प्रह्लाद महाराज की शिक्षाएं | 14 May 2023 | Srila Gopal Krishna Goswami

The video records a devotional gathering in which the host welcomes participants to a special "गुप्त लिफिकेशन" program that had been paused during the guru’s (Maharaj’s) absence and is now resumed with his recent appearance after six months. The speakers repeatedly chant the name of the Divine, express gratitude for the Maharaj’s blessings, and celebrate Mother’s Day, linking the guru’s nurturing role to that of a mother. Throughout the session, they emphasize core Vaishnava principles: bhakti (devotion), seva (service), and the pursuit of spiritual knowledge leading to liberation. The discourse interweaves exhortations for devotees to increase temple participation, maintain regular practice, and support one another, while also reflecting on philosophical questions about life’s purpose, the nature of devotion, and the benefits of collective worship. The overall tone is reverent, enthusiastic, and community‑focused, aiming to inspire continued commitment to the guru’s teachings and to the broader spiritual community.
Chapters
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हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे किनारे हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे हरे हरे हरे राम हरे
आपका हार्दिक हार्दिक स्वागत है की ये जो गुप का लिफिकेशन प्रोग्राम जो हर महीने हर साल जनवरी फरवरी में होता था महाराज के कारण, महाराज के अनुपस्थित के कारण हम कर नहीं पाए थे। तो आज आए हमारा सौभाग्य है तो महाराज के लिए भी तो बहुत दिनों से महाराज की राह देख रहे थे कि कब आयेंगे महाराज और आप सब उनके हाथों से, ये जो हर साल हम लेते हैं महाराज के हाथों से, वो पूरे साल हमारे लिए 1 उत्साह रह जाता है 1 एक्सपेरेशन रह जाता है कि आगे साल और करेंगे। तो इसलिए हम बहुत भाग्यशाली हैं की कैसे न कैसे हमको महाराज के हाथ से ये प्रोग्राम हो जाता है।
हो गया जमा दिया राग धना हा गोपीजरवला हा हा हा जब हा हा सोल सोल जनजंनापि मन जा रा जावाल से हो चला रहा सिवा गा च गो आयेगा हे हे हर
देश के
आगे आया
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हर हारे हारे ह हरे का हर हारे केा हरेहरे
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so so to n con the one i भगवान के बाद और रात को मां की मदद की इसके द्वारा आपको ज्ञान है और पदाना की शिक्षा में बरसे तो धान को अनेक करने पड़े पता उनको पर की जा
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at a rape ki नए और विजन व रुची लेते थे में हमेशा विदेश कुमार है जो भक्त हैं में रूचि देने
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हम ध्यान में चर्चा की गली है रूचि नहीं है क्या कहते
हैं
प्रनाम को भगवान ने कहा मि का सामना आज भी अगर आप मुझे कोई वर्ड देना चाहते हो ऐसा वर्ड दीजिए जिसके द्वारा सारी पर वर्ष और 2 में से ही जुड़े हैं ने कहा जो व्यक्ति bade me on took on a वो कौन है तो मैं आपसे धंधा नहीं करना चाहता ना जिका आप मुझे कह रहे हो मेरे कान में पड़ा मैं आपसे कुछ ही देर ने dena ya बराक ने कहा बहुत कुछ वो क्या चाहता है बोले
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8, मे 1 और वैट ग्राम पुरी
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1 बड़े मान सन थे मेरा नाम था मान और जो कभी किसी से कुछ मान और भोले को किसी ने क्या और gol gol के गोलडफुlमें
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o s mobile lite में खे सो सब में भगवान ने कहा पुलिस मजवनीभर्तीसे बहुत प्रसन्न हूँ, मैं चाहता हूँ कि मुझे
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can सारा ने उलटी स्थापना की अकेले की देख कर रहे थे और सुबह से कुछ नहीं खाते थे
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गोआ रहा जिसने उन्हें दूध दिया था she
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खुश थे ti के दुखी था क्या था फोन में कि भगवान सेवा भक्त है बोलेगा कि सेवा करना सेवा लेना 4 शिषक हैं one i o ya jan गे जान गे क्या है अभी ये ज्ञान है कि हमें भवावशनगहोनाचाहिए, हमें ज्ञान है, हम भर्ती की वीडियो को वायरल करना चाहते है। ज्यादा में हम सोचते है सुनते हमारा की है जुड़े रहते हैं। धन में खाए बहुत ही टाइम है समाज में संषेप में 2 प्रकार की बैटरी है जो की दूसरे से कौन है और अक्सर देखा जाता है। तो आप मान को कि क्या क्या लंबा लंबा है तो चल पर गाडी मारी और जो बुधिवान ने की है क्या वो संत को जान सके 2 साल बस बगवजजूसरहेहैं से बगों की संख्या बढ़ते जाइए, बैठते जाइए।
हाँ
आप हर मंद में भारत के लगभग है वो भक्त आते हैं मंदर उनकी संख्या बढ़ गयी है। ये बड़ी संख्या बढ़ी है। तो गधों को पढ़ रहे हैं इयंतोंकेप्रभाव के में साल सं n की माता का नाम क्या था वो कौन है कमाल करता जी के मन में उन ने कहा कि ज्ञान था उनके बेटे ग। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक देश और तुम्हारे द्वारा तो उन्होंने अनेक प्रशन पूछ
किस
प्रकार से हम और ज्ञान से मुसुलसकतेउन्होंने कहा तुम मेरे है और तुम इसे गंदा को कर सकते हो। सो प्रसन्न हो गए। आज जब 4 कर जाते हो प्रशन बताओ हर कृष्ण मनसा क्यों खुश हो जाते हैं। उसी प्रकार पूरे के राजा थे और उन्हें मन के श्राप दिया क्या था जिनके पश्चात की सुरक्षा भगवान ने की थी में चाहे अच्छा मौका है आसान से मुक्त होने के की बताई किस प्रकार व्यक्ति बंधन से तो ये होना चाहिए हम सब का प्रश्न और हम सबको इस विषय का ज्ञान पान किया है जीवन का क्या लक्ष्य है तो इस को प। जब परेशन बाने सुना प्रशन ने न सुने वे प्रसन्न हुए क्योंकि उन्होंने कहा कि 23 प्रशन उसे से पूरे विश्व के लाभ नाम में जाते हैं तो हम ही ना में जाते हैं नई नाम का लाभ है जो पेड हैं जो भी भगवान के नाम सुन मन हैं वो क्या हैं है भगवान के नाम कहाँ से आ रहे हैं। भगवान के नाम पर सुरेश का प्रश्न नही दिया उन्होंने ने क्या लिया तो कभी दे भगवान ने कहा आपको भक्ति करने से है उसी ज्ञान प्राप्त करना चाहे। और उन्होंने कहा भक्ति हम कैसे होती है कैसे होती है को नियमित रूप से प्रयास करना चाहिए की आप हर हफ्ते तो है। एकबार तो कुछ साल पहले वाली है उनका 1 हुआ था फोन ये पूछा गया था क्या हुसेमे किसी बार में जाते और नाइंटी फाइव परसेंट लोगों ने हा हमारे देवार को छो जाते नाइंटी फाइव परसेंट सो वो कहते है
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अगर ऐसा सर में हिंदुओं के साथ किया जाए। इसे को 12 कोस तो हमें दिल होना चाहिए है सवाल वहां मिल जायेंगे कहते हैं वो 2 बाइ मौसम है देर हो होगे गॉड 222 बार किनका से करते है पर सो हमारे पर तो कम से कम मौसम में 1 बार अगर आप मंदर आओगे क्या पता होगा ये प्रभाव होगा से रहोगे फैसले रहोगे आप सुनते रहोगे कि क्या है जी दरद so so, i, a, n की संख्या में रहोगे क्या सुनोगे का सनोगेकृष्णााकृष्णा कथा रूचि लोगे तो धान का कृष्ण कथा में रुची लोगे समझा के साथ भौतिक भर सकते हैं। इसलिए 1 उद्देश्य साल और जब आपको मौका मिले उन भक्तों की फंगल के लिए काफी ज्यादा समय में क्या करना चाहिए हो जाए। उनकी संगत आखें बराबर के हो जब आप उनके बराबर के क्या भाव होना चाहिए का भाव बिसेसर का भाव है क्या है से भाग रहे हैं। 1 है भगवान सेवा करने में में दूसरे मेकर है भगवान है श्रधानंद सिटी में जब आप अपने बराबर के व्यक्ति झाक दिखाने के कि हम मार से किसे आप से कम क्या मिलते जब जब भागना क्या भाव होने जा वो खाए है पर दुख दुखी वो किसी और व्यक्ति को देखता है कि वो बोले का में जुड़ा हुआ है से है फिर दया भा आप लोगे पर हमार में कोई गर्व भाव नहीं है। हम तो केवल अपने सवा फुट से वैसे उनमें का भाव नहीं हो। पर यह सोच लो ये शास्त्र में है ये सददोकावननहैतोशे बनाया हो लेंगे। इसलिए द्वारा इस और ऐसी दया क्या है लोगों को यह ध्यान देना जिसके द्वारा वो बंधन से शो इस के द्वारा क्या आप ने क्या में किसी चीज की कमी है तो 1 ही क्या है? अनेक हैं, 1 माह मिला है पर इंसान में महत्वपूर्ण प्रशन है, उनकी चर्चा की जाती है। महा विद्यालय में ले रहे थे, उन्होंने पूछा विद्यार्थी से कि तुम्हारे इस महा विद्यालय में जान है ये शिकन दी जाएगी। जीवन मृत तो आज लोग अक्सर जनबज्ानधमेपलते में और भाग्य हो भाग्य भगवान ना तो उनको भर्ती का ज्ञान मिला और फिर बीच का था कि ये ज्ञान जीवन का लक्ष्य क्या है भगत? ये ज्ञान ज्ञान, ज्ञान का प्रॉपली कैसे थे। जब भक्त जो की कृष्ण भक्ति से जुड़े हो वो से भाग्यशाली है उन्हे पूरे जनम में भर्ती की है जिसके कारण मुझे जनम में जन्म ले रहे हैं। भर्ती को बोर्ड जो पूरा ने वाले है। se lag थे आप सब लाइक पति के घर में खाओगे हमारे घर में नहीं ना तो नाम है स और शास्त्र निर्णय किया है की भगवान किस रूप में तो आप सब ने है नाम स्वीकार किया है, शास्त्र भी पढ़ते हो। आज टीवी भर तो बुक में सहयोग लिया था, तो ये जो सेवा है कहते थे तुम पसंद करना चाहते हो तो क्या करो? क्यूँ का है सो इस वन के केंद्र में आपको metपुऔरगविजानका ना उठाएंगे तो क्या होगा? जीवन के ल समाज में कितना क्लेश है? अभी हम कैश या मैंने चप्पल चप्पल चलाने दे, इतनी गर्मी हो गयी, इतनी गर्मी होगी क गर्मी बढ़ गई है घर मे में आप देखोगे की आप समान के क्लेश है। गर्मी बढ़ती जा रही है तो जो सी आवश्यकताएं हैं सानी से प्राप्त हो रही हैं। आज सब्जी इत्यादी के लिए है। ज्यादा भाव बढ़ते बोली तो बढते जा जिसे भाई कहते हैं या संदेश दिया जा रहा है। क्यूंकि इस संदेश के माध्यम से आपने जीवन को सबल बना। जोगे आईचाी प्रोग्राम में, इसका मूड हम उन भरत के भार के करना चाहते हैं जिन्होंने प्रयास किया, बाइट दे में आप को बहुत बहुत शुक्रिया। हम कई भक्त जिन्हे नहीं दिया था। ये सोच लेना चाहिए कि हमें क्या चाय करना चाहिए, हमें क क्या करना। ये जो सेवा है सबसे महत्वपूर्ण सेवा है और भगवान के लोग भगवान 10 कर लेते हैं। सो ये ये सबसे महत्वपू सेवा है बड़े उत्साह के साथ a
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con on to get to the सब जुड़े वो आप देख रहे हो, पर की संख्या बढ़ती जा रही है, क्यों ये ग्रंथों पर रहा है। इन ग्रंथों के प्रभाव से ये आप देख रहे हो। लोग मंजर आते हैं, मंदी भीड़ होती
है
ग्रंथों का प्रभाव, कई बार बार पूछते है मेरे बाद dont se देखे जहाँ वो भक्त हो जाते हैं। नाम भा जी ने कहा कि में 1 पर लोगे न जीवन को सबल बना करोगे आप सब इस सेवा में जुड़ी है और आपको साथ में का करना अगर आप केवल का बात पर नही हो वो क्या भगवान प्रसन्न नहीं होंगे जब भगवान पर रहे हो भगवान, ये व्यक्ति मुझे समझना चाहता है आशुdगवधी जब आप देखेंगे या फिर मुझे के लिए बोल दी है तो अकसर उभर बोल चुकी है। गुड लो पार्टी पर हो रहे है। हे अरे
रे अरे राम रा
हरे
कृष्णा
तो आप लोगों को बहुत प्रसन्नता होगी। 1 बहुत सुंदर बनी कांड से योग रहा है आज आज जागतिक मदर्स डे
है
आज पूरी दुनिया में मदर्स डे सेलिब्रेट हो रहा है और ये मुझे बताने के लिए हुत पसंद होगी महाराज लगभग 6 महीने बाद यहाँ पर प्रकट हुए हैं हम लोगों को आशीर्वाद देने
का या
क्या हमारे सारे 4 साल या जैसा हमारा तो मरजी में कहावत है जो बेल होता है पुरुष भुजी लोग 1 ही बार माँ बनते है बता तो कुछ लोग 1 ही बार माँ बनते है जब वो गुरु बन जाते है न उनको गुरु मावली कहते हैं, गुरु को गुरु मावली कहते हैं। तो हमारे इस गुरु के गुरु माउली जो माँ है गोपाल मुश्क में हरा आज प्रति है
जो हम सभी माँ
की तरह ख्याल रखते आम को नरिशमेंट देते हैं हमको आशीर्वाद देते हैं परोसा देते है जो हमको मान से भी ज्यादा प्रेम करते हैं। तो आइये हम धन्यवाद देते हैं जोर से हरेक बोलकर
रे
आपकी जानकारी के लिए मैं बताना चाहूँगा कि कल है हम लोग ऐसा बोल रहे हैं जैसे आज कर रहे है जोर से बोलो।
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