भक्ति का बीज कब उगता है? | 09 Jan 2024 | Ahmedabad | Srila Gopal Krishna Goswami | Book Marathon

In this devotional lecture recorded in Ahmedabad on 9 January 2024, Srila Gopal Krishna Goswami discusses the moment when the seed of bhakti (devotion) begins to sprout in a seeker. Through a dialogic exchange between two speakers, the discourse critiques the current Indian society’s imitation of Western lifestyles, materialism, and addiction, arguing that these are misuses of life that keep the soul away from its true purpose. The teacher emphasizes that true bhakti arises when one turns away from such pursuits, engages in sincere seva (service), and adopts disciplined spiritual practices such as chanting the 16‑mala and studying sacred texts. He highlights the extensive network of temples (about 200) and service centres (over 500) that distribute scriptures, underscoring the importance of community outreach. The conversation also explores the role of blessings, contrasting the pursuit of material wealth with devotional wealth, and stresses that joining bhakti protects one from bad company and harmful actions. Throughout, the speaker urges listeners to prioritize devotional service, seek blessings for righteous deeds, and cultivate a life of self‑realization rather than fleeting worldly gains.
Chapters
क
हमारे भक्तों ने जब देखा आप लोगों का उत्साह मुझे प्रभावित भक्तों में बहुत उत्सा है। किसी के लिए भगवान की सेवा और भाग्यशाली व्यक्ति है। भगवान की सेवा में डूबा जब तक आपके होजिनके, अच्छे संस्कार नहीं हो। आप कृष्ण भक्ति में नहीं जोड़ा तो स्वामी सा और मैं हमारे सोरेंग यह समाधीन करना पढ़ने के लिए बड़े प्रभावित पर उन्हें फाइल में लौटने के लिए कहा। कहा कि गुजरात में पुकारा वो हलवा लाए थे। मैंने सुना है कि की और निपत्ती साइकल पर जा दे ते है। से से 1 रन बना और ये जाम का बुसनमनदरहै उनके निर्देश के बना। तो हम हम सब उन को आनंद देते हैं। तो हम बड़े प्रिय भक्त थे को तो गंथों मैच दिया जाता है जो 4 है उन्होंने ये कहा है जो व्यक्ति भगवान के संदेश को आगे बुलाता सबसे भाग गा दे का कहा भेदों में आस है, इतना विशाल है अगर आप रोज पढ़ोगे पीछे सुनाई दे रहा है, पीछे सुनाई दे रहा है। sony me प्रभु कहता हूँ तो भगवत गीता में है मेरी का सुन्दर सा
बहुत गीता शोलो का
नीले भगवान
भगवत गीता में भगवान बहुत ही महत्व संदेश देते है।
5 सौ महामिदयादाकी कमी नहीं है, आजकल महा विद्यालय की, कमी, कमी है भगवान
की जान, लेकिन कमी है भगवान के
ज्ञान ज्ञान है
और यह ज्ञात की
गीत पूरे मानव समाज है।
ये गीता का जो संदेश है वह
पूरे मानव समाज के लिए आपको ध्यान खुशी होगी। बाबा जी की गीता से भाषा में
अनवार हो गया जी वह आपको ध्यान से होगी। दोपहर की जो भगोगीताहै वो 70 सेमली लैंग्वेज में भाषा है
वसा में तो
गीता पढ़े सारे विशयों में लोग भलगुरगीतापढरहे है।
क्या है मुख गीता का मूल संदेह,
क्या है पिता का वो से
sarwad
भगवान बहुत कहा
कि हमें मन धन से सेवा करने के ै हमें सभी
घरों को करके भगवान में
run जाओ। यूज में लड़ो
हवा ने अर्जुन को कहा जाओ,
rुneta make me for a u m के वार
वार को कहा जाओ और युद्ध करते करते
हम सब में हो। हमारे शासन के अनुसार 4 मूल आश्रम
है आप सभी अलग श्रम सास, 4 मूल आश्रम।
ब्रह्मचारी के असर परसासया्रमचारी भ्रवंचारी है, वो मंदिर में रहते हैं, 24 घंटे उनके के केवल 1 ही भाव रहना चाहिए।
हम भगवान की सेवा कर चोमदीमेछोटेरहते है। बो भाव लेना चाहिए कि हम भगवान
की सेवा, भगवान की सेवा में जुड़ने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है।
भगवान की सेवा में जुड़ने का भाव बहुत ही कम लोगो मिलता।
आपके बड़े अच्छे संस्कार हो, कृष्णा मी में आते हो,
आप बहुत तारी हो, क्या
तो सब शाली
आप सब बड़े
भाकिसतानीहैीतकीता का पहला सं देश है आत्मा
के विषय में गीता जो है आपका के विषय में, उन्हें ध्यान है।
गीता का प्रथम संदेश है आत्मा के विषय में
गीता। जब आप कदम संदेश जो है वो
आत्मा के विषय में के बारे में आप कौन हो?
आप कौन हैं हम
samara
शैली आज
और यह बड़ा महत्वपूर्ण संदेह, ये बहुत ही महतपूरपूर्ण संदेश है यही फिमदेiबमयही संदेश
bill
what s o do do ganethefolbold the lot? क्या पा लोगे? अगर तुम सारे विश्व का धन बात कर हो आत्मा को खो।
2 इसमें लिखा है कि पूरे विश्व का धन प्राप्त कर लोगे। लेकिन अगर आत्मा न होगे तो क्या प्राती
कुछ कुछ? हातमा
अगर तुम हम को खोदो बाइबल भाई ने बताया को खुदिया कुछ भी।
ये जो भोतिक दे है, ज्यादा है तो जो भी कार्य करना कराके गीता
भगवान के भी सारे तो, लेकिन मेरे लिए
यो दान लेना है, तपस्या करनी है।
खुशी भगवान कहते हो दाम देने मे अगर आप को ककिश्शाकरनीहै तो किसे देते
हैं मेरे लिए भी कार्य करो।
मैं जो भी करे तो हो मेरी खुशी नहीं है।
आम कर, नौकरी कर रे हो, बिजनेस कर रहे हो। देखा मगर केस भी वान आप चाहे
बिजनेस किया, कुछ भी कर रे हो।
वो भगवान भी उसे माह ने कहा जो अनुकूल है वो स्वीकार करो, जो प्रतिकूल है उसे क्या चेक।
गाव कहते हैं कि जो अनुकूल है, स्वीकार कर, पति है, उसको याद भगवान
जंग विस्तार में, खंड में आप। नारद मुनि के शिक्षा पढ़ते हम भाग
पर में, नारद मुनी की शिक्षा।
साथ साथ साथ वे युलिशमरानेप्रश पूछा तो सातवे स्थन में यदि प्रश्न पूछा मुनि नारद मुनी ने पूछा हम जो क्रिया सा में है वो कैसे जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।
जो गहस्तासीएहैवो कैसे जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है।
कि वाद का पूरा ज्ञान था, खास कर के अमदाबाद के भक्त
जिस मदार को सब याद था। लेकिन खास करके हमदाबाद भक्तों के लिए, उन
कैसे जीवन के लक्ष्य को कर
सकते है,
जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
आप कैसे जीवन के लक्ष्य को प्राप्त है ने।
सबसे पहले भक्तों की संगत में आओ
तो नारतलउत्तरदिया के सबसे पहले भगतुंकीसंगन्ध में आओ।
तो भक्तों की संगत का महत्व सारे रेशा शासन में है भक्तों की संगत
का मत सभी शासनों, ये जो भक्तों
की संगत है, ये पाप करने के लिए 2 साधन है भक्तों की संगत
लाभ ना है तो 2 साल 1
साधन है कोई भक्त आपको मिलता है और कहता है। अब जारय गीता पर 1 बात जो
है वो आपको मिलता है पैसा, 2
ज्ञान और पढो और वहाँ को मिलता है पर हिम्मत देता है फल में
और 1 दूसरा बात जो है दूसरा तरीका है वो आपको देता है।
आ जाएगी भारत पर और ग्रैंज भक्त भगवत औ ग्रंथ हो तो आज हजारों क्या लाखों व्यक्ति है पूरे दुनिया में, भक्ति कुमार से जुड़े हैं गीता के संदेश के द्वारा।
आज संसार में हजारों लाखों लोग भक्ति से जुड़े हैं। भूल गीता के संदेश द्वारा।
मौलिक समाज में क्या है। गीता में कहा गया है और जीवन के 2 लक्ष है।
गीता में कहा गया है जीवन के 2 रास्ते हैं
दुखालय दुखालय सास, 1 दुखी दुख है इस भौतिक जगत में,
इस भौतिक जगत में केवल दुख ही
दुख है की सलाह है और 1 होती लेकर अस्थाई मान लो आप करोड़पति हो।
मान लीजिए कि आप करोड़पति है।
हां, भारत के सब करोड़पतियों के नाम जानते हो।
आप भारत के करोड़पतियों के कहा जाते हो?
मान लो आप सबसे प्रसि व्यक्ति हो। सबसे बड़ा धन।
मान लीजिए कि आप सबसे बड़े धनी व्यक्ति है।
सबसे बड़े सीन थोड़े ही समय के लिए महल में रह लोगे रोल वाली गाड़ी चढ़ा गए,
थोड़े समय के लिए गलने गाड़ी चला दिए।
पर हमेशा ऐसे लोग हो मन में।
लेकिन वो गाड़ी गानों ने गा
आप नहीं रह पाओगे। आप मान लो आपका वहा क्यूरर अरे मुझे छोड़ कर जाना पड़ेगा मुश्किल से मैंने बनाया था।
आपका सुसु है तो आपको को अरे मुझे छोड़ के जाना होगा, है का
वह जीवन मिल जाएगा, उसी महलमें। तो अब जीवन में आप उसी महलमें तो उसी गझरमेंआपकाजनूर पर माले के रूप
में नहीं परंतु माले के रूप में जल नहीं होगा
कीड़ा मच्छर से कोई
ईरा मच्छर बने गया उस महल में
तो प्रकृति के नियम बहुत कठिन है,
क्यूंकि प्रकृति के नियम बहुत ही कठिन
है, उनका पालन करें तो जीवन सफल माना जाता है।
अगर हम उसका पालन करेंगे तो जीवन सफल माना जाता है।
तो सुनते दिीरोबोले जनम बच्चा पैदा होता है, रोज पैदा होता है। या
जब बच्चा पैदा होता है तो रोते पैदा होता है। या हंसते
सारे विश्व में खाली इंडिया में,
इंडिया में केवल या सारे विश्व
में आज से ही आना निकाल से है। आप सब बुद्धिमान हो, आप सब बुधिमान जनम में बड़ा क्लेश होता है?
जनम में बहुत बड़ा कलेश है।
अगर पूरा ज्ञान चाहते, तीसवे।
अगर आप पूरा ज्ञान जाते।
हाँ बड़े स्पर्श रूप से कहा गया है कि स प्रकार हम माता के घर में बडे होते हैं, उसमें स्पष्ट
कहा गया है कि किस प्रकार माता के गर्भ में
हम डी कोई बीमारी चाहता है, कोई बीमारी चाहता है हम इन्शुरेंस आपका भी इंश्योरेंस कम पे करेगी बीमारी चाहिए।
आपका जो विल इंशुरेंस समधी पे करेगी, क्या आप बीमारी चाहते हो?
नहीं, नहीं, नहीं चाहता है, कोई नहीं चाहता, कोई बुरा पाप को चाहते है,
कोई बुरा पा जाता है यहा कोई
आ तुम तो मेरी शादी की तो आपको गुस्सा आ जायेगा।
अगर कोई आपको बुरा बोले तो आपको गुस्सा आ गया।
तो बोले तुम बूढ़े हो,
हम बोल
देंगे कि क्यूँ बूढ़े दिखते हो और जवान हो।
अगर कोई हमे कहते है की तुम जवान दिखते हो तो हम खुश होगा।
तो गा।
ओले सास ने कहा गया बोले उसमें कष्ट कष्ट है, उसमें कस कस है
में मृत्यु और मृत्यु कोई चाहता है,
इसमें से कौन मृत्यु चाहता है?
राम राज के समय हर व्यक्ति पूरे रूप से संतोष,
राम राज्य के सभी व्यक्ति जो है वो संतुष्ट थे।
पुन जब किसी चीज की कमी नहीं थी, कोई करनी, किसी प्रकार की चिंता
नहीं थी, उस समय किसी भी चीज की कमी नहीं थी, कोई भी चिंता नहीं थी।
राम लाज और हर व्यक्ति ही मृत्यु के समय खुद चुन सकता था।
उस समय दाम लदे, हर व्यक्ति अपनी मृत्यु का समय खुद चुन सकता था।
अगर आज आपको छूट दी जाए तो सारे शान अगर आपको बदल छूट दी
जा या तो सभी मसान जो है वो बंद हो।
2 बैंक
बैंक
तो इसके आलावा यूनो प्रकार के है तो आप कुछ
और इसके इलावा 3 प्रकार के केस े,
हरी, देव आदि ने परत बाहर आ गए। किसी इलाके में किसी राज्य के अंदर
जैसे बाहर आ गयी।
कई साल पहले बाहर आई भूकंप गेट
जैसे कुछ समय पहले गोली में बाढ़ भूख पाते हैं अर्थ ते हैं।
जापान के पास ऊंची टेक्नोलॉजी है, जापान
के पास बहुत ऊंची टेक्नोलॉजी है।
को 2 हफ्ते पहले उनके इलाके में बहुत बड़ा भूकम आ गया था, लेकिन
उनके इलाके में 2 हफ्ते पहले बहुत बड़ा भूकम आ गया।
प्रकृति बार बारिश
प्रकृति, कई बार बारिश नहीं बेचती। दुकान जो ये प्रकृति है वो भगवान
की सारे से चली आपके हमारे ने आपके हमारे साथ नहीं, अमेरिकन सरकार के, मेरिकन सरकार के न है।
अमेरिकन
भगवान के
तो भगवान की 6 से चलती है।
जब पृथ्वी में पाप के बोझा बढ़ जाता है तो क्या परिणाम होता है कि किसी प्रकार का कर कम तना भुकम्प
जब पृथ्वी पर पाप का भार बढ़ जाता। इस प्रकार से भूकम्प बाहर आती तो
आप सब समझदार हो। इसलिए
आप सब बहुत समझदार है। इसलिए आज इस मंदिर में आप उपस्थित हैं।
1 समय 1 बड़ी गहरी सेवा, 1
समय 1 चेतन की बहुत घनी सेवा कर रहे।
और तो क्या है तुम्हारा नाम चेतन
भाव पूछा क्या है
दुखी दासी को बताया दुखी दासी तो माँ प्रभु की सेवा करे। तुम्हारा नाम दुखी दासी नहीं है। सूखी दासी
माँ बोलने का दुखी राशी नहीं, सूखी राशी है।
तो आप शांत सूखी राशी हो तो
आप सब सुखी राशी हो और सूखी सूखी दासी और सुखी दास तो आप
कृष्ण भक्ति में जुड़े हो।
तो आप इस भक्ति से जुड़े हो।
कि में कुल बागेशरी भक्ति का बीज प्राप्त होता है।
महाभूत अनेक जल को अनेक जोगियों में घुलने के बाद किसी को भी प्राप्त
होती है, भक्ति का बीज प्राप्त होता
है, भक्ति का बीज प्राप्त होता है।
जैसे कि या घंटों को बांटा। आपने आप में जिस व्यक्ति ने आपके हाथों से राज किया है, आपने उसके हृदय में भक्ति का बीज हो।
जैसे अपने घंटों को बाटा जिस व्यक्ति ने आपसे लिया है, उसके हृदय में भक्ति का बीज आपने रोक दिया, भक्ति आरंभ हो गई, उनकी भक्ति आज होगी है।
तो आप और उनकी भक्ति बढ़ेगी कैसे,
उनकी भक्ति कैसे बढेगी?
बगीचे में सीन बोलने बाद क्या होता
है, उठता है, बगीचे में सिर डालने के बाद क्या होता है, उठता है,
कैसे उठता है, कैसे होता है? पानी पीरा पानी नहीं पिलाओगे तो नहीं रुकेगा,
पानी लेने से पानी नहीं पिलाएंगे तो वो लगी,
उसका है। श्रम के नाम मान के नामों को सुनना 4 करना, उसका मतलब है श्रमण
के भगवान के नामों को सु, उसका उच्चारण
भक्ती का बीज उगेगा, शरम का लाभ उठाए, भक्ति का बीज उगेगा।
अगर हम शरणम लाभ उठायेंगे केजे महाभव
को भगा सबसे दयालु माना जा रहा है।
चेते ने वहा उन को सब होता है, सबसे दयालु होता है,
सबसे दयालु है।
चेते ने वहा को सबसे दयालु होता है।
बहुत सरल बना।
उन्होंने आध्यात्मिक जीवन बहुत सदल बना लिया।
उन्होंने क्या कहा?
उन्होंने क्या कहा है?
राम भाई, राम भाई, राम है वो केवल हरी, हरी का नाम महा, बुध
का, हरी का नाम। लोग, हरी का नाम लो और हरी का नाम।
भगवान ने हमें 1 जीप, 2 कान दिए है।
भगवान ने भी ठीक 2 कान दिए है।
1 ही थी है आप सबके पास,
आप सबके पास 1 ही ठीक है।
गुसवामीएकमहान साल थे जिन्होंने हमे अनेक ग्रंथ दिए है।
रूप को स्वामी जी महान संत से उनहोंने हमें अनेक गलत दी।
वो कहते हैं हे भगवान, आप की महिमा इतनी महान है कि 1 जीत का नहीं चलेगा हजारों जीव 2 मैं आप पर गुनगान कर सका।
उन्होंने कहा यह भगवान आप ने महान है कि 1 जीप से काम नहीं चलेगा। आप मुझे हजार जी दीजिये जिस से मैं आपकी महिमा का गुनगान।
तो हमारी क्या समझा है। हम तो 1 ही संभाल सकते हजार। जी की बात छोडो हमारी क्या समस्या है।
हम तो 1 जीप को भी नहीं संभाल सकते।
जीव के द्वारा। हमें क्या चाहिए। सारा बहुत ही चर्चा हमें इस जीव
के द्वारा क्या सजा हुआ।
सा फिल्मी गाने गा करना, फिर में
गानों को गाना फिल्मी गाने को गाना
और पिजल्परसेक्या लाभ है
और जल पकड़ना सबसे क्या राह
मे जो है, सबसे
कीमती चीज है समय जो सबसे कीमती चीज है। वान थे चालक के बड़े विद्वान
चंद्र गुप्ता राज्य के प्रधानमंत्री थे।
वो दाजाछंदरुप्तके प्रधानमंत्री
1 साधारण कुटिया में
वो 1 सावधान रुपया में बनती है।
तो बता तुम कुटिया में रहते हो, मैं तुम्हे महल बना लूंगा, जब राजा
को बताया की कुटिया में मैं तुम्हारे लिए महल बना दूंगा।
मैं कुटिया में ही संतुष्ट हूँ। मैं आपके महल में आऊंगा हर बात मुझे पड़ेगी।
मैं स कुटिया में संतुष्ट हूँ। सर मैं के न चाहूँगा मुझे आपकी सभी बात माननी पड़ेगी। हमें हां मिलाना पड़ेगा, आपकी हाँ में हाँ मिलाना पड़े।
तो पहले ने हमें बड़ी गहरी शिक्षा दी है। इधर बेनी शासक सम्मान माना जाता है।
4 गुडेनेहमेंभेली शिक्षा दी है। और जो हमें शस्त्र में उनकी शिक्षा प्राप्त है।
समान
वैदिक संरोग, सभी ज्ञान समान।
1 मिनट का बिदरुपयोगकरोगे तो सारे विश्व के धन से मुझे वापस नहीं ला सकते।
वो बता देते अगर 1 मिनट का भी आप उपयोग करोगे तो सारे विश्व के धन से उसे वापस नहीं ला सकते।
आप ब्लॉग को बैक नहीं करके, आप
ब्लॉग को बैक नहीं कर सक। वो समय पर समय बड़ी ही चीज है।
जो हमे समय का सुयोग करना चाहिए।
हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए, दुपयोग नाम करना चाहिए। हमें केवल हरि नाम का उपचार देना चाहि।
गीता पढ़ना चाहिए, गीता पढ़ना चाहिए। हम बाटने में तो उत्साहित होते हैं, पढ़ने में भी हमें उत्साहित होना।
बाटने में हम्साहितहोतेरहे तो नहीं। हमें पढने में भी नुकसान होना चाहिए।
वसा है वे शांत होगा।
जो गीता है, वो वैदिक शास्त्रों का
शाह कहा 1 स्लो को भी पढ़ें अपनाए
कुपाजी अगर कोई 1 व्यक्ति 1 श्लोक पढ़े तो उसका आध्यात्मिक जीवन शुरू हो जाता।
जो भक्तों ने की सेवा की, भगवान के
आप लोगों ने ग्रंथों की, वितरण की सेवा की है, जिन्होंने जीरो ने की है तो वो सभी भगवान के प्रिय बन गए है।
भगवान कहते हैं भगवान कहते हैं कि जो भग मेरा करता है, मेरा सबसे
प्रिय, भगवान कहते हैं जो मेरा 50
होता है वो सबसे प्रिय में भगवान की क्या ह।
आखिर मा की क्या इच्छा है कि
हम सारे बज्जी बोली जगह तू छोड़ कर धानी जगत में पहुँचे है।
सभी बहुत कार जो सारी भौतिक संसार को छोड़ के हजार की जगह चले।
ये जो बालिग जगत है, अमेरिका कुदसालोगा
ये जो बहुत ही संसार है, चाहे अहमदाबाद हो या अमेरिका हो, ये कुलटर लोग
क्लेश के निरमान है।
हम लोग क्लेश के लोग में निवास करे है।
भाई खुर्द का अर्थ है किसी प्रकार
का, दोस्त का अर्थ है जहाँ पर किसी प्रकार का अवश्य नहीं।
भगवान हमें साधु के द्वारा, गंध के द्वारा कम टू द स्पीरिचुलवर्ड।
भगवान हमें साधुओं के माध्यम से आमंत्रण देते हैं कि कम टू बी स्पीटल।
वर्ड हम कहते है नहीं। 1 ट्रेनिंक स्थान हम कहते हैं नहीं अ्छाार ब्रेक फेमस रेस्ट्रेंट नहीं मिले फिल्म मिलेंगे क्रिकेट मैच नहीं देख सकेंगे हमें
वईकोडलोगमेंवसलोड नहीं मिलेगी, मिलेगा क्रिकेट मैच नहीं
मिलेगा, हमें क्रिकेट का बोझ छोड़ हम
क्रिकेट का जादा बात ा
ऐसा कोई व्यक्ति की कोई गति जो एरिया सीरीज वाला तो 1 व्यक्ति ने कोई 4 लाख रुपए दिए, 1 आने की टिकट
लेने गए तो माला जी बताता था कि 1 मैच के लिए 4 लाख रुपये दिए ट।
तो ये हमारा हमारी बुद्धि धन और समय का दुरुपयोग है।
हम धन और समय का दूधों का उपयोग कर रहे।
साधु सह लोगे को असली संदेश मिलेगा,
आप साधु की संदली करेंगे तो आपको असली संदेश प्राप्त होगा।
है वो क्या है वो क्या है सुेरेटूक्रिश्णासले करिश्णा, साधारण देवता नहीं भगवान कृष्ण
कोई साधारण देवता नहीं है, परम भगवान है परम भगवान
परम ब्रह्म परम
a
con, a
sbse,
a, 1 ही परमेश्वर है।
अभी 1 ईश्वर है, लेकिन 1 ही परमेश्वर।
पर आपको कहते है भगवरकीतापढ़ोभगतम पढ़ो
भगवत, पीता पढ़ो और भागवत पढ़ो भगवत में
सबसे उत्तम ज्ञान है।
भागवत भर में सबसे उत्तम ज्ञान है
भारत कल 18 हजार, 12 स्पन
और
हरेक विश्व उपचार आज अरे 1 बेचारा है। उनका संदेश शासन से बिल्कुल नहीं मिला,
कई प्रचारक हैं, लेकिन उनका संदेश जादू
से नहीं मिलता है में लाखों मंत्र
है, साथ में लाखों मंत्र है।
1 ही मंत्र को हर मंत्र माना
जाता है वर्ड 1 ही मंत्र को महामंत्र माना जाता है।
मंत्र का अर्थ है इसके उच्चारण से आपको शांति मिले है।
मंत्र का अर्थ है जिसके उचारण से आपको शांति मिले।
हर कृषहरृषृष यह महामंत्र उचारण करते हो। पाता प्लीज जाओ आपकी सेवा में जोड़ो
जब हम महा मंत्र उच्चारण करते हैं तो इसका मतलब है कि आप की सेवा में लगाए।
तो ये भी का सुदुपयोग होता है। कृष्ण कथा और हरियाणा में रूचि तो
ये जीवा का शुद्ध उपयोग होता है। क्या कृष्ण कथा और भगवान का नाम
ले और भक्तों के संग और भक्तों के संग मेल भाग है। दुनिया के कोने कोने में कान का केंद्र है।
आज हमारा सौभाग्य है कि दुनिया के कौने कौने है, इस्कॉन के केंद्र है।
पाजी शाबाज को 1922 में गुरु जी
मिले थे सेल भोपाल जी को 1922
में गुरुजी मिलेगी वो गुरुजी ने देखा। वो बड़ी अंग्रेजी बोल रहा है।
गुरुजी ने देखा यह युवक बहुत अच्छी
है, जी बोलता है वहां 1 भक्त भी है और 1 हक भी। बाजी के बाबा जी का जन्म हुआ था मिडिल क्लास फैमली में पा जी
का जन्म हुआ था।
1 मीडिल क्लास बता दे कपड़े के
पार, उनके पिता कपड़े के बरपाली और माता, जी हाउस माता, जी हाउसं
rita साथ।
शुरू से गोपालजी का परिचय हुआ था
संतों के साथ और इंडरव्यूशनउके मेरे बेटे को बड़ा तुम
जब आते तो मुझे डर तो पिताजी कहते थे उमा जी को आशीर्वाद 2 कि वो बड़ा अच्छा
मां मेरा बेटा इंग्लैंड पढ़ने के लिए।
लेकिन ओमा जी की मां के च्छा
इंग्लैंड पढने वो पाकिस्तान से ने देखा युवक पक्ष भी है और इंग्लैंड के
बतिस्तान सह ठाकुर ने देखा कि युवक भगत भी है। और अरे
तुम पढ़े लिखे युवक हो लेजाने संदेश को पशु देशो, उन्होंने आदेश
दिया तुम पढ़े लिखे युवक को ले जाओ इस देश को 80 देश, ये धोपाजकोकेतूने आदेश दिया था पहले ही दिन
तो तो 1965 में प्रो बजी कठिनाई
के साथ अमेरिका 5 भोपाजी, 1965 में बड़ी कठिनाई के साथ अमेरिका पहुंचे से में 2 हार्ड, डैकहोथेरहपाजीकदास में 2 हार्ड
म।
फिर भी बहु बाजी हिम्मत, न हिम्मत
नहीं है, पवजीहोझेेहडलेमैंशर विचार नहीं कर सकूंगा अमेरिका में।
2 बार ही शोले के बाद के 7 जार नहीं कर सकूंगा को सपना है बाबा, लेकिन रात को गोपाल जी का सपना है।
पर भगवान नाम मे
उस सपने में देखा कि परम भगवान ने नाव में बैठे है और उस गाँव में अनेक देवता बैठे पर भी और 2 बार में
हे। अबे बाबु तुमारी योजना सफल हो।
ी भगवान ने कहा वे बाबू तुम्हारी सब योजना सफल हो
सफर।
तो फिर 2 बाजी का हौसला बढ़ा है कृपया?
पर अमेरिका में मनु साबिलकिए भोपा जी
देवी मेरिका के प्रदेश थापित किए रुपये
ने सोचा अब मुझे हिंदुस्तान में जाना चाहिए।
फिर भोपाजी ने सोचा कुछ हिंदुस्तान लेना चाहिए।
उद्योग होता देख कि भारतवासी अभी जीवन का दुरुपयोग कर रहे हैं, पश्चिम संतति की नकल कर रहे हैं।
उनको 2 गो दा था कि भारतवासी अपने जीवन का दुरुपयोग कर रहे हैं, सिम संस्कृति का अनुकरण करते है वो भारत और इसलिए वो भारत है।
बाबाजी आपके एमलबमेंभीआएथे तो बा जी आपके
अमदाबाद में भी आए थे नांटू सेवंटी
क famus jal lcr दिया था जेल
के अन्दर lecin
gujrat में
बा, गुजरात में कोली, को में कौन, bro,
नवसारी सो, मूवी राजकोट अब का बड़ा बहुत बड़ा
राज, हमदाबाद ोडा राजकूडसूदरभूज, नवसारी सब
डेटा कांड के भारत में लगभग 200 मंदर है।
भारत में लगभग 200 मंदिर हैं
और 505 सौ स्थान। यहाँ के नाम पर
5 सौ से ज्यादा स्थान है जहाँ आधार कार्य करती सुजाचलतेहैuspरोgram है।
समें आज लगभग 20 से ज्यादा विद्यार्थी 16 मना कर दे और प्राइवे करे।
हमारा जो झूठ गोग्राम है उसमें 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थी है जो 16 माला का जप करते हैं और पढ़ाई भी करते हैं।
आज हमारे पार्सर बुरा, बुरा स्था वातावरण है।
आज समाज में 5 साल हो का काफी जुदा
drag
लोग
नफीरूचीजेचाहिए नशे वाली
चीज है, सब नशे वाली चीजें देते
हम नशे वाली चीजे, वो क्यों चाहिए,
नशे वाली चीज क्यों चाहिए, हम अपने
कर्जों को भूल जाते हैं, अपने कस्टो को भूल जाएंगे। हम अपने सपने की दुनिया में आ
जाते है, हम सपने की दुनिया में आ जाते हैं। मैं आज बनिया हूँ, मैं राजा बन गया हूँ।
थो सपना थोड़ी देर के लिए रहता
है लेकिन वो सपना थोड़ी देर के लिए रहता है
फिर हमें कसा हो जाता है
फिर हमें संसा हो जाता है और सीख बिना हम हैं न सकते।
इसके द्वारा आप अपने शरीर को काट
ले और को इसके द्वारा आप अपने
शरीर को काट भी में जुड़ोगे बुरी संघ से बचोगे, बुरे कार्यों से बचे,
भक्ति में जुड़ोगे तो आप बुरी संकर से बचोगे और बुरे गालियों से भी बचेंगे।
तो आप सबका हार्दिक स्वागत खास करके उन बातों का ने रंजिशन सेवा की है।
आप सभी का हार्दिक स्वागत विशेष जिलों ने ग्रंथों की वितरण सेवा की है।
आप सब आप सब गोविंद जी,
आप लोग सुशी दौर विताशिसीराधागोविन जी, पाल जी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हो जी का है।
हमें कहते हैं स्वामी जी आशीर्वाद लोग
कई बार लोग आते हैं और हमें
कहते हैं स्वामी जी आशीर्वाद के आशीर्वाद की
हां हो। दे आशीर्वाद किस चीज के लिए चाहिए
आपको धन की या भक्ति के धन
के लिए या भक्ति के लिए तो
वो ही क
वो कहते हैं के
लिए जो आशीर्वाद लेनी चाहिए अच्छी कारियों
के, हमें आशीर्वाद लेना चाहिए अच्छे कारियों,
हम सब घर का, बाहर और आप सब का। 1 बार फिर से शुक्रिया आपने समय दिया गंदा को बाटने के लिए।
माता जी सबका आभार कर रहे है कि जिनों ने भी रंगों का वितरण किया, सब का शुक्रिया कर रहे है।
बासशीरासवामीने हा अब 2 अंक को बन करके दौड़ोगे तो नहीं 1 महान से
2 अंकों बर दौड़ोगी भी दोगे नहीं
की, कई बार हम जाते हैं बुक मान लो आप 6 घंटे गये, बुक
डिस्कशन में, मान लो कि आप 6
घंटे गए, बुक डिस्क्रेशन में 2 दिन
केवल कोरी गलत, शायद
क्या फैला जानेगा 6 घंटे में 2 किताब बिकती है
तो आपको ऐसा लगेगा कि 6 घंटे में दूर किताब क्या फायदा जानेगा पर आप जानते।
हे भगवान आपको क्रेडिट देंगे 6 घंटे
का, लेकिन आप जानते जो भगवान आपको मुझे 6 घंटे का करीब देंगे।
बस्ती में तुल सेवन करो उसका लाभ है।
आज भी जीव कुछ सेवा भी करते हो तो उसका भी बहुत बड़ा लाभ हो।
1 बैलजोनखतमजस्कूल से जुड़े हुए हैं। वो जानते हैं कि स्कूल में 1 के बाद 1 जान होता है, 1
बैलदनखतमलेकिनस्कौन में जुड़े है, वो चाहते है, 1 के बाद दूसरा, दूसरे के बाद
पीछा है और अगर पान सेवा में नहीं जुड़ेंगे, मन का भटकेगा अगर भगवान
की सेवा में नहीं जुड़ेंगे तो बहुत कहा बढेगा माया में माया
हमको प्रयास रहा,
लेकिन आपका बताया चाहिए कि अपनी जीवन का sadupyog करे।
chand hai jhan be happy
bati महाराज जब आप पर नहीं होने में 10 में मुरुगा के महाराज ने प्रचार महाराज पूरा 1 महीने का माल महाराज के वो हमारा भी, हमारा भी कभी रस्ता है, हम सभी होगा महाराज की।
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