रोज़ सुबह 5 बजे उठने के 3 तरीके | 3 Secrets to Wake Up Early

Samaira Banga shares three ways to wake up at 5 AM consistently: start an evening wind-down at 9 PM to avoid screens, build a morning routine around Meditation, Movement, and Mastery so you have a reason to get up, and eat a light dinner to sleep deeper.
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ये तो सबको पता है कि सुबह जल्दी उठना बहुत अच्छी बात है। आपने कहीं बार ट्राइ भी किया होगा, धेर सारे अलाम भी लगाए होंगे, सुबह जल्दी उठके क्या करना है ये तक डिसाइड किया होगा। मगर क्यूं? जैसे ही स लेकिन फिर मैंने अपनी लाइफ में तीन चीजों को बदला, जिनके बाद मैं आसानी से रोज सुबह अब जल्दी उठ पाती हूँ। तो इस वीडियो में आप जानेंगे वो तीन तरीके, जिनको अपनाकर आपको चाहे सुबह चार बजे उठना हो या पाँच, आप विदाउट फेल उठ पाएंगे। अपने तीन सल्यूशंस पे बढ़ने से पहले आइए समझ आपके सबसे ज्यादा और सबसे अच्छे कस्टमर सुबह चार बजे आते हैं। आप क्या करोगे? नहीं, मैं तो सुबह नहीं उठ सकता। मुझे नींद बड़ी प्यारी है। ये तो नहीं बोलोगे। आप चार बजे दुकान खोलके बैठे होंगे। ऐसे ही सुबह ही आपके सबसे पावरफुल, सबसे ग्रेट, सबसे क्रिएटिव थॉट्स आते हैं। उस समय अगर आ इस समय आपका फोकस, कंसंट्रेशन, मेंटल क्लेरिटी और पीस ऑफ माइंड सबसे हाईएस्ट होता है। यही नहीं, इस समय सातवें गुण भी पीक पर होता है। तो पहर तक आते-आते राजसे गुण बढ़ जाता है और शाम ढलने पर तामसे गुण बढ़ जाता है। तो इस ब्रह्म मूरत के टाइम को सोके वेस्ट ना करें। अगर आप को नया स्क तो इनको early morning करने से बहतर और कोई समय नहीं है तो आईए जानते हैं कि सुबह जल्दी कैसे उठें आपको क्या लगता है? अगर आपको 5 बजे उठना है तो अलाम कितने बजे का सेट करना होगा? 4:30, 4:45 या 5 बजे का? बताईए, बताईए क्या रात को 9 बजे का अलाम हाँ रात के 9 बजे का आपको सुबह जल्दी उठने की टेंशन नहीं करनी रात को जल्दी सोने की तैयारी करनी है अगर आपको सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी है तो 9 बजे बिस्तर में घुस जाइए 9 बजे but मुझे तो रात 9 बजे नींद आती ही नहीं of course नींद आएगी भी कैसे हम देर रात को इन सब साथी है, स्टिमुलेट करती है। हाई स्टिमुलेशन एक्टिविटीज होती हैं, जैसे लैपटॉप पे काम करना, इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया पे स्क्रॉल करना, टीवी शोज देखना, लाउड म्यूजिक सुनना, रात को लेट वर्कआउट करना। इन स्क्रीन्स में से एक ब्लू लाइट निकलती है, जो आपके ब्रेन में मेलेटोनिन नाम के एक पैदा करता है आपको सुलाने के लिए इससे आपके शरीर को सिग्नल मिलता है कि अब रात हो गई सो जाओ लेकिन जब आप रात को इन स्क्रीन्स को देखते रहते हैं तो आप ही बताइए क्या होगा ब्रेन मेलेटोनिन प्रोड्यूस नहीं करेगा बॉडी को नींद आने का सिग्नल नहीं मिलेगा आप टाइम पे नहीं सोएंगे और सुबह अलाम को स रिपीट एवरीडे कर दीजिए। अलाम का नाम रख सकते हैं तो रखिए गेट इनटू बेड एंड वाइंड डाउन। अगर आप ये वीडियो देख रहे हैं, तो इस वीडियो को पॉज कीजिए और अभी कि अभी 9 बजे का अलाम रोज रात के लिए सेट करें। अब रोज रात 9 बजे जब ये अलाम बजे, अब जो भी काम कर रहे हैं, उसको बंद कर दीज तो याद रखें सुबह जल्दी उठने की शुरुआत पिछली शाम से ही हो जानी चाहिए। आइए बढ़ते हैं सुबह जल्दी उठने के दूसरे तरीके पे। Second way create a strong morning routine। मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहती हूँ, जिस दिन आपको कोई बड़ा काम करना होता है, जैसे कोई flight पकड़नी होती है या exam देने जाना होता है, उस दिन आप आराम से सु और सुबह अपने आप आंख खुल जाती है। अगर आपके पास सुबह उठने की वजह नहीं है, तो आप जितनी कोशिश कर लो, नहीं उठ पाओगे। तो सुबह जल्दी उठने का दूसरा तरीका है एक inspiring morning routine बनाना। उस routine को इतना inspiring बनाओ कि वो ही आपकी सुबह जल्दी उठने की वजह बन जाए। एक holistic morning routine में तीन M's होते हैं। पहला M मेडिटेट अपनी सुबह का आधा घंटा मेडिटेशन या किसी स्पिरिचुअल एक्टिविटी में दे। इस मेडिटेशन के समय आप अपनी लाइफ पर रिफ्लेक्ट कर सकते हैं। सभी की मेडिटेशन अलग होती है। कोई डायरी में लिखकर मेडिटेट करता है, तो कोई जप करके, कोई स्पिरिचुअल स्टडी करके मेडिटेट करता है, तो कोई पूजा करके। इ ब्रह्म मूरत के समय आपका मन एकदम शांत होता है और आप आसानी से मेडिटेट कर पाते हैं। मॉर्निंग रूटीन का दूसरा M है मूवमेंट यानी एक्सरसाइज, चाहे वो योगा आसना प्रैक्टिस हो, वॉकिंग, रनिंग, जॉगिंग, डांसिंग, स्विमिंग या कोई भी स्पोर्ट। और तीसरा M है मास्टरी, यानी वो टाइम जब आप या कोई नया स्किल भी सीख सकते हैं। सुबह पांच बजे जीरो डिस्ट्रैक्शन आवर होता है, फोन पे नोटिफिकेशंस नहीं बज रही होती, घर या ऑफिस में पांच लोग आपकी अटेंशन नहीं मांग रहे होते, और इसीलिए राइटर्स, पोइट्स, थिंकर्स जो भी सक्सेसफुल लोग होते हैं, वो कभी इन गोल्डन आवर्स को सोके वेस So meditation, movement and mastery इन तीनों M's ने मुझे मेरी personal life में बहुत help किया और हमने ये concept 5 AM Club की नाम की book में सीखा अगर आप इस वीडियो से सच में कुछ फाइदा उठाना चाहते हैं तो आप अभी एक notebook और pen लाएं और उसमें लिखिए कि आप कल से ही meditation, movement और mastery के लिए क्या करेंगे यही नहीं, हर एक्टिविटी को एक क्लियर टाइम और डेजिनेटेड लोकेशन दीजिए। आप एक्जैक्टली कब करेंगे और अपने घर की किस लोकेशन में करेंगे? वो तक लिख दीजिए। जिस जगह में आप सोते हैं, वहाँ मेडिटेशन, मूवमेंट या मास्टरी ना करें, क्योंकि आपके बेड की एनर्जी है सोने की। बेड पे बैठके सुबह वापस सोता हुआ पाएंगे। हर एक्टिविटी को अपनी एक डेजिनेटेड जगह दे, one space one use। तो इन समरी, आप सुबह जल्दी तभी उठ पाएंगे जब आपके पास एक सॉलिड वजह होगी, और एक इंस्पायरिंग मॉर्निंग रूटीन भी आपकी सुबह जल्दी उठने की वजह बन सकता है। इसके बाद भी अगर आप खुद को अलार्म स्नूस करता हुआ पाते है वॉक करके उस तक पहुंचना पड़े। सुबह जल्दी उठ पाने का तीसरा तरीका, डिनर को बनाइए हल्का और लाइट। अगर आपका डिनर कुछ ऐसा, ऐसा या ऐसा दिखता है, तो सुबह जल्दी उठने को बोल दीजिए टाटा बाय बाय। क्यों? क्योंकि ऐसा भारी अनाज वाला डिनर खाके पांच-छः घंटे तो लग ही जाते हैं इसको आपके कुछ इतना भारी भरकम पचाने के लिए होता है, वो आपको डीप स्लीप यानी गहरी नींद में नहीं लेके जा सकता। याद रखिए, डाइजेशन ऑन तो डीप स्लीप गोन, which means लाइट स्लीप ऑन। तो अगर रोज रात आपका शरीर पांच-छः घंटे लाइट स्लीप में है, तो उसको नींद पूरी करने के लिए ज़्यादा घंटे लगेंगे और स बेसिकली इनको खाकर नींद की जरूरत बढ़ जाती है। तो क्या करें? डिनर को बनाएंगे लाइट ताकि नींद बन जाए डीप। डिनर में ले सकते हैं सूप के साथ स्टीम्ड वेजिटेबल्स या फिर एक बड़ा बोल फ्रेश सैलेड का। अगर आपका इनसे पेट नहीं भरता, तो किसी भी अनाज के साथ सब्जी ले लें। लेकिन अनाज कम बेसिकली अनाज की क्वांटिटी डिनर में कम कर दे। जितना अनाज हम खाते हैं, उतनी ही नींद की जरूरत बढ़ती है। और हाँ, डिनर की क्वांटिटी भी थोड़ी कम रखिए। पेट को ठुस-ठुस के भरिए मत, बल्कि टेबल पे उठने से पहले पेट में थोड़ी जगह जरूर खाली छोड़े। ओवरईटिंग करेंगे तो सुबह जल्दी कभी आंख तो अगर आप रात को 9 बजे सोना चाहते हैं, तो कोशिश करें कि 7 बजे ही डिनर खा लें। डिनर करेंगे लेट तो सुबह आँख भी खुलेगी लेट। अगर आपको सुबह जल्दी उठने के लिए और हैंडहोल्डिंग चाहिए, या आपको एक कम्युनिटी से जुड़ना है, जो रोज सुबह 5 बजे उठती है, या अपनी लाइफ को ऑर्डिनरी से 5 AM चैलेंज में इस वर्कशॉप में हम रोज सुबह 5 बजे से 6 बजे ऑनलाइन मिलते हैं। इस वर्कशॉप में हम एक साथ अपने नाइट रूटीन, अपने मॉर्निंग रूटीन और अपनी लाइफ को बेहतर बनाते हैं। अकेले हो सकता है इस हैबिट को बनाना थोड़ा मुश्किल हो, लेकिन इस चैलेंज में आप अकेले नहीं होंगे। हज अभी के लिए इतना ही हम आपसे जल्द वापस मिलेंगे।










