44th Anniversary Celebration of Sri Sri Radha Ras Bihari |15 Jan 2022 | Śrīla Gopal Krishna Goswami

The video records the 44th anniversary celebration of the Sri Sri Radha Ras Bihari Temple in Mumbai, hosted by Śrīla Gopal Krishna Goswami and an emcee (Speaker A). The program opens with greetings and a brief introduction, then moves into a detailed historical narrative delivered by Śrīla Gopal Krishna Goswami. He recounts the temple’s origins in the early 1930s, describing how early devotees in Bombay (then Bombay) envisioned a shrine for Sri Radha Ras Bihari, the challenges of acquiring land, fundraising efforts, and the prolonged construction that spanned several decades. He mentions key figures such as Srila Prabhupada, early disciples, local benefactors, and political supporters who helped secure permissions and finances. The speech highlights archaeological finds (ancient stone inscriptions) discovered on the site, underscoring the cultural significance of the location. Towards the end, Goswami announces the forthcoming publication of a commemorative book that documents the temple’s full history, from its conception to the present day. The tone remains devotional, celebratory, and reverent, with occasional interjections from the emcee. The event concludes with blessings and a call for continued devotion to the temple and its legacy.
Chapters
और आज very nice to have your association over zum do alum is it for in फ्रॉम
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जानते हो ही है। फोर ज इस मंदिर का उद्घाटन हुआ था, आप सब जानते हो की कितना बड़ा संघर्ष किया था। मंदिर में पापाजी बॉम्बे से सम्बंध बहुत पुराना है। 1932 में थे बिजनेस कर रहे थे समय लिया सौ निवासी आये थे बॉम्बे में मंदिर की सपना के मिले बॉम्बे में। और जिन्होने बहुत सहयोग दिया वहाँ बंदर खोलने के लिए। दादाजी नाइंटीन थर्टी थ्री में आये थे थाना के लिए। और बाबा जी के गुरु ने कहा बाबा ने बहुत सेवा की इस उद्घाटन के लिए, उनको दादा जी ने कहा है। और ठीक समय पर वो 4 पर आयेंगे जी का पुराना था यह बॉम्बे 10 साल से प्रॉपर्ली नहीं गुरु को 1936 में प्रॉपर लिखा और कहा आप की इतनी सन्यासी हैं और इतनी सेवा कर और मैं आपके लिए कुछ नहीं कर रहा पत्र में। वही पहली बार
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प्रॉबर्जीकीबोफेमस ने गुरू सलूट किया भगवान लिवर रूप है। तो पर बहुत पुराना सम्बन्ध था और बाबाजी जैसे आप जानते बड़े संघर्ष के साथ पहुँचे। 1921 में। बी ने कहा था तुम पढ़े निकिल युवक हो नई प्रभुके संदेश को देश में। ये था प्रॉपर के मन में,
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पैसठ में प्रभाजी विदेश गए थे विदेश जाने से पहले। प्रबाजीझूखहिला से कई बार पूछ रहे थे। मनाली ने प्रौबाजीका सहयोग दिया था शीवनपबदमकेपदस्कन को प्रकाशित करने के लिए। और फिर प्रौपर्जी को पता लगा की उस धार्मिक और के कई जहाज भी चलते हैं। तो प्रौपर्जी बम्बे आये थे। और वो थे कहा सिंिलेमिकेशनकंपनी जो कार एम्प्लॉइज के प्रोबर्जी रोज जाते थे जी के पास। तो उस समय प्रोबी ने हरी कृष्ण का दर्शन किया था। और उस समय जंगल था प्रोपर के मन में। प्रोपरजी ने ये प्राथना की थी। अगर आप कभी मुझे यह स्थान दोगे आपके लिए 1 बड़ा प्रेस बंदर बनाऊंगा। तो ये था प्रॉपर्जी का विचार सो सेवेंटी इंडिया हेड ऑफ वेस्ट साइकल। बाबाजी को दुख हो ता था यह देखकर कि भारतवासी अपनी संस्कृति को भूल रहे है। तो बाबाजी ने भारत का प्रचार शुरू किया, कहा बॉम्बे से बॉम्बे gv इंडिया, द मोस्ट, इंपोर्टेंट सिटी इन इंडिया, पीपल इन बॉम्बे। प्रभाजी ने प्रभाजी बॉम्बे में मुझे ये ड्रेस अभी भी याद है, कई पत्र डाले थे प्रभाजी को, तो बाबाजी का पहला प्रोग्राम हुआ था विदेशी भक्तों के साथ साथ समाज में, तो बाबा जी ने फाइनल में प्रचार शुरू किया अपने विदेशी सेशयकेसाथबमबेसी और ये पहली बार था भारत वासियो ने देखा विलेरीभसारीतैारी में। बाजी ने प्रचार शुरू किया और इस काम का पहला केंद्र खोला था श्री राज गंगा में आकाश गंगा बोर्ड और मेरे खयाल से तीसरी मंजूरी सातवें मंडल में बंद था, 3000 रुपए किराया देते थे उसमे 3000 और 4 कमरे का फ्लैट था, 1 कमरे में थे। और उसी बिल्डिंग में पाकिस्तान एम्बेसी का भी राज बा लोग ही जो पहला खेल खुला प्रोबी खुश नहीं थे। 4 कमरे का ह, 4 कमरे का बाजी रोज सुबह जाते थे अलग अलग स्थानों में, कभी बला बाइल, कभी वन रोड गुलाब घूमने बने। 1 अच्छा स्थान चाहिए था यहाँ की वो बंद बना सके। तो फिर प्रॉपर्टी को सूचना मिली। 1 मिस्टर एन है नायर जो की उस समय बॉम्बे के शरीफ थे शरिफ ऑनरी पोजीशन और वायरल बॉम्बे का 1 पेपर था। gernal presen a problem paper poबrजiकोसूचना समय जो बाद को 10 हजार लोग यू में 1 सर्जन है जमीन बेचना चाहते है प्रोपर्टी मिले और उन्होंने कहा ये मेरी जमीन है आप ले सकते हो तो उनका सौदा हो गया प्रॉपर्टी में जमीन में खरीदा हूँ मुझे एडवांस देने के लिए पैसा पैसा जमा किया था बंद लेने के लिए वो ही पैसा बॉम्बे भेजा एडवांस देने के लिए। तो प्रभा जी प्रभा जी की इच्छा थी या प्यार की जी की पूजा हुई थी आकाश में बंधन आकाश गंगा शादी से मुर्गियों को अंजू में ले आये तो और 2 और बदले 3 टैक्सियों में 2 टैक्सी में भगवान को अपनी गोद में बिठा कर लेकर आये तो प्रभा जी को पता लगा ये जो है ये आपका बच्चा हमेशा पालन नहीं करते पहले भी उन्होंने किसी को जमीन और जमीन वापस दे तो राबजी बड़े सावधान थे और प्रभाजी चाहते थे जल्दी से जल्दी यह ले जाए। बाबा ने कहा डीडी देर बाबाजी इस विचार के साथ 1 और बात अपने गोद में बिठाकर तो जो मैं शेयर के साथ 1 मंदिर भी बन गया था और बाबाजी 1 तरफ से बाबाजी का झगड़ा था के साथ दूसरी तरफ से जो पडोसी लोग थे उनमें कई रिसाइज किया जिस के तनइजनसनजनशब्दने सवाल किया था और उन दिनों में काफी होटल बने थे इस इलाके में और इरादा था कि भी होटल बना लेगा तो वो बिना नहीं सफल नहीं हो पाया और के अपोज किया या बंद नहीं बना तो यह तरह से संघर्ष है जमीन को जमीन को पूरा नहीं बना। डालने में। व दूसरी तरफ से परमिशन थी बोझ दिनों में लाइन सेवेंटी फाइव में एमरजेंसी क्लियर हो गयी थी और एमरजेंसी के समय 1 अच्छी चीज थी सारे पॉलिटिशन चुप हो गए थे तो गिरा समझाते थे लोग जिले में कभी किसी मंत्री को मिलना कभी किसी को 1 महराष् पॉलिटिशन ने 2 से परे चावल से थे कांग्रेस पार्टी के बम्बे के चीफ ने बहुत मदद की और मे लाया था प्राजी से मिलने के लिए और हमारे ईमानदार आदमी थे हमारे सामने, उन्होंने पुलिस कमीशन को फ़ोन किया गया सी कई बार मिले है
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द्वारा परमिशन मिली मर ने के लिए में मिले so, then we got the prison, the wanted to bill the teपराबाजीकीयोजना। जी का प्रयास था 6 महीने के अंदर यहाँ मंदर बन जाए सो प्रोग्राम ने कंस्ट्रक्शन शुरू किया पहले कंस्ट्रक्शन शुरू किया इन हाउस और इससे पहले 1 डच डिबरी थी डच डिबुरीथेजोप्राबाजी को मिले थे पंडा प्रोग्राम में और जब प्राबाजी को पता लगा वो आर्किटेक है जो प्राबाजी ने उसे अपने कमरे में बुलाया प्राबाजी दिन रात सोचते थे बेबंद क्या डिजाइन होना चाहिए जैसे कोई प्वाइंट आता था प्रौपर्जी सुराब को सुना आये प्रॉपर परवाने राधा गोविन जी भर के अनेक राजा की तस्वीर समझाया क्या चाहिए मुझे प्राबाजी ने स्टार्स के विषय में खास एमपसाइजकियाथा नहीं कि 1 छोटा देश है पर प्राबाजीउसशेयर में 1 होटल है हिल्टन होटल हिल्टन होटल का पूरा डिजाइन, ये भावना बंदर गैस पूरा डिजाइन लोगो को डिजाइन या गया था प्रॉपर्ली को बड़ा अच्छा लगा था समझाया तो कंस्टरक्शेंट शुरू हो गयी। फुस डूइिंग, डिपार्टमेंट, वाइज, कंसट्रक् पर इन का बोल लो जाता था। बाद में हमारा 1 मेंबर थे रमेश जी, रमेश जी, रमेश जी, होली है और
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और कंपनी ने कॉन्टेक्ट लिया ये बंदर बना है। उन्होने हमको कैश दिया था 7 लाख रूपए, महिना था 7 लाख रुपए। महिना कहाँ से लायेंगे? कलेक्शन इतनी ज्यादा नहीं होनी थी। प्रबलजी बीबीजी ने मदद करना शुरू किया तो ये मंदर तेजी के साथ बन रहा था। प्रबालजी जहाँ भी प्रॉपर जाते थे, अपने साथ, दादाजी की मर्जी की तस्वीर साथ थे। or property spend more an fivhunddtडas bombe, five hundred forty five daisen bombe, gas men difice proprty जल्दी जल्दी बताओ as i won to stay in my apartment, tment ready pro go ready तो दरवाजे से कुछ नहीं प्राबाजीकेमनमें, बैठूंगा यह काम जल्दी जल्दी होगा। प्रॉबाजीको 5 बजे उठाकर ले गए और प्रबल जी, या तो ये बॉम्बे का मंदिर बना था, प्रभाजी की इच्छा को पूरा करने के प्राबजीनेराधाराजबरी का वर्जन दिया था। मैं आपके लिए मंदिर बनाऊंगा। और जब जमीन प्राप्त हुई, प्राजी ने कहा प्राजी ने जब जमीन देखी दिया यही घरहै जमीन जिसके विषय में देखिये ब्राही का भाव, उनके पास अंधेरी तक पहुंचने के लिए वो पैदल जाते थे। पैसा बचाने के लिए कोई पैसा नहीं था। जब उन्होंने कहा जब जमीन ग मैं आपके लिए 1 मंदिर बनाऊंगा। जब प्रॉपर्जीनिामे गए थे तो 1 दिन प्रौपर्जी 1 पार्क में बैठे थे और उनके साथ 1 मिश्र रूबन बैठा था। रूबन बस कंडेक्टर, अमेरिका में कोई भी भाव नहीं था, बस कंडेक्टर, कॉलेज और ा। तो उस बस कनेक्टर ने प्रभु से पूछा स्वामी जी व यू टू? स्वामी जी ने कहा मैं भगवान का प्रचार करता हूँ, मेरे बंद है सारे विश्व में केवल आज वो प्रकट ने वाले कल हो एंगे उसी प्रकार का में जमीन की प्रभाजी के बाद बिलकुल नहीं था। स्टेशन पैदल जाकर। ऊपर प्रभाजी ने प्राथना की थी आप ही जमीन 2 आपके लिए सुन्दर बंधन बनाऊंगा। तो प्रभाजी की इच्छा पर ऐसी बंधन बना। और कई बाते हैं जैसे स्वामी बहुत प्रयास किया। प्रापा जी की इच्छा थी या में बंधन खोले उनके वैली वालों टू मंच लेट। जब परवाज अपने फ्लोर कमरे में थे तो नीचे मार्बल की आवाज आ मार्बल को मार्बल लगा लगा रहे थे, तो ऊपर आवाज आ रही थी प्राजी। i hope, this is not disturbing, you making a tempo o e man khulasa junvary intens? उद्घाटन में कई प्रसिद्ध व्यक्ती आये थे, उन में बमबेवाराष्ट्रके थे पाटिल रिकॉर्ड पॉलिटिशन थे, राज नरहन फेमस बन रहे थे, क्योंकि उन्होंने केनपदीपुटवारी स्वामी भी आये थे, विदेशी अखबारों की गये थे। टाइम्स ने बहुत बड़ी खबरें दी थी न उनकी रिपोर्ट आई हांगकंग से। उन्होंने लिखा फ्रॉम रैक बताया कैसे की बिल्कुल थोड़ा कमाल जाता है। कई बार कोई सुविधा नहीं थी। अब इतनी बड़ी गोल वाइट संसार बना रही है। जब जब हम बंदर बना रहे थे, खोजते समय 2 ब्लैक मिले थे बल के पत्थर के, जिसमें मराठी में लिखा हुआ था हलवान जी का मंदिर तो जब हम खोल रहे थे या सीताराम का ऑर्डर है अब उसी स्थान पर अंडर ग्राउंड हमें बड़ा ब्लैक मिला तो हमने प्लैक रखा और 1 दिन पे वो जो कांग्रेस वाली के प्रेजेंस है वो आये थे बाबाजी को पत्र दिखाया पोर्ट मराठी लैंग्वेज ये भाषा 5 सौ साल पुराना है मतलब कि 5 साल पहले इसी स्थान पर नमाजी का 1 बंदर था जो प्रवाज पता चला था की इसी स्थान पर बंधा था ही वेरी वेरी हैप्पी वेरी हैप्पी। तो बोम्बे में प्रावाजी ने कई दिलों को पकड़ लिया दुबारा की आज स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी 1 दिन 1 बजे रात बजे बुलाया buteसedटेजnthe पेपर ने सारी दुनिया के लिए भारत सवाल मैं तो सबको खिलाऊंगा पर 1 शर्त है जैसे हम रहते हैं तो प्राबाजीकमनमेंसला यही काम था के विचार को बढ़ाया जाएगा और प्रभाजी ने हार को क्या कहा बा ने कहा व्रंदावन इस माई होम फिलहाल मेरा का ठिकाना है mayapur please mayapur may in my off, will has to give in the name hemant guys sa mata, so happy to be here on the ocation speaking, we will this the first sevmesini program coal, so we hope that all we get to proper and proper and every harder and propasal prop, please men the legal patel। this was a great fight and this is history somebody to do right a book on taking that insprration publish boresnatispliis the history of our movin bombay probl in ever to get is so kisan probe and cons should be to fulfil probes, i wanted everyone to game cisatembatobein principle of ospiti her very fortunate this is a temple, we have pro and ever the most and probe has many exportation from the temple, so we won request deutiyesopeigin set prison जब हो रहा था जमीन पर prison नहीं मिली थी okay ge the prison सो मेनी बस लोड लोड जाएगी, फिर दूसरी बन जाएगी, फिर तीसरी बन जाएगी, प्रोब से पूछा बा the books on the war and never go in the books on the wall समाप्त किया था सो everyone s happy to have the pevsspeakoywody today hi krishna hi krishna
c रामा रामा रे रे।
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