श्री कृष्ण के प्रति रुचि कैसे बढ़ाएं | 25 Apr 2004 | Pune | Srila Gopal Krishna Goswami

Srila Gopal Krishna Goswami teaches how to deepen devotion to Krishna through daily chanting, studying the Bhagavata and Gita with a guru's guidance, and reflecting on Krishna's pastimes. He emphasizes correct pronunciation of mantras like Om Namo Bhagavate Vasudevaya and associating with other devotees to transform the heart.
Chapters
ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय ओम्नमो भगवते वासु दिवाय جو کی گروہ پناہ پہاڑ بارہ ہوں نے پرات ہوئی ہے اس میں ہوئی ایک بھائی ہے کھلی رکھی سب سمجھ ہو گئے ہیں تو یہ جو دیش سکھنیوگ سوالی جی نے گرہن کیا تھا اُن کے پیتا کے دوارہ یہ وہ دیش اور بھی میتھا ہو گیا ہے میتھا کیوں ہو گیا ہے کیوں کہ اس کا اوچھارن کس نے کیا ہے शूका कहा जाता है जब कोई धोता किसी फलको काते तो फलक और भी मीधा हो जाता है तो ये भगवत का जो ग्रेश है और भी मीधा हो गया है क्योंकि इसका उचालन शुकले विश्वामिली थे क्या खुड़िक्षित मना हंजारों संतों वो हम सबकी भवाई के लिए हैं और हम हम जो की भागेशाली भाग थें जो की इसका हम संसार्थ में जोड़े होगे हैं उनका तो भागया और भी है क्योंकि ये स्लोप जिन्ने शुक्रेबु स्वामिजी ने मीखा बना दिया था वो और भी मीखे के पर गए हैं क्यों क्योंकि تاکہ اگر دیکھیں اس لوگوں کو پڑھیں ہمیں کہانا نہیں آئے گا ہمیں سمجھ نہیں آئے گا مجھے یاد آئے کہ برابا جی پریتی پر تھے 1977 میں تاہل آباد میں ایک بڑا کھومت محلہ ہو رہا تھا تو کھومت محلہ کے ہم تیاری کر رہے تھے اور کھومت محلہ کے لیے ہم نے ایک سفید پھل تک چھا دی تھی جو کہ اس وقت ایک مہمہ بکری تھی پھر हम نے हमे कई वाले कहा कि अगर हम भगवर घीता के से लोग स्लोकों के साथ ढापें जैसे घीता प्रेस एक भगवर घीता होती है स्लोकों के साथ तो एक विचाल था कि हम केवल तरवपदे का अनुबाद ढापें वो तरवपदे नहीं और प्रेस भाच चेहरे थे हाँ � ہم گئے اس پرتاب کے ساتھ سلام پا جی کے پاس پوچھنے کہ اگر اُن کی اجارت ہے کہ ہم اپنی وہ گیتہ پیش ایک پچھل گیتہ کو اُتھاپیں کے وہ سنکھیل کشتوں پر انواز کے ساتھ سلام پا جی کہاں؟ تو میرے ساتھ پرے کے بغیر نہیں ساتھ پڑے گا کیونکہ سلام پا جی کے ساتھ پرے کے بغیر جنھوں ڈھکڑے کو تبر ساتھ ڈھکڑے ہو رہے گا جیسے کہ جب परवपजी अमेरिका गए थे तो उस लिए वो अपनी घीता की मेनेश्किप्ट को भी साथ दे गए थे तो मेंक्पिलिंड कम्पनी ने प्रावपजी की पहली घीता को चापो था पर उन दिन में जब प्रावपजी गए थे मेंक्पिलिंड कम्पनी के पार We don't think you will sell too many. आम जहाने के लिए तुम जाड़ा नहीं बेटवागे। तो हम पूरी घीता भी च्छापने को च्यार नहीं हैं। हम च्छापेगी एबरिश वरिशन। चुपे अलिशन। जिसमें नात और संस्कृत के स्लोग होंगे। और आपका जो अनुवान है सास्प वो कुणनें हैं, वो छोड़। तो प्रावपा जी उससे वेलको खुश नहीं थे अगर प्रावपा जी ने घीता यत्वरु प्रकाशि की नंभे नंभे साथ पे साथ। तो खेने का भाव ये रहे कि शिविरेवर स्वामी रहे हैं वो मुनी शेष हैं सिधा نیتھا ہو گیا ہے اور ہم भक्ति जन्त जो भी घीता भगवत को पढ़ते हैं प्रापर्टी के सात्रे के साथ उन्हें लिए ये सन्तेश दुल्ना नीथा हो गया है कि सात्रे के सर्योग से हम भगवान की वानी को समझ पाहें तो कई बाद भक्त में विचार होता हैं केवल अनु� کہ यथात्में जिवारा हमें बहान संद्धों यरचार समझ आते हैं जब पभुपा जी भगवत के की सात्क्रियों दिख रहे थे जब वो लिक्षेट कर रहे थे तो उसमें पभुपा जी असने सामने सारे जो वैश्णों थे विश्वनास्ट्रोदी धागोर्श्रिदा रखव अपने विचारों को चोड़ते थे इस भावना थे कि लोग इन स्लोकों को ठीक समंत परने नहीं ताक्रे भी आवश्यकी पारणां सरे तो प्रेशन मां कह रहे है आप पलंप पवित्र तत्र धर्मशील यदुष्वियों को भी वन्नन कर चुके हो तो भगवा� वो फरमपवित्रे तपा धरनशीर थे तो यदू वाण्श्यों थे आन धरनशीर और फरमपवित्र और इसलिए भवान उनके वाण्श्यी जिजिस्टन मराज के विश्य में कहा जाता है कि कई वो ने जूगी नहीं बोला उनका एक और नाम है धामराज जिजिस् पविसर थे और धरमशील थे तो इसलिए फरम भर्वाने में आपने आपको प्रगर किया उनकी खांदान में और यादू थें जो धरमशील थें पवित्र थें फरम पविसर इस में आण्छे जीवित कितने वजें बात कियां पांदवाहियों ने हराकी بہت ایک رشتہ سے کھوڑوں کے پاس جابت ہوئی راتی. بھگوان نے تیرے نینے کر لیا تھا کیوں کہ انہیں گھر میں لڑنا نہیں. تو انہیں دو سینوں کو چھوٹی تھی. یا انہیں پرات کر سکتے تھے یا ان کی سینہ اور ادھونی ہاتھیاروں کو. آج ہم गौरों रखते हैं हमारे अधुनिक हत्यारों पर पहुँच दिनमे एक ब्रह्मत्त नाम का हत्यार था जिसे छोड़ा जाता था मन्सू के उचानने ते और ये ब्रह्मत्त के वो निशाने कोई नहीं लगाता था और किसी को लेगा मांदो आपको सौप भच बैठो इस � आच्छो तो ये लोगे बॉम ठेक्ते ही जुध में कई बार निशाने को लगते हैं काई बार उन्दोष्यों के पी खाये हो जाते हैं यहां अड्डी हो जाते हैं तो पाँजो भाईनों ने क्या अनेदर क्रिष्णात चाहिए और दुरोगे ने क्या कहा हमें क्या चाहिए धर क्योंकि उध्धान शीर थे और पड़ो पविद्ध थे अम्ग्रेहि कुद्धी विजेवों तो प्रापा जी भाइवातन में कहते हैं कि दो पुर्णावन की शक्तियां हैं एक है जैवी शक्ति दूसरा है भावतिक शक्ति तो भाद जो है अधि� प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता प्रिवित्रता پاویت ہوتا کے ادھار پر ہی آپ ہماروں کی شکبہ بھی کام کر سکتے ہو تو یہ آوشک ہے کہ ہم بھی کوئی آنکھ کریں دھرمشید بننے کے لیے اور پالم پاویت ہو بننے کے لیے یہ جو انیت نیتیوں کا ہم پالن کرتے ہیں انیت نیوموں کا پالن کرتے ہیں ان کا ادیش کیا ہے کئی بار لوگ کہتے ہیں کہ اِس میں ڈھونک ڈھونک ڈھونک نیم ہے کہتے ہیں نا ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک نیم ہے ہمیں تو ایسے گروہ چاہیے جہاں چھوٹ ہو لگ سکتے ہیں اور اگر دھیان سے دیکھا جائے کہ جو بڑے بڑے پرچارے کے بھارت کے جاروی شنکر، ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھونک ڈھ ہزار سے کم تو مجھ پہ کہہ رہا تھا اسلام بابو کبھی دکھا دے دیں نہیں کسی بھائی تو لوگی بڑے پسند ہوتے کہتے ہیں ہاں میرا گروہ بھیند کر لیا ہے ہمارے گروہ ہیں تو اُن سے پوچھو جی گروہ جی نے کوئی بھی ہمہ کہہ دیئے ہیں گروہ جی تو بڑے ضیال ہوئے پوری چھوٹے ہیں تو اگر آپ کو فرم و بزرگ پھانس کرنا ہے اور دھرم چیل ہونا ہے تو ایسے ڈھوڑیوں کا پالن اباشار ہے جب تک آپ ایسے نیوموں کا ڈھوڑیوں کا پالن نہیں کروگے جب تک آپ نہ تحرمشی بن پاؤگے نہ ہی پڑھن پڑھتا کو پاک کر سکوگے اور ایسے لوگوں کے پیناں پھرم بھگوان کا سمجھ میں اسمبل ہے جیسے کیا جنہوں نے بھگوگی میں کہا پڑھن پڑھو پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑھن پڑ तो यहाँ सहाग्या है यादु वंच के विशे में आप परंपवित्यतर धरंचीर यदु वंचियों को भी वन्जन कर चुके हो। चुदरे विश्वामी इन्हें वन्जन कर चुके हैं सहले माउस कंगे अभी तो डस्वा सकेंद आ रहा है तीसे लोग कह रहे हैं अब हो सके त तो कहरे हैं आज भगवान विष्णु के क्रिष्ण के अगूत मेना चाले कलापव का वन्दन करो। तो भगवान के चाले कलापव का वन्दन आज हम सुनना भी चाहें, तो हमें शान सुनना चाहें फरंपरा के द्वारा। फरंपरा के द्वारा, परिश्वित महाईन ने भगवान विष्णु के कारे कलापों की चल्चा करो हैं वो दोड़े हैं शिक्रेंगो स्वामी जोकी स्वर्ण परंपरण में आ रहे हैं उनकी निवेलन किया कि आप भगवान की कारे कलापों को बंदन करो जैसे की भग योगीत के चौके दिहाई में भगवान ने कहा था क میں کیسے سکار کروں کہ آپ نے کوئی بہت بڑی کتی ہے جبکہ ان کی آئیو آپ سے آزے جائے۔ بھگوان نے کہا کہ بہت بہت بار تمہیں وہ میں نے جنب گیا ہے اور میں اپنی سب جنبوں کو یاد کر سکتا ہوں اور تم اور میں یہ جان تمہیں کیوں دے رہا ہوں کیونکہ تم میرے مدھر ہوں اور بہت بہت ہوں۔ تو اگر ہمیں بھی بھی جان پراب کرنا ہے تو ہمیں یہ دلیل گیان پرات کرنا چاہئے ایک اس کے دوارہ بھگوان کی بھاکتوں کے دوارہ اور بھگوان کی مہیمہ کا ونن جب پڑھن پڑھ پڑھ دی کے دوارہ ہو تو اس کے دوارہ ہمیں ادھیاثتش لاب پہنچتا ہے جب ہمارا یہ سبحاگیا ہو کہ ہم پڑھن پڑھ پڑھ دی کے دوارہ یہ دلیل گیان رہن کر رہے ہیں تو اس کا ہمارے اوپر گہرا لاب پہنچتا ہے तो यहां ये बाद मैं को ये लिवेविल करने के बहुत कशन के की महिमा दिव्यकारापन का वनन करो तो बहुत के दिव्यकारापन का वनन मत्तुर द्वाई ही हो सकता है और इस लोके करतरे में स्वापति एकी विषे की धापना कर द विशे यह है कि परम हर्मां जो हैं वो ही सब विश्णु तत्वा के कारण हैं वो ही देवतां के कारण हैं वो उच्छा इन दुस्थार होता है परम हर्मां का कोई कारण नहीं है इस विशे में स्वापा जी ने नहमा समेदा के परतित सलो का उप्य सच्चित्राम्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्ज़ान्� इसवाल देखते हैं इसवाल भगवान एक है नहीं क्यों नहीं? पिष्ण महती में चोड़ने से पहले हम सबकी पास यही सिख्षा भी थेन मुझे जाने हमें भी बच्चमन में यही सिख्षा दे गई थी तो शांसों के द्वा सिख्षा विद्धिये क्या है कि फरं निय और इस विशे की थापना बड़े पश्च ग्रूप से की गई हैं मार्गोषन और गंबा समीदा। तो नहीं देवता देविया हैं 33 करोर देवता देविया 33 करोर एक दो नहीं पर इस 33 करोर देवता देविया जो हैं ये केमों परम हर्मान का स्प्रियोग देते ह ہمارا بہبان سوطنتہ ہے نہ ہی اُن کے سارے دیوہ دیو جو ہیں اُن کے ہی عدیم ہیں اور بھاگو سن میں آپ اندھ جی کے دوارہ سیو جی کے دوارہ بھاگو جی کے دوارہ ہنی پول پڑھتے ہو جس میں کیوں یہی خاطر کیا جا رہا ہے کہ سشن بھگوان جو ہیں، پھرم بھگوان جو ہیں تو پھرم بھگوان جیسے جن جو ہیں وہی پھرم میانتہ ہیں جیسے کی بھگوان جی نے کہا ہے سر و کارنام کارنام آپیوں ہر چیز کے کارنام آگے اُن سری جو ہے نتیر ہے جب بھگوان کہتے ہیں میرا پکڑ بھگونار دیویہ ہے تو اس کا یہ بھی ہے کہ میں جو رہے ہوں आपका दे क्या निचे हैं? हाँ? नहीं, सीदिया नहीं हमारा दे देते नहीं हमारा दे तो रोज बदलते जाते हैं आप अने पछपन की तस्पीर देखो और आज की तस्पीर देखो तो अंतर दिखता है की नहीं? हाँ? आप किसी बुड़े बेशी की तस्पीर देखो औ जित्य जित्य हैं हमारा जर श्रीर है कि ये भौतिक तरपों से बनता हैं समय के साथ नैस जाता हैं तो भगवान जर श्रीर हैं जित्य हैं इसी विशे में कहा क्या है जित्यों के जनां खेलने जना ना भेको भग ना वेदा की काम होता हैं हम जित्य हैं वो सब वो दो सुस्तियों को हमादारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारारार اپنی تصویریں آپ نے دیکھی ہوگی اولاد لوگوں میں اور بہبان کی تصویر دیکھی ہوگی اولاد لوگوں میں نہیں کبھی نہیں گھنگڑتے ہیں ہمیشہ آنندھ میں ہاں ہاں ہمیشہ اور جو اس کے ساتھ چڑھیں وہ ہی آنندھ میں ہو جاتے ہیں تیسے جب بھکت جب آپ اور کریشنا بھکتی میں چڑھتے ہو سر کے ساتھ آپ کا بیشمار بہبان کی طرف میں پڑھتا ہے بھول آپ ہی آننے ڈھونکہ پڑھتے ہو کرتن میں سیوہ کے مادیم کے دوارہ تو مہد کا جو ڈھے ہے وہ ہے آننے اور ادھیاطنک ہے جو ڈھے جو ہیں ادھیاطنک ہے کیونکہ جو ڈھے ادھیاطنک ہے بھرما جی نے یہ بھی کہا अध्यं पुराना पुरुष्या आगे? नौ यौ नुचा हला कि आप कोई सते पुराची हैं है न पुराना पुरुषा पर आप कोई दिखते हों कैसे विल्कुन दो जबान जीवन हैं नौ भरी संजाते थें कि गुरुषेंद की युद के समय भर्मान के आयूल लबब 125 साल की थी तो आप अगर भा� سولہ سال پہلے ہم برامہ نے رفیق پچھل سال سے دیکھتے ہیں تو کیونکہ ان کے جو دہے ہیں وہ ادھیان کے گئے ہیں سبے کے ساتھ گوڑا نہیں ہوتا اس لئے برامہ جی نے ان کے عنیق لکھنوں کا منل کرتے ہوئے یہ بھی کہا کہ وہ کسی ایک انچ سے کسی اور انچ کا کاریک کرتے ہیں جیسے کہ ہم اگلے آپ کو سمجھا رہے تھے بھگواں کھا رہتے ہیں نیتوں سے و کانوں سے پھولا پھل کھاتے ہیں ہمیں مون کے دوار ہیں کیوں کیوں کیونکہ ہم ایک انشے ایک ہی کاریار کر سکتے ہیں تو وہ سب سے اُدگم ہیں تو بھگوان جو ہیں سب کی اُدگم ہیں یہی موجود ہے بھگوان جی فیشن سب کی اُدگم ہیں تو کہیں پہ لوگ پوچھتے ہیں خاص طور پر بہت ایک مانی بیٹی کہتے ہیں کہ اگر بھگوان اُدگم ہیں تو بھگوان کا کاریل کون ہو تو اُدگم کون ہو پوچھتے ہیں تو ब्रह्मा जी को पढ़ा था कि कल्योगा में लोग ऐसे प्रशिन पूछें गहा तो उन्हें प्यारी उतर दे लिया मुझे कहा अनादे लादे भोगों में लग सर्वा कारण कारण हलकी आप उत्यम हो आप हर जीज़ के कारण है आकर कोई कारण नहीं है तो بھگوان کا کائن پہ ہی نہیں اس لیے وہ سویم بھگوان ہے اور اس لیے بھگوان جی کہتے ہیں ان کا کوئی انیا اُلگم نہیں کیونکہ وہ سمجھ کارنوں کے کارن ہیں سمجھ کارنوں کے کارن فرم بھگوان ہیں اس لیے بھک جو جب ہی کسی چیتر میں سفوتہ بھی پرات کر سکتا ہے اس کا بھال اوپر کرتا ہے کسی بھگوان سی کسی سے کیونکہ وہ ہی ہیں سمجھ کارنوں کے کارن तो आगे फेस आत्वरे में प्रापरी इति विशे के चार्चा कर रहे हैं कि किषन मगवान जो हैं कोई समत कारणों के कारण हैं तो बगवान ची किषन जो हैं कोई समत कारणों के कारण हैं और उनका विष्तार होता है बनदेग, तंगर्शन, क्यादी क्रिष्वित्ति भगवाण से हैं। जिनावणी में एक अंडोक्यूमन जानती जो के लिए हैं। आप बोलते के एक मिले अनेक मूपतियां केंडल चलाते हो। केंडल चलाते हो। उम्हारे केणडल साथ पर इन सब केंडल के एक ओरिजिनल केंडल होता है। उसी पकार اُن کا یہ ورستار ہوتا ہے اور یہ نہیں سوچنا تھے کہ جو دیتا ہیں یہ جو ورستار ہیں تو وہ پرمہم بھگوان کے پرمہمان ہیں تو پرمہم بھگوان کے لیے کوئی کاریہ جو ہے اسنبوک نہیں ہے وہ ہاتھی کو چھوئی کے ٹھیک سے نکال سکتے ہیں اُن کے لیے کوئی کاریہ اسنبوک نہیں ہے تو جو گھائی جو آپ بہت چھوٹے ہیں بھاکیوں کے مہاد مہاد پر جب انہیں کہا جاتا ہے بھاگوان ایک ہاتھی کو سوری کے چیک سے نکال رہے ہیں کوئی کوئی سوری کا آسٹری نہیں ہوتا ہے وہ انتہائی یہ کہتے ہیں لیکن اس میں کیا؟ جیسے جو برہمین نے کہا رہے ہاتھی کو سوری کے چیک سے کوئی نکال سکتا ہے ہاں کوئی نہیں نکال سکتا ہے بھاگوان نکال سکتے ہیں تو بھاگوان ایک بڑے بڑچ کے بیچ کو ایک بڑے بڑچ کے ایک چھوٹی بیچ میں نکال سکتے ہیں تو ہاتھیں کوئی تھیک میں نہیں لکھا ہوتے ہیں بھگوان کے لئے کوئی کاریت جو ہے ایسا ممکن نہیں ہے تو یہ درواز دھرام آمشک ہے تو یہاں شکریہ گوھر سومی کی اچھا ہے کہ بھگوان کے دیویر کاریت کلاپوں ان کی مہمہ کو سنا جائے تو جس پرکار پریشان مراج روچی لے لے ہیں جس پرکار پڑکشن مراج امیدن کر رہے ہیں کیوں نے بھگوان کے یہ جو کلاپوں کے بشارت میں سننے کا امسر تھا تو اسی طرح ہم سب کا سباقیہ ہے کہ ہم بھی بھگوان کے دلے کلاپوں میں روچیں لیں آپ کہو گئے پھر سومی جی آپ میں شکریہ پرسوامی سے ملا دو ہم دنوں سے یہ پرسوامی پوچھیں گے آپ شکریہ پرسوامی نہیں ہیں भगवान शुकेशन उपर से नहीं है नम किसे पूछे अर्जिन ने तो अपनी शांकाओं को पूछ लिया था स्मया भगवान से परेश्यर में आज पूछ रहे हैं शुक्रे भुस्वामि जो आपका ज्ञानी बिया करें नम किसे पूछे कहां जाएं क्या है वोता کہ ہم رنگوان کے پڑھم پڑھا دوارہ بھکتوں کی سندھت ملے تو اگر ہماری یہ سندھی پڑھم پڑھا دوارہ پراب ہو تو ہمیں وہی لاب ملے گا جو کی ایسے مہہ سمینہ یا ایجندہ ملا اگر ہم اُن کے پردیلی میں دوارہ یہ دکھ شاید نہیں کریں تو جا رہا ہوں کہ بھاگو تنگو نہیں کرو گلو پانڈ پڑھا دوارہ اور روحانی روپ سے تو سمکھان کرو تو آپ کو وہی نال ملے گا جو ہی پڑے سے نال کے ملے گا شکریہ پرسوامی کی سہنگت میں کچھ انتر نہیں ایک پتی شک کمنی میں تو وہی نال ملے گا اگر آپ پنگوان کے ستیری سے نوالا یا ساروک تنگیش کو سمکھان کرو تو شکریہ پرسوامی جی سے پوچھا جا رہا ہے پنگوان کے نیلیک کردی کے کھارے کھلاپوں میں تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، بھوکی، تو بھوکی، بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو تو بھوکی، تو تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، تو بھوکی، बगवान अदरे देवोगी के खानां में परकत होते हैं बगवान जो परकत होते हैं अदरे भात्तों को मात अपिता के रुपने स्विखार करते हैं जैसे यूधारन के लिए पंदेव देव ही नहीं जरतुजान धेव लोगे वर्षों के लिए समोच्या का पालन किया थ یہ پہاڑا تھے اِن مدیشیاں تھے کہ ہمیں بھگوان پراپسوں کو سُپڑ کریں آج تبھی کئی بار کچھ بہت ایک بھاو کو پراپس کرنے کے لیے ہم سپڑشہ کرتے ہیں کئی بار پتیوں سپڑشہ کرتی ہیں پتی کے لیے وہ یہ سپڑشہ کرتے ہیں کہ بہت ایک سُپڑ پراپس کرنے کے لیے ایسے نہیں کہتے تھے کہ دیوکی نے سپڑشہ کی کی کہ بہت ایک سُپڑ پراپس کرنے کے لیے نہیں یعنی پھرم بھگواں پر آپ ہوں اور دل کے اوپر ہوں 10,000 دیوتوں کے ساؤں کے لیے 10,000 ہماری پریشنی کے 6 مہینے بھگواں، دیوتوں کے 12 ہندے کے برابر ہے ہماری پریشنی کا 1 سا دیوتوں کے 1 24 ہندے کے برابر ہے تو 10,000 ساؤں کے لیے دیوتوں کے ساؤں کے لیے वर्ग देवती में क्या किया हूँ और क्या खाया उन्होंने जो पत्ते फेर उन्होंने जिलते थे और आपको एक खुराग करेगी आपको एक खुराग दे रहें थोड़े साने के लिए सुना के साथ ही खवर पत्ते ही खता करके लेंगे پھونہ میں بھگ بھی ہے نا کھڑی تو سب بند کار دیئے ہی ہندوستان میں سب بند کار دیئے وہ لوگ آپ جب پرکتی کا نیم ہوتا ہے جب آپ بند کو کار دے گے نا تو بارش کم آئے گے ایک کارن بھارت میں بارش کم ہوتے گاڑی ہے کیونکہ بہت سے بند جو ہیں وہ کار دے گے یہ پرکتی کا نیم آپ پرکتی کی نیم پرکول میں جاؤ تو پرکتی آپ کو ہجا دے دیئے تو 10,000 سالوں کے لیے ڈیو او ہرپتہ ڈیو کیلیں کیا سکار کیا؟ جو پتھے گیلتے تھے پیروں پہ مور اور جو بھگوان نے اپنا ہم کو پکڑ بھی کیا کیسے میں پکڑ کیا؟ اپنے سیویر روح میں سیویر روح میں پکڑ کیا ماں پا پیدا نے کہا وہ تو کہتی بھگوان نے تو اپنا ہم کو پکڑ کر جیل کھانے میں تو بھگوان نے اپنے پکڑ کی اپنے دیویل روپ میں اور ان کا جو روپ تھا سجاوا تھا کل بے ریشم کے بستروں سے اور کہنوں کے ساتھ سجاوا تھا تو ماتا پیدا نے دیکھ کر پچان لیا کہ وہ جو لڑکوڑی کی مبیشیبہ کی تھی ستیہ ہو گئی ہے سمجھ گئے بھگوان پکڑ ہو तो माता पिता ने कहा कि उन्हें भै था किसका भै था? गंग कर तो माता पिता ने कहा कि हमें गंग कर पाई हैं तो सथानन पच्चे का रूप रहें कर लाओ तो सुरंथी उन्हें अपनी विश्ण के रूपो सथानन पच्चे के रूप में बाओ जादू करते हैं یہ جادو کرتے ہیں جادو کرتے ہیں اُن کا شہرہ نہیں بڑھو گئے اور بھگوان نے سرندی اپنی ذہنی روح کو لارن بڑھست کمان بنا دیا تو کہنے کا آرتی ہے بھگوان کے ذرہ ہے جیسی ہے آدھیاتریک ہے اور بھگوان کسی کم سے کوئی بھی کاریاں کر سکتے ہیں اور بھگوان کے لئے کوئی کاریاں بھی اسمبولی نہیں پھر جب بہموان کی نیلہ آرم ہوتی ہے سدھے کھڑا رہا ہے راکشتی کس کے مارا تھا بہموان نے سوچنا یہ کوئی سدھاراں کاریاں نہیں تھا سوچنا تو بڑی experience, انبعاو پاری راکشتی تھی جیسے کوئی نوکری کے لے جاؤ تو پہلا پرشن کیا پوچھیں چاہے experience آپ کے پاس ہاں ابھی کولیج سے نکل رہے ہو پھر ہم نے کہا کہ کسی تجربہ کسی تجربہ ہے میں صحیح نہیں ہوں میں یہاں ہوں میں یہاں ہوں ہم نے کہا کہ کسی تجربہ کسی تجربہ ہے پھر ہم نے کہا کہ کسی تجربہ کسی کہا کہ تجربہ تجربہ ہے پھر ہم نے کسی تجربہ ہے پھر ہم نے کہا کہ کسی تجربہ کسی تجربہ ہے پھر ہم نے کہا کہ کسی تجربہ کسی تجربہ کسی تجربہ کسی تجربہ کسی تجربہ کسی تجربہ पर जो کسی تجربہ تج भगवान ने मुझे सामी जनगर सामी पीता है उनकी बुतियों से फिर उनके पश्चान सिनावरण और अनेक लाख्षर थाई फिर भगवान ने अपनी मातर को दर्शिन दिया अपने मुह में किसका पूरे विश्वता है जैसे की जब एक एक � میں سننا ہے کہ کھیلتے سمیں تم نے پٹی کھا دیا بیٹی نے کہا نہیں یہ جھوٹی شکایت ہے میرے بھائی چاہتے ہیں کہ آپ کیونکہ ہم نے کھیلتے ہو رہا دیا آپ ہمیں داکھو یہی سن جائے اگر آپ ایشوار نہیں کرتے ہیں تو میں موں کھو کر آپ کو دکھا دیتا ہوں تو ماتا نے کہا کھو موں کھو جب بیٹی نے موں کھولا تو ماتا نے کیا دیکھا उड़े विश्वोरो उड़े विश्वोरो नाता सोचने लगी शाया कोई सपना तो नहीं देखाई तो इसप्रखार भगवान के अनेंटी लिलाएं हैं जिनके विशे में आप क्या काम पढ़ोगे जत से इसकामिन है और इन बाल लिलाँ का बंडन के पश्चाद ही यास دیکھیں تو اس کا کیا سندھیش ہے اس کا سندھیش یہ ہے کہ اگر آپ راست دیلہ کو پڑھنا بھی چاہو تو آپ کو پڑھنا جیے کب؟ باہر دیلہ پڑھنے کے بعد یہ نہیں کہ پہلے راست دیلہ کے پاس جاؤ اور بعد میں باہر دیلہ پڑھو پہلے باہر دیلہ پڑھو پھر بعد میں راست دیلہ کیوں؟ کیونکہ جب روحان کی باہر دیلہ سے پریشش ہو جاؤ گے تاکہ آپ کے ہندے میں کوئی شکا نہیں رہے گی وہاں بھاگوان کے دیوی دھروپ کے بیشے میں آپ سمجھ پاؤگے جیسے کیش پریشہ پر کہا گیا ہے ہم پوڑھنا ہوں آدھا پوڑھنا ہوں اللہ بھاگوان جو ہیں وہ دو ہم لوگ جو پورے ہیں ہمیں کسی چیز کی کبھی نہیں تو بھاگوان کے جو انہیں دیوی کاریکلات ہیں इन्हें आप समझ सकते हो केवल नक्की योग के द्वार। आप प्राबरी तत्वार साथों में कहलें महाण पड़ीचन शुक्रेव वस्वामी से प्राप्ना की कि वो एक क्रिशन तथा उनके महीमाई कारे कलापों का वणन करें इस श्लोक का एक दूसरा � مطلب یہ ہے ایک کرنز پھڑکشت مراج سمجھے بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائی بھائ کیونکہ भगवान के गुन इतने अधिक हैं और हर शन हर पलग भगवान के गुन यो है बढ़ते जा रहे हैं करते हैं जैसे हमनों कि एक अंदर से क्लाग कर रहे हैं एक अंदर भगवान के गुन और भी बढ़ गर रहे हैं तो क्यां सब गिल्टी करोगें जैसे कोई اتنی شکتیاں ہیں ہم گھونگو گھنگو لگ بڑھ اسمبڑھ ہیں اندھر سیش نے تو سکار کھڑی آیا ہے کہ میری اجارہ آنا ڈیووں سے ہی میں گوھوان سے کشت کے انیک دیوکار کلاپوں کا گھنڈا نہیں کرسکتا آپ کہو گے کھونگی جب اندھر سیش نہیں کرسکتے ہیں ہم کیا کرسکتے ہیں آپ کھیل جو پڑھتے ہو پوندھا گلدان کر سکتے ہیں یہ کچھ نہیں ہے تو بھگوان کی اتنے آدھے گلے ہیں جو آپ پڑھتے بھی ہو وہ چھوٹی مارکس ہوتے ہیں تو کہنے کا ساتھ پہ یہ ہے کہ پھر بھگوان کے دیگر کارکلاپوں کے بشیر میں ہم گیان پرات کر سکتے ہیں ویژڈک ساہیگیا کے دوارہ اور مہارا پڑھکشتی یہ بھگوان سشکریہ سے سبھی بھی سکار کرے ہیں یہ ہوا کہ वह भवान के सब मुनी शेष्ट हैं सचिद मुनी हैं पर उनके देवी भवान से किशन के अनेग गुणों का वन्णन करना बहुत इस सब का वन्णन करना असंबर है इस असंबर इसलिए कि ये भवान की अनेग गुण हैं पहलां पर हर सन मुर्चे जा रहे کہ ہمیں بھگوان کے دیوے کارے کلاپوں کا ونن کرنا چاہے وہ تمہیں روچی لینی چاہے اتنی طرح ہم سب بھگوان کو بھگوان کے دیوے دیلوں میں روچی لینی چاہے بھگوان کیا کہہ رہے ہیں مردو ژیتہ میں ژیتہ کا مجھے چھوڑ جا ہے ہم بھگوان سے کچھ میں شنگل ہو جاؤ ہم بھگوان کیا کہتے ہیں میں تمہیں بچاؤں گا ہاتھ پکا کے پاپ کے پرینام سے اور ہر گیتہ میں کیا کہہ رہے ہیں میرا چندہ چلو میرا بھائی پڑھو تو ہمیں بھگوان کے دیوے کارے کلابوں میں روچی لینی چاہئے اچھے تھی جب بھگوان کے گیتہ کے تندیش کا سمجھن آرم کیا تھا دن پہ ایسے لگا کہ بھگوان سویاں مہاں ان کے دھنا چھوٹا سکتے تھے وہ اندھ میں ہو گئے تو اسی طرح اگر ہم سب भरवान के देवियर कारे कलापों गरनूची हैं तो आप कभी भी उदाब भी होगी तो आप कभी भी बहुत एक भूँ के प्यास दीज़ा के लिए उदानन के लिए भरवान के अनेक लीलाओं में एक हरी प्रसेद लीला है जिससे सौप चांचे हैं जिससे स� इसी लगे तो सब परिशिसम। जब मैंने कौल और परदंद उठाया, बाया आंगी थोड़े होंगी के नाथ के बाल पर, तो उसमें साले जो ध्रिश्वादी थे, धनुवार की छाता के नीचे आ रहे थे। जब हुने के पारिश का मौसम आने वाला है, इक दो महिनु में, ज تو पंगमान ने इंजर जी फ्रूर्ण से विश्वार्थी को कैसे बचा रहा हैं अगर विश्वार्थी परवर्त हो तो आए आखे छोड़ी निके ना खुले बरवर्त हो और इसने उठने के लिए ये विश्वार्थी परवर्त जी ہانند ہوئے تھے کیونکہ ہم روحان کی پھیلے کو دیکھ رہے تھے اسی طرح اس وقت ہمارے ہدھنے میں بہت ایک بھوک بھی ہے اور بہت ایک پیاس بھی ہے پھر سوال کیوں نہیں ہمیشہ ہم بھوکے رہتے ہیں پیاس نہیں رہتے ہیں اس سے یہ بھکتوں کو پریشان کریے گا کئی بار یہ رہا پیش میں بھیجن والے ہیں وہ کہتے ہیں تو میں ایسا تو رسوئی کے دھل میں کچن لیلے جلتے ہو ایک بھوک اور پیانس پرشان کے لیے ایک بھوک اور پیانس ہندویہ تیفتی کی سمجھاں کے لیے سچ بات ہے کہ وہ آکرشن نہیں ہے بھولوں میں تو یہ ہماری بھوک اور پیار ہے ایک طور پر پرشاہد چاہیے اور دوسرے طور پر ہندویہ سفری کی سمجھا چاہیے تو یہ بھوک اور پیار چیز مٹی ہے اگر ہمیں جیسے بریش بار کی بھگوان کی چہرے کو دیکھ رہے تھے ہمیں صدا دنوں سے بھگوان کی چہرے کو دیکھیں ہم بھگوان کی چہرے کو کیسے دیکھیں ہیں جیسے کہا جاتا ہے بھگوان کی چہرے ڈھمڈگت ملن کرو ہم بھگوان کی چہرے ڈھمڈگت ملن کیسے کریں گے تا سمجھن کر گیا ہے نامو جوارہ اُن کا پوچھا جن کر کے اُن کی دیلوں کا ورن کر کے بھی دیلوں کا سمجھن کر کے اِس پرکار ہمارا جو اشدہ دہدہ ہے سمجھن بن پائے گا تو سمجھیت میں اِس طرح میں آپ 10-20 قرآن کو آدم کر رہے ہو جن میں آپ بھگوان کے دیگر کارکلافوں کا حوصلہ سنو گے اور آج کے اِس نوت میں پڑھے کشت مہاتھ پھر سے ثابت کر رہے ہیں کہ کچھ طریقہ سوامی چوہے ملی شیش تھے اور ان کی عادت کونچھ تھے وہ پرم بھگوڑ تھے اور دھرمشیل تھے اسی پرکار پرم بھگوڑ نے سویم پرسلسل کاریس نے ان کے کانڈن میں اور پھر آگے یہ ثابت کیا جا رہا ہے کہ پرم بھگوڑ جو ہیں وہ ہی ہیں پرم بھیان کا और परिक्षिन भाड़ इमेशे करें भग़बाण के निदी कारिकलापों के मेशे में सनने के लिए तो चलो एक दूसरे को मिलते हो अच्छर क्या कहते हो हाओ आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आई आ کوئی بھی سجن آتا تھا وہ یہ نہیں پوچھتے تھے کس آئے گا پوچھتے تھے نہیں کیا ہے what's the progress on the journey back to Godhead? भवान के लाँ लोड़ने के मारग में क्या हैं सनारी उनती? तो ये उनती प्राथ होगी भवान के ध्रिव्यत कारे का आपव में लूची ले करें ये होना चाहिए आंट्ला भास्तल का सबसे प् کہ بھگوان کے دل کا احلام ہمیں پوچھیں لیں بھگوان کے دل کا ترکار کراکی ہمیں پوچھنا لیں بھگوانوں کو کیونکہ یہ ہی ایک سادھن ہے اشدہدے کو شد بنانے کے لئے اور یہ بہاونا چیتنا ہماری شد ہوتی ہے جب ہم بھگوان کے ناموں کا اشدہدہ کریں اس لئے کہا گیا ہے بھگواں جنہوں نے پریششکتی تعلیم کے دیوے ناموں میں ہمیں نامت اور تعلیم کرنا چاہئے بھگواں کے دیوے کارکلاپوں میں گوچھیں اسی دہائی میں آگے کے چوتے شلوک میں شکریہ بھارت پرسومی کہہ رہے ہیں آج پریششکتی تعلیم کہہ رہے ہیں بھگواں کے دیوے کارکلاپوں کے وضع میں جب ہم پھر پھر دور ساخت کریں یہی اپائے ہیں کہ اس کا نمبر کی سمجھ سکتے ہو ہم ہماری سمجھ میں کہ ہم ہر کر یہ راجیتک چناؤں دوالہ نہیں راجیتک چناؤں دوالہ ہر بار پہ کھڑے جائیں گے جو ستھی ہوگی وہ رہے گی لیکن ہم بھگوان کے ذریعے کارے کراپوں میں روشی لیں گے تو پھر سماج تک ادھار ہوگا اپنے ادھار ہوگا ہم ستار کرتے ہو تو ہم سب یہ لکھ رہنا چاہے بھگوان کے ذریعے کارے کراپوں میں ہم روشی ہو हाले कृष्णा हाले कृष्णा कृष्णा कृष्णा हाले हाले हाले रामा हाले हाले रामा रामा हाले हाले
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