Asthma Fully Healed in 6 Months Without Medicine | अस्थमा मेने कैसे ख़त्म किया

Poonam Sharma from West Bengal had severe asthma and thyroid problems for years. After following a sattvic lifestyle program with juice, exercise, and diet changes, she lost 20 kg in three months, her TSH dropped from 11.68 to 0.28, and her asthma disappeared within six months. She has been inhaler-free for two years.
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मुझे तो ऐसा फील होता था कि एक-एक सांस लेना बहुत मुश्किल होता है। वो दिन मुझे याद आते हैं ना अभी बहुत तकलीफ होता है। तो मेरी तो अस्थमा से लाइफ तो पूरा एकदम बर्बाद हुई चुकी थी, मतलब ऐसा लगता था जीना बेकार है। तो फिर मैंने ऐसे इंटरनेट पर सर्च किया, एक दिन सर्च करते-करते सुबह माम की वो वीडियो मुझे दिखी, मैंने उसे बहुत अच्छा से सुना। फिर मुझे लगा नहीं करना चाहिए, एक बार करके देखना चाहिए। इतना कुछ तो किया मैंने। फर्स्ट एसगार्ड जो उससे स्टार्ट किया, तो धीरे-धीरे स्टार्ट करते हुए। उसके बाद मैंने जब इसे कंटिन्यू किया, आफ्टर सिक्स मंथ मेरे अस्थ और ना ही थायराइड की बोली ली। दो साल से मैं एक इन्हेलर तक भी नहीं ली हूँ और मैं बहुत एंजॉय कर रही हूँ लाइफ की। मेरा नाम पूनम शर्मा, from नेहाटी, West Bengal। मैं एक हाउसवाइफ हूँ। In 2005 जब मैं क्लास ट्वेल्थ में थी, तो मुझे पहली बार अस्थमा का अटैक आया, जो मेरे मम्मी पापा किसी ने समझ नहीं पाया ये क्या है क्योंकि मेरी हेरेडिटरी में तो थी नहीं हमने कभी देखा भी नहीं था कि ये क्या होता है तो मेरी हालत बहुत खराब थी सांस लेने में बहुत तकलीफ होता था और सूखी-सूखी सांस लेती थी मैं आवाज के साथ तो डॉक्टर कहा कि आपको मेडिसिन टैबलेट्स वो तो मुझे महीनों खाना पड़ता था। तब जाके मुझे सांस नॉर्मल होता था, वरना मैं बात भी नहीं कर पाती थी। रात का नींद तो मैं सो ही नहीं पाती थी। सो भी रही हूँ तो कैसे मतलब पूरा सो नहीं पा रही हूँ? मैं बैठके, बस यूँ तकिया लेकर बैठके मेरा लाइफ गुप्त रहता तो मेरा अस्थमा बहुत ज़्यादा एटैक करती है और ये इनहेलर से भी क्यों नहीं हो रहा था तो रात का समय था मेरे पास दो ही टैबलेट थे अस्थमा मतलब इनहेलर के तो वो दो टैबलेट भी मेरे पर असर नहीं कर रहे थे मैं तो मेडिसिन ले ही रही थी लेकिन वो भी असर नहीं कर रहे थे रात भर जैसे कि मेर अटलिस्ट दिया जाए सुबह मॉर्निंग का वेट हो रहा था कि इसे डॉक्टर पास ले जाए मेरी हालत बहुत ज़्यादा खराब थी मतलब इतना ज़्यादा सांस लेने में तकलीफ हो रही थी इतना तकलीफ हो रही थी कि मुझे तो ऐसा फील होता था कि एक-एक सांस लेना बहुत मुश्किल होता है वो दिन मुझे याद आते हैं ना अभी उस वक्त मुझे ऐसा लगा ना इससे अच्छा मैं मर जाती। एक-एक सांस लेना ना मेरे लिए इतना तकलीफ दे होता था ना? मम्मी कोई भी खाना बनाती थी ना तो उसके गरम करके खिलाती थी, काढ़ा पिलाती थी। वो रात मेरे लिए गुजारना बहुत मुश्किल था। तो हम देखें कि जो इसका बढ़ रहा है हार, ऐसा उसका ऐसा दिक्कत होता था हमलोग रात रात भर जगते रहते थे उसका प्रॉब्लम इतना होता था कि अब उसका प्राण निकल जाएगा इतना दिक्कत होता था सांस लेने में प्यासी थी दम ऐसे-ऐसे लेती थी लगेगा कि जब भी उसका प्राण निकल जाएगा उस रात को जब मैंने डॉक्टर को मॉर्निंग में फोन किया ना तो डॉक्टर को नहीं होता जिंदगी भर आपको इनहेलर लेना होगा तो अस्थमा के साथ साथ मुझे जब पता चला कि मुझे थायराइड है वो भी हाई थायराइड तो थायराइड की गोली भी लेना है अस्थमा की गोलियाँ तो ले ही रही थी थायराइड की भी गोली लेने लगी तो फिर ऐसा लगा कि यार अब बहुत हो गया अब ये सब मेरे ही साथ ऐसा क्य जो थायराइड भी आ गए, तो फिर मैंने ऐसे इंटरनेट पर सर्च किया। एक दिन सर्च करते-करते मुझे मिली कि थायराइड ठीक हो सकता है। सुबा मैम की वो वीडियो मुझे दिखी। मैंने उसे बहुत अच्छा से सुना, सुना फिर डाउनलोड किया। मेरी भी लाइफ कुछ ऐसी ही थी। जब मैं सिर्फ तेरह साल की थी, मुझे थायराइड की प्र ये करने में एक बार क्या जाता है तो free of cost है तो मैंने start किया next day से ही start किया first asgard juice से start किया मैं अपने छत पे जाती थी वहाँ पे संवाद लेती थी और exercise करके direct नीचे आती थी फिर उसके बाद मैं wet pack लगा लेती थी wet pack लगाने के बाद एनिमा दो घंटा बाद फिर कुछ एक fruit seasonal fruit जो भी मिल जाए ले लेती थी एप्पल हो चाहे जो भी मिल जाए फिर लंच में मैं सलाड खा लेती थी और शाम का वक्त वही सात्विक भोजन जो है after one month मुझे ना मैम वो बोलती हैं ना कि सिंटम्स आते हैं जैसे हेडेक हो रहा था बहुत बहुत हेडेक हो रहा था मैं वेट पैक लेती थी तो अच्छा हो जाता था लेकिन फिर भी मेरे को हेडेक ज़्यादा पता नहीं ये क्या हो रहा है तो हस्बैंड ही भी सपोर्ट किया हस्बैंड भी बोले कि अच्छा ऐसे ही है तो हम भी करते हैं तुम्हारे साथ में तो उन्होंने भी साथ साथ में किया जब से मैंने सात्विक लाइफस्टाइल स्टार्ट किया मेरा वेट था 77 केजी आफ्टर थ्री मंथ्स मेरा वेट आ गया 57 केजी जो कि 20 केजी कम था तो ये सोन क्या अच्छा लगता है और उसके बाद मैंने पाया after three month thyroid भी मेरा cure हो गया जो thyroid level मेरा TSH level eleven point six eight था वो घट के zero point two eight आ गया दवाई पूरी मैंने बंद कर दी उसके बाद मैंने जब इसे continue किया after six month मेरे asthma भी cure हो गए जो कि asthma के मेरे इतनी सारे inhalers लेने पड़ते थे steroid वाली वो भी मेरी बंद हो गई। तो फर्स्ट टाइम हस्बैंड ने बोला कि आपके जब अस्थमा क्यों होगी तो चलो चलते हैं दार्जिलिंग घूम के आते हैं। तो हमलोग सच में दार्जिलिंग गए और बहुत अच्छा लगा सही में इतना ऊंचा मैं चढ़ी, इतना ठंडा था वहाँ टेम्परेचर इतना डाउन था बरफ की पूरा वो हवा चल मैं बोली नहीं मुझे कुछ नहीं होगा और सही में मैं ऊपर गई और कुछ भी नहीं हुआ मुझे एक इन्हेलर मतलब कुछ भी लेने की जरूरत नहीं पड़ी मुझे दो साल हो गए मैंने ना एक भी अस्थमा की गोली ली और ना ही थायराइड की गोली ली दो साल से मैं एक इन्हेलर तक भी नहीं ली हूँ और मैं बहुत एंजॉय कर लेकिन अब वो लाइफ करती नहीं हूँ, मैं उसे एंजॉय करती हूँ और जीती हूँ, खुलकर जीती हूँ। ऐसे और इंस्पायरिंग स्टोरीज देखते रहने के लिए यहाँ क्लिक करें। और सात्विक लाइफस्टाइल के बारे में और सीखने के लिए यहाँ क्लिक करें। अभी के लिए इतना ही हम आपसे जल्द वापस मिलेंगे।










