श्रील भक्तिविनोद ठाकूर तिरोभाव विशेष | 18 Jun 2023 | ISKCON Juhu | Srila Gopal Krishna Goswami

In this devotional lecture at ISKCON Juhu, Srila Gopal Krishna Goswami commemorates the Tirobhava (anniversary) of Bhaktivinoda Thakur, recounting the saint’s life, miracles, and his pivotal role in reviving Gaudiya Vaishnavism. Goswami highlights Thakur’s literary contributions, his service to society, and the spiritual principles he taught—especially pure, self‑less devotion (shuddha bhakti), humility, and service to the divine. The discourse then shifts to practical guidance for contemporary devotees: how to distribute books effectively while preserving quality, managing the tension between quantity and excellence, and cultivating inner discipline to overcome mental turbulence. Goswami answers several audience questions concerning time management in preaching, maintaining sincerity during intense devotional work, and the appropriate prayers and practices for the Tirobhava day. Throughout, the speaker encourages reverence, perseverance, and collective participation in celebrating Thakur’s legacy.
Chapters
भव से, वास से, भव से, वास भवसेवाससे हम सबको पीछे सुनाई दे रहा
है,
अगर सुनाई नहीं रे ठाक इशारा
कर
ठीक समझ नही आई तो भी खड़ा हो गया। सबसे पहले हम महानसं ठाकुर को प्रणाम करेंगे और 12 बजे सुजाजी होगी उनके लिए या तो नमो भक्ति विरोधायाजाय सचिन, न। मिले गोल शक्ति सुर पाया, रपनगपरायेथेनमो भक्ति। मिनोधायाशचिननमिल गोल शक्ति सुरु पाया, पनुगा है। मैं ठाकुर सचिन महाराज को प्रणाम करता हूँ, जो कि चेतन महाप्रभु की दिव्य शक्ति है। taur se she chetan s
रे रा रा,
संस्कृत भाषा में शब्द है अवेरभावऔरसिभाव, अविरभाव, वहाँ का अर्थ है जबकि महान सान प्रकट होता है। किसी पर और सीधे भाव का अर्थ है जब वो वो प्रकट होता है, तो बहुत स्थिति में जब हम देखते हैं कि किस का देहांत हो गया है, तो हम शो करते हैं, उदास होते हैं, पर अध्हार्मिक जीवन में, फिर बाहर के दिन हम उस महान सन की लीलाओं का श्रम करते हैं, उनकी लीलाओं का की कसा करते हैं। इस प्रकार हम डूबे रहते हैं। मैं तो चाकू वक्त अक्सर परिचित हो, ठाकुर बक्तिनोसे कहा था, he was worth the founder of the moment। ठाकुर को इस का प्रचार आरभ किया था। ठाकुर को जितने माह प्रभु और पगुसोमेंकीलिहु शक्ति माना जाता है मा प्रकट हुए शक्ति का जन्म धनी खाना हुआ था। a a a a
a
a pustak me प्राप्त हो तो उन्होंने देखा कि बंगाल में कर के और उन्होंने देखा कि चेरी मा प्रभु का जो संदेश है क्या हो गया है कल या महा प्रभु के प्रगट होने के पश्चात ऑडियो उनके फॉलो रूप से इस शिक्षा का अलग रूप दे दिया था और समाज में लोगों की लोगों की सजा भक्ति में कम होने जाए सूरी भी प्राप्त किया और धनी खाना में दुर्घटना के कारण स्थिति भक्त भगवान की देविशखीहैउन्होंने अच्छी शिक्षा प्राप्त की थी वो अंग्रेजी भाषा बोलते थे और भाषा नो का उद्देश्य किया था। शो चेतल उनकी इच्छा के े आपको पीछे सुनाई दे रहा है। enyhereठाकरbकत अच्छी शिक्षा प्राप्त की थी और छोटी आयु में बड़े विवाद मे था उन दिनो में अंग्रेजों का राज्य था और अंग्रेजों के राज्य के कारण जो भारतीय लोग हैं, वे ज्यादा ऊँचा पद नहीं दिया जाता था उनको पद प्राप्त होता था केवल डिस्टिक उससे ऊपर नहीं सो योगी सरकार थी, प्रभावित हुई थी वो जानती थी है उनको खा जिम्मेदारी देते है ने भक्ति की स्थापना की उन्होंने अपने जीवन में सौ गन से ज्यादा देखे पोल हंड्रेड सौ गन से ज्यादा भाषा में उड़िया भाषा में उस समय के सबसे प्रसिद्ध उद्देश्य क्या था शिक्षा को शामिल करने के लिए और उन्हें पूरा विश्वास था की भविष्य वाली है सफल होगे क्या से उनकी भविष्य में क्या होगा? 2 महिना का उपचार करेंगे सो ठाकुर हमें यह नहीं सोचना चाहिए हमारे जैसे थे भगवान के से प्रकट हुए भगवान की इच्छा के अनुसार इच्छा है उनके संस्थान पैदा हो क्योकि? 2 आंदोलन को आगे लेकर जाए। उनके 10 बच्चे थे और फैसला दे फोर पॉइंट जो क्यूंकी ये का रवा सा की जरूरत है के सा थोडा पा और ठाकुर की पत्नी ने अपने बेटे को प्रसाद प्रसाद कौन थे ठाकुर की पत्नी ने क्या किया उन्होंने अपने बेटे को देखे और खाका रखा भगवान समय क्या हुआ जो हार था जगराज गले में और के जो बेटा है ये वो खास बेटा है जिनको भगवान ने भेजा है इस को आगे बढ़ाने के लिए तू बड़े कोई व्यक्ति भी उन्हें मिलने जाता था, वो बाहर आता था खुशी के साथ, वो कभी किसी को उनही और जो भी व्यक्ति के घर में उनको ठाकुर भक्ति की स्थापना की। और उन्होंने सौ ग्रंथ लिखे थे जिनमें 1 सा क्या गल जो है उन्होंने भेजा था के अनेक माह विद्या में बेटे थे। प्रसाद गंगा प्रसाद शुरू से ही अध्यामिक रूची थी, उनकी पढ़ाई कर रहे थे उनकी रूचि दे दी उसमें था मैं बहुत ज्यादा पढूंगा भगवान ठाकुर ने शुरू से ही उनको आध्यात्मिक सिक् 1 छोटा बेटा था उसे 1 आम खा लिया था। भगवान को भोग लगाये बिना पिता ने शिक्षा दी थी की कुछ भी खाओ भगवान को भोग लगा के भगवान क्या कहते हैं जो व्यक्ति मुझे भोग लगा खाते हैं क्या करे प्रेम से समझाया ये गलती थी आपको जी ने इतनी गंभीरता से इस शिक्षा को स्वीकार किया की जिंदगी भर की शादी ने आम खाया वो कहते थे मैंने अपराध किया है में ज्ञान दे रहे थे क्यूंकी वो भवन के से अंगरेज सरकार ने पुरी मंदिर का चार्ज बनाया था
पुरी
मंदिर मे काफी गोल महा हो रहा था, काफी कम थे ठाकुर ने क्या किया सब कमियों को, सब कमियों को
या
उस समय राजा थे के कोई 80 हजार रूपए का कोटला के गोटाला ठाकुर को जब पता लगा की गोटाला हुआ है तो उन कहा की इसे जरुर से ठाकुर ने क्या क्या तुमको फिट टू टाइम डेली भोग है तो उसे बड़ा अपमान मजदूर किया मेरी बेसिकली और राजा ने क्या सोचा राजा ने सोचा की भक्त ठाकुर जो है उसको मार डालना चाहिए। तो उन्होंने महल के अन्दर 1 बहुत बड़ा यज्ञ शुरू किया और यज्ञ में यज्ञ में 30 ब्राहमण थे और उनका 50 ब्राह्मण थे और वो यज्ञ करते थे महल के अन्दर इस भाव से की उस यज्ञ के आखिरी दिन में बकी ठाकुर मृत हो जाएगी। तो यज्ञ हो रहा था ठाकुर के किले और क्या हुआ ठाकुर को कुछ नहीं हुआ जो राजा का बेटा था उसका देहांत हो गया यह थी उनकी शक्ति, उन्होने किया था उनको मारने
और
भगाने की सुरक्षा सो ठाकुर बोल ब्रिटिश सरकार ने उन्हें हर प्रकार की जिम्मेदारी दी थी। तो उन दिनों में होगी योगी था होगी क्या कहता था क्या करता था सीओ के साथ खेलता था और लोगों ने देखा उनकी माता, बेटी सबका ये होगी वो भी कह रहा था मैं हूँ विष्णु का सार और मुझे कोई नियम से तुम बाँध नहीं सकते। तो वे शिकायत पहुच के पास और सरकार ने ये शिकायत भेजी किसे ठाकुर को पूरा विश्वास था की ये जो कार्य कर रहा है बोल बोल पीछे सुनाई दे रहा है। वो फनेक तो राजा ने, ठाकुर ने अपने सिपाही भेजे खुल गए कुटिया में, इसके बाद से जब वहाँ पहुँचे तो उस ने किसान दाता आई नो हू, तुम जानते कि मैं कौन हूँ, मैं हूँ कौन विश्णु और मेरा उद्देश्य है अंग्रेजों को यहाँ से निकालना और जो को निकालने के बाद राजपा बनाऊँगा। सरकार तो विष्णु के अवतार हो। तुम जंगल में क्या कर रहे हो? अब जाओ जगह पूरी में जो जगह पूरी मूर्ति है, लकडी की बनी हुई है। भगवान थोड़ी है भगवान कौन है आज कल आया दोषी व्यक्ति मैं हूँ। भगवान ने मेरे सिपाहियों को कहा
लोगों
को इतना था जो पुलिस है वो उनको करने में दर देते लगाओ कहीं वो ठाकुर ने क्या किया मसलन सो उनका ट्रायल था, और उनके हजारो मोर्चा करते थे की देखो देखो भगवान हैं। और उसी समय जब ठाकुर ने उन्हें गिरफ्तार करवाया तो क्या हुआ, क्या हुआ? ठाकुर की जो पत्नी थी बच्चे थे सब एकदम बीमार हो गए तो पत्नी और सब कह रहे थे वी शुड क्योकी भगवान को किया है ये परम हमारे लिए छोड़ 2 ठाकुर का सब बच्चों को ा और जिस दिन कि ठाकुर ने जजमेंट देना था, आजकल तो टाइप है ो जज से उनको खुद लिखना पड़ता था। जब भक्त ठाकुर क्या तो वो उसके ठाकुर कहा जाना बिल्कुल नहीं हिल रहा था। ठाकुर ने कहा उसके सीखेगे को काटो क्यूँकि विश्वा वो क्या करते हैं शक्ति कहते हैं शक्ति उन्होंने कभी कभी खुला प्रचार किया है जैसे गुणों के उनके मन में उनके मन में 1 शंका थी ये जो स्थान बताया जा रहा है ये माँ बापू का जन्म साल
है
नहीं हो सकता। और उन्होंने बहुत सारी सोच किया सारे मैप पड़े उन्होने सरकार को कहा था मुझे गोद द्वीप में ट्रांसफर करो और त्याग पता दे। 2 तो आपने भक्त ठाकुर के भजन कुटी देखी है ठाकुर भजन को डी में थे, कोई देखा की ने देखा क्या के सामने 1 खास रोशनी प्रकट हो रही है और रोशनी प्रकट हो रही है और वो देख है उसमें बाबू नाच रहे हैं तो बाबा जी है सो parti वो ये कह रहे हैं की ही है और उन्होंने वह प्रभु की असली स्थान था जन्म का, उसकी थाना तो उनकी स्थापना की जो के ठाकुर वो चाहते थे कि ये जो उनका डिस्कवरी है इसको मानिक गुरु को कनफर्म करना जाए जो भक्त है हमेशा केवल यही नही सोता अपने बैन का वो सोचता है की हमेशा सा के आधार पर करता है। तो फिर वो लेग कैसे? जगदा बाबू जी बाबू जी कुछ समय के सबसे से और धन्यवाद बाबूजी वो चल नहीं सकते थे ही न फोर्टी फोर रज होल ही उठाता था कैसे टोकरी में टोकरी में उन्हें बिठाकर बाबू जी पहुँचे उस स्थान में, तो क्या उस थान में पहुँचे बाबु जी वह नाचने लगे उन्होंने क्या कहा यईयईययय ठाकुर के अनेक गुणों में 1 प्रभु के असली जन्म स्थान को मानता है। ठाकुर बहुत ही हलकी स्ट्रेट थे, उन के 10 बच्चे थे और आज ऐसी सुविधा नहीं थी। और उन्होंने जब भी ग्रंथों का वार किया तो में ने लगे रहते थे उन के लिए ठाकुर कुछ कोर्ट की ड्यूटी करते थे, यूस करते थे 2 से 5 ऐसे था कि सोते थे केवल 3 घंटे के थे आज के कोर्ट से आते थे के एकदम श्रम करते थे 12 बजे उठ कर के क्या सुबह से क्या 1 दिन में 3 घंटे सोते थे और स को लिखते थे उन्होंने कितने सोते थे तो का नवा करते थे 9 घंटे के ल japan स्टडी five की ड्यूटी होती है। 6 घंटा देते थे। तो इस प्रकार का जीवन था रजिस्ट्रेट गवर्नमेंट ड्यूटी और कहा जाता था उन दिनो में ठाकुर कोई भी जज
अंग्रेजी
सरकार के समय मीन और ठाकुर का वो कामना नहीं कर सके जो दूसरे मिलता, दूसरे जज हैं। वो लेते 1 हफ्ता कोर्स कर केस को डिसाइड करने में डिसाइड कर दे देंगे a a a a e a e ा बकीलो समाज में और रोज को लिखते थे। 8 घंटे लगाओ सौ पुस्तकें उन्होंने पढ़ेंगे ठाकुर भगवान की शक्ति थे और उनकी रचनाएं भक्त गाते हैं, लगभग सारे भजन गाते हैं। उनकी रचना किसने की है। राज ठाकुर के होने के समय में क्या, गोरा, रजि, न, आर, लिविंग, इन साउंड जो व्यक्ति यह कहे कि जो वैश्नव है उसकी मृत्यु होती है, वो व्यक्ति कौन है, मुल्क है, जो वैस्नव है वो प्रकट होता है, कैसे जीता है कैसे उनके वाणी के द्वारा, बापू और वानी 2 साधन हैं जिनके द्वारा आपको साधन संघ प्राप्त होती है। बापू जो है इस टेम्पररी स्थाई वाणी जो हैं पापाजी कैंट को आप करते है अपने गुरु for ever, dewas, instruction and follow मेरा गुरु है मेरे जीवन में, कैसे उनके वाणी के द्वारा, उनके आदेश के द्वारा, उनके साथ कहते थे। गुरु ने मुझे कभी नहीं लगा की गुरु मेरे साथ नहीं है। ठाकुर के प्रचारक बन गए थे की भगवान की सरकार अंग्रेज की ठाकुर को आने देना चाहते थे, भारत में पद्मश्री पद्मभूषण है। ऐसे बडे बडे टाइटल देना चाहते थे, वो खुश थे, उनके गाये थे। ठाकुर ने कहा मुझे नहीं चाहिए क्यूँकि मुझे प्राप्त होगा अंक आ जाएगा तो ये हमें नीचे तू के का। 1 ही ठाकुर की कई भविष्य वाणी
थी
1 दिन 1 महान आएगा जो की सारे विश्व के लोगों को जोड़ेगा बकरी के साथ और एंगदेनयेदिनआयेगा जबकि सारे विश्व के लोग इंग्लैंड, अमेरिका, रशिया, क्या, करेंगे वो प्रसिद्ध व्यक्ति आएगा जो की को सफल बनायेगा वो प्रसिद्ध व्यक्ति कौन से क भगवान की देवी शक्ति हैं और उनका क्या था प्रभु को सफल बना कर की अनेक है और कहा है की मेरे चायों का साथ लेकर इन गंधों में जार है। ठाकुर उनकी रचनाएं बड़ी प्रसिद्ध हैं। उनकी 1 बड़ी प्रसिद्ध रचना है करना, गति, गति, मान, लेना, kiska पढूँगा, उनके से absorb कोरी में हमेशा अपने मन को क्या करना चाहिए करना चाहिए किसमें को ध्यान से भगवान का नाम लेना नीति ध्यान से भगवान का नाम लोगे ने तेजी के साथ अपनी भगवान अपने नामों से है, भगवान के नामों में कोई हसता नहीं है। वो कहते हैं अभी मन को जोड़ो किसमें ध्यान से, धान से गे ने sat का asr pras, but performa is speisen, you gain, must the main man। तो मन को वो कहते है की मन बहुत संकरा है, मन क्या है 1 समय 1 आदेश देगा ठाकुर कहते है की अपना जो मन है उसको आप वश में ला सकते हो, कैसे ये हर नाम के उचालनआहीराम का उच्चारन करोगे तो क्या प्राप्त होगा मन इंडियन को वश में ला सकोगे और फॉल प्राइड ये जो झूठा है हमारे में, हम सब में अंक हैं, क्या कहता है तुम सबसे प्रस्त भक्त हो, तुम जैसा कोई भक्त नहीं है और सब को तुम्हारे साथ झुकना। चारा क्या कह रहे हैं िमaफोल्सप्राइट ये जो नकली है की ये तुमने किया है तुम्हारा परिश्रम है, तुम्हारी बुद्धि है इसको क्या करो तो भी लो मोर हम शो शीन हमेशा क्या सोचो जो तुम हो क्या हो बिल्कुल कम में बिलकुल, निकम में सोचो तो कुल मान हो, बिल्कुल में हो और और घास से विपति समझा। क्या प्राजी ने आदाबाद में 1 टोनिक बनाया था पापाजी का, तो गुल को कहा मेरे लिए नया टॉनिक बनाया है ने कहा मुझे स्वामी जी 2 जिसके पीने से मेरे सारे हो जाए। बाबा ने बड़े हा ये फॉर्मुला मुझे पता है की यह फॉर्म नाम मुझे है पता है मुझे फिल्म चाहिए, ध्यान ज्ञान चाहिए ये मुझे पता है। पर जो दवाई है भक्त अपने आप को क्या समझता है कोई गुडनी, कोई कृष्ण नहीं है, तो यह भक्ति ठाकुर करे। तो हमेशा सोचो की तुम अत्यंत लोक है, ये हमें गले में बांध ले, गले में बांधोगे तो फिर आप हमेशा याद करते रहोगे। तो हम सब का ज्ञान व्यवहार होना चाहिए। इस लोक का पालन करें। आगे कैसे है पैक्टिस फोर गिडेसलरिडरी हमें मन में दया के भाव हो रही जाए, क्षमता का भाव होना जाए, ये ने की शत्रु है, ये मेरा है, यहाँ ठाकुर कह रहे है जो पेड़ है सर्दी में सहयोग देता है, जब गर्मी आपको लगती है आप कमरे में चले जाते हो, बेचारा पेड़ व खाना और सर्दी में आप के पास बैठ जाते हो और जो खाना रहना पड़ता मैं पेड़ से भी ज्यादा होना चाहिए और सबको आदत 2 किसी आदर की उम्मीद के प्रति edmitiितएनीवन ठाकुर कह रहे है। एग्जाइटली जो पुट कहते हैं की तुम चिंता मत करो, चिंता का भाव है को दूर करो और जो दूसरी जीवन में हैं उनको संभालना सुमारा करतव्य है। वो कहते हैं कोई जिंदगी में किसी को कस लोगो को आनंद आता है कला को क्या कहते है दून गिम एज्ाइटीटोनीवन एज्ाइटीटोएनीवन इसी को न किसी को आपके जीने के कारण चिंता में नहीं राना। अगेन डोन्ट गेम एग्जाइटी टू एनी वन but the good to god to them fakim happy, and forget about your own happen। दूसरों की खुशी का सोचो, अपने खुशी
का
tankbotthehappnes on happn वो कह रहे हैं दूसरों की खुशी का सोच, हमें ऐसा व्यवहार करना चाहिए की हम समाज को सुखी सुख दे। इस प्रकार ऐसी अनेक रचनायें हैं। बोले हम तो जाग रहे हैं। और आप जो सो हम भौतिक दिश्ीसीसीसबजागे हुए हैं, नींद में है। तो वो कहते हैं जीव जागो, जीव जागो। इतने माँ बाबु क्या करे? बुला रहे हैं, क्या करें चाहते हैं? कृष्ण क्या करो? और कोच ने कहा ऐसी है सो हो किसे भगभग के प्रतिनिधि के रूप में है। देश को तुम आये। तुम भगवान से ये वचन लिया था। क्या करोगे? जब बच्चा माँ के घर में होता है, इस वेरी पेनफुल सिचुएशन बहुत कष्ट में होता है। लगाओ आपको 1 बैग में उठा दिया जाए। 6 को नीचे जोड़कर आपको कैसा लगेगा रामदेव योगा करते हैं, वो 12 मिनट के लिए बैंड को बंद कर सकते हैं, पर ज्यादा देर के लिए कर सकते है। जब आपका माँ के घर में रहना पड़ता है तो 9 महीने के लिए। और इसलिए जब बच्चा जन्म लेता है, ओ की किस रूप में रोते हुए का है, तो यह कहा जा है। कश की स्थिति में थे, दर्द में थे, तुमने भगवान से वादा किया था। क्या मुझे छोड़ 22 के क्या करूँगा, आपकी सेवा करूँगा। कहते हैं मैं प्रकट हुआ हूँ किसलिए तुम सब का उद्धार करने के लिए महाप्रभु की भविष्य वाणी थी। और उन्होंने अपने भक्तों को भेजा था किसलिए इस सन्देश को आगे बढ़ाने के। तो भक्तो की कविताओं में अध्यात्मिक ज्ञान है में शुद्ध भक्ति का ज्ञान है। कि जी ने मेल करके कृष्ण भक्ति का जो असली संदेश है, उसकी स्थापना की। तो आज हम बक्सी ठाकुर की तिरेबातीदीको मना रहे हैं। तुम्हें क्या करना चाहिए? हमें भक्ति ठाकुर से प्रार्थना करनी चाहिए। क्या प्रार्थना के बाद ठाकुर जी, आज आपका दिवस है। आप हमारी कृपा कीजिये की हम आपके शरणागत हो, सके है। क्या? तो आज शुभ दिन है। तो जब हम भगवान की ठाकुर ऐसी प्रार्थना कर सकते हैं, भक्त हैं। भगवान के भक्तों से यही प्रार्थना करता है। प्लीज झाकोउनकीभषवानी थी। कृष्ण भक्ति सारे सफल होगी। उन्होंने अपने बेटे को ऐसी शिक्षा दी क्यूँ की बेटा बहुत बड़ा बन गया। जब उनके बेटे की शिक्षा का समय था तो उन्होंने अपने पिता से पूछा अभी मैं शिक्षा लेना चाहता हूँ, क्या करना है, किसे शिक्षा? तो उन्हें दी दी किसने उनके पिता ने बचपन से शिक्षा दे दी। उन्होंने कहा की मुझे कैसे दे रहा है, इससे गो के बाबूजी बिक दृष्टि से पढ़ना चाहते थे, ने नाम भी नहीं लिख सकते थे, हिना में इतनी रुची थी की वो हरीनाम करने के लिए कि कहीं भुकरे तैयार थे। उदाहरण के लिए, 1 समय 1 पब्लिक लेटरेनमेंपब्लिक लेटरे। किीमतगुबआतीहै के अन्दर गए और दरवाजा बंद किया और कर रहे थे। लोगों ने कहा आपके लिए 1 अच्छा वजन कुटिर बना लेते है। नहीं, यह ठीक है। वह जॉब क्यों कर रहे थे वहाँ कोई नहीं। आएगा बिना किसी के क्या कर सकते
हो।
और उन्होंने कहा तुम इतने पढ़े लिखे हो, मैं अनपढ़ो, मैं तुम्हें शिक्षा दे। 2 माँ प्रभु से पूछूँगा कि तुम्हें शिक्षा दे। तो को से पूछा, माँ प्रभु से पूछा भूल गया अगर आप दोगे मैं आत्महत्या कर लूंगा गंगा में जो वे प्रचारक थे और वृंदावन में से वृंदावन में उन दिनों में कई गैंग सेना थी बदमाश होंगे वो क्या करते थे जो बदमाश है ये यात्री आते थे लूट लेते थे मार भी दे देते दान आये बाबू जी के संग लेने के लिए तो उनको कई उन्हें यात्रियों ने शिकायत की। ठाकुर ने सरकारी पोजिशन को सेवा कर के वो सारे जो गुंडों के गैंग सब को तोड़ दिया। वे बोल प्रीचर के ने उनको श्राप दिया। ठाकुर जी के विषय में लेने के लिए बहुत कुछ है, और उन्होंने विश्वानी की थी की उनकी इच्छा थी क्या? ठाकुर कहते है की में 1 बार बड़ा बनना चाहिए कोटि प्रेस मदर होना चाहिए, यह थी उनकी ये जो बन रहा है ने भी और ठाकुर ने इस विषय को पर दिया हमें क्या करना चाहिए हमें ने राज से हा आप कैसे होगे पूछा how can you please a two things? we distribute your books? and to we had build a temple in baposoprofeyou? do these things, but you do take will come take you back to got it? तो हमें गर्त बाटना है और में आप सब जुड़े हो बी पी की सेवा कर रहे हो ठाकुर। उन्होंने शिक्षा दी किससे जगदत परंपरा में शिक्षा को भी मसल दिया जाता है और भक्ति और ठाकुर की प्रयास है भक्ति फैल रही है। भगवान हुए थे माँ प्रभु की इच्छा के अनुसार साफ करने के लिए भाव है पुराने लोगों के साथ है और पुराने को राजा रानी का माना जाता है। जैसे भगवान हुए थे राधा रानी जुडी हुई थी उनकी सेवा में महा प्रभु की आयु से 1 साल छोटे थे और गदर के मन में 1 ही भाव या महा प्रभु की सेवा और पंदे प्रभु से वो बड़े थे बचपन में सर को हँसते नहीं थे मेर को बड़े गंभीर से थे और उनके बल में महा प्रभु की सेवा में जुड़ेगा और सेवा में जुड़े थे। पे रोज महा प्रभु के लिए हर बनाते थे हर बनाते थे के लिए पेश लगाते थे की सेवा करते रहते है उन्हें आदेश दिया था सन्यासी ही हो पर अभी प्रचार के सान से भारतीय जाता सन्यासी को कहा जाता है विश्व में या को
हो
हा था कि पुरी में रहने के लिए और सेवा कर रहे थे और बहुत है रोज हर बनाते थे के लिए गोपी के लिए और समय के साथ बुरा हो गया था। खड़े होकर हार चुरा रहे। जो भगवान ने क्या किया भगवान बैठ गए, भगवान बैठ गए इसलिए आसानी से उन्हें हार बढ़ा सके तो सब में 1 ही स्थान हैं यहाँ क्या भगवान को बैठे हुए पोल में देखते हो वो कहाँ है? तो हुए के पश्चात उदार पर गए थे तो उन्होने और हमें जाने प्रदेश का क्या करना चाहे उन से भी यही प्रार्थना करनी चाहिए। यहाँ भक्ति में आगे बढ़ाओ तो आज 2 महान संतों का आप सब के पास वैसा कैलेंडर है पढते हो वे चरम भाव हमें ठाकुर कहा स्पेशल स्थान है वो फाउंडर, ये जो भी सन्देश दिया वो सन्देश कहाँ से प्राप्त हुआ था की ठाकुर से ठाकुर ने अपनी रचनाओं के द्वारा फिर से शुद्ध धर्म को पकड़ के ठाकुर का ये भाव था। विश्व के कोरे करवे कृष्ण भक्ति को फैला गया तो उन्होंने 1 गंध लिखा था the life and pricip, ये उन्होंने विश्व के साये परिसर महाविद्यालयों को भेजा। he said that book on the life of uनिरtीवल cm beja eight ninety prop कहते है it is by consist takur started sending a book, a broad on the year that per te ninety सिxमेप्रॉपाी बाबू ने ठाकुर ने को भेजा था सारे सेवेंटी टू ईर्स लेटर यह किताब प्राप्त की पापा के पी एच डी कर रहे थे किताबों को पीस सेवेंटी टू यर हो गया था उसको सेवेंटी टू यर्स पहले ठाकुर ने उस को हुआ पूरा विश्वास था प्रभु शिक्षा को प्रकट करेंगे तो क्या करेंगे? तो वी हैव ठाकुर भक्ति विरोध और हमें उन से प्रार्थना करनी चाहिए की हम भक्ति में आगे बढ़े है का presar कोई 12 प्रश्न लेंगे
हरे कृश्ण, धन्यवाद गुरु, महाराज जी, फॉर नाइस क्लास जैसे आपने कहा कि भक्ति विनोद ठाकुर जी 5 घंटा साधना कर देते तो बुक्स र रीडिंग करना या उनको बुक्स रीडिंग करना और जब करना तो कई बार हम प्रचार करते हैं तो भक्त लोग यह कहते हैं कि हम बहुत बिजी है इतना समय नहीं मिलता तो उनको कैसे हम समझाएं कि इस आइडियल को कैसे हम प्रस्तुत करें भक्त ठाकुर
जी का उनको समझाओ समय तेजी से 20 रा है हमारे कर्मो के अनुसार हमारा भविष्य निश्चित होगा। वही बचाव आप देख सकते हैं चारो तरफ क्लेश क्लेश है प्रवीन आर्टिकल लिखा था 1 समय सॉरी नो टाइप ये आर्टिकल का heading n ha, i want to see the is very important men man told me some we have no time and next day, the man did sorry no time so लोग अज्ञानता में वह घर भी है कि के और
और 1 क्वेशन था कि भक्ति विनर ठाकुर जी के जस्ट पिरिचुलमास्टर उनके बारे में कुछ वर्णन है कि उनकी इनिशिएशन और ऐसा कुछ उनके पास टाइम है
क्या ठाकुर ने श क्या क्या ठाकुर के सिर प तो जब जानती नहीं देखा बहुत क्रोध आया क्यूंकि उनको पता चला की भक्ति नोट कौन है भगवान की विवेशक्तिहै पाउ रख रहे हो इसके सिर पर तुम जानते नहीं व्यक्ति कितना एडवास है बक्सर ठाकुर थे, गुरु ने पाव रखा था उनके सिर पर उन्होंने कुछ नहीं बोला बाकी से दादाजी जो बैठे थे। जब देखा ने कहा तुम जानते नहीं जिसके सिर पर पांव रख रहे हो वो कितना पसंद है। और फिर ठाकुर ने शिक्षा ली जंगरदालबाबूजीसे हवाई संपदा में शिक्षा पर मतलब है दीक्षा शिक्षा दोनों का स्थान है के
हरी कृष्ण महाराज जी, दंडवातप्रराममहाराज जी, महाराज जी मेरा 1 प्रश्न है यह है कि मतलब हमें जब मारथॉन होता है बुक डिस्ट्रीब्यूशन का तो वहां पर मतलब ऐसा हो जाता है कि हम कभी कभी हमारा स्वभाव बदल जाता है बहुत मतलब टेंशन आ जाता है, फटाफट वितरण करने हैं। लेकिन ऐसी परिस्थिति आ जाती है कि हम कई बार अपराध कर बैठते हैं। आ आपस में अपराध हो जाता है। तो हमें पहले ये ध्यान में पहले ये ध्यान ध्यान में ही रहना चाहिए कि हमें पहले वो बोलते हैं न कि हमें वैष्णव अपराध नहीं करना। पहला मोटी तो क्लियर नही होना चाहिए और विनम्र होना चाहिए। भले थोडे थोडे से वितरण हुए, पुस्तक चलेगा, लेकिन हमें यह पहले चीज ध्यान में र चाहिए। तो कभी कभी वो इतना फॉल सी गो रहता है कि वो हमें कंट्रोल नहीं कर कर पाते हैं।
वो पर इन सब समस्या का 1 हल है। हमें ध्यान से मा, मन जॉब करना चाहिए। अगर मैं आपसे पूछूं ना करते हो तो सब हाथ उठाएंगे। पर अभी हमारा प्रयास रहना चाहिए कि हम क्वालिटी को इम्प्रूव करें क्वांटिटी ले। सोना भला कर लिया। 1 समय 1 बेटा विदेश से आया था तो पिता ने कहा सोना वाला रोज करना चाहिए। अगले दिन बाप ने बेटे से पूछा सोनावाला हो गया हो गया? इतनी जल्दी कैसे हो गया? उसने कहा पहले मोती में मैंने पूरा मन से बोला है कि भाई को में डिटो, हमें प्रयास होना हि, डिटोडिटोे हमें ध्यान से सुनना चाहिए। और अगर आप सुनोगे तो ध्यान में ज्ञान बढ़ेगा और सारे वो कमजोर होंगे। to take that madison cording to the dॉcrsprsci।
पूछे कृष्ण गुरु महाराज, मेरा प्रश्न है कि जैसे कई बार जब हम प्रचार करते हैं तो भक्त लोग बोलते हैं कि जैसे भक्ति ने ठाकुर भौतिक रूप से बहुत उन्नति किये थे, मजिस्ट्रेट थे तो कहते कि हम भी वैसी पहले बहुत बड़े पद में चले जायेंगे, उसके बाद हम भक्ति आरंभ करेंगे शुरू करेंगे।
ठीक है, आपने उतनी बुद्धि है तो प्रयास करो। हम थोड़ी कहने की प्रयास नहीं कर सकते। पड़े लिखे भक्त कई बार पढ़ कर पते हैं। वाई वेस्ट मोर टाइम लेट। मी प्रीट भक्ति सि दादा जी ने ज्यादा तालीम लेना इनकार कर दिया। क्योंकि बने यही था मेरे बंद में माना जायेगा। और ठाकुर को बंगाल की सरकार पद्म श्री दे दी थी। तो ले hoke gonihaa
हरे कृष्ण माराजी थैंक्यू लेक्चर के लिए बहुत सुन्दर लेक्चर था। और मेरा प्रश्न यह है कि जैसा आपने कहा क? आज भक्ति विनोट ठाकुर जी का तिरोभाव दिवस है तो हमें प्रार्थना करनी चाहिए उनसे कि हम शरणागत हो पाए तो
हम हमें शक्ति दे, भगवान के शरणागत बोल रहे।
हाँ जी, महाराज तो हमें अपने डेडी प्रैक्टिसिज में ऐसा क्या करना चाहिए कि हम शरणागत हो पाए। धीरे धीरे करके भगवान के टोर्ट्स ध्यान
से जब करोगे रास्ते पढ़ोगे शारीर संघ में रहोगे तो इसका परिणाम होगा।
और महाराज ऐसा होता है कि जब हम भक्ति में आते हैं तो हम प्रैक्टिसिस करते हैं, ठीक से बट, फिर बीच में हम उतना सीरियस नहीं रह पाते हैं। या हमारा अपसेंट डाउन इस तरीके से होता है तो उसमें कैसे हैंडल करना
चाह में उल्सायज होते हैं, वे डी जाते
हैं या फिर ऐसे अपसाइड डाउंस
चलते रहते हैं, चलते रहते हैं। आपको इसके पास
डा जी धhnwad mharjdigrusna
thank you,
thank you so much mharuजयoresp one to one question no time, so now we have propar disciples like you glorios।
we are inspired, seeing seeing your activitie,
what is your sunsisions to the next genration after the
agone process is very simple for all, you have to reco sauisvisiblesotwo older apu, physical full form, physical format temprory in we the have became a man, but i instructions what that beinanescipure so we should for proper instructions be giving bastion and we you can and the pre pin much for you make god has to to have them, we make the effort to please krishna cisa one step to as krishna krishna takes tense you okay this is last question and some certificatio।
रे हरी कशना थैंक यू धन्यवाद महाराज महाराज आप बता रहे थे कि भक्ति ने ठाकुर के जो शरणागति भोजन से बता रहे थे, आप कि टॉलरंस ह्िमिलिटीमहाराज
स्टीट्यूट अभी आप समझो, यस महाराज महाराज।
ये कभी कभी ऐसा लगता है कि वो मेंटल अड्जिसमेंट हो रहा है, तो ये जेन्यून फीलिंग रहता है। अंदर से या मेंटल अडजसमेंट करके वो जेन्यून फीलिंग लाना पड़ता है कि क्या रहता है मानव
हो।
फिर आपके भाव बदले जायेंगे। ज्यादा प्योर भले का भाव रहेगा, मैं भगवान की सेवा करू, ये प्रशन आपका
रिक्शा महाराज महाराज। मैं पूछ रहा था कि जैसे आप नम्रता और सहनशीलता बता रहे थे, तो वो जेन्यून फिलिंग रहता है। हमारे अंदर वो जेन्यून फीलिंग आता है।
मान लो जेन्युन नहीं है, मान लो कोई परख कर रहा है, आपका दुश्मन है जी आपको प्रणाम कर रहा है आपको। sekar ap analis kroge se ye se bag okay so will shop now। बोला, हरे, कृष्णा परम, पुंज, गोपाल, कृष्ण गो, स्वामी, महाराज, की रामा, रामा, रे, रे।
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