यह वीडियो एक सात्विक, स्वास्थ्य‑परक गाजर के हलवे की रेसिपी प्रस्तुत करता है, जिसमें दूध, घी और परिष्कृत चीनी नहीं उपयोग की जाती। सामग्री में कद्दूकस किया हुआ गाजर, केसर, खजूर, कद्दूकस किया हुआ नारियल, गुड़ पाउडर, इलायची, सेंधा नमक, नींबू का रस और भिगोए हुए बादाम, काजू, पिस्ता शामिल हैं। गाजर को मिट्टी की हाँडी में हल्की आँच पर 30 मिनट तक पकाया जाता है ताकि पोषक तत्व बरकरार रहें। खजूर को पेस्ट बनाकर, नारियल का दूध ब्लेंडर‑और‑छानकर तैयार किया जाता है। पकाने के बाद गुड़, खजूर‑पेस्ट, नारियल‑दूध, मसाले मिलाकर स्टीम के माध्यम से हल्का पकाया जाता है, फिर नट्स डालकर सर्व किया जाता है। सर्व करने से पहले आधा घंटे फ्रिज में ठंडा करने, पुनः‑गर्म न करने और 3‑4 घंटे के भीतर खाने की सलाह दी गई है। वीडियो में सात्विक फ़ूड बुक का प्रमोशन, चैनल सब्सक्राइब करने और टिप्पणी करने का अनुरोध भी शामिल है।
Chapters
हम सभी को सर्दियों में हलवा तो खाना पसंद होता ही है। तो आइए आज हम एक हेल्दी गाजर का हलवा बनाना सीखते हैं। पहला ऐसा गाजर का हलवा जिसको हम बिना दूध, बिना घी और बिना चीनी के बनाएंगे, और फिर भी ये उतना ही ज़्यादा टेस्टी होगा। आमतौर पर गाजर का हलवा बनाने के लिए हम गाजर को घी, पैक इतना पकाने से गाजर के सारे पोषक तत्व यानी न्यूट्रिएंट्स खत्म हो जाते हैं और उसमें कोई जान ही नहीं बचती। आज हम इसको बनाने का सात्विक वर्जन सीखेंगे, जो कि बहुत जल्दी बन जाता है। इसमें हम गाजर को मिट्टी की हाँडी में हल्की आंच पर बस थोड़ी देर के लिए पकाते हैं, ताकि इसका न्यूट्र जो सर्दियों के मौसम में आती है, 20 पीस केसर के, आधा कप कटे हुए खजूर, याद रखें खजूर का बीज निकालकर ही उनको काटना है, आधा कप नारियल मोटा घिसा हुआ, आधा कप गुड़ का पाउडर, एक टीस्पून इलायची पाउडर, एक चौथाई टीस्पून सेंधा नमक और एक टीस्पून नींबू का रस। टॉपिंग के लिए आपको च याद रखें कि बादाम और काजू को कम से कम 6 घंटे भिगोकर ही यूज़ करना है। नट्स यानी मेवो को हमेशा भिगोकर खाना चाहिए। आप ऐसा समझिए, भिगोने से पहले ये सो रहे होते हैं, भिगोने से ये एक्टिवेट हो जाते हैं और पचाने में भी आसान हो जाते हैं। ये रेसिपी 6 लोगों को सर्व करती है। अगर आप चाहत चलिए अब इसकी विधि पर आते हैं। सबसे पहले कद्दूकस की हुई गाजर और केसर को एक मिट्टी की हांडी में डाल लें और दोनों को मीडियम आंच पे 30 मिनट के लिए पका लें जब तक गाजर का सारा पानी सोखकर सॉफ्ट ना हो जाए। जब तक गाजर पक रही है, अब खजूर का पेस्ट बना लें। आधा कप कटे हुए खजूर ले लें और आध उसके बाद हमें नारियल का दूद बनाना है। जैसे हम आमतोर पर बनाते हैं, उससे थोड़ा ठिक। ब्लेंडर ले लीजे और इसमें आधा कप नारियल गिरी और आधा कप पानी डाल कर दोनों को अच्छे से ब्लेंड कर लें। फिर इस मिक्स्चर को पतले कॉटन के कपड़े में या फिर नट मिल्क बैग से अच्छे से छान कर दूद को निकाल लीजे जब काजर पक गई हो, आंच को हल्का कर दें और हांडी में गुड़ का पाउडर और खजूर का पेस्ट डाल दीजिए, जो हमने अभी-अभी बनाया था, और सब कुछ अच्छे से मिला दें। फिर आंच को बंद कर दें, उसमें नारियल का दूध डालें, मिला दें और हांडी को बंद कर दें। हमें नारियल के दूध को गैस पर नहीं पकाना है, उसको बस हल्का हल्का हानी के अन्दर स्टीम से पकने देना है। फिर हलवे में इलायची पाउडर, नींबू और सेंधा नमक मिला दे। आखिर में हलवे में कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता मिला दीजिये। और ये हो गया आपका गाजर का हलवा रेडी, बहुत ही डिलिशियस और टेस्टी। आपको 3 बातों का ख्याल रखना है। यदि आप इस हलवे को सर्व करने से पहले बस आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख देते हैं तो इसका टेस्ट और भी ज्यादा अच्छा आएगा। सारे फ्लेवर्स का टेस्ट इनहैंस हो जाएगा। हलवे को फिर से रीहीट नहीं करना। रीहीट करने से इसके पोषक तत्व, यानी न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं। और लास्टली कोशिश करें कि इसको पकाकर फ्रेश खाएं तीन-चार घंटों के अंदर-अंदर। भागवत गीता के 17वें चैप्टर के 10वें वर्ष में कृष्णा हमें बतात उसके बाद उसमें से प्राण शक्ति जाने लगती है। ऐसी और बहुत सारी टेस्टी रेसिपीज़ के लिए सात्विक फ़ूड बुक को आप ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं। इस बुक में बताया गया है कि आप कैसे कोई भी बीमारी सिर्फ़ अपना खाना बदलकर बिना दवाई के जड़ से खत्म कर सकते हैं। इसमें करीब 50 हीलिंग रेस और जो रेसिपीज़ हैं, वो आजकल के मॉडर्न लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए बनाए हैं। इस चैनल को जरूर सब्सक्राइब करें और नीचे दिए गए बेल बटन को दबाएं ताकि आपको हमारे फ्यूचर वीडियोस के अपडेट्स मिलते रहें। अगर आप इस रेसिपी को ट्राई करते हैं, प्लीज़ नीचे कमेंट करें और हमें बत