10 Offenses to the Holy names-Initiation | SB 4.31.10 | 16 Jul 2023 | Jodhpur |Gopal Krishna Goswami

In this devotional lecture, Gopal Krishna Goswami explains the theological and practical aspects of initiation (diksha) within the Vaishnava tradition, focusing on the ten offenses that defile the holy name (harinama). He outlines the scriptural basis for initiation, discusses the different categories of birth (śukra, sāvitra, jāgnika) and their relevance to spiritual progress, and describes Vedic rites such as garbhadhāna and the pañcarātra method. The talk emphasizes the paramount importance of chanting the holy name, detailing its benefits and common pitfalls. A substantial portion of the session is devoted to the practical administration of initiation: participants are called out, their lineage and devotional names are recorded (often using pseudonyms to protect privacy), and specific instructions are given for proper name‑giving and chanting practice. Throughout, the speaker interweaves Sanskrit quotations, Hindi explanations, and occasional English terms, maintaining a reverent, instructional tone aimed at guiding devotees toward correct devotion while warning against the ten identified offenses.
Chapters
गया गोपी जाना वाला जाना
बाल
गर
i
thank you so very taking
more
people expected everybody here i think a
lot m
me i have bnydigantninty percent maximam divoti। ओम नमो भगते वासुदिवाओमनमभवते वासु दिवान भगते वasुiवाg chana and the guru
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tbt srekishnac हाई कृश्णा sim cotes muni इस प्रकार का उपदेश दे रे है muni so com a verbal omsobibutusa transat hindi hindi rerymodयेशलोकानुवाल इस प्रकार से है
कृष्णा ने श्लोकी भागवत के चपुरतसकंदके इकतीसवें अध्याय के 10 नंबर स्लो कि जन्म भीसदीभीवीलयहै शुक्र सावित्र जाति के कर्मवीर वा त्र पुख्ते उनशुपीविवधायुसा उसका अनुवाद इस प्रकार है शुभ संस्कारी मनुष्यों के 3 प्रकार के जन्म होते हैं। पहला जन्म शुद्ध माना शुद्ध माता पिता से होता है जिससे वीर्य द्वारा जन्म या शुक्र जन्म कहते हैं। दूसरा जन्म आध्यात्मिक पुरुष से विख्या लेने के समय होता है और यह सावित्र जन्म कहलाता है और तीसरा जन्म जागनिक कहलाता है और यह भगवान श्री विष्णु की पूजा का अवसर मिलने पर होता है। ऐसे जन्म लेने के अवसर पराप्त होने पर भी यदि किसी को देवता की भी आयु मिल जाए और वह वस्तुतः श्री भगवान की सेवा में रत न हो तो सब कुछ व्यर्थ हो जाता है। इसी प्रकार कर्म चाहे संचारिक हो या आध्यात्मिक, यदि वे श्री भगवान को प्रसन्न करने हेतु न हो तो इस कहते हैं शोक। जन्म शब्द का अर्थ है वीर्य। पतन की प्रक्रिया से जन्म लेना। पशु भी इस प्रकार जन्म ले सकते हैं किन्तु वैदिक सभ्यता के अनुसार शोक प्रक्रिया से मनुष्य में सुधार लाया जा सकता है। जन्म लेने के पूर्व अथवा माता पिता के संपर्क के पूर्व गर्भधान संस्कार होता है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। यह संस्कार उच्च जातियों के लिए, विशेष रूप से ग्रामीण के लिए संस्कृ है। शास्त्रों का कथन है कि यदि उच्च जातियां गर्भधान संस्कार का पालन नहीं करती तो सारा वंश सूत्र बन जाता है। यह भी कहा गया है कि इस कलयुग में गर्भधान संस्कार न होने से प्रत्येक व्यक्ति सूत्र होता है। यही वैदिक पद्धति है। किन्तु पंचरात्रि की विधि के अनुसार यद्यपि गर्भधान संस्कार के अभाव में प्रत्येक व्यक्ति सूत्र है, किन्तु यदि किसी में कृष्ण भक्त बनने की तनिक भी प्रवृत्ति है तो उसे भक्ति के दिव्य पद तक ऊपर उठने का अवसर दिया जाना चाहिए। हमारा कृष्ण भावनामृत आंदोलन इसी पंच रात्रि की विधि को अपनाता है। जैसा कि शीला सनातनों को स्वामी का उपदेश है। जता कांचना, जाति कांश्यंग्रससविधान तथा दिक्षा विधान में विजित जायपेनिणाम। जिस प्रकार कांस्य धातु पारे के साथ मिलाए जाने पर सोने में बदल जाती है, उसी प्रकार 1 पुरुष सोने के समान सुविधा न होने पर भी केवल विख्या के द्वारा ब्राम्हण या वीजा बन सकता है।
यह बड़ा मजबंशलोगहैनाजमुने उपदेश देते हैं। पेस को पुचितहाजाकेपुस् से जिन्होंने बड़ी गहरी तपस्या की थी, जिसके कारण भगवान प्रसन्न हुए और मुनिया कहे हैं। जो बुद्धिमान व्यक्ति है, उसके 3 जन्म होते हैं। पहला जन्म है माता पिता के माता के गर्भ से और इसको क्या कहते हैं। इसको कहते हैं शो, कर जन्म जैसे पशु भी जन्म लेते हैं। शो वीरा जैसे पशु भी शो कर जन्म लेते हैं और मनुष्य भी देते हैं। और ये है शो का जन्म। सो। ये पहला जन्म कोई बड़ी चीज नहीं है। ये पशु भी प्राप्त करते हैं। दूसरा जन्म प्राप्त होता है जब आप किसी प्रमाणिक वालिफाइ गुरु से रिक्शा देते हो। वो इसको क्या कहते हैं स्वत जन्म और तीसरा जन्म प्राप्त होता है जब आप ग्रामीण रिक्षा स्वीकार करते हो। इसे कहते हैं का जन्म। आपको पीछे सुनाई दे रहा है। क्लियर समझ आ हा है। तो आज के इस दिक्षा प्रोग्राम में अनेक भक्त अपना दूसरा जन्म प्राप्त कर रहे हैं। और इसलिए जब आप आपकी आपको दूसरा जन्म है इसलिए शिक्षा के सत्र में आपको ध्यानिक नाम भी दिया जाता है। आपकी आध्यात्मिक नाम के आगे क्या जोड़ा जाता है? दास और दासी, दास और दासी। इसका अर्थ है हम परम भगवान के क्या हैं, सेवक हैं, उनके दास हैं, हम दास रहेंगे। मवालियों की इच्छा होती है भगवान से 1 बन जाए भग से। वो कहते है हम भगवान के नीति दास रहना चाहते हैं। कृष्ण तो अनेक भक्त सवीकार कर रहे हैं। अपना दूसरा जन्म जिसका नाम है सविता जन्मा। अनेक संस्थाओं में आपको दिशा 1 मिनट में मिल जाती है। आप जाओ और बड़ी सेल से दिक्षा मिल जाती है और कई संस्थाओं में 1 सा दी जाती है। प्रेस कॉन्फेंस था में शिक्षा के लिए काफी लंबा प्रोसीजर है। आपको परीक्षा देनी पड़ती है। दूसरे शब्दों में पापा जी चाहते थे कि दीक्षा से पहले हम सिद्धांत को समझें और हम यह समझें कि शिक्षा का क्या महत्व है क्या उद्देश्य है। इसलिए आप लोग को इंतयानदियाजाता है। यह कहा जाता है कि सार सपोक्ोंकिरूपकूसरो रूपक स्वर कहते हैं। हमें शिक्षा के पीछे जो सिद्धांत है उसको समझना चाहिए। तो अनेक भक्त आज के आप स्वीकार करते हैं। अपना दूसरा जन्म, तीसरा जन्म प्राप्त होता है। जो आपको ब्राह्मण जो दिया जाता है और ये माताएं हैं उन्हें केवल मांस दिया जाता है। तो ये है योगी का जन्म और यह तीसरा जन्म जो प्राप्त होता है। जब हमने मक्सी शास्ती का लिया हो और शास्र का ज्ञान अपने आंचल में प्रस्तुत किया हो फिर उसे राह में लिख दी जाती है। हम की क्या गुण होने चाहिए या प्राप्त करते है भवरगीत कौन जानता है वो पुशेष लोग con janta ko jana उससे क्या उम्मीद की जाती है उसका वर्णन है। शासन में कहा गया है कि हर नाम लाभ हर स्थिति में है। मान लो कोई व्यक्ति कहे देखो पागल हरे कृष्ण वाले मैं जीना कष्ट बना दिया तो भी उसे लाभ मिलेगा क्यों कृष्ण का वर्णन किया में कहा गया है जन्म के न पाया कृष्ण अपने जन्मों में हरिनाम करते जाओ। जब तक आप अपराधों से नहीं बचोगे, जब तक आपको इसका पूरा लाभ नहीं होगा। आय में हम हरिनाम करते हैं और कई लोग सिगरेट, पीते और आराम करते हैं, शराब पीते और हरीराम करते हैं। जब भक्तों के संग में आते हो, आप सुनते हो क्या ये अपराधों से बचना चाहिए। और इसलिए जितने में कहा गया है कि आप अनेक जन्मों में ये हराम करो और अपराधों से नहीं बचोगे का पूरा लाभ नहीं होगा। सो हमारे आचार्य ने नाम अपराधों का मण्डन किया है पर नाम अपराध कौन सा है कौन? और
वह
एशिया एशिया में बजता है। कई बार हम पैसों की निंदा करते हैं और उसी में आनंद उठा ले। पर शास्त्र में कहा गया है कि ये शो देश के प्रभाव में आता है। हमें किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए। अगर आप किसी चीज को सुधारने के लिए पुलिस दे रहे हो सो वो अलग बात है वो कर सकते है और एशिया में ैशोंकीदिनानहीं करने जा चेतना इस अपराध को बहुत बेहतर दिया। 1 ेतनेमापभशीवाजंगल में लगातार 1 साल के लिए उन्होंने आराम किया था जो 1 ब्राह्मण था उस इलाके में जिसके मन में बड़ी इशा थी, वो कहता था शिवा को इतना मिल रहा है उनकी बस्ती करने का। उसने रा मा याली शिवा के दरवाजे के सामने रख लिया। ये भाव था की लोग दिखेंगे यह श्रीवास और धोखेबाज है। ये तो दुर्गा का भक्त है। जब श्रीवास ने खोला और देखा और शराबी बोला, पड़ोसीयों देखो, यह है मेरा असली रूप किसने सिखा ने किया गोबर और गायब मुझसे लेकर मैंने उस सान को साफ़ कर दिया। और जिस ब्राहमण ने यह हरकत की थी उसका क्या पैदा हुआ उसे कोल की बीमारी हो गई और वो गया। 1 समय वहाँ बाबू जा रहे थे गंगा में स्नान करने के लिए, तो मुझे माफ कर 2 मैं ऐसे कर नहीं करूंगा, बनेगा तुमने 1 शुद्ध भक्त की निंदा की है और हजारों साल तक अंत में शिवा की शरण ली ने उनको माफ़ किया। भगवान की माता के मन में थोड़ा क्रोध था, अलविदा चाय के बी क्यों, उनके बड़े बेटे विश्र घर छोड़कर सन्यास सन्यासी का गला और उनके छोटे बेटे वो भी घर छोड़कर सन्यास ले रहे थे। सो सच्ची मान होती थी ये मेरे दोनों बेटे घर छोड़कर गये हैं। चाय चाया रुपी केट आदमी हैं उन्होंने ये गे मरने क्रोध जो भक्त कहते थे बाबूजी अब दया कीजिए अभी माता के ऊपर और भगवान कहते थे मेरी माता ने अपराध किया है। फिर 1 दिन भगवान ने देखा तो आवेद प्रणाम कर रहे थे। सची मदाही पीछे से उनके चरणों की धूल लेकर अपने माथे में है। वहाँ पर ने लीला देखी बड़े प्रसन्न हुए तो इस घटना के द्वारा। वहाँ पर वो हमें यह शिक्षा देते हैं कि चाहे तो बड़े ऊँचे पद में भी हो, पर अपराध से कोई अपराध करोगे तो परिणाम भोगना पड़ेगा। तो हमें हमें वैश के गुणों को देखना चाहिए और सबसे आदि का संबंध रखा जाए। दूसरा नाम अपराध है, क्या है दूसरा नाम? अपराध जोर से बोलो तो हमें हिंदुस्तान में और हिंदी भाषा में समझते हैं सब भगवान 1 है कोई भी मार्ग पर चलो 1 ही नतीजा मिलेगा कि नहीं। पर असलियत क्या है, अगर आपने जयपुर जाना है तो 1 रास्ता, ये है इन्हें यहां कोई भी हाइवे पकड़ो। अब जयपुर बोल जाओगे जो उसी प्रकार जो देवता हैं। यह परम भगवान के आधीन है और हमें यह नहीं सोचना चाहिए। देवता परम भगवान के समान है या उनसे स्वतंत्र है? so कृष्णा राधे राधे गो अनेक ईश्वर हैं। है आप पीछे सुनाई दे रहा है। बिल्कुल क्लियर ओके सो देवता हैं। भगवान के आधीन है भगवत हम दसवे पढते हो, ब्रह्मा शिवा पर देवता है। वो किस का गुणगान कर रहे हैं। भगवान का आप देवताओं के साथ भवन की अनेक प्रकार की लीला है। इंधन क्रोध के कारण तेजी के साथ वर्षा वर्षा हुई और सभा का बादल चलता है। ऐसी है इतनी ऊंची, आवाज होती है। लगता है जैसे सब नष्ट होने वाला। और भगवान ने इंडिया के भाव को सफल होने दे दिया। भगवान ने विवासियों सुरक्षा की कैसे गोद उठाकर, ये भी स्वीकार करते हैं। भगवान कृष्ण है तो कहीं कभी कभी लोग पूछते हैं अगर हम देवताओं की पूजा बंद करेंगे तो क्या कुछ सजा मिलेगी देवता नहीं देवता प्रसन्न होते हैं। पर हम भगवान की शरण लेते हो। जिस प्रकार पेड़ के जड़ में पानी पिलाने से पूरे पेड़ में ताकला जाती है, उसी प्रकार कृष्ण भक्ति द्वारा जो तेतीस करोड़ देवता हैं कितने तेतीस करोड़ देवता की तस्वीरों को भी आपको 1 पूरा शहर पीछे रहेगा तो तेतीस करोड़ देवता देव है। एनर्जी आपको वर्षा देते हैं, उनके प्रति के 33 करोड़, आप इन सबको संतोष कर सकते हैं। 1 साधन से क्या तीसरा नाम पर क्या है? गुरु की आज्ञा का पालन कर। इन्हें गुरु क्या है? गुरु है। 1 पोलमैन आजकल पोर्टमैन ज्यादा पोलमैन नहीं देखती है। ये ईमेल का जमाना है। पर पोल्समैन क्या करता है? चिट्ठी को यथा रूप घर में पहुंचा देता है। वो खोल कर अपने विचारों को नहीं जोड़ता। तो इसी प्रकार गुरु ही बिना क्या कर तकते हैं। माने गुरु का कर है कि जो गुरु सालुका परंपरा द्वारा जो संदेश आ रहा है और शासन में जो है और पुराने गुरु किया है, उसे ही रूप स्वीकार करता। पर पर 4 करते थे, वो कहते थे विश्व रक्षक। वती ठाकुर ने यही कहा मलदेबूसेथेयहकहा रूप कुस मैंने? ये कहा है? वो हमेशा उनसे पे महान चाय थे, उनका वर्णन करते थे। तब श्रीमद भागवत दम का तातपरियपवजीदिकटेर करते थे। तो अपने साम समक्ष महान चाय के तातपर्य को पढते थे। वो इन लोगों से महत्वपूर्ण संदेश देकर जोड़ते थे अपने तात्परिय में। पापा जी भगवान गीता को क्या कहते हैं? प्राजी कहते हैं कि उसी विचारधारा से भगवान के संदेश को स्वीकार करना जो कि सांस के आधार पर है, अपना भाव नहीं जोड़ना चाहिए। जिस भाव से भगवा ने दिया, पर आप पर भगवान सो गुरु का फर्ज यह है। जो सन्देश गुरु पर पर द्वारा आ रहा है, उसी संदेश को आगे प्रस्तुत किया जाए। जिन्हें की आप अपने विचारों को जोड़ो और गुरु की इच्छा क्या रहती है। गुरु की इच्छा यह है कि भक्त धार्मिक क्षेत्र में आगे बढ़े। गुरु को प्रशंसा होती है। जो वो देखता है कि शिष्य की रूचि बढ़ रही है और ना हमेशा में और उसे दुख होता है। वो देखता है कि विषय नाम से दूर जा रहा है। तो हमारा क्या भाव होना चाहिए, वह भाव होना चाहिए। हम यह स्वीकार करें कि गुरु का जो संदेश है, ये हमें जरूर स्वीकार करना चाहिए। और कहीं भी कभी भंग सोचते हैं। कि सोचते हैं कि अभी, अभी हमने सब सीख लिया है। अब गुरु गुरु के पास जाने की कोई आवश्यकता नहीं। बाबा जी उधार लेते थे। कहते थे कि बंगला में कहावत है? गैलपिंग हॉर्स खिलाडी, ग्रास ऑफ ग्राउंड घोड़ा घोड़ा अगर दौड़ रहा है तो घास पर नहीं खा सकता। तो अगर हम सोचें कि अभी हमें गुरु की आवश्यकता नहीं, तो आपको असली प्रेम स्वीकार नहीं कर सकोगे। अगर कहते हैं कि 3 प्रकार या 3 श्ीनीके हैं। सबसे बेहतर शिष्य तो ये है। वो जानता है कि गुरु को क्या चाहिए, गुरु को। 1 करोड़ दक्षिण गुरु चाहता है कि हायना में रूचि बढ़े। शासन के अध्ययन में रूचि बढ़े विनम्रता का भाव पकड़ हो। तो जो जो उसे उत्तम कोटी का भकिष्य है, वो जानता है। यह है गुरु की इच्छा। तो बोले बिना उसका पालन करना है। दूसरी श्रेनी का शिष्य यह है गुरु कैदा। अच्छी साधना करो में बैठे जॉब करो और सास पड़ो ओके, हम करेंगे वो करता है। फीसेसेरीकसेशहै चाहे, गुरु कुछ भी कहे में करना हो तो ये हमारे ऊपर निर्भर है। आप फोर्थ क्लास से से बनना चाहते हो या सेकेंड क्लास या थर्ड क्लास, ताप में से कौन बनना चाहता है
न।
तो गुरु की शिक्षा में हमें लाभ उठाना चौथा। नाम पर क्या है, meri naya का संदेश है हमारे हिंदू भाई, फैमिली, हिंदू भाई फैमी यह सोचते थे कि ये जो बेजिक शास्ता है, इसका कोई स्थान नहीं। आज के आधुनिक युग में और इन्होंने स्वीकार कर लिया। जब अंग्रेजों का शासन था, अंग्रेज बड़े होशियार थे, जो मुसलमान थे, उन्होंने अपने शासन के समय हिंदू मंदिर थे, उन्हें तुड़वा दिया था। पर बगेज ने क्या किया? आपने स्कॉलर्स को कहा, संस्कृत सीखो, अभी संस्कृत सीखकर। उन्होंने अनुवाद किया, वेरिकर साबित किया। ये जो वेलिक शास्त्र है, मैथोलोजी इथोलॉजी का मतलब है। यह कल्पना है। यह वास्विक में नहीं है। ये जो कृष्णनाम की मिला है, इधर वाले मैजिनी। तो हमें यह विश्वास रखना चाहिए कि ये जो शासन का संदेश है, यह प्राचीन है। और पूरे मानव समाज के लि प्रॉपर्जी के ग्रंथों का अनुवाद 60 से अधिक आशा में हो गया है। उर्दू में भी सीमा पाकिस्तान में सो पापाजी ने यह साबित किया। vedic ज रेलवे टुडे, good go go, हमें पूरा विश्वास रखना चाहिए में पांचवे नंबर पर क्या है और छटा क्या
है
जो शासन क्या गया है? नाम राम के नाम हाईकनाम ने पूछा के विषय में ज्ञान प्राप्त किया था के द्वारा परिवार वैसे में दया की भावना पकड सोचने लगे। कैसे इन पतितों का उधार होगा? उन्होंने पूछा शुक्र ये बताइए किस प्रकार कलयुग में लोग का उधार होगा? उत्तर में ने कहा करे 2 दे राज राजा कलियुग में दोष ही दोष है, पर 1 गुण है। इस कलियुग में क्या है? वो तो हमें ये नहीं सोचना चाहे कि नाम में कोई शक्ति नहीं है। हमें ये ही सोचना चाहिए। अब 16 माला करेंगे प्रसास में देवताओं के आपको पूरा विश्वास होना चाहिए कि है पूरी शक्ति है।
और
16 माला इस मिनिमम मैक्सिमम। कम से कम सोला वाला घर ज्यादा समय है। चौसर माला भी कर सकते। सोना माना जरूर करना। यह हमें नहीं सोचना। महिमा ये गुरुजी हमें और मंसूर की भी जरूरत है। छोटा नाम है, पूरी शक्ति है, कोई नहीं। किसी जाप के बल पर अपराध करना। यह सोचना कि वही शिक्षा हो गई, हम ग्रामीण बनने गए। और अगर हम अपराध करेंगे भी वार को क्या। हमें माफी करना पड़ेगा। भाग जो है, शिक्षा के पश्चात, इसका क्या भाव है? अब नो मोर सीलिंग और पाप में प्रावाजीएकसमय फ्रांस में शिक्षा दे रहे थे। उन्होंने कहा, नो मोर सीलिंग। अभी शिक्षा के पश्चात कोई पाप का काया नहीं करना चाहिए। शिक्षा से पहले हमने अनेक प्रकार की गलतियां की होंगी। शिक्षा के परचार हमें सावधान रहना चाहिए। यह नहीं सोचना चाहिए की हम देखते थे कि ये कर्ष, हमें क्यों आ रहा है। कई बार पूछते हैं कि हम विकसित हो गए, ब्राह्मण बन गए। ये कष्ट किया है? हमारे ऊपर? जम कर शाम को कह रहे थे। हमें भूलना नहीं चाहिए। हमें की। जो हम शिक्षा लेते हैं, इस भाव से नहीं। हमारे पाप मिट जायेंगे। हम नया पाप गए। दीक्षा लेते इस भाव से या पाप के कार्य को त्याग। जो शासक उसको हमने स्वीकार नहीं करना चीतनेमहाप्रपूर। सनातन गोस्वामी को शिक्षा देते हुए क्या कहा? जो भक्ति के लिए अनुकूल है, उसे स्वीकार करो। और जो प्रतिकूल है, उसे कहते हैं भक्ति में सफल होने के लिए। जो भी कीमत भरनी पड़े भरो, कंजूसी मत करो। हमें आदत है बनियागिरी करने के गाँव में जाओगे। क्या बाप है। सौदा हम सौदा नहीं करते। हमारा भाव रहता है। आप से बचे तो अनजाने से कुछ हो जाए। गलती तो अलग बात है, पर जान बूझकर हमें आपके गायन में नहीं जोड़ना चाहिए। अगर नाम पर गाए 8 कर्म कर्म। किसे कहते हैं? 1 प्रकार का पाया भगवान के साथ। हम यही देंगे, उसके बजने चाहिए। कर्म। शाका भाव से सेवा करना, शाका भाव से सेवा करना, न करने से तो अच्छा है। पर सदेव उत्तम भाव क्या है? निष्काम भाव से सेवा सो। यह सोचना कि कृष्णन से भी यह बौधिक सुविधा प्राप्त होनी चाहिए। कर्म है। ये अपराध है। कृष के द्वारा। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं। क्या हमें सेवा 2, सेवा 21 उसे भगवान कहते हैं। जाए लाखों तो कहो या कहो कृष, परम भगवान हमें उनकी होना। तो ये यहाँ भगवान कह रहे हैं। अच्छा यह कह रहे हैं कि में श्रद्धा व्यक्ति को 4 करना चाहिए। सो अब हर 11 सामने महा मंत्र का उच्चारण कर सकते हो। प्लीज महामंत्र का जो घेरा अर्थ हैं, उस विषय की चर्चा में, जब की दूसरे व्यक्ति में थोड़ी श्रद्धा हो। जैसे की अगर आप किसी व्यक्ति को मिलते हो या मुझसे पूछा, नाम क्या है? बता देगा सेलिफरनंबरक्या बता देगा। आप पूछो आपके बैंक में कितना पैसा है? जब शिकार समझाए तो दूसरे व्यक्ति में थोड़ी श्रद्धा प्रकट हो। हम रोज सुनते हैं, क्या प्रतिकूल कार्य है। और अगर हम रिक्शा लेते हैं और ये प्रतिकूल कार्य में जुड़े रहते हैं तो नाम का पूरा लाभ नहीं होगा की आग हम भगवान को समझना चाहते थे, हमें क्या करना है, अपने आप को पवित्र बनाना है, पवित्र कैसे बनाओगे, जो प्रतिकूल कार्य है उनको क्या दिशा देवी हमें भी बन जाए। सिनेमा देखना है, क्रिकेट मैच देखना है, ये करना है, ये भी शोभा नहीं देता। हमें जो स्कूल कार्य है उसे बचना चाहे। दूसरे नाम, दसवें, नाम अपराध का 1 और संदेश है कि हम जब जॉब करें, हमें सावधानी से जॉब करना चाहे। जितनी सावधानी से करोगे उतना अधिक लाभ होगा। आप तेजी से भगवान के कई बार भक्त पूछते हैं या ध्यान पूर्वक जॉब के द्वारा किया। कम से कम जब जॉब करने बैठते हो और अगर आप कर सकते हो तो डेढ़ 2 घंटे के लिए कोई कार्य करो, 1 ही कार्य करो। क्या ध्यान से सुनो आप क्या बोल रहे हो, क्या जवान कर रहे हो? मन भटकेगा उसकी चिंता मत करो। ना। कृष्ण ने कहा कि चंचल मन को सिर कैसे बनाया जाए। पर भक्तियोग के नियमों के पालन के द्वारा आप अभिमान को वश में ना समझे। तो हम सबका यह प्रयास जो पहले 16 माना है, यह आप ध्यान से करो और बाकी जो दिन भर में जॉब करोगे वो आप काम करते करते मोटर चलाते, चलाते, स्कूटर, चलाते, चलाते भी कर सकते। पर 16 माना का प्रयास करो कि आप घर में करो या ध्यान के साथ तो साथ में हमें जिनके पास पड़े जो पढ़े लिखे हैं, पढ़ने की योग्यता है। पूरे प्रॉपर के गंजो को भी पढ़ना चाहिए। ऐसे तो हम गीता मै हमेशा जुड़ते हैं। और पिछले साल मेरिका हाँ भक्तों ने मिलकर 40 हजार गीता से ज्यादा बड़ी थी, वह हमारा प्रयास ही रहना चाहिए। गंध को पड़ेंगे, गंध को पढते हो। भगवान देखते हैं। ये भक्त मुझे समझने का प्रयास कर रहा है और मंदिरों में आप जानते हो मंगल आरती होती है। सो अगर आप मंदिर नहीं आ सकते और मैं जो भक्तों को मिलाकर पुरुषों मे यह पता लगा कि राजस्थान के अनेक स्थानों से आ रहे हैं। सो अगर आपके घर के बाद कोई इस का का मंदिर नहीं है। अब घर में, मंगनातीकररमंगनारती में आप क्या देखते? संसादावाकाउचारन देव जी का उचारनतुलसीीतुलसी, मनाने की पूजा, गुरु, इन काइयों हमें कहाँ करना चाहिए, घर में करना चाहिए। कइयों के घरों में वणिता भगवान जगना की मूर्ति है। पर कइयों के घर में कोई मूर्ति नहीं है। सो फिरो से भी आप बवानका बंदर बना सकते हो और हमें नियमित रूप से वह ठीक से में भूल जाना चाहिए। आप सारे 4 बजे नहीं उठ सकते क्योंकि आपको लेट काम करना पड़ता है, थोड़ी देर से उठ सकते हो। पर हमें ये मंगन आदि विद्या है उनका पालन जरूर करना चाहिए और साथ ही संघ में ना चाहिए। तो आप सब जो दीक्षा ले रहे हो, आप सब दीक्षा दे रहे हो। क्यूँ? क्यूंकि आपकी इच्छा है कि आप भर्ती में आगे बढ़ तो अपराधों से बच्चों और आम रूचि बढाओ और आपका लक्ष्य क्या होना जाए। भागवत सो। हम ये उम्मीद करते हैं कि आप सब सबरों को गंभीरता से शिकार करोगे। यह मत सोचो कि फैशन है गुरु स्वीकार करना। नाम के लिए ही गुरु स्वीकार कर लिया। और हम जो चाय नियम है किसी प्रकार के नशे की चीजें चाय कॉफी भी ने कई बार विदेशों में हमारे हिंदू भाई बहन आ जाते हैं। उन्होंने चाय भी छोड़ दी। चाय कैसे छोड़े कहते है सब कुछ को चाहिए चाय की आदत। पर जी कहते थे अंग्रेजो ने को दिए सो कोई भी नशे की चीज नहीं, जुआ नहीं और कोई नशे की चीज नहीं। और माँ कोई बात नहीं और गेमिंग और ग्रीस आश्रम है। हमारे शास्त्र के अनुसार 4 प्रसिद्ध आश्रम है। और तो रियासाशमदोशब्द हैं यहाँ मेरी गिहामेरीउसेकहा जाता है जो पति पत्नी ये सोचते हैं की काम वासना पूरा करना। 1 जीवन का लक्ष्य है। और गियर उसे कहते हैं जो कि पत्नी के साथ रहता है, बच्चों के साथ। सबका लक्ष्य क्या है तो नियम है उसे आप सब परिचित हो। तो बीएसए को बीएसएल नियमों के आदेश के आधार पर चलना चाहिए। और अगर उसके आदेश पर चलेंगे तो आप भक्ति में आगे बढ़ पाओगे। कई बार लोग कहते हैं बहुत से बंधन है, नियम है वे गुरु देखो दयालु। पूरी छूट दी हुई है। तो श्रद्धा भाषा में क्या कहते है लोग जैसा दाम दोगे वैसा मान मिलेगा ये सुना है आपने भगवान में क्या कहते हैं इस विषय पर ये जितनी मात्रा में कोई शेर में आयेगा उतनी मात्रा में उसकी सुरक्षा करूँगा। भगवान नही कहते है जो घटना को प्रोटेक्ट भगवान स्पर का में में अर्जुन तुम पूरे विश्व को सूचना। 2 भक्त कभी नाश नहीं होता तो आप सब सीरियस हो भक्ति में आगे बढ़ने के लिये। हम जो वादे करते हैं चानी पालन के ये आप कर हो। भगवान के विगरा कैसे पीछे हैं। बोणिताकीमूर्ति भगवान की मूर्ति और प्रभात और अनेक भक्त साक्षी है। और विडियो कैमरा भी साक्षी है। वीडियो कैमरा भी देख रहा है। आपने कहा कि चाहनीकापालनकरे आपको विडियो दिखा देंगे, आपका देखो तुमने ये वचन दिया
था
कोई को ये उम्मीद है गंभीरता से शिक्षा को स्वीकार कीजिये। मैं का भारी योग डिवेलपमेंट के लिए दिया अनेक प्रचारक पंच, राधा सब ने बड़ी मेहनत की है राजस्थान में प्रचार बनाने के लिए। और बड़ी खुशी की बात है। आज इतनी संख्या में जुड़े हैं पाकिस्तान राजस्थान में और बी का भाग वो यूज पीचिंग। उन्होंने बड़ी अच्छी तरह डेवलप किया है। इन सब भक्तों के प्रयास से यह नाम है। वो तेजी के साथ फैल रहा है। राजस्थान में। 1 साल के कोई भक्त नहीं थे, जयपुर में आबादी थे, लोगों ने घर में रहते थे, पास से ऐसे जयपुर मंदिर खुला प्याज। अनेक खेलों में तेजी से पुछा और भगवान को पसंद करना शौटकरकेआयकालोग पूछते हैं। कोई शॉटकट नहीं है आपके शौक आप पुछा करो तो सब पुछा कीजिए हायकृ्ा लेंगे। प्रोग्राम शुरू किया था साढ़े 6 बजे लक्के साथ लोपेज से पहले तो अब हम वर्षों को बना देंगे और दाम देंगे। अब आप सब यह दोपहर तक चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी प्रोग्रामिंग समाप्त हो 5 ट्रेन चाहिए या स्लो ट्रेन तो उस खुशी में बैठेंगे आप जाओगे उनको प्रणाम ना और क्या नियम क्या है वो सुना आप मेरे पास आओगे तो आपको माना देंगे और नाम देंगे साल 1 पर्ची देंगे जिसमें आपका नाम लिखा हुआ है ठीक है और सब नामों में 1 ही प्रकार की शक्ति है माल में यह नहीं सोचना usko itna und m me he prkar sakti der momate है नाम कि है आप समझ गए पहले आप लोग प्रॉपर को प्रणाम करना है पहले ो प्रॉपर की 1 तस्वीर रख सकते हैं और स्कोर प्रॉपर की तस्वीर रख सकते हैं किलर और मेरे पास जमा होगे नाम और बना दूंगा और नीचे जाके अपने नाम हम से बोला ऊपर पर भुलोगे तो ट्रैफिक जायब हो जाएगा
हरे कृष्णा सुन पहले हम लोग जो शुरू करेंगे आपको जिस जिस का नाम होगा आगे 56 में करेंगे 1 का ना और नीचे जाकर अपना मंत्र बोलेंगे
कि हम प्राउड बाल की फोटो रख रखे हैं पहले का पढ़ा
डीडी को उठा के यहाँ
पर
तो अपने स्थान में जाकर बैठेंगे तो फिर शुरू होगा सभी का
यहाँ
पहले प्रणाम rt
leagle name is rana
बट कॉल रात
पहले प्रणाम करेंगे न
क राम या हो जाएगा मुर्ती में
डीटी
नाम सुना से खुशी में जंगाकाजो to will call the name
है
okay
a n log पर चढ़ेंगे stag sncrsanpro,
okay
you ball the name
और 1 बार उपाय बता देता हूँ जिसका नाम मनोज किया जाएगा यहाँ आएंगे सबसे पहले मेरे पास मैं उनको उस प्रश्न पूछूँगा यहाँ उत्तर दे कर के फिर जायेंगे यहाँ विग्रह हैं उनको प्रणाम करके महाराज को प्रणाम करेंगे और अपने आध्यात्मिक नाम और माला प्राप्त करके नीचे जाकर के भार को पड़ा बोलेंगे
नहीं तो शाम तक या रहना पड़ेगा हमारा जो टेन
नेम्स है वो सुधा कृष्ण अनाउंस कर देंगे बुलाने
और माला के बाद आपको 1 पर्ची दी जाए जिसमें आपका नाम लिखा
re kishna पहले 10 है अगम जैन अजय कुमार आलोक उपाध्याय, अनिल गुप्ता, आशी किशोर, अशोक कुमार, गोयल अविनाश, मोहन सिंह शेखावत मेरा नाम चौधरी भूपिंदर रावत 10 भगादे
सुबह सूरज के रोटी किया
लास्ट में देंगे
आप सभी को ऐसे घूबलगेआना है पीछे से आना rame
भी कर सकते हो और call the name
इस सिक्स आइये अगम जैन अजय कुमार अलोक उपाधयाय
आगम जैन जयपुर सेवा आपका ध्यान में नाम है ध्यान में राम है गनी पूजा, पूजा भगवान विश्णु का
c a name of lord vishnu which means is visible god।
विश्नू का नाम है आपका नाम अजय कुमार जोधपुर से आपका ध्यान देंगे ध्यान दे है अजया रमाकंत 10 माना है बड़े his आपका ध्यान 10
पर
और
जोर से और जोर से गरज प्रभु
ठीक है राम मंदिर नीचे जाकर अनिल गुप्ता जयपुर से आपका ्यात्मिक नम है। अनिला जगराज 10
प्रभु
तोड़ 2 न
धागा तोड़
मोबाइल गिर गा
या नाम
ashish ji viprap्रभुcअशोक कुमार
शी आशीष के शीष अर्थ है संतों का आशीर्वाद अशोक कुमार गो अक्षय कुमार गोल आपका है शोक
कॉल पर है भगवान विश्वसा रहते
हैं
चंदन पजापति संदमनकछवाचंदर कुमार चंद्र, प्रकाश जामीर दिवेश मोटवानी धीरज भीरी धीरज कुमार राम धीरज शुक्ला। kumar les s on going the get a bagan going
shecotbgan
भगवान चरण प्रभु की, भगवान के टीवी जो पूर्ण को नहे।
meरामcwलiोपुr ram is we रावल भूपति गौर
भगवती गोरे प्रभु की, who mas
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बोझ
भगवान श्री कृष्ण जी के 4
बुजाहक्र
चं्रतपरभुधकभगवान, श्रीकर्ण चंद्रमा के साथ है
प्रकाश जयपुर ऐसी श्याम दास
भगवान श्री कृष्ण प्रकट हुए
आपका
भगवान बलराम जो समस्त दे के राजा है, ने 10 बता दें दिवांशी दिवान को संगेरा गंगाराम जोंग गोधन हरी प्रकाश शर्मा हर्ष पुरी हर्षित भेरवा हर्षित शर्मा हिराराम राम दास
वित्त व्या
आपका ध्यान नाम है आपका ध्यान नाम है केशवदास
के जो प्रभु के धुर परीक्षित प्रभुजी की
जड़ और
शक्तिशाली पर
धीरज
धर्म परायण प्रभुजी की, धर्म के समस्त होगा आम करता हूँ
okeरजकुमarjaपु der omar
भीरा पुशोदनदासपुशोदम प्रभु की वा भगवान
क्या नाम क्या नाम दिनेश जोशी उदयपुर से, उदयपुर से दिनेश जोशी उदयपुर से देविया गोकलेश्वर दास अर
rbukintarthenamकa divi krishna
जल्दी anjuna जयपुर से ओ आपका धारमिक नाम है जे भेजे गुणांगादारिविजगुरांग
प्रभु
भगवान चेतन coconcorbysexcidenc
devioशाक्शीलाज सकते हैं
देवि भगवान राम जो सब की आत्मा के परमात्मा के रूप में गंगाराम जंगीर
गंगा राम जागे जोधपुर से आपका अदिहालविक नाम है गंगा राम क्या नाम क्या
नाम
जोधपुर से आपका ध्यान में गंगा। kirti
yong kirti prbukinepsto the fame of
ganga
गोरा गोरधन या गोरधान आप जोधपुर से आपका ध्यान विना गोवरधन मोहनदास goa
2 प्रगोग धन उठाया
prकाशsrमा hi
hai antran prbudipehoangn associat krishna हुकम सिंह जेसा जेएंपियास जीतेन्द्र कुमार जितेंद्र कुमार चौधरी, किराज चन्द्र, कमल कुमार स्वामी, राम सिंह रापोनयाअपसोमीजयु
ऐसी आपका हाल नाम है हरीश रानरादस्रोहरीश
प्रभु के हमराज देव जो प्रात महाराज के प्राण देने कम है सभी उसका के साथ हरी बोल बोलना चाहिए
s hi sharma muरदiजास
10 ग्रेड हरियर बुद्धि प्रभु समरू नवदीप मे हरिहर क्षेत्र में health form of hrer in her क्षेत्र from
हे era de i am
hai ya raमदaलदिसदेश हे माया राम प्रभु ही गोल्डन पल
जयपुर मिलता है
थोड़ा में भगवान मन क्या है
coming
रमेश प्रबोजीगर्वसवर प्रकट भगवान बलराम जिन्होने हल उठाया
पहले जय देव माधव प्र
helo
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gopasगोपेप्रभुजी की
जमा
ग्रेड जे गोपेश brभुdiinc
जीव
सब प्रभु जी भगवान श्री कृष्ण शक्तिशाली है और भक्तों के आश्रेताता रेस जीतेन्द्र मुकन्द प्रभु धीके ये भगवान मुकुर निकले हैं जिन्होंने समस्त बंदियों को अपने
रखा है
क्या नाम
हराम
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gras tomlokशo प्रभु जी लाइक लोटफलाजजआलिसकअगले बस आ जाइए कार्तिक भाटी कौशल महात्मा किशोर राणा कृष्ण राज कृष्णा राम कुलदीप शर्मा लखन, सोलंकी मागुरा महिपाल सिंह मारन स्वामी
कराई किशोर
हेजेज कराई the young boy the night is love records
प्रसाद
कृष्णा प्रसाद कीरती भगवान श्री कृष्ण के महाप्रसाद
की म sa
हीज ग्रेज
कहा से बाटी का से लीला दास
gatiilaprbojei ps time। of krishna in the month of car
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कौशल नरेश प्रभुजी की भगवान श्री रामचन्द्र जो 1 क्सपर्ट राजा हैं लक्ष राजा है
किशोर कराती जनादनदाअरिय
इस ग्रे गुलपती जनापन प्रभु जी की भगवान श्री कृष्ण जो असली में सब चीजों के सार है समस्त बैलिस्टि जो मालिक
है
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krishna reswrdailisgas krish राजेश्वर प्रमोदी भगवान श्रीकृष्ण जो राजाओं के ा
krishna
कृष्णा रमनिया प्रबुध
हैं कृष्णा ने दशनाम में बोल रहा हूँ आप आ जाइए मनोज मनोज कुमार वर्मा नरेंद्र कुमार गर्ग नेटोलपाटीदाल नवीन अग्रवाल निकले श्रोडिवाल निशु परमचंद पारस नेपाल pomankomatrana
gulli forty gulepsharmayutol on केशव
हीज ग्रेज कुंज बिहारी केशव प्रभुजी mishra who had to vendors name first
ashra laxman ashwar
greve prabudihiladrama the master lexan
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महू राम महू राम
जोधपुर से मोकीना रामदास मुकिन प्रभु जी की not a give the real deration ypाnntदaअनंदपबुजी भगवान ब्राजोस पुरे ब्रह्मांड का मैं
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दगलीजराजजगलिज प्रभु कि अरे मिश्रा जी का नाम है हीज द्रेज main dgesicisnaemast
ho universe gokolे
देश मनोरम गोगले समधी बोलने में कंजूसी कर के स्पेशल जीतते हैं jos everyone in gokul
manoj burari बिराम दास
हिरेश बुरारी अभिराम प्रभु जी की थैंक सरम कृष्णा narendra kumar
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रेस नार लक्ष्मी प्रभु जी जी लौटना मास्टर मदन शमी
नंदलाल लाल
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नवीना मीना जो नवीना देव मीना
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नाम में बोल रहा हूँ आप जाए पूनम सुधार शुवाती शर्मा प्रतीक बसिता प्रोनिता पुष्कर कुमावत राधेश्याम दरोगा राग अग्नीहोत्री राजेंद्र सिंह धोलिया राजेश दांगी प्रभु राजेश गुप्ता
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इस सभी प्रभु जी की बुद्धिमान भगवान चेतन
लक्ष्मी पति दान
हिज्रे लक्ष्मी प्रति प्रभु जी की आप लोग यहाँ
बोल लेंगे
krishna hasan oflxmyspren spritual happines
राम विजय 10
he s परशुराम विजय प्रभुजी टोरी परशुराम भगवान
मंडी मैं पवन सर्वेश
हेजेज पवन श्रमणा सर्वेशा पवन सर्वेशा प्रभु जी की है misrागऔपूनमपूनम
आपका ध्यार पूनिया श्रावन लाल
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शर्मा
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hes gras prabasrmprbugi for gums of lord rama for his selvon
आपको याद प्रभाश
तिरतदाशप्रभाशनाम कृष्णा
क्या नाम नेता जयपुर जयपुर नेश्वर श्यामला
his ges sham rabodi bodies
पुरुष्कार रक्षा राज
हिजबे पुरुष का रक्षा हर प्रहुजीकी मorvssreprपीज पुश को
सिटी फोर हो गया
है यह अभी यह अभी सिटी
आगे मैं नाम बता रहा हूँ राजेश शर्मा राजकुमार शुखार रमेश महावर रामनारायण शर्मा रतन जाना रोहित सतीश शंभू शशिकां गु स्वामी श्याम सुंदर शर्मा
ने श्याम आनंद रि
हिजरे राधे श्याम आनंद p्rभुjekiranwowiv happines राधेशामआपकनाम
रागावs rago
रागो सोprुजीti no ram
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हे द्रेज राजेन्द्र ब्याम प्रभु धीहमंसीपुल बलराम
पुर से ध क्या नाम राजेश पर पानी हेल नाम है रजेद्रना
his gras radnsrangiwidout origin balarama is रेगोपाती tejuswdasrbupati tesy prbudnorhrm
संटजोुरसीआपकाधहान नाम है राजेश्वर पूर्ण
राजेश्वर पुरण प्रभु जी की
कॉल
कॉल कर उन्होंने कॉल
किया
नए नाम को बुला रहा हूँ आप आए सुनील कुमार मोरिया सुनील माली सुरेश सैनी सुरजीत सुशील चटा तेजस तिलक वर्मा तुषार सोनी उमेश पटेल उत्पल सरकार
गो ला
bed rupan gohari prmudikihohadsom lardtoप
रामेश्वर महावीर दान
हिज रामेश्वर महावीर प्रबुधीकियय the most bra and master of everyone
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ram narnsayodfo आपका हमको बड़ा अच्छा नाम लिखे, नाम है राम नारायण
राम नारायण भोग loom
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रेस रत रुडा प्रभु
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10 मिनट के बाद
10 मिनट बाद भारत ने कहा, थोड़ी देर के लिए रिलेक्स
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साथिया दामोदर
सत्य दम
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साथी मनोहर pरबुजी
शाम सुन्दर sharma saमसुnदरsharma शाम सुंदर जीवन ये
हिज्रे श्याम सुन्दर जीवन प्रभुधिगिमदराधारानी के प्राण भगवान
श्रीकृष्ण सुंदर सा
सुन्दर हैंड सम कृश्णा
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जयपुर सुरेश्वर
सुरेश्वर गौरव प्रभु जी भगवान चैतन्य जो समस्त देवताओं के राजा है
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सुन्दर प्रभुजी की
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asia prbudibi शक्तिशाली
भगवान नसीबंगाकन
इस त्रिभंग कनाई प्रभुजी की सुनकर भगवान कृष्ण जो प्रभंध के रूप में खड़े रहते हैं
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मिल कैटेगरी ठाकुर विकास बोले लोग विवेक शर्मा hi log
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सरकार महा महा प्रभु जा
उठत महाप्रभु जी महा प्रभु प्रभु जी की है
मैं ध्यान में विमला अर्जुन
हेज द्रेज विमल अर्जुन प्रभु जी के पवित्र और शुध अर्जुन नाइंटी
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नहीं मतलब बुला लिया
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विनम्र देवेश p्rपुजीके krishna the master the day
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इसे विक्रम करुना प्रभुजी की मजिगप्रशुराविनय
मेरे भोजन कुल मंडी me busnmndieboan
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हर हर हर हर हर केशा beta gusa
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जो हवा पत्नी आपको सत्ता में मिली है उसको कोई लगे
नहीं
बैठेगे किधर के पुरुषों के नाम रहते हैं बाप से मिल रही है
रे, माता जी को बुला रहा हूँ
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रमामatाजीआशादेवी आशा जाजोरिया बाला माता जी नीना गुप्ता भगवती अग्रवाल भवरी देवी भाविका पवानी भूमिका गौर टेंशलमदरजी चंद्रमती
a माताओं
को पता है
महाराज के भजन व प्रधान मंत्री और 4 नियम for probe ram go okay you calling the name a a क्या नाम है जो ऐसी देती प्रेस्ता देवी निविदा
e gras har
ाली दीदी
मताजी
supreme le advance god and mother of delo
a
a sa janvi
हरि आज से जानी माता जी,
माता जी को भी 1 फर्जी दी जाएगी, जिससे उनका नाम लिखा अंग्रेजी भाषा में अंग्रेजी नहीं समझते तो फिर बच्चे
सेंटर ऑफ जानी
isake
देवी माता जी की ह privet
jotuेशवरीरोइनी devi
बादेश्वरी रोहिनी देवी दासी माता जी की
आपको जो
है उसके बाद प्रभु जी से आपका
से आपको कंफर्टेबल है राम राम
आराम
से नाम क्या मीना गुप्ता जयपुर से आपका बिमला पार्वती देवी दासी
बिमला पार्वती देवी माता जी की
रहती है नाम
क्या भागवती
भगवती अग्रवाल भगवती इंदर लेखा देवीदास
हर
1 छोटी बच्ची यहाँ पर
हो रही है उसकी माँ का नाम है बनिका, नाम है बनिका उसकी मम्मी यहाँ पर है तो छोटी बच्ची है
माताजी का नाम पुकार रहा हूँ इंद्र
लेखा देवी दासी माताजी
दिनेश कुमारी दोषी दुर्गा पालिवार गंगा चौहान माताजी वशिष्ट माता जी गुरु देवी माता जी जान माताजी इंदिरा सक्सेना माताजी पागल चट्टा कामना शर्मा
मत भगवती हिंदू लेकर का अर्थ है हिंदु प्रोटेक्स वीवो लाइक मदर brahman a
man
man
made a नि
भागवती देवी दासी माताजी की
भाविका भवानी आपका आधारिक नाम है भानुमती कमरा देविदास गलती आपका नाम है भाविका 1 एश्वरी देवीदास अरि
भग्या इंदेश्वरी देवी राशी माताजी की
भूमिका मिलवाया ऐसी भक्ति साधना देवी रासी
भक्ति साधना mata
to please
god
mata ki
has always in for cishculena लक्ष्मीप्रिया देवी
चन्द्रिका, लक्ष्मीप्रिया देवी दासी माताजी की very dertogushnnd
he jo hai devient
माता जी की जा about of shri krishna
पानी यमुना देविदास
पावनी यमुना देवी दासी, माता जी की हो यमुना देवी is to the
परिवार जयपुर से
durga mata ki maa
जोधपुर ऐसी
गंगा जमनी देवदासी मताजीक dico
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हीर धारी अरोध्या देवी राती माताजी की राधारानी कृष्ण
मैं आगे और नाम कमला वरुणा कौशल्या देवी माता जी किरण माताजी राजगढ़ किरण पर पजापति कीर्ति चौधरी ललिता माता जी ममता सोनी मनीश रावल मंजू कर मंजू कुमारी
गुरु सेवक
र guru mata guru बंद mata
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mani deviasimataजi esistente godin
सीता बदामी
देवी जी, माता जी भी
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rirशोरी धन्य देवी दासी माताजी की
लारा मंजू शर्मा बिताने मरुधर माताजी मीना देवी माता जी मीनू कर माताजी मीना स्वामी माताजी पजमाकवरमाताजी पानी देवी माताजी पूजा अग्रवाल पूजा कुमारी माता जी को माता जी
ललिता, आनुबदेही देवी री, माता जी के ऑल मरसीफुरललिता
ममता मई बिदिता देवराज सी
ममता
जी माताजी
special name, manish subadadevi
मानसी सुभद्रा देवी राजी माताजी
रा,
मंजरी उत्तमा देवी जी maताजीkiहoser assistent ho
weber, i had a a a name आप कुरु से
रमा देवी दासी जी कॉनफिटेंशन असोस
manjali lachi
मंजू लाली लक्ष्मी देवी राजी माता जी की
मरूध
सुरेश्वरी देवकी देवी
दासी, हरिहामदरेश्वरी देवी की देव
मिना देवनानी नाकी आमना देवी
मिनाक्षी देवी जी माताजी की
namjotpurm भइनी विशाखा देवी राजी अरे
मोहिनी विशाका देवी राशी मदोजीकी आकाश विशाका go
nीnaपदमालेवरसी हरि
नीला पदम देव राज माता जी के राधारानी जी की आँखें
जयपुर से परमावती ऐश्वर्य देवी
नीति सुमेरिया माता जी, प्रेम कर माताजी माताजी राजकमल माताजी रजनी माता जी रजनी डी रामा पटेल माता जी रश्मी शर्मा माता जी, माता जी,
ऐश्वर्य देवी माता जी की
पानी देवी प्रिय चंपा कदता देवी दासी
priya mata
puja पूजा हेमांगी
वो हेमांगी देवी राखी माता जी की है
बहुत गर्मी होगी हवाई रही चिंता की धूप बोली बहुत अच्छी हवा चल रही है के बैठे हुए priya saki brinda
बंद सी माता जी, भगवान शिव ि
पूजा
नारायणी देवी दासी, हरिना देवी दासी, माता जी की है पवित्र है
क्या नाम
है पूजावती सची देवी दादी गा।
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