श्रीपाद मध्वाचार्य तिरोभाव दिवस | 18 Feb 2024 | ISKCON Varachha | Srila Gopal Krishna Goswami

The video records a devotional gathering at ISKCON Varachha on 18 February 2024, commemorating the birth‑day (Tirobhava) of the great philosopher‑saint Madhvacharya. Srila Gopal Krishna Goswami delivers a discourse that weaves Madhva’s teachings with contemporary concerns of devotees. He explains the distinction between spiritual (divya) knowledge and material knowledge, emphasizes the need for sincere bhakti and authentic ritual observance (such as proper tilak, bathing, and chanting), and warns against superficial or ‘fake’ devotional behavior. The talk also addresses the influence of modern technology on spiritual life, the importance of humility and self‑less service (seva), and answers audience questions about the path to moksha, the role of divine names, and how to integrate devotion with daily responsibilities. The overall tone is devotional, instructional, and gently corrective, aiming to inspire deeper, heartfelt practice among the congregation.
Chapters
माराज
नो वाज एकज़म रोथ एकर से कराना कालने तो मुझे लाधी मां वतवने देश।
नहीं
बोला यहाँ?
यहाँ डिक लगा यहाँ डिक लगा यहाँ
डिक लगा यहाँ डिक लगा यहाँ डिक
लगा यहाँ डिक उसका
विहारी जाहलना दो फिर करवाद करवाद करवाद करवाद करवाद करवाद मारे परवन यं परवन
ओव्यों भोते वाश्विभाया। ओव्यों भोते वाश्विभाया.
ओव्यों भोते वाश्विभाया.
ओव्यों भोते वाश्विभाया.
ओव्यों भोते वाश्विभाया. ओव्यों भोते वाश्विभाया.
आसर पर हर्डिक सवाग वो वे गयवर वनवन पिप्पर जरते आरण पिपर जरते आरण पिपर जरते आरण पिपर जरते आरण
चेतन्यामनोभिष्णं
स्थावितं एनभूतले स्वयं रुपदान्यंग्वदानि स्वधानिता।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
प्रत्त्व कखले इसवार। कही खुशी की बात है कि आप
भक्तों में बहुत उस्था है।
गवतिक समाज में आपने
उस्था इतवरे चे इंद्रतुर्ति माते।
बहुत गयवाखल महन बगगन। बगगन आप शूब। महन बगगन।
बगगन आप शूब।
महन बगगन। बगगन आप
शूब। महन बगगन। वो उच्छानी बहुत म� जरूत है।
वो उच्छा कैसे प्राप्त करवा है?
उच्छा कैसे मलसे आगर? कैसे मलसे?
प्राप्त करवा है? भक्ति के देवों के पाथ प्राप्त करवा है?
अप्राप्त करवा है
भ
तो महान सन्द नं दिर्भाव दिवस से। कौन जाने चे कौन छे?
मादवचर. मदवचर यह?
मदवचर यह?
महान सन्द चे?
मधवचर
यह महान सन्द मद्वचर्य पुत्तिव पर
एसी वर सुदि दिया।
मद्वचर्य
आपने बहुत सरव सद्धान सिफ़ाईड़ा चरिए। एमने केवा मागे छे वायू नवतार छे।
छूडियो मन नही मनने गीता को कणठस करनी।
नानी उवरमा एमने आकी गीता ने कणठस करि करनी। कि शरुवाति नज बवु गहरा विध्वान अताव।
एक परसवने में अकी कनटर्स जाती हूं।
एक वार साम्बलवाति कनटर्स याद रही जाती।
मदवचारे
आपने बदने कुछ � बहुत ही सारी, इनते गवव मज्बूत है दा।
मुझे से बच्चे ने, मुझे ने खेले नो, अपना मुखो बरज्या।
चोटे से बच्चे ने, चोटे से आपने बरज्या।
जनानी, जनानी विव
मुझे गुरू थे, मुझे मरमाण
ता,
मुझे भवान निराकार है।
मायावाद ना अर्थ छे के भवान ना कोई रूप नधी, भवान निराकार छे। अब रुथ्वी पर आवि नहीं, साधरान व्यक्
मादचारयनु एक नाम उतु पुर्ण पर्क्यादास मादचारयनु
एक नाम उतु पुर्ण पर्क्यादास मादचारयनु
एक
नाम उतु पुर्ण पर्क्यादास मादचारयनु एक नाम उत� वुदुपी कृष्णा के मनदे करें? वुदुपी कृष्णा मनदे के मनदे करें?
वुदुपी कृष्णा मनदे के मनदे करें? वुदुपी कृष्णा मनदे के मनदे करें? वुदुपी कृष्णा मनदे के मनदे करें? नर्या के पार स्नान वुदु करने के लिए।
नसरचर्य स्नान करा माटे गिया था।
क्यों गया दरिये करता है? नर्या में स्नान करने के लिए।
दर्या मां स्नान करा माटे गिया था।
और उन्हें देखा, जिवा तो वो देखने देखा कि जहान जा रहा है, पर वो कहने चरा, तो पढ़ा जी मुझे देखने था वो रूपने वाला जहान।
क्या मुझे जरके जहान चाहिए थो तो ने गुबान महो तो।
तो वाद वो चाहिए दे नाव दुबान
याते नहीं होड़े ही द्वार्काथ आवती है अविये तुम?
मदवाचारी
आथेती इसारो के रो नाव ने बार बाडवा माते?
नाव इंग्रेशे बचगई।
अने नाव दुप्वा थी बची जाए।
नाव दुप्वा थी बची जाए।
अने नाव मजि इंचाल जरतो अनने किदु के तमाना करणे नाव दुप्वा बची छे।
तो अ�
एवने कितो क्या मारे सुन जोये छे तमारे मारी पासे?
ये व्यव्यती नाव में बहुत समवन नहीं जा रहा था द्वार्का थे कर्णाटक के
तरह अने इन नाव मां द्वार्का ति कर्णाटक सुधी गणों सामवन लेन जय लिया
था �
नाव में बहुत सामा नतो, द्वार्का नु तिलग पन्छे करने करने करचे
लगया,
और द्वार्गाधी जे तिलक आगल थो, मोटु तिलक नो तुपर मदवाचारीन आपी दिदो।
पर यसरी वरने तिलक को आखन गललिया,
मो तिलक यअंदरने वे
करष्� मार्वाचारिया अने चत्र मार्वाचारिया शिक्षमा कोई अंतर नती।
मुर्वाचारिया अने चत्र मार्वाचारिया शिक्षमा कोई अंतर नती। मुर्वाचारिया अने चत्र मार्वाचारिया शिक्षमा कोई अंतर नती।
बकर इसमाले बकर स
जो आचारी उतरे, इनने सिद्धान, एवने आचरम भी सिख्वा है।
तो, एसो उतरा नहाना है, एसमें, उर्खे, मे थी थे, चरचा करसा.
शंख्षित मा �
इश्वा पार्माकेश्वा नहीं जनन नदवजा नाने आरे कवनन अपरवकरने परवकरने परवकरने परवकरने परवकरने परवकरने परव� तरहाँ करते हो।
समिते विरुष्णा मुलमा पाणी ना पका दिन पोशा मली जाये बरवान क्रिषणने बरत्ति करवा इती बद्धाने पोशा मली जाएजी।
समिते विरुष्णा
मेरी
अंगों ने तहा, सरा खाण हमें म� पेट में जाना परदा, एक थी गे है, हम पेट को पास एकरवाइंगे।
आ सरी ना बदा अंगों एक वरस्ट्राइक करि कय बदू �
वे दोने धोका नहीं करता है।
अपने धोका नहीं करवा है।
सरी के सरी ना
बदा अंगो स्ट्राइक केलू। हटटल करी।
वे दोने देखा, स्ट्राइक करने के माद वो सर्प्रक्ष्योर होने गरता ह क्या करने नहीं जरसे आमने करने गुदा आमने धोपला
आमना परकिरा परकिरा परकिरा पाचि मेटिंग करए कि आपजर समु कृष्णा भक्ति करवाती 33 करवन देव्देव्दान अभरे परसंद करी शकये जेर।
देव्दान करवाती
33
करवन देव्देव्दान अभरे परसंद करी शकये जेर।
इन्द्र, शिव, देव्दान ब्रह्म, बदाज, भगवानी कृपा थी कारे रथ छे।
अगर भगवान पर जाना चाते हो, क्या है सादन विराद?
भगवान ने प्राप्त करो नकरीव सादन छे?
भगवान बहुत समज न� कुई है दिव्यज्यान?
विदिक्ञानों थे दिव्यज्यान.
दिव्यज्यान और भोतिक्जान में आंतर?
दिव्यज्यान और भोतिक्जान में शुव अंतर छे?
दिव्यज
दत्याना समय टेक्नोलीजीना समय ही छे?
टेक्नोलीजी तो कोई शीव को खोरती है, मारे वरतकला होता है.
टेक्नोलीजीना मादयते आपरे लाभुत्याओमनो प्रयास करये चरिए? जैसे आपकी स्मार्�
विदवोम् शाधरवेव।
आपने कहरे विचयर करतो के आपरा स्मार्ट भूम मा अकखा वेदिक गणनने लावि शक्षु सासतने?
आपने तवगरा कयानत पक� अगर सुरिजाना का भी ये जो सुरिजाने हैं वे अजार सुरिजाना का प्याने नहीं बलेगा।
आपने कह रहे है, आभी सुरिजाना के लिए भिचार पनके रतो?
यो सपायी से एडलाइट हो रहे हैं, वो �
सैटलयट पर उपर आखा उपर आखा उपर आखा उपर आखा उपर आखा उपर आखा उपर आखा उ�
नो, आपने सुणाये?
तमें साम्हलो चे? आपि विषय टेक्नोली साम्हलो चे?
कुई न तेज काम पर जिये?
नदरवी नदरवी नदरवी नदरवी नदरवी नदरवी नदरवी नदर हमें कुव पवकुष्ची।
विघ्याणिकों को जो बुद्धी करते हैं, तो
विघ्यानिकों को जो बग्धी करते हैं, तो
विघ्यानिकों को जो बग्धी करते हैं, तो
विघ्यानिकों को जो बद्धी
करते हैं,
तो विघ्या
वेदनोर्थेशिकनां अने वेदना चार विवान वेदव्यास मारे जेदे रहा। वेदनोर्थेशिकनां अने वेदना चार विवान वेदव्यास मारे जेदे रहा. वेदनोर्थेशिकनां
अने वेदना चार विवान वेदव्यास मारे क्या ज तवरने खम्या है?
तवने दुमेत लगणानी होई पण अपर आपरा जीवन मा चार परकार नि खमि छे?
एक है?
एक छे?
आपरी इनदरी अपर�
तो पचि अंदरना मा एक विज़े ना जोय शक्या? सपने स्मार्ट बणद लाइफ जला रि. जरव कलू?
आप लेख करते हैं कि वरवाने आक्य
आपी जनकाने जोय शक् इंग्लिश मा कहे कि गल्ती करी, मानुस मातर भूल ले पातर।
आगर गल्ती करचे यह तवे?
तवे भूल करचो कयरे?
आगर करचे यह
तवे?
तवे भूल क
क्यास्ते वे बद्धा करम्थवनी रश्णा करी चे?
साल
बद्धा सास्तवनो साल परस्तुत करवे दिरा चे? चरता परस्तुष ना तया? ए�
वेहने गुरु के पार।
तुम एक वते पताना गुरु पासे गया?
गुरु पाँ थे?
गुरु पाँ थे? नारद मनी.
नारद मनी नारद मनी कहा, तुम्हे शुद्ध भक्ति नग्ञा नहीं लिया, � तुम्हें
कुषित है कि शिर्तु उपाजी, भागतम्निकाल, अनेज बाशा मा, अनगरजी बाशा मा, बाशा, दनसरसदिरो, नहीं?
हाँ, 50 अंगरश्टे बाशा मा.
50 अंगरश्टे बाशा मा उगलव छे. भुज्राती में पर चरे आप कित्दी महरते गईगे महरते बहगर आप पर चरे कित्दा लोगों महरते भगर महरते बहगर महरते बहगर
मह�
केतला लोगो भागवतम मचच है को? बहुँ सारू बहुँ सारू बहुँ सारू बहुँ
सारू बहुँ सारू बहुँ सारू बहुँ सारू
बहुँ किरेमा
कीता वो परतेवर।
कितना लोगों कीता ने राचे सर।
करणवर।
करणवर।
करणवर।
करणवर। करणवर।
करणवर। करणवर।
करणवर।
�
पिर्जान आपने वेदो द्वारा प्राक्त थाई छे।
अगर उर्देश हतो क्या बहुत जगत अस्ली
छे?
जो मायाओरी है, वो कहते सर मिठ्या है।
मायाओरि के जब बदू मिठ्या है, बदू घटू है। वेशनो कहते हैं कोटो नहीं चहें पतु
सारी चहें आप
कहते हैं कैसे कहते हैं कि ये माइकरोपोर लकली हैं आप
कहते हैं कि माइकरओपर लकली चहें कैसे कहते हैं कैसे कहते हैं दर्शकों कि माइकरओपर लकली चहें ये जो हौर है
वो बिल अपने बिल्डिंग नकली करते हैं। यह नकली करते हैं। यह नकली करते हैं। यह नकली करते हैं। यह नकली करते हैं।
यह नकली करते हैं नकली लोगों आमने दुरुप्प्यो करेची।
मैकरोफोन
जे उप्यो करेचे क्लब मा पण थो और मंदीर मा पण थो। मैकरोफोन जे मंदीर मा मैकरोफोन यूज करेची असली है और कलब मा जे करेची नकली है।
आसर डाइमनने धन्दा करते हैं।
तनवे भदा डाइमनने धन्दो परहचे हैं।
आप नहीं परहचे हैं। अगलतय� असली नकली नकली आंथर।
गणा लोगों केछे असली नकली सुच्चे नकली उलकि शक्येची।
जकलबलवालटरविले गास। लपवरटरि नगली खुशी प्राप्थ होती है, सराप पीने से, और नात करने से, वो लेक चीज़ करने से.
नगली खुशी प्राप्थ थाईचे, शराप पीवन माधी, अने व्यश्वन उतरवादे?
लेनिया में पुरे विश्व में इन्डिया में लिकर्ण नहीं अपशन परक्य तेज़ बढ़ लिया।
दारत मा शरम में कुप चला बढ़ा रहे हैं।
ती, फैंटी, फैंटी कुछ नहीं, नहीं एक है, पाशन कुछ लिकर्ण टर� मैं आप करजर मैं नाच हये।
और गणा लोगो चरकि रिया घरि नाम ना जरप मा नचय हये। आचर सचवर असनी सकन।
ना इस सचवर � मुझे परवर के हल मजर परवर परवर परवर परवर परवर
परवर परवर परवर परवर परवर परवर परवर परवर परवर विख्यान्दी क्या है ये?
हरेकृष्णमाने क्या करने है?
बाजू ये ओलवाला कह चह हरेकृष्णमाने सुग कर रहे है?
यह शराब भी पिला रहे हैं, बेंड भी करने हैं, जो भी जब नाच रहे हैं
आचे हरिनाम नी असली कुशी
महा पवन कहदे ना परहमनी पवन परहमन परहमन परहमन परहमन परहमन परहमन परहमन परहमन
पर� चक्णमा भुरु शु क्या चे?
चे तो दरपण मार्जे।
चे तो दरपण मार्जे।
वहना नामे गयहने के मयल दरव होती है।
भरिनाम थी रदवी मयल जयच�
स्केन गोरा वहस दे, एदे तो कारा है।
आपने कोई स्केन ते सरिज सब्रत करी शकेजे पर रदरी तो कारा है।
एदे ताप एक्स्रेय निकाल जरव। कार कर, क बहुत
एक आक्रिष्यों में दूर परवाई हरिलाग बरवाई। आगर कहच आमन नक्रूती वरधरम। अध्यात्म द्वारा ओएक लाग चे, आनन्द भदि रहे जी।
पोते सुकनी
सिमा छे, परंतु अध्यात्मिक आनननी कोई सिमा नती। एजि सास्त्तमनो नि कली काले नामुर्भे कृष्णावर्धान।
यो आत्मा आत्मा, हम फिरी हैं यहाँ आत्मा हैं.
अपने सरी थे कि आत्मा तो गिर्दे
दिर्दे देने में मरभुर क्या कहते हैं।
कि जाते हैं और रुभान शो कहते हैं।
रुभाने प्रानेमा तो � अगर ने प्राप्त करती है।
जवविते जुनो कपड़ा नकिने नवा कपड़ा लिये चे, इविते आतमा एक सरी छोड़ी ने गिनु सरी द्रण करती है।
जवविते जवविते वागता आरखे
आप की विचारों कि आपने बग्वान साथे मलिजेशु यपराद है।
मैं भी कहते, आयकिषना जाप रहो, दोमने के साथ एक करवर।
आयकिषना जाप रहो, बग्वान साथे एक थेजेशु।
आ�
अपने कहते हैं कि बग्वान नाम लेवने बग्वानी सेवा करते हैं।
अपने कहते हैं कि बग्वान नाम लेवने
बग्वानी सेवा करते हैं।
अपने कहते हैं कि बग्वान नाम लेवने बग्वानी सेवा करते हैं।
अपने कहते हैं कि ब� एको जाना
नहीं आमकि सेवा नहीं।
समजर जर भगवान से एक तरजाओ क्या नहीं सेवा?
सेवा।
मतवर एक भवना नसर नहीं करने, तवने भगवान नि क�
अपने चाहेचे कि अपने भगवाने सेवा करीगर।
अपने अपने भगवाने सेवा करीगर.
अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अ� लास नु अर्थ बगवानु सेवक। वश्णों नु सेवक।
आते
जीवन ना सेवक नमो बदाल लाभच। मवरे जीवन नहीं, अहंकार हो जाए। नहीं लेकर देलाय रहना चाहिए। अध्यत्मक जीवन में हम दास बनना चाहते हैं।
आम कभी एक भाव है।
तमारो आज लाव छे?
आज!
तो आज मनने दास, इदरो परकर नहीं जीवात परकर है।
आगर कितो के वे प्रकर न�
जिवनों के पालम के मदा?
इत्वत जीव और एक मुक्त जीव की वक्ति ना नियम पालम करते मुक्त करी सगएज।
आज करना?
मुक्ति?
मुक्ति? मुक्ति कर क्या है?
मुक्ति ना श जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा? जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा?
जन्नु जिन्जरगधा?
रोख, विळम, जनमरने वे करते कष्ट है।
जनमरनमा कुब कष्ट है।
मचरमाद खेमादरे गरफते आथा। रोख वे आता है, अदरवे तो नहीं आता।
बहवन� माता एकदन बवुत कठिन समय उनको तुक्स चेलना बरता है।
एकदन मतरी घर्म के बाहर वरवता है
कोई शोक नहवचा है। पर सच्चाणपरता यहने सास्त्रमा कितो चे दुखाल एक अशाश्रत नहीं।
मने जरह नहीं जरस्थी तो कितो। नहीं जरस्थाई नहीं।
आज जड़ा असथाई चे दुखाल सगत चे।
बगवान नहीं � मेरे सवनाई मारव सवनाई
मारव सवनाई मारव सवनाई मारव सवनाई मारव सवनाई मारव सवनाई मारव सवनाई मारव सवन
कमाल बचाईगा, कुले भारत ने यातरा करी, और वो मुखे पकररो, एक व्यासरे जी को बिलने के लिए.
व्यासरे
ने उनको एक थाने गरम फीडा दिया पूजा करी.
व्यास दो अपने सीला आप एचर पुजा करो मतर।
मार्जायन ने भी मुझे नेराकार्वाद देखो और आजरा.
नेराकार्वाद ने मदवचर के हरा भी देखो.
वो एक वगतर बहुत मर्जायन के �
ते मने जे शिक्षा आपी चरतनमा आपरू, अने बादाज्या ने शिक्षा समान चरतनमा आपरू,
अने बादाज्या ने शिक्षा समान चरतनमा चरतनमा
च�
जे धक्त बने जे कोम भाविशाल गरचे।
यह मनदर भविशाल गरचे कोम ना भवावर जी। यह मनदर भविशाल गरचे कोम बहुत
जनव पच्ची तमने मने न जानी शक पच्चो।
अने
क्योरि मा ब्रावन किरा बच्ची मनुष्य सरिव प्राप्त धाएचे। जागो जीव जागो, जीव जागो, जीव जागो,
जागो वक्र
भक्तियों नद्धाकोरे आबजन मा कितु छर।
वनने शुद्ध भक्ति करन नही छर।
विरने वनने नही परवाखत परवाखत परवाखत परव
जीव जागो, गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती, जीव
जागो, गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती, जीव जागो,
गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती,
जीव जागो, गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती, जीव जागो, गोरार्ती, जी� एइ जिवान मा जागो, तम्हें सोयदिया छो, बहुत गयरी नितमा, तम्हें जागो चो, तम्हें जागो चो के सुता
चो, बवने गरसु जरना है, बवने जागे है, परदाद�
बावतीक रूपती आपरे जागेला छे, पर अध्यान रूपती आपरे नसकरा गरगेला चे?
आपरे कहने, मुझे माता गरगेल पर पहने, मुझे माता गरगेल
तमारी सिवले मारो कोई मितर नथी। अपना सचव मितर पहुँ छे।
जय लो, बगवान नाम लो, महवन ग्रन पढलो।
जय कयचे बगवान नाम लो, बगवान नाम लो। बग� जे लोगो त्यारे क्रिकेट में चे, अथो तो दारू पिवेचे, शराप पिवेचे?
अनो, आनसर भक्ति मागमें जुढरे हो, अनो, समे मजकिति खीजाए.
आपने ब�
तो आए विश्वनं नहीं ले रोगे। तो विश्वनं नहीं ले रोगे। तो विश्वनू नहीं ले रोगे।
तो विश्वनू नहीं ले रोगे। तो विश्वनू नहीं ले रोगे। तो विश्वनू नहीं ले रोगे।
तो विश्वनू नहीं ले रोगे। त
क्रिष्णवक्ति सचव आनन नो अधार चह।
इस
करम मदिन मा इज वक्ति आवर चहे, जननि करम मदिन प्रवपाजी सूत सम्जेस आखा विश्यों में पोछे। एक रिक्तिय प्र्वपाजी ने पुछो, तमने जादू करी शको छो?
कोई जादव मैं नहीं करवत करवत परवत
परवत परवत परवत परवत परवत परवत परवत परवत परवत परवत परवत
मैं परवपर परवपर
परवपर परवपर परवपर परवपर परवपर परवपर सादवसम लेवा जोई, सेवा भाववा जोई, और भिनमरता नो भाववा जोई. चतनमा भाववा गयदू?
सदा
हरिनाम करना चाहिए. अगर सदा हरिनाम करना � इक्षा ने
दिर्श्ति बचो, मेरा बक्ति मार्गे आगे करना परचो जर।,
तोझ बक्ति मार्गमें आगर उदिश्य करशु.
हरे विश्णा माराजी, जगल परणाम। जैसे माराजी आपने कहा कि भगवाद कृष्णा ने कहा है कि भगवाद घीता में के दुखा ले महर साथ सोच, के जगत दुखों का सागर है, तो इसे दुखों का सागर रूपी जो संसार है, तो भगवाद ने क
प्रिदिन
आवत। प्रिदिन आवत। जेल कानों चरे? जेल चरे? बगवान करते गरते गरते गरते गरते गरते गरते गरते गरते
गरते गरते गरते ग� किर्षा द्वेश अतोप अने मु पन बग्वाने चोड़िन स्वद्धा प्राप
करेशु के विचार देते। यहाँ यहाँ आये ते नमने देखा। यहाँ यहाँ कर्षी
करते। आये आये वाद तो जवयव � कैसे निकले हाओ? कैसे कही ते बाहर निकले? आप अरपपती बन जाओ. आप अरपपती बन जाओ. करुणपती भी नहीं, अरपपती. करुणपती नहीं, अरपपती बनी जाओ. हाँ.
मृत्यों मणा बाहर क्या मतलक नहीं?
सो मृत्य
हमें
प्रिल्मी स्टारों ने मलिये हैं, तो वो देखाये अलग, न ज़्यारों मलिये देखाये एक अलग लागे हैं। मैंने करता
मैंकाब करता हैं, बहुत अप्प्टुल ज़्यारों
लागे हैं। मैंकाब करते हैं, बहुत सुन्दर आने जु� क्या सुदी जुपरे शक्षे? गडपर पलाज महराज केछे मने बगव दुख थायचे क्या दुख नी सतिति ने शुख मा परिवतं क� क्योंकि अपर विदा प्रयास करिये छे जनन की हमारे इसकोन वरच मनदील के द्वारा जो कार्य हो रहे हैं और माराज को मैं सब मिलकर प्रेजन्ट करना चाहते हैं आप सब LED में देख सकते हूँ पर माराज के लिए मैं माराज ने गिस्तात्य पताओ से मराग्रोजी, जतिश्वर्तमर्गो, रहम्रिदी,
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