In this Hindi lecture delivered at ISKCON Rohini, Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja explains the duties (कर्तव्य) of a दीक्षित (initiated) devotee. He begins by describing three sources of spiritual identity – the birth‑samskāra received from one’s parents, the guru‑diksha received from a spiritual master, and the deity‑samskāra received through regular worship of the presiding deity. He then outlines the obligations that flow from these identities: maintaining purity, performing prescribed rituals, serving the deity and the temple, and living a disciplined, compassionate life. The talk stresses the special role of brahminical duties (such as chanting, pūjā, and study of scriptures) while also clarifying that devotion is not limited to a caste but is a matter of sincere service. He warns that neglecting devotional service leads to spiritual stagnation, whereas consistent practice yields progress toward Krishna consciousness. Practical advice is given on daily routines, the importance of associating with fellow devotees, and the need to balance worldly responsibilities with spiritual priorities. The lecture concludes with an encouragement to embrace the guru’s guidance, uphold the sanctity of the temple, and continuously deepen one’s love for God.
Chapters
या तो इस में कुछ
आपका की
सुनाई है, आवाज की है। भगवान से। on cam देव
लवपादीीसंस्कारी मनुष्य के 3 प्रकार के जन। पहला दल खुद माता पिता से होता है, जिसे वीरा चौक को कहते हैं। दूसरा जिम गुरु से दिक्षा नितेश में होता है। यह सावित कह जाता है। तीसरा जगह या कि है और यह भगवान यषीकीपूजाकाअवसर मिलने पर होता है। ऐसे जगह मेले के अवसर का होने पर भी यदि किसी को किसी देवता की भी आयु मिल जाए और वह वस्तु भगवान की सेवा में रत न हो तो सब कुछ व्यक्त होगा। इसी प्रकार कर्मचारी संसारी हो या अपार, यदि वे भगवान को पसंद करने हेतु न हो तो वे व्यप्त है।
आप
संस्कारी मनुष्य के स 1 प्रकार के गर्म होते है। पहला दिन शुद्ध माता पिता से होता
है,
जिसे जीव द्वारा गर्म शौक भी कहते हैं। दूसरा जन्म गुरू से दीक्षा लेते समय होता है और यह काफी को जाता है। इस साल याकिकलनाता है और यह भगवान विश्णु की उर्जा का अवसर मिलने पर होता है। ऐसे में अकसर रात होने पर भी यदि किसी को इसी देवकाली आयु और है वस्तु पर भगवान की सेवा में रत न हो तो सब कुछ व्यक्त हो जाता है। इसी प्रकार जल जाये, संसारी हो या अपजातमे, यदि वे भगवान को पसंद करते
हैं तो
न हो तो वह व्यर्थ है। फल का अर्थ है जीव। पाप से जान देना पशु भी इसी प्रकार कर ले सकते हैं किन्तु वेदिक सफलता के अनुसार चौकी। जल्लू में चौकी से भविष्य में फिलहाल लाया जा सकता है। जल के पूर्व अथवा माता पिता के कुल दरबार संस्थान होता है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। यह संस्था उच्च जातियों के लिए है, विशेष रूप से ग्रामीणों के लिए संस्तुत है। जासं में यदि कुछ जाती संस्कारों का पालन नहीं करते, सारा वर्ष शुद्ध हो जाता है। यह भी कहा गया है कि इस समय के गर्व संस्कार ना होने से 1 व्यक्ति शुक्र होता है। यही दिली पंती है किन्तु 5 रात प्रगति के अनुसार यदि की गराज संस्कार के अभाव में प्रतेक व्यक्ति शुक्र है, कि इस में कुछ बजे थाने तो उसे भर्ती में जिले पं उठने का अवसर मिला।
हे। अभी। ध्यान से सुनना नानपुर क्या कहा कितने दिन होते है a प्राप्त करके ही स्तेमाल करना कोई बड़ी चीज है, पर है दूसरा जन्म प्राप्त होता है जवाब दीजिये तारे से ना आज के ले ब अपने को क्या बला है। ये है आपका नीतिया से या हम े मेरा नाम पर नाम क्या क्या चला जाता है या क्या आप ने हम भर्ती के तार में नए नाम वो नाम दे गा। इस अंसर में a, a, a, a, a, a, a fois है। तो हम पाते हैं कि जो इस
नाम
ने का हम थे जो उस के क्या होना है उस में रंग जाते है। तो ध्यान है कर दी जाती है कि शादी के लिए हो कि राज की मार की 4 पानी पर तो भरती जाती है पानी ने जाने को है और इसके कारन क्या सच है इसे का का े इसी साल की कुल दर हे जिमेदारी को यहाँ का तो दूसरी है जो है ही झिलासी इस नए राम के इस बार के हर मंजर में लो जो भी इस बार 1 लाख 1 लाख है इसी में े ये हम तो मे बने हो होली की कम करता है इस बार छल हम he is चल साउंड वाली क्लियर कर दे साउंड को रानी दीजिये, वो दीजिये, स्टेम दीजिए, राने दीजिये। ऐसे में वो भी दोनों से और भी कम है। dosa make me a wide heksnaekisnaवोवाला है। 2 lg hikrshणa अभी सुनाई दे रहा है पीछे पीछे पीछे पीछे सुनाई दे रहा है लो नाम पर तो हर प्रयास है अपराध तो जो देश है उनका प्रयास है वो अपराध से बने और जितने ध्यान से है आप मरे नाम करोगे उन तेजी के साथ आपके हिदीमेह नाव ब्रादर से बचना है स्थान पर है ना वही दी हो गई है सामने मरेशूम तो अगर हम राम को पूरा अपराधों से करना साथ में बाजी जो बंद बंदर में हैं उनकी लालासानीसेआनबिया पालन करने जा जो उन्हें भी आना मतली का कान शुदो में मगर आगे बढे जान लक्ष्य क्या होना लक्षना हम पिशणावरजीमें ारे देश जेसे प्रॉपर्ली के आप 1 कदम उठाओगे तो ये राम का बड़ा अपना आगे बढ़ते खारा सूचने की शिक्षा कंपिल है वाले और बयान महान के और भर्ती अनुकूल है उसे स्वीकार की जो बरतीकप्रतिमूलहै क्या है बल a a a a a a a a a a e जब भी नाम लिख कर देते है आपको बडे स्टार है इस गाड़ी दबता और साथ जो है पानी पानी का माल में वोलस माल और फालिज मार मे 5 मेन पॉइंट की चल दी के लिए सबसे पहले क्या करें सालिम a a a a a a a a a a a a a a a बन जाना ऐसान हो जाता है मी का पालन ना सान हो जाता है बंधन में मान ने भगवान ने लाज ला देने का नंद में इतना करना पड़ा काम हमसे क्या हर्ड ने गा अगर आप मुझे कोई वर्ड देना चाहते हो ये वर्दी मेरे हृदय में किसी प्रकार का हतेगापरनह it s है गे को a la kendra some okay toli in कम से कम to a e o o i am a a a a a a a a इस मन में है रोज सुबह काम को दी है वे से हमे ने जोड़ा हम से ना पड़ने रोल ध्या से a a a a a a मे nlineयार a o e e e e e dans बोल है कहा उन्होंने कहा हमारे पास धाम वासी बना अपने घर में ऐसा मत धाम के बढ़ावा रुपये दिया है उसके द्वारा हम जीवन को पहुंचा इस कानून राम दिक्षा के बंदे है ब्रामण रिक्षा का अर्थ है हमेशा मन की सेवा करते थे है तो ब्राहमण दिक्षा धन ज्ञान मे हमे था भरती शासी कोच जान जान ा e a e a a e a e a e a be क्याकरे
a
a a a a in a 18 42 का कित लोगों ने कंटस् किया सोलो समूह 2 किसी आप में से न जाने आप लोग सोना पड़ेगा ये लोग तो ग्रामीण में ग्रामीण के गन ने साबित किया कि वे सी ब्रामण 52 में बगल के उन करके के द्वार अगर आप को भूल गे राम राम को राम बैश में तो पैसे उठा राहुल में से, उस में से बचता है और विज्ञान भी होना है वह है या हो उसका उत्पादन में पैक को पुलिस पूरी ब्रा हो आपको पहले यह पता होना चाहिए ना हम ने हम राहुल आप लोगो को तो आज के दिषा अनेक मिकी on a is
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is a a और हा का पूरा नाम लगाओगे नाम प्रयास करोगे con के प्रोगाम में है समय के मान ो अब सीरियस न सूरत क्या मतलब पचीस हो नंबर का भाव होगा सरते ली े आपके भक्तों में 1 बार दिखा दे रहा है को फिर लगा गया है प्रे म ब आप ने तो हम को है हम कुछ कर हमें अलग से ब्राह्मण का है ा a हर गली मे मंदी का होना सब भक्त को में सबसे प्रिय कौन है मन है जाने गाली वाली हाल भक्तों में रास्ता है साली ये उस बढ़ाने का है खुली पढ़ना में मर कीजिए आगे बढ़ते हैं बदि में आप लोग पार जाना चाहते हो ो बुलाया जा ले आपको उसके बाद आपने बनाना ना हो पी सकते हो 34 रन अप भी कर दे