ब्राह्मण दीक्षित भक्तों के लिए विशेष संदेश | 29 Jul 2023 | ISKCON Delhi |Srila Gopal Krishna Goswami

In this devotional lecture Srila Gopal Krishna Goswami addresses devotees who have taken Brahmin initiation (diksha) within the ISKCON tradition. He explains the spiritual purpose of the initiation, describing the three stages of birth that a disciple experiences through scriptural study, mantra acquisition, and devotional service. The guru outlines the essential qualities a Brahmin devotee must cultivate—purity, patience, knowledge, devotion, self‑discipline, truthfulness, and service—and stresses that these traits are demonstrated through regular practices such as tapasya (austerity), japa of the holy names, daily study of the Bhagavad‑gītā and other scriptures, and participation in community activities. He warns against misconceptions that Brahminhood is merely hereditary, emphasizing that true Brahmin status is earned through sincere devotion and adherence to dharma. Practical instructions are given for rural devotees, including the importance of humility, offering service without expectation, and maintaining a disciplined routine (early rising, regular worship, and charitable work). The talk concludes with an encouragement to persevere in devotional practice, assuring that sincere effort leads to spiritual advancement and divine grace.
Chapters
y के जल गन्दे आये होगे जो आय से वंच मे ले। हाई सारे का हाल बा। आज डिजिशरप्रोग्राम में सारे भाई स्थित है। यह राम है। जैसे अब ध्यान दे हो समान के विमान है। 4 महीना 4 आशिकों में होना चाहिए। बमेशदीरशरसुंदर जो नानबुरीकहते हैं भगधममेभालमकेचौदीस जो स्वाभाविक व्यक्ति है वो 3 प्रकार के जनम प्राप्त करता है। पहला जनम है मासा के ग्रंथ से 1 जनमपरुशभीस्वीकार करते हैं भी दूसरा जन्म प्राप्त होता है जब हम करते हैं वही सूखा जाता है सर्व स्वीकार करते हैं तीसरे जन्म प्राप्त होता है याची मंत्र प्राप्त होता है तो हर प्रोग्राम में आप सब अपना तीसरा जनम स्वीकार कर रहे हो। दान संस्था में ग्रामीण दिक्षा दी जाती है। यह पिछले कम से कम कई सालों के लिए नम और 4 हो। और उसके विज्ञान है और जो पढे लिखे भर से उन्हें बिना शंका के बक्शी शास्त्री हर कोर्स करना ये बकीराहसेाकोर्ष सरल है कठिन नहीं है। और यह आवश्यक है कि ब्राहमण शिक्षा अगर आप ले रहे हो तो आपको ब्राहमण की क्या उम्मीद है में से क्या उम्मीद वो भी उसका बिजार जाए। ब्राह्मण भारत में कई भक्त हैं सोचते हैं ब्राहमण केवल पैदा से होता है शब्दों में अगर आपने ब्राहमण खाना में लिया है तो उसका मतलब है आप ब्राहमण हो चाहे तुम चुने कैसा भी हो पर हमारे शास्त्र में खा गया है। उधार के लिए भगवरगेदरमें, मन माया। सिस्टम गुणों के आधार पर यह निर्णय किया जाता है। सो ब्राहमण में कई गुण होने चाहिए पर सुनाएंगे च, शांतिर, जगमवीपछरज्ञान विज्ञान, मासिककम ्रममकरमसभाजमशमध प, चम, छांतिआरजमेपस विज्ञान, आसिम, रम्म, करम, सभा, शांतिप्रियता, आंख, व, संयुक्त, तपस्या, पवित्रता, सहिष्णुता, सत्य, निष्ठा, ज्ञान, विज्ञान तथा धारिता। ये सारे स्वाभाविक गुण हैं जिनके द्वारा प्रामं दरम करते हैं। तो ये शो कितने भक्त बने। कंडलिया निवेदन है कि आपका यह कार्य यह होगा कि आप ये शोक बिजली फॉटिटूकोकंटेस करो ले। हर शोध का अर्सवीसदहोग्रामीण के विषय में कहा जाता है ग्रामीण है उसे शांति भाव में हो। तो अगर आप किसी भी पूछो तो कहेगा कि मन साल नहीं है तो मरा मरा शांत होगा। केवल जब हम ये न करें, ये हमें सापसीमाडमेंसुना चाहिए तो ब्राहमण है, उनका जिदान होना चाहिए। जो अनुकूल है वो हम स्वीकार करें। फली कुल अनुकूल में क्या जाता है भक्तों का सा 4 अपराधों से बचने का प्रयास। अगर हमारे मन में 1 बहुत ही काकर्षनहैमिआकर्शन डेवलपमेंट काम कर ले। वे शांति हो। पर अगर अभी यह कर लिया। चाहे जो की बंदी भरने पड़े हमें कृशभरकीमेहोहसा प्राप्त करनी है। साफ संबंध शान हे रावण को शान बोनिक संसार में अनेक प्रकार की समस्या है। क्लेसहैपर शांत शांत शांत धमोका में वर्ष है। ब्राह्मण समाज का सबसे ऊचा साल ब्राहमणों के ये मान अधूरा रहता है। हमारे पहले मा चाय से उन्होंने स्पष्ट प्रसार किया कि ब्राहमण बन रा के आधार से वो प्रचार था। कि ने उसका विरोध किया और में ठाकभनाकीसभामें आने का निबंधन लिया था। गिर ठाकोकासवासठीा उन्होंने अपने बेटे किसी सामने भाषीजाननेसे। पहले सांस में द्वारा यह साबित किया कि ब्रामणमंताहै मूलों के आधार पर उन्होंने यह कहा। मूलों के आधार पर और धायशीपरनेरामनभा से पशु तो ब्रामण है, उन्हों के आधार पर केवल 2 पैसे का जेन से की ब्राहमण नहीं बनता होंगे। गाय के ब्राहण को बोन मास करने से योजना शास्त्र का कहना है कि इस योग होने जा है। हमारे नेक नामों में 1 नाम है के शास्त्र में उधारण प्राप्त होता है। पीछे सुनाई दे रहा है तो सारस कि योग करना चाहिए। भगवान के उधार के लिए देश देशों द्वारा बिगड़ा देखना चाहिए जीव द्वारा क्या करना चाहिए भार के नामों का उचारण और के राहुल द्वारा में अगर हम विधियों का उपयोग करेंगे सेवा में के मन में जो क तपस्या में बार बार पर उठाने के लिए। इसे दहाई में कहा जाता है। जेवपरमरोती भवाएगेनेकगाव में 1 गाव है। कड़ी से हम खुली खुल खुल गया है जिसको बवाई के नाम में 1 गाव मे बनना कठिन है। पर भगवान ब्रह्मा जी कहते है तपस्या तपस्या करोगे तो भगवान को प्राप्त कर सकोगे और भक्ति में सफलता प्राप्त करते होगे। क्या है तपस्या जीप की तपस्या है गीता के नुकसान सरसे का उचार, भगवान के नामों का उचारण और मनके क्या तमस्या महगी है हम भगवान के नामों का। उसमरकरेग और हा गया सिटी में सो जो ग्रामीण है। सुबह उठना साढ़े 4 बजे से 4 बजे मंगआतीपहुचा सबको दी बड़ी प्यारी देती। अगर सजाने परिवर्तन करना है तो मन सो में वो स्वीकार करना है या बैठ की सो। ये है सपस्या। कई बार लोग कैसे हैं सुपा की क्या आवश्यक ने घर के विचार है विचार े वो कभी कभी तपस्या है की चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें सुबह की चर्चा करेंगे लोग भाग जाएंगे। पापा जी जब पहली बार कई स्वॉर्म स्वामी जी, कोई नहीं सुनेगा बाबाजी ने फॉर्म माइज नहीं किया। सो तपस्या 1 हीरा है जिसके द्वारा आप लोहे को जा सकते हो। शो सा पविसा क्या है। इंग्लिश में आपने सुनाएगा प्यूरिटी द फोर्स प्यूरिटी फूल विस का अर्थ है क्या। भगवान के संदेश को यथा रूप स्वीकार करो। भगवान ने दिया है भगुलमेभगगीलाहैशास ा शो भरती विलियम के पालन से आप यह आवश्यक ही है कि आप घर फोलिक का भाव होना चाहिए। ये भक्ति का मार्ग है। बड़ा सिंपल है वहा पर हमें ऐसा रोग स्वीकार करना चाहिए। कई वार लोग पूछते हैं कि गीता को हमे गीत सा रूप को कहा जाता है। पापाजी भूमिका समझाते हैं क्यूंकि पापा जी ने उसी विचारधारा से देश साथ। इसलिए रूप विश्व के 60 से अधिक भाषा में हो गया है। सारे विश्व के लोग करने मधुर गायक होना चाहिए। विधा प्राप्त होती है। भर्ती के नियमों का पालन करते हैं। पर कोई मंजू उचायेसेनहींेमे जन जीवन में उतारना चाहिए। फिर लोग ले गए उससे प्रभावित हो। वो रिपीट वाई सुपर को माना का पालन कर। ये 4 नियम है यहां बनाए गए है इस लिबलसेपकृपाप्रापत चे ने महाभबुरे आदमी बाकी संबंधित अंध रचना करने के लिए। पर चेतन केवल कितने शोक हो, इन्हें क्षा जाल थे साल के जिसे शोक में अपनों ने क्या कहा? या तो ये बड़ा महत्वपूर्ण है कि आप लोगों ने कहा ये जो श्लोक है इससे हमें घर पार ले ना चाहिए। राम मे शा याद करें वह पर वलिजसामेंआरडीसरदी हो कई बार आप की लोग प्रशंसा करेंगे केवल लोग आपको आपकी आलोचना में दोनों ही स्थितियों में बिल्कुल से इस विषय में उदाहरण दिया जाता है ही पेड़ से भी ज्यादा पेड़ अगर आप देखो तो सर्दी में भी सेवा करता। सर्दी में लोग काट से पेड़ को वह पैदा करते हैं और गमी में यू कोरजा लेते पेड़ों को माना जाता है हमें उनसे भी ज्यादा देते है और घास से भी ज्यादा पर गाय के ऊपर से गाय कैसा है ऊपर क्यों चल रहे हो? हा फैल है। कुछ भी जान है। दूसरों को आ रहे तो बिना किसी रहे की उम्मीद शो भैन का भाव सबको आ रहे ये ही वो वाला नहीं देता। तुम्हार शोर बड़ा महत्वपूर्ण है। 1 भा ने 1 टॉनिक बनाया था लोगों के श्वास के आना बाद में भी गुरु भाई आए थे ने कहा नया टॉनिक बना है ुपरावभरनेकहागुरुभाई ने कहा वो टॉनिक हो इसे भक्ति में आगे बढ़ पा लेगा फॉर्मिला मुझे पता है लवाई फॉर्मिला god एंड फोर भक्ति भक्त है बड़ा फैंसी detrmensयेहमा ये भाग नहीं होना चाहिए, अच्छा नहीं और चले जा विसित जाते है। माया का सदा प्रयास होता है आपको करने के लिए। देवी गिडवानी माया में होते है। इस माया करना हो कि भगवान के ध्यान मे शहर मे बिना शकर के तो मे शनघार्सहैशिक्षा का भार रूप कहते हैं। पहले कदम पर मे इच्छा होनी चाहिए। क्या महान होना हेलो शाला महान में उपस्थित है किस रूप में वो आपके आये विचारों को समझ ले। अगर आप जाते हो क्या लिखते हो सुगंध फूल पे थोड़ा दूर हो कि सुगंध आखतकआजातीहैपीडी का हुआ है सा ने से अगर वही है हम शनगसहोभगवानआपको पुष्कार की सरल जैसे कि लेक की जुड़े हैं। इन गंधों के माध्यम से तो लोग ग्रस लेते हैं। जीवन सुधर जाता है। सो अगर हम भूलना चाहो तो भी ऐसा बन जाता है। भूल को शो पर उपस्थित रहे। वो हर चीज के साखी है। भौतिकवादी व्यक्ति यह नहीं समझ सकते कि कैसे कौन साक्षी। वहां का बाबाजी कहते थे उस कॉलेज कॉलेज में अवेलबल थे, वहां उस में फायबर कॉलान से आते े 1 कॉलेज प्रोफेसर ने पूछा कि तुम हिंदू लोग कहते हो कि आदमी का ध्यान तर हो रहा है। साफी कौन है, साफी है, मां का साफ है, ग्रामीण है, उसमें निष्ठा होने से है। विज्ञान विज्ञान ज्ञान तो प्रकार के ज्ञान है। पोते ज्ञान विज्ञान के विश्व फिल्म मार कै से राजा बिलिया राजा ये ज्ञान है, सबसे महत्वपूरण ज्ञान है वही से पालन से आप्र तो बोले ज्ञान की कमी नहीं है। कोयले कोयले में भारत में कोई स्कूल बोली ज्ञान के इस विश्व में किसी चीज की कमी है। और तीसरा क्या कहते थे किस चीज की कमी है। अशली सो भक्तों को अनादि ज्ञान होना चाहिए तो भाई बड़े कठनाई से लगभग 80 गधों को प्रकाशित किया और इन सब भक्त गंधों का निर्णय की है। क्या यहां से के माध्यम से मुझे जान सकते हो। सो तो ब्राहमण हैं। उनके पास ज्ञान होना चाहिए। ब्राहमण प्रशन पूछे और ठीक उत्तर नहीं ले पाए तो कोई लाभ ब्रामण के बात ज्ञान होना चाहिए। इसलिए इस पर में आवश्यक है कि आप उसी शासी किशारिकोर्डसको पढ़ो। तो आप को अच्छा ज्ञान प्राप्त होगा। वह अच्छे ब्राहमण मन सकोगे तो ज्ञान होना है। ज्ञान की कोई कमी नहीं है। बजे इतने ग्रं छोड़ गये हैं। अगर आप 1 रन को रोज पढ़ो, यूनि घटना वीर को मुश्किल से बल और यही बार पढना नहीं, बार बार पढ़ने की आवश्यकता है। तो ब्राहमण ने स्पेशल नॉलेज और स्पेशन नॉलेज होगा। हा पर क ाम में पुचार का उत्साह हो। कि बाम है। बोली मा में सब दुखी है, खली चाहिए। यह उपाय है। विज्ञान लाई रखना ठीक है। पर अगर आप कब ले गे जो ब्राहमण दीक्षा ले रहे हैं, वो जो स्त्री आपको ब्राहमण के ब्राहमण झूठ नहीं बोलता। मैं आपको बोलना पड़ेगा मे कोई नही वो पा और साधारण जीवन में, खास के माफियों व्यवहार में हमें हत्या का उचारण करना चाहिए। और ग्रामीण है। स्पीकर ने बाहर टीचर ने हाथी विधायक कहा था फाइन नाव गूल फादर पेशा 1 करके हमने माह से पूछा कौन मे scul dont लडके है महा व्यवहार होना चाहिए से ग्रामीण है। हमेशा बोले जान कर तो ये उम्मीद है, जो ग्रामीण है वो उसका लाभ उठाए। ग्रामीण का ना कहे जो पुरुष शरीर मे है वो आरती कर सकते हैं। मान के रसोई में है मान जा श्रींगार करना चाह। देखिये के इश्वर के मतलब में तुम्हारे श्रिंगार में काफी ऊंचा स्टैन और हमें सुझा में भी जुड़ना चा तो माता है वो भारत में, ऑर्डर में नहीं जा सकते। पर वो हवाई से कई बार देखते हैं कि वो कैसे ग्रामीण है और ग्रामीण है। वो ब्रामण है हमें ग्रामीण बनना है नाम में और हमें कौन कौन सी बराबर ना चा। नाम के ब्राहमण रबर कहते थे ना ब्राहमण नहीं चाहिए, ब्राह्मण है शो से को। तो आप सब राम हो। ब से समझो पान जो 4 नियम है वो हमारे सुधार है। तो भगवान शक्ति ने इस बरवाडमेबलताप्राप्त करने के लिए करी करना तो सारी गली में केवल ब्रामण को वेज रूप से सोना का पर जिस महाराज आप और इन के जीवों का पालन करके आप देखोगे। अनलेबीतजीसिहोगी अन् य प्रतिकुल का है, उनको क्या मिला है शब्द कहने से नहीं गया। अमेरिका ले शुरू में 4 से उनकी बुनियाद में समाप्त हुए। शो 1 सबे अमेरिकन सरदार प्रतिनिधि का परदा मिलने आये। उन्होंने कहा हमारा जाकर डॉलर गरजे नाविकों भूले जाने के हम शवोताप्रातनहीं क आपकी सस्ता में मैं देख रहा हूं ने चाइ त्यागी भक्त तो भक्ति है सी शक्ति ये सारी 4 प्रयास सब सुखी और ग्रामीण रिक्षे। परा अब अपराध करोगे तो उसमे आप को देगा मुझे पानी करोगे की किरपा प्राप्त होगी। कृपा के देश को दीजियेगा जैसे मैंने मैंने कहा था शो में 1 स्लो पोलिडोर हम सब को कंटेस्ट करने, जा से कंटेस्ट करोगे।
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