Freedom Of Speech, YouTube Economy & Algorithm Unplugged: Utkarsh Amitabh, CEO of Network Capital

Utkarsh Amitabh, CEO of Network Capital and former Microsoft employee, discusses how creators monetize on YouTube through ads, subscriptions, and digital commerce. He explains the passion economy, the importance of watch-time and a thousand true fans, and how platform algorithms work against creator interests while platforms prioritize their own business incentives.
Chapters
लंदन। वार्ता में आज मेरे मेहमान हैं, उत्कर्ष अमिताभ इनका इंट्रोडक्शन भी तो खासा लंबा चौड़ा हो सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि धीरे धीरे करके इनकी शख्सियत आपके सामने जरा सा खोली जाए। तो आपको लगेगा कि बड़ी परतें हैं। पहली परत यह है कि अभी हाल ही में उन्होंने किताब लिखी है पैशन इकॉनमी एंड दे साइड हसल रेवोल्यूशन। इस किताब के बारे में तो हम बात करेंगे। इसलिए कि इसमें इंटरनेट का जिक्र भी है, इकॉनमी का जिक्र भी है। यू ट्यूब की भी बहुत सारी बातें हैं। लेकिन साथ में दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने तकरीबन 7 साल माइक्रोसॉफ्ट के साथ में भी काम किया है। और आजकल ये 1 नेटवर्क कैपिटल नाम की कंपनी के सीईओ हैं, चीफ एग्जेक्टिव ऑफिसर और 1 और बहुत बड़ी यूनिक कौन कंपनी हैं। वन प्वाइंट फाइव, बिलियन डॉलर्स, अमेरिकन डॉलर्स की। उसमें आप चीफ मार्केटिंग ऑफिसर हैं। तो उत्कर्ष ये पैशन इकॉनमी क्या है जो आपने अपनी किताब में भी, यहां वहां कई जगह इसका जिक्र किया है।
पैशन इकॉनमी 1 नई तरह की इकॉनमी है जिसमें लोग अपने इंटरेंस मोटीवेशन को फॉलो करते हैं और इन्टरनेट के टूल्स और टेक्निक के दौरान उसको मोनेटाइज कर सकते हैं। तो आपका इंट्रेस्ट कितना भी ने शो स्टैंप कलेक्शन हो या आपको खाना बनाने का बहुत शौक हो या आप कोडिंग करना चाहते हैं। पहले नर्म था कि आप नाइन टू फाइव काम करेंगे, उसके बाद घर आयेंगे, टेलिविजन देखेंगे और मौका लगा तो कुछ अपनी हॉबी वर्क करेंगे पोइट्री लिखेंगे।
प्यारे दिन थे वो, उनको बुरा भला मत करिएगा।
नहीं, नहीं, वो बहुत अच्छे दिन थे। स्टेबिलिटी अब क्या आ गया है कि जैसे कोविड के दौरान आपने 1 वेब सुना होगा जिसका नाम था ग्रेट रेजिग्नेशन। बहुत सारे लोगों ने अपनी नौकरियां छोड़ी। उनको लग रहा था कि दिस इज, माई लाइफ, नीड्स टू, बी मोर और.
जिन्होंने नहीं जोड़ी उनसे कोविडनेऔरमालिकान ने नौकरियों छुडवा दी।
ये भी बहुत लोगो की जॉब्स गईं। बहुत लोगों ने जॉब छोड़ी और बहुत कंफ्यूजिंग टाइम था पूरे मतलब की दुनिया में। वर्क स्पेसिफिकली वर्क को लेकर कुछ लोग बहुत काम करने लगे। बहुत जल्दी, बहुत प्रोडक्टिव होना चाहते थे। पहनने में, कुछ लोग नहीं कर पाए। वैसा बट पैशन इकॉनमी 1 नया ट्रेंड है जहां पे कल्चर, इकॉनमी और ओपोर्चुनिटी इंटर कर रही है। और मुझे लगता है कि नेक्ट वेब ऑफ एम्प्लॉयमेंट जो होगा इट वोंट बी फ्रॉम, वन लार्ज कंपनी और सेट ऑफ लार्ज कंपनी, इट विल बी सीरीज ऑफ़ माइक्रो ट्रिप जो अपनी कंपनियों को आगे ले जायेंगे। पहले अगर आप मान लीजिये 1 यूनिकॉर्न बनाना चाहते है जैसे वन बिलियन डॉलर कंपनी तो आपके पास टिपिकली बहुत एम्प्लॉयज होंगे, बहुत ऑफिसेज होंगे। अब क्या हो गया है कि आप 1 यूनिकॉन बना सकते हैं। 20 लोग 50 लोग के साथ जो पूरे जगत में फैले हुए हैं। आप वाट्सएप का नाम देखिये वाट्सएप, जब अक्वायर किया था फेसबुक ने, मेरे खयाल से, वहाँ पर 12 से पंद्रह लोग काम करते सिर्फ 12 से पंद्रह ओपन आय जिसका चैट जी, पी, टी और बाकी एप्लिकेशंस हैं। वहां पर भी जस्ट हैंडफुल। apिकonेtवraपl जो कंपनी मैंने शुरू की माइक्रो सॉफ्ट छोड़ने के बाद उसमें भी नंबर ऑफ म्प्लॉयसववेरीफ्यू बट जो भी लोग काम करते थे, मैंने कंपनी खोली इसी थी क्योंकि मैं पैशन कोनम को डेमोक्रेटाइज करना चाहता था। और आपने अपने इंट्रोडक्शन बताया हमारी फर्स्ट राउंड फंडिंग आई फेसबुक से ऑर्गेनिकली दे। मिनिमम वायबल प्रोडक्ट ऑफ नेटवर्क कैपिटअल्छाये जो.
फेसबुक है जी, जो जो न करता है, इंस्टा न करता है, उसने आपकी कमी में फंडिंग की इन्वेटमेंट किया जी।
पहला राउंड जो नेटवर्क कैपिटल का फण्डिंग का था वो फेसबुक से आया था। क्योंकि हमने अपना जो मिनिमम वायबल प्रोडक्ट बनाया था, नेटवर्क कैपिटल का वो फेसबुक के इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर बनाया था। और कई बार कम्यूनिकेशन प्लेटफार्म में हमने फेसबुक का इस्तेमाल किया था। तो हमने अप्लाई किया कम्यूनिटी एक्सलरेटर प्रोग्राम में और उनका सेलेक्शन रेट लेस देन। वन पर्सेंट होता है। बट थैंक्स टू माई टीम हमें फंडिंग मिली और उसके 1 साल बाद 1 इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिकॉर्न है जिसने नेटवर्क कैपिटल में स्टेक अक्वायर किया। पार्ट ऑफ़ the ट्रांजेक्शन में, उस कंपनी का चीफ मार्केटिंग ऑफ।
ये कंपनी है फायर जी, जी, अच्छा फायर जो है। ये बहुत दिलचस्प तरीके से लिखते हैं जी फाइव अंग्रेजी में जो डिजिट हैं जी 5 जी और फिर आई आर.
ओ आर जी जी।
तो ये फायर ओ आर जी क्या चीज है।
ये 1 इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिकॉन है। आपने शायद ब्लॉकचेन का नाम सुना होगा। लेकिन अल्टीमेटली ब्लॉक, चेन इस, अबाउट कम्युनिटी, डेमोक्रेटाइजेशन, ऑफ़ कम्युनिटी। और जैसे आप इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में सोचते हैं, वे टू प्वाइंट की दुनिया में। जैसे फेसबुक या हुगूगलूबलइस्तरी कंपनी, वेब थ्री पॉइंट का जो इंफ्रास्ट्रक्चर होता है, वो आता है एथेरियम फायर। इस तरह की कंपनी से और उन्होंने नेटवर्क कैपिटल को अक्वायर किया होगा। मेरे खयाल से बहुत सारे फैक्टर्स होते हैं। मरजजएंएक्विजेशन में बट ब्रैंड कम्युनिटी और एजुकेशनल पार्टनरशिप आई थिंक। यह 3 काफी इम्पोर्टेंट रीजन कंपनी के.
बारे में मैं थोड़ा बहुत समझ रहा हूँ। लेकिन थोड़ा सा, मुझे यहाँ पर ये भी बता दीजिये कि आपकी कंपनी संक्षेप में सार में के साथ करती क्या है?
फायर या नेटवर्क कैपिटल, नेटवर्क कैपिटल जी, नेटवर्क कैपिटल लोगों को, करियर कोचिंग और मेंटरशिप देती है, ताकि वो उस दिशा में अपना करियर ले जा पाए जिस दिशा में उनका इंटरेंस मोटीवेशन है, जिसमें उनका पैशन है, पैशन है, एग्जैक्ट ली। लेकिन पैशन 1 कॉम्प्लिकेटेड वर्ड है पैशन द, वर्ड कम्स, फ्रॉम सफरिंग। तो मुझे। मैं इस बुक में आरजू करता हूँ, जनरल अपनी राइटिंग से भी की। पैशन को अपना प्रोफेशन बनाने के लिए। थोड़ी सफरिंग लगती है, बड़ी दिलचस्प बात.
करे है, इसलिए बहुत लोगों से मैंने सुना। और मैं यह भी कहूँगा कि पिछले 20 साल में मैंने इतना पढ़ा है। के और अमेरिका में बड़े बड़े प्रोफेसर लोग इसमें मजमून लिखे हैं। उन्होंने किताबें लिखी हैं। उसमें ये कहा है कि जिधर दिल जाता है, उधर जाइए दिल करता है, वो कीजिए जिधर पैशन है। वो बचपन से भी हम लोग सुनते आ रहे है। जो समझदार लोग जी, वो ये कहते हैं जो जिसमे पैशन है, जो तुम्हे अच्छा लगता है वो करो। वरना तो माँ बाप अपने इंडिया में, पाकिस्तान वगैरह में खास तौर पर कहते हैं चाहे तुम चाहो या न चाहो.
रूल है इंडिया और साउथ एशिया में ही कि पहले इंजीनियरिंग करो है फिर दुनिया के बारे में सोचा और पैशन.
तो करनी पैशन बाद में पैशन पैशन अपना आ जाएगा। लेकिन मैं ये भी जानना चाहता हूँ की बहुत लोगों ने पैशन को फॉलो किया, मैंने देखा अरे मैंने खुद किया 1 जमाने में और औंधे मुंह कहते है जी कि पैशन को फॉलो करना इतना आसान नहीं है, बहुत मुश्किल हो, बहुत कठिन है डगर पनघट की बिल्कुल बिल्कुल तो क्या करे।
मुझे ता है कि हमारे पास 2 चॉइसेज हैं। अगर कोई पैशन को अपने फॉलो करना चाहता है तो उसमें थोड़ा रजिस्टेंस रेजिलियंस की जरूरत पड़ती है। and when has to basically be able to suffer for long enough for the passion तो फ्रक्टिफाinटो समथिंग वेरी सिम्पली अगर आपको लगता है कि आप अपनी जॉब छोड़ के अगर आप पोइट्री लिखना चाहते हैं, अगर वो आपका पैशन है और उसको करियर बना सकते हैं, लेकिन उसे आसान मत समझिएगा ईवन आप अगर अच्छी पोइट्री लिखते हैं, स्टिल सिर्फ पोइट्री लिखना, अकेले और सक्सेस एक्सपेक्ट करना 6 महीने में या 7 महीने में आइ थिंक इट स प्रेडी डेंजरस पेशेंट and willing to suffofalongenaफ, ये क्रिटिकल है पैशन इकॉनमी के लिए इस किताब में और मैं हार्ड बिजनेस रिव्यू में एसएस लिखता हूँ। पैशन इकॉनमी के बारे में। पहला एस जो काफी पॉपुलर हो गया था उसे मैंने अपनी कहानी बताई थी की मैंने माइक्रोसॉफ्ट कब और क्यों छोड़ा और किस स्थिति में छोड़ा मेरी फाइनेंशियल हालत कैसी थी, मेरा करियर कहां था और कैसे मैंने कैलकुलेटेड रिस्क लिया, रिस्क लिया।
मैं जरा सा ये बात करूंगा आपसे माइक्रोसॉफ्ट के बारे में, वहां पर आपने किनके साथ में काम किया। लेकिन जब आप ये बात कररहे थे पैशन इकोनोमि खास तौर से बड़ी मेहनत करनी पड़ेगी पर सेवेरेंस की जरुरत है। 1 शेर याद आ गया बड़ा नहीं आसान बस इतना समझ लीजिए। 1 आग का दरिया है और डूब.
के जाना है, बिल्कुल हो समडअपमईबुक आपने इस किताब का बहुत अच्छा समरी इस फेर में दिया है, ठीक है बहुत.
और मुझे ये बताइए की वहाँ क्या कर रहे थे, आप माइक्रोसॉफ्ट में किनके साथ डायरेक्टली काम कर रहे थे?
जी, मैं माइक्रोसॉफ्ट में साढ़े 6 साल मैंने काम किया था, अपनी एमबीए खत्म करने के बाद इन सीड से मैंने माइक्रोसॉफ्ट की बी आपने कहाँ से किया इनसे इन फ्रांस और आपने मुझे याद.
है कि पेमब्रोक कॉलेज जो है ऑपरयूनिव्सिवहां.
से मैंने मास्टर्स की थी और अब.
पी एच डी कर रहा इंजीनियर कहां से हो गया।
पहली डिग्री बताया था की अगर आप साउथ पहली डिग्री तो इंजीनरिंग होनी चाहिए, वो कहाँ से की है, वो मैंने डेली से की थी। डेली कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग। वही मैं स्कूल भी डेली पब्लिक स्कूल गया है और उसके बाद 1 यूनिवर्सिटी है शो का यूनिवर्सिटी वहा पे मैं यंग इंडिया फेलोशिप का पहला पहले मैच में था और वहाँ पर टोर्चबरररिवॉर्ड मिला था।
उसका बड़ा जिक्र सुनते आये है। शो का यूनिवर्सिटी को दिल्ली के नजदीक है जी, बीच में कभी कभी कांट्रवर्सी में आती है जी लेकिन ये उसके बारे में कहा जाता है कि उसको कुछ इनवेस्टर्स जो 1 जमाने में बड़े कामयाब रहे, खासतौर पर आईटी इंडस्ट्री में। जी, आई टी से निकले हुए सबने पैसे जमा किया, उस यूनिवर्सिटी को कायम किया जी। और उसको कोशिश यह है कि वो 1 जो इंटरनेशनल लेवल की यूनिवर्सिटी हो सकती है उस लेवल पर ले के आ बिल्कुल हाँ पर मैं वापस आ जाता हूँ। माइक्रो सॉफ्ट जी।
तो अगर आप मेरे जस्ट जूम आउट करेंगे। मैंने हमेशा काम और पढ़ाई और लिखाई साथ में की है। मैं थोड़ा फैमिली से फर्क पड़ता है लेकिन ऑक्सफर्ड में मैं पहले फैलो था फिर मास्टर्स किया और पी एच डी कर रहा हूँ। मैं एम बी के लिए इन सियार फ्रांस में गया, फिर वार्टन अमेरिका में गया, उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ज्वाइन किया और हमेशा जब मैं शो का यूनिवर्सिटी में भी था तब भी मैं अपनी 1 कंपनी चलाता था, लिखता था और इंजॉय.
करता था मतलब जब आप काम कर रहे थे लंबे वक्त पहले तब भी 1 कंपनी साथ में चलाना चलाना कोई आपकी होबी है।
साइड हसल बताये हमे साइड साइड हसल.
दिस वेरी इंटरस्टिंग पैशन, eकोनoमीवाwएं द, साइड हसल रेजोलूशन तो पैशन इकॉनमी तो आपने बता दिया साइड हसल में बड़ा कंफ्यूज.
था अब आ गया। मुझे लता है साइड हसल सबको 1 कुछ करना चाहिए अपने मेन जॉब लगे.
से अलावा अच्छा मैंने किसी 1 अमेरिका जो बड़े मालदार लोग हैं उनकी भी बात सुनी थी के वो 1 जॉब काफी नहीं है 1 खाली इन्वेस्टमेंट काफी नहीं है 23 जगह पर छोटे छोटे पार्ट्स बना के उसमे कुछ कीजिए जैसी.
बात है ये प्रवेश जी ये थोडा सा कॉम्प्लीकेटेड कांसेप्ट है और इसे मिसअंडरस्टैंड करना काफी आसान है तो रूल है। मुझे 1 बार माइक्रोसॉफ्ट में मैंने काफी प्रोजेक्ट्स में सी ई ओ सत्या ने डाला को सपोर्ट किया था उसे मैने अपने बारे में करियर एडवाइस मांगा था 1 बार तो उन्होंने बोला कि what work for him as उनको जो भी जॉब कभी भी दिया गया माइक्रो सॉफ्ट में या कई और he took ऐस द मोस्ट इम्पोर्टेंट जॉब तो मैंने इसे अपना रूल बनाया हुआ है कि मैं साइड हसल हों या मेन प्रोजेक्ट में जो करता हूं उसको बार सीरियसली करता हूँ तो अगर मेरा साइड हासिल है मान लीजिए इंटरव्यू देना, इंटरव्यू देना या फिर या फिर पोल्ट्री लिखना या किताबें लिखना आई डोंट टेक it casually रिक्वायर्स सीरियसनेस और मैं किताब में भी यही आरजू करता हूँ जो मुझे सत्या ने बताया था कि जो करो या तो मत करो और कर रहे हो तो गिव इट evरथिंगजैसेकअगर मुझे ऑक्सर्ट से इस स्थिति में पी एच डी करने की कुछ प्रैक्टिकल यूटिलिटी जरूरत नही है। मेरे पास आलरेडी काफी डिग्रीज है लेकिन शौक है मुझे अपना सोशल नेटवर्क में काफी इंट्रस्ट है नेटवर्क कैपिटल इस किताब में तो मैं तेरी एडवांस करना चाहता हूं इस फील्ड में इससे थोड़ी सफरिंग होगी क्योंकि आसान नहीं होता है कि 2 कंपनियों को लीड करना और साथ में पी एच डी करना बट मुझे करना है और आम इंस्पायर्ड बाय दैट और इस दौरान पे जो सफरिंग आएगी टाइम मैनेजमेंट और familial responsibility को करे उसको i valinge embrace the basin economy in side has revolution are not for for people, who just are looking for a bed of roses, because its not that।
1 बात मैं समझ गया आपने क्योंकी अभी माइक्रोसॉफ्ट का जिक्र किया और आपने यह भी कहा कि आप जो की 1 तरह से सबसे बड़े आदमी है.
जी बहुत रमाकबलआदमीपोल् बहु पसंद करते हैं कभी लंदन आएंगे तो आप उन्हें इनवाइट.
करिएगा इस पोटकास्तरेवाह मजा जरूर उनके साथ.
में बात होगी उनको रिल्के बहुत पसंद.
है आपने इन्टरनेट इकॉनमी और जो सोशल मीडिया है उसको भी बहुत समझाए और उसमें खूब काम किया हुआ और खुद भी 1 कंपनी चलाते हैं तो मुझे लगता है आपसे बेहतर कोई इंसान हो सकता थोड़ा सा इस बात पर रोशनी डालने के लिए के आज इस वक्त साउथ एशिया में खासतौर पर और साउथ एशिया में भी इंडिया में भारत में हिंदुस्तान में 1 इंकलाब आया है सोशल मीडिया जी यानि कि जो सबसे ज्यादा नंबर्स हैं वो इंडिया से आते हैं मिसाल के तौर पे यू ट्यूब पता चला तकरीबन जो भी है आदि के आस पास पॉपुलेशन जो है वो कहीं न कहीं किसी न किसी में यू ट्यूब को एक्सेस करते हुए देखती है और दुनिया में सबसे ज्यादा नंबर यूट्यूब देखने वालों का इंडिया में है इसी तरह से क्रिएट करने वालों का इसी तरह से फेसबुक इंस्टाग्राम ये सारी तादाद बढ़ती चली जा रही whatsapp वगैरह और इंडिया में 1 बड़ी तादाद में लोग अब इस तरफ अपना रोजगार भी देख रहे हैं और सोच भी रहे हैं तो थोड़ा बता सकते हैं कि वो इकॉनमी किस तरह से काम करती है।
देखिये यूट्यूब पैशन इकॉनमी के लिए अभी तक सबसे वायबल एसेट है कोई भी कहीं पर भी बैठे हुए 1 न्यूज चैनल खोल सकता है पोडकास्ट चला सकता है लोग स्ट्रीम करते हैं अपने गेमिंग करियर लोग ओपिनियंस बनाते है youtube is an engine creativity youtube दुनिया की सबसे बड़ी uनिvरसिटyहैऑकसर् भी बड़ी uनिvrसityहैलेकिन यू ऑक्सर.
से बहुत whatsapp univeywhatcलेकिन देखिये डिफ्रेंस है.
Whatsapp यूनिवर्सिटी में और youtu में क्या है कि जितना मैंने देखा है इसको मैंने रिसर्च नहीं किया है कई प्लेटफार्म्स पर मिस इन्फॉर्मेशन स्प्रेड होना बहुत आसान है मुझे ऐसा लगता है ट्यूब पर इतना आसान नहीं है मिस इनफार्मेशन स्प्रेड होना बहुत सारे लोग जिनको मैंने इस किताब के लिए इंटरव्यू किया था और जो मैं देखता हूँ वो यूज करते हैं यूट्यूब को या तो कुछ सीखने के लिए अभी मेरी मम्मी मेरे साथ लंदन में हैं तो वो मुझे हेल्प कर देती है खाने में कई बार सीखना पड़ता तो कई बार यू ट्यूब से सीख लेता है कि ही चेक.
कैसे बनेगा अरे आप ये तो आप बात कर रहे हैं मैं आईके से 1 फ्रेम लेकर आया और अब उसको टांकने का बड़ा मसला है। इसलिए उसमें कहीं कोई इंस्ट्रक्शन नहीं थी। आमतौर मे होती है।
चीजें बिल्कुल।
अब समझ में नहीं आया कि किस को फ़ोन कर के बात करूँ। अचानक यू ट्यूब का ध्यान आ गया, फौरन देखा तो 1 नहीं, 10, 1.
मिनट, 22.
लीजिए गोल कर, वो तो से लेके, 50 चीजों में वहाँ मिल जाती है तो वो उसका इकॉनमी से कैसे मैं समझाता हूँ।
और आप मेरी माँ डॉक्टर को जानते है।
जो लोग ये प्रोग्राम देख रहे हैं, जो लोग पोडकास्ट पर सिर्फ इसका ऑडियो सुन रहे है। इसलिए मैं कहूँगा कि उत्कर्ष अमिताभ की जो मां हैं उनका नाम है डॉक्टर अनामिका। डॉक्टर अनामिका हिंदी की बहुत बड़ी साहित्यकार हैं और जो भी इस वक्त भारत में हिंदी के कवि हैं, उनमें बहुत बड़े कवियों में उनका शुमार होता है। उनका जिक्र हम थोड़ा बाद में कर लेंगे।
जरूर। तो मैं मैं बस उनको समझा रहा था उनको ले क्यूंकि मैं उनको भी देखता हूँ।
मेरी।
मेरी जो फैमिली और माइक्रो यूनाइटेड नेशन जैसी लगती है, मेरी सिस्टर लॉ हांगकांग से है, मेरी बेटर हाफ लेबनीज फ्रेंच हैं। तो अभी क्या हुआ कि मेरी माँ और मेरे पार्टनर की माँ दोनों घर में थे और गीता की माँ इंग्लिश नहीं बोलती है, ये आपकी वाइफ का नाम है मेरी। मेरी माँ फ्रेंड्स नहीं बोलती है। और वो दोनो यू ट्यूब से फिगर आउट कर रहे थे। क्या बोले? क्योंकि अभी क्या हुआ कुछ दौरान वो दोनों अकेले घर में थे। and they will trying to figrauthowto speak with on youtube 1 लर्निंग जनियर यूट्यूब 1 अर्निंग इंजन भी है तो जिन लोगों ने भी ये वीडियोज बनाया होगा न कि फ्रेंज को इंग्लिश में ट्रांसलेट करें या आईकिया फरनीचर बनाये या बटर चिकन बनाये, या वेब थ्री, ब्लॉक, चेंज, समझाए, कुछ भी, उनको पैसे भी मिलते हैं। यूट्यूब से। तो ये जो वीडियो आपने देखे। अगर बहुत लोग देखते हैं तो जिसने वीडियो बनाया है उसको 1 चं पैसे मिलते है।
वो इसलिए होता है कि बीच बीच जो एड्स देखते हैं, जी, उससे पैसे मिलते हैं। मैं यहाँ पर 1 बात क्लेरिफाई करना चाहूंगा, खासतौर पर जो लोग देख रहे हैं, सुन रहे हैं कि ये प्रोग्राम यूट्यूब ने स्पांसर नहीं किया। पहली बात, दूसरी बात यह कि किसी भी तरह का कॉन्फ्लिक्ट नहीं है। मेरा बिल्कुल यू ट्यूब का बार बार जिक्र करना। बल्कि मेरा दिल तो यह करता है कि यूट्यूब की जितने में तारीफें कहीं कर रहा हूँ, उसमें उतनी ही उसको क्रिटिसाइज भी करूं। उसमें बड़ी खामयाब मुझे नजर।
हम डिस्कस करते हैं, ख ामयाबी कर.
वो हम बाद में बात कर लेंगे। लेकिन मैं चाहता हूँ की आप थोड़ा सा इस प्रोग्राम का लेविल उठा देते हैं। ये तो आपने बताया कि जैसे कि यूट्यूब, कैसे इकॉनोमी जनरेटर जी थोड़ा बड़े लेवल पर आ जाते हैं। मैं समझता हूँ कि बड़ी तादाद में लोग, इस प्रोग्राम को देखने वाले, सुनने वाले ऐसे भी हैं जो ग्रेजुएशन कर चुके हैं जी।
यू ट्यूब में।
अब यहाँ पे जो है उत्कर्ष अमिताभ की नॉलेज का वो फायदा उठाना चाहते हैं। ओके यानि कि ये बड़े लेवल पर मैं ये कह रहा हूँ कि जो जो यू ट्यूब पर आ रहे हैं, लोग ट्रेन लोग हैं, वीडियो बनाना जानते हैं, वो क्या पॉसिबिलिटीज देखते हैं जी.
मैं बता दू youtube पे बहुत सारे मिलिनेयर्स हैं और मुझे लगता है कि आने वाले सालों में पॉसिबल की यूनिकॉन बनेगा यू ट्यूब को ही यूज करते हुए जैसे इंडिया में भी 1 कंपनी है जो कोचिंग करती है फिजिक्स में, मैथ में, इन सब में वो पोपुलर कैसे हुई, लार्जी यूट्यूब वीडियोज बनाते हुए। और इस किताब में मैंने जिक्र किया 1 डॉक्टर है आस पास ही रहते हैं। अली अबदाल नाम है उनका केम्ब्रिज में है और उन्होंने मेडिसिन पढ़ाई की लेकिन उनको लगा कि मेडिसिन अच्छा है लेकिन वो यूट्यूब पे पढ़ाना चाहते हैं। तो उन्होंने ऐक्चवली आज वो मेडिसिन नहीं पढ़ते और डॉक्टर नहीं उन्होंने छोड़ दिया है प्रैक्टिस करना और हम डिस्कस कस थिक है की नहीं thats what is वार्ड बट आज फुल टाइम यूट्यूबर हैं और टीचर हैं, प्रोडक्टिविटी के बारे में लिखते हैं, पढ़ाते हैं और वो अपनी इनकम के बारे में काफी ओपन है तो पब्लिक डेटा है तो उन्होंने to the best of my नॉलेज ट्वेंटी ट्वेंटी थ्री में 5 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए होंगे यूट्यूब से वाह और अगर आप उनके वीडियोज देखें तो बहुत अच्छे से शॉर्ट होते हैं प्रोडक्टिविटी के बारे में, क्रिएटिविटी के बारे में, इंटरनेट इकॉनमी के बारे में बताते हैं और अली इस वन ऑफ द हंड्रेड एंड थाउजंड ऑफ पीपल जो youtube पे अपनी फुल टाइम जॉब पास जॉब से टेन टाइम्स हंड्रेड टाइम्स थाउजंड टाइम्स बना रहे हैं। लेकिन मनी इज नौट द मेन पॉइंट मुझे लगता है कि लोग अपने इनकम से या करियर से चाहते हैं। otोnoमीमास्टरी एंड prposयहबडी अच्छी बात आपने ऑटोनमी.
का भी जो जिक्र किया वो बाकी आप अपने मास्टर खुद हैं जी और अपने लिए ही काम करते हैं। ये बहुत लोगों की ख्वाहिश होती है लेकिन यह समझ में नहीं आता कि कैसे काम करे। अभी आपने कहा कमाते है और जैसे आपने अली साब का जिक्र किया मैं समझना चाहता हूँ की 1 बेसिक तो यह हो गया कि यू ट्यूब पर प्रोग्राम जाता है और उसमें ऐड्स आते हैं। इसके आगे का क्या मामला है जी? देखिए शादी सब कुछ इसी बात डिपेंड कितने हिट्स आते हैं कितने लोग सुनते हैं कितने कितना वक्त गुजारते हैं, आपके.
चैनल के वो बहुत जरूरी है। देखिये प्रवेश जी कोई भी इन्टरनेट प्रोडक्ट, कोई भी वो 3 तरह से जनरली 3 तरह से मोनेटाइज करता है या तो एड्स या तो सबस्करिप्शन या तो डिजिटल कॉमर्स इसके अलावा आपको जनरली बिजनेस मॉडल्स नहीं मिलेंगे मिल सकता किन book most to the many ads, google most to the many ads, youtube on by google, youtube also most the many ads और गर आपको एड्स नहीं देखना है तो आप youtube prime को subscrib कर सकते हैं तो वो said ten डॉलर देंगे तो ads नहीं देंगे outube ने डिसाइड कर है कि नोट वाचिंग एड्स इस रफली वर्थ दीज मनी डॉलर्स और अगर आपको फ्री में देखना है तो एड्स देखे क्योंकि जो एड्स वहां प्लेस कर रहे हैं वो outube को पैसे देते हैं और otu क्या करता है youtube वांट people टू क्रिएट कॉन्टेंट वो चाहते हैं कि आप कॉंटेंट बनाए, मैं कॉन्टेंट बनाएं क्योंकि अगर हम अच्छा कंटेंट बनाएंगे तो लोग youtube पे ज्यादा आयेंगे विच मींस एडवटाइजर्स विल हैव मोर ऑफ सेंटिव to place ad star to advetising is a very important ngon for you tube and you tube में आप कुछ भी सर्च करें hi quality sinema, hi quality debates, आपको you tube पर मिल जाएगा और youtub 1 इकलौता प्लैटफॉर्म नहीं है देर वीमियो उस तरह के बहुत सारे प्लेटफार्म में टिकटॉक इंडिया मे समझ.
गया की 1 तो एडवटाइजिंग हो गयी.
दूसरा सsकrिtनसबस्किबशतीसरा डिजिटल कॉमर्स मान लीजिए आप yutube बना रहे हैं होम इक्विपमेंट को लेकर तो आप होम एक्विपमेंट बेच भी सकते हैं आप अपना 1 ब्रांड खोल ले और बोले कि अगर मुझे तो हजार लोग देख रहे हैं अगर मैं कोई प्रॉब्लम बनाऊंगा तो शायद लोग उसको खरीदेंगे और पैशन कॉलम में 1 कांसेप्ट बहुत इम्पोर्टेंट है जो मैंने नेटवर्क कैपिटल के अली डेज में यूज किया और काफी स्ट्रोंगली रेकमेंड करता हूँ और वो कांसेप्ट है थाउजेंड ट्रू फैन्स का। किसी भी बिजनेस और किसी भी मिशन को सक्सेसफुल बनाने के लिए आपको करोड़ो लोगों की जरुरत नहीं है, आपको थाउजेंड स्पिरिटेड लोगों की जरुरत है जैसे आप ये पोडकास्ट ले ले having one lac views is an इमपरफेक्ट हाउस हैविंग थाउजेंड पीपल हजार लोग जो इस पोडकास्ट को सुनने के लिए बेताब है और बहुत परवेज क्वेशचन को डायर करते हैं या आपके आर्गेनाइजेशन गैस को भी और शायद गैस को करते हैं। to that is a lot more powerful than u m hundred tous.
दिलचस्प बात का खाली नंबर बढ़ाने से कुछ नहीं होता लेकिन ये की वो किस क्वालिटी के लोग हैं जो आपके प्रोग्राम को सुन रहे हैं, देख रहे हैं, सबस्क्राइब कर रहे हैं वो कितना आपका झंडा ऊंचा उठा सकते है।
आपको इसको बिजनेस बोलते हैं नेट प्रमोटर स्कोर कहने का मतलब कि आपको लोग कितना रेफर करते हैं। जैसे कुछ दिन पहले मुझे किसी ने 1 किताब दी बहुत अच्छा लगा मैंने 10 लोगों को बताया दैट मींस किताब का नेट प्रमोटर्स को काफी डिजिटल प्रोडक्ट के उस करते हैं। आपने मुझे बताया था रिप्ली के बारे में 1 पर्टिकुलर डिजिटल शो है। आपने रेकमेंड किया मैंने उसको देखा तो इस ये डिजिटल प्रोडक्ट्स में ये नेक प्रमोटर स्कोर बहुत इम्पोर्टेंट मैटरिक होता है.
रेफ्रेंसेबिलिटी तो मतलब मोटे मोटे तौर पर मैं समझ गया की जो बातें हैं इकॉनमी जनरेट करने के लिए अच्छा अब उसमें क्या है की अब जाहिर सी बात है की हर फील्ड में हर सब्जेक्ट पे तो बहुत ज्यादा लोग नहीं दिलचस्पी। रखते जी 1 निज प्रोडक्ट होता है और ऐसा होता है जैसे कुत्ते बिल्ली के विडियोज हैं या वो करुण की तादाद में नहीं देखते हैं। अब जब हम यूट्यूबर्स जो सक्सेसफुल हैं जो टॉप टेन टॉप ट्वेंटी उठा के देखते हैं तो उनमें जो समझदार या बड़े लिखे या इंटेलेक्चुअल्स या बहुत बड़े। जिस ये सब नजर नहीं आयेंगे, उसमें कोई आएगा जो बच्चों का कुछ नर्सरी चला रहा है, कुछ वीडियो बना रहा है, इस तरह की बेसिक चीजें करने वाले हैं जी, जो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचते है, उनका क्या है जो नीच प्रोडक्ट लेकर बैठे हुए हैं.
जी, मैं एक्च्वलीनीश प्रोडक्ट को वेस्ट्िकलीस्ट्रटेजिकली बहुत अच्छा आइडिया है। देखिये क्या है कि इन्टरनेट की खास बात क्या है कि ये नीचे नीचे को स्केल कर देता है। अगर आपका देश मान लीजिये, आप लंदन में रहते हैं, उर्दू, पोयट्री, हिन्दी पोयट्री, आपको यहाँ पर हजारो लोग मिल जाएंगे, हिंदी तो काफी पॉपुलर, उर्दू भी काफी मान ली। आजरबाइजानी पोयट्री 1 बहुत ही बस्कोर चीज को अगर आप देख रे हैं, आपको मिल जाएंगे हजार लोग तो 1 इंटरनेट ऑनटरपनरइंटरनेट क्रिएटर काम है, उन हजार लोगों को खोजना आपका हमेशा टेम्पटेशन होता है कि ब्रॉड करे। lets do something the chalenge नीन कै मे कैट विडियो तो कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ जाता है, जहाँ पर भी कम्पटशनबढ़गया वहाँ पे इनकमबेंटकोफायदा होता है। तो आपके चांसेज हैं कि कुत्ते का वीडियो बनाया, बिल्ली का वीडियो बनाया, खेलते हुए बहुत वायरल हो जाए। अफ़कार हो सकता है, लेकिन आपको अच्छे खासे कॉम्पिटिशन से जूझना पड़ेगा जितना मुश्किल काम करेंगे। आप कॉम्पिटिशन को उतना.
जो निज प्रोडक्ट की तरफ आप इशारा कर रहे थे कि आप अपने पैशनेट लोगों को क्रिएट करें, सब्जी काबर् को फोकस करें जी, उन पे।
तो मेरा कॉंसेप्ट इसमें है कि बिल्ड कैटेगरी ऑफ न डोंट कम्पीट एंड दिस एंपायर रेजिंग समवन। वो कहते हैं कॉम्पिटिशन इस फॉलूजर्स ना मैं इस तरह की भाषा नहीं यूज करूंगा, लेकिन उनकी बात में दम है कॉम्पिटिशन जनरली बहुत खराब बिsnessटratजी, क्योंकि आप नहीं बना पाएंगे दुनिया के बेस्ट कुत्ते की videos कंसिटenटलtesxy five to, इसलिए फोकस करना चाहिए। do something that your unicelyposition to, do do it for long anav एंड कीप ट्राइ टो गेट न परसेंट betr अगर आप ये सब कर देते हैं तो आप अपनी कैटेगरी ऑफ वन बना ले और 1 बार आपकी कैटेगरी ऑफ वन बन गए। तब वो स्पेस आपका अच्छा ये की.
कांसेप्ट है और 1 और चीज है खास तौर पर सोशल मीडिया की। मैं बात कर हूँ यू ट्यूब की। हम जहाँ जिक्र कर रहे हैं तो यह कहना लाजमी है, कंसिस्टेंसी बड़ी जरूरी है जी, लगातार आप पोस्ट करते रहे, ऐसा न हो जैसे मेरे साथ बहुत बार कभी कभी गायब हो गए के लिए, ये बातें तो अपनी जगह बिल्कुल ठीक है। 1 बड़ा मसला आता है और वो उस मसले का 1 पूरा नाम है, उसको कहते है और यहाँ पर अच्छे से अच्छा आदमी मात खा जाता है जी, इसलिए 1 ऐसा बड़ा राज है जो मेरे ख्याल से किसी के हाथ नहीं लग पाता कि कौन सी कंपनी का क्या अलगोरिदम है, फेसबुक का क्या है, इंस्टाग्राम किस तरह से किस पोस्ट को ऊपर ले जाता है, कैसे नीचे ले आता है, या यू ट्यूब पर कौन सी वीडियोज ऊपर जाते हैं, नीचे जाते हैं और इसके लिए लोग स्ट्रगल करते रहते हैं। बेसिक टैक्स बनाइए, मैटर टैक्स बनाइए बनाना करिए हैस्टाक। लगाए। वो तो बातें अपनी जगह है लेकिन ये ये क्या हैं अलगोरिद्म।
मैं बताता हूँ मेरी ऑक्सफर्ड में जो मास्टर वो है एआई एथिक्स पर ड्रा करती है, उसमें मैं डिस्कस करता हूँ। एल्गोरिद्म ब्लैक पॉप जो है यार आप.
तो बहुत दिलचस्प आदमी कर ले। जो झेलता हूँ उसके एक्सपर्ट हैं बड़ी परखुशी है।
र्ट तो नहीं लेकिन क्यूरियोसिटी है, जानते.
हैं और आपने कि किया है प्रैक्टिकली देखिये क्या होता है 2 तरह की चीजें। मैं किसी भी चीज की तकलीफ कर सकता हूँ, ब्राटकास्ट किसी का भी इंटरव्यू कर सकता हूँ। लेकिन मैं कितना जानता हूँ उसके बारे में, डीटेल में, यहाँ पर असली बात मैं नहीं जानता। लेकिन यह अपनी किताब लिखी। मैं बार बार से जिक्र इसलिए करना चाहता हूँ यह बहुत सारे लोगों को अब तक दिलचस्पी। आपकी शख्स गई होगी और वो कह रहे तो और इसलिए भाई प्रोग्राम भी प्रमोट करना किताब है। किताब को प्रमोट करना मतलब पुन का सब का काम है। तो ये मामला है उत्कृष्ट, अमिताब और इनकी किताब में इसका जिक्र भी है। तरह तरह से इकॉनमी को किस तरह से आप कामयाब हो सकते हैं, किस बिजनेस में किस तरह से आपको उसको परसू करना चाहिए। अपने ख्वाब को जी है। तो यहां जिक्र कर रहे थे अलग। आपकी पी एच डी से रिलेटेड।
ये मेरा पी एच डी फोकस करता है। काफी कुछ सोशल नेटवर्क सोशल नेटवर्क कैसे बढ़ते हैं। पॉलिटिकल मूवमेंट में, स्टार्ट ऑफ में उसे बात कर सकते है कि जो मास्टर डिजिटेशन है वो ए आई एथिक्स पर आता है। और लोग क्या चाहते हैं। एआईएस कहते हैं कि लोगों को एलगोरिद्म की समझ होनी चाह। एटलीस्ट थोड़ा तो बताओ कि कर क्या रहा है एलगोरिद्म। लेकिन क्या है कि टेक्निकल लैंग्वेज समझ में कैसे आएगी। बहुत कम लोगों को ऐक्चवली समझ में आया कि यू ट्यूब का एल्गोरिदम कैसे काम करता है या टिकटॉक कैसे काम करता है, फेसबुक कैसे काम करता है। नेटवर्क कैपिटल के यूजर्स को भी नही बताओगी। नेटवर्क कैपिटल का एलगोरिद्म कैसे काम करता है। हमने जब बनाये थे इस वीडियो बेस प्रोड तो कैसे रेकमेंडेशन इंडियन काम करेगा किसको कौन सा वीडियो दिखाएगा डिपेंडिंग ऑन द करियर। चॉइस ये इसको डिस्क्लोज करना बड़ा कॉम्प्लिकेटेड काम है। इसको समझाना बड़ा मुश्किल काम है और कंपनियां टिपिकल नहीं करती है या और नहीं कर पाती है। फोरवरआइटीऑरीजनतो यू ट्यूब के आल्गोरेतरमें लोग बताते हैं और थोड़ा जितना मैंने पढ़ा है उनको क्या पसंद है, कंसिस्टेंसी उनको पसंद है, वाच टाइम उनको अच्छा लगता है। अगर आप यूट्यूब वीडियो अपने अपलोड किया और लोगो ने खत्म किया और अगर लोग कंसिस्टेंटली उस वीडियो खत्म करते हैं तो यूट्यूब उसे अप रैंक कर देता है। और यot्यuबमेंअगरआप मान लीजिये आपके आस हजार फॉलोअर्स हैं और किसी के पास 10 फॉलोवर्स हैं तो यूट्यूब आपको थोड़ा प्रेफरेंस देगा। अगर आपके क्वालिटी और फॉलोर्स अच्छे हैं तो।
लेकिन क्वालिटी का क्या मतलब है, क्वालिटी.
कैसे डिफाइन करेंगे ये बहुत सब्जेक्टिव। मेट्रिक्स होता है इसीलिए एग्जैक्टली अल्गोरिद्म कैसे काम करता है। अगर आप कंप्यूटर साइन्स से पीछ लिए तब भी आप नहीं बता पाएंगे कि इस कंपनी का अलग दम कैसे करता है। आप 1 एजुकेटेड गैस ले अलग अलग हर कंपनी अलग होता है। जैसे टिकटॉक कंपनी है टिकटॉक 1 प्रोडक्ट है जो आपके नंबर ऑफ़ फॉलोअर्स को डिस्ट्रिगार्ड करता है वो क्या देखता है, वो 1 चीज होती है इंट्रेस्ट बेसग्राफअगरआपका, इंट्रेस्ट उर्दू। तो आलगुर्दमको समझ में आ जाएगा किसको क्या दिखाना है बेस्ट ऑन वरईटी जो आप नहीं बता पाएंगे एग्जैक्टली क्या है नेट फ्लिक्स के आलगोलूट्uबसेअलग है टिकटॉक से अलग है, फेसबुक का सबसे अलग है और अ लॉट ऑफ कम्पेरेटिव डिफ्रेंसिएशन हर कंपनी जो अपनी कंपेटिटिव डिफ्रेंसिएशन करती है वो अलगोरिद्मिक सोफिस्टिकेशन से करती है और वो अगर आपको बता देंगे तो उनको उनके बिजनेस के लिए एक्जैक्टली अच्छा नहीं हो सकता है। दे विल आल्सो बी ओपन टु अ.
लॉट ऑफ लॉ शूट्स हा बड़ी जलचस्पबातकरेक्यूंकि मैं यह सोच रहा था इस बारे में, मैं जो ये सोच रहा था कि इस पर कई पॉलिटिस को कन्विंस कर के केस करवा दे। सारी कमियों कमिटी बहुत केसेज में 1 तरफ तो ठीक है मैं सोशल मीडिया पर एक्टिव हूं सिंग के प्रोडक्ट भी होते हैं जो प्रोग्राम लगाते हैं उसी तरफ में 1 थोड़ा सा जागरूक किस्म का कंजूमर भी हूं, मुझे लगता है कि बड़ी जैदतीहैहमेंबदेनहीं लग पाता तो कभी ऐसा होता है, कांग्रेशनल कमिटी हो रही है अमेरिका में, और वो बुलाते हैं आइए साहब जरा ये बताइए आपका क्या है, यह कैसे आप करते हैं, ये है इंडिया में फर्स्ट कीजिए खबर ले लेती है सोशल मीडिया के इंडिया में जी वो बुलाएं की ये अपना जरा हमें समझाइए एलगोरिदम क्या है।
तो कंपनियों के पास 1 चौइस है ऐसा कर सकते हैं जैसे कि किसी को अगर 1 कंट्री के टेल कंपनी अगर आप हमें अपना अलगोरिदम नहीं दोगे तो आप यहाँ पर काम नहीं कर सकते। तो अप कंपनी कंपनी से ठीक है की आप रखो हम दिस इज नौट एक्सेप्टेबल हम नहीं देंगे और ये कंपनी से नहीं नहीं हम दे देंगे। लेकिन अगर कंपनी स्टार्ट वायलेटिंग से कस्टमर प्रिवसी देन। कस्टमर्स वन ट्रस्ट द कंपनी बड़ी अच्छी बात करें।
अब मैं मैं जो हूँ मैं कस्टमर भी बन गया इसलिए मैं प्राइवेसी भी चाहता हूँ बिल्कुल और मैं नहीं चाहता कि आप मेरी प्रेस है, वो किसी को भी बताए, बल्कि किसी और कंपनी से भी शेयर करे थोड़ा सा जरा सा और बता दीजिये कि ये जो बात कर रहे थे हम यूट्यूब की जी, तो आपने कुछ इशारा किया था की कंसिस्टेंसी काम करती है और टैक्स.
हैज, टैक्स हैज, टैक् स है, मैंने रिसर्च नहीं देखा है लेकिन कंसिस्टेंसी वाच टाइम कम्पलीशन रेट्स इस तरह के मेट्रिक्स बहुत इम्पोर्टेंट होते है और कुछ डिपेंड करता है आप किस कंट्री में भी है जैसे इंडिया का जीडीपी पर कैपिटा लोअर होगा लेट से अमेरिका में, तो अगर आपके पास अमेरिका में हजार फॉलोवर्स हैं और इंडिया में हजार फॉलोअर्स हैं। it is quite posible की आपकी ut्यूबइनकम अमेरिका में होगी, वो ज्यादा होगी क्योंकि आपके मोस्ट उजर्स जो है। americans to pay out this is this is।
माई बेस्ट केस estiमेटअच्छा आपने ये भी कहा था कि ये मुख्तलिफ होता है हर कंपनी का अलगोनिजम, तो अब जैसे फेसबुक पे आ जाते हैं फेसबुक पे में पिछले 12 साल से लगातार मेरे जो फॉलोवर्स हैं, जो मेरे फ्रैंड्स हैं, 1 ही शिकायत करते हैं। वो ये कह रहे हैं कि भाई पहले मैं 1 पोस्ट डालता था, 400 लोग लाइक करते थे, नोटिस करते थे और उसमें सौ लोग कमेंट करते थे। आज पोस्ट डालता हूँ, 25 लोग भी लाइक करने वाले नहीं मिलते, 2 लोग कमेंट करके आगे बढ़ जाते हैं जी। तो ये चेंजेज तो आये हैं यानी पहले का फेसबुक और आज का फेसबुक अलग है मतलब अलगोरिद्म के मामले में.
जी जस्ट कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट को बहुत क्लियरली करते हुए की नेटवर्क कैपिटल के जो पहली राउंड फंडिंग थी वो फेसबुक मेटा से आई थी।
और अच्छी बात है।
और मैं मैं फेसबुक स्पोक्स पर्सन में आपको अपना ओपिनियन ठीक है। बताता हूँ देखिये क्या है की फेसबुक जो अभी है। बहुत सारे लोगों ने 2 साल 3 साल पहले कहा था कि फेसबुक अब खत्म है, कोई नहीं जाता। फेसबुक पर जो कुछ हद तक बात सही अगर आप देखें, इंगेजमेंट रेट जैसे आप काफी कम हो गए। लेकिन फेसबुक का स्टॉक प्राइस बढता रहता है। मैंने 3 दिन पहले देखा था $500 से ऊपर। तो कंपनी ने काफी अच्छा ट्रांसफोर्मेशन किया है। पिछले कुछ सालों गुड फॉर देयर शेयर होल्डर्स गुड फॉर वhatevr। लेकिन क्या है उन्होंने अपना एलगोरिद्म मेरे खयाल से चेंज किया है और वह फोकस करने काफी ज्यादा इंस्टाग्राम पे, whatsapp पे और फेसबुक पर चाहते हैं इंगेजमेंट बढ़े, एड्वेटिजमेंट के दौरान उन्होंने news, फीड पे, यू, एस, एलेक्शन स्केल के दौरान काफी कंट्रोवर्सी में आए थे। फेसबुक। उसके बाद मार्क जकबर्ग यूएस में घूमे लोगों से पूछा फरवरइtीऑfरeजन अब का जो फेसबुक है वो बिका ऑफ आलगोरिद्मिकजफंक्शंस डिफरेंटली तो उसमें आपको हर इंसान को कम इंगेजमेंट दिखता है। मेरे खयाल से वट फेसबुक वॉन्ट्स इस लोग अपने पोस्ट को बूस्ट करें डॉलर this is my बेस्ट ges और उससे फेसबुक को फायदा है क्योंकि फेसबुक जस्ट प्रमोट people आर प्रोड्यूसिंग, गुड कॉन्टेंट एंड.
बूस्टिंग the स बताया इंडिया में 1 चीज और भी चलती है, भला इसकी कमीज मेरी कमी से सफेद कैसे इसके भी 5 सौ फॉलोवर्स हैं, मेरे भी 5 सौ फॉलोवर्स है तो इतने लाइक्स आते हैं मेरे नहीं आते तो क्या.
वो एडवटाइज नहीं करता, बाई है एडविटिज्मत जरूरी नहीं है। लेकिन मैं कह रहा हूँ की हर कंपनी जब कोई चेंज करती है। द वांट, anacon दे वांट, उजर्स टू डू, सम, सो वा, आई थिंक, मेटा, ग्रुप मे वां, इसके लोग whatsap पे काफी समय बताए, इंस्टाग्राम पर काफी समय बताए, फेसबुक भी काफी समय बताए इसके लिए उन्होंने वीडियो शॉर्टफॉर्म वीडियोज बना दिए हैं। कई बार मेरी मेरे फेसबुक प्रोफाइल बहुत ही वियर्ड वीडियोज आते रहते हैं। जैसे हरियाणा में कई जली भी बन रही है। मैं वहाँ नहीं रहता हूँ। पसंद है बट इतनी भी नहीं। but is just not relevent to me to this faसबुकट्राइंटो। फिगर आउट कि वो कहाँ, किस डायरेक्शन में लेके जाए, किस तरह के प्रोडक्ट्स इंटरड्यूस करे, किस तरह का एडवiटिजमenट mॉdlऔरइसके काफी चांस facbook इज आलसो ट्राई तो फिगर आउट वाट्स बेस्ट for them, बट का जो सर्शन है, बिल्कुल सही है, आज का फेसबुक, एंगेजमेंट में एल्गोरिद्मिक, ट्रांसपेरेंसी, एल्गोरिद्मिक, आउटपुट इन सबमें बहुत डिफ्रेंट है 2 या 3 साल पहले।
अच्छा अब बात आती है मैं इंस्टाग्राम के बारे में कुछ कहना चाहेंगे इसलिए मैं बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं है तो मेरी भी दिलचस्पी जरा कम है। मैंने कम पूछा लेकिन मेरे बहुत सारे दोस्त हैं और रात दिन इंस्टाग्राम पर लगे रहते है।
जी इंस्टाग्राम आलसो 11 कंपनी जिसको फेसबुक ने एक्वायर किया, अच्छे प्राइस में मोदर बिलियन, डॉलर्स और इंस्टाग्राम उससे बहुत कम लोग काम करते थे और वो उनका बहुत अच्छा प्रोडक्ट बन गया है। लोग वहां पर फोटो शेयर करते हैं, वीडियो शेयर करते हैं। या इंस्टाग्राम ने पहले स्नैपचैट से थोड़ा कॉम्पिटिशन आया स्नैपचैट 1 और वीडियो बेस प्रोडक्ट था और फिर टिकटॉक से चले जाए। लेकिन वोट इंस्टाग्राम डजवेलउन्होंने अच्छा किया कि वो कॉम्पिटिशन को कॉम्पिटिशन के गेम में कई बार हरा देते हैं।
जैसे.
इंस्टाग्राम ने कुछ हद तक स्नैपचैट स्टोरीज से इंस्पीरेशन लिया और अल्टीमेटली स्नैपचेट से बेहतर प्रोडक्ट बना दिया। अभी वो क्या कर रहे है, वो टिकटॉक से थोड़ी इंस्पिरेशन ले रहे हैं। और ये कहना गलत हुआ कि वो टिकटॉक से बेटर है। वर्ष हैं बट, उन्होंने काफी प्रोग्रेस किया है।
इस दौरान अब बस सोच समझ के भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इंस्पीरेशन लिया। अब जैसे हम जैसे लोग हैं, बहुत बार जल्दी में कहे जाते हैं कि उन्होंने बिल्कुल आइडिया वहां से चुरा लिया। आम आदमी के मैंने साथ उन्होंने देखिये, वो करती थी कंपनी। अब उन्होंने उसको वैसा कर दिया। लेकिन यह बड़ी दिलचस्प बात है। और भी बहुत सारी चीजें, सीखनी और समझनी है। बल्कि उससे ज्यादा अलगोरिदम में किसी हद तक मैं समझता हूँ। अब मैं 1 और चीज है जिसकी तरफ इशारा करना चाहता हूं और वो है जैसे जो सीरीज है जिसके लिए ये आपका ओपनर है जी, ये जो ओपनिंग एपिसोड है आपके साथ में ये पूरे बिजनेस को पूरे मीडियम को समझने के लिए है, आम आदमी के लिए भी और खास तौर पर उन लोगों के लिए भी जो प्रोफेशनल खुद वीडियोज बनाते हैं और अपने प्रोग्राम करते हैं। देखिये क्या है की इंडिया में न्यूज करंट। फेयस 1 ऐसी फील्ड है जो आम तौर पर जो कन्वेंशनल मीडिया है वो करता आया था। बड़ी तादाद में 1 बड़ी तादाद में लोग वहां नौकरियां कर रहे थे, सब कुछ थे लेकिन अब उनके पास में वहां नौकरियां नहीं हैं। पिछले 10, 12 साल में जो भी गवर्नमेंट के चेंजेज हुए हैं उनसे वो बहुत ज्यादा खुश नहीं हैं। कंपनियों में इतनी चेंजेज हुई है ज्यादातर कंपनियां। तो मतलब ये समझिए कि 1 ही आदमी 70 70 मीडिया की कंपनियां ओन करता है। इतनी बड़ी चैनल्स उसकी पूरी तमाम में फैली हुई है। और फर्स्ट कीजिए अगर उस कंपनी से, उस टाइकून से आपकी आइडियोलॉजी नहीं मिलती या उसको आपकी आइडियोलॉजी बिल्कुल पसंद नहीं है तो आप के लिए काम करना बड़ा मुश्किल है। 1 छोटी सी मिसाल मैंने दी, लेकिन इससे ज्यादा और बहुत ज्यादा मिसालें हैं। के जो डिसेंट है, जो प्रोटेस्ट है, जो अलग बात कहना चाहते हैं, जो आप ज्यादा सवाल करना चाहते हैं, सवाल गवर्मेंट से करना चाहते हैं, पॉलिटिशन से करना चाहते हैं। कोई भी हो जब वो गवर्नमेंट के हो या मिनिस्टर्स हों या ऑपोजिशन के हों, लेकिन उनके लिए जो स्पेस है मीडिया में, कन्वेशनल मीडिया में जिसको लॉन मस्क लेगेसी, मीडिया कहते हैं, उसमें कम से कम होती चली गई है। पिछले 10, 12 साल में खास तौर से नोटिस किया गया वो 1 बड़ी तादाद में जो लोग हैं, वहां से निकले हैं, टैलेंट है, अच्छे लोग हैं, बड़े पड़े, लिखे लोगो, इटलेकलएक्सपीरियंस भी हैं, वो यू, ट्यूब और भी जो दूसरे ओल्टेनिटिव उधर आ रहे हैं। लेकिन वहाँ पे अब मैं काम की बात कर रहा हूँ, उसमें क्या है कि वहाँ पर अब ये है कि वो जो जो स्टेब्लिशमेंट है, जी, वो गवर्मेंट हो सकती है। किसी भी पुल की, पाकिस्तान की, इंडिया के यहाँ वो भी एक्टिव हो रही है, उस मीडियम पर, उसको अचानक लगता है कि भैया ऐसा नहीं है। डिसेंट वालों के लिए। आप ये प्लेटफार्म छोड़ दी, वो भी पीछे पीछे आ रहे हैं और वो पीछे पीछे आ रहे हैं। और साथ ही साथ क्या है कि नए नए लॉज बन रहे हैं। आईटी रिलेटेड के बात वहीं पर आ जाती है के मैं तो सब कुछ कर, सकूँ कर्तब यानी लेगेसी मीडिया में भी, कनवर्सन, मीडिया में भी, मैं क्यों कि मेरी गवर्मेंट है, मैं क्यूंकि यहाँ पर पार, फोन, वो किसी भी मुल्क में हो सकता है। लेकिन ये जो सामने वाला है, उसको कुछ करने का मौका न मिले। तो ये चीजें हम देख रहे। सोशल मीडिया पर भी किसी हद तक हो रही है। वो जो लॉज बन रहे हैं वो हासे ड्रेकोनियन है के जब चाहें आप लोगों के ट्वीट्स बंद करा देते हैं, लोगों की वीडियोज बंद करा देते हैं। इस पर आपकी नजर है।
कुछ देखिये तो सेंसरशिप फ्रीडम ऑफ स्पीच फ्रीडम एक्सप्रेशन की बात है। मैं आपको बताऊं कि चाइना में 1 कहते हैं, फिफ्टी सेंट आर्मी। लोग बताते हैं कि दिस इज। ये गवर्नमेंट स्पांसर से ऑर्गेनाइजेशन है जो कई बार डिसेंट को सबसाइड करने में विश्वास रखती है। ये 1 तरह का होगा, दूसरा होगा गवर्नमेंट अगर सवेल करेंगी। अगर आप मान लीजिये कुछ ऐसे कॉन्टेंट देखे जो जो किसी को ना पसंद आए, तो दे कैन डी प्रायरटाइज, यू, दे कैन बैन यू, दे कैन रिपोर्ट यू टू, द कंपनी कंपनी भी कर सकती है कंपनी कैन टेक अलगोरिद्मिक डिसिशन कि जो जो लोग लेट से इस देश का नाम लिख रहे हैं। 1 ट्वीट में या फिर पोस्ट में या उसको डी प्रायरटाइज करते हुए ब्लान कर 2 तो उसको रिस्ट्रिक्ट कैसे कर सकते हैं। फ्रीडम स्पीच 1 तो आप टेक्नोलॉजी से, दूसरा गवर्नमेंट से और तीसरा कम्यूनिटी सोसाइटल प्रेशर बना के। और ये तो हमेशा ही रहा है जो टेंशन है फ्रीडम स्पीच और कैसे कब होनी चाहिए ऐबसोलूटरेलेटिव दिस इज ऑलवेज बीन डिबेट ये किसको बिल्कुल पसंद नहीं आता। इस तरह के रिस्क क्रिप्टो करेंसी वाले लोगों को बिटक्वाइन बनाया था वो बेसिकली, इसी फ्रस्ट्रेशन को बनाया था नंबला कि, बिग गवर्नमेंट, बैड, बिग फाइनेंस, बैड, वी वांट, बी, एल टो, कम्यूनि फ्रीली, कम्यूनिकेट फ्रीली, ट्रांजैक्ट फ्रीली। और हम आपस में फिगर आउट कर सकते हैं हमें बीच में गवर्नमेंट की या किसी और बिग टेक की जरूरत नहीं है अच्छा है बुरा पेंडिंग on और फ्रीडम ऑफ स्पीच की बात है सेम चीज है बहुत सारे ब्लॉकचेन इनेबल्ड कमयूनिकशन प्लैटफॉर्म जहाँ पर आप कुछ भी बोल सकते हैं कैसे प्रकशन लॉक बडी can, लेकिन ये हमें डिसाइड करना होगा do we want a socity? कैन से what want in a resnableनॉनवायलेंट? वेट और हमें थोड़े चेक सौ बैलेंस चाहिए, अगर चेक सौ बैलेंस चाहिए तो कौन डिसाइड करें गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी या हम सब आईडीलांसरहै हम सब लेकिन इतनी मुझे बिजनेस ट्रैटेजी और टेक्नोलॉजी के समय जब हम बोलते हैं हम सब उसको प्रैक्टिकली इम्प्लीमेंट करना बहुत मुश्किल होता है कुछ चीजें सुनने में बेहतर लगती हैं करने से ज्यादा तो मुझे क्या लगता है कि मिनिमम वायबल कंसेंसस की जरूरत है टेक्नोलॉजी को कैसे पीपल फ्रेंडली बनाना है और टू मेक कम्पलाइंट वित रेगुलेटरी नीड्स मिनिमम वायबल अग्रीमेंट जब तक नहीं आएगा तब तक की डिबेट्स चलती रहेंगी और क्यूंकि अभी लैंडस्केप आर्बिट्ररी है तो कुछ भी हो जाता है। कभी गवर्नमेंट बैंड कर देगी, कभी टेक्नोलॉजी कंपनी किसी को बैंड कर देगी, कभी लोग टेक्नोलॉजी कंपनी को बैन कर देंगे या फिर हटा देंगे। या वो कहते हैं डी प्लेटफार्म हर किसी को ये जो है वे नैचुरल.
ेवोलुशन ऑफ द मॉडल मैं समझता हूँ और यहीं पर मुझे 1 बात और याद आती है कि जैसे आपने डीप प्लेटफार्म कर देंगे कुछ कंपनीज हटा देंगे। जब लॉन मस्क जो हैं वो उन्होंने कंपनी नहीं खरीदी थी तो उससे पहले जो प्रेसिडेंट होते थे अमेरिका के डॉनल्ड ट्रंप को हटा दिया गया था उन्होंने गुस्से में आके अपना 1 नया नेटवर्क बना लिया, पैरलर नेटवर्क बना दिया ट्रू बहुत अभी पिछले दिनों खबर है की वो अच्छा जा रहा है, मतलब पैसे के हिसाब से है। दावा मुश्किल बढ़ रहे है। तो ये जो कॉपी कैट है ये अब कुछ कम नजर आते हैं। जो भी नजर आते हैं कमजोर हैं। या पैसा के तौर पर फेसबुक के टक्कर पर 1 और कोई चीज निकल के आया है इंस्टाग्राम के कोई और चीज आए या ट्विटर है उसके सामने बहुत लोग खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। तो ये क्या मामला है क्या कोई प्लेटफार्म आ नहीं पा रहा है, कोई इनोवेशन नहीं हो पा रहा है या ये जो जायंट्स बने हैं ये किसी को उठने नहीं देते।
देखिये बिजनेस टेकनोलॉजी में नेटवर्क इफेक्ट्स को ओवर कम करना बहुत मुश्किल काम होता है। फेसबुक के पास आज नेटवर्क इफेक्ट्स हैं, ट्विटर के पास आज नेटवर्क इफेक्ट हैं। बहुत सारे लोग बाई, डिफॉल्ट, फॉर, आईटी और रीजन प्लेटफॉर्म पर जाते हैं। एमाजॉन शॉप करते हैं। अगर आप बोले कि मैं 1 फेसबुक जैसा कुछ बना रहा हूँ, आ सकते हैं। कई बार कॉपी कैट सक्सीड करते है। बट जनरली बहुत मुश्किल होता है। क्यूंकि लोगों को अगर आपको कुछ नया देना है। आपको उससे थोड़ा बेहतर नहीं दे सकते। आपको उससे 10 गुना बेहतर देना होगा। 10 गुना बेहतर बनाना इतना आसान काम नहीं होता इसलिए कई बार इन कंमेंट्स रह जाते हैं। लेकिन इन कंमेंट्स अगर अच्छा करते रहते हैं, इनोवेट करते रहते हैं। तो फिर लोग भी खुश रहते हैं। प्रॉब्लम होती है जब इन कंमेंट्स इनोवेट करना बंद कर देते हैं। प्राइज बढ़ाना शुरू कर ते हैं। अब लोग फील एक्सप्लोएटेड फील करते हैं। बीच में लॉ मेकर्स परेशान हो। अरे, ये तो बहुत बड़ी हो गई, कंपनी लेस ब्रेक देम डाउन। और ये तो ठीक नहीं हो रहा है। 1 और कंपनी होनी चाहिए इसलिए वो कंपनियों पर केस करते रहते हैं। ये गलत है, ये एक्विजिशन हम ब्लॉक करेंगे, ये तुमने मोनोपोलिस्टिक बिहेवियर दिखाया। तो ये जो डांस ऑफ द मार्केट है काइट नॉर्मल। और अगर आप देखें कि जिस सोशल नेटवर्क की आप बात कर रहे हैं a कॉपी कैट फेसबुक ट्रूप कैन इन थेरी वर्क एविडेंस डन सपोर्ट।
आने वाले 5 साल में तो 10 साल भी नहीं कह रहा इसलिए कितनी तेजी से तब्दीलियां होती है। परिवर्तन आते हैं, क्या भविष्य देखते हैं जो सोशल मीडिया है, जो सीन है जी, ये कुछ ऐसा ही रहेगा या कुछ उसमें भरी कला आएगा तब्दीली आएगी आपको नजर आता है। ऐसी कोई सुख बुगाहट है कहीं?
हम 2 लोग है। ब्रेन स्टॉर्म करते हैं। थोड़ा पिछले क्वेश्चन कंक्लूड कर देता हूँ। तो मैं ऐसा नहीं कर रहा हूँ कि कॉपी कैट सक्सीड नहीं कर सकता मैं उस हर कॉपी कैट बहुत मुश्किल होता है सक्सीड करना कई बार नंबर टू नंबर थ्री कंपनी उबर पहली कैब कंपनी नहीं थी जिसने बहुत सक्सेसफुल किया नेटफ्लिक पहली स्ट्रीमिंग कंपनी नहीं थी, माइक्रोसॉफ्ट पहला प्लैटफार्म कंपनी नहीं थी। लोग आये लेकिन सक्सीड करने के लिए थोड़े बैरियर होते। इस को ओवर कम करना है। सोशल मीडिया लॉन्ग टम कैसा रहेगा। मुझे लगता है कि लोग सोशल मीडिया पर अपने करियर्स बनाने की कोशिश करेंगे और सीरियसली पैशन। इकॉनमी काफी मेनस्ट्रीम और डिफाल्ड हो जाएगा। और एविडेंस इस दिशा में बता रहा है। अमेरिका में फॉर एग्जाम्पल थर्टी थ्री परसेंट प्लस। लोग फ्री लांसर्स है अच्छा। और ये ट्रेंड बढ़ता रहेगा क्योंकि लोग लोगों को जो बेनिफिट मिलते थे, जॉब से सबसे बड़ा बेनेफिट होता था। आइडेंटिटी में आप क्या करते हैं?
मैं.
इस कंपनी में, इस चैनल में, इस पब्लिशिंग हाउस में काम करता हूं या कम करती हूँ। अब लोगों से पूछा आप क्या करते हैं? मैं यू ट्यूबर हूँ और ये अच्छा और बुरा है। लेकिन ये आसान नहीं है। बच्चों का पूछा कि तुम क्या बनना चाहते हो। पहले लोग बोलते हैं, बोलते हैं। यू ट्यूबर आपको लगता है तो बड़ा सोसाइटी कहा जा रही है। और वो ठीक है। लेकिन हमें सोसाइटी को कोई जज नहीं करना चाहिए। हमें सोसाइटी को पहले समझना चाहिए। तो यूट्यूब और उस तरह के प्लेटफॉर्म लोगों को एम्प्लॉयमेंट और कर देंगे। लेकिन क्या होगा कि अगर सब लोग कुछ करना चाहते हैं, वो वाइट डेफिनेशन स्पेस कम्पेरिटिव हो जाती है तो इन्टरनेट से या पैशन इकॉनमी के प्रिंसिपल यूज करते करते थोड़ा कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, थोड़ा मुश्किल बढ़ेगा। लेकिन क्या है कि द जोग्राफी मॉडल जियोग्राफी ऑफ एम्प्लॉयमेंट लोक क्या चाहते। एम्प्लॉयमेंट से 5 साल, 10 साल में चेंज करेगा काफी अभी प्रेडिक्ट करना बहुत मुश्किल है। एटी परसेंट ऑफ जॉब्स ऑफ ट्वेंटी थर्टी डोंट ेग्जिस्टटोडे किसी को रियली नहीं पता कौन सी जॉब्स बचेंगे, कौन सी जॉब्स नहीं बचेंगे। तो मुझे लगता है कि सोशल मीडिया थोड़ा केओटिक होगा। lekin, इसके बाद social media will become unbundldnt small group mujhe lagta to thousand and two fans wala modle it give rise to micro social networks, nano social network over some of the larger platform, which are quite likely to exist at least seem likely to exist, तो मुझे लगता है कि this unbundling of social media into different parts will be very useful and its quit possible that people go back to the root। क sociology में 1 नंबर होता है डनबार नंबर। वो कहता है कि आप रियलिस्टिकली कितने ह्यूमन कनेक्शंस को मेंटेन कर पाते हैं। तो आंसर is one fifty और मेरे पास फेसबुक में मैक्सिमम नंबर, ऑफ फ्रेंड हैं। मैं सब लोगों को ठीक से ना बच फ्रेंड्स हैं। अब मुझे फेसबुक और एड नहीं करने देता। but there is no way i know that my facbook to point to let s नेक्स्ट वर्जन ऑफ अनदर, कम्पनी, वुड बी वो लोगों को ओपोर्चुनिटी देगा, अपने सर्कल्स को स्ट्रेंद करने के लिए रादर दैन, एक्सपैंड करने, इस डिरेक्शन में बातें जा सकती हैं।
अच्छा यह बड़े मजे की बात कही, मेरे खयाल से अगर होगा तो इंटरस्टिंग होगा, अच्छा होगा। हम तो आपसे घंटो बात कर सकते हैं। इसलिए गांव तो टॉपिक ही है। और हम तो पूरी सीरीज करने के लिए प्लान कर रहे हैं। लेकिन 1 बार फिर से मैं आता हूँ की न्यूज करेंट फेयर्स जो अब इंटरनेट पर है और यू ट्यूब पर है। खासतौर पर इसलिए जैसे मैं अगेन फिकर है ट्विटर के जो मालिक हैं मस्क तो तो लेगेसी मीडिया के के खासा बुरा भला भी कहते हैं, बहुत क्रिटिसाइज करते हैं। चाहे दुनिया के बड़े से बड़े अखबार में नाम लेकर। यह बड़े बड़े टेलीविजन चैनल्स हैं, जिसमे बड़े बड़े नेटवर्क है। रेडियो टेलिविजन के और बहुत ही हिकारत की नजर से देखते। मतलब क्या है इनको न्यूज ब्रेक करने नहीं आती। यह तो न्यूज एंड करंट फेयर्स के लायक भी नहीं है। इस तरह की बातें आप लोग कहने लगे। और अगर इसका कोई फ्यूचर है न्यूज एंड करंट फेयर्स का। तो और रिलायबल वो बड़े दावे से कहते हैं वो इन नेटवर्क्स पर है, जिसे ट्विटर है। ये क्या कंडक्शन है। क्योंकि 1 तरफ हम देखते हैं कि ये वो नेटवर्क है। मैं नाम लिखे नहीं बात कर। हा, किसी 1 नेटवर्क के जहाँ पे 1 बड़ा झूठ भी आपके सामने आ रहा होता है। और ये भी बात सही है कि बहुत सारे लोग जिनकी आवाज नहीं है उनको कुछ सुनने वाला नहीं है जी उनको 1 बहुत बड़ा एको सिस्टम भी मिल रहा होता है इन सारे नेटवर्क तो इस सिलसिले में कुछ सोचना है। आपका की किस तरफ जा रहे है.
हम लोग ये ये न्यूज के कोंटे्सपेसििकली और न्यूज के लिए भी देखिये। न्यूज के लिए बहुत सारे नए प्रोडक्ट्स बन गए हैं। अब पहले प्रोडक्ट्स को देखते हैं 1 तो आ गया कि आप अपने ऐप पर ब्रेकिंग न्यूज पा सकते हैं। हर सेकंड आप न्यूज को देख सकते हैं टिकटॉक वीडियोज यूट्यूब वीडियोज की तरह आप पॉडकास्ट सुन सकते हैं। मैं फॉरएग्जामपलमेडेली न्यूज करने का हूँ मैं वीकली में 1 पॉडकास्ट होता है उसको 2 घंटे सुनता हूँ वीकली न्यूज को रिकैप करने के लिए जो लेगेसी मीडिया और डिस्ट्रीब्यूटेड मीडिया का जो टेंशन है वो बहुत सिंपल है। कुछ लोग कहते हैं कि लेगेसी मीडिया बायस्ट है। लेगेसी मीडिया का 1 पर्टिकुलर एजेंडा है जो डिफरेंट कंट्रीज में डिफरेंट चीजें में कर सकता है। बट जनरली इट कैन मीन कि कुछ लोगों को 1 पर्टिकुलर पोलिटिकल बेंट है। 1 पर्टिकुलर आइडियोलॉजी है टैक्सेशन पे, इमिग्रेशन पे। इस तरह की चीजों पर लेगेसी मीडिया का 1 पोलिटिकल स्टैंस है और वो चाहते हैं कि बिकॉज लेगसी मीडिया कल्चर को जनरली डिक्टेट करता है। तो जो क्रिटिक्स हैं वो कहते हैं ये तो गलत है, ये बायस्ट है ये एंटी नेशनल एजेंडा चला रहे हैं। दूसरे साइड बोलते हैं सी मीडिया बोलता है कि ये क्या, ये तो वाट्सएप यूनिवर्सिटी, यूट्यूब यूनिवर्सिटी बना रहे हैं। इनके पास लेजिटिमसी नहीं है ओपिनियन देने की या फिर इनको डी कंस्ट्रक्टर एनालिसिस करने की क्षमता नहीं है उनके पास। तो इनकी बातें सुनने का क्या फायदा। अगर आपको न्यूज चाहिए तो 1 अच्छी ऑर्गेनाइजेशन से लो 9 ना कोई जस रैंडम यू ट्यूब से और अगर आप एग्जाम्पल देखने जाएंगे तो आपको दोनों प्वॉइंट्स के मिल जायेंगे। क्या लेगसी मीडिया कई बार बायस रह चुका है क्या लेगेसी मीडिया के कई बार पोलिटिकल पॉइंट्स रह चुके हैं। हां तो अनवाईसेवसअगर कुछ लोग क्वालिफाइड नहीं है और openin दे हे तो चैलेंज आता है extreme example में अगर कोई इंसान है जिसके पास मान लीजिये वन बिलियन फॉलोअर्स है और वो कोंस्पिरेसी थेरिस शेड करना शुरू करे और लोग उस नeूsकोकंजumकरे and act on it that the dangers senario similarly media से they become the only source of true or opinion the are able to get staved that is also a dansing। लेकिन क्या है कि generaly speaking logo bola rok jst bad strategy to आपको रीजन करना पड़ेगा so the anser to a bad argument is a betr argument the anser to a bad product is a betr product to there is no universe in the world? जिसमे डीसेंtरलiज डिसtrib्utेd ा जो काफी bयसइnफॉर्मdहो सकता है रुक जाएगा sdnलीandtheरs no univslegसmीdिा leg पब्लिकशन बंद हो जाएंगे isca clerest exampl लास्ट हफ्ते में मेरी दोस्त है उससे मैं मिलने गया था। डिनर पे वो 1 हेज फंड चलाती है, उसने अभी रिसेंटली फंड बंद किया वो 1 किताब लिखना चाहती है और मीडिया में अपना नाम देना चाहती है। तो हमने 2 ऑप्शंस डिस्कस किए तुम अपना कर लो पैशन कॉनी तुमने अपनी लाइफ में अच्छा किया है, तुम अपनी ऑर्गेनाइजेशन फ्लोट कर लो। ब्लॉग लिख लो वेंटली ब्लॉग में बहुत सारे लोग आ जाएंगे और wospemiseagr your correct i do that but first help me find a good publis help me। फाइंड आ गुड मीडिया ऑरgनiजaशनक्ंक आज भी लेजिटिमसी जो आती है ये बुक पेंग्विन से छपी है इसलिए शायद लोग इस पर 2 मिनट ज्यादा ज्यादा ध्यान देंगे। में खुद से पब्लिश करता आई थिंक बुक ट्रेम रहती, लेकिन लोगों को शायद कनविंस करने में थोड़ा मुश्किल होता है। तो आज भी जो स्टैंप ऑफ अप्रूवल आता है वो थोड़ा ट्रेडिशन से आता है। दिस इज at अभी जिक्र हुआ था.
आपकी मॉम का जी, आपकी जो माताजी है उनका नाम है डॉक्टर अनामिका। हिंदी की बहुत बड़ी कवि है। आपको भी कुछ कविताओं का शौक है।
मुझे बहुत शौक और लिखने का भी पढ़ने का, लिखने का, अपने ममी के दोस्तों से मिलने का, सीखने का, बहुत मेरा, मेरे भाई का। तो शुरू से ही फन्ने मम्मी को 2 ही काम करते हुए देखा है, या तो पढते हुए या लिखते हुए। मैं कई बार जब मैं इंडिया में रहता था, किसी भी टाइम पर घर आऊँ अगर सुबह 34 होंगे, वो पढ़ रहे होंगे और कई बार अगर मैं लेट से आया घर पे तो वही कर रहे होंगे तो आदत बन जाती है पढना लिखना is the nor। उनकी ट्रेनिंग ऑवियसली लिटरचर में है और मेरी और मेरे भाई की ट्रेनिंग business me, but what makes my brother and i truly come a live। other आर्ट्स तो म्यूजिक इन हिस केस राइटिंग एक्टिंग in माई केस एक्टिंग.
एक्टिंग.
माउाउटरैपमें काम किया था मैंने.
ये जो यहाँ वे जी शो है, अभी कुछ साल पहबहुतपहलेहाहरली इसमें patni kitne sal se.
Ho rha, he is the worlds longest running play, moutstapmemoutstrep rich, imagination mama use to and still keeps telling story तो दोनो की मे बी अडल्ट्स नो बट आदत जाती है। इसलिए घर पर जो भी आ रहा है, मोस्टली लिटर इंक्लाइन होगा जिससे मिल रहे हैं तो आप सुनते हैं, का लैंग्वेज बन जाती है, आप सीखते हैं और जो वर्क थिक देखते है मे पेरेंस यू पैरेंट्स फ्रेंड्स और पीपल अराउंड तो देखा कि ये कथिक ो जनरली बहुत अच्छा फ्यूजन हो गया। बिजनेस tecnolog पोयट मेक द वर्ल्ड काइंड प्लेस पोयट्री की बहुत सख्त जरूरत, अरे.
क्या बात कही, मैं तो बिना रह भी नहीं सकता। वो हिंदी की कविता हो या उर्दू की शायरी हो। आमतौर पर अभी आपने जिक्र किया था माउस स्ट्रेप में अपने एक्टिंग की थी, वो भी जो वेस्टन में शो चल रहा था, मतलब दर्जनों साल से और अभी तक चल रहा है।
क्या रूल किया था उसमे अपने में मेजर मेटकाफ था। अरे वाह मैं 1 चीज क्वारीफाई करना चाहता हूँ जो मैंने जो शो होता.
है, उसमें 1 अंडरस्टडी होता है।
मैने ये शोज इंडिया में परफॉर्म किए थे, ज्यादातर मोस्ट शो वर इन इंडिया हैबिटेट सेंटर एलटीजी ऑडिटोरियम का माग्र था। कुछ एक्टर थे जो इसके अलावा जो मैंने मूविज की है उसे मूवीज भी की है।
थोड़ी छोटी छोटी तो बम बम कर.
रहे हैं, मतलब नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। मैंने छोटे छोटे रोल्स की है मूवीज में और बड़े रोल्स की है प्लेस में है।
अच्छा कविता की बात हो रही थी, आपको अपनी मॉम की कोई कविता याद.
है, बिल्कुल याद है। और अभी वो सोएस में 23 कोन का सेशन में साथ बैठे डिसाइड किया कि कैसे सोएस स्टूडेंट्स को क्या पसंद आएगा तो उनकी जो पोइम है मैं उनके हर बर्थ स्टेप अपने दोस्तों को सुनाता मैं रिसेंटली 11 जगह 1 बार.
फिर से रिक कर देता हूँ। जो कविता हम सुनने वाले है वो है डॉक्टर अनामिका की कविता जी अनामिका जी, अच्छा अनामिका के साथ में मैं ये भी कहूँगा की उनको तो अभी हाल ही में साहित्य एकेडमी का पुरस्कार मिला है। अवॉर्ड मिला है और वो हिंदी पोएट्री के लिए मिला है जी, और मेरे खयाल से इससे पहले कभी हिंदी pot में किसी mhila s the first woman to port to get, कभी steady मिला, तो.
Nowingnowing someone is like buying, another miter for yourself, and another set of your phones, good anc, which let you here distinctly after all, what does butkoinaverysay as parting words to the stund silence of the fields, sold way, if you lisncafully you can, even here the sad later of old prostitutes, like swabs of cotton, from some unknown mistic, epoc entering your space, you can here rag jervanty on the akthara of an encientmadman in the oldest asilem of the world, you can hear the wopingcoff of the prisoner playing, his chance to the ridmofjenjenjenn playing on the ridms of the crimes don, and on don, and then you can here the doble ontontrofall the establish rules, and the soft hands of languages almost dead each world difficult, but strong enough to pull you into the fold of the mysterious nag lok, the worlds of the world of serpens deep inside the waters, sunk within waters, without a strong to hold on to slowly slowly turned into serpenjulsnowing, someone is a pasionat leap, first outside your being, and then deep with in it it sends out ripples on the service of waters, over the pond for a long time, ning someone is to become bond, river otion and rain ning is a departure clouds reign once trees three times, and after every reign, when you shake their branches, ning someone is like gradually remembering all things for gotten sunk deep in memory, ning someone is becoming trembling lives caching raindrops, सो this point, ye kvita, मेरे लिए बहुत special, क्योंकि जब मेरी खास दोस्ती बनी है, किसी को हू is po i go back to it.
Absolutely। और दिलचस्प बात ये भी है कि आपने अभी इसी इंटरव्यू के दौरान पहले जिक्र किया था, आपकी वाइफ। जो हैं पत्नी वो लेबनीज हैं जी और लेबनानी है और उनका नाम है गरीदा जी मुझे उनसे मिलने का तोफा हुआ है आप भी जानते हैं जी और मैंने उनमें भी 1 शौक देखा पोइट्री उन्होंने हमें सुनाई महमूद दरवीश की नज्म जो अरबी के फलेस्सीनी बड़े गजब के शायर हुए हैं जी और वो उन्होंने इतने प्यार से सुनाई थी वो मुझे पोइम जो है महमूद दरवीश की अभी तक अच्छी तरह से याद है तो ये देखिये गजब की चीज हो रही है जो मैं देख रहा हूँ के डॉक्टर अनामिका के बेटे हैं उत्कर्ष वो उनकी कविता याद रखते हैं, सुनाते हैं और आपने शादी भी की जिनको बहुत शौक है जी गरीब भाई को.
भी, भाई भाई की पत्नी से स्टेन लॉक को भी और ये प्रवेश जी बहुत इम्पोर्टेंट थ हमारे लिए क्यूंकी mama mary lat grand mother, grand father, एकेडमिक फैमिली से port बहुत इंटेगरल चीजें to just because me mera भाई prime are respective spouses a little more in the field of business, it doesnt mean the well for get a रूट को साहित्य केडी अवॉर्ड मिला था तो मैंने nmicascॉलeरशिप inicिatकीi want to play role in helping, port become the norm rather something the people और हिंदी उर्दू तमाम तरह की इंडिक भाषा है उनको मैं जितना भी सपोर्ट कर सकता हूँ उसको मैं करूंगा और इस तरह की जो मेरे और मेरे भाई ने फाउंड स्कॉलरशिप चलाई थी और ये करते रहेंगे और जब हम लोगों ने डिसाइड किया फाइंड स्पेक्ट पार्टनर्स तो यह बहुत जरूरी था हमारी फैमिली इस रैली मर्ज करें यूज करें इंटेलेक्ट.
भी.
और इस पर हमने काफी अच्छे से बातचीत की थी और मैंने देखा कि गिरा को पोर्ट राइटिंग काफी पसंद है तब मुझे और भी विश्वास हुआ कि शी विल ंजॉयआल्सो बिकमिंग लिटल इंडियन.
इन द प्रोसेस बहुत मजा आया है उत्कर्ष आपसे बातें करके और आपसे बहुत सीखने को मिला मैं 1 बात यहाँ पर ये भी जानना चाह रहा था देखिये इतनी कम उम्र में 1 कंपनी के सी ओ भी है चीफ मार्केटिंग ऑफिसर भी हैं ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफर्ड उसमें आप शेवनिंग के फेलो हैं, फैलो हैं और साथ में दिलचस्प बात जो मुझे अचानक याद आई कि जो वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम है उसके आप ग्लोबल.
शे पर हैं इन फैक्ट वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के फाउंडर ने इस के आपका.
फॉलवर्डलखाक्या नाम क्लाउज क्लाउस शॉब ने इस किताब का तो मैं ये कह रहा हूँ की ये कामयाबियां आप की सुनकर तबियत खुश हो गई और मेरी जानिब से मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनाएं विशिंग यू so much, all the best.
No thank you i really in jordiorquestithank.
You very much for sparing, so much.
No thank you for you genest with with your time in।
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