Immunity बढ़ाने के 3 तरीके + अपना Immunity Score जानिए | Satvic Movement

Harshvardhan and Saba introduce an Immunity Scorecard with eight health signs to self-assess, then present three steps to strengthen immunity: a daily 16-hour fast ending dinner before 6 pm, eating only fresh fruit for breakfast, and limiting grains to one meal daily. They cite a Nobel Prize study on fasting-triggered cellular cleanup that switches the body from digestion to healing.
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नमस्ते मैं हूँ हर्षवर्धन और मैं हूँ सबा इस वीडियो के पहले पार्ट में हम जानेंगे कि आपका करंट इम्यूनिटी लेवल एक्जैक्टली कितना है ये आपको कोई ब्लड टेस्ट रिपोर्ट नहीं बता सकती हम एक्चुअली आपका एक इम्यूनिटी स्कोरकार्ड बनाएंगे और इस वीडियो के सेकंड हाफ में हम जानेंगे माँ प्रकृत अब आपके इम्यूनिटी स्कोरकार्ड पे भरने से पहले एक इम्पोर्टेंट बात हमें समझनी होगी।
जो शरीर अंदर से साफ होगा, उसमें ऑटोमैटिकली ज़्यादा इम्यूनिटी होगी। इसको एक एग्जांपल से समझते हैं। आप इमेजिन कीजिए कि दो डस्बिन्स हैं, एक बिल्कुल खाली और दूसरे में गंदगी, यानी वेस्ट भर आपको क्या लगता है अगर किसी किटानों को आना है वो किस डस्बिन में आके अपना घर बनाएगा? जाहिर सी बात है वो उस डस्बिन में आएगा जिसमें कच्रा भड़ा पड़ा है. कुछ ऐसा ही हमारे बॉड़ी में होता है. जब हम ग और जो शरीर अंदर से बिल्कुल साफ है, उसमें किटानो आएंगे ही नहीं। तो अगर आपके शरीर में अंदर टॉक्सिन्स यानि गंदगी नहीं है, आपकी इम्यूनिटी ऑटोमैटिकली ज़्यादा होगी। Because a highly clean body equals a highly immune body। अब आप शायद सोचे, मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरी बॉडी अंदर से साफ है या नहीं? मेरी इम्यूनिटी अच्छी ह हमारे वेदों ने अच्छी इम्यूनिटी के कुछ बहुत ही क्लियर साइंस बताए हैं। देह सर्वत्रच उस्नस्य समता लागवम सुखम्, शुद्ध तीक्ष्णा गर्नीद्रच मनसो अपि प्रसन्नता, शरीर कर्म सामर्थ्यम्, अनलस्य चक्रमसु, स्वतः स्वेदोगम कले स्वास्थ्य लक्षणति ही। इस लोक में बहुत डिटेल में इम्यूनिटी के आठ हम एक-एक करके हर लक्षण को डिस्कस करेंगे और हम चाहेंगे कि जैसे-जैसे हम डिस्कस कर रहे हैं, आप एक चेकलिस्ट बनाएं। लास्ट में आप जानेंगे कि आपका इम्यूनिटी लेवल एक्जैक्टली कितना है। अच्छे इम्यूनिटी का पहला लक्षण स्वतः स्वेदो गम कले, यानी सही टाइम पे सही मात्रा में हमारा पेट साफ ह कम से कम दिन में एक बार आपका अच्छी तरह अपने आप पेट साफ होना चाहिए, बिना किसी गोलियाँ चूरन के। सबसे आइडियल है रोज सुबह उठते ही पेट साफ होना। अगर रोज पेट साफ नहीं हो रहा, तो मतलब हमें कब्ज़ यानि कांस्टिपेशन है। मतलब जो गंदगी बाहर निकलनी थी, वो अब अंदर ही अंदर जम रही है। और जै तो अगर आपका हर रोज पेट साफ हो रहा है, तो आप इस साइन के आगे टिक लगा सकते हैं। दूसरा लक्षण लागवम, यानी no excess weight, यानी जरूरत से ज़्यादा वजन न होना। अगर रोज पेट अच्छी तरह साफ हो रहा है, तो आपका वेट ऑटोमैटिकली नॉर्मल होगा। जब पेट अच्छी तरह साफ नहीं होता, तो वेट बढ़ने लगता है अब आपका वेट ज्यादा है या नहीं ये हमको बताने की जरूरत नहीं। जिसका होता है उसको पता होता है। अगर हमारा वेट ज्यादा है तो मतलब बॉडी में गंदगी जमी है और इम्यूनिटी ऑटोमैटिकली कम होगी। तीसरा लक्षण क्लियर स्किन, यानी हमारी त्वचा साफ होनी चाहिए। आपकी स्किन आपके अंदर के शरीर हमें एक्ने स्पॉट्स रैशेज कब होते हैं? जब हमारा अंदर खून साफ नहीं होता, जब खून में गंदगी जमी होती है। अगर आपकी स्किन बिल्कुल साफ है, तो आप इस लक्षण के आगे टिक लगा सकते हैं। तो आप बना रहे हैं ना अपना स्कोर कार्ड? बहुत ही जल्द आपको अपनी इम्यूनिटी का फाइनल स्कोर मिलेगा। स प्लीज इस वीडियो को एंड तक जरूर देखें क्योंकि हम आपके साथ ऐसे तीन स्टेप्स शेयर करेंगे जिससे बहुत जल्द ही एक-एक करके आपके सारे लक्षण मिलने लगेंगे। आइए इम्युनिटी का चौथे लक्षण पे भरते हैं अनलस्य चक्रमसू यानी अब्सेंस ऑफ़ लेजीनेस यानी आपको आलस्य का अनुभव नहीं होना चाहिए या आपको दिन में नींद आती रहती है, तो मतलब ये लक्षण अभी नहीं मीट हो रहा। हमें आलस तब आता है जब हमारे शरीर अंदर से साफ नहीं है। तो अगर आप दिनभर एनर्जेटिक रहते हो, तो ये लक्षण टिक कर सकते हो। पांचवा लक्षण शुद्ध दीक्षना यानी जब भूख लगे, तो तेज भूख लगनी चाहिए। हमेशे कुछ लोग को तेज भूख का अनुभव ही नहीं होता, पेट हमेशा भरा-भरा सा रहता है। इसका क्या मतलब? मतलब हमारा पहला खाया भोजन अच्छी तरह से पच नहीं रहा। अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी है, तो आपको दिन में एक या दो बार तेज भूख लगनी चाहिए। तो अगर आपको पेट में तेज भूख का अनुभव होता है, अगला लक्षण गर नींद्रा, यानी experiencing deep sleep, यानी रात को गहरी नींद आना। अगर आप रात को बीच-बीच में उठते रहते हैं, या फिर आपको बेड पे लेटने के बहुत देर बाद नींद आती है, तो मतलब ये लक्षण नहीं मीट हो रहा। Deep sleep तब मिलती है जब हम रात को सोते हैं और सीधा सवेरे आँख खुलती है और late ही पांच मिनट के अंदर-अंदर नींद आ जाती है। सातवां लक्षण, no pain in the body मतलब आपके शरीर का कोई भी अंग दर्द नहीं करना चाहिए। कभी यहाँ दर्द हो रहा है, कभी वहाँ दर्द हो रहा है, ऐसा नहीं होना चाहिए। आपके शरीर का कोई भी हिस्सा आपको पुकारना नहीं चाहिए। और अच्छी इम्यूनिटी का आखरी लक्षण मन सो अपि प्रसन्नता, यानी experiencing positive thoughts, यानी सुख का अनुभव होना। आप ही गौर कीजिए, आप पूरे दिन में ज्यादातर समय खुश रहते हो या दुखी? अगर आपको दिनभर स्ट्रेस रहता है, टेंशन रहती है, छोटी-छोटी बात पे गुस्सा आ जाता है, तो मतलब अभी ये लक्षण नहीं मीट हो रहा। अगर शरीर अंदर से गंदा है, तो उसका प्रभाव मन पे भी पड़ता है। ठीक है, तो ये हो गई हमारी अच्छी इम्यूनिटी के आठ लक्षण। हम चाहते हैं कि आप अपना इम्यूनिटी स्कोर को टोटल कर लीजिए। चाहे आपका स्कोर जो भी हो, एक, तीन, पांच या सात, अब हम आपको बताएंगे तीन ऐसे स्टेप्स जिनको फॉलो करके आप इस स्कोर को बहुत ही जल अपने पहले स्टेप पे बढ़ने से पहले हमें एक चीज समझनी होगी।
हम यूजुअली सोचते हैं, अरे मुझे कोई आसान सा टॉनिक दे दो, काढ़ा दे दो, पिल दे दो, जिससे मेरी इम्युनिटी बढ़ जाए। लेकिन मैं अपनी आदतें नहीं बदलूँगा, अपने परांठे तो नहीं छोडूँगा। हम आपको बताना चाहेंगे, ऐसा नहीं ह जब तक हम उन आदतों को नहीं छोड़ेंगे जो हमारी इम्यूनिटी हमसे छीन रहे हैं, तब तक हम कोई टॉनिक लेके अपनी इम्यूनिटी कैसे बढ़ा सकते हैं? इम्यूनिटी इज़ नॉट समथिंग दैट कैन बी स्वॉलोड इन अ पिल और अ ग्लास। इट्स द रिजल्ट ऑफ़ व्हाट यू ईट एंड हाउ यू लिव। तो चलिए यानी फास्टिंग, लंगनम परम औषधम। यानी फास्टिंग इस द बेस्ट मेडिसिन। हर शास्त्र हमें ये बताता है। आज हमें साइंस भी सेम चीज़ बता रही है। इतनी सारी रिसर्चर्स बता रही हैं कैसे इम्यून सिस्टम रीजेनरेट करने का बेस्ट तरीका है फास्टिंग। ये सारी साइंटिफिक रिसर्चर्स हमने इस वीडियो क अब आप फास्टिंग का नाम सुनके डर मत जाना। फास्टिंग करने का एक बहुत ही आसान तरीका है। सिंपली अपना डिनर शाम 6 बजे से पहले खा लीजिए। 6 बजे से लेकर अगले दिन 10 बजे तक कुछ ना खाएं। तो हर रोज 16 घंटे के लिए आपकी बॉडी फास्टिंग स्टेट में होगी। अब आइए समझते हैं कि फास्टिंग करने से आ एक सोल्जर बैठा है, जो किटानू से लड़ता है। इसके दो मेन काम हैं: डाइजेशन यानि खाने को पचाने का काम और हीलिंग यानि बॉडी को साफ करने और किटानू को मारने का काम। हम क्या करते हैं? सुबह से लेकर रात तक कुछ न कुछ खाते ही रहते हैं। पहले वाला खाना नीचे उतरा भी नहीं, हम ऊपर से और डाल देत Snacking and munching all the time जब हम हमेशा खाते रहते हैं तो दिन में 24 घंटे, हफ़ते में सातो दिन हमारा soldier हमेशा digest ही करता रहता है और उसको healing का time ही नहीं मिलता अगर आप चाहते हैं कि आपका soldier healing करे तो आपको समय-समय पे digestion को break देना होगा यदि आपका डिनर हल्का है, तो आपका सॉल्जर उसको पांच-छः घंटे में डाइजेस्ट कर देगा। जैसे ही डाइजेशन खत्म हो जाएगा, सॉल्जर क्या शुरू कर देगा? हीलिंग। तो बाकी दस घंटे आपके हीलिंग टाइम होगा। इस दौरान आपका सॉल्जर बॉडी में जो भी वेस्ट इकट्ठा हुआ है, उसको बाहर निकालेगा, उसको निकालेगा और यदि कोई किटानू आए हैं तो उनको भी मारके आपको प्रोटेक्ट करेगा। जब आप रोज 6 बजे से पहले खाना शुरू कर देंगे, तो आपके सॉल्जर को ऑटोमैटिकली हर रोज 10 घंटे आपकी सफाई करने के लिए मिल जाएंगे। और याद रखिए, हाईली क्लीन बॉडी इज इक्वल टू हाईली इम्यून बॉडी। 6 बज और सुबह 10 बजे से पहले आप जूस ले सकते हैं, कोई भी वेजिटेबल जूस। लेकिन अपने फास्टिंग के टाइम कोई चाय, कॉफी, फ्रूट जूस या सूप नहीं लेना। आपको लगेगा बस इतना करने से मेरी इम्यूनिटी बढ़ जाएगी? हाँ, फास्टिंग सिंपल तो है, लेकिन बहुत पावरफुल भी। I want to talk to you guys today about how we can integrate fasting into improving our immune system?
We definitely see that fasting has an impact on our immunology, on our immune system. When you fast for at least 3 days and then refeed, you boost your immune system.
Fasting enhances immunity, and we see that in animal models, in free-living animals, and in humans.
They could start skipping some dinners or at least eating dinner earlier. Because here's what I'm saying is that going to sleep at night on a full stomach of food suppresses your lifespan, suppresses your immunity and increases your rate of getting cancer.
क्या आप जानते हैं recently Nobel Prize किसको मिला? एक Japanese scientist को जिसने proof किया कि fasting करने से हमारे शरीर के अंदर जो dead cells हैं वो निकलते हैं। यही चीज़ हमारे वेदों ने हमें हजारों साल पहले बोली थी। आज पूरी दुनिया इसको अपना रही है। चलिए, अब हम अपने इम्यूनिटी बढ़ाने के दूसरे स्टेप पे आते हैं। Eat only fruit for breakfast, यानी नाश्ते में सिर्फ फल खाइए। जब आप सुबह 10 बजे फास्ट तोड़ते हैं, अपना कोई भी मनपसंद फल खा लीजिए। सबसे अच्छा तो है कि आप एक बार में एक ही फल खाएं। वो नहीं कर सकते लेकिन ब्रेड, परांठा, इडली, डोसा, पोहा, चिवड़ा, सैंडविच, चीला, रोटी, उपमा, चाय, कॉफी ये सब बिल्कुल नहीं खाना। सिर्फ ताजे फल खाने हैं ब्रेकफास्ट में। फलों को डाइजेस्ट करना बहुत ही आसान होता है। इनको डाइजेस्ट होने में सिर्फ तीन घंटे लगते हैं। और आपको पता है अनाज को डाइजेस करीब अठारह घंटे। तो जब आप ब्रेकफास्ट में अनाज की जगह फल खाएंगे, तो आपका सोल्जर डाइजेशन को जल्दी से खत्म करके आपकी हीलिंग पे लग जाएगा। एक और बात, फल अपने आप में ही क्लेंजिंग फूड्स हैं, यानी शुद्धिकारक भोजन हैं। ये शरीर में जाके चिपकते नहीं, गंदगी नहीं बनाते, बल्कि जो क्योंकि इनमें बहुत पानी होता है। दूसरी तरफ जो भारी-भारी नाश्ता होता है, उसको पचाना बहुत मुश्किल होता है और ये अंदर जाके गंदगी बनाता है। याद रखें, highly clean body is equal to highly immune body। आप ये सिर्फ एक हफ्ता करके देखें। Eat your dinner before six pm and eat only fruit for breakfast। और फिर एक हफ्ते बाद अपना स्कोरकार्ड फिर से भरिए। आप देखेंगे कि कैसे एक-एक करके आपके इम्यूनिटी के सारे लक्षण मीठ होने लगेंगे। यदि आपका कुछ एक्स्ट्रा वेट है, वो ऑटोमैटिकली घटने लगेगा। स्किन साफ होने लगेगी। आप जब सुबह उठेंगे, तो कोई आलस्य नहीं होगा। एकदम फ्रेश और बहुत सारी एनर्जी के साथ उठेंगे। आपको रात को नी कभी यहाँ दर्द, कभी वहाँ दर्द, ये सब चला जाएगा और मन में बहुत हैप्पीनेस आ जाएगी। आप खुद करके देखिए। एक और बात, आप इसको अकेले मत कीजिए, पूरी फैमिली के साथ कीजिए। उन सभी को इसके बेनिफिट के बारे में बताइए। जब फैमिली साथ करती है, तो ये और भी ज़्यादा इजी हो जाता है। तो ये पह अब हम आपके साथ इम्यूनिटी बढ़ाने का तीसरा स्टेप शेयर करेंगे। थर्ड स्टेप है, eat only one grain meal a day, यानी दिन में सिर्फ एक बार अनाज खाइए। तो आपका फूड प्लान कुछ ऐसा दिखेगा। सुबह 8 बजे कोई भी सब्जी का जूस, सफेद पेठे का जूस, खीरे का जूस, नारियल पानी, ग्रीन जूस, आप कोई भी फ्रेश जूस ले लीजिए फिर नाश्ते में 10 बजे अपना मन पसंद कोई भी एक फल ले लीजिए। फिर लंच में कोई भी एक अनाज ले लीजिए चार गुना ज़्यादा सब्जी के साथ। रोटी, चावल, मिलिट्स कुछ भी ले लीजिए लेकिन उसमें चार गुना ज़्यादा सब्जी होनी चाहिए। फिर डिनर में 6 बजे से पहले सैलेड या सूप ले लीजिए। डिनर में फ मगर इस प्लान में जरूरी क्या है कि आप अनाज दिन में एक ही बार लें। इस प्लान को वन ग्रेन मील अ डे भी बोला जाता है। दुनिया भर में लोग इसको फॉलो करके इसका फायदा ले रहे हैं। यदि आप सात्विक फूड की बहुत टेस्टी रेसिपी सीखना चाहते हैं, तो आप हमारी सात्विक फूड बुक ऑनलाइन आर्डर इनमें जो principles हैं, जो सिध्धान्त हैं, वो हमारे पुराने शास्त्रों पर आधारित हैं और जो recipes हैं, वो आपके आजकल के modern lifestyle को ध्यान में रखते हुए बनाए हैं तो ये हो गए हमारे immunity बढ़ाने के तीन steps पहला, शाम 6 बजे के बाद कुछ ना खाएं दूसरा, नाश्टे में सिर्फ फल खाएं और तीसरा पूरे दिन में एक ही बार अनाज खाएं। ये ह्यूमन बॉडी माँ प्रकृति का दिया एक बहुत प्रेशियस गिफ्ट है। बहुत जल्द हम उनको ये वापस लौटा देंगे। जब तक के लिए हमारे पास है, हमारी ड्यूटी है कि हम इसको साफ रखें।
जब आपकी इम्यूनिटी स्ट्रांग होगी, अब सिर्फ खुद को ही नहीं, लेकिन आसपास और प्लीज इस वीडियो को आप उन सभी लोगों के साथ शेयर कीजिए जिनकी आप परवाह करते हैं। इस चैनल को जरूर सब्सक्राइब कीजिए ताकि आपको हमारे आने वाले सारे वीडियोस के अपडेट्स मिलते रहें।
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