श्री नित्यानंद कथा | नित्यानंद त्रयोदशी विशेष| 14 Feb 2022 | ISKCON Juhu | Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

In this segment of the ISKCON Juhu Nityananda Katha, speakers A and B engage in a multilingual devotional dialogue that weaves together Hindi, Urdu, Sanskrit, and occasional English. The conversation centers on practical spirituality: how devotees can confront and transcend maya (material illusion) through sincere bhakti (devotional service), daily chanting, and adherence to the guru’s instructions. They stress the necessity of regular practice, describing how consistent devotion purifies the heart and strengthens one’s ability to serve the Lord. The speakers elaborate on the role of preaching (prācāra) as a means to amplify divine mercy, explaining that spreading the guru’s message aligns the devotee with divine will. Guidance is offered on seeking counsel from senior devotees, managing one’s time to balance study, chanting, and service, and recognizing divine grace (kripa) as both a support and a test of character. The dialogue also touches on taking shelter (śaraṇ) in Lord Nityānanda and Krishna, and outlines four underlying causes of spiritual distress, offering remedies rooted in scriptural teachings. Throughout, the tone remains earnest and instructional, aiming to inspire listeners to deepen their practice and rely on the guru’s guidance.
Chapters
ہمیشہ آمیگیہ
آمیگیہ एक्रिष्टा
करुणासिंदु भीनबंदु जपने
ताप्ता
कांचना गोहरांगी जाईशी कृष्णाच्छेतन्या प्रभोनितनन्दः शुरीयाद्वेदगदार। हरे कृष्णा, हरे कृष्णा।
कृष्णा, कृष्णा, हरे, हरे, हरे, राम, हरे,
राम, राम, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, राम, राम, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे, हरे हरे कृष्ण से ही
कृष्ण नावद्विपे श्री चेतन्य चंद्र से ही बलराम संगे श्री नित्यानन्द से ही कृष्ण नावद्विपे श्री चेतन्य चंद्र से बलराम संगे श्री नित्यानन्द से बलराम संगे श्री नित्यानन्द शब्दात शब्दात से कृष्णा मूल कृष्णा नवद्वीपे नवद्वीप में स्री चेतन्य चंद्र भगवान स्री चेतन्य महाप्रभू से बलराम वे भगवान बलराम संगे उनके साथ श्री नित्यानन्द भगवान नित्यानन्द अनुवाद वे मूल भगवान कृष्ण नवधीप में श्री चेतन महा प्रभु के रूप में प्रकट हुए और श्री बलराम उनके साथ श्री नित्यानन्द प्रभु के रूप में प्रकट
ह
नवदीप में श्री चेतन महा प्रभु के रूप में प्रकट हुए और श्री बलराम उनके साथ श्री नित्यानन्द प्रभु के रूप में प्रकट हुए अभी हम शलोग 204 बढ़ेंगे उसी अध्याय का जय जय नित्यानन्द चरण आरविन्द यहां है थे पाईनो श्री राधा गोविन्द जय जय नित्यानन्द चरण आरविन्द यहां है थे पाईनो श्री राधा गोविन्द शब्दात जय जय जय जय जय नित्यानन्द भगवान नित्यानन्द की चरण अर्विंद चरण आर्विंद यहां होईते जिन से पाईनू मैंने पाया श्री राधा गोविंद श्री राधा और गोविंद का आश्रे अनुवाद भगवान नित्यानन्द प्रभू के चरणार विंदो की जै हो क्योंकि मैंने उनकी कृपा से श्री राधा गोविंद को प्राप्त किया है। अनुवाद दोहराये भगवान नित्यानन्द प्रभू के चरणार विंदो की जै हो क्योंकि मैंने उनकी कृपा से श्री राधा गो� Shri Narottam Das Thakur, जो अपनी काव्यक्रिती प्रार्थना के लिए विख्यात हैं, उन्होंने अपनी एक प्रार्थना में शोक व्यक्त किया है, भगवान नित्यानन्द कब मुझ पर कृपा करेंगे, जिससे की मैं सारी भौतिक इच्छाओं को भूल सकुंगा। श्री नरोतम दास ठाकूर पुष्टी करते हैं कि जब तक मनुष्य शरीर तथा इंद्रियों के आवश्यक्ताओं को पूरा करने की भोतिक इच्छा से मुक्त नहीं हो जाता तब तक वह भगवान कृष्ण के दिव्य धाम बृंदावन को समझ नहीं सकता। वे इसकी भी पु एक अन्य श्लोक में नरुतम्दास ठाकुर ने कहा है कि नित्यानन्द ब्रभु की अहितु की कृपा के बिना कोई राधा तथा कृष्ण की लिलाव में प्रवेश नहीं कर सकता।
तो इन दो श्लोकों में आपने पढ़ा है कि यही बगवान शिर्किषन परकेट हुए हैं च और प्रभु नित्यनन्द में हिदे की मया दूर हो सकती है आज भी आप लोगे बज़न गा रहे थें श्री किष्ण चेतन प्रभु दया करो मुणे श्री किष्ण चेतन प्रभु दया करो मुने वह भी नके द्यालु जगद संसारे पदित्वबान हे तु तवा हो ताला मुझ کرپا کرو کانو پورے ہمیں بول لوں گے تو نوطن دور ساکھور نے اپنی ادنی گرشناوں میں یہ استابت کیا ہے کی بھگوان چیف کشن بارہم پرکت ہوئے ہیں کس روپ میں نیتین مہربابو اور نیتین اندھا کے روپ میں تو اس پرسید بھجن میں کیوں کہ کیا کہہ رہے ہیں ہاں پرابو نیتین اندھا پیون اندھ سکھی भगवान निते नन्दा आप अनन अनुभव कर रहे हो नित्या नित्या का क्या अर्थ है सुनातन अनुभव का क्या अर्थ है अनुभव तो आपने भगवान निते नन्दा के शर्णगत हुए हो तो आप खुशी अनुभव कर रहे हो तो आमी बोलो दुखी मैं जो हूँ वो � तुम्हें शब्दों में तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम्हें तुम तो उनके पग़त होने से पहले अपने सिनाधन साथियों को भेज रहे हैं। जैसे की चीदर महा प्रभून के पग़त होने से पहले उनके सिनाधन साथियों पग़त हो रहे थें। सची मादा बड़े भाई बादराम और उनके जगह में सुना इश्वरपूरी اور اگر اچھا آیا تو بھگوان کے پکٹ ہونے سے پہلے اُن کے ناظن بھاگ پکٹ ہوئے تھے اور بھگوانی تین اندھا کہاں پکٹ ہوئے تھے؟ ایک چکر میں بھگوانی تین اندھا نے شروع سے اپنی ادبود لیلوں کو پکٹ گیا کئی بھی اگتی اس یق میں دعویٰ کرتے ہیں کہ ہم بھگوان کی افثار ہیں اور ان سے جب پوچھا جائے آپ کوئی دیوی لیلہ پکٹ کر سکتے ہو تو اس میں وہ ایسا فرق رہتے ہیں تو بھگوان لیتے تھے اندر پکٹ ہوئے تھے ایک چکرہ میں اور ان کے پتہ کا نام تھا خرائی پندر اور مادہ کا نام تھا پندر مسیح भवाने दिन नना शुरू से ही अभी देवलीला परवध कर देते हैं। उधारन के लिए, जब वो छोटे थे, शापान छे साके, तो वो उन्होंने अभी मितों के साथ क्या किया? उन्होंने पहले कृष्ण लीला के नाटक के। गोवधान परवध को उठाया और जो कृष्ण اُن کی چرچہ کرتے تھے اور وہ اُن کے پر ادھارے ناٹک پر سُٹھتے تھے اور جب لوگوں نے دیکھا کہ کتنی لیلہ پکڑ ہو رہی ہے کریشن لیلہ پکڑ کر رہے ہیں رام لیلہ پکڑ کر رہے ہیں تو ایک چھکڑ کے بعد آشکری چکیت ہو گئے تھے ہم نے تو انہیں سکھایا بھی نہیں ہم نے کبھی ان بیچوں کی چرشہ نہیں کی جسے کون سکھا تھا کیسے اس کے بارے میں یہ سب کیا ہے اور نیتہ ننہ جی کیا کہتے تھے یہ میری نیلا ہے میں انہیں جانتا ہوں شروع سے ہی وہ دیویہ نیلا پہلے بارہ ساروں کے لیے بھگواں نیتہ ننہ कहاں थें एक चक्रा में और वो अपनी देविली जब प्रगट कर रहे थे। कृष्णी जब और राम जब प्रगट कर रहे थे। बगवान इतने अंदा प्रगट होए थे लक्ष्मन की रूप में भी. जब बगवान राम प्रगट होगे थे बगवान राम प्रगट होगे � प्रितेनान्दर जी प्रकत हो इथे लक्ष्मन की रूप में और जब भगवान क्रिशन प्रकत हो इथे तो भी प्रकत हो इथे किस रूप में आराम की रूप में लक्ष्मन था चोड़ा भाई जब लक्ष्मन चोड़े भाई की रूप में प्रकत हो इथे उन्होंने देखा कि जो भी उनकी इच्छा है सेवा करने के लिए पर उन्हें रोका जाता है। क्योंकि जब लक्षमन जी भगवान राम प्रित्तिपत थे तो लक्षमन विद्धें तेज़ थे। मुझे पथा था भगवान राम की हार इच्छा को कैसे पूरा करना। और सीथा रेवीं उनकी � تو اُنہوں نے احساس کیا جو سیوہ کو کرنے جاتی ہے اُسے پہلے لاکھمان کر دیتا ہے تو سیتا نے کہا میں یہاں رہنے کا کیا فائدہ ہے کوئی سیوہ تاں ہے نہیں میرے لئے جو بھی سیوہ میں کرنا چاہوں لاکھمان پہلے کر لیتا ہے تو دونوں گئے گروہ کے پاس اور مغل رام سنگھر میں تھے اُنہوں نے کہا کہ میں لاکھمان کو سیوہ دوں گا سیتا کو خوش نہیں ہوگئی. سیتا کو خوش نہیں ہوگئی تو لکھوں نہیں ہوگئی. انہوں نے کہا چلو گروہ جی کے پاس. گروہ نے نہیں دیا کیا کہ جو گھر کا کام ہے سیتا دے دی گئی. اور جو بھار کا یت کا جنگہ کا اور کام ہے وہ کہیں دیں گے لکھوں نہیں ہوگئی. تو لکھون جی चोड़े भाई के रूमें प्रगट हुए थे जो भवान राम प्रगट हुए थे तो उन्होंने अगर इस जनन में कहा जो भवान प्रगट हुए थे कृष्ण के रूमें अब इसमें मैं उन्होंने बड़ा भाई वन गया है चोड़े भाई के रूमें मैंने बहुत डार खा तो पहले बारा सानों के लिए जिजिनेन भगवान एक चक्र में थे और वो अपने साथियों के साथ मिलकर ब्रामा करते थे कृष्णवीरा के बारे में रामनीरा के बारे में जब वो बारा सान के थे एक भक्त लक्ष्मिन शुंतिर साथ एक सांथ आये थे उन्ही घर में रहने के लिए वो हराई पंदेन दे बड़े हुस्सा से उनका स्वागत किया और कहा ये साला घर आपका है जो वो भी चीची है आपको आप हमें कहना तो नितिननन थे बारा साल के तो नितिननन ने تو اس سوامی نے کہا میں ابھی تیز کے سہانوں کی یاطرہ کرنا چاہتا ہوں اور میں اکیلے ہوں اگر مجھے آپ کے بیٹے جیسا کوئی سہائی یوگ دینے والا جگدی مل جائے تو میرے ہاتھ میں بے پری کامہ زیادہ سہانی سے ہوگی میں آپ سے بندی کروں کہ آپ اپنے بیٹے کو میرے ساتھ بھیجو تو ہائے پندر، اُن کا بڑا گہرہ آکرشن تھا بیٹے کی طرف اور سارا دن اُن کے ساتھ وہ رہتے تھے۔ تو جب لکھمی پتی کہا کہ آپ کی بیٹے کو میرے ساتھ بھیجو، وہاں سے تو اُنہوں نے کہا، ٹھیک ہے، کیوں پہلے کہہ چکے تھے کہ جو بھی آپ کو چھوئی ہے آپ لے سکتے ہو۔ پھر جب انہیں کہا کہ آپ کا پیٹہ میرے ساتھ چھڑے۔ وہ شوک پر آ گئے۔ اتنی دکھی ہوئے۔ اور وہ بھگوائی نے کہا کہیں؟ یہ تیر کسانوں کی یات ہے۔ تو جیسے آپ دیکھتے ہو جب بھگوائی رام یہ بگوڑ رام کی سابنا کی تیاری ہو رہی تھی تو کہتے ہیں انہیں آگے کیا جائے یاد ہے تم نے مجھے دو باتوں کا وعدہ دیا تھا تم نے مجھے دو باتیں ہم سکتے ہیں میں چاہتی ہوں کہ رام کو بھیجا جائے جنگل میں چودھر سالوں کے لئے اور میرے بیٹے بھارت کو راجگدی دی جائے۔ سدھشت جب یہ سنا وہ ایک دم دکھی ہو گئے۔ یہ کیسے ہو سکتا ہے؟ پھر وہ نے اپنے محچن کا پانک کیا۔ اسی پرکار ہڑائی پندت جب ہڑائی پندت نے سنا کہ یہ جو یاتری ہے یہ چاہتا ہے کہ انہوں نے بیٹا جنہوں نے کہا جائے تو بہار سے تو انہوں نے کہا ٹھیک ہے ٹھیک ہے پھر اندر ہدے میں بہت دکھی ہوئے تھے اور انہوں نے بیٹا چھوڑنے کے پسند انہوں نے پتا ماتا انہوں نے کہا دیان ہو گیا تو جیسے آپ پڑھتے ہو ریویوز ہو رہا تھا کروشیٹر کا پھر ہم نے کیا کیا پھر ہم نے تیز کے یاثروں میں سامنے کی یاثر کے तो भगवाने दिननन्दा पेरे बारा सालों के लिए अपनी दिवनीदा पकड़ की एक चक्र में और इसके पचाद आगे के 20 सालों के लिए उन्होंने इद के सालों के यात तकी तो इद के सालों के यात तकी तो भगवाने दिननन्दा क्या है पालड़ने के यात तो गब्बा और उनकी जडीरा है विद्धिवियों में हैं। तो 20 साल के लिए उन्होंने तीर के सानों की आता किया। तो जब... तो... बगवान तुननना। उनके मन में एक ही भाव था क्या? माप्रवुर्गी सेव। ये सब उनके माद। जब बगवान प्रगट होते हैं, اُن کی پکٹ ہونے سے پہلے اُن کے سنادھاں ساتھی پکڑ ہو جاتے ہیں۔ جیسے کی عدویدہ چاہیئے، عیشور پوری، رام چندر پوری، سچی ماتہ، جگنات مصرہ، عدویدہ چاہیئے، یہ سب بھی بھگوان کے سنادھاں ساتھی۔ چیتی نماز پھر اُنہیں بھی اپنی دیویلی نماز پکڑ کرنا شروع کر دیا تھا۔ پچھے دن آپ کو گیننے کے لیے آئے ہیں تو بھگوائی نیتی نندہ جب 32 سال کے تھے وہ پہنچے یہاں تک کہ گئے کہاں پہنچے؟ پہنچے نمبردے میں اور جب نمبردے میں پہنچے تو کس کے گھر تھے؟ نندہ چھائے ہمارے مایا پھر مندر کے بے کل نکت ہے اور مہا پھر کو پتہ تھا کہ کیا پتہ تھا کہ نتائے کہاں پہنچ گئے ہیں وہ پہنچ گئے ہیں مائے پہنچ گئے ہیں تو انہوں نے پہلے ہائی ڈاس اور شریف آس کو بھیجا ہائی ڈاس ہیں بادام جی کے افتار یہاں اس شہر میں ایک بہت پسند سندھ پہنچ گیا ہے میں چاہتا ہوں کہ تم انہیں ڈھونڈ کر لاؤں۔ تو ہم نے اپنے سندھ پہنچ گیا۔ चेते महार पपा को पढ़ा था कि ने तेले अंदर आप पहुंच गई हैं कहा? नमदेव में उन्होंने हाई दाल सोर शिवास को बोगडा घर घर जानके जुणना एक महासंद आया है उन्होंने मेरे पास लाना हाइदास और नितिननडर हाइदास और शीवास घर घर गए उन्हें ऐसे प्रसित संत से परिजिन नहीं हुआ तो उन्हें आकर महाप्रभू को कहा अब घर घर गए पर हमें खाम भी नहीं मिलें महाप्रभू ने क्या कहा मैं कहा हूँ चलो मैं आज चाहता हूँ اپنے بھکتوں کے ساتھ پہنچ گئے یہاں کی بھگواں کی نندت ہے وہ کہاں تھے نندت شاہیہ کے عمد میں وہاں ایک بڑا سندھر وگیچہ تھا اشودیا اور مہا پربو جب آئے وہ نے ان کو اکدم پچھان دیا ان کو پتا تھا کہاں وہ ہیں مہا پربو چاہتے تھے کہ उनका जब मिलन होए निर्थिनन्दा के साथ तो एकांत में होए। तो भगवाणिर्थिनन्दा और महाप्रभू ने कहकी ना आयें, एक साथ भी पड़ती हैं। और भगवाणिर्थिनन्दा, उनके मन में सदा एक ही बावसा, कृष्ण की सेवार। तो जब महाप्र� ہم شیوہ سنگھر میں جا رہے تھے کیا کرنے کے لئے آرتی کرنے کے لئے ہی نہیں دینا ہوگئی اور جسے نالا نے کوئی آرتی کا پیار فنیل نہیں لے کر کسی ہی آرتی کر دی آپ کو پیچھے سنائی دے رہا ہے کلیئرلی تو پھر جڑچہ ہی تھے میں آپ کو نیتے ننڈا کو عادت دینا چاہتے تھے وہ انہیں لے جا رہے تھے شیوہ سے گھر میں سب پیار پھنے لیا بیعات پجا کا عارضی کا اور مہا پربو عارضی کی تیاری کر رہے تھے پھر نیتے ننڈا نے کیا کیا انہوں نے آ کر اسی پجا کے اس محصول سے مہا پربو کی پجا کے तो निते नन्दा और महा प्रभु की एक लिवा हैं। तो चेतने महा प्रभु पगट हो रहे लेकिन इस लिए पुरीतों को उदहार कर रहे हैं। तो चेतने महा प्रभु ने अपने एक दिन निते नन्दा हाईरास को उला कर कहा कि तुम हाईरास निते नन्दा खै कर जा क लोगों को सिख्षा दो क्या संदेश? बोलो कृष्ण माजव कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण کہ یہ نے سفیقار کیا یہ نے سفیقار कृष نہیں کیا اور ان کی کیا اچھا تھی ان کی اچھا یہ تھا کہ جو ویکتی اس شہر میں سب سے پتیت ہے انہوں نے لوگوں سے پوچھا اس شہر میں کون ہے سب سے پتیت تو لوگوں نے کہا دو بھائی ہیں جو کہ ان کا جناب ہوا تھا برامین خاندان میں پھر آج اتنا بگڑ چکے ہیں کہ اتنا بگڑ چکے ہیں کہ کوئی ان کے پاس بھی جانا نہیں جانا کوئی پاپ نہیں ہے جو انہوں نے نہ کیا ہوا پھر انہوں نے تیرے اندر سوچنے لگے اگر کسی پرکار سے ہم ان دو بھائیوں کا ادھار کر دیں گے تو چلی نے مہرباب کی مہیمہ اور بھی بڑھے گے तो उन्हें एद्विच्चा के साथ किसको मिलें? जो हैं मगदाईको। तो लोगने कहा था उन्हें, इनी दो भाईयों के निकट बिल्कुल मत जाना, जाओगे तो तुम्हें भी मार देंगे। पर निते नदर ने सोचा, हाँ, हाँ, हाँ, उनका भाव एक ही था, किया माप्र तो जब जितनन्दर हाइदा साको पहुंचे जगाए मदाई को प्रुशार करने के लिए उन्होंने क्या क्या उन्होंने चिला कर उन्होंने बगा डिया वो हाइदा साको जितनन्दर भागे और ये दो शुरावी पीछे भागे तो वो पकड़ नहीं पाए तो जब शाम को वो مہا پربھو کے پاس مہا پربھو کے جو ساتھی تھے وہ کہدہ پرچار میں جاتے تھے شام کو آ کر مہا پربھو کو ریپورٹ لے لیتے تھے کہدہ پرچار میں تو نیتر نن نے کہا کہ مانی ایچہ یہ تھی کہ آپ کی مہمہ کا پرچار ہو اور انہوں بھائیوں نے ہمیں مارنے کی دھمکی دی ہمیں بھاگنا پڑا جب ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں بچانے کے لئے ہمیں ب بہت ہی کلود آیا اور مدعی نے گشت میں آکر کیا کیا؟ پتہ پھے گا جو ہماری تینننہ کے ماتے پر لگا اور خون بہننے لگا پرم بھگوان جو ہے اندریا میں ہے آپ ربوں کو پتہ لگیا کہ تینننہ کے ماتے پر مدعی نے तो महाप्र वो कैसे आए वो आए अपने सुधर्शन चकर के साथ और जो सुधर्शन चकर से बत करने लगे थे किसका जगाएं बदाई का तो निते नना ने कहा निते नना ने रोक दिया उन्हें और निते नना ने कहा इस खलेग में اسی پرکاہ کے ادھارن ملیں گے اور منتی نندہ نے کیا بھگوان کو روک دیا تھا شریف دشن چکل کا استعمال کر رہے تھے تو پھر منتی نندہ نے دیکھا تو بھگوان منتی نندہ نے روک دیا بھگوان کو اپنے شدہ چکر کا اپیوک کرنے سے تو جب مدعی نے دیکھا کہ میں نے خور نکالا اور انہوں نے روک دیا بھگوان کو اپنے شدہ چکر کا استعمال کرنے سے وہ بڑے شرمندہ ہوئے انہوں نے سمجھ دیا کہ ان کی غلطی پھر چیتر ماں پر انہوں نے آنڈیش دیا وہ آنڈیش کے انساست ہر ایک سو روچ کر دیتے تھے اور مدعی نے کہا میں نے اپراد کیا ہے اس لیے مجھے اور بھیانکر شجاہ ملنی چاہے تو انہوں نے یہ سیوہ دی گئی وہ مدعی خات ہے اور وہاں جو بھی یاترہ آئے اس کے پرشاہد کیا کرنا چاہے उस थान को साफ करना जाये। तो भगवान इतने अंदा को कोई इस का लिला का भारपर किया जाता है। भगवान इतने अंदा अच्छेन द्यालू है। He is known as the Mercy Incarnation. और उनके मन में एक ही भाव रहता है। पतितों का उधार। तो भगवान कपिला देव ने سادھوں کے لکھشوں کا ونڈن کیا ہے تیشو اسکند میں اور وہ کیا کہتے ہیں تیزک شکرونی کہا سوردہ سربادہی رہا ہے جیسے ساتھ و شنتہ آزاد ساتھ و موتنا ہے تو بھگواں کے بھاگت ہیں اُن میں دیا کی بھاونا ہوتی ہے تو بھگواں نے تین اندھا کے انیک لائے ہیں بھگواں نے سنیاس لیا تھا اس سنیاس لے کر وہ جارہے تھے جگنات پوری کی اور راستے میں وہ رکھے ندی میں اسنان کرنے کے لئے اور اپنا ڈھنڈا انہوں نے چھوڑ دیا کس کے ہاتھ نیتہ ننڈہ کے ہاتھ نیتہ ننڈہ نے دیکھا یہ سریانس ڈھنڈا اسے انہیں تین باغوں میں توڑ دیا اور ندی میں پھیک دیا اور جب مہا پربو ہواپس آئے انہوں نے کہا کہاں ہے میرا ڈنڈا؟ مجھے پتہ تھا اور انتہائی ڈنڈا نے کہا میں نے توڑ دیا یہ ڈنڈا تین بھاروں کیوں؟ میں سنیاسی ہوں ڈنڈے بغیر کیسے چلوں گا؟ تو انتہائی ڈنڈا نے کہا آپ جو ہو سبھیاں بھگوان ہو اور میرے بیچار سے आपको जडने की आमुशल करने है। आप तो भगवान हो। आपको सिदारन सन्यासियों जैसा विवाय करने की कोई जुद्ध नहीं है। तो वोने जडने को तोड़ रहे था। गुसा यही था कि निचिननदर ने वहाँ चीति महापर ने सन्यास लिया था एक मायवदी مہا پاک نے مایوہدی سنیاسی سے لیا تھا ان کے سنیاس جنڈا میں ایک جنڈا تھا جو سنیاسی ہیں ان کے جنڈے میں ایک جنڈا رہتا ہے ایک جنڈا اور جو بھائیشوہ سنیاسی ہیں ان کے جنڈے میں کتنے جنڈے رہتے ہیں تین رہتے ہیں تو دوسرا کارأ لیتے ہیں انہوں نے جنڈا توڑا یہ تھا کہ انہوں نے سنیاس لیا تھا مایوہدی سنیاسی سے لیا تھا تیسرا کارأ تھا مہا پربھو کی اچھا تھی کہ وہ اکیلے پہلے جائے جنگرانचی کا درشن دینے کے لئے تو وہ چاہتے تھے کسی کارن سے وہ کرودت ہو جائے اور وہ نیتھے ننڈا کو ساتھ نہیں لگے تو نیتھے ننڈا نے کیا کیا بھگوان کے ننڈے کو بھگوان نیتھے ننڈا جو تھے اُن، اُن، وہ بھگوانی تیزندہ اُن کا سیدھان کیا تھا؟ فریدوں کی مددہ تھا تو بھگوانی تیزندہ پانی ہاتھی میں تھے اور وہاں یگنا داس کو سومی آئے تھے اُنہیں ملنے کے لئے یگنا داس وہ سمیں کے سب سے لگ بھگ سب سے دنی خانان کے سلسل تھے اُن کی ماتا پیدا نے بہت پریاز کیا تھا کہ کسی پرکار سے ہمارے بیٹے کا مارکشن ہے مکتی میں وہ ٹھوڑ جائے اور اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں نے اُنہوں اُنہوں نے اُنہوں نے ا तो वहाँ आए रगुनादाद को सुन। वो जब रगुनादाद वहाँ पहुंचे एक भगने कहा रगुनादाद चुप रहा है। और महाप्रभुळे कहा रगुनाद, तुम इसे चुप रहे हो। यह ठीक नहीं है। महाप्रभुळे, भगवाणी के लिए ने रगुनाद क मैं चाहता हूँ कि तुम्हारे धन से तुम एक बड़ा उच्छव करो। जिस पे सब संद्धों को बलाओ और सब को भन्डारा दो, पुशाल बाड़ो। तो बगवान नितनान्दा के अधेश के अनुसार क्या किया। उन्होंने एक बहुत बड़े अनियादी उच्छव किया जिसमें संद्धों के सेवा की और भगवान में तो मैंने क्या हाथ दे जाया था रगवाद को सबको खिलाओ क्या चूड़ी चिप राइस और रब्री इसमें रब्री मुल गये चूड़ा रब्री के साथ تو रकुनाद ने ये खिरीदा खिरीदा और अबने भगतों को लेकर सब को लाइन में बठाकर सब को खिराने लगे जो दूर जो पास के वैपारी थे वो सभी उदर आए और सब ने जो माल था सब खरतम हो गया इतनी भीड हो गई परशाद के उदर जो � गगना से कहा, तुम सब को गिलाओं। तो सब बग्चों को खिला रहे थें। और बग्वान ने इतने अंदा अपने मरन से किसको ले आए। अपने मरन से ले आए किसे। आपको। और उनके मरन से وہ ہر بھکت کے موں میں ڈالے تھے پرشاد اور وہ ڈالے تھے پرشاد مہا پب کے موں میں اور مہا پب وہ کیا کر رہے تھے مہا پب وہ ڈالے تھے نتھے ننہ کے موں میں پھر اس پرکار یہ بڑا اُتساو ہوا پاریہری اُتساو اور آج بھی اس اُتساو کو بنایا جاتا ہے تو بھگوان نتھے ننہ उनके एकी इच्छा थी कि महाप्रभुबु की सेवा की जाएं। और बहुत भवाण ने थे नन्ना की इच्छा थी बहुत भवाण की सेवा की जाएं। और उनके मन में ये भाव था। उनने क्या माना जाता है? सबसे दिया जाता है। बहुत भवाण ने थे नन्ना प جو سب سے دیادل آبتار تھے۔ تو بھگوائی نیتر نندا کی عنیق رشنائیں ہیں اور بھگوائی نیتر نندا ایک سب سے دیادل آبتار تھا۔ جیسے کہ بھگوائی نیتر نندا نے آڑی آڑی اُس سب کیا۔ تو اِس اُس سب میں سائے بھگ جو تھے، سب کو جھوڑ گیا تھا۔ تو بھگوائی نیتر نندا کی عنیق لگائیں ہیں۔ اور چیتر مہا پربھو نے جب سنیاس رہن کیا اس کے پتھر وہ نے پرچار کیا اور اُن کی پرچار سے لوگوں کس کے ساتھ جڑے؟ ہائی رہن کے ساتھ۔ شیہ کشنہ چیتر پربھو دیا کرو ملے آپ کیا کرو میرا پر دیا کرو تو بہوان نیتر نمدہ کو چیتر مہا پربھو نے ایک جمعداری دی تھی महां प्रभु ने कहा, मगाल में हर घहर में जाओ, वो हर घहर में जाकर ये संदेश सो. वो लोग किष्ण बाज़े के लिए किलो लोग किष्ण सो. तो भगवाण नितिनननने हर घहर में जाकर ये सिख्ष दी. और महां प्रभु प्रेप्रसन होए थे, नितिनननन के प और जो व्यक्ति भगवान नित्यनन्दा के शरनकत होगा, वो क्या? उसे भगवान के कृपा प्रापण होगा. तो चेतने महा प्रभुव प्रगट होये थे पतीतों को उधार करने के लिए. भगवान नित्यनन्दा हमें शिक्षा देते हैं कि कैसे हम भगती के मार کہ شرنگت ہمیں ہونا چاہے اور اُن کی شرنگ لیں گے تو پھر آپ بچے کے مارگ میں آگے پڑھ سکے۔ اُنہیں مانا جاتا کہ ست دیادر ہوتا۔ تو بھگوائی نیتر نیندہ کی عنیق لیلہیں ہیں اور ہمیں اِن لیلہوں میں پڑھنا چاہئے۔ بھگوائی نیتر نیندہ اُن کے بل میں ایک ہی بھاو تھا وہ بھاو کیا تھا؟ مجیدوں کے مدارے سے تھا۔ تو آج کے دن ہمیں کیا کرنا چاہیے؟ بھگوانی تیرنانڈا کے شرمے کا کھولنا چاہیے۔ بھیجو تندر صاحب نے ابھی رشتہوں میں کیا ثابت کیا ہے؟ وہ نے یہ ثابت کیا ہے کہ بھگوانی تیرنانڈا سب سے دیالو ہوتا ہے۔ اور جس نے بھگوانی تیرنانڈا کے شرمے بھی ہے उसे महाप्रभुबों के शरण भी प्राब हो गई। पर महाप्रभुबों के पास पहुँचने का माध्यम कौन है। बग्वानितनिना। बग्वानितनिना है दिहालु अवतार। उन्होंने पुत्यों का उठार किया। उन्होंने जगाय मदाई का उतार किया। जब प्राव بالکل روچ ہی نہیں ہوئی اور انہوں نے کیا کیا ایسے لوگوں کو بھاکت بنایا تو بھگوانی تیزندہ کی لیلہوں کا ہمیں سمجھن کرنا چاہئے اور بھگوانی تیزندہ کیا ہے سب سے زیادہ ہوتا اور جگہ مدائی کا انہوں نے ادھار کیا جگہ مدائی کا ادھاراں دیا جاتا ہے کیونکہ ہم دیکھتے ہیں کیا ہم دیکھتے ہیں کہ سب سے پتیت वेक्षन का उन्हें उदाग किया। तो चेतर महा पभू और नितनन्दा की कटा पकड़ हो रहे थे। चेतर महा पभू की आयू बाहा साल कम थे। नितनन्दा बग़वान बाहा साल बड़े थे। उमर में। और वो पहले पकड़ हो रहे थे। बग़वान नितनन्दा ने भी اور پھر کہتے ہیں مادہ پوری سے اور ہمارا نیت دندہ نے پورے بھارت میں جا کر پندر پور میں ہمارا نیت دندہ آئے تھے تو ہمیں نیت دندہ کے شرنہ کرنا چاہئے اور اُن کی اگر ہم شرنہ لیں گے تو پھر महा प्रभु की कृपा भी प्राप्त होगी। तो आज बड़ा शुर्देन हैं। हमें क्या करना चाहिए। वालिये दिननन्दा के शुर्ण करता होना चाहिए। और वालिये दिननन्दा के विश्वे प्रापा देखा, इसे प्रापा प्रापा प्रापा प्रापा प्रापा
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کوئی سوال نہیں ہے؟ آئے گا. بعد ہمیں کیا کہنا چاہے؟ سا دن حینام کرنا چاہے اور سا دن حینام کریں گے تو کیا ہونگا؟ حیدر کی مہینہ دے گوئی اور بھاگوانی جنہوں نے انہوں نے دیوی لینا پکڑ کی ہے اور شاستر میں کیا کہاں گیا؟ سبھی بھاگوانی یہیں جائے و جائے جیوے جگہ انہوں نے ادا کیا. تو ہمیں بھگوانیتی زندگی ڈیلوں کا فاندھ کرنا چاہئے اور اس کے دوارہ بکتی میں ہماری بھگوانیتی ڈیلوں کا. हरि कृष्ण. परशन. हरि कृष्ण. परशन है?
हरि कृष्ण. महराज जिस प्रकार से आपने बताया कि नित्यनन्द प्रभो की शरण लेना चाहिए हमने तो हम अपने जीवन में क्या करें कि हम नित्यनन्द प्रभो की शरण में रहें और हमेशा के लिए उनकी शरण में रहें क्या करना चाहिए हमने बहुत
शरण नित्यनन्द ने क्या अ� اگر ہم اس کا پالن کریں گے تو پھر اس کے دوارہ بھگوان نیدر نیندر کی کرپا پرابت ہوگی اور نیدر نیندر بھگوان کی کرپا پرابت ہو تو اس کے دوارہ کیا پرابت ہوگا؟ چیزیں محبوب کی کرپا پرابت ہوگی تو یہ ہائی نام کا اچھانا ہم کریں گے اس کے دوارہ ہمیں نیدر نیندر کی शिक्षा मिलेंगे। उनके द्वारा हम वगवाण के लिए हम लोट सकेंगे। हर कृष्णा! हर कृष्णा! हर कृष्णा! हर कृष्णा!
हर कृष्णा!
हर कृष्णा!
हर कृष्णा! हर कृष्णा!
हर कृष्णा! हर कृष्णा!
हर कृष्णा! हर कृष्णा! हर कृष्णा! हर तो क जब कभी एक परिश्टकर करता है, तो उन्हें करता है कि उन्हें गुरु में गौरंगा करने के लिए क्या प्रश्ट करने करता है?
उन्हें क्या सोचा? जब चेतेर महाप्रभू प्रकट हुए थे, केवल उन्हें जब सुनातन साधी थ कि महा प्रपः की महिमा स्थापित हो तो इसलिए उन्होंने सोचा अगर हमें शहर के सबसे पतीत व्यक्ती का उधार करेंगे तो इसलिए महा प्रपः की महिमा और भी बड़ेंगे तो उन्होंने इसलिए सबसे पहले चुना की इन दो भाईयों को प्रयास करेंगे पक्त बना उच्छे कोड़ी के भक्ष बन गए। दोनों भाईं स्वावाना शुरुप कर रहे हैं। दोनों भाईं उन्हें पस्ताया, प्राश्चित किया। प्राजकाबेग। और इसे महाप्रभुःप की महिमां भी बोई। जब चेतन महाप्रभुःप बाल ही न पकर कर रहे थे, ए تو سچی ماتا نے کہا کہ پلا ہمارے گھر میں نہیں رہ سکتا ہم تو برامن ہیں اور نمائی نے کہا کہ پلا یہاں نہیں رہ سکتا میں بھی جی رہوں گا تو ماں کے پاس کوئی اپائیری نہیں تھا تو ایک دن جب بھگوان گئے تھے بنگا میں سنان کرنے کے ان کی ماں نے رسی کھول دی جس کے دوارہ پھلے آنکھا سے چل گیا تو مہی کوئی نمائی کے مدر نے کہا مہا پھلوں کے مدر مدر نے آنکھے کہا بھگوکتہ وقت ہماری مہا نے اس پھلے کو گھر سے نکال دیا ہے اور بھگوکتہ وقت ہماری مہا
نے اس پھلے کو گھر سے نکال دیا ہے اور بھگوکتہ وقت ہماری مہا
نے اس پھلے کو گھر سے نکال دیا ہے اور بھگوکتہ وقت ہماری مہا
نے ای
शेर में के बीच में ये पिला क्या कर रहा है? दो पैड़ों के साथ दो पैड़ों पर नाच रहा है दो हाथों के साथ हरी बहुत बोल रहा है और क्या बोल रहा है? हरी बहुत बोल रहा है तो ये लोगने देखा कि ये पिला ऐसा भग बन गया है सब کہہ رہے ہیں کہ निवाई तो जादू कहरा है निवाई के बाद बहुत गेरी शक्ती है तो उसी परकार प्राभा जी ने प्रणाम करके क्या किया उन्हें चोड़ा हर परकार के पापी व्यक्ति को पर्कियों में उन्हें ते दन्दन ने जाके घर गर जाके प्रचा भगत यही चाहता है, भगवानी महिमा बढ़ते जाये।
महाराज कई बार ऐसा आता है कि चेतने महाप्रू, भगवान कृष्णे के बारे में तो हम सुने हैं बचपन से, अटलिस्ट महाराष्ट में, लेकिन चेतने महाप्रू और नित्यानन्द प्रूँ के बारे में ज़्या और पढ़ने लगते हैं तो चेतने चेतनामृत पढ़ते हैं तो दोनों भगवान ऐसे एक दुसरे से मजा की और खेलना ये सब होता है तो उसमें एक और डिफिकल जाता है कि ये कैसे भगवान हो सकते हैं तो जल्दी विश्वास नहीं बैठता है तो क्या करें महाराजिस?
सु ہم سب کا لقش ہونا چاہیے کہ ہم کریشنہ کے پرتی روچی بڑھائیں اور جب کریشنہ بھگوان کی چرچہ کرتے تو بھگوان نے دیندار نویں گینے گئے ہیں. یہ بھگوان نے دیندار کون ہیں؟ وہ بارہم کے افتار. بھگوان جب افتار ہوتے ہیں بھگتوں کے ساتھ تو آپ جتنا احنا میں روچی بڑھاؤ گے، شانسہ میں روچی بڑھاؤ گے، تو ادنی جلدی آپ بھگوان کو سمجھ سکو گے۔ بھگوان کو سمجھنے کے لئے ہمیں کیا کرنا پڑے گا؟ پیارس کرنا پڑے گا۔ Is it clear? ہمیں کسی نہ کسی روپ سے شرم کے ساتھ ہمیں روچی بڑھانی چاہئے وہ اتنے روچی بڑھائیں گے تو ہمارے کاریاں کے دوالہ ہم بھگوان کو سمجھ پاؤں گے جھرمہ کرمہ چاہے میں تو یہ سمجھ گئے ہیں ہمیں ادھیان میں پریاس کرنا پڑے گا نہیں हाइरी कृष्णा महाराज,
धन्यवाद, बहुत सुन्दर क्लास. महाराज, मेरा प्रेश्न है यह है कि जो सन्यासी नित्यनन्पूर्व को लेने के लिए कच्चकरथाम में आये थें, तो अपने साथ भर्मन करने के लिए पूरे भारत वर्ष में, तो क्या सन्यासी बिश्
जो वेश्वरूप तो उनके भाई थे। पर ये थे सन्यासी जो की अनेक स्थानों की यात्रा करने की चाहिए।
Thank you, Maharaj Ji. Hare Krishna. महराज जी, how to develop the firm service attitude towards Vaishnavas, Krishna and the instructions given by the authority to us?
How to?
अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने
अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अ अच्छा आप करने के लिए हैं। श्रुरों किसना में अच्छा है।
हरे किसना माराजी, धन्यवाद। जिसे चेतने महाप्रूने विथ्यारण प्रोजी को आदेश दिया कि आप जाओ प्रचार करो और उन्होंने जगाई मधाई जैसे जो दापू देते हैं उनका उध्धार किया कभी-कभी हमारे अफ़्रेटियों भी बोलते हैं कि जाओ इदर प्रचार करो अबी एक अन्नर से डर फैर था कि होगा क्या हमारे से और कभी-कभी श्र लेकि हम authorities को follow करें तो हो जाएगा प्रचार और जैसे चेतन महापरूने आदेश दिया और हो गया प्रचार लेकिन जगाई महधाई जेसे उद्धार हो गया नित्यानत्रूकी कृपा से कैसे ये श्रद्धा डेवलब करें महाराज?
जैसे हमने कहा था कुछ मिनट पहले आ شہدہ اتمن ہوتی ہے سادھو کی سنگل کے دوارہ یا شاستوں کی سکھشہ کے دوارہ اور اگر ہم پریاز کرتے جائیں ویڈک سکھشہ پھر آپ کی روچی بڑھے گی اور پھر آپ کی شہدہ بھی پڑھے گی شہدہ بڑھتی ہے ایسے جب آپ شرم کرتے ہو اور جیسے ہم پراکٹس کریں گے تو ایسے شہدہ ہو گیا نہیں ہو جائے گی. ہم سب کا بھاو ہی ہونا چاہیے، بینہ مردہ کا بھاو. چیتنہ چیتنہ مردہ میں آپ پڑھتے ہو کہ کشنات کھاگراج جب انیک سندھوں سے آشرابات کی فرقہ مانگ رہے تھے وہ رچنا کرنے والے تھے چیتنہ چیتنہ مردہ کی اور وہ نے پوچھا سندوں سے آشاربار کے لئے. گوپال پھٹ کو سمیں نے کہا میں آشاربار دوں گا پھر ایک شہر پر کہ تم میرا نام ہی نہیں لوگے کیونکہ ان کی یہ بھابنا دے گی. پھر شہداد کا پیارچ کہتے ہیں پھر تم نام ہی لوگے تو تمہارے سارے گن مل جائیں گے. میرا نام ہی نہیں لوگے. پریشان یہ ہے کہ ہم سب پریشاندھاروں بھگت ہیں، اُن کی اچھا کیا ہے؟ اُن کی اچھا یہ ہے کہ اُن کا بھاو بڑھے، ہم سیفہ میں رہے ہیں، پیار سے بچے رہے ہیں۔ ہمیں پریاس کرنا چاہئے اس کے دوارہ آپ بھگتوں کے سنگ میں رہ کر بھگتی کر سکو اور بھگتوں کے سنگ میں رہ کر ज़्यादा है, साल हो जादा है। सेवात है।
हरे कृष्ण महाराजी, बहुत भुत धन्यवाद, बहुत सुन्दर्य प्रभोषन के लिए. महाराजी, ये जो आपने परपोट पढ़ा, हादी लीला का पांचवे अध्याई का 204 नमबर का शलोप, उसमें परपोट में मेरے जीवन में प्रयास कर रहा हूं मैं भुलाने का ये भौतिक इच्छाओं को. लेकिन जब भक्ति का मार्ग भी थोड़ा कठील लगने लगता है, तो ऐसे लगता है कि भुला पाना मुश्किल है, तो ऐसे लगता है कि इसको लेके चलते है, इसको शुद्ध बनाते है भौत بہت
اچھا ہوں کہ آپ کو کیسے دور کرنا چاہے؟ وہ ہی نہیں آپ کا پریشان ہے، آپ کہہ رہے ہیں ڈیل کرنا ہم سب کا ادھیادمک شیط ہے ہم سب کا پریشان کیا جانا چاہے کہ مایہ کے یاکشن سے ہم بچیں مایہ کے یاکشن سے بچنے کا اپوائے کیا ہیں کیا ہے اپائی؟ देविश्यकुनमाइमहम माया जुरत है आप. इस माया का बिरोध करना बहुत कच्छन है. जो मेरी शरण में आता है, वो इसके बिरोध करता है. हमیں प्रयास करना चयिए, अच्छी सादना रखें, हरी नाम कर जब भगवान देखते हैं, यह व्यक्ति प्रयास कर रहा है, मुझे, मेरी सेवा करने के लिए, भगवान भी नहीं है, हम वो शक्ती रहते हैं, जिसके दौला हम, गौड़ हेल्ब्स दो, दो, दो, हम भगवान के लिए सेवा रहते हैं, उसमें हम प्रयास करते میں جو ہوں لگائیں مدائی سے بھی زیادہ پتیت ہوں اور جو مل میں کیڑے ہوتے ہیں اس سے بھی زیادہ پتیت ہوں یہ ہے بھگ کا بھاو کہ میں کیا ہوں سب سے پتیت وہ ایمان سندھ کہتے ہیں جو مل میں کیڑے ہوتے ہیں اس سے بھی زیادہ پتیت ہوں تو بہشتہ کی اچھا کیا رہتی ہے भक्त्री भुर्यों ठाकों ने क्या कहा? अगर आज मुझे जरम देना है ऐसा जरम दीजिए कि किसी वैश्णों के घर में कि आप सदा हाइना मुझे सुन
सकोगे हरे किष्णा महराज जी भगवान की सेवा में बगवतदाम में भगवान की सेवा में इतना आननद है अगर तो �
وہ سیوہ کبھی نہیں چھوڑتا۔ پر اگر چھوڑ کے آئے بھی، اللہ آپ کو سعادت دے دیں کہ آپ واپس روٹ سکو، اپنے آپ کو سدھار سکو۔ کشنبھکتی میں آپ کو موقع دیا جاتا ہے، اپنے آپ کو سدھار کریں کیسے۔ اکثر جگتی نہیں گرتا۔ پر کوئی اگر ملک جگتی گرتا بھی ہے، तो भगवान हमें उपाये देते हैं, कैसे अपने अपको सुधानने के लिए. और शादु संजन में जाएकर भगती के नीमों का पारण ज़्यादा साथ हो जाता है.
महराज जब कोई ज़्यादा स्तूती कर लेते हैं, या फिर कोई फ्रेस्टेशन आ जाता हैं, तो सेवा करने
وہیدی بھکتی کا پالن روز کرنا چاہیے۔ اگر آپ روز کریں گے تو دھول نکلتے جائیں گی اور آپ درد ہو کر سیوا کر سکیں گے۔ ہماری شاستوں میں پورا اُبدیش ہے اس وجہ پر کہ کس بغیر آپ مودکہ کشن کو دور سکتے ہیں۔ प्रचार
की सेवा करते हैं वो उनका मूड अपने गुरू को ग्लोडिफाई करना है, ये कैसे समझ सकते हैं? तो आपको प्रचार की सेवा करते हैं,
वो उनका मूड अपने गुरू को ग्लोडिफाई करना है, ये कैसे समझ सकते हैं? तो आपको प्रचार की सेवा करते हैं, वो � प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्रावबात प्र تو آپ جب پرچار کرتے ہو اس کی دوران ہم اچھائیوں کی مہیاں کو بڑھاتے ہو۔ ہے کی نہیں؟ تو جب آپ پرچار کر رہے ہو تو آپ ہمیں ہمیشہ جانتے ہیں کہ آپ کیا کر رہے ہیں۔ گروہ پرسن ہے تو وہ دیکھتا ہے کہ ہم ان کے بھگوان کے آدیش کا پادن کر رہے ہیں۔ چہنی کھڑے کشنہ کا آدیش کس نے دیا تھا پہلے؟ بھگوان نے دیا ہے۔ پرچار کی مہیمہ کا کیا؟ بھگوان نے دیا ہے گیتہ میں وچھے، پھر میں چھوڑ گئے۔ جب ہم اس کا پادن کریں تو اس کے دوارہ آپ کا اُچھا بڑھ سکتا ہے۔ हर गिष्नु महाराज। जैसे कोई भी स्थिति में या अच्छा
जगब अच्छा समय पे या कोई भी स्थिति में कोई लाब के समय पे के लोक्षन की समय पे लाब या
लोक्षन कोई भी स्थिति में हम भगवाण
को भगवाण क्रिपा है इसको सोचेंगे हम
भगवाण की क्र سُب ہو یا سُب ہو؟ سب ستے میں سُتیں گے بھگوان کی کرپا کیسے بھاوان آئے گا؟ آپ تو کچھ خراب ہو جائے ہم کہیں بھگوان کی کرپا ہے اگر کچھ سفلتے سے کیا یہ جاتا ہے ہمیں سوچنا چاہیں مرور بھگوان کی کرپا اور اگر ہم کسی کاریاں کو غلط کرتے ہیں ہمیں یہ سوچنا چاہتے ہیں کہ ہمارا دوش ہے۔ یہ نہیں۔ جب بھگوان کی اچھا تھی میں یہ کھون کروں گا۔ بھگوان کی اچھا تھی۔ جب آپ بھگوان کی اچھا کاریاں کرتے ہو وہ بھگوان کی اچھا نہیں ہے۔ وہ آپ کا جو بیوک کا کاریاں ہے۔ بھگوان کی اچھا نہیں ہے۔ मुझे परकप्पने करते हैं। इपने परकप्पने करते हैं। परकप्पने करते हैं। परकप्पने करते हैं। परकप्पने करते हैं। परकप्पने करते हैं�
तो नित्यनन्पुरू का सरण में लेना चाहिए। पिर कृष्णाश्रम आता है, तो वो कृष्णाश्रम का सरण लेना चाहिए। तो सब लगता है एक ही जैसा उनका सरण लेक। सबका उपदेश एक ही है, जब करना, जब पढ़ना, प्रचाद करना, गुरु का आदेश वही
भगवान की शरण लो पर नित्याननदा जी भी भगवान है ना तो पहले गुरू है भगवान नित्याननदा वो भी स्वयां भगवान है आप नहीं कहते कि सुन्दानन
व्यक्ति की शरण लो महराज प्रसन यह है कि जैसे सब का तो उपदेश यही है कि भगवान का जब करना भ चरण कमलो से ही राधा कृष्णा का प्रेम मिलता हैं और अलग-अलग गुरु का अदेशन मतलब गुरु का उपदेश गरण करने से गुरु का सरण लेने का तो सब अलग-अलग उनका सरण लेना है
इस सरण का इससा है? इन सब का मूल उदेश क्या है हमें कृष्ण बगवान अगला प्रश्न है
मेराल। यह से नित्यनन्पुरू का भावधा की चितने महापुरू का नाम हो और परचार हो। इस बरकार से हम लोग अभी आता है कि हमारे सबका गुरु और भगवान का नाम परचार हो, पुरुपाजी का नाम
परचार हो, तो कभी जप में रूची
बढ़ाना, तो जप में ध्यान चला जाता है, तो कभी परचार करना, तो अलग-अलग एक साथ ऐसा हो � थोड़ा थोड़ा जैसे एफ़ जब करना तो सोला माला जब में थोड़े रुची आने वाला हैं। तो इस परकार से अलग अलग परचार ही बढ़ाना और इस सब करना, कारी करना एक साथ इतना नहीं हो पाता है, तो फिर कैसे समझें महराज? फिर कैसे करें इसका?
जब कर, हम
مل پرشن ہے کہ اتنا سب ساتھ میں لے کے چلنا سب ساتھ میں مطلب نام میں روچی پرچار کارے کرنا اور کچھ سارے جتنے سیوائیں کرنا تو ایک ساتھ نہیں ہو پاتا ہے وہ تنہا جتنا چاہتے ہیں گروہ چاہتے ہیں بھگوان چاہتے ہیں آپ
کسی سینئر بھکت کو کیسے سعیوگ رہ سکتے ہو وہ آپ کی مدد کر کے یہ بتا سکتا ہے چوبیس گھنٹے میں आपको विश्राम का समय भी मिलेगा, जड़ारी नामचाव का समय भी मिलेगा, विशार का समय भी मिलेगा. इसको कहते हैं एंग्रेजी में, management of time. तो आपको किसी भकती से, सीनियर्ड उत्तमकोटी के भक्त था, तो जो लेना चाहिए.
होके, धन्यवाद भहाज.
सभी ध यह है।
हरी कृष्णा माहराश, धन्डवाद प्रणाप।
हमें एक विष्णा है।
माहराश।
यह है।
माहराश, अगर विष्णा प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्रणाप प्र�
یہ تو شیوان بھاگوتہ میں بھی ہے. شیوان بھاگوتہ میں بھی یہ ورنن ہے کہ بھاگوان پکٹ ہوں گے، شیدن مہم ہوگے، روپے ہوگے۔ یہ تو بھاگوتہ میں کہا کہ ہچنا آنجڑا ساکھ پڑھو، پڑھی دیں۔ پھر ہمارے گھوڑیاں بھاگشنا ہواں چھائیوں نے پرچان کیا۔ خاص کر کے بھگتیوں اور تھاکوں نے جب پرچان شروع کیا، انہیں یہ ثابت کیا جیتن بابوں کون ہے سوئے ہمارے آپ جتنا پرچار کرو گے اُتنا اُن کی مہیمہ और ملے گی और भगवतममें भी इसका मनन है हनगे महराज यह रहत परतमें हनगे हनगे हनगे हनगे हनगे
مراج ہم جب اپیس کا کام سے گھر سے باہر جاتے ہیں کئی دنوں تک تو جنرلی بھکتوں سے دور ہوتے ہیں اور جنرلی کرمی لوگوں سے زیادہ سنگ ہوتا ہے اور ایک لئے رہتے ہیں تو اس ٹائم میں جنرلی جو بہوتی کچھ ہیں زیادہ پرکھٹ ہو جاتی ہے اور اپنا انفل فیلڈ ڈیزیئرز جو ہے وہ پرکھٹ ہونے لگتی ہے ایسے
چیز کو کیسے کارٹ کریں؟ جتنا ہو سکے بھگتوں کی سنگل کے لاغ اٹھاؤ اور آج کم تو سب کی پاس انٹرنیٹ ہے تو آپ بھگتوں کے لکچر ابدیش کو پڑھ سکتے ہو اور اس کے دوارہ آپ کو لگے گا جیسے آپ بھگتوں کے ساتھ ہو جیسے کہ اگر آپ پراہ پاد کی روحانی کو پڑھو تو اس کے دوارہ آپ کو کیا لگتا ہے کہ پراہ پاد وہاں موجود ہے प्राभाद ने कहा, कि मेरा गुरु की सिख्षा मैं सुपर्ण करता हूँ और इसके द्वारा गुरु हमेशे मेरे साथ रहते हैं। तो हम प्राभाद के लिए प्राभाद करने के लिए प्राभाद करने के लिए प्राभाद करने के लिए प्राभाद करने के लिए प्राभाद अगर तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण करते हैं, तुम पुर्वार्ण
करते हैं, तुम पुर्वार्ण तब वो अध्यात्मिक रिलेक्शेशन कर या माया से आकरशित होते हैं, तो उस भाव से कैसे बचें?
हम भग़ को इतनी ज़्यादा सेवा नहीं देना चाहते हैं, कि उसे लगे, क्या हो गए प्रिवाज? आगर नहीं गए. हम को सेवा दे जाती हैं, پھر یہ بھی دیکھا جاتا ہے کہ آپ کو کسی بڑا سیوہ دے رہے ہیں تو آپ اپنی اتھارٹی سے چرچہ کرسکتے ہو۔ ہمیں کسی بڑا سیوہ دے رہے ہیں۔ آج آپ سمندر نہیں ہو क्रिशन कीजेगा हरी
क्रिशन मारत जी जब लोग परिशानी में रहते तभी भगवान को याद करते हैं और जब सुकी रहते तब याद
नहीं करते हैं यह बात भी सच है भगवान कहते हैं कि चार से चत्यूर विदा बजाने माँगे चार कारण के پہلا کیا ہے، اگر ہم چار بڑھا کے لوگ جو شننڈے دیتے ہیں، ہم کہتے ہیں کہ کون ہے؟ ساتھوں پہ دعا بجاندے ہیں، ہم کہیں کہ سدھان چاہیئے۔ دوسرا جو دھوکی ہیں، روگی، تیسرا جنبال گیان ہے اور چوتھا جنبال گیاسو ہے۔ تو چار پڑھیں تھی ہمیں، ہم بھگوانی شننڈے دیں۔ اگر آپ کسی سے بھی دیکھو، کسی سے پوچھو، آپ حق کیسے بنے؟ وہ کہے گا، ڈھیان، ڈھیان پلاث ہوا، ہاں سمجھ گیا دھیان سے۔ کہاں میں روگی تھا، پیری تھا، کشمے تھا، میرے دھان چاہیے۔ سمجھ گیتہ میں کہتے ہیں، جو ورد دیوتا دے رہے ہیں وہ ورد میرے دوارہ ہے، تو میری، میری شہر دو. वो चार कारण हैं जिसके कारण हम भवां केशन नगर होते हैं। वो चार कारण हैं जिसके दोराँ हम भवां केशन नगर नहीं भी होते हैं। Okay. I will stop now. Okay, last question.
हर किष्णा मारा ji, thank you so much. مارت جی جیسے میں دیکھتا ہوں کہ یہاں پر دیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ ڈیوارٹ तो मैं भी बोल देता हूँ, मैं भी दासान हुआ। और अधिकि जब वो चोटी सी बात हो जाती है, वो उल्टा सिदा बोल से बोल देता है। वो सही स्टेंस मुझे सिखाने के लिए बोल रहा है। पर मैं उस चीज़ को भुरा मान जाता हूँ। तो क्योंकि क्योंकि वो प्र मारा जी कोई सिन्या मुझे बोल रहा है, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता मैं को बोलता
हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को
बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, मैं को बोलता हूँ, کیوں دوائلیٹی ہو جاتی ہے؟ کیوں کہ میں मैं بول رہا ہوں کہ میں داسان و دعاس ہوں اور میں سوچ رہا ہوں کہ آپ سن نہیں ملتے کہ داسان و دعاس ہوں اور دوسری جہاں میں اپنے وہ بول رہا ہوں؟
ہم میں اصلی بات آپ بولنا چاہتے ہیں کہ داسان و دعاس ہیں۔ یہیوں کے مند میں ہیں۔ کئی جبانی کہتے ہیں ہم سپیدات ہیں ہمیں کوئی گن نہیں ہے کوئی یقینہ نہیں ہے ہم اپنے مند میں اب کیا سوچتے ہو ہمیں سوچتے کہ میں نکمہ ہوں سب سے پتیت ہوں ہمیں اب نہیں سوچتے ہمیں مند میں یہ سوچنا چاہیے کہ ہمارا کاریہ ہے اپنے سیوک بننے کے لئے اور ایکشن سیوہ کا محبت ہونا چاہے کہیں بھگتے ہیں وہ دوسروں کو پرشاہد کھلانا چاہتے ہیں وہ کھائیں گے سب سے آخر میں آپ پہ ہاتھ کرو سیوہ میں جڑنے کے لئے. I think we should stop this if we have to go. ہمیں تیاری کرنا ہے آپ کا عاقشے کا. ہائے کرشنا
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