डायबिटीज़ खतम करने के 5 स्टेप | Reverse Your Diabetes in 5 Steps

Samaira Banga presents five steps to reverse diabetes through diet and lifestyle changes. The video features personal success stories with improved blood glucose and HbA1c levels, claims diabetes can be reversed in weeks, and attributes the condition to diet and toxins rather than genetics.
Chapters
क्या आप डायबिटीज के दवाई खाके परेशान हैं? क्या आपको बोला गया है कि ये दवाई आपको जिंदगी भर लेनी पड़ेगी? क्या आपको डायबिटीज के कारण और भी दूसरी बीमारियाँ हो रही हैं और साथ-साथ में आपका वजन भी भर रहा है? अगर इनमें से एक भी सवाल का जवाब हाँ है, तो इस वीडियो को एंड तक जर 21 दिन में अपने डायबिटीज को पूरी तरह खत्म कर सकते हो।
हमें पता है कि अब आप यही सोच रहे होंगे कि डायबिटीज खत्म थोड़ी होती है? हमने तो यही सुना है ना कि डायबिटीज आती है, मगर जाती नहीं। दवाइयाँ बढ़ती हैं, मगर बीमारी घटती नहीं। और यही है डायबिटीज की सबसे बड़ी गलत फहमी कि ड आज इस नॉलेज के सहारे हजारों लोग अपनी डायबिटीज़ रिवर्स कर चुके हैं। आइए उनसे मिलते हैं।
क्या आपकी सुगर लेवल होती थी? 350 से 400। अच्छा, और अभी कितना होता है जी? अभी खाने के पहले 100, खाने के बाद 145। So my HbA1c was around 6.1 and now if you look at my figures it is 5.5 so it is reversed which is Again a miracle.
Now the mindset of general people or myself was that diabetes cannot be cured without medicine.
No, you can reverse this.
मैं thirty three years से I was taking four injections in a day और साथ में सब रंग की गोलियाँ खा रही थी। मुझे कभी किसी ने ये नहीं कहा था कि आप ठीक हो सकते हो, आपके टीके छूट सकते हैं। और जो जो आपने बताया, follow करने शुरू कर दिया। उसके बाद धीरे-धीरे, धीरे-धीरे, धीरे सब कुछ change होता गया। अब मुझे दाते हुए खुशी हो रही है कि सारी की सारी दोइयाँ छोड़ चुकी हूँ। I had diabetes, I had BP, I had psoriasis, I had severe acidity, hemoglobin issues. I did everything like for four months properly for four months. I was Shock. The doctor was also shocked. Your fasting sugar has never come down to once from 160, 180, and by end of the four months, मेरे ये छः के छः problems चले गए। I remember in a day I used to eat around say only eight to nine tablets that I was put on. Then when I checked my blood sugar level, that number was 338. It had drastically come down in matter of say you know like less than a month. My fasting was 78. And and my you know like post fasting was 126. None other, to be very honest, none other you know like lifestyle or any diet or any of the concept had worked for me and and it only wonders to me.
आप सोच रहे होंगे ये आखरी वाला स्टोरी किसका है? ये स्टोरी है आपका। आप भी इस बीमारी को अपनी बॉडी में से हमेशा हमेशा के लिए बाहर निकालकर स्क्रीन के उस तरफ से स्क्रीन के इस तरफ आ सकते हैं और अपनी हीलिंग स्टोरी पूरी दुनिया को सुना सकते हैं। आप सोचिए, अगर अभी आपकी डायबिटीज़ आज खत्म हो जाती है, तो आपको हर हफ्ते डॉक्टर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, दवाइयों पे, टेस्ट्स पे पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे। अगर आपका कोई ये डर हमेशा के लिए निकल जाएगा। डायबिटीज़ की दूसरी सबसे बड़ी गलतफहमी, डायबिटीज़ तो जेनेटिक है, डायबिटीज़ तो हमारी किस्मत में ही लिखी है, हमारे पेरेंट्स को है, उनके पेरेंट्स को थी, हमें कैसे नहीं होगी? हम आपको बताना चाहते हैं, ये बिल्कुल झूठ है। आपके जीन्स आपकी डायब आपका फूड और लाइफस्टाइल, जो आप खाना खाते हो, वो डिसाइड करता है ये जीन्स आपके बॉडी में कैसे रिएक्ट करेंगे। बीमारी जीन से नहीं, हमारी किचन से आती है। अगर एक बच्चे और उनके माता-पिता का खाना सेम है, जाहिर सी बात है कि उनकी बीमारियाँ भी सेम होगी। तो अगर जीन्स डायबिटीज़ का इस द अक्यूमुलेशन ऑफ़ टॉक्सिन्स इनसाइड द बॉडी। शरीर के अंदर गंदगी का रुकना ही डायबिटीज़ का जड़ कारण है। अगर आप सचमुच में डायबिटीज़ को खत्म करना चाहते हो, तो यही एक अकेला तरीका है: जड़ कारण को मिटाना, गंदगी को अंदर से हटाना। जब हम ऐसा खाना खाते हैं, जो हमें माँ प्रकृत बिस्किट्स, नमकीन, चाय, बॉटल बंद, टब्बा बंद, बासी खाना, उसे पहचाना और बाहर निकालना बॉडी के लिए बहुत मुश्किल होता है। वो हमारे इंटेस्टाइन्स की दीवारों पे जाके चिपक जाता है और मोटी लेयर बना लेता है। इंटेस्टाइन की दीवारों पे जो भी लगा होता है, इंटेस्टाइन्स उसको अब्स और पूरे शरीर में गंदगी ही भेजेगी। फिर वो गंदगी हमारे पैंक्रियास के डप्स में जाके उसके काम को डिस्टर्ब करती है। पैंक्रियास सही मातरा में इंसुलिन जेनरेट नहीं कर पाता और उसको हम कह देते हैं डाइबीटीज। तो जब हम इस गंदगी को साफ करेंगे, इन टॉक्सिन्स को बाहर फैकेंगे, तो डाइबीटीज चाहे वो कितनी भी पुरानी क्यों न हो, आपने जो इतने सारे लोगों की हीलिंग स्टोरी सुनी, उन्होंने क्या किया? उन्होंने अपने जीन्स तो नहीं बदले, लेकिन फिर भी उनकी डायबिटीज़ रिवर्स हो गई। कैसे? इस गंदगी को बाहर फेंक के, शरीर को अंदर से साफ करके। याद रखें, जो शरीर अंदर से साफ है, उसमें डायबिटीज हो ही नहीं सकती। आपको लगेगा इतना सिंपल कैसे हो सकता है? हमने तो पूरी जिंदगी धक्के खाए हैं, और आप कह रहे हो कि सिर्फ शरीर साफ करके डायबिटीज खत्म हो जाएगी? हाँ, है ये साइंस सिंपल, क्योंकि ये सच है। सच्चाई कभी मुश्किल नहीं होती। ये सिंपल है, तभी तो आज ये हजारों लोग एक-एक करके डिटेल में समझाएंगे। इस चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें ताकि आपको हमारे आने वाली नई वीडियोस के अपडेट्स मिलते रहें। तो आज के बाद अपने जीन्स को एक्सयूज़ नहीं बनाना, अपनी बॉडी के अंदर जमी गंदगी को बाहर निकालना। डायबिटीज़ की तीसरी गलतफहमी: डायबिटीज़ तो मामूली क्या आपको पता है जिस दिन से आपको डायबिटीज़ डिटेक्ट हुई, उस दिन से आपकी लाइफ में काउंटडाउन चल रहा है। ये काउंटडाउन शायद आपको अभी न दिखे, पर जब तक ये दिखता है, हमारी ज़िंदगी हमारे हाथों से निकल चुकी होती है। ये काउंटडाउन है हार्ट डिजीज़ और स्ट्रोक का, ये काउंटडाउन है एम्प तो वो जल्दी ही हमारे आँखों से रोशनी, पैरों से जान और दिमाग से चैन छीन लेगी। क्या आपको पता है हर साल इंडिया में 40 हजार डायबिटिक्स के पैर अम्प्यूटेट किए जाते हैं? ये 40 हजार जन भी तो एक दिन ऐसा ही सोचते थे कि हमें तो कुछ नहीं होगा। हम आपको डराना नहीं चाहते, बस सच्चाई दिखाना हम सोचते हैं हम तो मेडिसिन खा रहे हैं, हम तो सेफ हैं। आपको क्या लगता है वो 40,000 लोग मेडिसिन नहीं खाते थे? अफ़कॉस खाते थे। उनकी भी मेडिसिन छोटी सी शुरू हुई थी, लेकिन हर साल भरती ही जाती थी और बिमारी कभी कम नहीं होती थी क्योंकि मेडिसिन कभी बिमारी को जर्से नहीं हटाती। दवाईया आर्टिफ तो इससे पहले डायबिटीज़ आपकी लाइफ की एक्सपायरी डेट लिखे, आप अपनी लाइफ से डायबिटीज़ की एक्सपायरी डेट लिख दीजिए। आगे मर्जी आपकी है। अगर आपको डायबिटीज़ रिवर्स करनी है, अपने जीवन के 10-15 साल वापस लाने हैं, तो इस वीडियो के सेकंड पार्ट को जरूर देखिए। लेकिन अगर आप रिवर आगे तभी देखें अगर आप सचमुच अपनी डायबिटीज़ रिवर्स करने के लिए कमिटेड हैं।
अब हम बढ़ते हैं डायबिटीज़ रिवर्सल प्लान पे। इसके पांच स्टेप्स हैं। एक-एक करके हम सारे स्टेप्स डिस्कस करेंगे। याद रखें ये स्टेप्स सात्विक लाइफस्टाइल से अलग नहीं हैं। इस लाइफस्टाइल को फॉलो करके डाय आइए पहले स्टेप पे बढ़ते हैं और वो है 16 आवर फास्टिंग यानी 16 घंटे उपवास। हम्म, but डायबिटीज़ में उपवास? हम तो आज तक यही सुनते आए हैं ना कि डायबिटीज़ में हर दो घंटे खाओ, पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा खाते रहो, क्योंकि खाते नहीं रहेंगे तो शुगर लेवल मेंटेन कैसे रहेगी? ये गलत मेंटेन रखना है तो मत करो फास्टिंग। लेकिन अगर आपको डायबिटीज़ रिवर्स करनी है, तो वो फास्टिंग के बिना नहीं हो सकती। लेकिन आप बिल्कुल चिंता मत कीजिएगा। हम आपको फास्टिंग का ऐसा तरीका बताएंगे जो डायबेटिक्स के लिए बहुत ग्रैजुअल, बहुत सेफ और बहुत इजी भी होता है। आइए पहले समझत आजकल हमारी आदत है हर दो घंटे में कुछ ना कुछ खाते रहने की, रात रात तक कुछ ना कुछ खाते रहने की, दिन में छः सात बार कुछ ना कुछ खाते रहने की। जब अब हमेशा ही खाते रहते हैं, तो शरीर 24 घंटे क्या करता है? खाने को पचाता रहता है, और उसे सफाई का समय ही नहीं मिलता। याद रखें, बॉडी में क्ल ये दो साथ में चल ही नहीं सकते। जब आप digestion को चालू करेंगे, तो सफाई बंद हो जाएगी। जब आप digestion को बंद करेंगे, जब आप उपवास करेंगे, तो सफाई शुरू हो जाएगी। आप सोचिए, एक road है, जिसपे दिन रात गाड़ियाँ चल रही हैं। Road के बीच में यदि कुछ repair work करना है, तो पहले क्या करना होगा? गाड़ियों को रोज थोड़ी द ऐसा तो नहीं हो सकता ना कि गाड़ियाँ चलती भी जाएं और रिपेयर वर्क भी हो जाए। दित्तो सेम आपकी बॉडी के अंदर है। अगर आपकी बॉडी में रिपेयर वर्क करना है, तो गाड़ियों को, यानी खाने को रोज थोड़ी-थोड़ी देर रोकना होगा। और इसको हम करते हैं 16 घंटे उपवास के जरिए। अगर आप डिनर 11 बजे आप अपने दिन का पहला सॉलिड मील लीजिए। तो बेसिकली आप दिन में 16 घंटे उपवास कर रहे हैं और 8 घंटों के अंदर-अंदर खा रहे हैं। आप सुबह 11 बजे से पहले लिक्विड्स ले सकते हैं। लिक्विड्स में पानी या सब्जियों का जूस ले सकते हैं, लेकिन फलों का जूस, चाय, कॉफी, दूध बिल्कुल नही बेल पत्र के साथ सफेद पेठा कुछ ऐसा दिखता है इसको आशकार्ड भी कहते हैं ये बहार से ग्रीन और अंदर से वाइट होता है इसका छिलका और बीच निकालना बहुत जरूरी है वर्ना आपका जूस कड़वा टेस्ट करेगा और घुट घुट घुट घुट सुबह पी लीजिए। बेल पत्र वो होता है जो भगवान शंकर को चराते हैं। ये डायबिटीज़ के लिए बहुत फायदेमंद है। सफेद पेठा आपको किसी भी सब्जी वाले के पास मिल जाएगा। नहीं मिले तो चिंता नहीं। आप किसी भी दूसरी सब्जी का जूस ले सकते हैं। घिए का जूस, खीरे का जूस और ब चलिए अब 16 घंटे उपवास पे वापस आ जाते हैं। आपको दिन में कौन से 16 घंटे उपवास करना है, वो आपकी मर्जी। लेकिन आप डिनर जितना जल्दी खाएंगे, आपकी हीलिंग उतनी फास्ट होगी। हम सजेस्ट करते हैं कि आप डिनर शाम को 6 बजे खा लीजिए और अगले दिन सुबह 10 बजे अपना फास्ट तोड़ें। 6 नहीं का सूर्य से बहुत स्ट्रॉंग कनेक्शन है। जैसे-जैसे सूर्य घटने लगता है, वैसे-वैसे आपकी डाइजेस्टिव फायर कम होने लगती है। तो जितना जल्दी खाओगे, उतनी जटहरग्नि अच्छी होगी। मैं जानती हूँ आप में से बहुत लोग रात को लेट घर आते हैं, या फिर आपके घर पे जल्दी खाना बनता ही नही कौन लेगा? कम्प्लेन करने की जगह उसको बदलने पे शक्ति लगाइए। अब समझते हैं कि 16 घंटे उपवास से आपको फायदा क्या-क्या होता है। अगर आपका डिनर हल्का है, तो 6 घंटे में डाइजेस्ट हो जाएगा और अगले 10 घंटे आपके क्लीनिंग आवर्स होंगे, यानी सफाई के घंटे। इस समय आपके पैनक्रियाज़ में जो पैंक्रियास रीजेनरेट होता है। शरीर में और कहीं भी गंदगी या बीमारी पड़ी हो, तो वो निकलती है। एक्सेस वेट है, तो वो कम होता है। उपवास दुनिया की किसी भी दवाई से ज़्यादा पावरफुल है। आजकल इसके बारे में इतनी सारी साइंटिफिक स्टडीज़ पब्लिश करी जा रही हैं। आजकल हम इसको इंटरमिट लेकिन सच तो ये है कि जो आज नया लग रहा है, वो already हमारे वेदों में हजारों साल पहले दिया हुआ है। हमारे पूर्वज तो ऐसे ही जीते थे। हर शास्त्र हमें बताता है, लंगनम परम औषधम, यानी fasting is the best medicine। अब आप शायद सोचें, लेकिन मैं fasting करूँगा तो मेरी sugar low हो जाएगी, मुझे चक्कर आने लगेंगे। एनर्जी डिप हो जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो अपने साथ थोड़ा गुड साथ रखिए। और जब भी फील होता है कि फास्टिंग के दौरान शुगर ड्रॉप हो रही है, एक छोटा चम्मच गुड का खा लीजिए। लेकिन धीरे-धीरे दो हफ्तों के अंदर-अंदर, जैसे-जैसे आपकी बॉडी रिपेयर होती है, दवाई कम होती है, ये प्र शुरू शुरू में अडजस्ट करने में थोड़ा टाइम लगता है लेकिन फिर सारी तकलीफे दूर हो जाती है और इसमें सचमुच में बहुत मजा आने लगता है चलिए अब आगे बढ़ते हैं दूसरी चीज जो आपको शुरू करनी है वो है एनेमा आपको पता है डाइबिटीज की शुरुवात कहां होती है आपकी इंटेस्टाइन्स में, आ सबसे पहले गंदगी आपकी इंटेस्टाइन्स में जमनी शुरू होती है और वहाँ से पैंक्रियास तक पहुँचती है अगर आपको आज डाइबिटीज है तो अंदर गंदगी जमी है ये गंदगी आती कहां से है? जैसा हमने पहले समझा ये भी सालों साल तक हमारी इंटेस्टाइन्स में जमी पड़ी रहती हैं। तो हमें इस गंदगी की हार्ड कोटिंग को मेल्ट करना है। कैसे? एनेमा लेके। एनेमा एक ऐसा प्रोसेस है जो आप खुद ले सकते हैं। आपको किसी और की जरूरत नहीं। इसको पहले पानी से धो लें और फिर एनेमा पॉट में 300 से 500 ml साफ पानी भर फिर इसको किसी ऊंचे शेल्फ पर रख लें। आपकी कमर से ऊंचा होना चाहिए। जमीन पे कोई मैट बचा लीजिए और फिर अपने घुटनों के बल उल्टा लेट जाइए और पाइप को सिर्फ दो इंच डक्टम के अंदर डाल लें। एक हाथ से पाइप को पकड़े रखें ताकि वो बाहर ना गिरे। जल्दी ही पानी एनिमा पॉट से खाली होकर आपकी इं करीब पांच सात मिनट, बीच में थोड़ी वॉक कर ले, अपने पेट की मसाज करते रहिए। इस दौरान अंदर जो पानी है, वो आपके आंतों में जो भी गंदगी है, पोइजन है, उसको बाहर निकालने के लिए खींच रहा है। जब आपको बाथरूम जाने का प्रेशर हो, तो बाथरूम जाइए और आप देखकर सरप्राइज रह जाएंगे कि अंदर इस पूरे प्रोसेस को करने में सिर्फ दस मिनट लगते हैं। हो सकता है कि आपको लगे इसमें तो बहुत दर्द होता होगा, but ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसमें दूर-दूर तक पेन का कोई सवाल नहीं है। ये बिल्कुल सेफ है। अनसेफ तो ये है कि वो हम वो सारी टॉक्सिन्स गंदगी को लेके सारा दिन घूमते रहते हैं। हो स ज़्यादा सोचिए मत क्या होगा कैसे होगा बस एक बार ट्राई कीजिए फिर आपको ये बिल्कुल नॉर्मल लगने लगेगा कुछ लोग पूछते हैं एनिमा में ये मिला लूँ वो मिला लूँ कॉफी मिला लूँ साबुन मिला लूँ कुछ नहीं सिर्फ सादा पानी एनिमा कब लेना है सुबह के टाइम नैचुरल मोशन के बाद अगर नैचुरल मो एनिमा कब तक लेना है? ये बहुत इम्पोर्टेंट पॉइंट है। अपना डायबिटीज़ रिवर्सल प्लान शुरू करने के तीन हफ्ते तक रोज सुबह एनिमा लेना है। तीन हफ्तों के बाद रोज नहीं लेना, सिर्फ हफ्ते में एक बार या जरूरत पड़ने पर लेना है। चिंता मत कीजिए, इसकी आदत नहीं पड़ेगी। आप सोचेंगे, क्या तो चलेगा क्या? देखिए, अगर आपको सच में डायबिटीज़ रिवर्स करनी है, तो आप कोई चीज़ स्किप ना कीजिए। एनिमा के बिना हीलिंग इनकम्पलीट है। आपके लिए इजी करने के लिए हमने एनिमा पॉट को अपनी वेबसाइट पे अवेलेबल किया है सात्विकमूवमेंट.डॉट ओरजी। चाहे तो आप वहाँ से भी आर्डर कर सकते है ठंडी पट्टी क्या होती है ये ठंडी पट्टी और हमें क्या करना है? एक व्हाइट कॉटन का कपड़ा लीजिए, इसको लंबी पट्टी में फोल्ड कर ले, करीब 10 इंच चौड़ी। फिर इसको ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ ले। पानी उतना ठंडा होना चाहिए जितना आप आसानी से सहन कर सकें। पट्टी को पेट के चारों ओर इस तरह ल आपकी नाभि इस पट्टी के बीच में रहनी चाहिए। तो ये पट्टी डायरेक्टली आपके पैंक्रियास के ऊपर लगती है। एक और छोटी पट्टी ले, करीब दो इंच चौड़ी, ठंडे पानी में भिगोकर अपने गले पे लपेट ले। एक और छोटी पट्टी ले, पानी में भिगोकर इसे अपने माथे पे लपेट ले। इसको 30 से 40 मिनट तक लगाके इसको आप दिन में कभी भी लगा सकते हैं बस जब ये लगी हो उस समय कुछ खाना पीना नहीं है जब आप अपना डाइबिटीज रिवर्सल प्लान फॉलो करना शुरू करते हैं पहले तीन महीने इसको रोज दो बार लगाना है एक बार सुबा और एक बार शाम आप पत्ते की उपर अपने कपड़े पहनकर अपना कोई भी दूसरा काम कर सकते हैं तीन बहुत सर्दी के महीनों में पट्टी नहीं लगानी है। उस समय इसको छोड़ दे, बाकी सारे स्टेप्स फॉलो करें और तीनों पट्टियों को हमेशा साथ में लगाएं। पट्टी के दो सबसे बड़े फायदे पहला पट्टी लगाने से शरीर में दो टेम्परेचर मेंटेन होते हैं। जहाँ पट्टी लगाई है वो हिस्सा बाकी शरीर से ठंडा हो जात जब ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, तो अंगों के आसपास जो भी गंदगी है, वो अपनी जगह छोड़ने लगती है। दूसरा बड़ा बेनिफिट, इसको लगाने से आपके पैनक्रियास की काम करने की क्षमता, यानी एफिशिएंसी बढ़ती है। पहले जो वो इंसुलिन नहीं जेनरेट कर पाता था, अब वो धीरे-धीरे करने लगेगा। देख इससे कैसे मेरी डायबिटीज ठीक होगी? लेकिन एक्चुअली पट्टी एक बहुत मैजिकल चीज है। इस प्रोसेस को आपके लिए इजी करने के लिए हमने पट्टी भी अपनी वेबसाइट पे अवेलेबल की है। आप वहाँ से डायरेक्टली इसको आर्डर कर सकते हैं। अब आते हैं अपने डायबिटीज रिवर्सल प्लान के फोर्थ स्टेप पे, और वो ह लेकिन पहले कुछ फूड प्रिंसिपल्स को समझना जरूरी है। डायबिटीज़ रिवर्स करने के लिए आपके फूड में चार क्वालिटीज़ होनी चाहिए, और ये चार क्वालिटीज़ हैं L W P W। L यानि कि लिविंग फूड, ऐसा खाना खाओ जिसमें लाइफ हो, जिसमें जान हो, जैसे कि वेजिटेबल्स, फ्रूट्स, स्प्राउट्स, ग्रेन्स, मरा ह और वो कमजोर हो जाता है। W यानी wholesome खाने को उसी रूप में खाइए जिस रूप में माँ प्रकृति आपको देती है। White rice, बिना चोकर का आटा, चीनी, मैदा, सूजी ये सब refined food हैं। देखिए जो white rice है उसका छिलका निकाला हुआ है, उसमें fiber नहीं है। Fiber निकल जाएगा तो body में जल्दी sugar absorb होगी। Diabetes बढ़ेगी ही बढ़ेगी। इसकी जगह होलसम फूड खाएं, ब्राउन राइस और चोकर सहित आटा। पी यानी प्लांट बेस्ड ऐसा कोई खाना नहीं खाना जो जानवरों से आता हो, मांस, मछली, अंडे, दूध या दूध से बनी चीजें। वो खाना है जो पेड़ पौधों से आता हो। दूध और दूध से बनी चीजें पचाने में बहुत मुश्किल ह W Water Rich यानि ज्यादा से ज्यादा ऐसा खाना खाना हो जिसमें रस से हो, जो पानी से भरा हो एक हीरे को जूसर में डाल के देखिए कितना जूस बनेगा क्या कभी ब्रेट को डाल के जूस बनेगा? नहीं क्योंकि उसमें कोई पानी सुबह का डीटॉक्स जूस, नाश्ता, लंच और डिनर। आइए सुबह के डीटॉक्स जूस से शुरुआत करते हैं, जिसे आप सुबह उठने की थोड़ी देर बाद ले सकते हैं। इसमें हम आपको सजेस्ट करते हैं सफेद पेठे का जूस, उसमें बेल पत्र मिला के। इसके बारे में हमने पहले बात कर ली है। वो ना मिले तो कोई बात नहीं, क कोई मीठा फलों का जूस नहीं लेना। In fact, शुरू के तीन महीने जब आप अपने diabetes reversal plan start करते हो, ज़्यादा नारियल पानी भी avoid करें। हफ्ते में एक बार लेते हो तो चलेगा। बाद में जब आपकी sugar level normal आने लगती है, फिर आप नारियल पानी ले सकते हैं। जो India से बाहर रहते हैं, वो celery का juice ले सकते हैं। एक बात का ध्यान रखिएगा जूस पीने के लगभग डेढ़ दो घंटे तक कुछ ना खाएं, ताकि इस जूस शरीर में आपका सफाई अच्छे से कर पाए। कुछ खाएंगे तो सफाई रुक जाएगी। लगभग 10 बजे नाश्ते में आप एक प्लेट मौसम के फल लीजिए। अब एक इम्पोर्टेंट क्वेश्चन है, डायबिटीज़ में कौन से फल खा सकते हैं? याद रखें कि आपको वो फल आम, चीकू, केला, अंगूर ये सारे फ्रूट ना लें ये खाएंगे तो शुगर बड़ेगी आपको वो फल खाने हैं जिसमें मिठास कम होती है जैसे की पपीता, सेब, नाशपाती, जामुन, चेरी, स्ट्रॉबरी, आलू बुखारा, ग लेकिन उससे संतुष्टि ना मिले तो दो-तीन फल साथ मिला के ले लीजिए। कोई बात नहीं, हमेशा वो फल खाएं जो आपके देश में उगते हैं और मौसम का है। Always eat seasonal and regional. Seasonal फल हमेशा सस्ते भी होते हैं। फिर lunch में salad या soup लीजिए। Salad कैसे बनाना है? बहुत आसान है। Salad में पांच ingredients होने चाहिए। उनमें से तीन ऐसे होंगे जो रोज सेम रहेंगे धनिया, टमाटर और नारियल की घिरी बाकी दो इंग्रीडियंट्स में आप कोई भी दूग मौसम की सबजी बदल बदल के ले सकते हैं कभी गोबी और शम्या मिर्च ले ली तो कभी गा रोज थोड़े चेंज के लिए आप सैलेड में कभी पिकोए हुए बदाम डाल सकते हैं, तो कभी स्प्राउटेड दाल, तो कभी वेजिटेबल किस प्राउट डाल लिए? ये सैलेड बहुत ही स्वादिष्ट होता है, लेकिन सैलेड में कोई मिर्च मसाला नमक नींबू ये अवॉइड करें। जब बहुत सर्दी का मौसम हो, तो शायद आपके लिए सैलेड खाना आप लंच में सूप या स्टीम्ड वेजिटेबल्स ले सकते हैं। हमने आपके लिए कुछ बहुत ही टेस्टी रेसिपीज़ डेवलप करी हैं, जो इन चारों प्रिंसिपल्स को मीट करती हैं। आप ये बुक हमारी वेबसाइट से आर्डर कर सकते हैं। जब आप लंच में अनाज छोड़कर सिर्फ सुपर सैलेड खाने लगेंगे, तो आप बहुत हल्का फील क और बिना दवाइयों के अपनी रीडिंग्स कंट्रोल में आते हुए देखेंगे, तो वापस मुड़ने का मन ही नहीं करेगा। हाँ, अगर आपको तला हुआ मिर्च मसालों वाला खाना खाने की आदत है, तो शुरू-शुरू में इसको एडाप्ट करने में थोड़ा टाइम जरूर लगेगा, लेकिन फिर ये आपकी आदत बन जाएगी। फिर डिनर शाम को कोई भी एक अनाज, रोटी या चावल बहुत सारी सबजी के साथ हमें खास तरह की चपाती सजेस्ट करते हैं ये पूरी तरह गेहूं की जगा आदी गेहूं और आदी सबजी से बनती हैं आप किसी भी सबजी की चपाती बना सकते हैं तेल की बजाय हम इसमें नारियल घिसके डालते हैं और मिर्च मसालों की जगह हम इसमें ताजे पत्तियाँ डालते हैं। मैंने ये चपाती और सब्जी बनाने की पूरी विधि समझाने के लिए अलग वीडियो बनाई है। आपको इस YouTube वीडियो के नीचे दिए गए डिस्क्रिप्शन में उस वीडियो का लिंक मिल जाएगा। अगर आप चाहते ह कि आप अनाज दिन में एक ही बार ले। यदि आप एक चपाती खाते हैं, तो दो कटोरी सब्जी खाएं। यदि दो चपाती खाते हैं, तो चार कटोरी सब्जी खाएं। मतलब सब्जी ज़्यादा खाओ और अनाज कम। एक और बात, एक बार में एक ही अनाज खाएं। One grain per meal। ऐसा नहीं, दो-दो, तीन-तीन अनाज मिला के खा रहे हैं। दाल र दाल चावल की जगह सब्जी चावल खाएं मल्टीग्रेन आटा बिल्कुल बेकार प्रकृति ने हमें दिया ही नहीं राजमा चना छोला बिल्कुल नहीं खाना कम से कम तब तक जब तक आप पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते चलिए अब बस एक लास्ट और फाइनल स्टेप बचा है और वो है आउटडोर एक्सरसाइज एक्सरसाइज डायबिटीज के लिए तो धीरे-धीरे हमारे पैनक्रियास में एक्टिविटी बंद हो जाती है और वो रॉट होने लगता है। जब आप एक्सरसाइज करते हैं, तो आपका पैनक्रियास ट्विस्ट एंड टर्न होता है, स्क्वीज होता है। एक तरह से उसकी भी एक्सरसाइज हो जाती है। धीरे-धीरे वो इंसुलिन जेनरेट करना शुरू कर देता है। आपको बस दो कंडीशन हैं रोज एटलिस्ट आधा घंटा करो और एक्सरसाइज के बाद पसीना आना चाहिए ऐसा नहीं कि आपने धीरे-धीरे पार्क के तीन चक्कर लगा लिए और हम उसको एक्सरसाइज बोल दें दो और बातें ये एक्सरसाइज बाहर धूप में करो और एक्सरसाइज करते करते नाक से लंबी गहरी सांस लेते रहो ऐसा करने से आपको सनबेधिंग और प्राणायाम का बेनिफिट ऑटोमैटिकली मिल जाएगा। अगर मोटे पॉलिएस्टर या नाइलॉन के कपड़े पहनके एक्सरसाइज करोगे, तो ना धूप का फायदा मिलेगा, ना हवा का। पतले कॉटन के कपड़े पहनके करो। तो ये कंप्लीट हो गए हमारे डायबिटीज रिवर्सल के पांच स्टेप्स: फास्टिंग, एनिमा, वेट पैक जैसे ही आप पांचों स्टेप्स को साथ में फॉलो करने लगेंगे, आपका रिवर्सल शुरू हो जाएगा और रिजल्ट्स आपको आपकी मशीन बता देगी। अब हमें पता है कि आपके मन में बहुत सारे क्वेश्चंस आ रहे होंगे। आइए आपके हर क्वेश्चन का आंसर देते हैं।
पहला क्वेश्चन: मेरी डायबिटीज़ को रिवर्स होने में कितना लेकिन पूरी तरह जड़ से रिवर्स होने में तीन महीने लग जाते हैं। हो सकता है कि आप में से कुछ लोगों को इससे थोड़ा कम समय लगे, तो कुछ लोगों को थोड़ा ज्यादा समय लगे। डिपेंड करता है बीमारी कितनी पुरानी है। इसकी फिक्र ना करें। एक बहुत इम्पोर्टेंट बात: जब आप इस रास्ते पे चलना शुरू वॉमिटिंग, डायरिया, कफ आ जाए। अगर ऐसा होता है, तो समझ लीजिएगा कि आपने जो रास्ता चुना है, वो काम कर रहा है। कोल्ड, कफ, फीवर, डायरिया, वॉमिटिंग, इन सबको डीटॉक सिम्टम्स कहते हैं। ये आपकी बॉडी से उस गंदगी को निकालने के तरीके हैं। घबराना नहीं, इनको सेलिब्रेट करना है। ये क्या करना है? उस समय एक दो दिन का फुल फास्टिंग करें, पूरे दिन लिक्विज लेते रहें और सॉलिड फूड छोड़ दें. उस समय थंडी पट्टी और एनिमा तो करना ही हैं ताकि बॉड़ी और जल्दी साफ हो पाएं. दूसरा क्वेश्चन, क्या मुझे पांचो स्टेप फॉलो करने हैं या दो तीन स्टेप से भी काम बन जाएगा? देखिए, तो बेनिफिट तो जरूर मिलेगा, लेकिन फुल रिवर्स से नहीं मिलेगा। अगर आपको डायबिटीज पूरी तरह रिवर्स करनी है, तो पांचों के पांचों स्टेप्स फॉलो कीजिए। मुश्किल नहीं है। तीसरा क्वेश्चन: जब मैं कहीं बाहर जाता हूँ या ट्रेवल करता हूँ, तो कैसे फॉलो करूँगा? जब आप बाहर जाते है 70% रूटीन फॉलो कर ले। देखिए, 16-hour फास्टिंग तो ऐसी चीज़ है जो आप दुनिया के किसी भी कोने में कर सकते हैं। एनिमा तो वैसे भी आपको शुरू के सिर्फ तीन हफ्ते रोज लेना है। उसके बाद तो सिर्फ जरूरत पड़ने पर लीजिए। उन तीन हफ्तों में भी यदि आप ट्रेवल कर रहे हो, तो अपने साथ ले ज अब आती है बात फूड प्लान की। अगर आप महीने में दो-तीन दिन बाहर जाते भी हैं, तो एक सिद्धांत को पकड़ के रखिए: one grain meal a day। उसमें जो मिलता है खा लीजिए। बाकी दिन फल, सब्जियों और जूसेस पे रहिए। एक्सरसाइज इसका तरीका तो आप ढूंढ ही लोगे। अगर सनलाइट में नहीं कर सकते, तो कोई बात नहीं। हम दवाइयाँ और इंसुलिन कैसे छोड़े? देखिए, जब आप ये लाइफस्टाइल फॉलो करेंगे, तो आपके शुगर लेवल अपने आप नॉर्मल आने लगेंगे और दवाइयों और इंसुलिन की जरूरत ही खत्म होने लगेगी। क्योंकि जो काम दवाइयाँ आर्टिफिशियली कर रही थीं, वो आपके फूड और लाइफस्टाइल ने नैचुरली कर एकदम से ना छोड़े। हम रेकमेंड करते हैं कि आपके जो भी मेडिकल डॉक्टर हैं, आप उनकी सलाह लेकर ही दवाई कम करें। हम यकीन से कह सकते हैं कि अगर आपने ये प्लान रिलिजियसली फॉलो किया, तो आप मेडिसिन फ्री लाइफ और डिजीज़ फ्री लाइफ जरूर जिएंगे। जैसे ही आप इस वीडियो को बंद करेंगे, आपके और बड़े डिजीज का वेट करो या फिर जिर्दता से निष्चे लो कि मैं अपनी डाइबिटीज ख़तम करके रहूंगा कदम उठाईए इस वीडियो को प्लीज अपने आसपास के जो भी डाइबेटिक्स हैं उनको फॉरवर्ड कीजिए पोर्ट कीजिए ताकि हम माँ प्रकृति का ये ज्ञान आप तक लाते रहें।










