भौतिक संसार है कष्टों का घर | 20 May 2020 | Zoom Class | Gurugram | Srila Gopal Krishna Goswami

In this Zoom class delivered on 20 May 2020, Srila Gopal Krishna Goswami reflects on the material world as a house of suffering, using the contemporary crises of the COVID‑19 pandemic and the super‑cyclone that struck eastern India as concrete illustrations of impermanence and pain. He argues that material pursuits—wealth, power, and comfort—cannot provide lasting happiness, and that true relief comes only through bhakti‑yoga, the devotional service of Krishna as taught in the Bhagavad‑Gita and Srimad‑Bhagavatam. The lecture weaves scriptural citations, the classification of four types of spiritual seekers, and practical instructions such as chanting the holy name, studying sacred texts, and employing modern technology (Zoom, smartphones) to stay connected with the devotional community. Historical examples, like the saintly Amrit Maharaj, are invoked to demonstrate selfless service. Throughout, the speaker urges listeners to turn away from material anxieties, adopt spiritual practices, and use technology as a tool for collective devotion, promising inner peace and liberation from suffering.
Chapters
ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम नमो भगते वासु, देव ओम नमो भगवते वासुदेवाय, नम, ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओममगगतेव आप सबका हार्दिक स्वागत। व आज आप समाज में क्या देख रहे हो? आप समाज में देख रहे हो कि जो कष्ट है, बढ़ते जा रहा है या घटते जा रहा है? क्या है रिप्लाई सुनाई दे रहा है। आपको ये स्कूल महाराज काश बढ़ते जा रहा है, ह घटते जा रहा है, बढ़ते जा रहा है, गुरु महाराज है। पिछले कई हफ्तों से आप सब को वायरस की चिंता है, है कि नहीं? वायरस की चिंता क्यों है? क्योंकि यह वायरस खतरनाक वायरस है। और खतरनाक इस दृष्टि से बड़ी जल्दी आप पकड़ सकते हो। मान लो किसी की कोई बीमारी है, उसने 1 पेपर पड़ा हो तो पेपर पड़ा है। जो अगला व्यक्ति पेपर पड़ेगा अगर उसकी उंगली वहाँ चले गए। जहाँ पिछले व्यक्ति की उंगली थी, उसको बीमारी हो जाएगी। वह तो बहुत दृष्टि से सावधान रहना पड़ता है। तो ये वायरस के अलावा 1 और नई समस्या आ गई है। आपको पता कौन सी नई समस्या। इस साइक्लोन की समस्या आपको शायद पता हो। अपन नाम सुना है आपने अमान विल नोड, फ्रॉम, बंगाल सो, ये अम्मान साइकलोन बहुत तेजी के साथ आ रहा है, उसकी स्पीड है 200 किलोमीटर पर आर। और ये ये साइकलोन भारत के लगभग 12 स्टेट्स को कश देगा सबसे ज्यादा बंगाल और ओडिशा में। तो आज आप देख सकते हो। और ये साइकलोन को इसको खास नाम दिया गया है सुपर साइक्लोन। 1 दम साइकल होता यह सुपर साइकिल और 21 साल के बाद यह इतना बड़ा साइकल बना रहा है। तो इन सब कार्यों से आप क्या देखते हो? देखते हो की भौतिक संसार में हम सब की इच्छा तो है सुखी सुख, आप कैसे होगे? बाई साइकल बंगाल में है, हम गुडगाँव में संतुष्ट है। यह कोई साइकलोन नहीं आता है, शायद नहीं आता और साइकलों नहीं आता, कुछ और आ सकता है। भगवान गीता में कहते हैं े दूसरा है हर चीज स्थाई। तो भगवान क्या कहते हैं? हमें सूचना क्यों दे रहे हैं? भगवान चाहते हैं हम सब असली सुख प्राप्त करे। तो वो ये भी जानते हैं कि भौतिक कार्यों के द्वारा आप असली शोक प्राप्त नहीं कर सकते। जैसे जब जी पृथ्वी पर थे तो 11 वाइरिस निकली थी, जिसका नाम था हांगकांग फ्लू। तो हांगकांग फ्लू। शुरू हुआ था हांगकांग से और प्रॉपर। जब अमेरिका आए भक्तों ने कहा प्रॉपरली टू टेक, वैसिनेशनप्रॉपा वाई। तो उन्होंने कहा ये देश हांगकांग थ्रू, वो प्रभा चाहते नहीं थे, भी भी वो मान गए वैसिनेसन लेने के लिए। और फिर प्रपा ने कहा ये सब जो अनुभव कर रहे हैं, मूल कारण क्या है? निर्दोष, खाएमातापरहत्या और पशुओं पर हत्या इत्यादि और क्या परिणाम हो रहा है? आज समाज में अनुभव कर रहे हो। और आज आपने आपके दिल्ली में लॉकडाउन था, ना लॉकडाउन, गुडगाँव में हटा दिया है लॉकडाउन is रिमovdनरिमovd गुड, गांव कुछ जगह है, कुछ अभी अभी निकाल रहे हैं, खुला गया है महाराज फॉलिंग महाराज तो हम सोचते होंगे। अब लॉकडाउन खुल गया सब ठीक हो जायेगा। और भौतिक संसार में कैश के लावा। और कोई असल में है नहीं। आज मेरे भक्त कह रहे थे, मास्को से पूरा मोस्को बिल्कुल बंद है। बिल्कुल बंद क्यूँ, वहाँ इतने कैसे हो रहे हैं? तो भौतिक संसार में आप कष्ट अनुभव करते हो? भगवान क्या कहते हैं ममपुराजलमनातुम मेरी शरण में आओ। तो आप सब इस कॉन् के साथ जुड़े हो। क्यों जुड़े हो? क्यूंकि आप सुधान से प्रसन्न हो? इस कौन संस्था में आपको संदेश दिया जा रहा है। पापा जी ने हमें संदेश दिया है। जब पापाजी प्रचार कर रहे थे, 4 शुरू करने वाले थे अमेरिका में, कइयों ने कहा स्वामी जी, आप ही संदेश मत। 2 कोई मानेगा नहीं, पापा ने हमें और पूरे समाज को असली संदेश दिया। और जो भाग तो भाग्यवान हैं, वो इसका लाभ उठा रहे हैं। तो आप सब जो जुड़े हो इस के साथ नी, वेरी, फोर्चुनेट, बिकाज, यू, आर, कनेक्टेड, इंस्टिट्यूशन। यहाँ आपको असली संदेश दिया जा रहा है। असली संदेश क्या है? there s a god in control a lot? ईश्वर रमा, कृष्णा, गोविंदा, अनेक ईश्वर हैं, परमेश्वर है। और सासों का निर्णय क्या है? what is the conclusi? the भगतgीतa? what is a कनक्लूजन? श्रीमत भागो, धाम कौन, बताएगा? क्या? कनक्लूजन? द कनक्लूजन है? भक्ति योग है भक्ति योग? भगवान क्या कहते हैं भक्त, भक्ति के मार्ग से ही तुम उन्हें जान सकते हो। कई बार लोग पूछते हैं इसका अर्थ क्या है? भक्ति की मांग से हम उन्हें जान सकते हैं। संक्षेप में हम सब के पास मान्य बुद्धी है, इंडिया हैं, इनका सुदुपयोग कर सकते हो। यह दुरुपयोग, वी, कैन, यूज, देम क्रेकली और इन क्रेकली? भगवान कहते हैं। अपनी बुद्धिमान का, इंदियों का उपयोग करो। मेरे सेवा में 1 बार प्रसिद्ध उदाहरण है अमरीश महराज का। अमरीश महराज वैसे राजा थे और उनका भाव था सदा भगवान की सेवा। अमरीश महाराज ने अच्छा उदाहरण दिया है। अपने नेत्रों द्वारा भगवान के विग्रह को देखते थे और पैरों द्वारा भगवान के मंदिर चले जाते थे। कानून द्वारा। भगवान का गुणगान सुनते थे, जीव द्वारा। क्या करते थे, भगवान का गुणगान और कृष्णा प्रसाद। तो इस प्रकार उन्होंने हमें शिक्षा दी है। ऐसे मन बुद्धि का योग करना चाहिए। हम 1 प्रार्थना का उच्चारण करते हैं। शायद आप भी करते होंगे ज्ञान या नाक्या समास गुरावा। इसका अर्थ क्या है? हमारा जन्म हुआ था अज्ञानता में, बॉन इन एग्नेस गए थे अज्ञानता में। और अक्सर लोगों की मृत्यु भी याद हो जाती है। जो भाग्यवान व्यक्ति हैं, वो जुड़ जाते हैं। भगवान की सेवा में। लोगो ने कहा भगवान जी, गुरु, कृष्ण, अनेक अनेक योनियों में गुजरने के पश्चात आपको। ये भक्ति का ज्ञान मिलता है, भक्ति का बीज। इसका अर्थ है ये ज्ञान रील कोल लाइफ से लोड। यह ज्ञान बोल कठिनाई से मिलता है। पर ये ज्ञान मिलना काम नहीं चलेगा। इसका हमें लाभ उठाना है। और इसलिए कहा गया है भक्ति का जो बीज है, उसको उगाने के लिए पानी पिलाओ। उसका अर्थ है और कितना किर्तन वैरी इम्पोर्टेंट आप बौद्धिक समाज में देखते हो। समझो। आपको कुछ आपने कुछ खरीदना है लंदन में, जरूरी थोड़ी है कि आपको लंदन की दुकान में जाना पड़ेगा। आप ऑनलाइन खरीद सकते हो, है कि नहीं ऑनलाइन। इस हम आपसे जूम द्वारा जूम की कृपा से बात करने है। जूम टेक्नोलॉजी है चाइना की। अभी भारत सरकार नहीं चाहती हम झूम इस्तेमाल करे कुछ और। और ये जो टेक्नोलॉजी है इससे क्या लाभ? हम 1 जगह में बैठे हैं दिल्ली मंदिर में, अपने घर में, बैठे हो गुडगांव में, और कई बार घूम के लेक्चर होते हैं। 1 बैठे हांगकांग में, कोई बैठा है लंदन में, कोई बैठा है ऑस्ट्रेलिया में, ऐसा लगता है कि हम सब 1 ही कमरे में बैठे हैं। ये है टेक्नोलॉजी। भक्ती से नाद कहते थे टेक्नोलॉजी का उपयोग भक्त भगवान की सेवा में करते हैं। जैसे कि म। जैसे की स्मार्टफ़ोन सबके पास स्मार्ट फोन है किन किन के पास है। आज उठाओ गिन गिन के बाद स्मार्टफोन अगर मैं आपसे पूछूँ कितने स्मार्टफोन हैं? 1 के पास 23 भी होंगे। खैर, ये जो भक्त हैं वो स्मार्टफोन् द्वारा, क्या करते, स्मार्टफोन्स द्वारा, प्रॉपर की किताबों को, वहाँ बिठाते हैं। जब भी उनको मौका मिले बस में, टैक्सी में, गाड़ी में, अगर ड्राइवर हो। वो पढ़ते हैं, फिर भगवान के सुन्दर विग्रह को बिठाते हैं। और भगवान के बुक्स में कई भक्त हैं। वो कहते हैं उनके दफ्तर में भी किताबें पढ़ते हैं। तो भक्तियों का अर्थ है main anses अगर हा मन बुद्धि का उपयोग भगवान की सेवा में नहीं करे तो का इनका उपयोग होगा। कौन? बताएगा, कॉम कहाँ आएगा गलत कामों में? जब है गल्त कामों में, तो भगवान ने शिक्षा दी है। ग्रंथ में। उदाहरण भगवत, राम, भगवत, गीत, हमारे जो चार्य हैं, उन्होंने भगवान की वाणी को लेकर और सरल रूप में प्रस्तुत कर दिया है राज प्रिया के रूप में। और जब हम इन्हें पढ़ते हैं, वो प्रामानिक भक्ति सहयोग लेते हैं। फिर हम इसे ज्यादा अच्छी तरह समझ सकते हैं। फिलॉसफी हैस्टभीअसोरप्रॉपर्ली। बाबा जी कहते थे religion with or pिलosoफhी सendimensoreliजion fिलoसoफीजेकi आप जो भी प्रैक्टिस करते हो, उसका वर्णन भी है। शास्त्र में। तो बहू ना जन्म मनते ने, योनियो में मरने के पश्चात उभाग्यशाली व्यक्ति है, जिससे ये ज्ञान प्राप्त होता है। यह मत सोचिए हर जन्म में यह ज्ञान प्राप्त होता है। भगवान गीता के सातवे धियान में। भगवान कहते हैं 4 परिस्थिति में लोग में शरण लेते हैं। प्रचार पड़ी सीधी में लोग भी शरण में नहीं आते। जो लेते हैं, उनका क्या है छातुर्विदाहैहम भगवान की शरण में क्यों आते हैं। चतुर्विधा 1 जैसे धन चाहिए। भगवान कहते हैं अनमी चाहिए तो मेरे पास आओ। और आप गुरगाँव के भक्तों को तो श्रद्धान न ही चाहिए। न। मैंने सुना, आप लोग बड़े त्यागी हो, त्यागी हो या नहीं? अगर धन, दुखी हो, रोगी हो, पीड़ित हो, तीसरी, श्रेणी, का और चौथा जिज्ञासु। ये 4 प्रकार के व्यक्ति भगवान के सर में आते है। कई बार जिज्ञासु व्यक्ति कहता है चलो मैं, उनके मंदिर, चलते, देखे को केवल ज्ञान है। शास्त्र का संदेश समझ गए हैं और शासन में कहा गया है सर्व शरण में आओ। वो कहते है हाँ, अगर हम भगवान की शरण में नहीं आये तो वो पशु का जीवन है। 1 प्रसिद भक्त ने कहा है जन्म पाया राधा कृष्ण बाजिया जानिसुनयापिाखानू। मनुष्य जीवन मे मैंने प्राप्त कर लिया। कृष्ण का भजन नहीं किया। मैं जान कर क्या कर रहा हूँ, क्या कर रहा हूँ, जहर पी रहा हूँ। तो आज समाज की स्थिति क्या है? लोग पीते है। हम कहते हैं मत पियो, अमृत पियो नहीं पीने। 2 में क्या किया जा सकता है? आप सब जो उपस्थित हो। नहीं, हम अमृत पीयेंगे माँ भक्तों के संग में आये हो। जो भी कार हो, मैं स्वीकार करता हूँ मेरे में हो, जो देवता के पास जाते हैं, जाते हैं भौतिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए। और मेरी शरण में आओ। तो भगवान की शरण में आना का अर्थ है भगवान की शिक्षा का पालन। तो आज आप देख सकते हो कि समाज का कष्ट बढ़ते जा रहा है। हमने पढ़ा था की पिछले महीने के महीने में 27 लाख युवक नौकरी छूट गई। हालत में सताईस लाख तो सरकार का कर्तव्य होता है नौकरी। लोग यहाँ क्या देख रहे है? इन कैनाडा में से वन प्लॉयमेंट अमेरिका, अन एंप्लॉयमेंट एवरीबरआपहोवायरस के द्वारा यह कश बढ़ते जा रहे है और कई स्थानों में वायरस टू बी शुरू हो गया है। आप विश्वास करोगे वायरस do मतलब सेकंड wire मैं इसलिए कह रहा हूँ यह गाउndrealitys लाइव। और कई बार हम भ्रम में रहते हैं। हम कहते हैं ये सब जो शास्त्र का है, अल प्रोपगंडा, यह हमें डराने के लिए है, इसमें डरने की बात ही नहीं। आप सब खुद ही वायरस का नाम सुनते ही डर जाते। लोग कहते हैं वायरस का नाम ही मत लो। नाम लेने से हम डर जाते। उनको लगता है वायरस आ गई है। तो बुद्धिमान व्यक्ति को क्या कहते हैं किशन टू डू। और भगवान ने क्या हमें बड़ा सरल मार्ग दिया है। ये कृष्णा है, मेरा विश्वास है आप सब लगभग यहाँ उपस्थित हो का जॉब करते हो। ये जो चेnडiaprोcीजr है वेर easy आप दुनिया के किसी कोने में चले जाओ। आप भक्तों को मिलते हो नाम कर रहे हैं। 4 दिन पहले। हम ऐसे आज वायरस जूम के द्वारा उगा आये हैं। 4 दिन पहले हम लोग अफ्रीका गए थे फ्रिक के कई देशों में, और वहाँ भी देखा, सब हरि नाम कर रहे हैं। होली नेम। ये होली नेम कहाँ से आ रहा है। ठाकुर भक्ति महान संत थे। इन्होंने कहा नाम मागी कहते हैं जीव जागो जीव जागो मोरा चन्द्र बोले कहते हैं हे जी महात्मा तुम जागो। आप कहोगे, हम जागे हुए हैं। आप हमारी बेस्ट हो तुम से थोड़ी है, बहुतिक दृष्टि से जागे हुए हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से, हम ले रहे है। आपको समझ में नहीं आता। वो कहते हैं जागो के तुम्हें जगाने के लिए आये हैं। साधु गुरु क्यूँ आते हैं। आपको जगाने के लिए जाने है। अगर प्रपा जी अमेरिका नहीं जाते की स्थापना नहीं करते। हम सब जुड़ते क्या। आज अगर लाखों भक्त जुड़े हैं। ये है प्रापा जी का प्रयास। वो कहते हैं जीव जागो, जीव हात मत जागो। इस सन्देश को स्वीकार करो हम सब स्वीकार करते हैं। जब भी हम आलसी बन जाते हैं, आलसी बन जाने का अर्थ है बहुत का, क्षेत्र में हम आगे हैं, क्षेत्र में आलसी है यह हमारा दुर्भाग। तो ये जो नाम है, ये हैं दवाई जो की आपकी बुद्धि को तेज बनाती है, क्योंकि हृदय की मैल को दूर करती है। कई बार लोग पूछते हैं हमारे नाम लेंगे तो क्या फायदा है? 1 फायदा तो यह है कि जो मेल है, आपके हृदय में वह दूर हो जाएगी। और इस मेल के कारण हम भगवान के शरगर नहीं होते। आप सब का अनुभव होगा कि जो हरिनाम लेते हैं बड़े ध्यान से सेटिसफाइड, हरिनाम, इस सोर्स और स्टेंट जो नहीं लेते, वो तरसते रहते हैं शांति के उपाय के लिए। तो आज शांति है, बेचैनी है, निराश हैं। और इन सब का उपाय क्या है यह नाम, यह इनाम जो है, यह सबसे महत्वपूर्ण है। साथ में हमें गीता, भागवत को भी पढना चाहिए। आप सब के पास गीता कॉपी है, किन किन के पास हैं, आप में से कितने भक्तों के पास, सीमत भागोतम का सेट है, आप इन्हें पढ़ते भी हो या दिखाने के लिए, तो ये गीता भगोत पढिए, गीता बुक्स ऑफ नॉलेज, this is real। नॉलेज। भगवान कहते हैं राजा। vidarजagomisnolege is a king eजuकaशionतोआज भक्तों की क्या इच्छा रहती है, भक्तों की इच्छा रहती है, भगवान का प्रचार बढ़े मेरे ख्याल से आप सब समय बुक डिस्ट्रब्यूशन जुडते हो भगवान ने क्या कहा, कौन है, मेरा प्रचार करता है, कुछ से ज्यादा हुआ है, न होगा। तो आप सब गंभीरता के साथ इस शिक्षक को अपनाइए। please take these philosophy seriously krishna s alings him ही विल प्रोटेक् देर बौधिक संस्थान हैं, कोई हमारी सुरक्षा नहीं कर सकता, केवल भगवान ही कर सकते हैं और भगवान को पहुँचने का नाम और आज क्या कारण है लोग को दे रहे है अरे का 2 नाम के द्वारा 1 लाभ है मेल दूर होती है, दूसरा है आनंद आनंद बूदी वर्ल आप अपनी आनंद भी अनुभव कर सकते हो हाई क्रिष्णा हारे केस हाल हरेहरे हाल।
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