PCOD को सिर्फ 3 महीने में जड़ से ख़तम करें | Heal PCOD & Irregular Periods Naturally

In this Hindi video, Samaira Banga (Speaker A) shares her personal struggle with Polycystic Ovary Syndrome (PCOD) and claims to have cured it naturally within three months without medication. She explains that PCOD originates from “toxins” (referred to as "vilay") accumulating in the intestines due to processed, packaged foods, leading to ovarian cysts, irregular periods, weight gain, hair loss, skin problems, and painful periods. The core of the presentation is a five‑step "PCOD Reversal Plan" framed as five elemental “Angels” – Space, Air, Sunlight, Water, and Earth – each representing a lifestyle intervention: 1. Angel of Space – 16‑hour intermittent fasting (or weekly 1‑day fast) to give the gut a cleaning window. 2. Angel of Air – Regular movement (walking, jogging) and deep breathing in open air to stimulate ovarian circulation. 3. Angel of Sunlight – Daily sun exposure (≈20 min) with minimal clothing to boost vitamin D and blood circulation. 4. Angel of Water – Enema‑style water hold ("Enima") for 5‑7 min and a cold‑wet cotton pack ("Weight Pack") to create temperature contrast, improve circulation and toxin elimination. 5. Angel of Earth – Adoption of a Satvic (pure, plant‑based, water‑rich) diet following the LWPW principle (Living vegetables, Whole grains, Plant‑based, Water‑rich) and avoidance of refined, packaged foods and animal products. The speaker also provides a concrete daily diet schedule (vegetable juice on waking, fruit‑rich breakfast, flexible lunch/dinner, and a 16‑hour fast) and practical tips for hair‑fall, facial‑hair, and overall medication‑free living. Throughout, she urges viewers to follow the steps religiously for three months, promising regular periods, clear skin, reduced hair loss, and avoidance of costly fertility treatments. The video ends with a call to watch related detox videos, subscribe, and share the information.
Chapters
नमस्ते मैं हूँ सुबा क्या आप भी पीसी ओडी से तंग आ चुके हैं इसका सलूशन ढूंढते ढूंढते पूरा इंटरनेट सर्च कर लिया अगर हाँ तो आप बिल्कुल सही जगा आये हैं इस वीडियो में आप सीखेंगे कि आप सिर्फ तीन महीनों में अपने पीसी ओडी को हमेशा के लिए कैसे ख़तम कर सकते हैं इस वीडियो के पहले पार्ट म फिर दूसरे पार्ट में आप जानेंगे अपना फाइव स्टेप पीसीओडी रिवर्सल प्लान, जिसको फॉलो करके आपके पीरियड्स ऑटोमैटिकली रेगुलर हो जाएंगे। तो इस वीडियो को एंड तक जरूर देखें। विश्वास नहीं होता ना कि पीसीओडी खत्म भी हो सकता है? मुझे भी नहीं हुआ था। मैं सिर्फ तेरह साल की थी जब मेरी हर गाइनकोलोजिस्ट, हर डर्मटोलोजिस्ट, हर दवाई ट्राइ कर ली थी मैंने लेकिन बीमारी बढ़ती ही जाती थी लेकिन फिर मुझे लाइफ में एक ऐसा रस्ता मिला जिसको फॉलो करके सिर्फ तीन महीनों में बिना एक भी दवाई के मेरा पीसीओडी हमेशा के लिए रिवर्स हो गया वो सारे स्टेप्स जो मैंने फॉलो करे मैं हेयरफॉल कैसे कम करें, फेशियल हेयर कैसे हटाएं, आगे जाके आसानी से कंसीव कैसे करें, सब कुछ। तो इस वीडियो को एंड तक जरूर जरूर देखें। लेकिन पहले ये जानना जरूरी है कि ये बीमारी आई कहाँ से? अगर आज आप अपनी दादी या नानी से पूछेंगे कि पीसीओडी क्या होता है, तो आपको वो यही कहेंगी। कि हर पांचवीं लड़की को हो रही है क्यों हो रहा है ये डिजीजा जितना कॉमन इसका जर कारण क्या है ये समझना बहुत जरूरी है जब हम ऐसा खाना खाते हैं जो माँ प्रकृति से सीधा-सीधा नहीं आता पैकेट बन बottल बन बाजार का खाना स्नैक्स बिस्किट्स नूडल्स नमकीन चिप्स ब्रेड केचप चाय कॉफी टिन म अंदर से आपकी इंटेस्टाइन्स यानि आंते कुछ ऐसी दिखती हैं। इसपे हजारों छोटे-छोटे उंगलियों जैसे उभार होते हैं, जिसे हम विलाय कहते हैं। इंटेस्टाइन्स पर जो भी लगा होता है, ये विलाय उसको अपने अंदर सोख लेते हैं। गंदगी लगी होगी, तो वो गंदगी को ही अपने अंदर सोखेंगे और आपके खू सिस्ट्स का रूप ले लेती है, तो हम उसको कह देते हैं पीसीओडी या पीसीओएस पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम। ये सिस्ट्स इस गंदगी का ही दूसरा नाम है। इसकी वजह से हमारी ओवरी सही तरीके से अपना काम नहीं कर पाती, हर महीने एग न ही रिलीज हो पाता, जिसकी वजह से पीरियड्स टाइम पे नहीं आ पाते। यही जब यही गंदगी आपके पूरे शरीर में फंस जाती है और उसको भारी बना देती है, तो हम उसको कह देते हैं एक्सेस वेट या मोटापा। जब यही गंदगी आपके खून को भारी बना देती है और गाढ़ा बना देती है और खून आपके सर तक ट्रेवल नहीं कर पाता और बाल गिरने लगते हैं, तो हम उसको कह देते हैं जो शरीर अंदर से साफ है, उसमें ना पीसीओडी हो सकता, ना पिंपल्स, ना मोटापा, ना हेयरफॉल और ना ही पेनफुल पीरियड्स। आपको ये जानना जरूरी है कि आपके पीसीओडी का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? हो सकता है ये दुश्मन अभी आपके घर में ही बैठा हो। ये है बर्थ कंट्रोल पिल्स। ये वही दवाई है जो अक आइए समझते हैं ये बर्थ कंट्रोल पिल्स क्या करती हैं। आपके सामने स्क्रीन पे दो वीडियोस प्ले हो रही हैं। क्या आप बता सकते हैं इन दोनों वीडियोस में क्या सिमिलरिटी है? एक तो एनिमल क्रुअल्टी दिखा रही है और दूसरा बर्थ कंट्रोल पिल का ऐड है। ये कैसे एक जैसे हो सकते हैं? लेकिन इन दोनों एक बार गहराई में सोचिए, ये हार्मोन्स इन भेड़ों को क्यों दिए जाते हैं? उनका वजन तेजी से बढ़ाने के लिए, ताकि उनमें से ज्यादा दूध निकल पाए और कटने पर ज्यादा मास मिल पाए। तो जब हम ये हार्मोन्स लेते हैं, तो हमारे साथ क्या होता है? जाहिर सी बात है, हमारा भी वजन बढ़ता है। फिर हम भेड़ों को जबरदस्ती दी जाती है, वो हम खुद खरीद के अपने अंदर डाल रहे हैं। तो दवाई ना ले तो क्या करें? इस वीडियो में जो हम आपको आगे जाके पांच स्टेप्स देंगे, उनको रिलिजियसली फॉलो करें। सिर्फ तीन महीने बाद आप देखेंगे कि आपके पीरियड्स ऑटोमैटिकली रेगुलर हो जाएंगे, हर महीने स्किन एकदम साफ होकर चमकने लगेंगी। पीरियड्स कब आए, कब गए पता ही नहीं चलेगा। पीरियड पेन क्या होता है? आप भूल जाएंगे और आगे जाकर आपको आईवीएफ जैसे इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स पे लाखों रुपए नहीं खर्च करने पड़ेंगे। तो आइए अब बढ़ते हैं अपने फाइव स्टेप पीसीओडी रिवर्सल प्लान पे। क्या यानी फाइव पावरफुल हीलिंग एंजल्स, जिनकी मदद से आप पीसीओडी को हमेशा के लिए गुडबाय कह सकते हैं। आइए एक-एक करके हर एंजल से मिलते हैं। पहला एंजल, एंजल ऑफ स्पेस। स्पेस का मतलब खाली जगह। एक स्वस्थ शरीर में खाली जगह, यानी स्पेस एलिमेंट अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। आँतों के अंदर खाली लेकिन जब हमारा शरीर गंदगी से भर जाता है, तो उसमें एंजल ऑफ स्पेस को रहने की जगह नहीं मिलती, और वो हमारे शरीर को छोड़के चला जाता है। याद रखिए, जितना आपकी बॉडी में बढ़ेगा स्पेस, उतनी तेजी से होगा आपका पीसीओडी इरेज। हम अपने शरीर में स्पेस एलिमेंट कैसे क्रिएट करें? 16 आवर फ जो आजकल की मॉडर्न लाइफ के लिए बहुत आसान है। क्या करना है? रोज रात को आपको 16 घंटे अपने पेट को आराम देना है, 16 घंटे के लिए कुछ नहीं खाना। अगर आप डिनर शाम 7 बजे लेते हैं, तो ब्रेकफास्ट अगले दिन 11 बजे लीजिए। डिनर अगर 6 बजे लेते हैं, तो ब्रेकफास्ट अगले दिन 10 बजे लीज या क्लीनिंग यानि शरीर को साफ करने का काम। जब आप पूरा दिन खाते रहते हैं, तो आपका शरीर पूरा टाइम उसको पचाने में ही लगा रहता है। उसको सफाई का टाइम ही नहीं मिलता। लेकिन रोज 16 घंटे उपवास के जरिए आपके शरीर को सफाई के लिए कुछ समय रोज मिल जाता है। 16 घंटे उपवास के दौरान आपके शरीर पीरियड्स रेगुलराइज होने लगते हैं, अंदर बैठी गंदगी बाहर निकलने लगती है, खून साफ होता है और स्किन में से पुराने दाग धब्बे मिटने लगते हैं। फास्टिंग को एक एग्जांपल से समझते हैं। अब सोचिए एक रोड है जिसपे दिन रात गाड़ियाँ चल रही हैं। रोड के बीच में यदि कुछ सफाई करनी हो तो प डिक्टो सेम आपकी बॉडी के अंदर होता है। अगर आपको बॉडी में डीप क्लीनिंग करनी है, तो गानियों को, यानि खाने को रोज थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रोकना होगा। यदि हम पीसीओडी को खत्म करना चाहते हैं, तो वो उपवास के बिना नहीं हो सकता। 16 घंटे उपवास कैसे करना है? इसको डिटेल में हमने अपन तो आप वंस वीक फास्टिंग भी कर सकते हैं। हफ्ते में कोई भी एक दिन सिर्फ सब्जियों के जूस और नारियल पानी पे रहिए। ये मुश्किल लगता है, तो सेकंड ऑप्शन है सिर्फ फलों पे रहना। कोई रोटी, अनाज, पका हुआ खाना हफ्ते में किसी एक दिन के लिए छोड़ दीजिए। सर्दियों में सूप फास्ट भी कर सकते हैं। प और एंजल ऑफ स्पेस आपके शरीर में वापस निवास करने लगता है। अब आइए हम आपको प्रकृति के भेजे दूसरे एंजल से मिलवाते हैं। इस एंजल को तो आप अभी ये वीडियो देखते-देखते भी अपने अंदर ले रहे हैं। ये है एंजल ऑफ एयर। आपको क्या लगता है? इस फोटो में से आपके पीसीओडी के लिए सबसे डेंजरस क हाँ ये सब आपके लिए काफी बुरे हैं लेकिन वो तो आपको पता है और आप इनको लिमिट करने की कोशिश भी करते हैं एक ऐसी चीज जो हम रोज इतनी ज्यादा यूज कर रहे हैं कि हम समझ ही नहीं पाते ये हमारे शरीर को कैसे धीरे धीरे मार रही है असली कल्प्रिट है आपकी कुर्सी हम आज ऐसी जिन्दगी जीने लग गए हैं कि हम बस बेड से सीधा टॉयलेट पे बैठते हैं, फिर टेबल पे बैठके खाना खाते हैं, फिर गाड़ी की सीट पे बैठके ऑफिस जाते हैं, फिर पूरा दिन ऑफिस की कुर्सी पे बैठके काम करते हैं, उठते भी हैं तो सिर्फ टॉयलेट की सीट पे बैठने के लिए या कैफेटेरिया में बैठके खाना खाने के लिए, फिर वापस गाड बॉडी को मूव नहीं करते, तो हमारे शरीर से एंजल ऑफ़ एयर जाने लगता है। पूरा दिन बैठे रहने से आपकी ओवरीज़, यूटरस, रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स को कोई मूवमेंट नहीं मिलती। ये अंदर बैठे-बैठे सड़ने लगते हैं और धीरे-धीरे पूरी तरह से काम करना बंद कर देते हैं। इस सिटिंग डिजीज़ से क्योंकि इससे आपकी ओवरीज में मूवमेंट यानी हलचल होती है, वो ट्विस्ट और टर्न होती है, अंदर जाने में गंदगी बाहर निकलने लगती है। जॉगिंग नहीं कर सकते तो वॉकिंग से स्टार्ट कीजिए और फिर उसमें पांच मिनट जॉगिंग जोड़िए और फिर धीरे-धीरे पंद्रह-बीस मिनट जॉगिंग तक लेके जाइए। एक्सरसाइज करते समय लंबी गहरी सांसें लेते जाएं ताकि एंजल ऑफ़ एयर आपकी बॉडी में एंटर करे। जिम्स या बंद कमरे की जगह खुली हवा में एक्सरसाइज करें, सूर्य की रोशनी के नीचे और पतले कॉटन के कपड़े पहनकर एक्सरसाइज करें। ऐसा करने से आपको सनबेधिंग का भी फायदा ऑटोमैटिकली मिल जाएगा। उस अगर सामने लिफ्ट और सीडी दोनों की आप्शन हो तो सीडी ले जहां पैदल चलके जा सकते हैं वहां पैदल चलिये जब भी फोन पे बात करते हैं तो तुरंट उठ जाये और चलते चलते बात कीजिये काम के बीच में हर आदे घंटे बाद को क्योंकि ये आपके रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स पे बहुत प्रेशर डालते हैं। यदि आपके कपड़े उतारने पर स्किन पे निशान रह जाते हैं, तो समझ जाना कि वो आपकी बॉडी के लिए बहुत टाइट थे और अंदर ऑर्गन्स के काम को डिस्टर्ब कर रहे थे। तो संक्षेप में इस एंजल को पूरी तरह लेने के लिए एक घंटा खुली ह आइए अब अपने अगले एंजल से मिलते हैं क्या आप गेस्ट कर सकते हैं ये एंजल कौन है ये एंजल हर सुबह आकर आपकी खिड़की पे खटखटाता है ये है एंजल ऑफ सनलाइट अब सोचिए कि हमारे पूर्वजों का सूर्य से कितना गहरा संबंध था वो दिन में कितना समय सूर्य की रोशनी के नीचे बिताते थे हम तो बंद कमरों में पर्श भी करें बिमारी तो आएगी ही आएगी क्योंकि मा प्रकृती ने हमारे इस शरीर को बिना सूरे की रोष्णी के साथ जीने के लिए बनाया ही नहीं तो सूरे की रोष्णी कैसे ले? सन्वेदे यानि सूर्यस्नान के जरीए याद रखें हमें सूर्य की गर्मी नहीं रोशनी चाहिए सिर्फ सर्दियों में आप दोपहर में भी कर सकते हैं क्योंकि उस समय दोपहर की रोशनी में गर्मी नहीं होती संबेधन कितनी देर करनी है करीब 20 मिनट 10 मिनट फ्रंट बॉडी को रोशनी दिखाएं और 10 मिनट बैक बॉडी को क्या पहनना है कम से कम कपड़े पहनने ही है अगर थोड़ी भी ज्यादा गर्मी है, तो अपने हेड को सफेद कॉटन के कपड़े से ढक लें। हो सके तो अपने प्राइवेट पार्ट्स को भी सनलाइट दिखाएं। उससे सनबेडिंग का और भी ज्यादा फायदा मिलेगा। सनबेडिंग के समय आप अपना कोई भी दूसरा काम कर सकते हैं। बुक पढ़ना, पढ़ाई करना, पॉडकास्ट सुनना। आप शायद सोच घर पे नहीं तो आसपास कोई पार्क तो होगा पतले कॉटन के कपड़े पहनकर वहाँ जाइए और वहीं से कर लीजिए सनबेधिंग ये भी नहीं हो सकता तो आप वॉकिंग सनबात कर लें या फिर अपनी एक्सरसाइज सनलाइट में कर लें इसके अलावा जितना हो सकता है घर की खिड़कियाँ खोली रखें ताकि एंजल ऑफ सनलाइट आपके घर में और हाँ, सनबेधिंग करते समय सूर्यदेव को धन्यवाद जरूर बोलें। इस एंजल को आपकी लाइफ में भेजने के लिए। अगर सूर्य की रोशनी ना होती, तो क्या आप सोच भी सकते हैं हमारी ज़िंदगी कैसी होती? आइए, अब मिलते हैं अपने नेक्स्ट एंजल से, और वो है एंजल ऑफ़ वाटर। एंजल ऑफ़ वाटर हमारे लिए दो जैसा कि हमने सीखा, पीसीओडी का जन्म हमारी इंटेस्टाइंस में होता है। जब तक हम अपनी इंटेस्टाइंस को साफ नहीं करेंगे, हमारा पीसीओडी खत्म हो ही नहीं सकता। एनिमा एक ऐसा तरीका है, जिससे हम अपनी इंटेस्टाइंस में पांच से सात मिनट के लिए पानी होल्ड करते हैं, और धीरे-धीरे ये पानी अंदर जमे सारे प वो सारी गंदगी भी बाहर निकलती हुई देखते हैं। यदि हम इस गंदगी को बाहर नहीं निकालेंगे, तो यही तो आगे जाके ओवरीज में सिस्ट्स बनेगी। इसको एक्जाकली कैसे करना है, कब करना है, कहां से लेना है, हमने डीटेल में अपनी डीटॉक्स वीडियो में डिसकस किया है। चिंता ना करें, एनिमा बिल्कुल सेफ है तो आपको एनेमा 21 दिन तक रोज लेना है और उसके बाद हफ़ते में सिर्फ एक बार या जरूरत पढ़ने पढ़ लें एंजल अफ वाटर ने हमारे लिए एक और गिफ्ट दिया है और वो है वेट पैक आपको बेसिकली एक कॉटन की पट्टी लेनी है और थंडे पानी में भिगोकर पेट, गले और माथे पे लपेटनी है इसको करीब आदे घंटे जहाँ पट्टी लगाई है वो पार्ट्स ठंडे और बाकी बॉडी गर्म। जब एक समय पे दो टेम्परेचर मेंटेन होते हैं, तो हमारा ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। ब्लड के साथ साथ गंदगी भी सर्कुलेट होने लगती है और बाहर निकलने के लिए तैयार हो जाती है। ठंडी पट्टी आपको शुरू के तीन महीने रोज लगानी ह तो इस वीडियो के बाद हमारी डीटॉक्स वीडियो जरूर देखें। ये 20 मिनट की वीडियो है और इसमें ये तीनों स्टेप्स, 16 घंटे उपवास, एनिमा और वेट पैक बहुत डिटेल में समझाए गए हैं। इनको सही तरीके से समझ के करना बहुत जरूरी है। चलिए, एंजल ऑफ स्पेस, एयर, फायर और वाटर के जरिए आपका शर कि आप इसको फिर से गंदा ना करें। इसके लिए माँ प्रकृति ने आपके लिए भेजी है एंजल ऑफ़ अर्थ, जो आपके लिए सात्विक फ़ूड का गिफ़्ट लाई है। ये सात्विक फ़ूड क्या होता है? हमारे वेदों ने सात्विक फ़ूड के चार सिद्धांत दिए हैं। शॉर्ट फॉर्म में यह है LWPW। L यानी लिविंग फ़ू वेजिटेबल्स, स्प्राउट्स और ग्रेन्स। मरा हुआ खाना, वो जो पैकेट, बottल, डब्बे या टिन में बंद आता है, ये आपके शरीर को गंदा करता है, ओवरीज़ में सिस्ट्स क्रिएट करता है और आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल बिल्कुल बिगाड़ देता है। W यानी होलसम। खाने को उसी रूप में खाइए जिस रूप में माँ प्रकृति इसकी जगह होलसम फूड खाइए, ब्राउन राइस, चोकर सहित आटा और खजूर या गुड़। पी यानी प्लांट बेस्ड, ऐसा कोई खाना ना ले जो जानवरों से आता हो, मांस, मछली, अंडे, दूध या दूध से बनी चीजें, वो लेना जो सीधा पेड़ पौधों से आता हो। हर दूध के ग्लास में एक गाय के बहुत सारे हार्मोन्स मिले ह इसकी जगह नारियल का दूध लें। ये बहुत ही पोष्टिक और बिल्कुल सेफ है। W यानी water rich, यानी ज़्यादा से ज़्यादा ऐसा खाना ले जिसमें रस्य हो, जो पानी से भरा हो। एक खीरे को जूसर में डालके देखिए कितना जूस निकलेगा? क्या कभी ब्रेड को डालके जूस बनेगा? नहीं, क्योंकि उसमें कोई पानी, रस नह धमा प्रकृति की किचन से आया है। इसे सूर्य देव ने अपनी किरणों से पकाया है, बायु देव ने बड़ा किया है। इसमें माँ प्रकृति ने अलग-अलग विटामिन्स और मिनरल्स पैक करके भेजे हैं। चिंता ना करें कि खाना बिल्कुल बोरिंग नहीं होने वाला। हमने आपके लिए सात्विक फूड बुक क्रिएट करी है, जिसम चीज का सात्विक वर्जन बनाना सिखाया है। आइए अब डिस्कस करते हैं पीसीओडी खत्म करने के लिए आपका नया डाइट प्लान। सुबह उठने के बाद किसी भी सब्जी का जूस ले लें। सबसे अच्छा है सफेद पेठे का जूस। फिर ब्रेकफास्ट में एक प्लेट भर के फ्रूट्स। एक बार में एक ही फल खाना बेस्ट है। लंच में आप अ चाहे तो लंच और डिनर को स्वॉप भी कर सकते हैं। ये प्लान हमने और बहुत डिटेल में इस वीडियो में समझाया है। एक आहार सारे इलाज। तो इस वीडियो के बाद ये दोनों वीडियो जरूर देखें। आपको और बहुत क्लारिटी मिलेगी। आप में से बहुत जन एक सवाल पूछते हैं, क्या मैं आगे जाके आसानी से कंसीव कर प मिट्टी, पानी, धूप, हवा और आकाश तो वो मुरझा जाएगा, एकदम सूख जाएगा, उसकी टहनियाँ अखड़ जाएंगी। ऐसी अवस्था में क्या वो फल दे पाएगा? नहीं, क्योंकि माँ प्रकृति के पांच तत्व ना मिलने के कारण अब वो फर्टाइल नहीं रहा। एकदम ऐसा ही हमारे भी शरीर में होता है। पौधे को मुरझाने में लगते ह हमें भी जब मा प्रकृती के पांच सत्व नहीं मिलते तो हमारा शरीर अंदर से मुढ़जा जाता है, सूख जाता है ऐसी अवस्था में वो फल यानी एक नया जीव कैसे दे पाएगा? जब हम उसको मा प्रकृती के ये पांच सत्व देंगे तो वो अंदर से उबजाऊ बनेगा उसमें एक नई जान देनी की शम्ता आएगी आगे जाके अब बहुत आसानी से बिना किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च करे कंसीव कर पाएंगे। और पता है बेस्ट बात क्या है? जब आपकी हेल्थ इतनी अच्छी होगी, तो उस नई लाइफ की हेल्थ भी ऑटोमैटिकली बहुत अच्छी होगी। ये पांच तत्व कैसे लेने हैं? सुबह उठकर सबसे पहले फ्रेश हो जाइए, फिर कीजिए अपनी मॉर्निंग एक्सरसाइज मॉर्निंग एक्सरसाइज को एंड कीजिए 20 मिनट सनबेधिंग के साथ और लीजिए आशीर्वाद सूर्यदेव का। फिर पहले अपना वेट पैक लगा लें और फिर एनएमआ। इन दोनों थेरेपीज़ के थ्रू जल तत्व आपके अंदर की सफाई करता है। पूरे दिन में जो डाइट प्लान दिया उसको रिलिजियसली फॉलो कीजिए। भोजन सीधा माँ प्रक 16 घंटे उपवास को जीवन में हमेशा जोड़के रखिए ताकि आकाश तत्व हमेशा आपके शरीर में निवास करता रहे। इसको फॉलो करने के सिर्फ तीन महीनों में आप देखेंगे कैसे आपका पीसीओडी रिवर्स हो जाएगा, पीरियड्स हर महीने एकदम टाइम पर आएंगे, पीरियड पेन एक हिस्ट्री बन जाएगा और पीसीओडी के बाकी सारे सिम इस लाइफस्टाइल को प्रैक्टिकल बनाने के लिए आपके लिए कुछ बोनस टिप्स। यदि कभी आपके खाने में गड़बड़ हो जाए, आप पहले दिए डाइट प्लान को फॉलो ना कर पाएं, तो अगले दिन फास्ट कर लीजिए। पूरा दिन सिर्फ जूस, सूप या किसी भी हल्के फ्रूट पर रहिए। किसी दिन सुबह एक्सरसाइज मिस हो जाए, तो श हमने अपने चैनल पे कई योगा वीडियोस अपलोड की हैं, जिन्हें देखकर आप फॉलो कर सकते हैं। कभी सात्विक मील बनाने का आलस आ रहा हो, तो कोई बात नहीं, कुछ फ्रूट्स लीजिए, उनको काट के खा लीजिए, और हो गया आपका सात्विक मील फॉर दोज़ लेजी टाइम्स। ऐसा फील हो रहा है कि फैमिली कैसे समझेगी क मगर बेस्ट तरीका क्या है? उन्हें सरप्राइज कीजिए। सात्विक फूड बुक में करीब 50 टेस्टी रेसिपीज़ दी हैं। उनके लिए कोई एक डिश बनाइए और उन्हें बताइए मत कि वो रिफाइंड शुगर, तेल, केमिकल्स और तेज मिर्च मसालों के बिना बनाई गई है। बस टेस्ट करवाइए और वो शॉक्ड रह जाएंगे और बोलेंग important सवाल discuss करते हैं जो शायद आपके मन में आ रहे हों पहला सवाल मेरे hair fall का क्या इलाज है? Hair fall तब होता है जब खून में गंदगी, toxins होने की वज़ज़े से वो गाड़ा हो जाता है और सर तक नहीं पहुँच पाता यहां blood circulation रुक जाता है तो बाल गिरने लगते हैं जब आप उपर दिये गए steps follow करेंगे तो खून automatically साफ हो जाएगा साफ होगा तो वो हल्का होगा, ऊपर तक सर्कुलेट करने लगेगा, हेयरफॉल ऑटोमैटिकली रुक जाएगा, जो बाल गिरे हैं वो वापस आने लगेंगे। जो भी आप शैम्पू यूज़ करें, वो ज़्यादा से ज़्यादा नैचुरल और केमिकल फ्री होना चाहिए। जब आप शैम्पू खरीदें, तो पैराबिन फ्री और सल्फेट फ्री शैम्पू की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए यूज़ करती हैं, और यही केमिकल्स आपके हेयर से उनकी लाइफ और शाइन दोनों खींच लेते हैं। अगला सवाल, मैं अपने फेशियल हेयर के बारे में क्या करूं? जब आपकी बॉडी अंदर से साफ होगी, तो हार्मोनल इम्बैलेंस ऑटोमैटिकली सही होगा, मेल हार्मोन कम हो तब तक आप कुछ नैचुरल स्क्रब्स भी यूज़ कर सकते हैं, जैसे कि बेसन और पानी मिलाके हफ्ते में तीन से चार बार फेस पे स्क्रब कर सकते हैं। बस थोड़ा समय दीजिए। लेज़र हेयर रिमूवल का रास्ता नैचुरल नहीं है और आगे जाके बहुत सारी प्रॉब्लम्स क्रिएट करता है। आखिरी सवाल, क्या मैं अपनी सारी की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। सब दवाइयाँ को छोड़के एक मेडिसिन फ्री लाइफ जीना ही हमारा उद्देश्य है, लेकिन इससे पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। तो इस वीडियो के बाद ये दोनों वीडियोस जरूर देखें, ताकि आपको फास्टिंग, वेट पैक, एनिमा और अपने डाइट प्लान की फुल क्लेरिटी मिल प स्क्राइब करें और ये वीडियो अपने उन सभी फ्रेंड्स और फैमिली के साथ शेयर करें जो आज पीसीओडी से गुजर रहे हैं।










