The video, presented by Samaira Banga, explains how to prepare sattvic (detox) rotis that combine whole‑wheat flour with vegetable purees (approximately 50 % flour, 50 % vegetables). It contrasts these rotis with conventional wheat‑only rotis, arguing that adding vegetables makes the dough lighter, easier to digest, and nutritionally richer, which is especially important for modern sedentary lifestyles. The presenter walks through the step‑by‑step process: selecting seasonal vegetables (beet, spinach, carrot, fenugreek, pumpkin, cucumber, etc.), pureeing them, mixing with flour, kneading (no salt or pepper), resting the dough, shaping and cooking on a non‑coated clay tawa over low heat, and avoiding ghee on the first roti. Additional tips include using whole‑grain flour with bran (chokar), sourcing flour from a stone‑ground mill, and cleaning clay cookware without soap. The video also warns against aluminum cookware, promotes slow cooking on clay to preserve nutrients, and suggests seasonal variations (e.g., pumpkin in autumn, spinach in summer). Throughout, health benefits such as improved digestion, reduced toxin buildup, and disease prevention are emphasized. The presenter concludes by encouraging viewers to watch the next video on sattvic vegetable preparations, to order the Satvic Food book, and to subscribe to the channel.
Chapters
हाय इस वीडियो में हम सात्विक रोटी बनाने का तरीका सीखेंगे साधारण रोटी और सात्विक रोटी में क्या अलग है साधारण रोटी हम पूरी तरह आटे की बनाते हैं लेकिन सात्विक रोटी में हम 50% आटा और 50% सब्जी डालते हैं जैसे चुकुंदर पालक गाजर मेथी घीया कोई भी मौसम की सब्जी ऐसा हम क्यों करते हैं देखिए आजकल के मॉडर्न लाइफस्टाइल में जब हम ज्यादा मेहनत का काम नहीं करते, पूरा टाइम बैठने करने का काम करते हैं, तो आटे को भी अकेले नहीं डाइजेस्ट कर पाते। लेकिन आटे में सब्जी मिलाने से रोटी हल्की हो जाती है और आसानी से डाइजेस्ट हो जाती है। अगर साधारण रोटी को डाइजेस्ट होने में ल आपके खाने का अच्छे से डाइजेस्ट होना बहुत जरूरी है। जब आपका खाना पूरी तरह नहीं पचता, वो अंदर पड़ा सड़ता है और बीमारी में कन्वर्ट होता है। यदि आप ऐसा खाना खाएं जो जल्दी से अच्छी तरह डाइजेस्ट हो जाए, तो आपको कोई बीमारी आ ही नहीं सकती। तो आइए शुरू करते हैं चुकुंदर की च दोनों को एक साथ अच्छे से मिक्स कर लें। जरूरत पड़े तो उसमें थोड़ा पानी डाल लें और फिर इस तरीके से आटे को गूंथ लें। आटे को गूंथ कर 15-20 मिनट के लिए एक कटोरी में डाल कर ढख कर छोड़ दीजिए। हो सकता है कि आपकी रोटी बिल्कुल गोल ना बिले क्योंकि इसमें हमने बहुत सबजी मिलाई हैं फिर एक मिट्टी का तवा ले लें और रोटी को धीमी आंच पर तवे पे सेक लीजिये चाहे तो कपड़े से दबा भी सकते हैं ताकि रोटी अच्छे से फूल जाए सीधा आंच पे ना सेके वैसा करने से इसके सारे नूट्रियन, सारे पोशक तत्व खत इसका कलर बहुत ही सुन्दर आता है। सबजी मिलाने से रोटी बहुत सौफ्ट बनती है और टेस्ट में भी बहुत अच्छी लगती है। इसी तरह आप पंप्किन यानि सीताफल की रोटी भी बना सकते हैं। पहले सीताफल को मोटा मो उसकी रोटी बेलकर मिट्टी के तवे पे सेक लीजिए। आप देखेंगे कि जब आप सब्जी का पेस्ट बनाकर रोटी बनाएंगे, तो रोटी अच्छी तरह फूलती है। सीताफल की रोटी हल्की मीठी-मीठी होती है। इसी तरह आप पालक की रोटी भी बना सकते हैं। पालक लीजिए और उसको मिक्सी में थोड़े पानी के साथ पेस्ट बना लीजिए। और उसका आटा गूंद ले और फिर उसकी रोटी बना ले। ऐसे ही अब खीरे की रोटी भी बना सकते हैं। खीरा लेकर उसको मिक्सी में पेस्ट बना लीजिये। 1 कप खीरा और 1 कप आटे को गूंद ले और फिर आपको पता ही है क्या करना है। ऐसे ही आप मौसम के अकॉर्डिंग अलग-अलग सब्जी की रोटी बना सकते हैं। गर्मियों में आप तोरी की रोटी, घीया की रोटी, परवल की रोटी, धनिया की रोटी, चौलाई की रोटी बना सकते हैं। और सर्दियों में आप गाजर की रोटी, मेथी की रोटी, चुकुंदर की रोटी, पथुए की रोटी बना सकते हैं। आप देखेंगे कि रोज अलग-अलग flavour, अलग-अलग color की रोटी बन रही होगी। गेहूं को पचाना मुश्किल होता है, लेकिन इस तरीके से अगर आप एक रोटी खाते हैं, तो आपके पेट में गेहूं सिर्फ आधी रोटी का जाता है। अगर आप दो रोटी खाते हैं, तो गेहूं सिर्फ एक रोटी का पेट में जाता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप double रोटी दो रोटी खाते हैं तो चार कटोरी सबजी खाईए यानि रोटी कम खानी है और सबजी ज्यादा चलिए आगे बढ़ते हैं प्लीज आप इस वीडियो को एंड तक देखें क्योंकि मैं आपको इस रोटी के बारे में कुछ बहुत जरूरी बाते बताने वाली हूँ और इस चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें और नीचे दिये गए बेल बटन को दबाए पहली रोटी पे ऊपर से कोई घी नहीं लगाना, दूसरी आटे गूंते समय उसमें नमक मिर्च नहीं मिलाना, तीसरी ये रोटी आपको मिट्टी के तवे पे ही बनानी है। जितना आपका खाना जरूरी है, उतना ही जरूरी ये कि आप उस खाने को किस मटेरियल में बनाते हैं। एल्युमिनियम सबसे डेंजरस मटेरियल है। अगर आपने फिर तीन साल बाद यूज़ करने के बाद फिर से उसको वजन किया, तो आपको उसका वजन कम हुआ हुआ मिलेगा। तो वो सारा एल्युमिनियम कहाँ गया? हमारे पेट में और हमारी फैमिली के पेट में। अगर आपकी किचन में एल्युमिनियम के बर्तन यूज़ होते हैं, तो उनको अभी निकाल दीजिए। सबसे बेस्ट है मिट्टी के बर्तन आयुर्वेद हमें बताता है कि हमारा खाना धीरे-धीरे पकना चाहिए, यानी हमें स्लो कुक्ड फूड खाना चाहिए। हाई टेम्परेचर पे पकाने से सारे पोषक तत्व, यानी न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाते हैं। तो मिट्टी के बर्तनों पे बनाया हुआ खाना धीरे-धीरे पकता है, और इसलिए खाने के पोषक तत्व खत्म नहीं होते आजकल मिट्टी के तवे बहुत आसानी से मिलने लगे हैं। आप इसको छोटी मिट्टी की दुकानों से खरीद सकते हैं। याद रखें कि आपको नॉन कोटेड वाले तवे ही लेने हैं। या फिर आपके लिए इसको इजी बनाने के लिए हमने कुछ नॉन कोटेड तवे अपनी वेबसाइट पर भी अवेलेबल किए हैं। ऑर्डर करने का लिंक आपको इस पहली मिट्टी के तवे पे रोटी बनाते हैं तो उसको तेज आंच पे नहीं पकाना उससे तवा तूट जाता है उसको धीमी आंच पर ही रखना है दूसरी मिट्टी के बर्तनों को धोने के लिए साबुन ना इस्तमाल करें क्योंकि वो साबुन को सोख लेता है सफाई करने के लिए उसको कपड़े से रगड़ कर पानी से साफ करें चोथी चोकर वाला आटा इस हमारा खाना पेड़ पौधों से आना चाहिए, फैक्ट्रीज और पैकेट से नहीं। पैकेट वाले आटे में चोकर यानी गेहूं की आउटर लेयर को निकाल दिया जाता है, और वो चोकर ही है जिसमें अंदर के बीज को पहचाने की शक्ति होती है। सारे न्यूट्रिएंट्स और पोषक तत्व होते हैं। माँ प्रकृति ने हमें जो भी दिय बिना चोकर का आटा हम डाइजेस्ट नहीं कर पाते। हमारी इंटेस्टाइन्स यानी आंतों में जाकर वो चिपक जाता है। तो क्या करें? अपना गेहूँ खुद खरीदें और उसको किसी चक्की से पिसवाएं। या फिर आजकल घर पे रखने के लिए आटा पीसने वाली छोटी मशीन्स भी मिलने लगी हैं। याद रखें, रोटी बनाने से पहले अगली वीडियो में हम सब्जी को सात्विक तरीके से बनाना सीखेंगे। ऐसी और हीलिंग रेसिपीज़ के लिए सात्विक फूड बुक को ऑनलाइन आर्डर करें। इस बुक में बताया गया है कि आप कैसे किसी भी बीमारी को सिर्फ अपना खाना बदलकर बिना दवाई से जड़ से खत्म कर सकते हैं। इसमें करीब 50 हीलिंग रेसिपीज़ दी वो आजकल के मॉडर्न लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए बनाए हैं। अगर आप किसी पर्टिकुलर रेसिपी का सात्विक वर्जन बनाना सीखना चाहते हैं, तो हमें नीचे कमेंट्स में बताएं। इस चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें और बेल बटन को दबाएं ताकि आपको हमारी फ्यूचर वीडियोस के अपडेट्स मिलते रहें। अभी