भीष्मदेव की शिक्षाएं || 02.02.2020 || ISKCON Punjabi Bagh || Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja

In this devotional lecture delivered at ISKCON Punjabi Bagh, Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja expounds the moral and spiritual teachings attributed to Bhishma Dev, drawing from the Bhagavad‑Gītā and traditional Vedic principles. He emphasizes four core virtues: refraining from anger, speaking truth, practicing forgiveness, and living simply while cultivating lofty thoughts. The speaker links these virtues to personal purification and harmonious community life, urging devotees to avoid falsehood, control temper, and adopt compassion. He further discusses practical aspects of spiritual service: equitable distribution of wealth, active seva, and the importance of translating and disseminating sacred texts (especially the Gītā) so that every household can read a copy daily. The discourse highlights the need for regular scriptural study, high‑thinking, and simple living as means to attain spiritual progress and societal well‑being. Throughout, the tone remains instructional and encouraging, calling the assembled devotees to embody these teachings in their daily conduct and communal activities.
Chapters
gate वो यहाँ सा गया या आप सबका हार्दिक स्वागत और सबसे पहले आप सबका आभार पर करना चाहते हैं। क्यूंकि हमने बहुत मेहनत की है आप पोजिशन के कारण पंजाबी बाग का केंद्र, 2 लाख से टीसें, 2 लाख तक बोली, पिछले साल के जज को टू प्वाइंट फाइव तो है। ी आज है में कहा गया है कि हमें इस बार में से 1 महाजन है वह सिर्फ महाजन हैं जिनके लोग हमें धार्मिक ज्ञान प्राप्त होता है। माना संभू कौन है ने क्या शिक्षा दी चोर से अपने समय संसार पर प्यार में के देश मरा बैठे समाप्त हो गया है। तो परम भगवान ने निदेश से कहा हे विदेश पूछो विसरदेव से क्या होनी है जिम्मेदारी भगवान निकालना जा देते हैं की मेरा भक्त कठिन सिरिरीकोबुधीमं पर पर बल दिया है। आप सुनना चाहते हो क्या है? सबसे पहले उन्होंने कहा क्रोध नहीं करना और कठिन है सरल है क्रोध नहीं करना डबल रोज 5 लंबे से गुड नहीं रोड से कैसे बचा जाए कोई है भगवान कहते हैं नरक में जाने के 3 वार्ड है वो क्या है कर लो तो क्यों 2 प्रकार का होता है। 11 को कोई और जल्द आ रहा है की सेवा में या मैच है दूसरा है रोज आप हो तो जो आदमी मिला नहीं मिला होने से संदेश दिया है कि नहीं। यह बाप को पता लगा कि भलाई ने पत्थर देखा भगवान की भगवान क्रोधित होकर अपने से हमें क्रोध से बचना चाहिए हम क्रोधित होते हैं भाव से हमें जो आदर मिलना से नहीं मिला मुझे सुविधा नहीं मिली हम खुले हो जाते हैं क्रोध से बचे उनकी तमिल केते है लोग काम क्रोध लोग फिर आगे क्या कहते हैं झूठ न बोलना सा है कठिन है हाँ दे उजवुदनहींबोला वाले जगह में 2 यह सुन रहे हैं सच नहीं बोल कुछ नहीं बोला झुके 2 साल है हम े अपना भाव जोर देते हैं। जैसे की अनेक व्यक्ति ने गीता का अनुवाद किया है और देखते हो इस अनुवाद में अनुवादक में अपना भाव दिया है भगवान यानी भाव से उसको समझाते हैं पर का है जिस विचारधारा से भगवान ने दे दिया और उस विचारधारा से जो प्रोपर्जीअमेरिका गए वो गीता बड़ा और इस फल से सो गई। ने पुरे पब्लिश हार के बाद इसमें टू मच, भक्ति टू मच क्रिष्णा किशन तो ये हम भगवान के सुने देते हैं और बदलते हैं धन सभा भी बोलते हैं को छुपा है बोलना चाहिए जो ग्रामीण हैं जल्दी भी करेगा स्वीकार कर लेगा मैंने गलती की है सत्य का चालन सदेकाउचारनकरेंगे तो चले भी ठीक रहेगा क्या लेते हो हम देखते हैं और शुरू से हंसा क्या है की छूट एग्रीमेंट साइन कर रहे हैं इसका पालन नहीं हो वकील फिर आगे धन संपदा का समान रूप से वार्ड ने नहीं की करियों के बाद कितना धन आ जाए तो कहीं के बाद धन जो है सरकार का शासन ऐसे होना चाहे कि धन को 3 रूप से बांटा जाए इस्तेमाल में तो हर व्यक्ति को उसी आवश्यकता के लिए धन चाहिए और धन को बात आज आप क्या देखते हो? जो धनी व्यक्ति हैं वो और भी धनी बन रहे हैं या हुए प्रजा के बाहर वे संधि है। 4 बड़े बड़े होते जाते हैं और धन को बांटो इस सुख से झारंीकेबादीमेशा फैले हुए धन्यवाद बच्चा हुआ विचार क्षमा करना क्षमा होली समाज में हम करमाकीभावपनीरहते ध्यान के जीवन में शमा ने कितना कैश दिया था थैंक नहीं क्या था की उनको पहाड की चोटी और साम घेर जब भी जयप्रराजथमकपिता का नाम गाँव बज हुआ थैंक यू में पिता उनका मुक्ति दे। 2 और जो है वो इसी खाला में रेक शुद्धक बन जाए तो तेरा पीड़ित है सब का धार जाता है मा ने की सुनाती सारे बच्चे सब मे और न लेने के लिए बहुत बड़ी बड़ा माल दिया राज को लग रहा था अब मेरे राज्य से कविलाचकूर क्या कह सके थे तुमने हमें मानने का कोशिश किया और हमारा ये है पासी जगा देंगे दया माफ कर दिया ये भावना मिले क्या बात ना किसी को बदला नहीं करता, न बना देना बिना किसी उम्मीद के। क्या आपको भी आदर प्राप्त होना चाहिए संतान पैदा करना अभी वायरस के द्वारा करते हैं हजबेnनवाइवमतलब की हम पति पति पति पति करे कटा रहते हैं विवाह नहीं हो संतान पैदा कर देते हैं विवाह नहीं हो। आपको पता है इन के प्रधानमंत्री कौन है है इंग्लैंड के प्रधानमंत्री है उनके और ीश वो उनकी पत्नी नहीं है मुंबई है पति पर पत्नी नहीं है संतान हो तो विवाह के पश्चात कुलमन समाज में कुछ सिद्धांत बनाया है हम क्या विचार आगे मन से शुद्ध और शरीर को आ मन जो है बंधु भी बन सकता है और है के द्वारा चिंतन करते हैं द्वारा ये भाग ते है सोचो हम दे साल मेहनत करके इतने गर्त को बाटा अगले साल दुनिया करेंगे विमन दौलत को जो ऐसे लोगों को अप्रोच किया जाए तो मन है मन जरा जो है इन रेत की सुविधा कैसे बुलाए हम क्या है है वह भक्तों अंडेजी 4 चीजे करते हो बदले में क्या कहते हैं? क्या मिलेगा हमको कैसे पता? वह क्या कहते हैं मेरे धाम गे हमें द्वारा है की शिक्षा का पालन करने के लिए वह आगे किसी के प्रति शत्रु भाव नहीं रखा समझे आप सत्यभाव रखते हो। आपका भी नुकसान है इसमें शत्रु भाव नहीं रहता। लालमराजकीपिता में फिलहाल के अध्यापक पर बेटेको राजनीतिक शिक्षा 2 और मिलते हैं कहीं से कोई रुची नहीं, सभी में मिलते हैं उर्जा सर्व में न भगत है भाव नहीं रहता है भाव में है। यह हमारा है और सब की पति सता के भाव तो आगे जीवन मिसा। सादा जीवन तुम्हारा से नाम क्या है? सादा जीवन और ऊँचा विचार और भौतिक समाज में ज्ञान, ऊँचा जीवन, सादा विचार, सादा जीवन, ऊँचा विचार, ऊँचा विचार का अर्थ है ये भाव रखना कि हमने जीवन जल को प्राप्त करना है। ये भाव रखना है। ज्यादा जीवन जितना ऊँचा जीवन बिताओगे, उतने ज्यादा परेशान करना पड़ेगा। कई वह कई धनी लोग हैं सौ से ज्यादा मोड रहे हैं पुरी बिल्लिंग है पार्किंग ही। 2 जाने मोटर में जाते हैं तो क्या इंजीनियर के द्वारा संतुष्ट प्राप्त होती है की दी चाहिए के उपाय क्या है तो हर शाम ऐजेमझंतेहो इसका निर्भर पंजाबी बाग में ने कुरेविशमेंप्रयाज करते हैं अधिक से अधिक मात्रा में जीता क्या कारण है जो प्रचार में जाते हो। मेरे ख्याल से कई नेता आपको सहयोग दिया होगा। कहीं नेता आ गए कितने कितने पीड़ीत काम का रहे हो। 10 पीडी के कई उनके पास आ गए है और कोई काम धंधा नहीं है। हर साल आ जाते हो। है। और आप को यह भी कहा है कमीशन मिलता है। क्या हुआ किसी ने कमीशन मिलता है कितने परसेंट की कमीशन हमारा क्या भारी मिलाते है। कहते है सब भक्त में सबसे पे कौन है प्रा। बहुत परिश्रम के साथ इन ग्रंथों का अनुवाद किया। नाना बताओ 70 साल की आयु में भी को अनुवाद कर ते थे और जब मथुरा गांव में रहते थे तो बकैदा दिल्ली आते थे। उशा आप अपने नछिपिवाड़काबंदा देखा, हम प्रॉपर्ली ले रे हे। तो ये जो गंध सेवा है, ये कुछ नमारामानहीलेरही है। इन ग्रंधों में इतनी शक्ति है। अगर 1 बार पर लगा 1 श्लोक को वाल्जमायगअपने जीवन में जीवन सफल हो सकता है। आज हजारों उदहारण हैं कैसे लोग जुड़े आज आप देखते हो कि दिल्ली में बद की संख्या घटी है या बढ़ी है। हाँ जुड़े 10 साल पहले इतने बंद थे भैया ने। जब हजारी बाग के दूसरे मंडल में जाते रहे तो 40 हजार लोग आते थे मन में रात को तो आज 14 बंधन है। हर बंधन में फूल है तो ये कैसे होगा? भक्त खोजते हैं। अगर हमने धीरे जल्दी ब्लक 2 लाख असी हजार गीता भाटी को मई में 2 लाख असीहजलाभजानेचाहिए आये तो अच्छा है। उसका स्वागत रहने की सुविधा भी है। अगर 1 पर्सेंट लोग में आ जाए तो मुझे सवोताभनीजाएगी इन ग्रंथो के आप आज बाटो कुछ पता नहीं कब कोई पड़ेगा वो 1 नी। इसे प्रॉपर कहते हैं। टाइम बॉम्स, टाइम बॉम में तो ये होता है। आप नाम लगा देते हो आले, घंटे, बल, बॉब, गीता। इत्यादि घर में आप हम लोग कभी भी पढ़ सकते हैं। कई उदाहरण हैं। खरीदी 5 साल किसी नहीं पढ़ा पढ़ा पर जीवन सिजरिया, फिर इसमें है भगवान का ज्ञान। और जब आप गीता पढ़ते हो आप में कितने भक्तों तो गीता को रोज पढ़ते हो। हाँ अगला प्रश्न कितने भक्तों के घर में गीता यरूपी कॉफी है, सब कॉपी सबके पास है। हम पढ़ते हैं केवल 10 प्रतिशत लोग पढ़ना चाहे गीता में क्या है भगवान लोग, ले आप लोग गीता पड़ोगे। आपको ऐसा लगेगा कि ये जो संदेश भगवान दे रहे हैं, मेरे लिए है। जब गीता पढोगे तो आपको ऐसा लगेगा ये जो प्रश्न पूछे। कोई परिषद में बंद नहीं है। माने स्थिति में दा गीता में दे, सके पूरे। महाने से बाद ग्रे के पंजाबी, बाग के बल आप लोको गीता। तो आप ने कितने भक्त हो जिन्होंने पिछले साल भी न किया था। तो मैं अक्सर पूछता हूँ भक्तों से मा का मेरा धन कितने महीने चलता है। साल में है में छुट्टी नहीं होती। 12 महीने सेवन व सेवन साल किसान 24 घंटे माया सदा प्रयास करती रहती है। आपको विचलित किस विषय में क्या है, जल्दी जादिक। जीवन के लिए अभी बहुत समय बच जाए। 1 हमारे गुरुजी सन्यास दे रहे थे अमेरिकन विद्यार्थी को, तो। 1 भारतीय साउसे मामी जी, जवानों को तो सन्यास नहीं देते ह। जवान को। उस समय बजे की आयु थी लगभग और मिस था। भारतीय व्यक्ति था कोई 30 साल का। उसने कहा प्रबल से रिक्षा सन्यास केवल गुणों को दी जाती है। जवानों को ने तो प्रभा ने कहा बूढ़े जी, आपका क्या मतलब? उसने कहा जो मृत्यु के निकट हो, उसका बनेगा। तुम गैर भी दे सकते हो। वहीं मे से पहले भी होंगे नहीं। फिर तुम भी बुरे हो। तो आप सब बुरे हैं। सच है या झूट, किसी समय भी सकते हैं। इसलिए कम खतरा है। तो आप सब जुड़े हो। इस के साथ आपका बड़ा अच्छा भाग्य है। देखो न भगौली में गुजरने के पश्चात हमें मान देगा और इसके द्वारा हम पूछते हैं। ज्यादातर लोगों ने सा क्या है जीवन देखिये। आज लोग अज्ञानता में हैं, ज्ञान दा में जन्म लेते हैं, ज्ञान में पलते हैं और ज्ञान में मरते हैं। भाग्यवान है। जिसको विज्ञान प्राप्त होता है, जो इनको स्वीकार करता है तो समय का भाव है, ठंडा मौसम है। वो आज सब का बोल बोल शुकिया अगले साल भी करोगे। किसी को ऐसे तो नहीं लगा। ये हमारे पास कानी है। ऐसा लगा किसी को भगवान कहते हैं जो प्रयास कर दे। मुझे समझने के लिए कुछ कम भी हो, है कर देता हूँ। तो भगवान आपको खुद देते हैं। और बाबाजी के बजे हम सब सेवा मिले हैं। भगवान आपको मौका दे रहे हैं सेवा करने का। हमें मौका दे रहे। सेवा करके भी है। बहुत बहुत शुक्रिया और आपके ऊपर पर हजार। माना जाये लिए कृपा है कि आपने भगवान के पानी को विटनेस जोड़ दिया और इस वाली में दे सकती है। 1 श्लोक को पढ़ ले या सकता है बहुत से 1 और निवेदन है। आप भी न कीजिये गीत और रोज पढ़ोगे कितने भक्त यहाँ है। मैं तो हर साल आप से पूछता हूँ, हर साल आप हाथ उठाते हो, पूछा हूँ। कम से कम आप लोग ग्रावि हो। अच्छा बहुत कु rss थैंक यou।
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