अधिकाधिक कृष्ण मन्दिर निर्माण की आवश्यकता क्यों ? | 18 Mar 2018 | kharghar | Gopal krishna Goswami

In this devotional talk, Gopal Krishna Goswami and a co‑speaker appeal to devotees to accelerate the construction of a new Krishna temple complex in Kharghar, Navi Mumbai. They describe the project's historical backdrop (the nearby Pandav Cave), the envisioned facilities (temple, hospital, educational centre), and the anticipated timeline (completion within a few years). The speakers outline concrete fundraising needs, volunteer recruitment, and logistical plans such as land acquisition, government liaison, and multilingual outreach in over 80 languages. They repeatedly invoke spiritual benefits—enhanced devotion, societal harmony, and personal salvation—while urging listeners to donate, spread the message, and participate in the temple’s inauguration. The talk blends devotional chants with practical project details, positioning the temple as both a sacred space and a community development hub.
Chapters
omemnscopalpris marge, the nstumentlpernality for breking, this wonderful project, and its situation, now, and also in the completion, we prelim, after times, gorny re। just a ride, here in three thirty, all, from purokcatrcacig, many flitsacindriving, from all the day, from purkcेtrtdely, devi to bombay, as like, and then from bombay, airport directly to the radamadmondydenpl, and then he s in rent of you is practically, not possible for a human me, if is not completely activated, by the beauty of krishna, and the mission of china
palan, that is is ones bonisoaes। ध्यान, जल, सन्या, माइचीरवेहमाटीचे, कन्या, मना, बे, नहुत स्वयं, राम, न राय, श्री कृष्ण के कन्या किशन है, कृष्णा, कृष्णा, कृष्णा, हरे, राम, राम, राम, आम, सब भक्तों का हाल क्या भारी है या प्रचार के कार्य में सहयोग दे रहे है। अंतर राज्य के जापान में संघ की स्थापना स्वामी पहुंचे 1 इच्छा थी। ये जो भारती सन्देश है विश्व के हर कोले में पहुँचे। महा उनकी विषय वाली थी की हर गोले में नाम और 4 होना चाहिए होगी। क्या संसद के लगभग साढ़े 600 केंद्र दे, लंगेदरंदमनवादकिया, रेली भाषा में 80 से अधिक भाषा में हो, गया, को, चीन भाषा, रेल भाषा, उर्दू भाषा भाषा भाषा के हो और दादाजी के का ध्यान 2000 से अधिक वहाँ ना हो। तो आज समाज में अनेक प्रकार के कष्ट है। हम सोचना चाहते है की हमे सुख प्राप्त हो। राजनाथ कहते हैं ने जान की असली शो कैसे प्राप्त हो सकता है। असली हमें चाहिए कृष्ण भगवान, पर भगवान है, इश्वर कृष्णा सचिन बनाने वाले हो तो आप पूछ सकते हो आप मंडल क्यों बनाते हो? फार्म रे ईश्वर है, सबसे प्रसिद्ध है। भगवान सचिन न, गुजरा, सनातन मे आना से भरे हैं। और वो हर चीज के बार में तो कई बार लोग पूछते हैं और मंजर क्यों मनाते हो कोई 30 साल पहले 40 साल पहले न सिर्फ भारत के नेता को मिला था। स्वामी जी, आज इतने मंदर तो मदर मना रहे हो। हामिया ने कहा कितने मंद में आप शोध का प्रचार देखते हो, कितने बंध में आप तो हमें मन म सुविधा है। temple, s, hospital जैसे बीमार व्यक्ति इलाज करने के लिए हॉस्पिटल जाता है। हम अंदर में आते हो। देवी ध्यान को प्राप्त करने के। भगवान दिया ग्रह के रूप में प्रकट होते है। बड़े प्रभाव से देख कर भी इसका मतलब है। ऐसे आज पूजा की जाती है। यह पूजा जो आप देखते हो। यह भर्ती का परिणाम भक्तों को शिक्षा दी जाती है जो इसपर भरते और नियमो का पालन करते हैं। और जब हम उपासना शास्त्र की विडियो के अनुसार करेंगे फिर आपको यह सुन्दरता देखी तो आपके जो हाय न्यू बॉम्बे का प्रोजेक्ट है ये 1 ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है जसे आप जानते हो थोड़ा धाम मंदिर के सामने है, पांडव गुफा यहाँ की पांडव भाई आये थे और इस मंदिर के द्वारा इ केवल भगवान के पास नहीं होगी पास होगी। और इस मद में दी क्या भी दिया जायेगा विधा को और ये इस भीतर का सन्देश और ये 9 सालो से है। प्रयास सरकार के सबके सहयोग से
हम
सब है माले जल्द से जल्द समाप्त हो जैसे लगा अगले साल यह मंद चास में कहा गया है जो व्यक्ति भगवान न मंदर बनाने में सहयोग दे है, भगवान का घर अपने धाम में बनाते हो,
जब
में को कहा जाए में चाहते हो तब कहो जो व्यक्ति भगवान के मंदिर बनाने से योग दे। भगवान कहते है की हम लोग है क्या मंडल में रोज 50 से 7000 लोग लाते है, दर्शन देते है, शिक्षा सुनते हैं, जीवन को सुधारने का राज करते है। तो हमारे छात्र में कहा गया है लोग भक्ति भगवान मंदिर बनाए, मंधर बनाने से योग दे, भगवान की सी प्राप्त होते है। जानते हो माया से गए थे कि उन 40 रुपए के साथ 70 साल की आयु में सब ने ने कहा स्वामी जी इन होम में, विदेश में मत जाओ, मर जाओगे। गुरु का आदेश है ो इच्छा की भारत देश में भारतीय लोग अभी संसद हमारे भक्तों बात कर रहा था, लोग गाँव कर रहे है तो थे तो गाँव में जाते है, 30 परसेंट लोग हाई किशन का जवाब भी नहीं देते है गाँव में रहते हुए। तो अगर आप इस देश समाज की सेवा करना चाहते हैं तो इस सन्देश की
है।
आज अगर आप में शांति चाहते हो तो बीता के सुदेश की बहुत आवश्यकता है। तो आप सबसे निवेदन है क्या जुड़िए इस केंद्र को जल्द से जल्द तैयार करने है। तो यार जैसे जानते हो कल साल पहले मंद हुआ था राष्ट्रपति के द्वारा उस मंदिर को बुलाने में लगभग 40 हजार भक्तों हमारे घर कर जाए थे, लोगों से विनती करते थे लोगो को न छोड़ा 1 दिन के चौथे को जोड़ा। तो इसी प्रकार हम सब को माध्यम बनना चाहिए की मान ली है जी का जिन्होंने ये संकल्प लिया है। जो प्राप्त करेंगे भगवान जाने ये वो आवश्यक सेवा है। हम अपनी कोटी बनाते है, वहाँ यह भाव रहता है, सुन्दर कोटी बनाते है न। आप ये भगवान की कोठी बना रहे हो। थोड़ी तो अति में देखा की बहुत हर 10 कदम 1 मंजे है, मैंने इंशा वोटों से यह सरकार के जीरो से बनता है। पूरे घर ने। ये समान है। जैसे वो धन कमाएं, अपना घर बनाने से पहले अनाज घर बनाए। इसलिए रशिया के कोने कोने में जो देखते हो। कई बार लोग तो सरकार बना रहे तो यह लोगों में भाव है। जैसे हम कुछ कमाए, भगवान की कृपा से सफलता प्राप्त होती है। यह सफलता का उपयोग करे भगवान की सेवा में हमें अत्यंत लाभ हो। त हम पर भारी है, जिम्मेदारी भी है साथ में हमारे अनीला जवाज दी। बेटी के आभारी है, वो भी है। वो भी हमेशा उत्साह बढ़ाते रहते हैं भक्तों का और उन्होंने ली की हमे जरूर देना है। मगर ये ऐतिहासिक मंदर होगा जैसे आप ये भी जानते हो। पहले प्रधानमंत्री आए थे, नई एयरपोर्ट का और भूमि हो जाती है। और सुना है कि 2 साल के अंदर प्रधानमंत्री ने वादा किया था नया एरपोर्ट खुला है तो एयरपोर्ट खुलने से पहले आपका मंत्र 2 बन जाता है। मंद को उठाने प्रधान मंत्री राष्ट्रपति का में तो आज का निवेदन है, खोला की है जो यह अच्छा कार्य है। हम शादियों में 8 लोग मार तो आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद, धन्यवाद बहुत प्रयास है और उनके प्रयास से सरकार आगे बढ़ा है और तो जिले के अनेक भक्त सेवा में से लोग दे रहे हैं। इन सब का बहुत बहुत गया। तो अगले साल क्या है प्रोजेक्ट का उद्घाटन करना है। आएगा सब जुड़ोगे और अगर आप की इच्छा होगी, भगवान अवश्य ही आपको भूली देगेर। भगवान को इसी जीत की आवश्यकता मिली, आपके सहयोग की आवश्यकता है, ना हमारे सहयोग की आवश्यकता है। पर भगवान हम सब को निमित मात्र मना रहे है, मौका दे रहे हैं, उनकी सेवा में जुड कर है। गौर से भगवान से खरीद में गए, अपने हाथों में थोड़ा अंदर तो वहां पोंटी अंसार के छोटे हाथों से फिसल गया। और सभी और दे बिना किसी रकम के से नहीं है। तो जब उसे मूड के देखा,
उसी
धूप में छोड़ने के सेब को, तो जब हम भगवान की सेवा करते हैं, हम गरीब नहीं बनते और सोते में दान देंगे। ये पाई जब त्याग के हो, भाई भगवान आपके आभारी हो जाते हैं और आपको ऐसी ही है तो 1 बार फिर से बहुत बहुत धन्यवाद। मंडल के ी सत्या भाई के सारे सदस्य पुरा विश्वास है यह बंधन पूरण को हरे राम हरे राम राम र gguogee।
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