इस वीडियो में श्रील गुरु गोपाल कृष्ण गोस्वामी भक्तों को भगवद गीता के वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) को प्रभावी और उत्साहपूर्ण बनाने के लिए व्यावहारिक सलाह देते हैं। वे सबसे पहले उपस्थित भक्तों के योगदान को मान्यता देते हुए, दिसंबर में बढ़ते उत्साह और इंग्लैंड में वितरण के महत्व को उजागर करते हैं। मुख्य बिंदु: 1. वितरण में ‘सैचुरेशन’ की चिंता नहीं – हर घर में गीता पहुँचाने की संभावना है। 2. विभिन्न वितरण विधियों के उदाहरण – घर‑दरवाज़ा, पेट्रोल पंप, स्टॉल, स्पॉन्सरशिप, और सार्वजनिक स्थानों पर। 3. लागत‑संबंधी चुनौतियों की व्याख्या – कागज और प्रिंटिंग की बढ़ती कीमतें, लेकिन सेवा के महत्व को प्राथमिकता देना चाहिए। 4. संभावित अस्वीकृति के कारण – दरवाज़ा न खोलना, पुलिस/जासूस समझना, शराबी या नशे में लोग। इनसे निपटने के लिए धैर्य, विनम्रता और निरंतर फॉलो‑अप की सलाह। 5. वितरण के बाद फॉलो‑अप – प्राप्तकर्ता का पता लेना, संपर्क में रहना, आध्यात्मिक मार्गदर्शन देना। 6. सेवा के क्रम को समझना – सभी सेवाएँ (प्रचार, पुस्तक वितरण, सामाजिक कार्य) महत्वपूर्ण हैं, पर पुस्तक वितरण को प्राथमिकता देना चाहिए क्योंकि यह सीधे ज्ञान का प्रसार करता है। 7. उत्साह और दृढ़ता की प्रेरणा – भगवान की इच्छा से सेवा करना, कठिनाइयों के बावजूद निरंतर प्रयास करना, और सफलता के लिए आत्म‑विश्वास रखना। संपूर्ण वार्ता में प्रश्न‑उत्तर स्वरूप के छोटे‑छोटे टुकड़े हैं जहाँ श्रोताओं ने सैचुरेशन, लागत, समय‑बर्बादी, और शराबी लोगों को गीता न देने के बारे में पूछताछ की, और गुरु ने उन्हें आश्वस्त किया। अंत में, वितरण में जुड़े लोगों को संपर्क जानकारी एकत्र करने और निरंतर समर्थन देने की सलाह दी गई।
Chapters
हे कृष्ण, सबसे पहले में आप भक्तों का भार प्रकट करना चाहता हूँ जो कि डिस्ट्रब्यूशन में जुड़े हैं। इस सभा में कौन कौन है जो बोक डिस्ट्रिब्यूशन कर रहे हो। मैं देखता हूँ कि दिसम्बर के मैं मैथन में लगभग सबका उत्साह बढ़ जाता है। तो हम जानते हैं इंग्लैंड का विलसन क्यों इतना इम्पोर्टेंट है, क्यों इम्पोर्ट है? नॉलेज राजा विदेह, राजा गोयम ज्ञान है, सबसे महत्वपूर्ण है। तो प्रभा जी ने इस विषय पर बल दिया। प्रभाजी की हर इच्छा थी की पूरा मानव समाज सुखी बने। सुखी दुखी है। कोई बीमार होना चाहता है, होता है, बुरा होना चाहता है, व होता तो ये ग्रंथ में है। दिव्य ज्ञान और पापाजी ने कहा था उनके ग्रंथ हैं कॉल? डिपिटेटेडबाई कृष्ण कृष्ण भगवान प्राबाजीके हृदय में ज्ञान दिया, लिखे नहीं लिखे तो आप सब कोई महत्वपूर्ण सेवा कर रहे हो और मैं इसलिए भगवान भी इस इस सेवा कोर पर बल देते। गीताके क्या कहते हैं सब भक्तों में पीछे सुनाई दे रहा है। सो भगवान क्या कहते है? सब बॉक्स में सबसे प्रिय कौन है? उससे ज्यादा पर हुआ होगा। आप अगर सोचते हो की हम तो आत्मगाती नहीं है, हम ये नहीं कर सकते। आप केवल तोते के समान जो सुना है उसको आगे सुना 2 करोगे। तो दूसरे व्यक्ति को ध्यान में ज्ञान दे रहे है। और इन ग्रंथों का का क्या मतलब है? गंध जो है सो साल व्यक्ति के पास रहता है। जैसे कि ठाकुर भक्त पहले महान चाहिए थे जिन्होंने अंग्रेजी भाषा में ग्रंथों की रचना की और उन दिनों में प्रिंटिंग इंडस्ट्री डेवलप हुई थी। तो भक्त ठाकुर ने 1 गंध लिखा था, माफ हो गए जीवन के ऊपर। उन्होंने एईटी नाइंटी सिक्स, ये वो ही साल है जबकि पर प्रकट हुए थे पृथ्वी पर। एटी नाइटी को भेजा ने महाविद्याल में में 1 था और नाइन टी सिक्स सिक्स तक सिक्टी सेवन का मंदर खोला ग्रैंड लाइबर। इतने सालों के लिए 70 साल हो, 70 साहब और 1 सूट ने आगे ढूंढा। जब आप ग्रंथ बाटते हो ये न सोचो की जैसे सौ गन बाते हैं। तो भाग कुछ पता नहीं कब लोग पड़ेंगे भी हो सकता है। भगवान को किसी चीज की आवश्यकता नहीं है। आपको इससे सेवा करना हमारा भगवान सब को मौका देने में को साफ करने के लिए। तो आज इस बार को सब बोगरेशमेजारहेहै तो आज लोगों को वेश का दर्शन प्राप्त होगा। कई बार होता है की इस शहर में अनेक भगाते हैं, पूरे शहर में उसका प्रभाव पड़ जाता है। तो ये बोखेलसेवाहैयइसके द्वारा गुरु परम्परा सबको प्रसन्न करने हो। भगवान की हाल की इच्छा क्या है सारे वर्जिल वापस लौटे है उनके है क्या कुनसरहोगाकेशभगवान हमें देने तो उत्साह से जाओगे तो अच्छी सफलता प्राप्त होगी। 1 समय हमने ज्यादा किताबें नहीं की? पापा ने कहा की में किताबे मिलती है, उत्साह के गाय क्या कहते है पक्ष में सफलता प्राप्त करने में शायद होना जाए सायद ये सेवा सबसे सेवा करने है। शहर में पापाजी खोल आपको में हाँ कि प्रापा जी ने खुद को प्रकाशित किया और उनका वितनदियाउसमें प्रापा जी के पास कोई सुषय नहीं था, कोई सहयोग देने के प्रोबाजीनेउदारण दिया। इस स्थिति में भी ऐसे के पापाजी गुरु। मान ने कहा था तुम पड़े लिखे, युवक हो, ले जाओ। इस संदेश को। पश्चिमी देशन में सो हर साल भगनूकीसेनाबढ़ते रही है। इस की वेतन की सेवा में कॉंग्रिकेशनकेभग्स है उनका खास मिलकर प्रयास करते हैं इन ने के लिए क्या कहा? सागर को या क्या देश, क्या से देश कृष्ण भगवान की शिक्षा। भगोधमगयापापाजी ने कहा कि हमें हर घर में 1 ग को पचार करोगे तो वे यही सफल होगा रहे हैं। माज के सुधार के लिए उधार आप जाते हो। आपकी इच्छा तो यह हो कि सब 1 किताब देने के लिए जैसे आप की दुकानों के सामने। शाम के समय। तो इच्छा तो यह होगी कैसे हम जाए बोक टेबल लगाए, लाइन में खड़े हो जाए। पर ऐसा होता है नहीं होता। चमचेतेनेमाप्रभु जो भाई ठाकुर और पार कर रहे थे। कई घरों में गए लोगों ने दरवाजा भी नहीं खोला, साधु आये हैं उनको पता था कहाँ से आया है और दरवाजा नहीं खोला। कई घरों में गए लोगों ने कहा पोलिसी स्वागत बताओ में क्या है आपका आदेश आदेश है कृष का नाम लो। वो कहते थे, वो कहते थे ये तो जासूस हैं आय में देखने के लिए है। बाद में तो ये अभ्यास किसका होगा आप जब जाओगे आपककईभग हाउस हाउस कर दे। कहीं शॉप शॉप करते हैं, कई स्पोंसर कराते हैं, चाहे कोई भी साधन हो आप ये मत सोचिये की हावी प्रयास करेगा कोई लेंगे और कामना नहीं है। कई बार स्टॉप लाइस में करते हैं स्पाइस में। कई लोग तो इतने प्रसन्न होते है की वो खराब की कीमत दे देते तुम ट्रैफिक ब्रॉक कर रहे हो या नहीं। भाई सों बाप रहता है जो भी साधन में ने उसका प्रयोग तो न की सेवा है, बहुत ही महत्वपूर्ण सेवा है। और ये सबसे सरल मार्ग है भगवान को प्रशन करने के लिए। और यह प्रालिकी कृपा है। इतना बल दिया इस पर अमेरिका में पहुँचे को कहा। बुक्स सुना था की धर्म को सडको में बाटा है। सो अमेरिकन में थे, कैसे करे तो 1 भग गया था, पेट्रोल बम समतल से लौट रहे थे, वो 1 पेट्रोल पंप में रुके। उस पेट्रोल पंप में उन्होंने $10 का पेट्रोल लिया और उस मालिक से कहा यू गिव बुक। कृष्णा बुक ने एक्चेंज फोर टेंडॉलरननो भक्तों को लगा की में 1 पेट्रोल पंप वाले को बेच सकते है। उसी प्रकार सो प्रचार करने के अनेक साधन है और आप सारे साधनों का उपयोग कर सकते हो। कई बार सोचते हैं हमे तो पिछले मैराथन में सबको जी जान, वाल चानी सबको आप प्रयास करोगे। और भगवान आपको बुद्धि नहीं है। ईश्वर आप सब ने मेरे है, वसा के साथ मेरे जान में जुड़िए मेरे खयाल से आप सब मेरे से जुड गए हो। न। कोई भक्त है जो नहीं जुड़ा और संडे को सब दे तो तुम जाइए। और अगर कोई थोड़ी देर के लिए किताब नहीं होना। भगवान देखते है कितना समय आप दे, हे हो। क्या भाव है
सो
गो। कई बार लोग कहते हैं तुम्हारे स्कॉट में तो बहुत सी मैरिसन, अधिक प्रयास और सोना सोना खाना कम you want to प्लीस मी कौन है बीजिंग, इस सब की सेवा में ये प्रचार की सेवा, ये सबसे महत्वपूर्ण है और 50 किस आधार पर बी गंदगी कर सकते हो। आप जुडिएमेरसोनमे आपको बचाना होता और अगर आपको आपकी बेसीबकरदेसारेना चाहिए चैना का भाव बोला आप अपनी 4 में जाओ और श्रद्धा से प्रयास करोगे। भगवान आपके हृदय में है, 10 हृदय में है आपके दूसरे के लिए, भगवान लेंगे लेने के लिए, तो यह कार्य किया जा रहा है भगवान की प्रसन्नता के लिए। और हम सब मातम बन रहे हैं जिसके द्वारा भगवान का देश आगे बढ़े। सब की कोई प्रशन है कि
गुरुमाराज जैसे दिल्ली शहर में अभी रीसेंट टाइम्स में अक्सर ये एक्सक्यूज आता है की सबके पास है गीता और हम भी देखते हैं। जब हम जाते हैं सड़कों पर तो लोग बोलते है हमारे पास 3 है, हमारे पास 4 है तो बहुत सैचुरेशन प्वाइंट आ गया गुरु मारा तो मतलब इस सिचुएशन में हम कैसे कन्विंस करें
भक्तों को सैचुरेशन प्वाइंट कभी नहीं आएगा
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आभारी है दिल्ली में क्या 3 करोड़ गीता समेत और कई बुरे व्यक्ति हैं। श्री त्याग है रिलेशन प्वाइंट कभी नहीं होगा। हमको लगता है की सब के पास
गीता को
देखोगे की आप प्रयास करोगे कोई न कोई आपको मिल जाएगा। और कई बार लोग गयेंगे आपको ये गीता बहुत महंगी है गीता प्रेस की गीता देखो। ये गीता महंगी है और पिछले साल के मुकाबले में र रेट बढ़ा है। उसका कारण यह है कि कागज की कम कीमत बहुत बढ़ गई है और छपाई की कीमत जो कीमत बढ़ जाए दिखाना पड़ता है।
हेल्स हरे कृष्ण गुरमार जी, धन्यवाद और इतने सुन्दर प्रवचन के लिए महाराज मेरा प्रश्न है कि जैसे इस टाइम में प्रीचिंग के और भी ऑपर्चुनिटी कई सारे होते हैं तो इसमें फिर बुकसडिट्शनको पहले प्रायरिटी कैसे दे और ताकि और सारे सेवाओं को भी करें और डिस्ट्रीब्यूशन को भी होता है।
सर सेवाएं महत्वपूर्ण है पर सबसे हेगा, शाह की सेवा सबसे महत्व है और सबसे कठिन भी है। आपकी को अप्रोच करते हो के लिए तो आप गारंटी नहीं है कि वो लेगा वो कुछ भी कर सकता है। सो ये प्रीटिंग सेवा ज्यादा निर्भर हो पर भगवान के ऊपर तो सारी सेवाएं है और सर्विसेज र
हरी कृष्णा गुरु महाराज जी। तो जैसे हम बुक डिस्ट्रीब्यूशन के लिए जाते हैं तो 56 घंटे करते हैं, दिल्ली में तो 23 होता है, कई बार वो भी नहीं होता है तो कई बार जाते हैं तो 45 घंटे में 1 या 2 बुक होता है। तो लगता है कि मतलब तो टाइम वेस्ट हैं और जब आते हैं तो कई बोलते हैं जिसके अंदर ज्यादा प प्यूरिटी होता है वो ज्यादा बुक डिस्ट्रिब्यूट कर पाता है। तो इसको कैसे समझे
मतलब की बुक िस्रूनकेलिसालाअचछी होनी हो ये मत सोचो बुक जा रहा हूँ। i dont have to care for a m a try prasan प्रयास किया है, ज्यादा घर नहीं बन पाया है। हमारे प्रयास को। हर कृष्ण
जो ड्रिंक किया हुआ है,
उनको भगवत गीता हम दे सकते हैं,
नहीं दे सकते है।
क्यों नहीं वो शराब के नशे में है। पढ़ेगा स्लो पड़ेगा के पढने को भी हर लगाएगा उसका आधा जीवन बढेगा म
हरे कृष्ण, गुल, महाराज गुलमा, आपकी कृपा से हम सब डिस्ट्रिब्यूशन में लगे हुए हैं। आपने लगा रखा है महाराज। मेरा प्रश्न यह है कि जो डिवोटीज डिस्रीब्युशन में मिलते है हम उनको प्रॉपर्ली कनेट कैसे करे, क्यूंकि को क्या कल्टीवेट में कैसे आपका प्रॉपर्ली वो करता।
आपको उनका एड्रेस ले ना चाहिए और उसे follow करो। follow opis mokdistbuton cars printed in site a book we follow up on people that we distt books to a कई in people okay श्री गो स्वामी गुरु माराजी गै्ागातगुरुशीला प्रभु बाद की।