Sri Gopal Krishna Goswami explains how chanting God's divine names while recalling his teachings lets you experience his presence. The real barrier to spiritual life is an uncontrolled mind. Even wealth and knowledge mean nothing without mastering it.
Chapters
भगवान के दिव्य नाम में उनमें कुछ अंतर नहीं है। भगवान की शिक्षा में उनमें कुछ अंतर नहीं है। जब हम उनके दिव्य नाम का उच्चारण करते हैं, क्या उनकी शिक्षा का स्मरण करते हैं, तो हम फिर से भगवान की संगत को अनुभव कर सकते हैं। जिस प्रकार राज ने भगवान की संघर्ष का को अनुभव किया। इसलिए कहा गया है के अनेक लोगों के द्वारा की अध्यात्मिक जीवन में भोंका प्राप्त करने के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हम अपने मन को जीतने का प्रयास करे। अगर हमने मन को बस में अगर हम मन को नहीं जीत पाए,
तो अगर हम
सारे विश्व को भी प्राप्त कर ले और मन को नहीं जीते। हमने कुछ प्राप्त
नही किया। इसलिए कहा गया है
मन मन बाबा, मन के द्वारा मेरा प्रणाम करो, मेरा स्वादन कर। भगवान छठे अध्याय में कहते हैं कि जिसने मन को जीत दिया, शांत रहेगा, जिसने मन को नहीं जीता, वो सारे विश्व की धन की। कभी शांत।