Second Wave में सुरक्षित कैसे रहे? | 7 Simple Steps to Stay Fearless

Harsh and a co-speaker share a daily routine for staying healthy during COVID's second wave: meditation with mantras, sunrise sun-bathing, four days of strength training plus yoga, detoxifying ash-gourd juice, and a strict plant-based diet. They offer a weekly four-hour workshop to teach immunity-boosting practices.
Chapters
हम सभी को पता है कि आज सिचुएशन बाहर कितनी खराब है, लेकिन ये वीडियो इस बारे में नहीं है कि बाहर क्या-क्या खराब चल रहा है। आज इस वीडियो में हम आपके साथ ये शेयर करेंगे कि हम आज क्या कर रहे हैं जो इतने बुरे समय में भी हमें एकदम सुरक्षित और स्थिर रख रहा है।
सारे सेफ्टी रूल्स तो हम फ लेकिन इनके इलावा हम और भी ऐसी कुछ खास चीजें कर रहे हैं, जो इतने डर के माहौल में भी हमें सरासार भी डर नहीं लगने दे रही। इस वीडियो में हम वो सारी चीजें आपके साथ शेयर करेंगे, ताकि आप भी उनका फायदा उठा पाएं।
सुबह सबसे पहली चीज जो हम करते हैं, वो है हमारी मेडिटेशन। हमारे घर में एक हर बैग में एक माला होती है, जिसमें 108 बीड्स होते हैं। हम हर बीड़ पर एक सिंपल मंत्र चांट करते हैं। हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
ये वो समय है, जब हम अपने भगवान को याद करते हैं, उनको धन्यवाद बोलते हैं, हमें इतना कुछ देने के ल भगवान और डर दोनों एक ही हृदय में हो ही नहीं सकते। हो सकता है कि आप में से कुछ लोगों के लिए ये चांटिंग और मेडिटेशन थोड़ा अजीब लगे, but आप एक बार ट्राई जरूर करना। आप हरे कृष्णा मामंत्र बोल सकते हो, या आप जिस भी भगवान में विश्वास करते हैं, आप उनका मंत्र बोल सकते हैं।
अपनी मेडिटेशन के और उस लोक से जो भी समझ आता है हम उसका नोट्स भी बना लेते हैं।
आप कोई भी ग्रंथ पढ़ सकते हैं, गीता, बाइबल, कुरान या कोई भी दूसरा ग्रंथ जिससे कि आप भगवान से बात कर सकें।
गीता पढ़ने के बाद हम बाहर जाके देखते हैं और जैसे ही सूर्यदेव आते हैं हम बहुत खुश हो जाते हैं। लगभग 6 बजे शायद आपको लगे कि ये संगेजिंग तो कोई नई चीज है, लेकिन पता है क्या? ये सदियों से हमारे पूर्वज करते आ रहे हैं। देखने में शायद आपको लगे, अरे ये करके क्या फायदा होगा? लेकिन अगर हम आपको इसके फायदों के बारे में बताने लगे, तो शायद आप खुद इसे करना चाहेंगे।
तो संगेजिंग के दौरान होता सीधा आपके ब्रेन तक पहुंचती है। तो जब आपके ब्रेन को ये एनर्जी मिलती है, तो आपका फोकस और कंसंट्रेशन बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। अब अगली चीज़ जो हम करते हैं, वो है एक्सरसाइज। हफ्ते में से करीब चार दिन हर्ष स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें आ जाते हैं पुलअप्स, पुशअप्स, स्क्व हफ्ते में तीन से चार दिन सुबह योगा प्रैक्टिस करती है।
उनको बर्ड्स ऑफ पैराडाइज और स्प्लिट्स जैसे आसन बहुत पसंद है। बाकी दिन वो हिट वर्कआउट प्रैक्टिस करती है। अगर आप अच्छी योगा वीडियोस फॉलो करना चाहते हैं, तो हमारे चैनल सात्विक मूवमेंट पे हमने काफी योगा वीडियोस अपलोड क सीख सकते हैं। हम इसका लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में दे देंगे।
एक सीक्रेट वर्कआउट है जो मेरा सबसे फेवरेट है, और वो है ट्रैम्पोलीन वर्कआउट। ये एक्सरसाइज मेरे बॉडी के हर सेल में से टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देती है, और तो और ये करते हुए मुझे मेरा बचपन याद आ जाता है।
एक चीज जो ह और सिर्फ एक घंटे की एक्सरसाइज सेशन से ही हमारे लंग्स को बहुत सारा ऑक्सीजन मिल जाता है, जिससे हमारी इम्यूनिटी एकदम भर जाती है। अगली बारी आती है हमारे डीटॉक्स जूस की। शायद आपको लगे इसकी क्या जरूरत है? हम्म, आओ हम आपको एक सीक्रेट बताएँ। ये एक ऐसी चीज़ है जिसे हम अपनी स कारण आसान है।
आप इमेजिन कीजिए कि दो डस्टबिन्स हैं, एक बिल्कुल साफ और दूसरा गंदगी से भरा हुआ। आपको क्या लगता है? कौन से डस्टबिन में कीड़े पहले लगेंगे? जो गंदगी से भरा हुआ है, उसमें है ना? Exactly यही चीज़ आपके शरीर के अंदर होती है। अगर हम बहुत गलत खाना खाते हैं, हर समय भोजन ह दूसरी तरफ यदि हमारा शरीर अंदर से एकदम साफ है, अंदर कोई गंदगी नहीं जमी हुई, तो हमारी इम्यूनिटी ऑटोमैटिकली बहुत ज़्यादा होगी। याद रखना, जो शरीर अंदर से साफ है, उसमें किटाणु आएंगे ही नहीं। Because a highly clean body is a highly immune body। तो ये डीटॉक्स जूस करता क्या है? ये एक स्क्रब्बर की तरह आपके शरीर में से गंदगी अपने साथ लेकर निकलता है।
तो हम कौन सा डिटॉक्स जूस पीते हैं? दुनिया का सबसे डिटॉक्सिफाइंग सफेद पेठे का जूस, यानी ऐशगार जूस। ये दुनिया की सबसे हाईएस्ट प्राणिक वेजिटेबल में से एक है, और आपको आसानी से किसी भी सब्जी वाले के पास मिल जाएगी। आपको क्या करना है? इसका छिलका और ये जूस तो एकदम कड़वा होता होगा, सिर्फ हर्ष और सुबह ही ऐसा जूस पी सकते हैं। but हमारा विश्वास कीजिए, इसका स्वाद एकदम पानी के तरह होता है, ना मीठा और न ही कड़वा। ऐसा भी होता है कि कभी सफेद पेटा घर पे नहीं होता, और ऐसे में हम नारियल पानी पीते हैं। पेठे का जूस पीने के बाद हम 20-30 मिनट सूर जब आप रोज सुबह अपने शरीर को सूर्य की रोशनी दिखाते हो, तो आप अपने शरीर को दुनिया के बेस्ट सैनिटाइजर से साफ कर रहे हो। ये है माँ प्रकृति का सैनिटाइजर।
जब आपकी रसोई में पड़े गेहूँ या चावल पे कीड़े लग जाते हैं, तो आप क्या करते हैं? आप उसको सूर्य में रख देते हैं, है ना? ऐसा पतले सफेद कॉटन के कपड़े पहनकर भी आप सनबेधिंग कर सकते हैं। अब तक करीब पांच बज जाते हैं और हमारा रेडी होने का समय हो जाता है। तो सुबह-सुबह में ही हमने प्रकृति के पांचों तत्व को अपने अंदर ले लिया: अग्नि तत्व सनबेधिंग और संगेजिंग के जरिए, वायु तत्व एक्सरसाइज के जरिए, जल तत्व जूस के लेकिन ये तो सिर्फ चार तत्व हुए ना सुबह? अच्छा हाँ, पांचवा तत्व भी है और वो है हमारा भोजन जो हम अगला फलों के जरिए लेने वाले हैं और वो है पृथ्वी तत्व। नाश्ते में हम अलग-अलग फल लेते हैं जैसे कि तरबूज, आम, पपीता, नाशपाती। कभी कुछ अलग खाने का मन करता है तो कोई स्वादिष्ट स्मू हर सुबह ऐसा लगता है कि हमारी प्लेट पे एक रेनबो सा है। फिर लंच में हम अक्सर एक फिलिंग और स्वादिष्ट सैलेड लेते हैं, और शाम को पका हुआ भोजन, जिसमें कोई एक अनाज होता है।
एक ऐसा नियम है जिसने हमारी ज़िंदगी बदल दी, और वो है केवल प्लांट बेस्ड डाइट खाना। यानी कि हम कुछ ऐसा नहीं ख जैसे कि मांस, मछली, अंडे, दूध या दूध से बनी चीजें। जब बात भोजन पे आती है, ये वो एक सबसे जरूरी चीज़ है जो आप कर सकते हैं तुरंत अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए। क्योंकि जब भी हम एनिमल बेस्ड खाना खाते हैं, ये अंदर जाके बहुत कंदगी को जन्म देते हैं, जो तुरंत हमसे हमारी जो भी हम खाना घर पे खाते हैं, ज़्यादातर इसी बुक में से देखकर बनाते हैं। इसमें करीब 50 इम्यूनिटी बुशिंग रेसिपीज़ दी गई हैं। इसमें सब कुछ है स्मूथी बोल्स, आइसक्रीम, जूसेज़, सिंपल रोटी सब्जी को भी साथ में कैसे बनाते हैं? आप इस बुक में सीख सकते हैं।
तो ये सब करने से हम क्य माँ अपने बच्चे का ध्यान रखती हैं। ऐसा नहीं कि हमने तुरंत इस रूटीन को एडाप्ट कर लिया। ऐसे भी दिन होते हैं जब हम सब कुछ नहीं फॉलो कर पाते, लेकिन हम भी एक सफर पर हैं और रोज़ अपने आप को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं।
अगर आपको फिर भी ये सब बहुत मुश्किल लगता है और आपको प्र 4 घंटे की वर्कशॉप है जो हर सैटरडे जूम पर होती है। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक इस वर्कशॉप में आप सीखेंगे की आप खुद को इस बीमारी से कैसे प्रोटेक्ट कर सकते हैं।
हम आपसे जल्द वापस मिलेंगे तब तक के लिए हम यही प्रार्थना करते हैं की आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।










