श्रील रघुनाथ दास,रघुनाथ भट्ट,कृष्णदास कविराज गोस्वामी तिरोभाव 17.10.21 Faridabad Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī

The video records a devotional gathering in Faridabad on 17 October 2021, led by a speaker (referred to as Speaker A) who welcomes the audience with traditional salutations to Lord Krishna and introduces the occasion as a day of remembrance for various saints (e.g., Shril Raghunath Das, Raghunath Bhatt, Krishnadas Kaviraj Goswami). The talk weaves together historical anecdotes about these saints—detailing their birth, family background, hardships under Mughal rule, episodes of escape, and their dedication to spiritual service. The speaker then shifts to a philosophical discussion on the nature of dharma (spiritual duty), emphasizing selfless service (seva), renunciation of material comforts, and the importance of constant bhakti (chanting, prayer) that can occupy up to 22‑24 hours a day. Practical guidance is offered on how devotees should conduct themselves, manage daily rituals, and respond to challenges, with repeated references to the power of divine grace and the need for humility. Audience questions are interspersed, prompting the speaker to clarify the proper conduct of a devotee, the role of service, and the balance between worldly responsibilities and spiritual aspirations. The overall tone is reverent, instructional, and encouraging, aiming to inspire listeners to deepen their devotion and adopt disciplined service.
Chapters
हे कृष्ण, आप सब भगतों का हार्दिक स्वागत ओम नमो भगवते वासु देव वास भागवत वासु देवा भगवते वासुदेव भागवत वासु देव वासुदेव। जानते हो। आज से दिवस है, क्या है आज संतो का हुए बा भा, we this in pr sa। और वो लोगो को दे और आज के दिन दोनों दिनों में हम क्या करते हैं, इन संतों की जिलाओं का स्मरण करते हैं, वो का स्मरण करेंगे तो हम क्षेत्र में आगे बढ़े तो आज है rbूaदसकoसवामi क्या है pgosmकाऔरकिका, तो हम राजी के विषय में चर्चा करेंगे और लोग जिले तो जी कॉफी है स gandascoswamy more than ten to two are of to, every trendy for are chaning the holi and lotlfeedalothe at an step is or less, then and and some days will also don possible ap kr skte ho iske nagar to goswami ka wo? स्वामी का रस है जिसे मार उदी इंडिया को वाश इंक को आज के बात में आप देखते हो, कई नाम है गोलसवामीऔरगोलसवम वो प्रकार के बहुत ही कार से गोलसवामीकरताक्या wnewohefulcontrol body go to je goswami थे स्वामी और भागते है up स्वामी के शिक्षा के आधार पर विचार करते है। वो मेरे साथ कार है कौन लिलानाथ भरपुर उपाभटगोशोंमें और जीवागो माने जाते हैं सिर गुसलगिदाधाथगोशवा में उनका जन्म हुआ था। बहुत धनी खाना है। उस समय की आमदन में बोला था 5 लाख रुपए साल के महीने भर, 5 लाख रुपए ना लगाओ 5 लाख दिनका क्या बोलेगा के पिता का नाम था और उनके 1 भाई था 2 भागों के पोर तो भाई का नाम 2 भाइयों के 1 ही बेटा अंदाजा लगा सकते हो गदाsकuशामeकी रुची केवर आगरा मे कार, उनके पिता और चाचा क्या हम अब मुसलमान राजा के उनदलमेंभारतके को मुसलमानों का राज्य था तो ठेका लिया हुआ था और कुछ और मुसलमानों ने किया इनको करना चाहिए तो सुन्दर शब्दों से 4 क्या जिसके द्वारा राजा का प्रतिनिधि था, का गया स्वामी छुडा में है राज ठाकुर और शुरू से उंची जान आय उनके पिता ने देखा कि इस बार हम समझाते हैं फिर भी वो समझ रात के 1 बजे घर छोड़ के चल पड़ते थे। है उसके पिता ने क्या क्या चौकीदार लग है कार के चारों तरफ और गनदास को चौकीदार गा क्या था तब था रगुनादछोड़ेगा को पकड़ के तो कई बार वो छोड और उनके पिता के चौकी जा जवाब और जो मानता है कल हमें इसका विवाह कर देना चाहिए तो फिर फिर नहीं निकलेगा घर से नहीं छोड़ा। हम लोग आज भी बागी बनते हैं अब हम क्या करे शादी हर दाद की खाली हो गई थी। ये कोई रुची नहीं होती है उनकी रूचि केवल गए थे चेतन महापलोगोंको मिलने के लिए लोगों का कि मैं घर में नहीं रहना चाहता जाता हो। आपको पीछे सुनाई दे रहा है। peace sony der sony s confuse so रवीदादा गई थे को मा बाबू ने क्या कहा अब 1 साल और वापस घर में जाओ में सार रूप सुधर तो रवि घर लौटे और जैसे हमने का उन्होंने अपने पिता को और चाचा जो जी थे, जो भागे थे उनकी 22 सुला दिया किसके साथ मुसलमान अधिकारी तुरंद तीसरी बार फिर भाग और बहुत से चौकीदारों को भेजा है। सतत यात्रा होने वाली है और सारे भाग से दूर दूर से आयेंगे मिल जा लगाया रगरादाे। the jgajgaatisojag और ये पिता पहले उनको ऐसा भेज रहे थे। कुछ महीने बाद उन्होंने में यहाँ खड़े होते थे। अरे कोई दान देता था तो उसे स्वीकार कर लेते, बोल पर कैसे मार दी ददा आज के जब मैं मंदिर जाता हूँ मुझे रगना नजर नहीं आता। सो जी ने कहा योग्य दास ने अब भी अपने घर से धन लेना भी बंद कर दिया था तो केवल थोड़ा भोजन दाल के रूप में लोग देते है तो इस प्रकार त्याग और फिर मिले कैसे वो दाजी जा रहे थे और मिलने आये कैसे बैठे हुए थे ऊँचे और होने को देखा गरान तुम चुप रही हो तुम्हारे लिए। 1 बहुत सुन्दर, बहुत सुन्दर सेवा है सेवा पानी ही फैसल सेवा दी। उन्होंने कहा सब भक्तों को यहाँ छिपराइजऔरछिपराइज। 2 प्रकार के 1 जो सबको खिलाओ पैसे की तो कुछ कमी नहीं। उन्होंने कहा ठीक है, पर जाना भी तरफ से होगा। और दूर दूर तक खबर फैल गई। 1 और भंडारे का सहयोग कर रहे है तो रमन े हा जितनी भी दुकानें हैं पड़ोस में योग्य सम्मान है उनके पास सब ले आओ। सब पैसे बा े विराज के ढंग से ये सुन्दर कार्यकरता पर बन गया। और भगवान से स्मरण की शक्ति के द्वारा क्या क्या आगे के दिन महापाप को पकड़ कर दे। हरी हरी जो सारे बग विशाल खारे रे क्या किया। अपने घेरे चिंतन के बल पर उन्होंने सब को है प्रभु। उनके बल पर भगवान देखे पू और क्या किया। उन्होंने हर भक्त बैठे लाइन में पसार सारे भक्तों को लाइन में बिठा दिया था। और कई जो बड़े सिर्फ भक्त थे उन्हें ऊंचे पत्थर की आँख में बिठा दिया था। पूरा भरा था और भगवान और वे दोनो क्या कर रहे थे। हर भाग के पास जाकर पुरुषा थे और हर भाग क्या देख रहा था। रंग दास ने इस प्रकार अपने धन का उपयोग किया। इसलिए भगवान की सेवा तो दास चितापुर उनके 3 रगुदानभगथे ये जो गगन है उनको कहा जाता था गुना गुना दादा जी आए थे। आप लोग को मिला क्या करता है? यू नो वाट बार ड्यूटी शुड बी। उन्होंने कहा, मुझे यही नहीं समझ था मेरा क्या कर्तव्य होना चाहिए, आप बताइए क्या कर्तव्य होना चाहिए के महापुर ने रगिरदासकीजिम्मेदारी दे दी थी। इसे तुम्हें से शिक्षा देना। तो सो वा बाबु से पूछा कि व्यक्ति का की क्या होना चाहिए और महाबन प्रश्न का उत्तर बन से अच्छी तरह तुम्हे दे दे। पर क्योंकि तुमने पूछा तुम्हे उन्होंने क्या कहा? सब को करतव्य क्या है यह 100 रुपए। इस प्रकार ogadasgos्वामी शुल्क डॉलर के साथ शुल्क के द्वारा ध्यान में ज्ञान की प्राप्ति और जब चेतन हो। वेरीsaड राजा से बड़े दुख, योग और रगड़ेदाससोचरे थे। मुझे भी आत्महत्या कर लेनी चाहिए। और वो सोचे थे। वे आत्म हत्या करना रगड़ा। दास आप के पास आप बाबू। उनकी सेवा से इतने प्रभावित थे। बा बाबू ने कहा उनको 1 खास भेज दी, क्या था की गोल शील किसी भर ने गोद शिर 3 साल उस गोल पूजा की जा के पूरे क्या क्या गोधन पूजा दी। किस्मती लग रहा था। और महाभागों ने कहा कभी भी इस पत्थर के ऊपर मत चल रहा, ये गोला शीला होती है। भगवान से भिन है तो उनके सिर पर चलो। कई बार आप देखते हो आप गोवर्धन परिक्रम करते हैं कि बहुत से लोग बोल पर चलते हैं। ये आपको लगा अपराध है। क्योंकि जो गोलनशिलाहैवो क्या है से तो गोर शिला की पूजा कर रहे थे, उनकी रूची क्या थे, रूची थी भक्ति में 24 घंटे पढने हैं। तो रूप सुना का पता लगा कि सोच है, वृंदावन जाकर, राजापुर जाकर आत्महत्या करेंगे और अगले राज के लिए कठिन था। वो सोचते थे भगवान के भक्त अब सोचते हैं, देखते हैं, लगता है कि हम कमरे है। साधगोस्वामीसेमा को मिलने पर जा रहे थे और स्राधनगोस्वामी छुप छुप जा रहे थे। क्यूँ राजा के जेल खाने से निकल गए थे। राजा ने उन्हें जेल में क्यों डाला। सुधा ने कहा अभी मैं आपका राजनीतिक कार्य नहीं कर सकता, मैं क्या करना चाहता हूँ, जाना जाता। राजा ने कहा थोडा बड़ा भाई कर उसे त्याग पर से दे दिया और तुम ही ब। तो by bus to साल गोsवामiजतूरी की तरफ थे और गन ने देखा का पूरा शरीर पस से भरा है, फुल सियों से भरा हुआ है, वो इतने साल पूरे रास्ता है मिट्टी का, वो गर्मी होती है, हो जा तुम सनातन उस मिट्टी वाले रास्ते ऊपर चल रहे थे, अत्यंत गर्मी में कि मेरा शरीर जो कि भरा पस के साथ, कुली के साथ उसको भर हो जाए में अभी आपको परियों के नीचे तो मिले पर मैं तो है में है। सो ने गले लगाया और जैसे गले लगाया pासpulsजoथी ये जो शरीर है, यह तुम्हारा नहीं है, ये मेरा है, तुम्हें कुछ अधिकार नहीं है, अब शरीर को है। वो समझ गए थे कि सनातन को स्वामी से था। gauri karunga cama bimari body long to you, i will use this body for what sing mesage of god, no right to is? हमें यह सोचना चाहिए कि जो देर किसका है, सिर स्वामी कौन है, का कर्तव्य क्या है? उपयोग करना, सेवा मलबु्धइंडिका उपयोग करना। तो रूपोरसेधवो rgera तुम दुखी हो, हवा पकड़ हो गए है, तो हम रोज 3 घंटे चेतेमापोकीलिला सुनेंगे आपके द्वारा। अगर संतुष्ट हो गये। और उन्होंने कहा ठीक है, तो उसके बाद कई सालों के लिए अगला रोज क्या करते थे चीते जीरा का वर्णन और जो वो क्या करते थे थे वो इस उच्चारण को सुनते थे, इस प्रकार उसकी इच्छा थी मेरा मन बिल्कुल विचलित नहीं हो। तुम में 24 घंटे में कितने घंटे जाप करते थे? मैं भी तो पढ़ा था 22 घंटे पर 24 सुन ले और बाकी सुने क्या बाकी डेढ़ घंटा और कम से कम हजार डंडबादवो करते थे और 2000 डंडबाद करते थे। जो भक्त उन्हें मिलने के करते थे। जो भी मिलने के लिए आता था की वो प्रणाम करते और 2000 बार धन्यवाद करते थे। और 3001 हजार, 1000 बार साधु को और 2 से 3012 दिन में सारे अतिथि दर्शन दूर दूर से लोग आते थे उनके दर्शन से। हरिदाजथाकुहरेदाज साकु कुटिया बैठकर खान क्योंकि जमींदार था उसके मन में ऐशा का भाव था उसके मन में उस का मेरा या जमींदार हूँ मुझे कोई नही पूछता रे। हरीदास को हरीदास को देने के लिए हजारों लोग आ रहे थे। उसने कहा या मुझे मुझे इसको बस करने ने उस समय के सारे बैकों को बुलाया। मैं चाहता हूँ कि तुम से 1 जाए हरिदास को विचलित करें और ये छोटा वा जाएंगे जैसे वो किसी वैसे की जनम होगा उसको गिरफ्तार कर लेंगे। हरीदाज्थानकोनपता था किस बात से वो बे बाकी जो वैश्य का ने पूछा हम तो नहीं करेंगे। 1 मैं उसको आकर्षित कर मुझे देना तो पहली बार गई मैं आज मारा गा। जब समाप्त हुआ तुम कल सुबह? उस प्रकार क्या परिणाम हुआ? वो वैश्या जो की गई थी हरिदास को विसरित करने के लिए, उसे शुभ के द्वारा परिणाम का उचारण क्या पहना। वो वैश्य बदल गई। और आराम करने में तो गीवैशहूमुझेरखाने का था आपका विचलित करने के लिए। वो धन दे रहा था जो जहादा क्यूं के मन में इस थी। मिलने से लोग जाते हैं, मुझे मिलने कोई नहीं आता तो स्वामी को प्रणाम करते थे। 2000 से ज्यादा लोग भूल जाते थे, पर वायदा और गले 10 सबको रगड़ेदाsखुसामी वाइट, घंटे, क्या या और खाने के लिए उनके खुरा क्या थी? आला प्यारा चाचा, bt व इधर करोगे पर किचन बना खोला क्या आला प्यारा दास ने सबसे पहले भजन कुररी बनी थी राधा वहाँ अत्यंत धूप में तो राधानामी बोलते थे। सनाधनगुकस्वामी ने देखा के हगrतaइतेधoपहे ये धूप में क्या है और देखा की कर रहा है। वही छोटी सी 1 स्ट्रीम पीछे खड़ी है, छाता लेकर उसके सिर पर वहेरासकीसुरक्षा कर ली थी। इतनी गर्मी थी तो स्वामी उस स्थान से बजे जा रहे थे। दाधनकसनेा भजन गर की छाता के चारा उठा रही है। उसकी सुरक्षा के वो कौन थी डाटा तुम दादा रानी से सेवा ले रहे हो और फिर उसके बाद क्या भले उसके की बनने लगे। तो आज तो आज क्या है? गनदको्वामिकाहमें क्या करना चाहिए? हमें आज के दिन अगनदाोस्वामीकी स्मरण करना चाहिए। किस प्रकार उन्होंने छाए भौतिक सुविधाओ को त्यागा। हम हम यह नहीं कह रहे हैं। आप भक्तों को बाय दिन में हरी राम करना है। sa sapna ke is you have, you can sigsforoundteday to medica प्रयास किया, soisमालारogकरेगa bilkul some okay dotitydo sixtin swami 22 घंटे दिन में क्या करते थे हम ये नही कह रहे? क्या 22 घंटे को? और हम ये भी नही कह रहे है किचन डिपार्टमेंट को बंद करो और 4 क्या किया? पुरे भर्ती को बहुत असान बना दिया है। शो तो आज है मतीरा बाबूजी के वरनकरसो, आज स्वामी का भी तोबा 6 गो स्वामी में 1 माने जाते है और आज बहने के लिए वो तेरे थे, किसके साथ उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था। hari कौन, pisदथालरापुर्गे खादान में सब उनके काल में अनेक कागराज से अरे कागराज है। तो भक्तों ने उनके राज के सामने कागराज जोड़ दिया। वो तो कृष्णराज कागराज भगवान के बहुत भक्त थे, ऊपर अगरात के थे और भगवान ने नंदा के प्रेरणा से उठा। वृंदावन में तो वृंदावन में चर्चा हो रही थी कि किस की आप लोगों की लीला का और ज्ञान प्राप्त करना। और 1 अब प्रकाशित हो गया था। वो कौनसा था चेत्र ने भागवत चित्र भवन की रचना की है मृदा और प्रकाशित हो गया था। वो था चित्र ने मंगल उसकी रचना की थी। असल में चेतन भागवत का नाम था मुगल। फिर उन्होंने देखा कि के क्षेत्र मुगल ग्रामीण ग्रंथ प्रकाशित हो गया, उन्होंने उसका बदल लिया तो बहू जो वृंदावन में भग थे, उनको लग रहा था कि बाप लगोकीअनेलिलातो हो गई है प्रकाशित पर कई नई बि हुई। तो चेतन चेतन में आप क्या पढ़ते हो? उन लीलाओं को पढ़ते हो जिनका गहराई से नाम चेतन लीला नहीं प्राप्त करने का चेतन भगत, इधर उधर, वर् इजनोडिप्रिकेशन जो लीला की चेत भगवत में पढ़ते महाप्रभु के उन लीलाओं का वर्णन लड़का, उसे गंधों में नहीं है। तो उन्होंने कृष्ण करार से कहा क्या, कहा या चेतन बापू का वर्णन करो। फिर कृष्ण ने सबसे आशीर्वाद मांगे और जब आशीर्वाद मांगे भक्तों से भक्तों ने कहा कहा लगभग सब भक्तों ने कहा हम आशीर्वाद देंगे। 1 शर्त पर क्या तो हमारा नाम लेना। और फिर संतों का आयश्वादप्रापकरके। इस रास्ता में ने हमें क्या दिया है पोजग्रेजुएटकोर्स जु जो आज क्या है ेशाजकाजकेबडाशु है। हमें भार सर 2 की लीना मनन करना चाहि े qesion you take it somebody asking a question है। हमने अपने आप को एक्ट्रेस ली चेंज किया है और योजना प्रोगेस कोशिश करते करते है। फिर भी ऐसा लगता है की समझ ही पाया है कुछ छूट रहा है जो भी है क्या बोल रहे है। दुबारा हमने आपको एक्टेल चेंज किया है, देते दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और अंदर से मन को क के काम को बदल रहे हैं ये रहा है कि क भरती कर की छूट रहा है। अभी मौसी समझ नही पाये है उसको कैसे सुनते है। अगर आप भर्ती को सुबह नहीं पाते। आप जो यहाँ हो बंदर रहते हो कर है आप समझते हो भरती की आप सा हम कंधेवाला बहनी है। बिक्षु माला का जाप कर दे, रोज माला का जाप कर दे तो आप समझे इसलिए शक्ति जाप ओके और कोई year पहले sorry i m so की बराबर की भी पूरा करना, ऐसा उसने बताया था की स्थापना कर रहे थे और उस समय कुचर नहीं शुरू होना का अगर सब चौसेलमना करते तो सारा दिन तो बाकी समय बाग जो है कुछ करते हैं सब को बांटते है। असल में प्रयास होना चाहिए। सौ प्रतिशत व्यस्त रहो इसमें जीव के द्वारा क्या करो? जीव के द्वारा किससे बचो? मन के द्वारा क्या करो? कैसे बचा? pas si for his faible and ujectwotisnfaml nucूlhepgiकवो स्वीकार करो जो प्रतिकूल है उसे क्या करो। अगर कोविल इस कंट्रोल में है जब कोविड फुल स्पीड मिलती, आप लोग सावधान रह रहे थे, सच बोला पर हम सब डर गए थे। nd a a to wish hme, make more if you keep doing or doing, then these old bad have all to get this sort first level। i should have sat i was pictur on lot and a cat in the to gidiaweretoan proper person book the e for that i do practicing the organs, the the is so the point is before the pro process, make s fruit। आप देख सकते हो विश्व के किसी कॉलेज में ये लोग इन नियमों का पालन करते हैं उस से अपने आप को और हेलमीशी्समें आगे ले जाए। ओके फिर हो। जो कभी परिस्थिति बार लगता है कि प्रभाव पड़ता है उसको कैसे मनाते आपको ये ही सोचना चाहिए। अब हम भक्ति कर रहे है तो किसी प्रकार की हलचल नहीं आएगी किसी प्रकार का स्वास्थ नहीं मिलेगा धन में कोई कठिन कर्मों के अनुसार जो सुख दुःख का कोटा है तो हमें पढ़ना है पर मुसीबत क्या है जैसे हम भक्ति में जुड़े सोचे है गॉड गinबigबाyऑरडर प्रायर और भगवान पूरा कर रहे हैं वो पूरा करते है भगवान ये देखते हैं आपके कर्मों का क्या इतिहास है। जैसे आप बैंक में जाते हैं चेक ले कर थोड़ी कैशलएंकमपैसेदेा 1 मिनट में देखता है आपका बैलेंस कितना है बैलेंस हो को आपका चेक रोद उसी प्रकार कृपा के सिद्धांत के अनुसार हम हमारी हरेक इच्छा है और बहार क्या करते इंशंटलीबिखजाता है क्या बैलेंस है आपका तो हमें तैयार रहना चाहिए कुटिनायोंका सामना करने के ि हम जब हमें जब सुविधा प्राप्त हो तो हम प्रसन्न होते है। जब कछिनाई का सामना मिला तो हम हमारे ओके मैं इधर से बोलते है। ओके तो सामने आते सब लोग आपका दर्शन लेना जाते है हे लास्ट चल रहा है इसमें बहुत सी मोटी हो आंसू नही कुछ तो रोते हुए देखा तो क्या यह किसी नदी के आता है रोज 2 कंडीशन में hap्पीनकीकभी यदि दुर्घटनाएं आती है जाती है या शोक में बोलते हैं कई बार आप खुश होते हो सब खुशी के आंसु होते है और दुःख के आंसू isatyorquestion ok है। satin सो how to share that we avoid avoid acto in me and or side, you don t have a motivation। अगर आप किसी को कोई कमी देखो तो सुधारने का प्रयास करो wiko so to stop thank you so much much। और टैक्टिकल बताया की सेवा करे, आप को पसंद करे तो हमारे थैंक यू सर या तो करना चाहिए और सेवा चाहिए तो लोग जो मोटे हैं उसको ही है परंतु इस तरीके पर तो कहनाया सेवा के बाद में आती है चाहे स्वास्थ्य हो तो वो थोड़ा कर प्रॉपर जेल लाइफ बैन मार्केट बुरा सौदा है चाहे अब आप मानी भी बन जाओ और में रखो पर 7 प्रकार के कैशों से कोई बच सकता है बच सकता है आजकल कोविल की कृपा से यह बच्चा तरसार हो गया है gst स्वीकार कर तो बोले संसार में कष्ट है खुद कुंती बनानी, क्या कहती है बालू संत भगवान मेरी जो समस्या है, ये क्या करो? 2 आप इन कष्टों को बुला। 2 कोई कोई यह प्रार्थना करता है कशों को बनाओ। मुझे कहते हैं सब दुखों को दूर करो या की बढ़ानी कुंती लिए अब बनाओ बनाओगे तो क्या होगा मैं आपके चरणों के समान और भी गहराई से करूंगी। ये जा के चरणों का स्मरण करूँगी उन्हें तेजी के साथ क्या होगा में मृत के बंधन से छोड़कर सो वैसन भग जो हैं वो डरते नहीं है, इन दूर घटनाओं से देखते हैं। 4 टू लो सो 1 और क्वेश्चन देंगे देर मि श्वाब हा बotfेslकोपता advanc booking no dिसकountimiyte जब हम भक्तों के साथ रहते हैं तो कई बार उनका व्यवहार पसंद नहीं आता और उनके साथ ही रहना है, उनके साथी सेवा करते है। वह बरवर दूसरों का पसंद नहीं आता क्योंकि हम सोचते हैं हर चीज को वे इशारे पर चलना पड़ा है। अगर हम चाहते है कंट्रोलर? ye to do what i? अगर वो नहीं हो तो हम और न हो जाती है तो हमें भी नमृता का भाव रखा जाए। s r w ting bout mean you do the god in everyone ne kya sochte? when i think is right? when everyone a thing is a e? last question? how you do huminity? how you do i attraction for the holy name? how you do a traction for the script c sar? how stand questions that the any part of the य का जो संदेश है द सेम एवरीवेयर लंदन में 1 संदेश दे रहे हैं वो इंडिया के लोगो के लिए संदेश a common problem सो आप कैसे रूची बढ़ेगी आर्कशन कैसे बढ़ेगा भाई चेनिंग के रेगुलर ली, उसके द्वारा क्या लाभ होगा? is this means nsis of vidiathatisepresented by a great and we ate? जब बीमार हो, वही लेना शुरू करते हो, क्या होता परिणाम body as pereccarelation chander here that is the bosbordnfungtion? तो चाहिए ऐसा बोल के, तो आपको आपको चाहिए आप भक्ति में, भगती में एडवांस करोगे जब भी इच्छा हो और हम ये नहीं कहते हैं कि हमें देर नहीं। 2 वे कहते हैं जो भी भगवान दे, हम उनका उनका समान नहीं, बोले ठाकुर भलतीरोजीकहते है आप मुझे जन्म बेशक किलो के किले के अन्दर 2 पर शो के घर में हवा। भाव क्या है किस किस रूप से किसे जुड़े के फेवर में ये चिंता नहीं जाहे। n e come okay si tak more a के लास्ट प्रेशर अब नीचे से हम बात कर रहे थे की हमें अपने करमों का जो होना चाहिए, जीवन ऐसी से या तो मेरे कोई होता है, बोलता हूँ आपको हूँ तो उससे वो दूर से कम हो जाते हैं, खत्म हो जाते है। आपको लगता है कि बोर्ड ने हे दूसर को सुनाया 2 वर्ष हमें बताए की हमे वो कहना चाहिए, लेकिन हम ह भक्तों को बताया खुशी हो जाएगा, खत्म हो क्या? यह सही तरीका है? भक्तों के 6 प्रकार के सम्बन्ध की चर्चा करते हैं। पहला है आपके बल्ले विचार हो, डिस्कस करना, एडवांस मे मूवी के धार पर उसका शिक्षा है। आपको लगता है कि आपने ये सब शेयर कर दिया है दूसरों के साथ। इसलिए आपका बोल ठीक है। अगर आपके पास किसी प्रकार का प्रश्न हो, किसी प्रकार की शंका हो और अगर आप किसी सीने बत्ती जाने चर्चा करो तो हो जाए हो जाएगा। हम कई बार बनी मन में बातें करते हैं तो यह परिणाम होना गे भक्ति कमजोर हो, so ल हमे चैंटिग हो क्या पेंटिंग करने का गुमान तो चैंटिंग कर। कई बार ऐसा होता है की कुछ सेवा आ जाती है, हमारी अथॉरिटी वाले दल है और हमारी चैंटिंग जाते है तो चैंटिंग और top priority is completing around ये है सबसे इंपोर्टेंट मगर आपके पास इतनी सेवा है कि आप ठीक नहीं कर सकते तो आप अपनी अथॉरिटी से डिस्कस कर सकते हो। ओके सा हाल के नाम ना नाले।
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