मोदी जी ने ऐसा बोला जैसे टेंपल प्रेसिडेंट बोलता है | आगरा | 17/09/2021 | श्रील गोपाल कृष्ण गोस्वामी

Shri Gopal Krishna Goswami addresses devotees at the Jagannath temple in Agra, urging them to expand the temple through hard work and sincere service. He connects spiritual growth to contemporary India, referencing Prime Minister Modi's leadership and the Made-in-India ethos while highlighting Agra's landmarks and the promise that sincere devotion brings blessings.
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a o, बहुत खुश हूँ आपके जगना जी के मंदिर में आने के लिए और यह कहूँगा जरूर आपकी जो जगना जी हैं बहुत खुबसूरत है ने कई जगरातों का दर्शन दिया है। आपके जो जगना जी हैं स्पेशल खूबसूरती है उनमें आप सब आगरा मंदिर के साथ जुड़े हो। तो सुनने में आता है कि यहाँ भक्तों में बड़ा उत्साह है। 1 बड़ा मंदिर बनाया जाए और आप कितने पक्षाे बड़ा मंदिर बने, बड़ा मंदिर हरी हरी वो अरे वो बोलना आसान है। रब के साथ आपको मेहनत भी करना पड़ेगा। ठीक है न, रीबोक साथ थोडा मेहनत भी करना पड़ेगा। तो आपका मंदिर ज्यादा बड़ा नहीं है, मेरा छोटा भी नहीं है और यहाँ मैंने सुना है। 5 में ज्यादा कठिनाई नहीं है, चेतन माह प्रभु स्वयं भगवान है। पर स्वामी को शिक्षा दे रहे थे। रूपगुस्वामीउनके भाई उस समय के बड़े प्रसिद्ध मुसलमान राजा के राज्य के शासन है। उनकी रुची नहीं थी और ऐसे से दोनों भाइयों ने सरकारी नौकरी आगे उन दिनों में भारत में बंगाल में काफी मुसलमानों का राज लिया था। तो आप सब स्वामी दादा स्वामी से परिचित हो। सुनाई दे रहा है की नहीं दे रहा, लगता ही नहीं दे रहा, पीछे सुनाई दे रहा है। रे ने कहा भगवान जी गुरु कृष्ण कृपा पाये, अनेक योनियों में कुचलने के पश्चात हमें ये मानव धेय प्राप्त होता है और हमें यह ज्ञान प्राप्त होता है कि भक्ति योग जीवन के लिए सबसे आज हम समाज में क्या देख रहे हो। आप देख रहे हो कि लोग सुखी है कोई खुश से समाज में हमें मिलने करूणवती। लोग भी आते हैं। सब 1 ही संदेश है। हम निराश हैं किचन है, शांति का क्या है तो इस प्रकार बीज उगता है, पानी पिलाने से बगिकभीजउठता है, क्या करने से भगवान का नाम लेना। परी ने पूछा था ये बताइए खरिगामेंलोगों का उधार कैसे होगा? कल दोषी राज, ये राजा में कोई गुण है? क्या आप सब का सुभाग की महिमा पर समय सब मेश जॉब करते हो? 1 बार चेतन मा ने कहा अब मैं सिर्फ लखपतियों के घर में काम और किसी के घर में भक्त है। आप केवल लगभदकेघरमेघाओगे हम लगभद नहीं है, हमारे घर नहीं आओगे लगबतीसेममतलब है लाख या ना तो भगवान होते है। यह हम नाम को बुलाए तो आप सब को सभा है। आप कृष्ण भक्ति में जुड़े हो और आप सब का ये भाव लेना चाहिए। हमने उभार के संदेश आदेश इस सं संस्था आप जानते कि या स्पेशल साल है क्या? ये सागमहैथहाएकसौपचचीस सा आप ने प्रधानमंत्री के साथ इंटरव्यू देखा था, देखा था, प्रधानमंत्री ने ऐसा भाषण दिया। temple president का जो अधिकारी है कहता हूँ मेड इन इंडिया, साल इंडिया में बनना चाहे। वो कहते हैं विश्वास ही है। तुम मोदी गा इस कौन का उदाहरण देता कैसे बराबाइलीनेछालीस जे सारे विश्व मे साबित किया इसको एग्जाम ले हे इसको अन्य है कि भकतींदस्ामीनेसने विश्व में कृष्णा भर्ती की स्थापना की है। तो आपका आग्रह शहर 1 रूप से बड़ा ऐतिहासिक शहर है। क्यूं आपके मेल के में ताज महल कई सोचते है। ताज और मुसलमानों का मुश्किल है। ताजा। उसने बुलाया था रुपया पढने के लिए। सो आगरा शहर है। मैंने यह भी सुना अभी आपका आगरा का एयरपोर्ट बहुत एक्टिव हो गया है। आग से आग जा सकते हो जा। ये भाव अच्छा है की आग में इस कौन सा सुन्दर बंदर होना चाहिए। ज्यादा बड़ा ने यह से वृंदावन में है। और अपने भक्तों के अनुसार मिनट बात। तो ये संभव है। अगर आप आपकी कृपा कहा गया? और जमीन देखो हम आ गए। जमीन की अच्छी जमीन है। आगे काम आप लोगो का। तो अगर आपकी इच्छा होगी या भगवान बिराज हो, भगवान जरूर पर होगी। बाबूजी ने कहा आज भगवान का यहाँ बनाते है, आपका घर अपने धाम में बनाते। काम में से भगवान के बा कोई का सवाल नहीं मैं। आप निर्णय कर रहा तो जरूर बन। भक्ति मेरे लाल है। उस गाँव में भूल नहीं चाय। कई बार माया ऐसा प्रभाव रहा। क्या है जल्द ही भक्ति के लिए सरकार आपको 60 साल रिटायर कर दे दिए और भक्त आफगसरतिोअंतरतोरटारमे तो यह भक्ति का बीज बगीचा उगेगा कितोकेसाथसालीसंघ की आवश्यकता है। साधु संग में रहोगे तुम्हार के संदेश को सुन चेतन। आज बहतपूर्णविसबाथा शालू खान लू। उसे कहते हैं हम भारत में सोचते हैं। जिसने घबरा सैफरन, कपड़ा पहने वो साधु बने। साधु हुआ है कि साल के आधार पर 4 किया। सबसे पहले है। सारी फिल्में शादी, समे रहोगे तो असली सन्देश रहेगा। क्या है धमाके में ये हरी नाम का ये शासन मे है। पर आज कोई ऐसा संदेश नहीं दिया, कोई शासन नहीं है। हर चीज गीता, कोई सुधारण किताबें वान की वाणी shrima को सादा। श्रीमा भगवान के उपासना अादमी जीवन इतना कठिन नहीं है। और आदमी जीवन के द्वारा तुम्हारी गीता के अंत में क्या कहते हैं सर्व मा फाइसजियावामे सर पापी अगर आप भगवान की शरण में आओगे हमारी का पालन करे। भगवान हमको क्या गारंटी दे रहे हैं, क्या कह रहे हैं भगवान, बिना शंका के कहाँ जाओगे। तुम्हारी जान। आपने। एवर्जन कंपनी का नाम सुना आगरा में भी है। वजन गारंटी है। लोग एमेजन से क्यों खरीदे है हलाकि। उनका भाव कई चीजों में ज्यादा है, इसलिए खरीदते हैं। ये उनकी जो गैरेंटी है वो बहुत अच्छी है। 30 दिन के अन्दर मा और हमारे कई भक्त न्यायवेदनमें काम करते। वो कहते हैं कई बार लोग इस्तेमाल करके भी वापस करते है। है तो या पूरी पारी आपको ऐसा गारंटी देता है। हम विश्वास करते हैं या भगवान कहते हैं हम विश्वास नहीं करते। यह हमारा दुर्भाग भागे दे। तन मन धन से क्या करो और इसके द्वारा भगवान दे। मगर ये करोगे। हे मा आपको भांग लौटने की टिकट फ्री मिल रही है। जो भी हम का आदमी, आप सब याद कीजिएगा। आपके भगवान देखेंगे। आपका प्रयास खेंगे। आप ही आगरा के भगत चाहते हैं कि मैं इधर निवास करो। मैं तैयार हूँ। मै भी थोडा समय में है। प्रेशर उत्तर के लिए छोड़ना चाहा पर इस प्रकार का कोई परेशानी है? प्रश्न ले हगरे। कठिनाई? तो आएगी हर कदम में चाहे माली हो या धर्यगिवोकठिनाई, के सामना करने की शक्ति भगवान से आती भाग जाब कठिन स्थिति में होता है को सोचता हे भगवान आप के सीमजुबासेखष्ट कम हो गए हैं अगर कोई लाव आए तो जो मान के बाद है तो करने आएगी हमें बाइक नाम लेते हुए याद करना है वी शुड गो न ड्राइंग अरे महाराज राधा रानी बड़ी है की भगवान कृश्ण बड़े है में उम्र में भगवान किशन बड़े है की राधा रानी बड़ी है दोनो की उम्र से राजन राधा रानी कौन है भगवान की अब राजधानी को बी की बेस्ट डिवोटी है साहब जारा फैसला करोगे राजधानी करती है वोजनसेरभग्तेइसे स्वीकार करो अरे और कोई प्रशन मैंने सोचा था आपके कई परेशन होंगे आपके स्वास्थ की वजह से महाराज जरा सब शांत हो र साजी कृष्ण जी में सिक्स्टी फोर क्वालिटी होती है और ट्वेंटी ऐसा क्यूँ राजधानी ये शादी व कृष्ण बनवाएंगे बराबर हमेशा यही जानती है भगवान की सेवा कर देना compet kिश्naादकरिशन तो 1 ही है राधा कृषणा आप राधारानी को यही मानकर चलो वो भगवान की सबसे प्रसिद राधारानी की आ जाती है कि कृष्णा का भक्त बने और ो 16 बार का जॉकवोलकोलकरता और 8 वाला के गर, 84 बार के ग्रे आप शमसा उद्देश्य यह होना चाहे। अमेरिका गए थे पहले का मना करने का हाँ पूछो तुम जो को कहीं कहीं क्या किया जाए? अर्जुन ने क्या कहा भगवान से चंचल बना कृष्ण हे कृष्ण यह मन बहुत ही चंचल है आप े मन का पहुंच सकता है। अमेरिका ने विश्व की है यात्रा कर मन को वश मनाना उद्देश्य है और इस कलयुग में वन 1 छूट भी है मन गा अब चिंतन मत करो, हिंद का प्रयास करो, मन भटक दबी तो भटक सा अगर भोजन खाना है, भोजन खाते समय आगमन भटक रहे, भोजन खाना बंद कर दे दे मनसे खाते हो, जो खाते हो कोई बार बार ठोकाठाकी करे। अब क्या कहते है शांति में खाने 2 बाद में आना ठीक है न उसी प्रकार जब आप जॉब करो, फिल्म पढ़ के आप चिंता मत करो, इगनोरे उसकी प्रभाव मत करो। और जॉब करते था। और इसमे की आँखों कठिन है? ये तो बड़ा स्थान है। हां, जब देखते हैं, आप प्रयास कर रहे हो की सेवा करने के लिए भगवान कठिन का सकल बनाते है। और जब आप देखते हैं, आप गेज में कोई रूची दे, सरल कार्य कठिन बन जाता है? ओके और कुछ में से लगभग रोज कौन कौन आता है उनमें सेवा करने के लिए सेवा करने के लिए? कौन बोला? ये आज जो कम्युनिकेशन के भक्त हो, जो आता है वो डेरी नहीं, सेवा करोगे तो नाम आपको मिलेगा आई, नाम लोगे लाभ, आपको मिलेगा नहीं रहोगे आप का भाग सेवा नहीं करोगे तो आपका का। हम तो केवल के दलाल जहां दलाल के रूप में घूमते हैं, भगवान के अंदाजी के साथ, भगवान मनभगदोंकीवायहजाते है की प्रयास करते हैं, उनके संदेश को आगे पहुँचाने के लिए के थैंक जायदा। दम व र।
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