है और नाक, छाती इसको करने से आप रात को अच्छे से सांस ले पाएंगे और ज़्यादा अच्छी नींद आएगी। एक बात ध्यान रखें, अगर आपको साइनस के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम, किडनी प्रॉब्लम या लीवर डिसऑर्डर है, तो हॉट फुट बाथ को नहीं लेना। इसके बजाय आप दो हॉट वाटर बottल्स को टॉवल से कवर करके अपने चलिए बढ़ते हैं अपनी दूसरी बोनस टिप पे और वो है ब्रिस्क वॉकिंग। खुली हवा में तेज चलने से ताजी हवा आपके रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट्स के कोने-कोने तक पहुंचती है। धीरे-धीरे आपके शरीर के अंदर का तापमान बढ़ने लगेगा और अंदर पैदा हुई इस गर्मी के कारण म्यूकस मेल्ट होके बाहर निकलने पतले व्हाइट कॉटन के कपड़े पहन के ब्रिस्क वॉकिंग करें। ऐसा करने से आपको सनबेधिंग का भी लाभ मिल जाएगा। अगर आप में क्षमता है, तो आप जॉगिंग भी कर सकते हैं। अब हम आपको इतनी सारी चीजें बता चुके हैं। हो सकता है आपको लग रहा हो, मैं इतना कुछ कैसे करूँगा? आप हमारा विश्वास कीजिए। ये पूरा रूटीन अपनी लाइफ में अडाप्ट कर सकते हैं और जब आप हर दिन अपनी बॉड़ी में चेंजेज देखेंगे तो वापस मोड़ने का मन ही नहीं करेगा तो बस आज इसी वक्त कदम उठाईए अब हो सकता है आपके मन में कुछ सवाल आ रहे हो मुझे अपना साइनसाइटिस रिवर्स करने में कितना समय लगेगा वो डिपेंड करता है कि अंदर कितना म Within 21 days आप खुद में एक drastic improvement देखेंगे। अगला सवाल, मुझे ये lifestyle कितने time follow करना है? देखिए, एक-एक करके बताते हैं। 16 घंटे उपास तो एक ऐसी चीज़ है जो हमें lifelong follow करनी चाहिए। Enema आपको सिर्फ शुरू के 21 दिन लेना है और फिर जरूरत पड़ने पर या हफ्ते में एक बार। Wet pack शुरू के तीन महीने रोज लेना है। और उसके बाद सिर्फ जरूरत पड़ने पर सात्विक फूड प्लान शुरू के तीन महीने तो बिल्कुल रिलिजियसली अच्छे से फॉलो कीजिए तीन महीने बाद आप हीलिंग स्टेज से मेंटेनेंस स्टेज पे आ जाएंगे फिर आपको इसको थोड़ा लीनिएंट कर सकते हैं लेकिन वो चार प्रिंसिपल्स याद है ना इनको जीवन भर पकड़ के क्योंकि माँ प्रकृति ने हमें सूर्य के बिना जीने के लिए बनाया ही नहीं। क्या हमें इस 21 दिन प्लान के दौरान दवाई बंद करनी पड़ेगी? जब आप सात्विक लाइफस्टाइल फॉलो करना शुरू करेंगे, आप खुद देखेंगे कैसे धीरे-धीरे आपकी दवाइयाँ अपने आप छूटती रहेंगी। उनकी जरूरत ही खत्म हो जाए मेडिसिन फ्री लाइफ जीना और ये बहुत जल्दी हो सकता है क्योंकि उपवास पानी धूप और हवा ही बन जाती है हमारी दवा आप खुद ही अजमा कर देखिए इस वीडियो के बाद ये दोनों वीडियोस जरूर देखें ताकि आपको सभी स्टेप्स की और क्लेरिटी मिल पाए हमारे आने वाली वीडियोस देखते रहने के लिए इस चैनल को और इस वीडियो को उन सभी लोगों के साथ शेयर करें जो इस तकलीफ से गुजर रहे हैं ताकि सभी लोगों को माँ प्रकृति का ये ज्ञान मिल पाए।










