M Asif Rahman discusses how technology is creating new jobs in Bangladesh, particularly in cloud computing, AI, and e-commerce. The conversation covers challenges entrepreneurs face and highlights growing opportunities for women in the creative sector.
बांगलादेशेर उद्धोक्तादेर मोथे, आमी आतो बच्छो धोरे काछ करा परे, सब्छे बरो एक ता जे परब्लेम ता देखी, जो अनेके है तो ब्याप्षार एक तोम मुल प्राहुंभिक जे जीनिश गुला, शुरूते जा जाना दोरकार, एगुला तो अन एबों आमार मने होई जे ब्याप्षा के ब्याप्षार मतन भापते पारा, इस स्टार्ट-अप मने कलले मनुझे जन मने करे जे तारा अनेक फांड लागबे, उन्नेर इन्वेस्में तार ज़रूरी, एइ छिंदधावनार एंगेल ता होईता हमादे दूर करा दर ता होले हमादे स्टार्ट-अप गुलार मोदे थे कि अमरा अनेक लाबज़ानक बैप्सा बेर होते देखते हो। इस जगरता ता हमारे मनुझे हो छे हमादे उद्धगतादेर मोदे छिन्था हबनार अनेक दूरत्तो त जर पूरा दुनियार मनुष्यों बेभौर करते बारबे, इधाने उद्धोकेर परती आग्रूई हाँ उचीत, बोले मार मना है। नारी उद्धोक्तादेर कथा जोई अम्रा बला चेस्ता करी, अम्रा अनेखेते देखी जे नारी उद्धोक्तादेर सफलार प सुधु टेकनोलोजीक खेटरे बोल बोना, आपनी creative sector एक कता जटी बोले, नारीदेर सुझगामा धारणा पुरुष देच्छे हो है तो अनेक बेशी. आमी जखन कना एक ता नोतुन उद्धोके investor कता भाभी, आमी एक्छली.