Overcome Self Doubt by Identifying Its Root Cause | खुद पर यकीन करना सीखे @satvicyoga

Self-doubt is mental software programmed from childhood that can be rewritten. A frog race story shows how limiting beliefs sabotage effort: frogs focused on height fall, while one ignoring the noise reaches the Eiffel Tower. Notice negative thoughts, replace them with empowering ones, and repeat until the new pattern becomes automatic.
Chapters
अच्छा बताइए पिछले तीन महीने में आपने कितनी बार अपने आप को doubt किया है मेरे से तो नहीं होगा ये बहुत difficult है मेरे में इतना talent ही नहीं है I'm not good enough for this not my cup of tea कितनी बार आपने अपने आप को डाटा है मैं हमेशा क्यों ऐसे करता हूँ कितना बेवकूफ हूँ मैं मुझे पता है मैंने fail हो जाना है होता है ना सबके साथ हुआ है मेरे साथ भी हुआ है कहीं ना कहीं हम सबको लगता है कि हम गुड इनफ नहीं हैं हमारे में कमियाँ हैं कमियाँ हैं हम में से कोई भी परफेक्ट नहीं है पर जब ये ख्याल लगातार हमारे मन में चलते रहते हैं तो हम एक्शन लेने से डरते हैं हम डिसीजंस नहीं ले पाते हम नई चीजें ट्राई क पर ये डर आता कहाँ से है? ये ख्याल आए कहाँ से हैं? इसको एक बहुत ही इंटरेस्टिंग स्टोरी से समझते हैं। एक बार सिटी ऑफ पेरिस में एक रेस ऑर्गेनाइज करी गई सारे फ्रॉग्स के लिए। जो भी फ्रॉग आईफल टावर के ऊपर सबसे पहले पहुँच जाएगा, वो विनर अनाउंस्ड होगा। अब इस रेस को देखने के लिए आसप शुरू होने के लिए इस सारे क्राउड में एक भी एनिमल को नहीं लगता था कि ये फ्रॉग ऊपर तक पहुंच पाएंगे। इतना ऊंचा आईफल टावर और इतने छोटे से ये फ्रॉग्स, वो बोलने लगे, ये तो बहुत डिफिकल्ट है। ये फ्रॉग्स ऊपर तक तो नहीं पहुंच पाएंगे। अब गन फायर हुई, रेस शुरू हुई और फ्रॉग्स ने नहीं हो पाएगा। जैसे-जैसे वो क्लाइम करने लगे, अब ये ख्याल उनके मन में चलने लगे। मैं तो नहीं कर पाऊँगा। मेरे तो हाथ पैर इतने छोटे हैं। जैसे ही ये सोचा, फ्रॉग गिर गया। एक और फ्रॉग सोचता है, कितना ऊंचा है ये आईफिल टावर? मन में डर आ गया। वैसे ही वो गिर गया। एक-एक करते-करत सारा क्राउड हैरान। प्रेजेंटेशन सेरेमनी में होस्ट ने इस फ्रॉग से पूछा, आपका राज क्या है? आप कैसे पहुँचे ऊपर तक? तो फ्रॉग बोलता है, क्या आप थोड़ा तेज बोलेंगे? मुझे न सुनाई बहुत ही कम देता है। And that was his secret. उसने ये सारी बातें सुनी ही नहीं। उसने तो अपना गोल देखा और पहुँच गया ऊपर। स्कूल में हम सुनते हैं, तुम्हारे नंबर नहीं आ रहे हैं, तुम्हें कॉलेज ही नहीं मिलेगा, इंटेलिजेंट नहीं हो तुम। हम मूवीज़ में देखते हैं, लाइफ पार्टनर्स उन्हीं को मिलते हैं, जो देखने में अच्छे होते हैं, वही लोग मजे कर रहे हैं लाइफ में। सोसाइटी हमें बताती है, आपको रिस्पेक्ट त पर ओवरटाइम ये हमारे मन में बैठ जाती हैं। हमारा दिमाग एक कंप्यूटर की तरह होता है। कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर चलता है, उसी तरह हमारे दिमाग में ये खयाल चलते हैं। पर आप सोचिए, आपका ये जो सॉफ्टवेयर है, ये आपने खुद नहीं लिखा। ये बचपन से जो हम देखते आए हैं, सुनते आए हैं, उसका I'm not good enough, I'm not talented. ये आपकी मदद तो नहीं कर रहे, useful तो नहीं है। आपको एक interview में बैठने से रोकते हैं। आप सोचते हैं, मेरे को नहीं मिलेगी job, क्या फायदा try करने का? आप एक group में अपने ideas share करना चाहते हैं, पर कहीं ना कहीं लगता है, मेरे ideas तो silly हैं, क्या सोचेंगे लोग? छोड़ो, try करने से डरते हैं। जब ही भी हम कुछ सक्सीड और फेल होने के 50-50 परसेंट चांसेस होते हैं, पर हमें यही लगता है कि हम फेल हो जाएंगे। आपका सॉफ्टवेयर ऑब्सोलीट हो गया है। अच्छा ये बताइए, क्या आप अपने दोस्तों से ऐसे बात करते हैं? तुम नहीं कर पाओगे, तुम्हारे में बहुत कमियाँ हैं। नहीं ना, हम अपने दोस्तों को तो हमेशा You've got this. पर अपने आप से क्यों नहीं बात कर पाते ऐसे? अपने में क्यों कमियाँ ढूंढते हैं हमेशा? कभी ना कभी तो हमें अपने आप से भी अच्छे से बात करना सीखना पड़ेगा। We will have to learn to be our own best friends। जब ही भी हमारे मन में एक खयाल आते हैं, I'm not talented enough। हम ये भी तो सोच सकते हैं, मेरे पास कितने resources हैं अपने talents को increase करने के, improve करने के Try anyway. जबी भी हमारे मन में एक खयाल आता है, ये तो बहुत मुश्किल है, मैं बीच में ही छोड़ दूँगा. हम ये भी तो सोच सकते हैं, कितना अच्छा learning experience होगा मेरे लिए. Try करके देखते हैं, मजा आएगा. तो पहले इन negative thoughts को हमें observe करना होगा और फिर useful thoughts में convert करना होगा. You have to write your software again. हाँ शुरू में मुश्किल हो सकता है मेहनत लगेगी पर धीरे-धीरे ये सॉफ्टवेयर आपके बैकग्राउंड में चलने लगेगा ऑटोमैटिकली आप नई चीजें ट्राई कर पाएंगे लाइफ एक एडवेंचर बन जाएगी मजा आने लगेगा तो जब भी भी ये ख्याल आए मन में उनको ऑब्जर्व करिए धीरे-धीरे आप और पॉजिटिव यूजफुल ख्याल This be your sadhana. ऐसे और बहुत से yogic concepts सीखने के लिए और हमारे साथ रोज सुबह live yogasanas practice करने के लिए join us for the 21-day yoga challenge. Click here to register now. I'll see you all on your mats.










