प्रभुपाद जी से पहले इस संसार में शुद्ध भक्त नहीं थे? | 15 Oct 2022 | Viplava | Gopal Krishna Goswami

In this Hindi interview, spiritual leader Gopal Krishna Goswami discusses a range of topics relevant to contemporary devotees and ISKCON outreach. He emphasizes the foundational importance of principled leadership, offering guidance for aspiring leaders on cultivating discipline, devotion, and service. The conversation shifts to the challenges faced by today’s youth, particularly the distraction caused by smartphones, and how spiritual messages can be delivered effectively despite these obstacles. Goswami highlights the transformative potential of online platforms, describing them as a "golden opportunity" to expand the movement globally, especially through the IT and media sectors. He reflects on the legacy of Srila Prabhupada and the guru‑disciple relationship, contrasting the lives of renunciates and household devotees, and stresses the need for balance between material responsibilities and spiritual practice. The interview concludes with a hopeful message for society, invoking chants of Krishna and encouraging unity amidst current global conflicts. Throughout, the tone remains conversational, inspirational, and supportive, aiming to motivate listeners to integrate bhakti principles into modern life.
Chapters
स्वामी जी का स्वागत करेंगे। हमारे बीच में आज बहुत ही विशेष अतिथि जो की कान के हेड हैं आज से नहीं 50 साल से जादू से स्वामी जी अपने इस संस्था को कौन इंटरनेशनल सोसाइटी पर कृष्णा इस संस्था को लीड कर रहे हैं। तो स्वामी जी का हम जोरदार स्वागत करेंगे तालियों से ताली महाराज हरे कृष्णा महाराज आपको देखते ही। सबसे पहला जो प्रश्न हमारे ह्रदय में आता है वो यह आता है की इस अवस्था में भी हम देखते है की कई लोग बेड पर लेटे होते हैं। उनको उठाने के लिए 4 व्यक्ति चाहिए, बिठाने के लिए 2 व्यक्ति चाहिए। मूवमेंट नहीं होता बॉडी में। लेकिन आप के अन्दर इतना उत्साह इतनी एनर्जी जो कि कॉम्प्लान और बांड बेटा पीने के बाद भी नहीं आ सकता। इसका राज्य क्या है? उसको क्या 1 सीक्रेट है? कौन सी ऐसी डाइट है, कौन सी ऐसी बातें हैं? या कौन सी ऐसी मंत्र है जिसको आप जब करते हैं जिससे आपको इतनी एनर्जी प्राप्त होती है।
ये भगवान की कृपा है। भगवान ने 1 शक्ति दी है। वह चाहते है की हम सब उनकी सेवा में जुड़े। भगवान की कृपा है कि वह शक्ति देने और शक्ति का उपयोग करना चाहिए। किस लिए? भगवान की सेवा में आप भूलना नहीं चाहिए। मनुष्य जीवन बहुत ही दुर्लभ है। इसका सदुपयोग होगा आप इसे की सेवा में इस्तेमाल करोगे। एडवाइस एवरीवन बॉडी सर्विस लाल
बहुत अच्छा महाराज मैं जानना, चाहूँगा महाराज मैं जानना चाहूँगा क्या बचपन से ही आपके अन्दर ऐसे कुछ इच्छाएं थी की मैं आगे जाके मानक बनूंगा क्यूंकि जितना मैंने आपके बारे में पढ़ा है। आप डबल एम बी ए है अच्छी कंपनी में, पेप्सीको कंपनी में मैनेजर जॉब कर चुके हैं। अच्छी पोजीशन आपने हैंडल किया है मेटर लाइफ में ऐसा क्या आपको इन्स्पायर किया या बचपन से ऐसा कुछ प्लान था की आग है। क्योंकि इस संसार में हम देखते है की हर कोई व्यक्ति जितना कुछ एजुकेशन कम्पलीट करते है, कुछ भी डिग्री लेते हैं। परपस यह रहता है कि मनी इस स्वीट हनी इसको पाने के लिए न सही बोल रहा हूँ लाउडर आवाज नहीं आ रही। यदि आप सब मेरी बात को ऐसे अगर करेंगे तो आप रिस्पोंस करेंगे उधर से तो मनी इस ट्विटर दैन हनी, सही बोल रहा हूँ, बट मैं देखता हूँ महाराज आप इस मनी इस ट्विटर दैन हनी को गलत कर रहे हैं।
इसके पीछे क्या राज है छोटा रहा इस में कोई रुचि नहीं ली, कोई विचार नहीं था। कई साल देने में, काटे में कमी नहीं गया। बाबा जी की कृपा है कि उनसे मेरा परिचय हुआ और प्रभाजी ने हजारों को बाबा जी 1 जो की गए थे अमेरिका गुरु मराज के गुरू मराज के ले जाओ महापसंदेशकोपशचिम देश में प्रभाजी ने प्रयास किया इसे सफल बनाने के लिए। और मैं पराभाजीकोमिला था यून उन नाइनटीन सिक्टी एट टियर कैनाडा में प्रभाजी ने बड़े प्रेम के साथ समझाया या वे जीवन का योग नहीं करना चाहिए। कोई भारतीय प्रॉपर का पहला भारती जी भारतवासी इस स्थिति को अपनाए की खबर है कि उन्होंने मेरा परिवर्तन नहीं किया, हजारों का किया है और हमें इस देश को आगे बचाना चाहिए की बुलाई महाराज जवाब 2, 14 पंद्रह पर
महाराज मैं जानना चाहूँगा की जैसे आपने बताया की आप पहले इंडियन जी से जी, इंडिया ऐसी ही वहाँ गए थे कनाडा और यूएस में हर जगह गए। ऐसा क्या रहा जिसके कारण प्रो जी यहाँ पर कुछ नम्बर तरीके से चीजों को प्रचार नहीं कि जिस चीज का प्रचार वहाँ बाहर जा के पश्चात प्रचार करने के बाद इंडिया में लेके आए। क्या ऐसा रीजन रहा होगा ने
किया था, निवास कर रहे थे ऐसी हर क्लास का वार्डन के डब्बे में और पेपर खरीदे थे, दाबों को छापते थे और डिस्ट्रब्यूट करते थे पर प्रयास किया, मुंबई में भी प्रयास किया और कई जगह पर सफलता चाहिए थी वो प्राप्त नहीं हुए और चीज का समय होता है प्रणाली अमेरिका, जाओ, गुरु पर था कोर्ट, द, बेस्ट, कंट्री का ज्यादा सबल था। इंग्लैंड के साथ ने कहा इंग्लैंड नहीं जायेंगे जाऊँगा और बाबाजी ने बाबा जी गए थे पर वह बेटे में जो छोटा शहर है उसकी पत्नी ग्लेब के रोल लोग आपसे पूछने गये हैं क्या कर रहे है? उन्होने पेपर में 1 आर्टिकल डाल लिया, संस्कृत स्कॉलर और पबजी ने इंटरव्यू दिया। कॉलेज ने की मेरे खास हैं। आगे बढ़कर 4 को बुलाते बाजी की कृपा है ये कठिन यार
महाराज ऐसा क्या आपने देखा बता रहे थे प्राजी 1 शुद्ध भक्त थे तो प्रपा जी से पहले क्या इस संसार में शुद्ध भक्त नहीं थे? यदि थे तो आप उनसे मिले नहीं क्या ऐसा था? या यदि प्रोप जी शुद्ध भक्त हैं तो ऐसा क्या? आपने देखा प्रपा जी के अंदर में जिनको सरेंडर करने का मन किया और आप फिर सरेंडर कर दिए
हो लिया। परपज कई स्वामियों ने कहा स्वामी जी आप जैसा ज्ञान दे रहे हो, कोई नहीं सुनेगा आपको कुछ भी प्रेट नहीं किया और प्यूरिटी फोर जो समय कहा जाता है प्यूरिटी फोर्स दिया और
महाराज 1 बहुत ही कॉमन क्वेश्शन आ रहा है जो की सुनने में मिलता है की ये जितने भी लोग है स्कोन में जुड़ते हैं या बाबा बनते हैं। इनके पास कोई काम धंधा नहीं होता, ये लोग निहायती निठल्ले होते हैं, निकम में होते है जो की बाबा बनते है वही पर जब स्कौनवालोंऐसी बात करते है तो हमें ये पता चलता है की नहीं स्कॉनमेंबहुतसारी एक्टिविटी है जितने भी हमारे हैं जो सन्यासी है बहुत बिजी रहते है। मै ये जानना चाहूँगा की कोई भी व्यक्ति यदि आपकी संस्था से जुड़ता है या भक्त बनता है आप उससे क्या एक्सपेक्ट करते हैं उनकी क्या ड्यूटी एससी रहती है। आप उनसे क्या चाहते है कि सोसाइटी के लिए क्या करे या फिर अपने लिए क्या करे इस पर थोड़ा प्रकाश डाले।
हम चाहते हैं कि हम चाहते है की हर व्यक्ति दुर्लभ बने से जीवन का सदुपयोग करे। हम जाते लोग समझे ले बहुत ही दुर्लभ है बहुत ही कठिनाई से प्राप्त होता है इसलिए हमें उपयोग हो है तो भगवान की सेवा में नहीं लगाओगे पाया की सेवा तो जुड़ते हैं। कौन जुड़ता है। न केवल वो जुड़ते हैं बुद्धिबल है इनकी बुद्धि अच्छी है। जाने है की हमे हजारो हजारो जन्म के बाद भागे शाली है और वो व्यक्ति जुड़ते है। समझ है जीवन का
महाराज ऐसा देखा गया कि जो भी व्यक्ति इस संस्था से जुड़ता है या भक्ति में आता
है
तो उसके घर के लोग या आस पास के लोग ये बोलना शुरू करते रहे। अब तो गया काम से निकम्मा हो गया, जब देखो तब हाथ में 1 माला लेकर झोला और घुमाता रहता है। कुछ काम धंधा नहीं करता है। मैं यह जानना चाहूँगा, हालांकि वो बहुत सारे चैलेंजेस फेस करता है। बाहर इस भक्ति को कंटिन्यू करने के लिए मैं ये जानना चाहूँगा की इस रास्ते पर आने के बाद या भक्ति में आगे बढ़ने के लिए उसको क्या सेक्रीफाइज करना पड़ेगा। और यदि कुछ सेक्रीफाइज करता है तो उसका जो मटरिललाइफहैउसपे कितना उसका इफेक्ट आता है। पॉजिटिव और निगेटिव आस्पेक्ट दोनो में कई
लोग भी जुड़ते हैं। बहुत ही खुश हो ते है देखो बेटा अच्छी लाइट में आएगा ही सोचते हैं। वो हमारा बेटा भाई बन गया, हमारे सब कुछ नष्ट हो गया तो यह सोचना की दुखी होता है। बहुत से उदाहरण हैं और 1 है े और जो कुशों से उनकी क्या अच्छी चीज मिली है। कृष्ण भक्त है, वो लाभ उठा बचायी है, है ना करता है, है न मजे में रहे और कई माने में है नौकरी करते हैं, करते हैं, भगवान की सेवा भी करते, भाई की सेवा करते हैं, शायद वो बन जाते है की बहुत आवश्यकता है और हमें खुशी और दूसरों को भी यह बात सच है थोड़े बहुत लोग दुखी भी होते हैं, जो दुखी भी होते हैं, उसे ही देर के बाद है देखो अच्छा निर्दय लिया। अब देखो ये खाजा भी लाइक लाइक महाराज।
यदि ऐसा है की आपकी संस्था से जुड़ने के बाद उसका चरित्र अच्छा होता है तो फिर अभी भी मैं देखता हूँ। कई सारे यहाँ पर बहुत 5000 करीबन इकठ्ठा हुए हैं। इस में से कुछ से मैंने पूछा था, जब आ रहा था तो उनके पैरेंट्स उनको अलाव नहीं कर रहे, उनको डाउट होता है की नहीं तुम वहाँ जा रहे हो, मामला हो जाए। यदि आप का कहना है कि आपकी संस्था से जुड़ने के बाद उसका चरित्र अच्छा हो जाते तो फिर बाकी पैरेंट्स जो है वो अपने बच्चों को क्यों नहीं? इसके बारे में आपका क्या कहना है?
कई बड़े भाग्यशाली है हलो क्या, इससे तो पहले से होटलों में क्या किया जाए। कई अज्ञान है और जो शुरू में विरोध करते हैं। ये अनुभव है। समय के साथ उनके विचार जाते है। यह हमारे भाग को बदले ला दे। पैलेस में रहते हो देखते हैं, गुरु से मिलते है, वो देखते हैं। यह तो बहुत अच्छा है, वा है। थोड़े बाबा विरोध करते हैं। और अंत में और नसिंग हे खुदा कर देख सकते हैं कि बच्चे ऐसे भाषा में है। और 1 अमेरिकन के जुड़े थे, इस संस्था के साथ में नाम निकाल लिया था। कुछ भी छोड़ के नहीं जा रहा तो 45 साल बाद देगाबाकी बेटी तो शराबी बन गए है और यह बेटा बन गया है बाप रे जब देखते हैं आप देखते हैं बच्चे कैसे सुधर गए हैं प्रमोशन व उनकी बुद्धी है
हैप्पी है महाराज जैसे आपने बताया की 1 बेटा सन्यासी बन गया 1 बेटा बदमाश बन गया तो सन्यासी को उसने सम्पत्ति दिया मेंस सन्यासी का जो 1 इमेज है वो बहुत ही ऊँचा इमेज है अच्छा इमेज है मानता हूँ अच्छी बात है। इसके बावजूद भी मैं आप के कौन से सुना था की आपके इस में जीरो प्वाइंट जीरो वन परसेंट ब्रह्मचारी है मेंस नाइनटी नाइन नाइन परसेंट गिरस्ता डिवोटी है। तो क्या ऐसा रीजन है जो इस संस्था में ज्यादा से ज्यादा यूथ या कोई भी व्यक्ति सन्यास आश्रम एक्सेप्ट नहीं करता। यदि यह आश्रम इतना अच्छा है तो और यदि कोई चाहता भी है तो उसके पैरेंट्स उसको कंट्रोल करते हैं। कोई भी आस पास के लोग और है ज्वाइन करना चाहता है या सन्यास लेना चाहता है वह राग का जिंदगी जीना चाहता है तो उसके लिए इस कौन क्या स्टेप लेगा। 2 मेरा प्वाइंट है
स बड़ा को जाने के लिए काफी क्वालीफाई करना पड़ता है आगे जीवन बिताना चाह आश्रम में है, भाग है चाहे आप किसी भी आंखे में रहो इम्पोर्टेंट नहीं सा आश्रम में सेवा करनी है। धान को भगवान की सेवा लगाओ। वो क्या कहते हैं ना हो कैसे हैं, भले हैं, घर का खर्चा आधा हो गया है। कैसे कैसे बदले घर होटलों में ज्यादा सब बंद कर दिया। मैंने कहा देखा मे भक्ति का 1 और लाभ है आपके पैसे की भी बचत होती है।
महाराज 1 प्रश्न आता है ये भक्ति करने के लिए। इस कौन ही सिर्फ क्यों और भी सारी संस्था है क्या उसमें भक्ति नहीं हो सकती? सिर्फ स्कॉन में आने के बाद भक्ति हो सकती है क्योंकि स्कोन वाले बोलते है की वी आर द बेस्ट और म द बेस्ट और फिलोसफी इज द बेस्ट। इससे कहीं न कहीं वो आ रही है उस अहंकार की। और मुझे ऐसा लगता है कि भक्ति में आने के बाद अहंकार जो है वो सबसे बड़ा दुश्मन है, ऐसा मुझे लगता है। हम लोग तो मेटरलिस्टिक तो बाहर की दुनिया में रहना होता है फिर भी। लेकिन आपके भक्त हमेशा बोलते है की नहीं हमारी किताब अच्छी है, हमारी फिलोसॉफी अच्छी है। कहीं शुद्ध भक्त नहीं है सिर्फ इस कमी वाई, इस कौन
क्या है भक्यअभ भक्ति है। सारे ने स की बात यह है जिन्होने भक्ति स्वीकार किया है ऐसी भक्ति का संदेश है, उनको हम छुपा देते हैं। 1 बार मैंने 1 चाय से पूछा बड़ा बड़ा लेक्शन देते हो पर तपस्या का वर्णन न निकलते की जब की समस्या का वर्णन सासे है। स्वामी जी, समस्या की बात करूंगा तो कोई इलेक्शन नहीं। आएगा इसे इसकी चर्चा नहीं करते। न कोई बदला नहीं। भगवत गीता का क्या नाम है भगवत गीता यथा रूप ऐसा रूप क्यू कनक्लूजन? तो ये था पाबाजीकाभावजोबकती का सन्देश कोई भी देख सकता है। बात यह है अधिकतर चर्चा से और ये रियल मेसेज और प्रचार करते हैं आज रखे शांता के अनुसार इ इसलिए उसका
महाराज इसी से सम्बंधित मेरा 1 अगला प्रश्न है जो की आपकी संस्था पर 1 तरह से ये आरोप है। आपकी संस्था में जुड़ने के बाद आपके जो प्रीचर्स हैं जो डिवोटिज है कनेक्टेड उनका कहना है की सिर्फ और सिर्फ शिलप्रवपाजीके किताबो को पढ़ना है ठीक है कई सारी संस्था है सब अपने अपने जो उनके आचार्य है जो उनके गुरु जन है उनको फॉलो करते हैं उनकी किताब को पढ़ते है लेकिन साथ में और भी किताबे पढ़ते हैं। मैं देख सकता हूँ की प्रवपाजीसारे ग्रंथों को नहीं दिए ट्रांसलेट ने के भाग दे दिया, चेतन चेताने दिए। आपके जो प्रीचर है उनकी टीचिंग में या उनके प्रवचन में ऐसा देखा गया है की वो और भी बाकी किताबों को कोट करते है जो की आपके जो स्कॉन का पब्लिकेशन है बी बी टी नाम से उसका किताब नहीं है में प्रोप ट्रांसलेटेड या रेटेड बुक नहीं है बाहर का वो किताब यूज़ करते है जब आपके प्रीचर खुद ही उसको यूज करते है तो फिर क्यूँ फोर्स किया जाता है की प्रपात की ही किताब को पढ़िए
बड़े सरल तरीके से जो है उसे प्रस्तुत किया है। what was to के पढ़ नहीं सकते पर everything सरीफा को पढ़ोगे उतना गयान ही समझ लोगे आप का जीवन जितना पढोगे और पढ़ोगे कई बार लोग पूछते हैं पढने मे रूची के रू बोरा वीबी सि
महाराज ऐसा आपके संस्था में देखा गया की भक्ति तो वृंदावन में जब हम आते हैं अभी हम लोग गिरिराज में आये आपसे मिलने के लिए, आपका दर्शन करने के लिए भक्ति का माहौल है चारो तरफ, लेकिन जितना रिस्ट्रिक्शंस आपकी संस्था में है ये नहीं खाना है, ये नहीं पीना है, यह नहीं पहनना है, यहाँ नहीं जाना है, वहाँ नहीं जाना है, गोवर्धन के किनारे नहीं जाना है उनका पत्थर लेकर, उनके शिला को लेकर घर नहीं जाना है। इतने सारे रिस्ट्रिक्शन बाकी संस्थाओं में देखा जाता है की इतने सारे रिस्ट्रिक्शन नहीं है फिर भी वो लोग ही ऐसा दिखता है वो ब्लिसफुल है, डांस करते रहते हैं, रोते रहते हैं, क्रिष्ण की याद में आपके बूटी को देखते हैं, जल्द ही उनकी आँख से तो आंसू भी नहीं गिरता है कीर्तन होता है तो रोते भी नहीं है। वो इतने ज्यादा रिस्ट्रिक्शन की क्या आवश्यकता है।
आपको 1 विलेज का उदाहरण 1 मेरा प्रोग्राम प्रोग्राम हॉलैंड परोस हॉलमे लोग थे क्या करे बा हमारे हाल में नाचने के भूल में आने के शराब पीनी पड़ती है, सो हाथ पकड़ने पड़ते है, शराब पी रहे हो, ताकि का हाथ पकड़े हो, ये आदत कैसे आ रहा है? उन्होंने कहा भाई नाम लेकर लोग आदत प्राप्त होगा। इसलिए आज हम इस देश को स्वीकार करना चाहिए और आगे बढ़ाया जाए।
या पर यही प्रश्न महाराज की सिर्फ इतने इतने सारे रिस्ट्रिक्शंस क्यों है जो
नियम है यह नियम पर नहीं बनाया, यह परम्परा में आ रहे हैं और ये नियम है। सुधार के नियमों का पालन करोगे तो आपकी लाइफ में वे इम्पोर्टेंट महाराज जैसा
की आपने बताया की भारत में बहुत आसान है प्रचार करना इसके बावजूद भी मैं देखता हूँ की भारत में बहुत ही मास लेवल पे कनवर्जन हो रहा है हिंदु क्रिस्टियान डी की ओर जा रहे है या इस्लाम की तरफ जा रहे है अपने सनातन धर्म को छोड़ रहा है। यदि इतना आसान है भारत में प्रचार करना तो फिर आपकी संस्था का क्या कंट्रीब्यूशन है इस कनवर्जन को रोकने में
घर जाते है, सालो से ट्राइबल है उनको से सामना करना पड़ता है। हमारे तो हम क्या कर सकते हैं सरकार का कानून तो नहीं बना सकते और विचार कर सकते हैं। और अभी ड्राइवर ने स्कूल खुले ट्राइवर पीछे उठा 4
महाराज काफी अच्छा आप 1 प्रेरणा मिल रही है साथ ही में ये क्वेश्चन मेरा है की जितना आपने चैलेंज फेस करके या डिफिकल्ट सिचुएशन में भी आप अपनी ड्यूटी को पूरा किए में प्रीचिंग कार्य को आगे बढ़ाए तो जितने भी हमारे सनातन प्रचारक है या आपके इस संस्था के प्रचारक हैं आप उनको आपने भी बताया की उनको काफी सारे उनके चैलेंजेस फेस करने होते हैं तो उस डिफिकल्ट सिचुएशन में वो कैसे अपने इन्तुजियाजम को या उस प्रीचिंग स्पीरिट को मेंटेन रखे उसके लिए आप क्या मैसेज देना चाहेंगे
शिक्षा के आधार पर चला गया का पालन रे आप खुद ही देखोगे आपका धन देगा बढेगा और बलि कटेगा वी डोंट हैव टू पेरिमेंट
महाराज मेरा अगला 1 क्वेश्चन है कि जैसे की आपको भी पता होगा और हम लोग तो सुनते ही रहते हैं दिन भर सोशल मीडिया पर इस कौन के बारे में बहुत ज्यादा निगेटिव बातें है, पॉजिटिव भी है, निगेटिव भी है लेकिन ऐसा है की किसी भी व्यक्ति को निगेटिव चीजें जल्दी अपना 1 घर बना लेते है अपने दिमाग में इंस्पायर कर देते हैं उन चीजों को करने के लिए और अप्लाई करने के लिए तो जैसे आपके भी कई सारे प्रीचर हैं कई सारे हैं प्रीचर जिनसे भी मेरी बात हुई तो वो कई बार डिस्करेज हो जाते हैं। इन सारी नेगेटिविटी को सुनकर या निगेटिव न्यूज को फीडबैक को सुनने के बाद मैं जानना चाहूँगा की महाराज ऐसे सिचुएशन में जब कुछ जस्ट 1 अपोजिट जो हम करने जा रहे हैं उसके अपोजिट रिएक्शंस आ रहे हैं, निगेटिव में आ रहे हैं। ऐसे सिचुएशन में कैसे अपने आप को बैलेंस करें या उससे कैसे सामना किया
जाए उसका वी शुड हैव। फa विश्वास होना चाहिए पालन करेंगे सुना होगा। गो हैज जोज सो
महाराज जैसे अभी मैं देख पा रहा हूँ की अभी 5000 हुए है और जब आ रहा था तो रास्ते में हर जगह मुझे ये धोती कुरते वाले थी यूथ नजर आ रहे थे जिधर भी मैं गया काफी अच्छा है काफी भीड़भाड़ हो रहा है और जब मैं आया तो वेटिंग एरिया में था तो मुझे पता चला की इस बार हम 5000 लेकर आए अगली बार 10 हजार ऐसा कुछ आप लोगो का प्लान है अच्छी बात है आप ज्यादा से ज्यादा यूथ को गदर कर रहे हैं। मेरा 1 क क्वेश्चन है जब इतने सारे यू हर 1 प्रोग्राम में या आपकी टीम इकट्ठा कर रहे है, इतने लोग प्रचार कर रहे हैं, लेकिन यहाँ के बाद जब वहाँ जाते हैं, दिल्ली या कहीं दूसरी जगह पर जाते हैं, दिखते नहीं है। जाते कहाँ है?
ये पिछले साल के लगभग दुगाउसेपिछलेसालके दुगा से प्रयास है। पर जी कहते थे की सेवा को डेवलेट करना चाहिए। हर साल मेरे खयाल से हर साल की संख्या दुगनी होती जा रही है। पर पहुँच गए, करने जा रहा हूँ, बेलर किए इस योजना को सफल बना रहे है और हमारे मन में इच्छा रहेगी। भगवान को खुश है कॉल? तो करना चाहिए। और उम्मीद है ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े क्यो क्योकि ज्यादा से ज्यादा लोग सूखी बनेंगे। भगवान की क्या इच्छा है? सेवा में जुड़े और जैसे की है बस खुश से वो देखते है। बजे सेवा में जुड़े हैं, भगवान भी उसके अब भारी बढ़ जाते हैं।
i die
महाराज 1 जिज्ञासा आ रही है की निश्चित रूप से आपके नेतृत्व में या आपके सानिध्य में यह कार्यक्रम हो रहा है। इतने सारे युद्ध आ रहे हैं और आगे भी आयेंगे। इस युध प्रीचिंग को लेकर। आपका क्या 1 रीजन है। आप क्या चाहते हैं? इससे क्या प्राप्त करना चाहते हैं? सोसाइटी के थ्रू? इस युद्ध के थ्रू?
us the future leaders of टोबoडोअगरआपयूज को छोटी से ज्ञान देंगे। तो यह शो कैरेटर? आज आपके उस बुक में कैसा है? कौन बताएगा आप बताइए। आज जो हमारे यूज हैं उनके बाद हर बुरी आदत है, कई बार के भाग कहते है इंडिया में हमारे अमेरिका में कोई अंतर नहीं है, वहाँ के लोग भी बहुत आवश्यक है। मुझे बचाए से बचेंगे कैरेक्टर कैरेक्टर? be useful to the con। आज हमारे जो है वो इसे
आपने
मेरे बेटे को बचा लिया, हजार लोग खुश हो से बच्चे बचे है, कोई भी बाप नहीं बेटा जाए। you have।
महाराज आपने बताया था कि भगवत गीता पढने से सब कुछ मिल जाएगा और मुझे पूरा विश्वास है कि ये यूथ का ही क्वेशन है। क्या आप भगवत गीता पढ़ने से अच्छी नौकरी मिल जाएगी?
संभव है। कहते हैं 4 स्थितियों में लोग 1 से चाहिए, नहीं चाहिए चाहिए गिर परो ो
ओके स्वामी जी, हरे कृष्ण, हरे
कृष्ण गुरु महाराज प्रणाम, मेरा प्रश्न, यह है महाराज। जैसे की आपके बारे में हम इतना सुनते हैं कि आप पिछले चौवन साल से भी ज्यादा समय आपको हो गया है पोपाली के आंदोलन में सेवा करते हुए। और हम देखते हैं कि आपने कई सारे लीडर्स को ट्रेनिंग दी है अपने गाइडेंस में, और इतने सारे लीडर्स को
हम देख रहे हैं।
तो वो यू जो कि फ्यूचर में अच्छे लीडर बनना चाहते हैं, उनको क्या मैसेज देना चाहेंगे कि वाट इज द क्वालिटी ऑफ बिकमिंग ए गुड लीडर हो? कैन वन बिकम 1 ग्रेट लीडर आपकी तरह या आप से इंस्पायर्ड करते हुए कैसे अच्छा लीडर बने?
प्रिंसिपल बेरी इम्पोर्टेंट है, उसके द्वारा, चुके हैं ोडीदफोनऔरकिाचमकार निकाला हम का पालन कर रहे हो, और उसके आधार पर प्राप्त होती है प्रा। तो अंडरसा इसके द्वारा। ऑपोरचुनिटी। तो तुम्हारे को पका ले रहे हैं।
रेकृरेकृषणाकुरमहाजी महा जी, इस समय हम लोग जैसे कॉलेज में और कई जगह यूथ पिचिंग करते है तो सबसे बड़ा हम लोगो को चैलेंज आ रहा है। इस समय की जैसे आज के यूथ हैं वो बहुत अच्छे से हम लोग ऐसी यहाँ भगवत गीता का सन्देश सुन कर जाते है। लेकिन जैसे ही अपने रूम पर पहुँचते है तो उनके पास बड़े बड़े स्मार्ट फ़ोन है उसमे व्यस्त हो जाते है। इस स्मार्टफोन से आज के युद्ध को कैसे बचाया जाए? और आज के जो हमारे प्रचारक हैं उनके लिए क्या सुविधा? उनके लिए क्या ऑप्शन है? कौन सा गाइडेंस दे बच्चे आज के फ़ोन से स्मार्टफोन विशेष तौर से बच
वेरी इम्पॉर्टेंट क्वेश्चन को सुनाई दे रहा
है, आप लोगो को सुनाई दे है गुरु महाराज की आवाज पीछे वालों को सुनाई दे रहा है गुरु महाराज
थोडा
सा वोल्यूम क्लियर कर सकते हैं पीछे सुनाई नहीं दे रहा है
ं cors us लोग क्या करे हैं लोगी को लेकर मैंने नेक्शन में कहा था नाइंटी सिक् न सिक्टी आइ परसेंट स्मार्फोन के कारण हम ये देख सो डाउनसाइड पॉलिटिन साइड स्मार्टफोन्स में ये पुरे वाला प्रापर बुक आप मे से किसने सोचा था 10 साल पहले परापर सारी किताबों को अपनी जेब में डाल दोगे सोचा था हा या ना आज सम्भव है जो फोन पर से भी बचेंगे और आपका जीवन भी बचेगा।
तो आखिरी प्रश्न में लूंगा ऑडियंस से 1 महाराज पूछना चाह रहे हैं। उसके बाद प्रोग्राम को समय को ध्यान रखते हुए हमें वाइंड अप करना है।
yes महाराज hare krishna maharaj, we can spread this movement by taking advantage and i den fing govin opportunities in preaching? what do you see as the greatest golden opportunity in news pricing? and how can we take advantage of it? हमार राज्य ने प्रश्न पूछा है कि अभी हम देख रहे हैं ऐसा क्या चीज है? क्या गोल्डन अवसर है जिससे कि हम अपने प्रचार को बढ़ा सकते हैं और उसका उससे एडवांटेज ले सकते हैं?
ये जो खूब दूर सालो के लिए खोल के द्वारा ट्रांस ले के आ गया, ऑनलाइन प्रचार, ऑनलाइन प्रचार है सारी दुनिया में ग। we try letsoweryopportunity and the us agrasar bt i should use a inteligent message on a lot erica जाओ आईटी सेक्टर में आई डी बने लोग इंडिया गए है वही कंपनी गूगल कंपनी है। आप अपनी गुल्ली का उपयोग करो, मार लिए रिकार्ड पर अपने देश की सेवा करोगे, अपने समाज की करोगे सेवा करोगे। कैसे हैं उधर हो जा, जाए बाबा को बोलो लोग दुखी आप बच्चे का धार कर दोगे
तो वनमोमाराजकी समय हमारा समाप्त हो रहा मेरा आखिरी 1 प्रश्न है आप से यह 1 रिक्वेस्ट है देख रहे सामने बहुत सारे युध हैं और ये विप्लो का 1 प्लैटफार्म है इस विपलोवाप्लैटफार्म से आज के इस युद्ध के लिए क्या स्पेशल मैसेज देना चाहेंगे
आप सबसे पहले फोल्चुनेटकयूआपको प्राप्त हो रहा है और foलचuनेटकपोज तो भाग्यशाली है गले साल क्या योजना होनी चाहिए क्या हो गयी और लोग से है कई बार जाकर क्या करेंगे वो आते हैं तो क्या देखते है। a happy मेसेज टू यू hap्पी सोसाइटी है हे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे
हरे सभी माला का जाप कीजिये सोना बना कीजिये
तो बहुत बहुत धन्यवाद करेंगे महाराज जी का महाराज आपके साथ मुझे मिल के दर्शन करके मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं आपसे आशीर्वाद की करता हूँ की आप मुझे आशीर्वाद दे ताकि मैं भी आज ऐसी भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ सकूं तो थैंक यू सो मच और बहुत जल्दी फिर से आपके दर्शन करने की अभिलाशा रखता हूँ
मैं अगले साल सवा हो गए अगले साल आप सब आयेंगे
महाराज
अगले साल क्या कर गये थे आपका ध 10
हजार
आगे लेकर चले गए ओके यस
मेराज थैंक यू सो मच
हाई क्रिश्ना हाई के
हाल
हमारा हाल।
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