In this Hindi‑English YouTube presentation, Samaira Banga explains why junk‑food cravings are a hidden health trap that leads to weight gain, digestive heaviness, skin problems and guilt. She argues that cravings are shaped primarily by three factors: daily water intake, personal self‑control, and especially the home environment. The core of the talk is three practical “hacks”. Hack 1 – Redesign your environment: Remove all packaged junk food from the house, either by throwing it away or donating it, and make the remaining items hard to reach. This reduces visual cues that trigger the 11 million sensory receptors that drive cravings. Hack 2 – Replace junk food with healthy homemade alternatives: She provides quick recipes for salty cravings (roasted nuts, spiced chickpeas, roasted makhana), sweet cravings (date‑peanut bites, cacao‑based bliss balls, frozen‑date ice‑cream), and beverage cravings (natural drinks using cacao powder). The replacements aim to give the same crunch or flavor satisfaction without refined flour, sugar or unhealthy oils. Hack 3 – Choose clean packaged brands using a colour‑coded label system: She teaches viewers how to read ingredient lists and classify products into Red (avoid), Yellow (occasionally okay) and Green (safe) categories. A curated “yellow‑list” of Indian clean‑brand products is shared, along with a free Sattvik app that hosts recipes and the brand list. The video ends with a call to join a workshop, download the Sattvik app, and become part of the “Sattvik movement”, emphasizing that sustainable health comes from habit redesign rather than temporary restriction.
Chapters
कि आपके साथ कभी ऐसा होता है, अचानक आपके मन में एक आवाज़ उठती है। चॉकलेट। आप कोशिश करते हो इग्नोर करने की, लेकिन वो आवाज़ और भी लाउड होती जाती है। चॉकलेट। चॉकलेट, चॉकलेट, चॉकलेट। आप खुद को कहते हो, सिर्फ एक बाइट। लेकिन फिर वो एक बाइट कब दो, तीन, पांच और फिर पूरे प माइंड ब्लोइंग हैक्स, जिनकी हेल्प से आपको अनहेल्दी फूड की क्रेविंग होना ही बंद हो जाएगी। ये क्रेविंग्स का आना कोई छोटी प्रॉब्लम नहीं, बल्कि एक डेली ट्रैप है, जो आपका वेट बढ़ाती है, स्टमक में हेवीनेस लाती है, स्किन को अनक्लियर बनाती है, और आपको रोज मन में गिल्टी फील करवाती ह आपके लिए एक सवाल सबसे बड़ा फैक्टर जो आपकी फूड क्रेविंग्स को सीक्रेटली कंट्रोल करता है वो क्या है? ऑप्शन वन आप दिनभर कितना पानी पीते हो? ऑप्शन टू आपके अंदर सेल्फ कंट्रोल कितना है? एंड ऑप्शन थ्री आपकी किचन और घर का इनवायरनमेंट कैसा है? इसका राइट आंसर मैं आपके साथ एक एग्जांप पहला स्प्राउट कर गया मगर दूसरा ग्रो ही नहीं कर पाया। आप ही बताइए, ऐसा क्यों कि एक सीड़ का प्लांट बन गया लेकिन दूसरे का कुछ नहीं हुआ? जबकि दोनों ही सीड्स ने ग्रो करने का इक्वल एफर्ट लगाया। The answer is simple। पहले सीड़ को फर्टाइल सॉल में लगाया गया था और दूसरे को बंजर मिट्टी में। तो पहले के पास इसलिए दूसरे सीड ने उगने की कितनी भी मेहनत क्यों ना करी हो फरक नहीं पड़ा क्योंकि उसका environment ही गलत था बिल्कुल उन सीड्स की तरह आपकी आदते भी सबसे ज्यादा शेप होती है आपके environment यानि आपके घर के वातावरण से चाहे आप पहले लड्डू के बारे में सोच भी ना रहे हो, और ये सिर्फ आपके साथ नहीं, हमारे साथ भी होता है। अगर मैं अपनी किचन में जाऊँ और मेरे सामने एक भुजिया का जार रखा हो, और मुझे बचपन से ही भुजिया बहुत पसंद है, मेरे में कितना भी सेल्फ कंट्रोल क्यों ना हो, उसे देखकर मेरा मन चलने लगेगा, औ बेसिकली आपका एनवायरनमेंट एक बहुत ही पावरफुल इन्विजिबल हैंड है, जो आपकी आदतों को शेप करता है बिना आपके जाने। और इसीलिए किसी भी क्रेविंग को ब्रेक करने का और लाइफलॉन्ग एक स्वस्थ ज़िंदगी जीने का सबसे पहला हैक है टू रीडिज़ाइन योर एनवायरनमेंट। इसको करने के लिए सबसे पहले आ उसको एक जगह ले आओ। Drawers, अलग-अलग cabinets, fridge, dining table सब जगह देखो। ध्यान रखें कि कोई भी spots ना बचे। अब जो हम बोलने जा रहे हैं, हो सकता है शुरू में आपको थोड़ा shocking लगे। अगर आप अपनी peak health पे operate करना चाहते हो, तो आपको ये सब junk food को घर से हटाना होगा। इसके दो रास्ते हैं। पहला, इन्हें सीधा dustbin में फेंकना और घर से क्योंकि अगर ये आपके घर में रहेंगे, तो आपके पेट में जाएंगे ही जाएंगे। आज नहीं तो कल। अगर आप इन्हें फेंकना नहीं चाहते, तो आप इन्हें उन लोगों को बांट सकते हैं, जिनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है। अब चाहे आप इस पैकेज्ड फूड को सीधा हटाएं या बांटें, ये आपकी पर्सनल चॉइस एक बहुत इंटरेस्टिंग फैक्ट। आपको पता है हमारे शरीर में लगभग 11 मिलियन सेंसरी रिसेप्टर्स होते हैं। इन सेंसरी रिसेप्टर्स के थ्रू हम अपने आसपास की दुनिया को सेंस, यानी महसूस करते हैं। क्या आप गैस कर सकते हैं इन 11 मिलियन में से लगभग 10 मिलियन सेंसरी रिसेप्टर्स हमारे शरीर में कह यानी हमारी आंखें एक बहुत पावरफुल सेंस ऑर्गन है। What you see the most is actually what you crave the most and eat the most। अब मुझे पता है आप क्या सोच रहे होंगे? लेकिन अगर हमने ये सब निकाल दिया तो हमारी फैमिली हमें घर से निकालने को बोलेगी। अगर आपके साथ भी ऐसा है और आप जंक फ़ूड अपने एनवायरनमेंट से नहीं हटा सकते, तो एक और चीज़ कर जब आपको उस तक पहुंचने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, आप देखेंगे ऑटोमैटिकली उसकी क्रेविंग कम हो जाएगी। आपको पता है, आज 10 नहीं, 100 नहीं, हजारों लोग अपने घर से पैकेज्ड फूड हटा रहे हैं, अपने और अपने फैमिली को बीमारियों और जंक फूड कंपनीज के टैक्टिक्स से सेफगार्ड कर रहे हैं। हम छोटे बच्चे इस टक को सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट के साथ करते हैं। बाय द वे, अगर आप भी अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स या मेडिसिन्स या लो एनर्जी की साइकिल से परमानेंटली निकलना चाहते हैं, तो आप भी हमारे साथ इस वर्कशॉप के लिए जुड़ सकते हैं। रजिस्ट्रेशन लिंक आपको इस वीडियो के नीचे डिस्क्र और इसका हर ब्लॉक आपकी एक आदत। अब आपकी लाइफ आपकी आदतों पर बिल्ड है। अगर आपने इस आदत को सदनली हटा दिया, तो पूरा सिस्टम गिर सकता है। लेकिन अगर आप वो आदत को जेंटली एक नई आदत से रिप्लेस कर दो, तो आपका टावर स्टेडी रहेगा। और ये एग्जांपल हमें बहुत इम्पोर्टेंट बात सिखाता है अगर आपने अपने favourite food को life से सिर्फ remove कर दिया, तो कुछ दिन बाद you will also fall क्योंकि आप उसे फिर से miss करने लगोगे, उसकी cravings और बढ़ जाएंगी and you will finally give in to the cravings. So removing is not enough. You have to introducing the second hack replace. Don't just remove. अगले कुछ मिनट में आप छह सबसे common packaged foods जो आप खाते होंगे, उनके कुछ unexpected replacement सीखेंगे। शुरू करते हैं नमकीन से। इन्हें replace करने के लिए लीजिए simply कुछ nuts, उनको spices के साथ roast कर लें और डब्बे में बनाकर घर पे रख लें। Second option है roasted चना, इनको भी आप बना सकते हैं। दोनों ही आपको वो same नमकीन के crunch वाली satisfaction देंगे। फिर अगर आपको chips को replace करना है, तो ले लीजिए कुछ फॉक्सनट्स यानी मखाना, उनको जीरा, नमक और गुड़ के साथ रोस्ट कर लें और ये हो गया आपका मसाला मखाना तैयार। असल में आप चिप्स नहीं क्रेव करते, आप वो क्रंच और स्पाइस क्रेव करते हो और जब आपको उतना ही क्रंची और उतना ही फ्लेवरफुल कुछ और मिल जाता है, तो मन को वही सेटिस्फैक और बनाना या एप्पल स्लाइसेस पे लगाकर खाएं, वही सेटिस्फैक्शन मिलेगी। लेकिन बिना मैदा या चीनी के। अगर कुछ और मीठा खाना चाहते हैं, तो डेट्स के बीच में पीनट बटर लगाएं और एक क्विक और एनर्जी पैक्ड स्नैक आपके लिए तैयार हो गया। नेक्स्ट है कोल्ड ड्रिंक्स। आपको पता है सिर्फ एक क और हो गई आपकी रिफ्रेशिंग मसाला शिकंजी तैयार। अगर गेस्ट्स घर आते हैं, तो उनके लिए भी ये परफेक्ट है। अगर आपको चॉकलेट बहुत पसंद है, तो आपको चाहिए होगा एक स्पेशल इंग्रेडिएंट, which is called ककाओ पाउडर। Remember ककाओ and not कोकुआ। ये आपको आराम से ऑनलाइन मिल जाएगा। इसको कोल्ड प्रेस्ड ऑयल के साथ मिक्स क टेस्टी चॉकलेट बॉक्स और नट्स के साथ मिक्स करके आप बना सकते हैं ये टेस्टी ब्लिस बॉल्स। जब भी आइसक्रीम की क्रेविंग हो, बाजार में मिलने वाले टब मत लाएं। इंस्टेड फ्रोज़न बनाना, खजूर, ककाओ पाउडर और थोड़े से बदाम को ब्लेंड करके एक रिच और क्रीमी स्मूथी बोल बनेगा, जो आपको आइसक्र ये सारी रेसिपीज़ फ्री ऑफ़ कॉस्ट आपके लिए अवेलेबल हैं सात्विक ऐप पर। नूडल्स से लेकर पिज़्ज़ा तक, मोमो से लेकर आइसक्रीम तक। ऐप से देख-देखकर आप इन सब डिशेस को घर पे इजीली बना सकते हो और गिल्ट फ्री, बिना हेल्थ की टेंशन ले खा सकते हो। इस ऐप को आप तक लाने के लिए हमारी पूरी टी आप स्टोर या प्लेस्टोर खोलता है और सात्विक ऐप डाउनलोड करनी है। इसके इलावा आप इन पैकेज्ड फूड्स को सिंपल फ्रूट्स, नारियल पानी, नारियल गिरी इन सब से भी रिप्लेस कर सकते हैं। फंडामेंटल रूल सिंपल है। If nature didn't make it, don't take it। मैंने पर्सनली पिछले नौ साल से कोई अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड नहीं खाया ह लेकिन सच ये है कि जब हर जंक फूड का उतना ही टेस्टी अल्टरनेटिव घर पे बना सकते हैं, तो जंक फूड की क्रेविंग ही नहीं आती। अब मैं जानती हूँ, शायद आपके मन में ये सवाल चल रहे हो। But I'm so busy, ऑफिस भी है, घर के काम भी। ये रिप्लेसमेंट्स बनाने का टाइम कहाँ मिलेगा? लेकिन मुझे तो कुकिंग आती अगर आपके मन में इनमें से कोई भी ख्याल आया, उसका आंसर देगा हमारा थर्ड और सबसे जरूरी है। Choose clean brands from the yellow list। हमारे पास है आपके लिए एक स्पेशल लिस्ट कुछ ऐसे रेयर ब्रांड्स की, जो ज़्यादा लोगों को नहीं पता, जो बनाते हैं सच में क्लीन, बिना केमिकल्स के ट्रूली हेल्दी पैकेज्ड फ़ूड। लेकिन लिस हर चीज जो पैकेट में आती है, वो अनहेल्दी नहीं होती। कोई भी पैकेज्ड फूड इनमें से एक कैटेगरी में फॉल करता है। रेड, येलो या ग्रीन। अब कौन सा प्रोडक्ट किस कैटेगरी में बिलोंग करता है? उसके लिए आपको पढ़नी होगी उसकी इंग्रेडिएंट लिस्ट। और इंग्रेडिएंट लिस्ट कैसे पढ़ते हैं? आज की तो ध्यान से सुनना। ये देखिए इस जूस के पैकेट को। इसके ज्यादातर इंग्रेडिएंट्स ऐसे हैं जो आप आराम से प्रणाउंस भी नहीं कर सकते। खाने के नाम कम ये केमिस्ट्री एक्सपेरिमेंट ज़्यादा लगता है। लिस्ट बहुत लंबी है। I N S और E से स्टार्ट होने वाले इंग्रेडिएंट्स बेसिकली प्रिजर्वेटिव्स, केम ये शुगर फ्री बिस्किट्स और ये सैलेड ड्रेसिंग भी, जैसे कि आप इनके इंग्रेडिएंट्स देख और पढ़ सकते हैं, ये कौन सी लिस्ट में जाएंगे? Yes, red list में। अब ये है एक नट और डेट पार। क्या लगता है? ये कौन सी कैटेगरी में जाएगी? इसके इंग्रेडिएंट्स ऐसे हैं जो आपको आराम से किचन में भी मिल जाए इसी तरह इस खाकरा और इस चॉकलेट को भी देखिए। इन दोनों के इंग्रेडिएंट्स ध्यान से पढ़िए। ये कौन सी लिस्ट में जाएंगे? ये भी जाएंगे हमारी येलो लिस्ट में। ऐसे येलो लिस्ट प्रोडक्ट्स कभी-कभी खाने के लिए ठीक हैं। और ये देखिए, डेट्स का डब्बा या दाल का पैकेट। ये पैकेट में तो आते ह तो ये जाएंगे हमारी ग्रीन लिस्ट में। अब ये रहे आपके सामने कुछ प्रोडक्ट्स और इनकी इंग्रेडिएंट लिस्ट्स। इनमें से कितने प्रोडक्ट्स येलो लिस्ट में बिलोंग करते हैं? देखते हैं कि आप सही गेस्ट कर पाते हैं कि नहीं। Well, The right answer is four. Delightful का peanut butter, roasted spiced cashews, til jaggery ladoo और ये मसाला millet crackers। ये चारों yellow list में belong करते हैं। अगर आपका जवाब सही आया तो congratulations! आप labels पढ़ना सीख गए हैं। तो जब भी आपको cravings आए red list products choose करने के बजाय ऐसे products choose करो जो yellow category, yellow list में belong करते हैं। हमारी टीम ने महीनों रिसर्च करके क्यूरेट करी है लिस्ट ऑफ इंडिया क्लीनेस्ट फूड ब्रांड्स चाहे चॉकलेट्स हो या कुकीज़, ब्राउनीज़ हो या आइसक्रीम्स, खाकरा हो या क्रैकर्स आपको यहाँ मिलेंगे अपने सारे फेवरेट फूड्स के क्लीन और कॉन्शियस ब्रांड्स ये वो स्मॉल स्केल लेकिन पैशनेट ब्र और ज्यादातर प्योर इंग्रेडिएंट्स यूज़ करते हैं। नो शुगर, नो मैदा, नो रिफाइंड ऑयल, नो हार्मफुल केमिकल्स। प्लीज नोट कि ये लिस्ट पूरी तरह नॉन स्पONSORED है, मतलब आपको ये ब्रांड्स को रेकमेंड करके हमें कोई फाइनेंशियल गेन नहीं मिलता। ये सिंपली आपकी हेल्प करने के लिए है। इस लिस्ट क and reach your peak health. सात्विक मूवमेंट सिर्फ़ एक चैनल नहीं, एक रेवोल्यूशन है। अगर आप भी इस मूवमेंट का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जरूर सब्सक्राइब करें। और अगर आपने अभी तक ये वीडियो नहीं देखा, तो जरूर देखें। इसमें आपको पता लगेगा फ़ूड कंपनीज़ का एक ऐसा सीक्रेट, जो वो आपसे और आपकी से जल्द वापस मिलेंगे।