चंदन यात्रा क्यों मनाया जाता है? | 25 Apr 2020 | Zoom | Srila Gopal Krishna Goswami
21 Apr 2026 · 3 min

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इस हिन्दी व्याख्यान में श्रीलंका गोपाल कृष्ण गोस्वामी चंदन यात्रा के उत्पत्ति, महत्व और 21‑दिन के अनुष्ठान की विस्तृत कथा प्रस्तुत करते हैं। वे बताते हैं कि कैसे अक्षित महा के गुरु, पुरी के गुरु, और मानपुर के उच्च कोटि के शिष्य ने स्वप्न में भगवान से निर्देश प्राप्त किए—पहले पुरी में गोविंद कुंड में विश्राम के बाद, फिर आनंदपुर में दो वर्ष बाद, और अंततः जगन्नाथपुरी से चंदन लाने का आदेश। भगवान ने कहा कि चंदन को गोकुल (गोपीनाथ) की मूर्ति पर दो हफ्ते तक प्रतिदिन लगाना है, जिससे 21‑दिन का चंदन यात्रा स्थापित हुआ। व्याख्यान में चंदन के साथ भगवान को सजाने की आध्यात्मिक महत्ता, स्वप्न में प्राप्त आदेश, यात्रा के मार्ग, और भक्तों द्वारा उत्साहपूर्वक मूर्ति स्थापना व चंदन लगाने की प्रक्रिया को वर्णित किया गया है।










