Thyroid को सिर्फ 3 महीने में जड़ से ठीक करें | Heal Thyroid Naturally

The video is a Hindi‑language testimonial and instructional guide in which the host (Speaker A) shares her personal struggle with hypothyroidism—weight gain, hair loss, skin problems, fatigue—and claims to have reversed the condition in three months without medication. She attributes the recovery to a "Satvik/Sadhvik" lifestyle that combines a strict whole‑food, plant‑based diet, 16‑hour intermittent fasting, gut‑cleansing practices (enema, cold compress), and regular outdoor exercise. The content is organized into two parts: first, an identification of the three main "enemies" of thyroid health (home‑cooked processed foods, conventional doctors who prescribe lifelong medication, and certain goitrogenic or animal‑derived foods); second, a step‑by‑step protocol covering diet (detox juice of white pumpkin, seasonal fruits, vegetable‑grain chapatis, coconut‑based snacks, avoidance of packaged foods, dairy, and refined grains), fasting schedule, gut‑cleaning methods, and exercise recommendations. Throughout, the speakers present anecdotal evidence—TSH dropping from 40 to 6, weight loss of 18 kg, hair regrowth—and urge viewers to follow the plan for 21 days to see initial improvements and 3‑4 months for full reversal. The tone is conversational, persuasive, and motivational, positioning natural lifestyle changes as a superior "doctor" compared to conventional medicine.
Chapters
क्या थायरोइड की वजह से आपका वजन बढ़ता ही जा रहा है और बाल गिरने बंद ही नहीं होते पूरे दिन थकान और आलस महसूस होता है स्किन भी खराब होने लगी है अगर थायरोइड ने आपको भी तंग कर रखा है तो आप बिल्कुल सही जगह पे आए हैं मेरी भी लाइफ कुछ ऐसी ही थी जब मैं सिर्फ तेरह साल की थी मुझे दवाई खाओ, काम करते जाओ। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, थाइलोइड की वजह से मेरे सर पे बाल आधे रह गए थे, पंद्रह किलो वजन ज़्यादा बढ़ गया था, और चेहरे पर स्किन कम और डाग ज़्यादा दिखते थे। तब समझ आया कि ये शुरू में मामूली सी लगने वाली बीमारी एक्चुअली हमें कितना दुख दे सकती है। ल जहां से सब बदल गया। मैंने कुछ ऐसा सीखा जिसको सिर्फ तीन महीने फॉलो करने के बाद TSH 40 से 6 पे आ गया और वो भी बिना दवाईयों के। थाइरोइड की बिमारी हमेशा हमेशा के लिए ख़तम हो गई। बाल जड़ने बंद हो गए। जो जड़े थे वो वापस आ गए। वेट नॉर्मल हो गया और स्किन एकदम साफ हो गई। जो नॉलेज मु मैं आपके साथ इस वीडियो में शेयर करना चाहती हूँ ताकि आप भी अपने थायरोइड की प्रॉब्लम को हमेशा हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर पाएं। तो ये वीडियो दो पार्ट्स में डिवाइडेड है। पहले पार्ट में आप जानेंगे अपने तीन सबसे बड़े दुश्मनों के बारे में, जो आपके थायरोइड की प्रॉब्लम को दिन पर द जिसको फॉलो करके सिर्फ मैंने ही नहीं, लेकिन दुनिया में लाखों लोगों ने अपने थायराइड की प्रॉब्लम को हमेशा के लिए गुडबाय बोला। तो इस वीडियो को एंड तक जरूर जरूर देखें। घर में बैठे-बैठे तीन महीनों में थायराइड रिवर्सल? विश्वास नहीं होता ना? मुझे भी नहीं हुआ था। लेकिन आप ख तीन महीने बाद फिर से अपना ब्लड टेस्ट करवाएं। रिजल्ट्स आपको आप ही की रिपोर्ट बता देगी। अच्छा, अब आइए मेरे साथ एक गेम खेलते हैं। ये रही आपके सामने छह चीजें: घर का खाना, गोइट्रोजनिक फूड्स जैसे कि ब्रोकली, गोभी, डॉक्टर, जीन्स, दवाइयाँ और प्रेगनेंसी। आपको आईडेंटिफाई करना गेस्ट करने के लिए आपको मिलेंगे सिर्फ सात सेकंड। अपने आंसर्स याद जरूर रखना। Ready, set, go! चलिए, अब हम आपको सही आंसर्स बताते हैं। पहला सबसे बड़ा दुश्मन घर का खाना। घर का खाना? ये तो हम बड़े प्यार से बनाते हैं। ये कैसे दुश्मन हो सकता है? मैं भी कुछ ऐसा ही सोचती थी। घर के खाने के नाम पे सुबह उठकर चार पीस ब्रेड और केचप, उसके साथ एक बड़ा ग्लास दूध, लंच में बड़ी प्लेट दाल-चावल और दिन में रोटी के साथ मसालेदार सब्जी खाती थी। मुझे भी लगता था कि ये तो बहुत अच्छा खा रही हूँ मैं। ये नहीं समझी कि जिस घर के खाने को हम हेल्दी समझते हैं, वो ही आज ह लेकिन हमारी प्लेट देखो तो ऐसी जैसे हम कोई कुष्टी लडने वाले पहलवान हो। इतना भर भर के अनाज खाते हैं। सबजी खाते भी हैं तो उसमें मिर्च मसाले भर देते हैं। और आपको तो पता ही है, घर पे भी पैकेट वाला खाना बहुत खाते हैं। केचाप, नमकीन, बिस्किट, स्नैक्स, नूडल्स, वो सब जो हमें मा प्रकृती से सी तो पैर के दाल चावल डाइजेस्ट हुए नहीं, शाम को तीन रोटी और डाल दी। तो आप कह रहे हैं कि गलत खाना मेरी थायरोइड का कारण है? हाँ, हम बिल्कुल यही कह रहे हैं, क्योंकि यही सब चीजें जब हमारी पेट से आँतों में जाती हैं, तो आँतों में गंदगी के रूप में चिपक जाती हैं। अंदर से हमारी इंटेस इंटेस्टाइन्स पे जो भी लगा होता है ये विलाय उसको अपने अंदर सोख लेते हैं और बलड में भेज देते हैं अगर इंटेस्टाइन की दिवारों पे गंदगी लगी होगी तो जाहिर सी बात है कि वो गंदगी को ही अपने अंदर सोखेंगे और थायरोइड ग्लैंड को अच्छे से काम नहीं करने देती, तो थायरोइड ग्लैंड सही मात्रा में हार्मोन्स नहीं जेनरेट कर पाता, और इसी का नाम हम कह देते हैं हाइपोथायरोइड या फिर हाइपरथायरोइड। ये नहीं समझते कि थायरोइड की प्रॉब्लम की शुरुआत यहाँ नहीं, यहाँ से होती है। अगर आप इस बीमारी को खत वो हम आपको आगे जाके डिटेल में बताएंगे। घर का खाना नहीं खाएंगे तो क्या खाएंगे? खाएंगे तो घर पे ही, लेकिन वो जो सीधा-सीधा माँ प्रकृति से आता है। अरे डरिए मत, ये बहुत ही स्वादिष्ट होने वाला है। फर्क सिर्फ इतना, ये आपके थायरोइड प्रॉब्लम को बढ़ाने की जगह हील करेगा। एक्जैक्ट ड अच्छा अब बताईए आपके थाइरोइड का दूसरा दुश्मन कौन है? सोचो तो सही शायद आपको सुनके शुरू में थोड़ा आश्चर्य हो लेकिन हमारा दूसरा दुश्मन है हमारा डॉक्टर जब मैं पहली बार डॉक्टर के पास गई थी उन्होंने दो मिनट में कितने मिनट में? सिर्फ दो मिनट में मुझे दवाई पकड़ा दी मैंने पूछा ड कब तक लेनी है मुझे दवाई? अभी तो बेटा लेते रहो जब तक तुम्हारी जिन्दगी चलेगी ये दवाई भी साथ चलेगी थाइरोइट तो लाइफ लॉंग बिमारी है बेटा वो कभी हमें विश्वास ही नहीं करने देते कि हमारे शरीर के अंदर बिमारी को खुद बखुद खतम करने की ताकत बैठी है कि यदि हम इस शरीर को सही भोजन दे तो थायरोइड तो छोड़ो, बड़ी से बड़ी बीमारी ठीक करने की शक्ति रखते हैं आप। क्योंकि हमें कभी विश्वास नहीं मिलता, हम इतनी आसानी से मान लेते हैं कि दवाइयों के सहारे, बढ़ते वजन के साथ, गिरते बालों के साथ हमें ये पूरी जिंदगी बितानी पड़ेगी। लेकिन आपको पता है क्या? इसमें डॉक्टर डिजीज को मैनेज करने की और अगर आप भी मैनेजमेंट से खुश हैं पूरी लाइफ इस डिजीज के साथ रहने में खुश हैं तो डॉक्टर्स ही आपके लिए बेस्ट हैं आगे ही वीडियो देखने का कोई फायदा नहीं आगे ये वीडियो तभी देखें अगर आप सचमुच में अपनी थायरोइड प्रॉब्लम को जड़ से खत्म करना चाहते हैं आप आइए हम आपको ऐसे कुछ लोगों से मिलवाते हैं। My doctor said you have to take the medicine entire life now. In 2019 October, I started सातवें lifestyle. It took me only three months to cure my thyroid and it all went. Now I don't take any tablet. My thyroid levels have finally started reducing on its own, which has never happened with me before. And it had gone down to 0.02. My doctors were shocked. He was like, wow, you have achieved something that we don't usually see.
My TSH was around 13 to 15. My weight was around 105 point something kgs, which is very abnormal. Once I got checked this January, I'm talking, my thyroid was 6.5, and I was like, this has never dropped up to this limit. I was literally amazed to see that report. I say I've lost eighteen kilos. No gym at all. It's just a lifestyle change that I've brought up.
Lifestyle follow किया three months के बाद मैंने check up करवाया तो doctors पूरे हैरान हो गए कि ऐसे कैसे हो गए? Thyroid है ही नहीं बिल्कुल नहीं थी। Thyroid एकदम reverse हो गया, weight एकदम कम हो गया।
I had thyroid so doctor told me that I'm gonna have that medicine my entire life. Joining satwik movement and this Whole culture, I transformed my life three months and I saw that my thyroid is gone.
तो इतने साल मैं medicine लेती गई लेती गई लेकिन जब भी मैंने ये साबित lifestyle start किया तो मेरे कितने सारे खाली thyroid नहीं जो problems मुझे मालूम भी नहीं थे ऐसा लग रहा था कि मैं एक new life मुझे मिल गई। इतनी बड़े बाल हो गए इतना weight loss कैसे कर लिया तूने three months में? I was like, it's a magic. It's a sadhvik lifestyle, man.
It's just a lifestyle change that I've brought up and it's working. It's not only working, it is magical for me. So after that till date I haven't had any medication.
Mother Nature actually cured me. ये स्टोरी आपकी भी स्टोरी बन सकती है और ऐसा नहीं कि इसमें बहुत देर लगेगी। ये आपके साथ भी बहुत ही जल्द हो सकता है। आपका थायरोइड ठीक करने वाला दुनिया का बेस्ट डॉक्टर किसी भी बड़े हॉस्पिटल में नहीं बैठा, किसी क्लिनिक में भी नहीं बैठा। वो स्वयं आपके शरीर के अंदर ही बैठा है। ये डॉक्टर है माँ प्रकृति और आपने आज इस वीडियो पे क्लिक किया इसका मतलब कि आप उनको चांस देने के लिए तैयार हैं। दवाइयाँ यानी पिल्स मैं अपनी लाइफ के पांच साल मानो दवाइयों के हाथ में एक पपिट थी। थायरोइड हो गया? कोई बात नहीं, दवाई खाओ। ये लो चार टेस्ट और करवा लेना। अच्छा थायरोइड की वजह से बाल गिरने लग गए? कोई बात नहीं, ये लो और दवाई खाओ। अच्छा थायरोइड की वजह से पिंपल्स आने लग गए? कोई तो क्या हुआ? ये लो एक और दवाई खाओ। अच्छा पीसीओडी भी हो गया? कोई बात नहीं, एक और दवाई खाओ। but मेरा आपसे एक सवाल है। दवाई लेके तो प्रॉब्लम रुक जानी चाहिए ना? लेकिन रुकना तो दूर की बात। दवाई उस प्रॉब्लम को और बढ़ने से रोक भी नहीं पाती। जैसे-जैसे हम दवाई लेते रहते हैं, प हम बोल रहे हैं कि अपने भोजन और जीवन शैली को अपनी दवाई बनाओ क्योंकि इन में और सिर्फ इन में आपके थायरोइड को जड़ से खत्म करने की ताकत है। तो क्या हम दवाई एकदम से छोड़ दें? नहीं, इस वीडियो को एंड तक देखिए। हम आपको आगे जाके बताएंगे आपको एक्जैक्टली क्या करना है। चलिए, अब एक और बात, चाहे आपको हाइपरथायरोइड है या हाइपोथायरोइड, ये प्लान दोनों ही केसेस के लिए इफेक्टिव है। आइए पहले स्टेप पे पढ़ते हैं और वो है सात्विक फूड प्लान, यानी सात्विक भोजन प्रक्रिया। डाइट प्लान पे बढ़ने से पहले कुछ सिद्धांतों को समझना बहुत जरूरी है। आपके भोजन में चार गुण होन ऐसा खाना खाओ जिसमें लाइफ हो, जिसमें जान हो, जैसे कि फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, स्प्राउट्स और ग्रेन्स। मरा हुआ खाना, वो जो पैकेट बottल डब्बे में बंद आता है, ये हमारे शरीर को अंदर से गंदा करता है और थायराइड प्रॉब्लम को बढ़ाता है। W यानी होलसम, खाने को उसी रूप में खाइए जिस रूप में चोकर सहित आटा और खजूर या गुड़ पी यानि प्लांट बेस्ट ऐसा कोई खाना ना ले जो जानवरों से आता हो मास, मचली, अंडे, दूद या दूद से बनी चीजें वो लेना है जो सीधा पेड़ पौधों से आता है दूद और द एक खीरे को जूसर में डाल के देखिए उसमें से कितना जूस बनेगा? क्या कभी ब्रेड को डाल के जूस बनेगा? नहीं, क्योंकि उसमें कोई पानी, रस्य है ही नहीं. Water rich food आपकी बॉड़ी में सफाई का काम करता है, toxins को निकालता है नाश्ता, लंच और डिनर। आइए सुबह के डिटॉक्स जूस से शुरुआत करें, जिसे आप सुबह उठने के थोड़ी देर बाद ले सकते हैं। क्या आप गेस्ट कर सकते हैं ये कौन सा जूस है? एक ऐसा जूस जो बहुत ही डिटॉक्सिफाइंग है। जैसे ही ये आपके बॉडी में एंटर करता है, मैग्नेट की तरह सारी गंदगी को अपन इनको साफ करता है, कांस्टिपेशन दूर करता है। ये है सफेद पेठे का जूस। सफेद पेठा कुछ ऐसा दिखता है, इसको इंग्लिश में आशगार्ड भी कहते हैं। ये बाहर से ग्रीन, अंदर से व्हाइट होता है। इसका छिलका और बीज निकालना बहुत जरूरी है, वरना आपका जूस कड़वा टेस्ट करेगा। इनको निकालकर पेठे को धनिया थायरोइड के लिए बहुत फायदेमंद है। जूसर ना हो तो मिक्सी में ब्लेंड करके भी ये जूस बना सकते हैं। सिंपली अपनी मिक्सी में कटा हुआ पेठा और धनिया डाल दें और मिक्स करके छान लें। सफेद पेठा आपको किसी भी सब्जी वाले के पास मिल जाएगा। नहीं मिले तो चिंता नहीं। आप किसी भी दूसरी सब्ज एक और बात ध्यान रखिएगा, जूस पीने के लगभग डेढ़ दो घंटे तक कुछ नहीं खाना, क्योंकि ये जूस शरीर में सफाई का काम कर रहा है। कुछ खाएंगे तो सफाई रुक जाएगी। लगभग 10 बजे नाश्ते में आप एक प्लेट मौसम का फल ले लीजिए। आपको जो फल पसंद हो वो खाएं, तरबूज, खरबूजा, पपीता, आम, सेब, अन देखिए सबसे अच्छा तो ये है कि आप एक बार में एक ही फल खाएं लेकिन ऐसा नहीं सोचना कि अरे फलों को तो मिक्स ही नहीं कर सकते तो चलो आलू के पराठे खा लेते हैं नहीं इससे बहतर तो फलों को मिक्स कर लो लेकिन जब आप मिक्स भी करते हैं तो एक जैसे प्रकार के फल साथ खाएं मीठे और खट्टे फल साथ में ना म दूर देशों से आने वाले अनसीजनल फ्रूट बिल्कुल बेकार। Always eat seasonal and regional। सीजनल फल हमेशा सस्ते भी होते हैं। फिर लंच में कोई भी एक अनाज, रोटी या चावल और बहुत सारी सब्जी। हमें खास तरह की चपाती सजेस्ट करते हैं। ये पूरी तरह गेहूँ की जगह आधी गेहूँ और आधी सब्जी से बनती है। आप किसी भी सब्जी चपाती के साथ आती है सबजी अब जो हम सबजी रेकमेंड करते हैं वो भी अलग है तेल के बचाए हम इसमें नारियल घिसके डालते हैं और मिर्च मसालों की जग़ा हम इसमें ताजी पत्या डालते हैं मैंने ये चपाती और सबजी बनाने की पूरी विधी समझाने के लिए एक अलग वीडियो बनाई है आपको इस यूट्यूब वीडियो के नीचे द वन ग्रेन पर मील ऐसा नहीं दो-दो तीन-तीन अनाज मिला के खा रहे हैं दाल रोटी की जगह सब्जी रोटी खानी है दाल चावल की जगह सब्जी चावल खाने हैं मल्टीग्रेन आटा बिल्कुल बेकार प्रकृति ने हमें दिया ही नहीं राजमा चाना छोला बिल्कुल नहीं खाना कम से कम तब तक जब तक आप पूरी तरह ठीक नहीं हो हमने आपके लिए कुछ बहुत ही टेस्टी रेसिपीज भी डेवलप करी हैं जो इन चारों प्रिंसिपल्स को मीट करती हैं आप ये बुक हमारी वेबसाइट से ओर्डर कर सकते हैं आपको शायद लगे ये तो अभी जो मैं कर रहा हूँ उसे पहले मैं पैकेट में मिलने वाले बिस्किट बहुत खाती थी। बिस्किट को मैंने स्विच किया नारियल की गिरी से। जब भी मंचिंग का मन करे, तो चार पांच नारियल की गिरी खा ले। ये एक परफेक्ट स्नैक है। इसको छोटे टिफिन में पैक करके ऑफिस भी लेके जा सकते हैं। और तो और पहले मैं ब्रेकफास्ट के लिए ख इसको मैंने स्विच किया एक बड़ी प्लेट फल के साथ पैकेज्ड जूस को स्विच करो फ्रेश जूस से सोडा कैन पॉप करने की जगा नारियल पानी पॉप करो सफेध चावल को स्विच करो ब्राउन चावल से सफेध चीनी तो एक जहर है स्लो पॉइजन तेल छोड़ देती है। पहले मुझे दूध से बनी चीजें भी बहुत पसंद थी, पनीर, मक्खन, घी। और जब मुझे पता लगा कि थायरोइड ठीक करने के लिए दूध छोड़ना पड़ेगा, मुझे लगा ये तो मैं बिल्कुल नहीं छोड़ पाऊँगी। लेकिन जैसे ही लाइफ में नारियल का दूध आया, तो डेरी वाला दूध बहुत आसानी से ये ना केवल दुनिया का सबसे पौष्टिक दूध है, इसको हम बहुत अलग-अलग तरीकों से यूज़ भी कर सकते हैं। अब दो इम्पोर्टेंट सवाल: क्या हमें गोइट्रोजनिक फ़ूड जैसे कि गोभी, ब्रोकली ये अवॉइड करना है? देखिए, यदि आप वो पूरा प्लान जो हमने आपको अभी दिया, वो अच्छे से फॉलो करते हैं, क्या थायरोइड में हमें आयोडाइज्ड सॉल्ट लेना पड़ेगा? हम आयोडाइज्ड सॉल्ट नहीं रेकमेंड करते, क्योंकि इसको बहुत प्रोसेस और रिफाइन किया जाता है। इसके बदले सेंधा नमक ले। जो भी आयोडाइन की कमी है, वो इस प्लान को फॉलो करके खुद बखुद पूरी हो जाएगी। चलिए, ये तो हमने जान लिया कि क्या खाना है उतना ही जरूरी है कुछ ना खाना यानि समय समय पे शरीर को ब्रेक देना आईए अपने अगले स्टेप पे बढ़ते हैं और वो है 16 आवर फास्टिंग यानि 16 घंटे उपवास जैसा हमने थोड़ी देर पहले समझा दुनिया का सबसे बेस्ट डॉक्टर आपके शरीर के अंदर ही बैठा है और जब तक आप उपवास नहीं करते इस ड उपवास? उपवास कैसे होगा? मुझे तो उपवास के नाम से ही डर लगता है। अरे चिंता मत कीजिए, मैं भी पहले एकदम ऐसे ही सोचती थी। लेकिन हम आपको जो उपवास का तरीका बताने जा रहे हैं, वो बहुत सरल है। सिर्फ तीन दिन में ही आपकी आदत में आ जाएगा। और ये है 16 घंटे उपवास। कैसे करना है? रोज र अगर आप अपना डिनर शाम सात बजे खाते हैं, तो अपना अगला सॉलिड मील अगले दिन ग्यारह बजे ही लीजिए। छः बजे खा लेते हैं, तो दस बजे ले लीजिए। बेसिकली हर रात सोलह घंटे अपने शरीर को ब्रेक देना है। क्यों? क्योंकि आपका शरीर एक बार में एक ही काम कर पाता है: डाइजेशन यानी खाने को पचाने उसको इलाज का टाइम ही नहीं मिलता। जब आप रोज रात अपने शरीर को 16 घंटे खाने से ब्रेक देते हैं, तो वो डाइजेशन को छोड़के क्लीनिंग यानि सफाई पे लग पाता है। हर दिन 16 घंटे उपवास के जरिए सालों पुरानी अंदर जमी गंदगी खुद बखुद अपनी जगह छोड़ने लगती है, खून साफ होने लगता है, जिसकी एनर्जी बढ़ जाती है, थायरोइड ग्लैंड की काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। अब करके देखिए, आप खुद महसूस करेंगे। 16 घंटे उपवास कैसे करना है? इसको डिटेल में हमने अपनी डीटॉक्स वीडियो में समझाया है, जिसका लिंक आपको इस वीडियो के नीचे दिए गए डिस्क्रिप्शन में भी मिल जाएगा। उपवास लेकिन सच तो ये है कि ये already हमारे वेदों में हजारों साल पहले दिया गया है। लंघनम् परम औषधम्, यानी fasting is the best medicine हर शास्त्र हमें बताता है। चलिए बढ़ते हैं अपने अगले step पे और वो है enema। जैसे कि हमने देखा thyroid problem का जन्म हमारी intestines में होता है। जब तक हम अपनी आँतें नहीं साफ करेंगे हमारा थायरोइड की प्रॉब्लम खत्म हो ही नहीं सकती। एनएमए एक ऐसा तरीका है, जिससे हम अपनी इंटेस्टाइन्स में पांच से सात मिनट के लिए पानी होल्ड करते हैं, और धीरे-धीरे ये पानी अंदर जमे सारे गंदगी को अपनी तरफ खींचने लगता है। फिर जब आप बाथरूम जाते हैं, तो पानी के साथ साथ वो सारी गंदगी तो यही तो आगे चलके थायरोइड की प्रॉब्लम क्रिएट करेगी। इसको एक्जैक्टली कैसे करना है, कब करना है, कहाँ से लेना है, हमने डिटेल में अपनी डीटॉक्स वीडियो में डिस्कस किया है। चिंता ना करें, एनिमा बिल्कुल सेफ है और पेनफ्री भी, जो आप अपने ही घर में सिर्फ 10 मिनट के अंदर-अंदर ले सकते ह किस दिन तक रोज लेना है और उसके बाद हफ्ते में सिर्फ एक बार या फिर जरूरत पड़ने पर लेना है। चलिए अब अपने चौथे स्टेप पे बढ़ते हैं और वो है ठंडी पट्टी। आपको बेसिकली एक कॉटन की पट्टी लेनी है और ठंडे पानी में भिगोकर पेट, गले और माथे पे लपेटनी है। इसको करीब आधा घंटा लगा के जहाँ ये पट्टी लगाई है, वो पार्ट ठंडे हो जाते हैं और बाकी बॉडी गर्म। जब एक समय में दो तापमान मेंटेन होते हैं, तो हमारा ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। ब्लड के साथ-साथ गंदगी भी सर्कुलेट होने लगती है और बाहर निकलने के लिए तैयार होती है। इसको लगाने से आपके थायरोइड ब्लैंड की ठंडी पट्टी आपको शुरू के तीन महीने रोज लगानी है, एक बार सुबह और एक बार शाम। तीन महीने बाद रोज नहीं लगानी, सिर्फ जरूरत पड़ने पर लगाएं। सर्दियों के मौसम में इसको स्किप कर दें, बाकी सब स्टेप्स फॉलो करें। तो इस वीडियो के बाद हमारी डीटॉक्स वीडियो जरूर देखें। ये 20 मिनट की इनको सही तरीके से समझ के करना बहुत जरूरी है। चलिए, अब बस एक लास्ट और फाइनल स्टेप बचा है, और वो है आउटडोर एक्सरसाइज। एक्सरसाइज थायरोइड के लिए बहुत-बहुत जरूरी है। जब हम पूरे दिन एक जगह बैठे रहते हैं, हिलते नहीं, तो धीरे-धीरे हमारे थायरोइड ग्लैंड में एक्टिविटी बंद तो आपके थायरोइड ग्लैंड में मूवमेंट होती है, वो स्क्वीज़ होता है, एक तरह से उसकी भी एक्सरसाइज हो जाती है, और धीरे-धीरे वो हार्मोन्स जेनरेट करना स्टार्ट कर देता है। आपको जो करना है वो करो, ब्रिस्क वॉकिंग, जॉगिंग, साइकिलिंग, डांसिंग, दो कंडीशन हैं। रोज कम से कम एक घंटा के तीन चक्कर लगा लिए और आप उसको एक्सरसाइज कहते नहीं दो और बातें ये एक्सरसाइज बाहर सुबह की धूप में करो और एक्सरसाइज करते समय नाक से लंबी गहरी सांस लेते रहो ऐसा करने से आपको सनबेधिंग और प्राणायाम का बेनिफिट ऑटोमैटिकली मिल जाएगा अगर मोटे पॉलिएस्टर या नाइलॉन के कपड़े पहनके पतले कॉटन के कपड़े पहन के करो। जैसे ही आप इन पांचों स्टेप्स को साथ में फॉलो करने लगेंगे, आपका रिवर्सल शुरू हो जाएगा और रिजल्ट्स आपको आप ही की रिपोर्ट बता देगी। अब हमें पता है कि आपके मन में बहुत सारे सवाल आ रहे होंगे। आइए आपके हर सवाल का जवाब देते हैं। पहला सवाल: मेरे थायरोइड को हम आपको अपने अनुभव से बताते हैं कि लगभग 21 दिन में रीडिंग्स कम होनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन पूरी तरह से रिवर्स होने में तीन से चार महीने लग जाते हैं। हो सकता है कि आप में से कुछ लोगों को इसे थोड़ा कम समय लगे, तो कुछ को थोड़ा ज्यादा। ये डिपेंड करता है कि बीमारी कितनी पुरानी है जब आप ये लाइफस्टाइल फॉलो करना शुरू करेंगे, तो आपकी दवाई की जरूरत ही खत्म होने लगेगी। क्योंकि जो काम दवाइयाँ आर्टिफिशियली कर रही थीं, वो आपके फ़ूड और लाइफस्टाइल ने नैचुरली कर दिया। तो जैसे-जैसे आपके TSH लेवल्स नॉर्मल आते हैं, वैसे-वैसे दवाई कम करते जाएं। एक हम यकीन से कह सकते हैं कि अगर आपने ये प्लान रिलिजियसली फॉलो किया, तो आप मेडिसिन फ्री और डिजीज़ फ्री लाइफ जरूर जिएंगे। तो इस वीडियो के बाद ये दोनों वीडियोस जरूर जरूर देखें, ताकि आपको फास्टिंग, वेट पैक, एनिमा और अपने डाइट प्लान की फुल क्लेरिटी मिल पाए, और ये वीडियो










