भगवान राम की दिव्य लीलाएं | 31 Mar 2023 | ISKCON Punjabi Bagh | Srila Gopal Krishna Goswami

The video records a devotional gathering at ISKCON Punjabi Bagh on 31 March 2023, featuring Srila Gopal Krishna Goswami and several participants (labeled Speaker A, B, C). The primary focus is the glorification of Lord Rama—his divine pastimes, relationship with Lakshman, Bharat, and other avatars—interwoven with repeated chanting of the Hare Krishna and Rama mantras. The speakers alternate between brief explanations, scriptural references, and enthusiastic chanting. The automatic transcription is heavily corrupted, mixing Hindi, Urdu, Punjabi, and Sanskrit, with many repetitive and unintelligible fragments, but the core devotional intent remains clear: to inspire reverence for Lord Rama, emphasize the power of mantra, and convey moral teachings about duty and devotion. The session also showcases the communal, multilingual nature of ISKCON worship.
Chapters
جارہے ہیں اُمْنَ مَنْ مَنْ مِنْ تَيْهِ
بَعْدِ سُبْتِ بَعْدِ اُمْنَ مَنْ مَنْ مِنْ تَیہِ بَعْدِ سُبْتِ بَعْدِ اُمْنَ مَنْ مَنْ مِنْ تَیہِ بَعْدِ سُبْتِ بَعْدِ اُمْنَ مَنْ مَنْ مِنْ تَیہِ بَعْدِ سُبْتِ بَعْدِ
اگر آپ ڈالتے ہیں تو ڈالیں ڈالیں۔ तो आज में अगर मुझे विश्य में विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य करेंगे तो मुझे विश्य कर اچھا
ہم چاہتے ہیں کہ درداراں ہم کتنے قوم ڈالتے ہیں نعمل اشمال مرتبہ تکلونا عائد اسحید
तस्यापे बगवानेशा साच्चा ब्रह्म योहरी अन्शाचेत चतुठागा उत्रक्वं बात देशुरेई नामलख्षमन भरता
اگلی اگلی نام لکھش مانگردہ شکراللہ پیسنگیرہ
پسیانی بھگوہنی شاہد صاحب شاہد نرمہ و علی علیہ السلام علیہ السلام جنہوں ڈھوڑو آرہا مولا مولا مولا سلیم عامل اچھ ملو درگاہ تکلو نائی تنگیہ تسیافی بڑو آنیشہ ساشا کرم میوغری ہماری بھگوانے چاہتے
ہیں
चाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाचाच
माराजस्वतके अपी भिर भगवान नेशा वे सभी भाक्षा तंद्यक्षण ब्रह्मभया परब्रह्मा पूर्ण अंशिके पूर्ण अंशिके पूर्ण अंशिके पूर्ण अंशिके अंशिके पूर्ण अंशिके अंशिके पूर्ण अंशिके पूर्ण अंशिके पूर्ण अंशिके पूर्ण अगात अंशिके अच्रिका किया उत्रत्मां पूर्ण उत्र बनना ताति लहा प्राथ्ना किये जाने पर अंशिके सुरही देवताओं के बारा रामः भगवार रामचंद्रव वरत वरत वरत शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रुपनमा शत्रु� उनके पवित्र नाम थे राम, लक्ष्मन, भरत तद शत्रों थे ये विठ्रात अवतार महाराद अस्ट्रत के पुत्रों के रूप में चार सरुपों में प्रगट हुए हमारे किसे दुला सकते हैं देवदाव द्वारां प्रात्ना करने पर भगवान बरंसत्यम ते आनिष्� तथा अच्छों के लिए अच्छों के साथ साक्षात प्रकत हुए। उनके तमित्र नाम थे राम, लक्ष्वण, भरत, तथा शत्रुभ्र। ये विठ्या लावदार महरा दश्वत के उत्रों के रूप में प्रकत हुए। बग्वान रामचत्रतों के भाई लक्ष्मां भरत एवशत्रों ये सभी जीव तत्रतों होकर विश्णु तत्में हैं। बग्वान अनेकानेक रूपों में अपना विश्णार करते हैं। अध्वाईत पच्च तमनानिमनन्त रूपं यद्यविवे सभी एक ही हैं। इंतु व جیسا کہ ब्रह्म समिदा में कुष्टी की गई हैं। रामा अधिकोल प्रिश्व कला नियमे नतिश्थन। भगवान अनेक रूपों में विध्यमान हैं। ये थरां लक्ष्वन भरत अधशत्रुभन। और ये रूप उनके सुरिष्टी के इसी भी कोले में हैंते हो सकते भगवान लावचंत्र, लक्ष्मन, भरत और शत्रुंने ये सभी दुष्ण तत्मा होने के कारण समार्च्यक्ति शाही हैं देवताओं के प्रात्मा करने पर ये महराद रश्रत रेत उत्र बनें।
ओपड्यान्द्विन्भदस्यः
घानन्द्विनां सदाख्या तक्ष्यो साप्राधने लटू करे स्वयं रुपाध रामेयं तदाथी स्वप्पदान्तिकं। मानने काम श्रीद गुरुभु, श्रीद वावध दमदम, श्रीद गुरुभु रेश्ण पाँच्छा। इति गुरुभं सार्वेदातां, सार्वेदातां गितंतं सधीवं। साव्यतं साव्यतूतं परजन चर्ण प्रिष्ण चर्ण देवर स्वीरादा प्रिष्ण सादा सर्वनल्दा श्रीविषा का पिताच्च एक प्रिष्णा करुणा सिंदो गीना अंदो जगत्पते ओपेशरोपिता कांद्ला सद्रादा कांद्ला नमस्तुवे کھابتگان چھنکو رانگی کھالے ڈھنڈا بھلے چھوڑی بھشوانوں سُتے جے دی پھر ماں بھی ڈھنڈی پھیل مانسا کھل پڑھ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ ڈھنڈ तरशिरि पिष्णा जैतन्या प्रहु मिठ्या निर्वा सीवा प्रतवातर प्रस्तिवा साथि भोड़ रख्तमिदा हरे पिष्णा हरे पिष्णा पिष्णा पिष्णा हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे शुरूपारदार्या कृष्णमिष्टायवूदले स्रिमतेवत्ति लेनांतारवस्वाने युनाने नमस्ते साथस्वेते।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
جیسے ہمیں کوئی ڈھوڑ نہیں ہوتا ہے، ہمارے پاس کوئی ڈھوڑ نہیں ہوتا ہے۔ ہمارے پاس کوئی ڈھوڑ نہیں ہوتا ہے، ہمارے پاس کوئی ڈھوڑ نہیں ہوتا ہے، ہمارے پاس کوئی ڈھوڑ نہیں ہوتا ہے۔ جنہاں کرنے چاہے مجھے بھی محبت مجھے کیا سکتا ہے گوھن کہتے ہیں کہ پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی بھی بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی پکڑ کرنا پکڑ ہونا محبت مجھے بھی پکڑ کرنا پک� लोगान राम विर्णुप में प्रवेट होई थे गाव। अगर अन्दाजा है, लगबल 20-30 लाथ साथ तर प्रवेट होई थे गाव। हमारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्हारे तुम्ह अनहीं सत्मों ले प्रमायन के ज्ञान का चर्च्या कर दियें। इसलिए मैं केवल प्रत्पर्सन पर वाला हूँ। आप देखे हो जिवने चर्विदे जिवने भवेद। बृणावने खाड़ो जिवने जंद्रिगा। मुझे बगाबान करे मधवाई नहीं। उच्छे लिए कोई लोगे लोगे कोई लोगे कोई लोगे एक लिए लश्कन नहीं वहाणां की लिए होता हम नहीं करते हैं, वह पुर्छे में करते हैं, तो तुम्हें बाविदम हैं. लोड़ करने हैं, जाँजी, प्राध, इसलिए लिए वहाणां की लिए होता हैं, वह पुर्छे में. ये इसको क्या प्राता
कर ले रहे
हैं प्रसपो यहाँ देखते हो वो पेड़े मरमाफ़े पड़े रखे हो। तो पाड़े देखते हों थे काजना की थी। यहां भी काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना की थी यहां काजना अगर आप उसे पूछो आप कोई जीविरीया पगड़ा कर सकते हो, उठा करेंगे, हाँ जी करते हैं, साथ करते हैं, साथ करते हैं। पुछा उपा है, जीविरीया पगड़ा कर सकते हैं, साथ करते हैं। नहूं, राम जो हैं, वो अस्ली गुर्म हैं, मैं जीविरीया पगड़ा कर सकती भवान पकड़ सकते हैं, यहाँ करते हैं, जिवेरिया पकड़ सकते हैं, जिकि दुलना वो इससे लादा करती नहीं कर सकते हैं, मामने पकड़ा प्रेक्ष्ट प्रेक्ष्ट ले सकते हैं, भवान राव पकड़ सकते हैं, जिवेरिया पकड़ सकते हैं, भवाना अखेले � वो के साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन भावनों के साथ नर्णन भावनों के साथ नहीं बगवान है, ताओं पिछा नर्� ले कैसे है वो किसे गिन्दा की प्रेश होता है। ताओं पिछा ले कैसे है वो प्रेशों के साथ में। लगवान प्रेश्य प्रगच हुए, वो मुझे जिवी जीवा प्रगच हुए। मुझाने के लिए वो कैसे होते हैं। वो मुझाने के مہمان نے ایک بڑھا پڑھا کو اٹھایا جوہاں سے اٹھایا میں نے اٹھایا آج نہیں کھڑی ہوگی لیکن میں نے اٹھایا جو موگی بیوی تھے میں نے آماں پڑھا اٹھایا ہمارے
پاس
मुझे एक भवान पर बूते हैं। एक भवान पर बूते हैं। एक भवान पर बूते हैं। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। यह भवान साता है। लेने लगानों को मुझे पिशनको पीचा गए। यह भ तो इसको के लिए साथ वानविश्व जो मुझे पहुत परवारे विश्वास्ताल में मुझे नहीं गुड़ते हैं। मुझे साथ विश्वास्ताल के लिए क्या करते हैं। आप बड़ते हैं। आ� अपने आपको कबन करते हैं लोगे में यहाँ में कोई कबन नहीं जायते हैं। जडड में के लिए कुछ जायते हैं। وہ نہیں کرتے ہیں، بھائی مہمان جو ہیں وہ نہیں کرتے ہیں، بھائی مہمان کی یہ سکھش ہے وہ مزید سکھش ہے، کیوں ہم کرتے ہوئے تو آپ کرتے ہیں، وہ جب کوئی برمار ہو آپ کو اختیار دیں گے، یہ کیسے ہے؟ یہ رمیان ہے، یہ بھائی مہمان کے لیے آپ کی مشکل ہے، کیوں انہیں یہاں سے، پھر بعد میں کہیں گا، بھائی مہمان اچھے بچے ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں ڈرمائیں
ڈرمائیں ڈرمائیں
آپ یہ لکھنے سکتے ہیں، یہ سمجھنے سکتے ہیں، جیسے کہ گوھر جاپاں چھوڑے تھے، وہ نے نہیں کہہ سکتے، گوھر کے نظر میں کچھ کہہ سکتے تھے، گوھر پاکستہ تھے ہیں، ہارے بھولوش، ہارے کسلوش، وہ اپنے پہلے यह द्यान है, सुगर्शिन सम्बेग, यह साभी करदे हैं, बगवान राम कौन है, बगवान है, और जो ये साथी हैं, वो भी एक बगवान है, बगवान राम करें, बगवान राम उसका लाजन व्यक्ति हैं, हमें उसके सुखान हैं, बगवान राम में � अन्हें कितने में लिया उप्त बच्चे के लिए। उठारे के लिए जब स्विधरे स्विधरा अन्हें जुणते थे जिसके लिए उन्हें कहाने के लिए। मेरे पारे में एक जड़ूश के लिए उठारे के लिए किस जड़ूश के लिए आगर शक्ते थ ہری
کریشنا ہری کریشنا अरे राम अरे राम राम राम अरे अरे अरे कृष्णा अरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा अरे अरे अरे राम अरे राम राम राम अरे अरे अरे कृष्णा अरे कृष्णा
राम कृष्णा अरे कृष्� वाले के एनरेजी नहीं है तो तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरेजी होता तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरेजी होता है तुम्हारे के एनरे تو جیوں بیٹھنے کے لیے بڑھتے ہیں، یہ جیوں سے داخل بیٹھنے کے لیے ہیں تو، تو مہمہ جب دلیے سے سیدھ کے پہلے کہا تھا جیوں بیٹھنے کے لیے جنس کو اٹھا دکھے گا، وہ مجھ پہلے کو کہا تھا، جس پہلے کہا تھا مہمہ ہے، جنس کو کہا تھا ہاں پھیل ہو گئے ہیں، کھلوں گے ہیں، کھلوں گے ہیں، کھلوں گے ہیں ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ ये विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया गुद्दे में नाम था विदाया کس کے गुद्दे ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس में नाम کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے کس کے ذریعے प्लीज अभी दे जे जे, नहीं कहा था, दियार किया, कि जक्षिन दे, मुशा दे जे, मेरे भी ज्यान में चल जे, मैं स्व्योग दिया है, दे जे जे, तो बार मांगने चाहते हैं, मैं अभी दे जे जे जे जे, तुम्हें एक पिशार थी, मैं कहा ये पिशा कौन था। बाहर देखने मन जाएगा। ये बाहर था न, ये पिशा था। ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, ये पिशा था न, पुछी से भी कमना होती हैं। आप भूलना वो वजन भूलना होती हैं। तो तो भी पीट करते हैं। एवरिया में वो जाना होती हैं। याश्वर ब्राधा, या बुरु, या माजबड़ा या शुर्वदा बुरु का प्राद बुरु, उत्प्राद याश्वर ब्राधा, वो सन्जवर विश्चे वो सारे जो गलादी वो अधिन्द्धुत के गलादा वहाँ करते थे। यो क्योंकि अगर ये वहाँ नाम तो राज्ञेन का परेश्ट होगी। और महनराम के साथ मुझे प्रजा का उन्हां खेला प्रेम था। वो महनराम ने भी प्रजा को अपनी मिलाई देखा था। प्रजा को अपनी मिलाई देखा था। प्रजा को अपनी मिलाई देखा था। प्रजा मुझे को अपनी प्रभवानाम मिलाई देखा था। प्रजा को अपनी मिलाई देख पशासन इतने सुन्दर था। प्रजागवरत ग्राथ था। यह हमारा खाना था। नो भुवान राम कुराज्ञेरी का प्रभवान नहीं है। वो सब कुछ थे। भुवान दर्शर नहीं कुछ थे। उम्हाण आने पर उन्हें राजकरीत क्या थी और उन्हें इच्छा क्या थी, नहीं ये राजकरीत किसी दर्ज़ाँ से राम समझ रहा हूँ। इवलिए पढ़ा रहा है कि राम का नए प्रजा के साथ बोल गया रहा है। और इवलिए प्रजा है उन्हें महवन राम क मुझे उपते भी केश प्रकार से अगर नाम को वर्माद में भेजते हैं तो जो ये नाम भेजते हैं, वो ये बिचे होगा, वो ये जावगापा होगा, वो प्रापा जितने लेक्शे में खाली से बिचे होगा, फिर कुछ जगएं होगा वो ग्रेखा नहीं है जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे हैं जैसे आपका हैं जैसे पहला बादा हैं जैसे ये है अधिका जो हैं पूरी जैसे हैं जैसे हैं मा ये है ये आप गाम को पूरी मा के लिए हैं। مجھے اور سوچتا ہے کہ اس کھٹوں شعب دست کو برام کو برمان میں بھٹا ہونے کے لئے ہو جاتا تھا۔ مومن نے کہا آپ برام کو برمان میں بھیجو اور ایک اوسا بھی نہیں چھوڑا تھا۔ क्योंकि परसाथ से कहम परिवार्मान सुमा जुणा, नहीं सेना प्रवार्मान के लिए आ जाएगा, तो तुम्हें परिवार्मान चाहते हैं। अतिर शोक में थे जब उन्होंने सोना कि जिस राम सब के लिए जाया है वो इसलिए जीवाद नहीं करता है। जब राम को पढ़ा था कि उनके पिता जोगी हैं, पिता जोगी की विद्ड़े ने मांगी दिया चाहिए जो जुगां को नहीं कर सकती थे। तो आज इस समय में जिया देवता है और भी कुछ जिमानी जुआता के लिए तो पूरा करते हैं। तो गड़गड़ा नाम में देखा देवता दूती है। जिया मुझे पता लगा क्योंकि उनकी स्वत्री दिवान लेकिन वो नाँज़गती आती है उनकी बेचे बारते थे। तो मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा,
मुराम देखी आँगा, मुराम मुराम देखी आँगा,
मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा, मुराम देखी आँगा, दैशर म तो बोलना में नहीं पड़ा कि नहीं महम नहीं देगा कि मेरे पिता उपाई हो जाती है। आज अपनी प्रेविडियों से प्रस्टे मांग भी नहीं है कि मैं बनवाश्य क्यों से आप करने जाओ। उन्हें खोड़ी कहा जाओ। में जिन लाक्श्ट उर्ड भाई तर सोच गर आये थे। उन्हें पापर दे जाने के लिए जो नाम से कहा नहीं है। ये पिलाक्योर देवाज़त्या है, बादल क्या नहीं है। तो क्या नहीं है वो विश्वनान में, एश्वरत्यसमा में नहीं है। ये सज़िशार ज्यान पढ़ा के लिए यावाश्वान। भर्मान्श्याव। वो भी ये प्रोकाथ है। जिन्में शेव पढ़ा के गु विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या विश्वरके लमगत्या पिला को खा जा जा नाम को क्या करें जो पर्वादे करें जो नाम के कम दिया हो गया। तो राम दिन जी विवल्मार शुरु के लिए जाना चाहते थे विवल्मार शुरु के लिए जाना चाहते थे विवल्मार शुरु के लिए जाना चाहते थे विवल्मार शुरु के लिए � और इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने लश्वन, लश्वन क्या कहा? लश्वन क्यों कहे? वच्चवन से हम इनकी मन में एकी बाव था। क्या नहीं हो? सलाम कर सकते हैं। सुर्भाण लाव दी है, जब सुर्भाण लाव क्या में बाव हो? जो है, जो मन लाव दी है, सीधा जड़ेगा ये जो काम को गड़ना चाहती है वो काम प्रेशी लक्षन कर लेगा। विश्मिन को पढ़ा था कि मैं भाई को क्या करें। मैं जो काम सीधा सोचती भी मैं करूँगी वो काम लक्षन कर लेगा। तो ये बहुत संगर्श था विश्मिन के लिए سیدھا کیسے کیال کرتی نہیں، میں سے کوئی کام کیتی نہیں ہے جو کام میں کرنا چاہتی ہوں گی جیسے کرتے ہیں کیسے کرتے ہیں جیسے کرتے ہیں جیسے کرتے ہیں جب وہ گئے گروہ جی کے بارے میں وہ جو نام کی چھاڑی میں تھی کہ وہ جانے لگے کہ وہ تو پتہ تھا وہ اگر ایک جواب لگے تو لگے تو دوسرے نہیں کچھ ہوگئے کیوں کہ اُنہوں نے جا کا جو خیال کی طرح مذہب کھا رہا ہے وہ سکھتا کرے گا، وہ جو گھانی دی کھا رہا ہے وہ دلائی کھا رہی ہے، وہ پھول کھا رہے گا، جو نے جبائی کے لئے دلائی کھا رہا ہے، وہ بڑھ گلائیں رہا ہوں، جو دلائی کے لئے دلائی کھا رہا ہے۔ اور جب پھر ہی رنگ مختصر پڑتی اور لوگوں نے جب دیکھا ہی رنگ کی بڑی گہری خواب ہے وہ مان گئے ہاتھ میں کھانے کے لئے۔ یہ جس کی تحقیق ہے کہ چیزیں چیزیں بڑی رنگ ہیں یہاں پہ کہا تھا کہ یہی چیزیں ہمارے لوگ देवशक्षिन पारण की आथावेले कोई ब्रामन के धर्वे आए, कोई ब्रामन ने मुझे जिमान्सन दिया, इसका अविशार का दिया, माँश को जाता करते थे, कोई जाता करते थे, कोई आगे प्राब्रती घण में, ब्रामन ने मुझे जिमान्सन दिया, तो जब वो पहुंचे वदर उन्हें देखा कि ये प्रावधिन प्रशारा के लिए आये नहीं था तो वो प्रशारा के लिए बताना था वो पहुंच कहे नहीं नहीं था तो वो प्रशारा के लिए बताना था वो प्रशारा के लिए आये नहीं था तो वो प्रशारा के � देखते हैं कोई स्यादा क्योंको ताम्हारे देखाते हैं। कोई स्थेया के लिए बोड़ तो कीगो। आपने पूसे लगे पुछा रहा हूँ। में इसे तो कीगो। खियो कीगे। खियो के जो सिदा है। मैं कैसे खाओ से, मैंने सोच हो कि मैं आत माँच करता हूँ, कि वो वाजन खाओ हूँ। वो एक मोची था जो की नावने का प्रण के लिए सिर्फ कौन थी, सिर्फ माया तकीश के लिए तकीश के लिए, विश्वाज करो गई बच्च विरू नहीं हो जाएगा। अब नहीं होगा पर। क्योंकि मुझे थी चिन्दा में थे ये सोच कर। ये इसकी तग़ाब पर है। इसमें। रावन। रावन। रावन। आप उसकी किने से थे। रावन कौन था। सुर्या सुर्या। مہماراں کا بہت دوسری موٹی کا بھاگ چھائے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے ڈھڑھے तो जो मायल से वो रगुन दावने पहुच गए वो रगुन दावने पहुच गए वो नुभाव के अंतर नुभाया दर्शन मरते वो उतने मायले पास थे जब उतने वो जब रगुन दावने गए वो नुभाया डर्शन मरे गया मुझे पूरे लिए नहीं हो। मुझे पूरे लिए नहीं हो। मुझे पूरे लिए नहीं हो। मुझे पूरे लिए नहीं हो। एक पुमान जो थे उन्हें क्या किया थे साथ पुछा थे तो में आज़िया दिका थे तो मैंने कहा तुलो तुले यहां से चले जाना थे तो वो भगवान थे ने सुना था एक बत था और लक्ष्वी जी के दॉआला जी कुछ नहीं थी नक्षी को भी लोका था वहाँ के दर्शें देने थे। नक्षी को पढ़ा था कि वो यहां पढ़ाना पढ़ाएगा। जब सल्मान प्यस्या कर रहे थे जब मारा दिन देखा बगावान का किना कहरा समन्द है जब वे देखा तो मुझे देखा सोचा। हम نے गल्दी कर लिए मैं शाप नहीं करना चाहिए जाएगा। गल्दी हो गए। ये परमाण ने कहा ये नहीं चाहिए की जो मैंने शाप हूँ। क्योंकि मैं पगड़ करने चाहिए बहुत ही जाएगा। मैं पगड़ी शत्र करने को बोलकी बोल निमान रहा हूँ। तो बहुत महले कहा नहीं बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहुत बहु شاہی پر نکار کیا جائے گی؟ بھی جنہوں نے بھی مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ مکرشنہ کیا؟ جو جھڑے جھڑے کا میں تین نیرم دے دوں ۔۔۔۔۔۔۔۔ शुरीर बढ़ा वाला तो वो पगड़ लोगे तो भ्याना कैसे भूँ ने अन्यक्षा का पंद बादा तो भ्याना कैसे भूँ जाकर उनके भावे को ہم تو شاہی دیتے ہیں، آپ کو شکوپی کہتے ہیں، کسے بابا کہتے ہیں، کسے بابا کہتے ہیں، دوائی کہتے ہیں، جیسے نہیں ہم کوئی شکوپی نہیں ہے۔ تو وہاں جب جنگہ دیتے ہیں، اُس کو مذہبی پکارنگ کی بڑی نائم پر جانا کرنا پڑتا ہے۔ اور چھوٹے ساتھ شناب کی بارے میں وہاں مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی بھر بمہن راہ مہمی प्रोड़ा के बिल्माल के بھر पच्चा लोटे بمہن راہ कहा लोटे अपने भाज़ानी में खड़े हो गया बहुत साहे बड़ा थी बड़ी पोड़ी थी बहुत साहे बड़ा थी बड़ी पोड़ी थी बहुत साहे बड़ा थी बड़ी पोड़ी थी बहुत साहे जब बड़ा थी बड़ी पोड� पिछा पच्चो को पांते हैं तो वेश्वती जैसे मुझे लगा जो वहाँ राम पिछन में गान प्रजा इतनी सुपी ही ही कि किसी प्रकराय करते हैं जो सागर से जलिया भरत पारी के लिए जो पेल से सब्जी, पूर, किसी चीची चबी नहीं थी। जब वो समझ पढ़ते हो, जब पिर्शुमराज का राज चेज़ जब होगा, पिर्शुमराज का शासन इस नाम, अगली भाव से बड़ावार साथ, किसी प्रकार की चबी नहीं थी। किसी प्रकार का कश नहीं था। मौन गोहन नाम के शासद के लिए आ था ये देखो। परमातर ऐसे लग्जा था जैसे कोई श्मे हो। मुक्राप्पा ये चात्रे में कहते हैं जिस
प्रकार
प्रजाग महसूस वाला प्रजाग महसूस वाला प्रजाग महसूस वाला प्रजाग महसूस वाला मुझे कलीव पे भी आम मुझे कलीव पे भी नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं है नहीं नहीं
है नहीं नहीं है नहीं नहीं है
नहीं नही राज राजे के समय कोई प्रेरा विमानी नहीं दे सकता इसी को कोई विमानी नहीं दे सकता कोई डॉक्टर नहीं दे सकता कोई हास्पेसर नहीं दे सकता बुडाबा पर में आप चुदश सके जो देते हैं अच्छा कोई बुडाबा पर त्यार कोई नहीं दे सकता मिलते हैं मिलते भी आती थी का अब जब आपकी इच्छा बहुती चाहते हैं आप पूछते करते हैं अच्छा जाना जीविन हो गई लो आप मिलते हैं अगर भी कोई चुछ सकते हैं वोड़े स्पास्टने वजा अन्यं सोगी नौकर तो ये सिर्फ का वत्ता द्राख्र दोड़े हैं। वो प्रजा है उनके बाद पूरी शुरू थी यो मान नहीं देखे जो पूरी शुरू थी ये चुड़ा बाद देखे जो पूरी मां गेगा بھی گئیں گے کہاں سے کہاں سے کہاں سے اور گھڑوں کی بھی اچھی گھڑی بھی کوئی چھوڑنے میں نہیں ہوا اور پوراں بیٹھنے میں سوچ رہا تھا کہ یہ کیا ہے؟ یہ سدھی ہوگیا گھڑوں کی تسکی ہے तो यहाँ पर आगे आओने से बुदिया मां। मौन प्रोई यो सर्केपी मैं रोय सावा किया जाता रहा हैं। मैं से बुदिया पाड़े। मां बोह मैं का जो नाई बेशा मौं की सर्केपी पोड़ पर मुटने देन नहीं थी, अगर किसी स्ट्रेक मुझे होते हैं, नाँ मुझे बड़पा होते हैं, अगर ज़्ञान खाने जाने के लिए ज़्ञान होते हैं, इसना स्ट्रेक साथ प्रिया कि एलिविटर की सर्वको रोज जोयें जाता था तो प्रियस के लिए ज़्� और महत्रान खोड़ जाते थे और सीख थे सभाई ठीक बड़ी थे मना राजा थे तो ये देखते थे ठीक आजा हो रहे हैं। तुम्हें जेखें बहुतराम। बहुतराम की विश्विता अलेक्तियान हैं और हमें अपना जएखें। बहुतराम की लिलां पर निकायें। जो लगती बहुतराम की लिलां पर बढ़ता हैं, अपने हिदे में जवीश की शाय है। چھاندے کے اپنی رشتہ ڈھوئے وہ اگل بھاہ نہ دل ڈھونجائے سر پائی کھائے نہ میں ڈھونجائے ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ ہم نے سب کا درشت ملتا ہے، درشت ملتا ہے جناب ہو جاتا ہے، جناب ہو جاتا ہے، دنیا کیا درشت ملتا ہے، پانسا ملتا ہے اور درشت ملتا ہے تیویو میں، مجھے پاکستانی سے ملتا ہے جو دعا لگتے ہیں وہ راج رشید ہیں اور وہ خود یہ بھی نہیں ملتے ہیں गन्दरे में जब विश्णपर्ण पूड़ी चे मंदले को साथ परेसे इसमें अनेक पर चुड़े के तो इसमें आपों पूज्याकर सीख रहे हैं कि तर्पर्ण पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर पूज्याकर بہت ساری ویڈیو کیسے ہوگی؟ मुझे आपकाल अपने अपने आपकाल अपने आपकाल आपकाल आपकाल आपकाल आपकाल आपकाल आप� شکریہ شکریہ شکریہ
شکریہ ہمارے
بہت سو پاکے شادی ہیں کہ ہمیں مہراج کے ملسے پیغان راہ کی علاقہ شرم کرنے کا اصلات ہوا
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