श्रील प्रभुपाद का प्राकट्य एवं नंदोत्सव व्याख्यान | 20 Aug 2022 | Dwarka |Gopal Krishna Goswami

Gopal Krishna Goswami recounts Srila Prabhupada's arrival in New York with almost nothing, his struggles with money and cultural barriers, and how he built ISKCON from scratch. Prabhupada secured a return ticket first, collaborated with Indian families like the Aggarwals to establish temples, and lectured at colleges. His legacy spread Krishna consciousness worldwide through devotion and perseverance.
Chapters
rom bagota loud सब भक्तों का हार्दिक स्वागत मैंने कल आना था, कल मैंने सगा मेन हजारो पंक्त थे। भक्तों का कहना है कि पिछले 20 साल में भग जनवर नहीं आये, कल आये और मैंने कहा आज प्रयास करेंगे। आज क्या है भगवान के शुभ सो छोडा केतन करूंगा, क्योंकि मैं कल आ गई आधा बंग है ा
जायरा जमा
ह कुंज
जायरा गमा धा सुन हार
गोपी
भर धर गोदवाना भा जारा दमा जरा जमा हवा
हा
सौदान नन बज जाना न जाना सोदनानाजेजनदजना जमना तेरा बना 4 जमना तेरा बना चाहे रा
भा
हो जाना पी जाना वाला भा गंगा तेरा
का
का जरा जमा हाजयरागाा
क
श्री
राधा शिवा सर गो मचेगा
guna
कृष्णा आ रे आ रे आरे रामा रामा रामा रामा ह ेशनाहारेhs हरे रामा हरे रामा रामा रामा रे हर
राम
snarisnakisnare rama rama rama rama
ा
हरे
काले हरे हरे रामा रे रामा रामा रामा रे हर हर कारेन 4 हरे रामा रामा हरे हरे राम रामा रामा रामा बा
रामा
रामा रामा रामा ह
ह
राम हरे रामा रामा रामा रामा
ये
है हरे रामा रामा रामा
हरे
राराहय हर हर हर
ब
a bus bus
आप सब भक्तों का स्वागत thank
you
so क्या celebrat के हो proje चेतन महा प्रभु की भविष्यवाणी थी कि विश्व के हर कोने में यह नाम का उचारण होगा। चेतन मा प्रभु कौन है भगवान है भगवान की भविष्य वाणी होती है। चेतना भगवान श्री कृष्ण चेतना राधा कृष्ण नहाने राधा कृष्ण प्रकट हुए। चेतन महाप्रभू के रूप में चेतना पर भुजा पर थे। उन्होंने राम के प्रचार के माध्यम से लगभग पूरे भारत में to one biswan 1 दिन के खुले हु हमारे अचार थे। कोरिया समाधान में यह इच्छा थी जो महा का महा प्रभु जी का आदेश है, उनकी बविशवानीहैउनको कोई सुनाई दे रहा है, चारो तरफ सुनाई दे रहा है। उस कोने में तो भक्त ठाकुर पहले बहाना चाहिए थे। जिन्होंने चेतमा प्रमुख संदेश को असली रूप में प्रस्तुत किया और उन्होंने भी कहा था कि सेनापति भक्त प्रकट होगा जो कि महाबकीभशुवानेको सफल बनाया। तो ठाकुर जी ने शुद्ध रूप से महा परब के संदेश की स्थापना की। उनसे पहले संदेश था वो कल था, समय आ गया था और जो ठाकुर जी ने उसे ठीक रूप से प्रस्तुत किया और उन्होंने आगे भी जो सवारी। ठाकुर जी ने अपनी आयु में चौसठ मंदिर खोले। भारत में उन्होंने कई न्यासियों को विदेश में भी भेजा था। क्या करने करे भक्ति की स्थापना करने के कुछ दिन मा प्रभु जी की विश्व बनी थी। विश्व के हर कोने में यह नाम पहुंच देगा और भजन ठाकुर जी ने पहले भाग थे। उन्होंने अंतरष्ट्रीय प्रचार शुरू किया और उन्होंने 1 लिखा था। चेतन मा प्रभुजी जीवन के ऊपर उनके ग्रंथ विदेश में प्रतेक महाविद्यालय है। सब जग पूजा या और यनवसितममेवहयकिताब पिछले 90 सालों से है। सो सारेसारे ठाकुर व बड़े प्रचारक थे और उन्होंने ठाकुर जी उसको आगे बढ़ाया की सारे सारी ठाकुर। उन्होंने गोडे की स्थापना की और न्होंने अमर को विदेश भेजा 1 को भेजा इंग्लनइंग्लनमें भेजे वे 1 लौड लौड क्या होता है हमारे मंदिर में इंग्लैंड देश का हाई कमीशन आया मंदिर में दी और वो हिंदी सीख रहा है तो में 1 लोड है लोड हाउस ऑफ़ कॉमंस से भारत में राजसेवा लोक सेवा है में 1 लौ को प्रॉपर ग्रुप ने प्रचार किया था। और उसने कहा गुरु भाई ने मुझे तुम ब्राह्मण बना सकते हो मैं ब्राह्मण बनना चाहता। तो गुरु बाई ने कहा ब्राह्मण बनना है तो नियमों का पालन करना पड़ेगा ने सोरी आ म नो इंटर तो जर्मनी गए थे खास सफलता प्राप्त नहीं हुई। 1 भक्त और भी यूरोप के शरमन संक्षेप में 4, 5 सौ निवासी उन्होंने भेजे थे सारे विश्व में और बिना किसी सफलता के भारत भाग गए तो हमारे जो भारतीय सन्यासी थे उन्हें लगा कि वह प्रभु का सन्देश तो है तो है लगता है कि मैं काफी तेजी से चल रहा है तो प्रकार नहीं गा बागी से राधाजी को पूरा विश्वास था की ये सवाल हो सकते हैं। बाबा जी के पिता का नाम था गो माता का नाम था बाबा जी के पिता की इच्छा थी मेरा बेटा संत बने वो चाहते देख मेरा बेटा लोगो के को आगे बढ़ाये तो वो छोटी में उन्हें संस्कृत सिखा रहे थे, दंगा सिखा रहे थे जब कोई साधु आता था पिता थे उनकी बहुत इच्छा थी कि साधुओं की देखभाल करे वो भेदभाव नहीं करते थे कॉन्प्रमानिकगा कॉम्प्रमानिक नहीं है सबको 1 ही मान कर की सेवा करते थे। और जब ये सन्यासी घर छोड़ कर उनके घर छोड़ गए थे आगे बढ़ रहे थे वो पूछते थे आप के लिए क्या कर सकते हैं? मोर कहते थे मेरे बेटे को आशीर्वाद 2 रानी जी का उस कोठी भाग बने उनकी जो माता थी उनकी इच्छा थी कि मेरा बेटा इंग्लैंड जा के इंजीनियर बने में भारत देश ग्राम सो उनको अनुभव था और उन्होंने याद की उना की उनकी इच्छा से या की जाए जिसे आप लोग के बच्चों की हथियार प्रबल ऑर्गेनाइज करते थे बच्चों की और ये हो गई थी कार में और आजकल तो आ अगर आपको सूचना चाहिए अगली गाड़ी की जाती है कम जाती जगना आप फ़ोन पर पता लगा प्राचीन समय में सुविधा नहीं थी तो बाबा जी खुद जाते थे रेलवे स्टेशन में देखने के लिए अगली roba कॉलेज में ॉलेज का नाम था स्कोर्टेजकॉलेज स्कॉटेज कॉलेज कैकदामैन सबसे प्रसिद्ध कॉलेज माना जाता था। उनके जो प्रोफेसर थे वह कहा से स्कॉटलैंड से बडा प्रसीजर कॉलेज प्राबाजीके 1 थे जिनका नाम मलिक ने काजी से कहा इस शहर में 1 बड़ा प्रशन साधु है। मैं चाहता हूँ कि तुम ने मिलो पर हगा, मैं तो कई सन्या चुका हूँ प्रभावी नहीं हुआ नहीं जाना
न
प्राबजकेशब्दो में लिली डरैगमिटमीरिम जबरदस्ती से गए देखते ही वो छान लिया, ये है वो युवक युवकी को सबक बना पाया। तो उन ने पहली मुलाकात में क्या तुम पढ़े लिखे युवक हो तुम अच्छी अंग्रेजी बोलते हो, पर अंग्रेजी शुरू से बहुत तेज थी su वो rti कविता तो विश्व को सफल बनाना जरूरी है। तो बाबाजी ने कहा पहले हमें हमारे देश को स्वतंत्र बनाने, 2 से हमारा देश गुलाम देश है कौन सुनेगा हमारे क्या कहा असली स्वतंत्रता क्या है, क्या है? a very strong debater college, you should be number one। no defeat ने कहा this time मे किस प्रकार से गुरु मराज के आदेश को पूरा कर रहा है by usa शुरू कर दिया था how can i execute i? और ये थे उनके मन में 24 घंटे का विश्वा और वली ने अलहाबाद में
प्रयाग
प्रयाग जी ने 1 ड्रगचौनिक बनाया था ब्रेक गुरु भाई गुरु भाई थ को मिलने तो गुरु ये मैंने 1 फॉर्मूला बनाया है न फॉर्मिला बनाया है।
wait
गुरुबहन कपूर गुल ने कहा अरे बाबू मुझे वहाँ पर वाइन फॉर्मिला नहीं मुझे फॉर्मिला चाहिए जिसके द्वारा मैं प्रेम अनुकूल है i know the formilabutthe medicin is not redigoruby formiलादोइसके द्वारा मैं दवाई बना सकू मुझे फॉर्मूला पता है तैयार नही गुरुभाई
formula
कई बार कहा पापा दिस स दी मोस्ट बोर्ड एक्टिविटी हमारे नाम का पूरा लाभ उठाना चाहते हो महा मंद केवल उचारन करने से काम उसका संदेश है, उसका पालन करना जाए सो प्रॉपर्जीकेमनमें 1 ही भाव था इस प्रकार से 1935 में भारतीय सिदानदजीहज़ारों शिष्यों की कुशा लेकर ब्रज की यात्रा कर रहे थे।
और
मेरे बाबा जी गुरु भाई से सब गए मिले गुरु राज है गुरुराज न्होंने क्या कहा 1 मिरदंगा गुरु भाई ने कहा अगर कृष्ण भवतु सफलता दे ध्यान दे क्या कहना है फलों को प्रकाशित करना है। सो पी को आदेश प्राप्त हुआ रा प्रॉपली के मन में यही था ऐसे गुमराह आदेश को सफल बनाया जा। और फिर पापाजी के पास या तो प्रोपीके मन में इच्छा से भा आदेश को बनाया जाए। तो प्रभा जी आये प्रचार कर रहे थे। प्रॉपर जी के गुरु ने क्या था रोज पे बैक टू कॉल
जो बैक
मैगजीन थी क्ल मैगजीन 4 पेज की थी केवल रोजी राइस टॉपिकल इशू से। 1 में उन्होंने देखा था सॉरी नो टाइम जिसमें उसमें उन्होंने कहा था 1 प्रसिद्ध व्यक्ति के घर गये थे प्रचार करने के लिए। व्यक्ति ने कहा स्वामी जी हम नो टाइम बांग्ला दिन क्या हा हा बाबाजी का सो फिर 1 आजकल उन्होंने कहा like beauty
और
राजकुमार साह बहुत हो गया था राजकुमार मैं तुम से विभाग करना चाहता हूँ। उसे पता था यह राजकुमार गलत प्रति दवाएं लाकर। उसके कारण उसके श्री फिर पर बदलाव हो गया। सो उसने वो राजकुमार पहुँचे। उसी स्थान पर सुन्दर स्ट्रीम आ खड़ी थी। वो बेचान नहीं पाया। o o s o probodysoud right on topical issue। तो 1 दिन 1 लाइब्रेरिया ने प्रॉपर से कहा स्वामी जी, आप मेरा छापे लोग पढ़ते हैं, देखते हैं फेंक देते अगर आप किताबें छापोगे लोग पढ़ेंगे ध्यान से रखेंगे। ब्रह्माजी ने सोचा कि भगवान से ये संदेश जा रहा है। कई बार आप से प्रचार करते हैं। आपको अनेक लोग को एडवाइस देता है। कई बार जो एडवाइस है बहुत अच्छी एडवाइस हो रही है। तो बाबा जी ने सोचा भगवान बाबा जी ने बहुत प्रयास किया। भारत में भक्ति का सामना करने के लिए पर जितनी सफलता मिलनी चाहिए थी उतनी सफलता से प्राप्त रहे हुए और प्रबल जी को काफी संघर्ष करना पड़ा है और वो संघर्ष से हमें कठिन सेवा मिलती है, डर जाते है, हम बोलते है और जो भक्त हैं और सम्भव सेवा को भी चेत्र कृष्ण धिकाव राज कहते हैं चेतना महा बाबू जी की कृपा से अंधा व्यक्ति देख सकता है, बहरा व्यक्ति सुन सकता है, गुगंगगुंगंगव्यक्ति बोल सकता है और लगा व्यक्ति पहाड़ों के पार जा सकता है में मह की कृपा से baboकecupासेdificl thinks become esi thing परवाज का पूरा विश्वास था याद करे जाए। उन्होंने झांसी में 1 संस ज्यादा से उदर प्राप्त नहीं हो। वो प्रोपर्जीआयेरहने का राधा धाम मंदर में राधा राधा बंदर विंदावन प्रोपर्जीवाछे अब जे का क्या क्या भाव था यह भाव था कि किसी न किसी रूप से मजदूर प्रकाश किया जा। तो वो उनके गुरु जी ने मृदंग की तस्वीर बनाये कहा भगवान जे सुविधा दे तो क्या करना, क्या करना, गधो की रचना करना, प्रकाश करना। तो ये आदेश अब जे को पाप हो गया था और भारतीय सिधालरजेके अ प्रगट होने से कुछ दिन पहले पद से मिला था। पर पापा ने वो पर्स में लिखा, आपके इतने संन्यासी शिष्य हैं जो कि आपके लिए बड़ी महत्वपूर्ण सेवा कर रहे हैं। मैं आपके लिए कुछ नहीं कर पा। रा सो वो ही कहा जो कि उन्होंने पर एजुकेटेड यंग मैन ठीक सो। ये बाबाजी के हृदय में थापित हो गया था। ओ बाबा जी प्रयास कर रहे थे। जैसे आप जानते हो वह रहने के लिए बड़ी कठिनाई के साथ उन्होंने श्रीमद बहुतम इन भागों में और परे लोगों के चलना लेकर 1 बड़े धार्मिक विचार के सजन से लाल मियाजी तो प्रभा जी धामिया जी के पास पहुँचे। मैं श्रीमद भागवत को प्रकाशित करना चाहता हूँ। आप सहयोग दीजिये सो उन दिनों में 1 प्रसिद्ध साल थे। क्यूंकि गीता प्रेस के मालिक है। तो दाना ने कहा आपको सहयोग दूंगा गुलपुर जाओ, वहाँ हनुमान प्रसाद अपना खाना अगर आपको धन दूंगा। तो बाबा जी जब दिल्ली से निकले कहा है जाने के लिए। उनके बाद कुल मिलाकर सौ बी 11 पैसा बचाने के लिए पैदल जाते थे। कई बार प्राजी के बाद पहुंचे जी बड़े खुश हैं उनके मन और रामा के सहयोग से उन्होंने वन को या
बो,
वन मैन आर्मी, वन मैन, आर्मी का खेले, सब काम होने के करना, उन के लिए गधों का ना। म के बाद 1 टाइपायडबिनीथा हाज से देखते थे और अनुवाद करने के बाद जी जाते थे टंगेटंगे में वृंदावन से और सा स्टेशन। वहाँ फिर थर्ड क्लास डब्बे में बैठे
थे,
थर्ड क्लास डब्बे में बैठे
में
पहुच जाते देखा के पेपर डीलर। वह 1 शर्मा जी थे जो कि प्रापा जी की सहयोग दे रहे थे जो कि 1 प्रिंटिंग प्रेस भी थी वह प्रोबर्जीकीमदद करते थे पेपर उधार लेने के प्रापा प्रोबी क्या करते थे। जैसे मानो 3300 गीत भगवान छापा तो 300 1 साथ नहीं लेते थे उन दिन में ऑफर हम छोटी कोनिली तो बाबा जी लेते। 50 कॉपी जो रकम आती थी उसको आगे जाकर कर्जा चुकाने में लगा। प्रभाजी ने जो किया सो प्रभा जी वो किसने कहा था कि बॉम्बे में 1 बहुत धनी और है जिसका नाम है वो साल की हमेशा मदद करती
है
बॉम्बे में बबुआजी में im सोरी afi के सेक्रेटरी का नाम था चोकसी बाजी चोकसी से मिले चोकसी ने कहा is very bezi बार टाइम नहीं है आपको मिलने के पापाजी भाव था कि प्रापा जी ने क्या किया वो जो सीरी होती बैठकर 5 घंटे जब गया बाबाजी का लॉजिक था श्रीमद मुनजी ने निकला तो इधर शाम को 10 बजे से ही स्वामी जी को लगा उसने
पूछा
मामी जी क्या चाहिए? आपको? फैक्ट्री ने कहा ये शाहरुख वृंदावन से आया है यह चाहता है कि आप उनके उनको सहयोग। 2 भागोतम छापने में श्रीमती मुनियाजी में धन भाव से है घर आ जाना। राज ने कहा मुझे सुनाओ role फिर उन्हों को देने का ठिकाना भी दिया उनके कॉलनीथीइंडिया कंपनी है के उनके है उनका स्टाफ बहता था शी के कहने पर 1 स्टाफ ने अब अपने घर में रख ले 1 कमरा दिया। उस खान ने कहा स्वामी जी रोज सुबह घर से निकलते थे ये सोचकर कि आज मैं भंगोदन बात पाऊंगा दुकान मे से लेंगे नारी लेंगे उदास थे दिल भाव से। श्री मंत्री मुरारी ने सहयोग दिया बाबाजी जब किताबों को लिख रहे थे वृंदावन में थे उनके पास कोई स्टे नहीं था कोई सहयोग देने के लिए नहीं था। बाबा जी अन्वाज प्रकाशित हर कार्य कूद करे थे। इसके बाद इस भागवतम को बता भी पूरी करते थे उन्हें कैसे बना कैसे बता लाइब्रेरी में जाकर जाते थे। h के लाbrinसेbातकरte ropa fos pro प्रभा जी पापाजी ने सोचा है मेरे पास हथियार है विदेश में जाने के लिए मुझे विदेश जाने की प्यास प्रवाज ने उन दिनों में विदेश जाना इतना सरल नहीं था। इतना था बड़ी रेल बैंक में और मुझे सब परमिशन सब ने कहा स्वामी जी आप उसने मौसम में जाओगे मर जाओगे। m me e soa में जाकर क्या german कहते है सार निश्चय धरी न अगर आप भक्ति के मार्ग में सफलता चाहते हो। क्या होना चाहिए जर्मन भक्ती में जुडे अनेक प्रकार की समस्या एंगे अनेक प्रकार के चैलेंज जायेंगे हमें सियार आना चाहिए भगवान की खुशी के लिए, किसी भी कण को चैलेंज के लिए तो परवा जी प्यार के आधार पर विदेश और जैसे आप जानते हो। श्िमदीबनार्जी ने अंत में पापा जी को 1 कार्गो के जहाज में जाने के लिए कह दिया। सुविधा दे कारगो जैसे ₹40 के साथ पापाजी निकले थे में जाने का। प्रभा जी माया बोल गए थे हमें गुरु महराज को आशीर्वाद देने के लिए प्रभाजी शांति पुल गए यहाँ की पूजा करते थे तो वहाँ उनके गुरुभाई ने देखा प्रभु जी जब रे हैं उस साथ में उनकी आँखों से आंसू बह है। आंसू गुरु भाई ने जाकर पूछा
बे
भाग या आंसू क्यों? प्रभा ने कहा भगवान से प्राथना कर रहा था यह मैं कुछ निकम्मा भक्तों मुझे अपनी जिम्मेदारी दे दी है। इस संदेश को विदेश में पहुंचाने के
लिए
पर मेरे में कोई योग्यता नहीं है। और इसी साल पर चेतना। महा प्रभु मिलकर योजना बनाते थे, समकतनारोरनको आगे कैसे बढ़ाया जाए मुझे ध्यान दीजिए मैं भी इस संदेश को आगे बढ़ाए गए और जाने से पहले परबाजनला desh जाना ने mit the propos उनका नाम था मिशा grवalmtुरमeoापाज के इतने गहरे मित्र नहीं थे की जान बचान थी तो ापाजी मेरे बाबा जी, बाबा जी, रे जो अग्रवाल जी थे, धार्मिक भाव के थे उनका बेटा रहता था मेरे घर में है तो बेटा में रहता है घुमने नहीं so को किसी प्रकार से प्रभु को ज्यादा दूध गे मैं बैठ गया गया उनके साथ वो चेतन के गंध को मजे से जानते हो क्या हुआ 2 हार्ड टैक जब दूसरा हार्ड टैक हुआ परवाज ने सोचा कि में योजना सफल नहीं होगी सपना वो सपने में जी ने देखा भगवान पटवारी बन गए हैं और उसने अनेक दे भगवान का सागर है उन्होंने कहा we dont body कहा पहुंचे woswsnमेजककैप्टन जिस हाल में प्रपद गए आज का नाम क्या था हर कोई जला जूता होता उसकी आप छोटे छोटे सैंपल तो बेचकर जो पाण्डे
था
नiसनइसवe, उसकी पत्नी थी उनकी पत्नी ने abajeकaाथदेखाये जो आप जो हो सब ता प्राप्त करोगे तो आप ऐसे घर बनाओगे जिसमें सारे विश्व के लोग रह सकते हैं। आप ऐसा घर बनाओगे जिसमें सारे विश्व की प्रजा रह सकोगे लोगरहत आपसे पूछा जाता तुम कौन सी जाती थी हमारा सिराज बड़ा है भगवान की शरण ले ऊँची जाती के शरण नहीं ले तो नीचे जाती के महा प्रभु जब ना सी आये तो 1 भक्त चंद्र शेखर के घर में निवास कर लेते। वो चन्रशेकजोथानिची जाति का था, उसे घर में क्यूँ उठेगा भग हमारा सिधार गए पाने लिए इतनी माया देखी अमेरिका में उन्होंने कहा कौन सुनेगा आपके सन्देश को इस देश में जिन क्या दिन रात 1 ही भाव रहता है। प्रभाजी ने अंत में हा अगर राधा रानी जी की असीम कृपा हो तो सम्भव का ये भी सम्भव हो। पूरा विश्वास था। या राधा रानी जी की कृपा से संभव का भी सम्भव होता है। प्रभा जी न्यूयॉर्क पहुंचे, न्यूयॉर्क पहुंचे तो फिर वे न्यू यॉर्क पहुंचते ही अपने रिटर्न टिकट का रिजर्वेशन कर। आप समझ रहे हो वो न्यू यॉर्क पहुंचे वो रांड में गये थे
वह
न्यूयार्क पहुंचते ही पहली चीजें उन्होंने की भारत वापस आने की को जो आया था उसकी अमेरिकन पत्नी थी
और
बाबा जी को से रेक अप करने के लिए उन्होंने अपनी टैक्सी का बस किया था। जब आज अमेरिका में जाओ आपको, हर कोने में, इंडियन दिखेंगे हजारों हजारों में हो, कम भारती अमेरिका में थे और ये अग्रवाल जो था इन निवास का सान था बटलर में बटलर हैं फिर जला के पास या न्यू यॉर्क से 4 करने के रास्ते पर और बटलर प्रसि शर था वह जब वोलवoटूहुआ था वहाँ दे दे क्या जी जो अमेरिकन सेना ने है इस्तेमाल किया यूपी में, तो वहां पापा जी मिस अग्रवाल के घर में, पापा जी खुद प्रसाद बनाते थे सबके लिए तो मिस अगवा को, उस छोटे शहर के भाग व्यक्ति बार बार फ़ोन कर दे दे दिस साधु गो कम ट हाउस तो कपड़ो में देखना है। अग्रवाल ने सोचा कि लोग बार बार पूछते हैं मेरे से कौन है ये साधु? तो उसने 1 pres conferenc organized a a this is a satu from india snscitscollr, तो अगले दिन paper me frntpagmesscollr from india witigbutlr व छोटा शहर वो जो आर्टिकल था वो पास का 1 शहर था यह वर के क्या 1 कॉलेज था अमेरिकन कॉलेज, उनका नाम था स्लिपरी रॉक कॉलेज, स्लिपरी रॉक america me i तो वहाँ के प्रोफेसर ने srimad से हा im sorry professor mi a a i have farasi class here i would लाइक यर साधु com in lecture here to a a a pose won a swami co college in an in witotopestoamerican of cors thats lecture dealer bad, but any question so se ha me dekha ki america us asking very intelligent question। बाबा जी को लगा कि अमेरिका गए, न्यू में रहेगा, वह उनका काफी संघर्ष था और रहने का ठिखाना 1 समय रहे थे 1 व्यक्ति के घर में जो कि ा है जी को मारने भी आया सो अनेक संघर्ष के पश्चात बजे को संघर्ष करना पड़ा। का भारत में लगभग 30 पैं30 साल के लिए भारत में बड़ा गहरा संघर्ष था। उसके पास से विदेश जाकर भी ले, साथ बड़े कुशाई के साथ बाजी
और
बाजी नयूयॉरके 1 थे। मिश्रा जी मिश्रा थे वही पर सिर योगा, टीचर और उन्होंने कैसे बनाए गए। फिर मिश्रा ने देखा स्वामी जी किर्तन करते हैं 5 सुन्दर और मेरे जो शिष्य हैं वो उसके सर की तरफ खींचे जा रहे है। उसे स्वामी बेटरदुशलालरओल मोमेंट में, छोड़ना पड़ा न में और न्यू यार्क में वो 1 पार्क था हुआ पाक का नाम था कितने भक्त पाक का टू ऑर्गेनाइज करना ो बाजी गये वहाँ 3 हफ्ते के लिए रोज गए, भारत के प्रॉपर्जीक्याले गये थे और द्वारा थोड़े हो
उठा
था किस नाम से संस्था की स्थापना की जाए क्योंकि अब तक प्रभुजी प्रचार कर रहे हैं, शिष्य बनने शुरू गए हैं पर कोई संस्था स्थापित नहीं हुई है। से पूछा सो वट शुल बी नेम और सोसाइटी to ne apne son collide in god no speci तो प्रापा जी के विषय में यह ने तो बहुत कुछ है, पर 1 अमेरिका के 1 बड़े प्रसिद्ध प्रोफेसर से hiv कॉक्स और हाईवी कॉक्स ने प्रापा जी के विषय में का ही वास one thousand no min, no million million uni करोड़ो करोड़ो लोगों में 1 व्यक्ति है जो केमरा में बन सकता है
प्रभाजी ने,
अमेरिका ने, प्रभाजी ने शुरू किया, तेजी के साथ प्रभाजी भारत में थे, उनके बाद चूरा टाइप भी नहीं था, फिर 1 टाइप मिला मुश्किल से वो भी टूटा हुआ था और उसे मेरिकाहप्राबाजी ने उनको अच्छे भाग भेजे और फोन दिया ितेफोरइस्तेमाल करना सीखा प्रबाजीनिगए तो प्रभा जी डॉक्टर के पास गए। doctor swami you sit c o प्रभा तो प्रभा जी ने विदेश जाने से पहले सिर्फ 3 किताबों को प्रकाशित किया था। विदेश जाने के बाद उन्हें 70 विदेश जाने से पहले पापा जी के 1 सुर थे। संस्कृत के पन दिन से मैं उन्हें मिल पाता विदेश जाने के बाद हजारों से है मेहनत करके क्या साबित किया उनकी। कई बार लोग कहते हैं कि
वह
दुर्भाग्य है की हम पर से नहीं मिले। जो संत है उसके 2 साधन होते है। bpo
babu
everything you need to no my book। तो अगर हम प्रभा जी के संदेश के आधार पर चले और उसका पालन करें तो आज भी आप महसूस करोगे क्या कि प्रभा जी आपके साथ प्रभा जी ने अनेक गधों का नाद किया और उन्होंने सारे विश्व में विदेश जाने से पहले पापाजी ने कभी यात्रा नहीं की थी। और पापा जी विदेश जाने के पश्चात बार बार बार बार विश्व का भ्रमण किया। और किसलिए आज आप सब बड़े भाग्यशाली हो या प्रापा जी से मिले अमर जी के मंदिर में आते हैं। मर्जी ने कहा है कि जब तक आपके अच्छे संस्कार नहीं हो, आप कृष्ण भक्ति में नहीं जुड़ता है। आप सब जुड़े हो। कृष्ण भक्ति में आप क्या अच्छे संस्कार है और हमें इस संदेश का लाभ उठाने है। पापाजी ने हमें असली सिद्धांत दिया उन्हे कुछ लोगों को आकशितकरनेके लिए कुछ बदला ले। जब पापाजी न्यारे भी कुछ नहीं कर रहे थे तो कइयों ने कहा कि स्वामी जी आज जो उपदेश नो बडी पापाजी बाजी सो पापा जी के होने के हमें क्या करना चाहिए। हमें करनी चाहिए की हमें पापा जी की कृपा प्राप्त हो जिसके द्वारा हम क्या हम ज्यादा प्रसिद्ध भक्ति में आगे बढे और हम जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सके। प्राजी की इच्छा थी व्रतों को प्रकाशित करना और पापा जी ग्रंथों का प्रकाशन। कैसे का निर्मान कैसे करते थे। रात के 10, 11 बजे जब सब की गहरी नींद में होते हैं, बाबाजी क्या करते थे, जाग देते और फोर में ब्यूटी करते थे। प्रति बरते टेल केंटो पीसी बोल और बाजी की इच्छा थी। हर भाषा में को जी के गंध है, 70 से अधिक भाषा में हो इन को पढ़ना चाहिए और और क्या करे नहीं तो आप सब के दामों को पढो और भार। 2 आपके जीवन बल होगा। आपको पापा जी की कृपा प्राप्त होगी। हाय कैसा a rusia s
e
मोबाइल
ही महाराज थैंक यू सो, मच और मेरे ने बनाया आपने बताया अभी स्टोन के साथ साथ होती सुने आप संप्रदाय कब थे। अभी भी इस फोन के साथ साथ कई सारे बड़े सम्पदाय हम लोग जब 4 करते हैं तो बहुत सारे लोग ऐसे जो की कंफ्यूजन के करते कि स्पो कोनसा अब सुन विधायक कौन सा है तो ऐसे बच्चों क्या समझे है कि वो इस कांड के नर डेडिकेट रिबर्डी बनकर रहे
आप
वो लोग करते जाओ और परचार हम किसी से लड़ना नहीं चाहते और जो असली फ्लासी है उसका प्रचार कर रहे हो गर कोई पकसमशाप्रचार नहीं कर रह तो
अपनी तरफ से
and there is dont need to priti।
थैंक मदर मोशन दूर शक मेंटिलिटी से कैसे बाहर निकले की हम करता है कर्ता के भावना को कैसे समाप्त करें।
अब मा करोगे, शास्त्रों का अध्ययन करोगे, भक्त के संग रहोगे, वो खुद ही खुद। आपका जीवन आगे बढ़ेगा। जैसे आपका यात्मिक जीवन आगे बढेगा, आपको शक्ति प्राप्त होगी, जिसके द्वारा आप इन कमियों को दूर कर के है। मेरी माया का विरोध करना बहुत कठिन है। मेरी शरण लेगा, मेरी शिक्षा का पालन करेगा वो फिर गर बड़ेगा।
thank you
he।
सारी
ोरiजsोमवीसीहिसी साइकिल सरेंडर वे एडम वैली ली एंड compare rss best not sold compete, what can we do that we also sat dictedicatrsinte?
so
very simple, just do we just follow the stand, the instruction the party modi in the proper selling, as to do its not be proper, things gated from the parmpara make dana intern gold from bc, so you be follow that an ven also get is a proper rod, you change sixty nouns and for for you go back to gonitefinitely holy name in as parpol today and in war five sote on gether।
हरी विश्व जी, बहुत बहुत धन्यवाद। सिर में मारा था कि अक्सर भक्तों की जिज्ञासा होती है कि उनके जो सम्बंध है, उनके आ जाना पड़ता है, तो वहाँ पर है, उसमे दाल तो नहीं होता। कोई विवाह पाती है या ऐसा कोई फंक्शन है तो ऐसी कंडीशन में क्या करना चाहिए? उनकी भोजन करना चाहिए। अगर भोजन करते हैं तो ऑफर नहीं होता। और अगर भोजन नहीं करते तो बुरा मानते हैं। पर ऐसी कंडीशन में डिसाइउसको क्या करना चाहिए?
आपको स्वीकार नहीं करना चाहिए। जो भोजन भगवान के नहीं हुआ, आपको है कि दूसरे लोग क्या कहेंगे? आप को यह चिंता नहीं है। भगवान क्या कहेंगे? हमें ये चिंता होनी चाहिए कि इस कार्य से भगवान प्रसन्न हो रहे हैं या नहीं करें कि दूसरे क्या कहते हैं? benchmarked please is crisis is love you so you okay more।
हमारे संस्कार जो अच्छे हो तो भर्ती में जगे। उसके बाद भी कई बार हम देखते कि भक्ति भी कमजोर जाते है या भक्ति छोड़ देते है। ऐसा की होता है महाराज की संस्था। भक्ती भी चुने।
क्योंकि हमारे पास हर कदम पर ये छूट है। छूट यह कि हम चाहें तो भक्ति को स्वीकार करे हैं। तो बाय बाय, बोल ये छूट है। वो हर समय भगवान ने दूसरे अध्याय में अर्जुन ने कहा मुझे ये शिक्षण
दीजिए,
भगवान ने शिक्षा देना का क्या। अध्याय में भगवान ने पूछा हे अर्जुन, तुम ने क्या ये संदेश ध्यान से सुना है, ने ध्यान से सुना है। अब मैं आप का, देश का पालन करने को तैयार हूँ। भगवान हमे verde seva se na hai, thank you yes
desi thanku so much
to
of her lot about the orismegosslvis is on for us, but still is at a strong so so।
how can i question is? how can you make fat fat stronger seen, practice makes a man perfect the practice, makes a man perfect want to be come a good musician practis that musical instrument want to become a good sportsman sportsman s and bodhi to practice for ten fell for fotinadayso in the mitro practice, then we become so similarly, the par, the buckioga also you practise buciogaadyou practis, you come fically intelligen become one, but if you dont practis,
हरेश गुरु महाराज का बहुत ही सुन्दर लेक्चर था, आपका तो महाराज मेरा यह कोशन इतने फेलिस के बाद भी हव प्रोल, मोटिवेटेड 2 वी नो ही ट्रांसलेट प्लेटफॉर्म पर how you lways motivated with so much of alies, how we can learn from brobabanwecan all to save motivated, we
ever have to yours you can learn from propos example, how in spite of challenges in spite challenges, he did not get discoid so just follow that man puri was a lot, please get tendon for me and and took to my yatra on fort to do it so i echirebestto follow you a so get becil strand
प्रणाम।
और कई बार
तो हमें बाहर से उस 9 साल करने पडते हैं जो कि मोटी है। कई धीरे धीरे जमजेकामनेजरपरेगा को ऐसे सिस्टम भी बढेगी जहाँ पर आई लिस बुक डे के 4 साल पुरानी है, उसमे भी दिया लाइन
बुक्स फ्रॉम अफसर तुम्हारा
की
वेल
cook keep in a tempo stand on or bati cook initiated the
bests
ecludesitmake sore have some sana, some can one son।
ही फॉलो
ही आलसो
सेल समdnmकinलteडिcison वेरी सम मेडलिस्ट फाइन एंड रिवोशनलसर्विस के लिए
जो फेवरेबल होता है कभीभी
नथिंग इज
जीन लाइफ में ये सोचते हैं, हम ये सोचते रहते हैं। अभी हाल मेरी जीवन बनाएंगे, ये कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। सो जिंदगी में कोई भी कार्य सरल नहीं है। आप मानो भक्ति नहीं लेते, भक्ति नहीं लेते तो क्या प्रयाम होगा, आप काम में आपका पैसा खर्च होगा और
बहुत
सा क्या कर कर गा prasar if a one second you have to observe the pain and you feel in a mother। vomurdमाकवामाता के घर में बच्चे को कश पड़ता है 1 से पड़े page so the old erdedivetonotdoing bugti is also painful more painful bakes enjoy brahma budprsatmasowe sud take to the father buktiweconvicsion
mat।
गीता माता जी
व गेस्ट गीता माताजी तो तु save you words i want to speak
on pro price is all of america wow।
बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने हमें फिर से शुरू की और जेट किया, इतना सुन्दर तरीके से हमें समझाया कि सर बाद में कितनी कठिनाइयों से इस इस्लाम का निर्माण किया ताकि हम जो इतने माया में फंसे हुए हैं वो किस तरह से माया के चक्कर से बाहर निकाल सके। बहुत बहुत धन्यवाद हमे हर रोज शिलबरोपादकेलीला मृत का हमें हमें पढना चाहिए ताकि हमे लाइस हो किसी परोकार इतनी कट टाइम से हमें कृष्ण भावना यह सम लिया है, और रोज का पूरा पूरा फायदा उठाया। बहुत बहुत बहुत धन्यवाद। कहा जाता है साधु से, साली से, साली सब सार से पहले, मारे तो हम बहुत ही भाग्यवान हैं कि हम शीला प्रभु पाद के सामने आए हैं उनके ग्रंथ के द्वारा, और आज गुरु महाराज किसी सोपावृष्णमहराज के सभी है धन्यवाद
हर
क air you talk when i can and
mike mike। स्व श्री जी, आयाम प्रोफेसर है। वहाँ पर गीता कोर्ट चलाते है।
वह नाइट
और हुजी 1 कोर्स भभूती जिसमे लीडरशिप और मैनेजर सिखाते है। प्रॉपर कोर्स उसके प्रॉपर हयसहंदाबादकेअंदर चलने वाला के सीनियर प्रोफेसर है और प्रॉपर स्केल पीरियड्स लिमिटेड है। डी कोस ट्वेंटी ट्वेंटी पीरियड आल्सो उसे बड़ी सिस्टमेटिकली सिखा तो आम संराबादकेअंदर वहाँ पर इंटरनेक्चुअलसे है।
उनको प्रेरणा दे रहे।
तुम्हारे बीच राज देने के लिए चाहेंगे की
मारे, हाल ना बार रे।
More from PRASAD

Rare Pastimes & Timeless Lessons of Guru Mahārāja | Stories Every Disciple Should Hear

ISKCON Legends- pure devotees meet-HH Jayapataka Swami, HH Gopal Krishna Goswami, HH Radhanath Swami

Jagannātha Ratha-yātrā Through Śrīla Prabhupāda's Mercy | 29 April 2006 | Nairobi, Kenya

Lord Jagannātha's Appearance Pastime | 21.07.2019 | ISKCON Calgary | Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

The Ācārya Teaches by His Own ExampleGuṇḍicā Mārjana by Guru Mahārāja #shorts

Guṇḍicā Mārjana – Lord Jagannātha's Pastime | 21.7.2019 | ISKCON Calgary |Śrīla Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī

H.H. Gopāla Kṛṣṇa Gosvāmī Mahārāja - Exemplary Sādhana and Deity Worship # shorts

भगवान की कृपा कैसे प्राप्त होगी ? | 11 Jan 2014 | Punjabi Bagh | Srila Gopal Krishna Goswami

Material Education vs Spiritual Education | Srila Gopal Krishna Goswami #shorts

