PCOD को सिर्फ 3 महीनों में मैने कैसे ख़त्म किया | How I Cured My PCOD Without Medicine

Tushar Sachdev had PCOD since age 11 with irregular periods, severe acne, and weight gain despite medications. During lockdown she switched to 16-hour intermittent fasting, cut heavy breakfasts, and added natural foods. In three months she lost 16 kg, her cycle normalized to 20 days, and she stopped all medications.
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19 साल की त्विशा एक एक्टिव आउटगोइंग लड़की है, जिसे फोटोग्राफी पसंद है, लोगों से मिलना पसंद है और जिंदगी खुलके जीना पसंद है। वो इतनी कॉन्फिडेंट है कि दूसरे उसके बारे में क्या सोचते हैं, उसको फर्क ही नहीं पड़ता।
पर जब वो 11 साल की छोटी सी बच्ची थी, तो हमेशा डरी-डरी सी रहती नीचे सोसाइटी तक भी नहीं जाती।
पीसीओडी के कॉम्प्लिकेशंस और पूरी दुनिया के ताने मेरा पूरा बचपन ही मुझसे छीन लिया। मैं जिस तरह से ठीक हुई हूँ ना, मैं सोच भी नहीं सकती थी सल्यूशन इतना सिंपल है। जस्ट लाइफस्टाइल और फ़ूड चेंजेस। मुझे सिर्फ़ एक गाइडेंस की ज़रूरत थी और जब मेरा नाम तुषार सचदेव है और मैं 20 साल की हूँ।
11 साल की उम्र में जब तुषार को अपना फर्स्ट पीरियड आया, सदनली सब जगह पेन होने लगा। छोटी सी तुषार के लिए ये बहुत कंफ्यूजिंग था, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था।
मतलब मुझे पता भी नहीं था क्या होता है। My sister said कि nothing you have got mature, it's just a matter of three days. But then three से five days Five से seven, seven से ten. दस दिन बाद जब वो finally stop हुआ, तो मुझे relief मिला, normal feel होने लगा। And I literally thanked God कि मेरी cycle रुक गई। But then फिर से within ten days my periods came back and I was shocked. And I went to my sister and mom and said अब क्या करूँ? और फिर से आ गए। And मुझे फिर पता चला कि मुझे PCOD है। बचपन से लेके मैंने इतने डॉक्टर्स को कंसल्ट किया है, हर डॉक्टर को तीन-तीन साल मैंने ट्रस्ट किया। इन दवाइयों से मेरी प्रॉब्लम्स और कॉम्प्लिकेट होती ही जा रही थी, तो कभी क्या और हुआ ही नहीं। एक अडल्ट फीमेल के लिए नॉर्मली ये तीन-चार दिन महीने के बहुत चैलेंजिंग होते हैं, लेक 37 to 52, then मेरे face पे पूरे pimples आ गए और stretch marks भी आने लग गए थे and my complexion changed completely। मेरे को सबसे ज़्यादा दिक्कत होती थी जब मुझे class के लड़के चिढ़ाते थे, वो मुझे literally बोलते थे मुच्छड़, pimple queen। मेरे लिए मेरा period pain बिल्कुल matter नहीं करता था, looks मुझे सबसे ज़्यादा matter करने लग गई थी। मैं अपने आप को शीशे में जब खड़ो के देखती देखते ही देखते मैं 12 स्टैंडर्ड में आ गई। 11 साल की उम्र से लेके 18 साल की उम्र तक मैंने अपने आप को आईने में ऐसे ही देखा है।
बहुत टफ टाइम्स हैं इसके।
हमलोगों ने मेडिकलेम इसलिए कराया कि कभी भी उसको इश्यू हो, तो हम उसको हॉस्पिटल की फैसिलिटीज मतलब दे सकें।
अप्रैल 2019 में, जब ट और साथ में पिछले आठ सालों से सिस्टाइटिस नाम की एक रेयर कंडीशन भी है।
जाने में वॉशरूम उसको तकलीफ होती थी, जाई नहीं सकती थी, रोक के बैठी रहती थी पूरा पूरा दिन कि मैं नहीं जाऊँगी, मुझसे जाया नहीं जाता, मुझे इरिटेशन होती है।
इस लड़की ने पूरे बचपन में इतना पेन सहा है हम अंद रात को मास्क लगाकर सोना पड़ता।
इन सब के अलावा सुशांत को पीसीओडी की वजह से एक और कॉम्प्लिकेशन आ गए।
मुझे पता चला कि मुझे प्रोलैक्टिन डिसऑर्डर हो गया है। I was like सुनके कि अच्छा ये भी कोई डिसऑर्डर है, ऐसे-ऐसे डिसऑर्डर होते हैं जिनके कभी नाम ही नहीं सुना है। मैं जिस तरह से ठीक हुई हू जस्ट लाइफस्टाइल और फूड चेंजेस मुझे सिर्फ़ एक गाइडेंस की ज़रूरत थी और जब वो मुझे मिली मैंने अपने आप को कंपलीटली हील कर लिया। लॉकडाउन तो मेरे लिए एक ब्लेसिंग इन डिसगाइस था। पहले मैं बैठके पूरा टाइम सर्च करती रहती थी कि कुछ तो मिल जाए जिससे ठीक हो जाऊँ क्योंकि सब ट्राई का डिस्क्रिप्शन था। सुबह दी को मैंने देखा पीसीयूएस थी एंड मैं इंस्टेंटली कनेक्ट हो गई कि यार इन्होंने भी वही एक्सपीरियंस किया जो मैंने किया है। जब मैं वीडियो देख रही थी तो सुबह दी ने उसमें बताया था कि सुबह सुबह परांठे खाना हमारी हेल्थ के लिए कितना नुकसान है और उस टाइम म पर मैंने तब ये सोचा कि यार मैं हर डॉक्टर को तीन-तीन साल दे चुकी हूँ, अब मेरा यहाँ एक मेरा लास्ट रिज़ोर्ट है ये, मेरा ट्राई बनता है। और यहाँ तक कि मुझे एक डॉक्टर ने ये तक बोल दिया था कि जो रहे ना एक्सेप्ट कर लो, जस्ट इग्नोर द थिंग्स। बट जब मैंने वीडियो देखी, उसम प्लस द आशगार जूस।
पहले मुझे लगता था कि तू खाती नहीं है, तू करती क्या है ये? तू गलत चीजें ले रही है, तू ऐसे मत कर। फास्टिंग वो समथिंग विच कंसर्न्ड मी द मोस्ट क्योंकि जैसे हम डाइट्स लेते हैं, उसमें कहा जाता है हर दो घंटे में खाना खाओ। वो हर दो घंटे में नहीं खाती थी, मु मैं 16 hours fasting छुप-छुप के करती थी, कभी बोलती थी कि अभी class चल रही है, camera on है, नहीं खा सकती।
कभी बोलती थी कि भूख नहीं है, क्योंकि ये सब करना पड़ता है अपने ठीक होने के लिए। अब कैसे समझाऊँ कि नहीं मैं ठीक हो जाऊँगी? मेरा belief ये है कि कुछ भी चीज़ को करने से पहले ना उसपे trust करना बहुत जरूरी ह कैसे खाना खाना चाहिए उससे मेरी अंडरस्टैंडिंग काफी बढ़ती रही नॉलेज बढ़ती रही एंड मेरे को अंदर से पता चल गया था कि मेरा सल्यूशन यही है और कोई सल्यूशन नहीं है बेस्ट सल्यूशन है ये देन एक दिन ना मैं वीडियो देख रही थी और वीडियो देखते-देखते मुझे रिलाइज हुआ कि मेरा टिश लाइक सब बहुत कंट्रोल में आ गया जो मेरे लिए सबसे खुशी की बात थी वो ये थी कि अब मुझे रात को बिना मास्क के सोना है और दूसरा मेरी स्लीप क्वालिटी बहुत इम्प्रूव हो गई थी लाइक मेरा इज़नोफिलिया इतनी बड़ी जो ऑटोम्यून डिसीज़ है वो कंट्रोल में आ गई तो मेरा इज़नोफिलिया अब क्योर नही मैंने न देखा एक महीने के अंदर धीरे-धीरे मेरी स्किन बहुत क्लियर होने लग गई। फिर मैंने नोटिस किया कि मेरी पिगमेंटेशन इतनी रिड्यूस हो गई, मुझे इंस्टेंट रिजल्ट्स मिल रहे थे। मैं रोज़ सबाउट के मिरर देखती थी और हर बार देखती थी यार आज इम्प्रूवमेंट है हर रोज़ लगता था कि आज और इम्प्रूवमेंट है जो मेरे सिस्टाइटिस की प्रॉब्लम थी वो कई हद तक सब साइड हो गई थी देन सेकेंडली मेरा वेट लाइक 16 केजीज़ नीचे आ गया था तो मैं ना क्या करती हूँ कि पुराने कपड़े दवाइयाँ मैंने completely छोड़ दी हैं, but शुरुआत में ना मैंने कुछ time के लिए वो दवाइयाँ रखी, ऊपर पटक के रखी दो, but रखी कि कल को कुछ हो गया वापस तो मैं ले लूँगी फिर से, क्योंकि हो चुका है सब। so जैसी दवाइयाँ छोड़ी, first month में बहुत जल्दी आ गए, then second month में बहुत delay हो गए, but then I kept tracking the things and third fourth month में मैंने realize किया कि मेरे cycle ranges within twenty And then I was like, नहीं अब सब ठीक है. I don't need medicines now. Like I can't even express मैं भगवान जी के पास वापस गई जैसे बचपन में जाती थी और मैंने उनको इतने दिल से thank you बोला ना कि आपने मुझे इतना अच्छा रास्ता दिखाया. Thank you आपने nature को इतना beautiful बनाया. कि हम अपने आपको खुद हील कर सकते हैं अब वो सो हापी मुझे पता चलना लग गया था कि बिना पेन के बॉड़ी कैसे फील करती है आज द्विशा बेफिकर होकर अपने घर से बाहर निकलती है अब उसको डर नहीं लगता कि कोई या कुछ ऐसा कह देगा जिससे उसको कुछ बुरा लग जाए। आज जब अपने आप को शीशे में देखती हूँ ना, तो देखके बोलती हूँ मैं जैसी हूँ ना परफेक्ट हूँ। तो तुषार जो अब दिखती है इतनी खुशखुश सी वो तुषार ऐसी नहीं थी।
धीरे-धीरे करके इसमें इतना चेंज आने लगा कि इसने हमें भी इंस्पायर करना शुरू कर दिया कि आप भी करके देखोगे कि मुझे भी थोड़ी सिमिलर प्रॉब्लम्स थी उसके जैसे।
उसके चक्कर में हमने भी साथ-साथ कि हमें बहुत आराम आया।
हमारे घर भी जब से सातवीं का है, सफेद पेटे का जूस पीना और सारे फूड्स और सबसे बड़ी बात है जो वो हांडी में खाना बनता है, वो वो तो वैसा फील आता है जैसे कि अर्धी हो गए हो आप बहुत ज़्यादा नेचर से और कनेक्ट हो गए हो तो बहुत अच्छा लगता है। जब हमें रिजल्ट मिले इसने 16 किलो वेट रिड्यूस किया, छोटे भाई ने भी आठ किलो वेट रिड्यूस किया। हमारे को कि क्या किया क्या किया तो त्विशा अब अपने अलावा और लोगों को भी अवेयर कर रही है इवन अब वो सोच रही है कि मैं सभी पड़ोसी को इकट्ठा करके एक बारी में सारा बताऊं कि किस तरह से खाना चाहिए किस तरह से नहीं उसका ये लग रहा है कि भविष्य में मैं मेरे अलावा और भी लोग नैचुरल चीजों से ठीक हो मैं पता आ सकती हूँ मुझे पता है सल्यूशन क्या है मैं वही कहती हूँ कि कई बार वही बड़ी परेशान हो रही थी कि ये सब मुझे ही क्यों मिला ये सारी बीमारी मुझे ही क्यों मिला तब मेरे मन में यही विचार आता था कि शायद कुछ अच्छा करने के लिए भगवान किसी को एक माध्यम बनाता है शायद मुझे लगा कि तुष्य ही सो थैंकफुल की उस दिन उसको सात्विक मूवमेंट की वो छोटी सी वीडियो दिखी जिससे आज हम सब इस कंडीशन में है की उसको कोई ऐसी प्रॉब्लम नहीं बची।










