The video features Sandesh Jain recounting his personal weight‑loss journey. In his teens he was thin, but by class 11‑12 his weight rose to about 83‑85 kg, accompanied by chronic laziness, low energy, and a craving for sweets. He tried various exercises and running during lockdown, but consistency eluded him. A tailor’s comments about his large hips prompted him to seek help. He was referred to Pandit Sumit Prakash, a guru based in the hill‑top pilgrimage site Sammed Shikhar in Jharkhand. The guru prescribed a Satvic lifestyle: complete cessation of milk products and sugar, a diet centered on fruits and vegetables, early‑morning juices (around 4:30‑5 am), and regular enemas. Sandesh adopted this regimen for about ten days and felt an immediate surge of energy. Continuing the plan for roughly two and a half months, his weight dropped from 83 kg to 60‑62 kg (a loss of about 21 kg). He describes dramatic improvements in concentration, stamina, and overall mood, and notes that his family, previously worried about his health, became delighted with his transformation. The testimonial emphasizes the guru’s guidance, the natural hill‑top environment, and the holistic Satvic approach as the key drivers of his rapid weight loss and lifestyle change.
Chapters
लोगों ने मुझे पहचानने से इनकार कर दिया था कि तुम वही हो क्योंकि मैंने 83 से 62 वजन कर लिया था इस सात्विक लाइफस्टाइल को फॉलो करके। मेरा नाम संदेश जैन है और मैं अभी पिछले पांच साल जयपुर में एक संस्था है पंडित टोडरमल स्मारक वहाँ पे पढ़ता हूँ। एट क्लास में हॉस्टल चला गया था मैं तो तब तो छोटा ही था और वजन कम था और पतला ही था मैं। 11वें या 12वें क्लास में मैं 83-85 के समथिंग हो गया था। उस टाइम लाइफस्टाइल ऐसी रहती थी कि मुझे आलस बहुत आता था और नींद बहुत आती थी, थोड़ा सा भी चला नहीं जाता था। मान लो मैं एक फ्लोर भी ऊपर चढूं तो मेरी सांस फूलने एनर्जी फील नहीं करता था कभी हर टाइम ऐसा एनर्जी लेस और लेजीनेस सी फील होती थी और मुझे स्वीट्स बहुत पसंद थी मतलब अभी भी पसंद करता हूँ लेकिन उस टाइम पे मेरे को पता नहीं था कुछ तो मैं बहुत खाता था मतलब आप कितना भी खिलाओ तो मैं खाता था स्वीट्स इतना पसंद थी मुझे तो उस टाइम तो काफ फैमिली मेंबर्स, रिश्तेदार सब लोग कहते भी थे मतलब सब लोग कहते थे कि कुछ किया करो कुछ किया करो अभी कितने मोटे हो रहे हो बस ओवरवेट देखकर थोड़ा आउट ऑफ़ ऐज भी लगते थे वो और फिर प्रमादी व्रती भी हो जाती है मतलब किसी भी काम के लिए कहते थे फुरतीला बन नहीं था सब लोग कुछ ना कुछ कमेंट्स करते वो तो मोटा ही कहके बुलाते थे।
हमको लगता था हम जैसे ये आता था कभी घर पे तो हम इसको ले आते थे कि मैंने कहा चलते हैं, running वगैरह करने चलते हैं या फिर exercise करते हैं। तो ये वहाँ भी ढंग से कुछ करता नहीं था। तो हमें ऐसा लगता था कि मैंने कहा शायद ये पतला हो नहीं पाएगा और अभी ऐसी रहेगा।
म तो ये सब मैं बहुत सारे एफर्ट्स करता रहता था। एक्चुअली जब मैं लॉकडाउन से आया था, तो हमारा जो यहाँ पे लोकलिटी में टेलर है, मैं कपड़े सिलवाने के लिए गया था अपने।
तो जब वो मेरा साइज ले रहा था, तो वो बार-बार कुछ ना कुछ कमेंट्स किए जा रहा था कि इस ऐज के लिए तो ये बहुत ज़्याद अपने बच्चा है वो लोग बहुत हेल्थी लगता था ना तो मैंने कहा ये घट सकता है इसका वजन तो हाँ जब ही नाप से ही मुझे पता चला कोई क्योंकि इनकी हिप ज़्यादा थी शरीर के हिसाब से ना हिप ज़्यादा फैल रही थी और हिप जिसकी ज़्यादा फैलती है वो थोड़ा दिक्कत होता चलने-फिरने में आ गया हमेश किक वगैरह खोलना, जैसे थोड़ा बहुत हाथ पैर चलाना और स्ट्रेचिंग वगैरह सब चीजें कर दी। और बिगर वार्मअप के कोई एक्सरसाइज नहीं है। पहले वार्मअप, फिर एक्सरसाइज।
लेकिन 10 दिन लगभग वो किया, और क्योंकि मोटा था मैं, बहुत ज़्यादा आलस भी आता था, तो वो रेगुलर हो ही नहीं, रेग वो ब्रह्मचारी हैं पंडित सुमत प्रकाश जी उन्होंने कहा था कि मैं तुम्हें सही कर सकता हूँ जो तुम्हारा मोटापा है बस तुम मेरे पास आजाओ कुछ दिन के लिए तो वो एक झारखंड में है जगह आपने भी नाम सुना होगा सम्मेद शिखर जैनों का सबसे बड़ा तीर्थ है तो वो जो सम्मेद शिखर है वो पूरा पहाड़ी इल वो इस तरह का एकदम नेचुरल इलाका है। तो उन्होंने कहा तुम वहाँ पर आजाओ। तो मैं वहाँ पर गया, तो उन्होंने बताया कि तुम्हें पतला होने के लिए ऐसा-ऐसा करना पड़ेगा, बहुत सारे फ्रूट्स, सब्जियाँ, ये सब तुम्हें खाना पड़ेगा। तो मुझे पहले तो विश्वास नहीं हुआ कि ये क्या बता रहे हैं, कै तो उन वीडियोस में जो लॉजिकली जो समझाया है, वो चीज़ बहुत अच्छे से समझ में आई। तो फिर उसके बाद उन गुरुजी पर भी विश्वास होने लगा कि ये जो चीज़ बता रहे हैं, वो सही बता रहे हैं। तो फिर मैंने वो अपनी लाइफस्टाइल उस तरह से करना चालू कर दिया। मैंने सुबह पांच बजे साढ़े चार ड्रिंक्स जैसे कुछ जूस जब लंच की बारी आती थी तो लंच में गुरुजी बहुत सारी सब्जी बनाते थे दूध भी बंद कर दिया था जितनी भी मिल्क प्रोडक्ट है वो सब बंद कर दिए थे शुगर बंद कर दी थी मतलब सिर्फ वेजिटेबल्स और फ्रूट्स ये खाता था मैं रोज और साथ में उन्होंने एनिमा देना भी चालू किय वो पहले सात्विक मूवमेंट की वीडियो दिखाते थे कि देखो ये ऐसा-ऐसा बता रहे हैं लॉजिकली सब समझा रहे हैं ये कर रहे हैं इनको हमें फॉलो करना है तो उससे मेरे को एक ही दिन में इतना एनर्जेटिक और इतना फ्रेश फील हुआ वो एक अलग एक्सपीरियंस था वो मैं ऐसा लग रहा था कि काफी साल बाद मुझे बहुत हल्का-हल्का फील हो रहा है, बहुत अच्छा एनर्जेटिक फील हो रहा है। पहले मेरा 83 केजी वजन था, फिर सात्विक लाइफस्टाइल दो ढाई महीने फॉलो करने के बाद मेरा वजन 60-62 हो गया। मैंने तो ये एक्सPECT ही नहीं किया था, मुझे ऐसा कोई लगा ही नहीं था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। तो जब घर पे आया कि ये कौन है?
रिएक्शन तो बहुत मतलब एक जैसे कहते हैं ना कि जैसे इस लाइफ में डायनासोर दिख जाए, तो वैसा रिएक्शन था कि यार इतना मोटा क्या था और हमें मालूम नहीं था।
एक्चुअली क्या तीन महीना मैंने इसको देखा नहीं, ना कोई वीडियो कॉल ना कुछ बात नॉर्मल बात होती थी, उसमें भी और अब आप देख सकते हैं बिल्कुल इतना पतला हो गया है एक चमत्कार से कम नहीं है मेरे हिसाब से तो ऐसा ही है घरवाले भी इसको लेके बहुत खुश थे कि मैंने आखिर बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन कर ही लिया जिसको लेके बहुत परेशान था सब घरवालों ने भी जिनको जो बीमारियाँ थीं उन्होंने इसी के थ्रू सही तो जब इसको फॉलो किया, तो कंसंट्रेशन बढ़ा। हर टाइम एक एनर्जी रहती थी, और हर टाइम पढ़ने का मन अच्छे-अच्छे काम करने का मन करता था। लेजीनेस नहीं होती थी। ऐसा कह सकते हैं कि मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइंट था। उसके पहले सब कुछ पूरी दुनिया अलग थी मेरी, और उसके बाद पूरी दुनिया बदल गई।
हर चीज़ हर चीज़ बदल गई एकदम पूरी दुनिया बदल गई मेरी उसके बाद तो ये थी संदेश की स्टोरी अगर आप भी वो वीडियोस देखना चाहते हैं जिन्हें देखकर संदेश ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया तो यहाँ क्लिक करें और अगर आप सात्विक मूवमेंट की और गाइडेंस चाहते हैं अपने हेल्थ गोल्स को अचीव करन