In this devotional lecture delivered at ISKCON Mumbai, Śrīla Gopāl Kṛṣṇa Goswāmī Maharaja addresses the assembled devotees, recounting traditional stories (including a merchant whose boat becomes stuck in mud) to illustrate the importance of sincere bhakti and collective effort. He emphasizes the ongoing temple‑building project, urging participants to contribute financially and through volunteer labor so that the construction can be completed within a year. The speaker repeatedly invokes the names of Krishna, Gopal, and other divine figures, praising past devotees, reminding listeners of the spiritual benefits of service, and encouraging immediate, enthusiastic participation. The talk blends narrative, prayer, and practical appeals, creating a persuasive, heartfelt call to action for the community’s devotional and material support.
Chapters
हाय के
को
लेक्चर सुनकर आरती मे
भगवान के 10 से लेकर जायेंगे तुम्हे दुगना प्रसाद बलेगा
हंडोभर् बिना
ओम नमो भगते वासुदेवा भवदेव भगदेवा।
o my god jnashlमन यह चीकिशरहोररव
आप
से बंद हार्दिक स्वागत आज 5 में देर हो गयी 5000 2 ग्रेड मिस हो गए और हम 5
बार है
तो खुश हो गी थोड़ा सा है। तो आप जानते हो की कई सालों से आपका मदद मोहनजी का मंदरइकाकार्यक्रम चल रहा है आप से जब हमने मदद
मोहनजी का पूजा की
हे तो हमारे शासन का आ गया है बंदों का निर्माण करना केतने महा भूले हैं।
स्वामी
वही महत्वपूर्ण शिक्षा जी जहाँ पढते
हो सामी
के गंदा गिराज राजी मुसम्मन
राज्य के राज्य का अब सुनाई दे
रहा है, पीछे सुनाई दे रहा है उस कोने में ये जो
पंखा तो सुना दंग स्वर उनके भाई की रुचि
नहीं थी सरकारी नौकरी में और जबरदस्ती काम करना पड़ा तो
नौकरी भी आगे
तो हे स्वामी से कहा मंदावर जाओ और इन मध्यपुर 1 बदलो का निर्माण दूसरा उन सालों की स्थापना करो या
भगवान ने दी लीला
और तीसरा बाकी
सम्बंधित
बोले 10 दिन के लिए प्रयाग में ज्ञान दिया था।
1 महीने
वृधानमेंजोजारों मंदर देखते हो सब
पर निर्माण
और कई बार हिंदुस्तान में
अमीरी आप इतने मंदर क्यों बना रहे हो? इतने मंदिर हैं
तो में शीर भक्ति
का भगवान पर सेवा
तो
कई साल ले और सारे भक्त जो उपस्थित थे हम झूठ मत कर के कुछ साल
से समय से ज्यादा हो गया है है की सब
की नारी ने जब
अपनी कुटी बना रहे होते हो आप क्या प्रयास करते हो पूरी बने
10 पंद्रह साल में क्या प्रयास दिन रात मेहनत करोगे जल्द से जल्द ही मोहली
स्वामी ने सकारी नौकरी छोड़ कर न किया हो।
ये
मधुर
घर घर जाकर आवश्यकता का
महा
मधुमखी मखिया
है अपने लिए तो जीवन
में पेड़ों के नीचे रहते थे
भगवान की क्या बनाया जाए।
मैंने कई मंदिर देखे 10 पर मैंने भगवान से पूछा ये मंदिर कौन बनाता है, सरकार बनाती है धन कमाएंगे सबसे पहले भगवान और उसके बाद क्या है हमारे हिंदू भाई बा हम बनाएंगे अपने घर और बच्चों का, फिर पोतों का और कुछ चिल्ला बच जाए के साथ। इसलिए मिली तेजी के साथ े
मंदिर का उदाहरण दिया था।
उधर से दूर नहीं है यहाँ से और में यारो भाग जुड़े है घर जाकर
तो है। इस नेवर टू लेट
कितने भी
अब
भक्तों को प्यार का
जल्द से जल्द समाप्त हो गया
जल्द से जल्द सब
में से कितने भक्तों का विचार है। जल्द से जल्द करना चाहिए।
मंदिर भी वैसे बढ़िया
और अच्छा है। आप जल्दी से जल्दी सनातेगोस्वामी मोहन की प्रार्थना करते थे
में 1 समय यमुना के तट पर बैठ कर भगवान का चंदन करते थे। उन्होंने देखा की सामने नदी में 1 नाव जारी है और नाव में ए 1 व्यपारी बैठा है।
तो की थी फंस गई मिट्टी में
और शाम का समय था मेरा आने वाला था व्यपारी
को
तो बरपाली है। वो आया देखा की की कृष्ण भगवान की भगवान से पता है अब मुझे बचाओ इस कठिन स्थिति से अगर मैं धन कमाऊँगा आपके लिए मंद
व्यक्ति से
धन चाहिए उसे जो लोग पीड़ित हैं
दिशा जी
भगवान कहते है 4 पूरी आत्मा है ये कम से कम मेरी तो फिर बरपाली ने भगवान से प्रार्थना की और यह देख माँ जो फँस गयी थी मिटियो में वो
बहुत पैसा
कमाया और फिर यह पैसा लेकर आया
बंदर बनाने लिए पैसे
बहुत ही सुन्दर
है मोहनजी का बंदर तो बंदर बनते
हैं प्रजा की भलाई करे और जैसे
जो बंदर बन रहा है ये किसी
की भलाई करे हम लोग
कमरा रहता
यह साधारण प्रजा के
और भगवान के हाँचेविगराकीस्थापना करते है आज से विला का
अर्थ है की भगवान तुम्हे कोई अंतर नही भगवान
गोल राधाजी ने सपने मे
कहा हे मा मा बन रहा है
मुझे बहुत गर्मी लग रही है
और मुझे दबाया हुआ है पुजारियो ने आके मुझे यहाँ से उठाओ जब
राज्य था
खासकर के उत्तर भारत में तो बहुत से बंदर कुमार खंडन हो गया और बहुत सी मुर्गियां को जायपुरले गये और बहुत सी मुर्गियां को पृथ्वी को खोज कर नीचे छिपाये ये है गोपाल दुगा गोपाल बिगड़ा की स्थापना की थी भगवान के कैंसर में वो
अनिल पुरी ने
सपना सुनाया सब ने कहा चलो खोद कर देखते हैं सच पौधा खा ले तो पुरी ने हे विवाचन सहयोग से
भगवान की स्थान 2 दिन में उन्होंने
सारी तैयारी कर ली और फिर वो
सारे बृजवासी
हर खानदान भगवान के लिए
को
और हमारी सम्पत्ति की जाती थी ये देखकर कि कितना कितना खेती है है तो 2 साल जीता पूजा
पूरी ऊँचे कोड सुबह से रात तक अकेले भगवान का भोग बनाते थे, भगवान को अभिषेक करते थे
और सोते थे रात
के 10 बजे रात के 10 बजे सोने से पहले
आना प्यारा
फिर थोड़ा जी जी सकते है सेवा भगवान भारी मुझे अभी भी गर्मी लग रही है
ग ये
साक्षी को
इस प्रकार गोपाल
विग्रह साक्षी बन गए है
तो आप सब छोटी बिती होने जा रहे हैं
मेहनत करके चंदा मांगा, चंदा पनीने, थोड़ी मारे
और ये कार्य करके आपको भगवान
में
आप सब से निवेदन है के काफी समय बीत गया है और आप सब प्रयास करो जल्द से जल्द बंद कर लेगा कई हजारों लोग आयेंगे अभी
आये मेरे झूठ में वो बंदर बना
उससे पहले मजा रो रहा है लोकेशन भी बहुत अच्छा है 1 रूप से इतिहासिक भी है सुना कि यार सामने
गुफा था
पांडव गुफा था वनडे भाई
यहाँ आए थे बोले
हाजी है और
लोग रंगे
प्रयास करना है और प्रयास करना है की 1 साल के अंदर अंदर समाप्त होना चाहिए
सा तैयार होने हैं
हरे हरे हरे राम हरे रामा रामा रामा हरे हरे किशहरेशकृष्णकिषण रे हरे हरे राम हरे राम राम हो राम।