चश्मा हटाने के 5 प्राकृतिक तरीके | How to Get Rid of Spectacles Naturally

In this Hindi YouTube video, Samaira Banga presents a five‑step natural eye‑care routine designed to reduce or eliminate dependence on glasses and contact lenses. She argues that consistent daily practice for at least 21 days can lead to measurable improvement in vision, especially for mild prescriptions (up to –3 D). The routine combines (1) eye‑movement and “eye push‑up” exercises to strengthen ocular muscles, (2) safe sun‑gazing (sangejing) followed by palming to stimulate retinal cells, (3) cooling vegetable eye‑packs (cucumber, ash gourd, bottle‑gourd, potato) to enhance local blood circulation, (4) strict screen‑time management – no screens after 9 pm and 20‑second blink breaks every half‑hour – to reduce digital eye strain, and (5) the yogic trataka (candle‑gazing) practice with post‑session palming to improve focus and concentration. She also stresses the importance of a sattvic, colon‑healthy diet and reduced spectacle use (only for driving or essential tasks) as complementary factors. The video is framed as a motivational, conversational guide, encouraging viewers to follow the plan daily and monitor their vision through self‑tests.
Chapters
क्या आप भी हर सुबह अपने चश्मे ढूंढते-ढूंढते उठते हैं? क्या ये चश्मे आपका कॉन्फिडेंस आपसे दूर छीन लेते हैं? क्या आप कांटेक्ट लेंसेस और चश्मों से हमेशा के लिए फ्री होना चाहते हैं? अगर हाँ, तो ये वीडियो आपके लिए है। इस वीडियो में हम आपको एक फाइव स्टेप आईकेयर प्लान देंग फॉलो कर सकते हैं, लेकिन आपको ये बस रोज़ फॉलो करना है, कम से कम 21 दिन तक। 21 दिन क्यों? क्योंकि सिर्फ 21 दिन में ही आप डिफरेंस देख पाएंगे, आप देखेंगे कि आपका नंबर अपने आप कम होने लगेगा। आप टेस्ट करवा के खुद देख सकते हैं। कुछ ही दिनों में आप नोटिस करेंगे कि जो चीजें पहले नहीं हमेशा के लिए छूट जाएंगे। तो चाहे आपका दूर का नंबर हो या पास का, चाहे आप बच्चे हो या बड़े, ये स्टेप्स सब पे काम करते हैं। जब मैं सिर्फ पंद्रह साल का था, तभी मुझे चश्मे लग गए थे और मुझे बिना चश्मे के कुछ भी नहीं दिखता था, न ही क्लासरूम में ब्लैकबोर्ड और न ही टीवी में क्रिकेट का आज इस वीडियो में मैं आपको वो पांचों स्टेप्स बताऊंगा, जिसको फॉलो करके मैंने अपनी आँखों को नैचुरली ठीक किया। तो इस वीडियो को ध्यान से देखिएगा, क्योंकि अगर आज आपने इस वीडियो को ध्यान से देख लिया, तो आप ज़िंदगी भर सब कुछ ध्यान से देख पाएंगे। तो चलिए बढ़ते हैं अपने पहले इन एक्सरसाइजेस को करने के लिए आपको केवल 10 मिनट चाहिए। आप इन्हें कहीं भी कर सकते हैं, कमरे में, पार्क में, वरांडा में, कहीं भी। याद रहे कि इन्हें करने के पहले अपना चश्मा या लेंसेस निकाल दें। सबसे पहले आँखों को 10 बार ऊपर-नीचे करें, जितना ऊपर जा सकता है उतना जाइए और जितना नीच और राइट की तरफ लेके जाइए कुछ इस तरह। उसके बाद 10 बार आँखों को डायगनली टॉप राइट और फिर बॉटम लेफ्ट लेके जाइए और फिर वही चीज ओपोजिट डायरेक्शन में डायगनली टॉप लेफ्ट से बॉटम राइट। फिर आँखों को 10 बार क्लॉक वाइज रोटेट करें और फिर 10 बार एंटी क्लॉक वाइज। तो अब हम भरेंगे सबसे जरूरी एक्सरसाइज पर और वो है आई पुशअप्स। अपने अंगूठे को नाक के पास अपने दोनों आँखों के बीच में रखें और अपने नाखून के ऊपरी हिस्से को देखें। फिर धीरे-धीरे बिना फोकस हटाए अपने हाथ को स्ट्रेच करें और अंगूठे को दूर ले जाएं। इस दौरान अपना पूरा फोकस अंगूठे के टिप पर ही रखें। जैसे ही अंगूठा एकदम दूर चले जाए, तब सारा फोकस अंगूठे के पीछे वाली चीज़ पर ले जाएं। फिर वापस अंगूठे के टिप पर फोकस करें और उसे अपनी नाक की ओर लाएं। ये एक्सरसाइज को हम कहते हैं आई पुशअप्स और इसे 10 बार करना है। आख आप शायद सोचे, इतनी सारी एक्सरसाइजेस में याद कैसे रखूँगा? आप चिंता ना करें, आप ये सारी एक्सरसाइजेस हमारे साथ कर सकते हैं। हमने एक और वीडियो बनाया है, जिसको आप YouTube पे Eye Exercises सात्विक मूवमेंट के नाम से सर्च कर सकते हैं। फिर बस इंस्ट्रक्शन चलती जाएगी और आपको साथ में फॉलो करना है। ये Eye बेस्ट है अगर आप इन्हें अपनी मॉर्निंग एक्सरसाइज के तुरंत बाद करें। देखिए, आपकी आँखों में भी मसल्स होते हैं। बिना एक्सरसाइज के कोई भी मसल कमजोर होने लगती है, आँखों के भी। लेकिन ये सब एक्सरसाइज करके आप अपनी आँखों की मसल को स्ट्रांग बना रहे हो। जल्द ही वो इतनी स्ट्रांग बन जाए संगेजिंग का मतलब सूर्य को करीब पांच मिनट के लिए देखना। अगर आप चश्मे या लेंसेस पहनते हो, तो उन्हें पहले निकाल दीजिए और फिर सूर्यदेव को देखें। जैसे आप टीवी का दर्शन करते हैं, अब वैसे ही सूर्य का दर्शन करना है। अगर आपको बीच में ब्लिंक करना पड़े, तो आप ब्लिंक भी कर सकते हैं। और धीरे-धीरे इसे पांच मिनट तक लेके जाएं। संगेजिंग कब करनी है? सिर्फ सूर्य उदय के पहले एक घंटे के अंदर-अंदर या सनसेट, यानी सूर्यास्त के एक घंटे पहले के अंदर-अंदर। कभी भी दोपहर में या तेज धूप में संगेजिंग ना करें। संगेजिंग के दौरान सूर्य की किरणें आपकी आँखों में अब्सोर्ब हो रही करीब 30 सेकंड के लिए। इसको कहते हैं पामिंग और ये बहुत जरूरी है। इस समय आपकी आँखें सूर्य की रोशनी को ग्रहण कर रही होती हैं। ध्यान रखें कि आपको पामिंग के समय अपनी हथेलियों को आँखों से छूना या दबाना नहीं, सिर्फ ढकना है। क्या आपको पता है कि सूर्य माँ प्रकृति के दिए सबसे शक्तिश जिसका नाम है चक्षुपनिशद। इसमें सूर्यदेव को ही हमारी आँखों का डॉक्टर कहा गया है। आईए अब बढ़ते हैं हम अपने अगले स्टेप पर और वो है खीरे के आईपैक्स। बहुत आसान है। एक खीरे को इस सरग हिस आपकी आंखें ठंडी हो जाती हैं और आसपास का एरिया गरम रहता है। जब भी भी एक जगह पे दो तापमान मेंटेन होते हैं, वहाँ ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ जाता है। जहाँ ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, वहाँ हीलिंग यानी इलाज खुद बखुद शुरू हो जाता है। पंद्रह मिनट बाद अब खीरे को निकाल दें। ये आ जब हमारा ज्यादातर काम और बच्चों की ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन शिफ्ट हो गई है, जिसकी वजह से हमारी आँखों को कभी आराम ही नहीं मिल पाता, ऐसे में ये क्यूकम्बर आईपैक्स हमारे आँखों को आराम देने के लिए सबसे अच्छी चीज़ है। कब और कितनी बार आईपैक यूज़ करें? रोज कम से कम एक बार। आप इस 15 मिनट के लिए ले लीजिए। अच्छा हाँ, एक और बात। इसके लिए खीरा सबसे आसान है, लेकिन आप ये पैक दूसरी सब्जियों से भी कर सकते हैं, जैसे कि सफेद पेठा, यानी ऐशगार्ड, लौकी या आलू। ये सब आँखों को ठंडक पहुँचाने के लिए बहुत अच्छे हैं। तो चलिए, अब बढ़ते हैं हम अपने चौथे स्टेप सुबह आंख खुलते ही हम अपने मैसेजेस चेक करते हैं, फिर दिन भर लैपटॉप पर काम करते रहते हैं और रात को अपना फेवरेट टीवी शो या मूवी देखते हैं। चाहे काम हो या एंटरटेनमेंट, हमारी आंखें एक स्क्रीन से दूसरे स्क्रीन के पीछे पड़ी रहती हैं। आज कई स्टडीज साबित कर रही हैं कि स्क्रीन्स से न इसी कारण एक ऐसा स्केड्यूल बनाएं जहां आप रात के 9 बजे के बाद कोई भी स्क्रीन न देखें, ना लैपटॉप की स्क्रीन, ना टीवी की स्क्रीन और ना ही मोबाइल की स्क्रीन। ऐसे करने से आपके आँखों को तो आराम मिलेगा ही, आपको नींद भी बहुत अच्छी आने लगेगी। अगर आप रात रात को भी स्क्रीन देखते रहेंगे तो हर आधे घंटे में ब्रेक लीजिए और अपनी आँखों को 20 सेकंड के लिए ब्लिंक कीजिए। चलिए, अब बढ़ते हैं हमारे आखरी स्टेप पे, जिसे हमारे पूर्वज हजारों साल से इस्तेमाल करते आए हैं त्राटक क्रिया। त्राटक क्रिया एक योगिक प्रैक्टिस है, जो हमारी आँखें और मन दोनों को तेज बनाती है। इसे करने के उसे ऐसी हाइट पर रखिए कि जब आप बैठें, तो वो आपकी दृष्टि के एकदम सामने हो, ऊपर या नीचे नहीं, बिल्कुल आई लेवल पर। अपनी पीठ को सीधा रखते हुए एक कंफर्टेबल पोजीशन में बैठ जाएं और अपनी दृश्य को ज्योति, यानी फ्लेम की टिप पर फोकस करें। ध्यान रखें कि आप अपने चश्मे या कांटेक्ट ल आप पलके जफकाना चाहते हैं तो जफका सकते हैं, लेकिन इसमें कोशिश करें कि जितनी देर बिना जफकाए रह सकते हैं, उतनी देर बिना जफकाए रहिए. आप देखेंगे कि आपकी आँखों मेंसे पानी बहने लगेगा, पर टेंशन ना लें. हम अपनी आँखों को टच या रब ना करें। जैसे हम संगेजिंग के बाद पामिंग करते हैं, ठीक उसी तरह थ्राटक के बाद भी हमें पामिंग करना है। इस समय शायद आपको कैंडल या दिया की तस्वीर अपने बंद आँखों के सामने नजर आए, तो जितना देर हो सके, उतनी देर तक आप उसे देखें। इस क्रिया को सात मिनट तक र तेज होती जाएगी। जो चीजें आपको बिना चश्मा के पहले नहीं दिख पा रही थी, वो दिखने लगेगी। ध्यान रखें, अपने रूम में एसी, फैन और विंडोज़ बंद करके करिए, नहीं तो फ्लेम कभी भी सीधा नहीं रहेगी। आँखों को ठीक करना तो उसका एक फायदा है, साथ ही साथ ये आपका फोकस और कंसंट्रेशन को भी क्या ये सिंपल रूटीन सच में मेरी आँखें ठीक कर पाएगा? बिल्कुल, क्योंकि प्रॉब्लम आपकी आदतों से शुरू होती है, आँखों से नहीं। अब तक आपने अपनी आँखों को एक्सरसाइज, आराम और सनलाइट नहीं दी, पर जब आप हर रोज इन पांचों स्टेप्स को फॉलो करना शुरू करेंगे, तो धीरे-धीरे आपके आँखों क किताब हो या 20 फीट दूर दुकान का बोर्ड तब कुछ साफ दिखने लगेगा। बच्चों के तो चश्मे और भी ज़्यादा जल्दी निकलते हैं। पंद्रह दिन के अंदर-अंदर दृष्टि साफ होने लगती है। अच्छा एक और बात, अगर आपको अपनी आँखों को ठीक करना है, तो चश्मे या लेंसेस का यूज़ कम करना पड़ेगा। आप ऐ अपनी खोई हुई शक्ति खुद से वापस लेने की कोशिश भी नहीं करेगी। अगर आपकी पावर माइनस थ्री या उससे कम हो, और अगर आप ये सारे स्टेप्स फॉलो कर रहे हैं, तो चश्मा पहना छोड़ दीजिए। सिर्फ ड्राइविंग करते वक्त या फिर कुछ दूसरे इम्पोर्टेंट काम के समय पहनिए। और अगर आपकी पावर ज्यादा हो, तो हम आपके साथ एक सीक्रेट शेयर करना चाहते हैं, जिसके बिना ये प्लान अधूरा है, जिसे शायद आपको किसी आई डॉक्टर ने नहीं बताया। आँतें साफ तो आँखें साफ। अब आप सोच रहे होंगे, मेरी आँतों का मेरी आँखों से क्या रिश्ता? एक बहुत ही बढ़िया बुक है, जिसका नाम है कोलन हेल्थ। इसमें हमने साफ करकर लोग अपनी बड़ी से बड़ी आंखों की प्रॉब्लम्स को भी ठीक किए हैं। तो आंखों को कैसे साफ रखें? इन पांच स्टेप्स के साथ-साथ सात्विक भोजन भी अपनाएं। उसके लिए हमारे चैनल पे ये वीडियो जरूर देखें। इसमें आप सीखेंगे कि सात्विक भोजन क्या होता है और आपका डाइट प्लान क्या होना चाहिए सभी के साथ शेयर करें, जिनको आज चश्मे लगे हैं, ताकि वो भी अपनी आँखें naturally ठीक कर पाएं।










