भगवद गीता के माध्यम से भगवान् हमसे क्या कहना चाहते है ? | BG 18.65 | 21.11.2017| ISKCON Yamunanagar

The video is a devotional lecture delivered in a mixture of Hindi, Urdu, and occasional English, featuring two speakers (A and B). The core of the talk revolves around the teachings of the Bhagavad Gita, especially verse 18.65, and the broader message that a devotee should concentrate the mind entirely on Krishna. The speakers repeatedly chant "Krishna, Krishna" to create a meditative atmosphere, then explain that the Gita offers a universal solution to life's problems when read with sincere attention. They stress that all actions should be performed as offerings to Krishna, that the mind must be single‑pointed on the divine, and that true knowledge arises from devotion rather than intellectual analysis. The lecture also includes spontaneous multilingual interludes, anecdotes, and calls for listeners to adopt regular study and worship practices, promising spiritual benefit and inner peace. The overall purpose is to inspire the audience to read the Gita attentively, adopt Krishna‑centric devotion, and apply its teachings in daily life.
Chapters
अरे कृष्णा अरे कृष्णा आसा भसंगाना जेक स्वागर अरे कृष्णा अरे कृष्णा आसा भसंगाना जेक स्वागर अरे कृष्णा अरे कृष्णा आसा भसंगाना जेक स्वागर अरे कृष्णा अरे कृष्णा आसा भसंगाना जेक स्वागर अरे कृष्णा अरे कृ कुछ दिन में एक बहुत शुब अवसर आगे वाला है क्या है वो गीता जेहनती कभे गीता जेहनती आपकी हर्याना में सरकार कभे पैसा खरच रही है जैसे सब भूबे दूंदा उसके तना मैंने सोचा की दीदा की विशे में चर्चा की जाएं आज मैं पढ़ा था कापड़ी लैक पासर जिसे उन्होंने था साने वेलिक शालतों का सार्थ भगवित घीता में है और अगर आप घीता थिकान से पढ़ो तो उसका अणत है पुरे वेलिक साहिक्ते को आपने पढ़ लेगा वेलिक साहिक्ते को पढ़ ले जाओगे जीवन की समाथ में साथ पुरा ही पढ़ लेगा गीता में क्या है वेलिक सालतों का? अगर हम गीता को पढ़ें समझें अपना हैं गीता के उदेश के हैं उसका जीवन मिता रहें तो जीवन का रख्ष बात होते हैं अब एक बड़ा प्रछेत स्लोग है गीता का ये पर्चल सुनाएंगे ये अथार्वेद्या है गीता ऐसे
मन मना भव मत भक्तो भध्याजी मां नमस्कुरू मां में विश्यसी सत्यंते प्रति जाने प्रयोसी में अनुवारण सदया मेरा चिंतन करो मेरे भक्त बनो میں بچن دیتا ہوں کیونکہ تم
میرے پرم پریئے میتر ہو ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔
मेरे भक्त बनो मेरी पूजा करो और मुझे नमस्कार करो इस प्रकार तुम निश्चत रूप से मेरे पास आओगे मैं तुम्हें वचन देता हूँ एक तुम मेरे परप्रिये वित्र हो व्यवसाइन ध्यानी बनना ठीक नहीं। जीवन को इस प्रकार ठालना चाहिए कि कृष्ण का चिंत्र करने का सदा अवसर प्राप्त हो। मुनुश्य इस प्रकार कर्म करें कि उसके सारे हिनित्य कर्म कृष्ण के लिए हो। वे अपने जीवन को इस प्रकार व्यवस्तित करें वे निश्चित रूप से कृष्ण थाम को जाएगा, जहां वे साक्षाग कृष्ण के सानिध्यमें रहेगा। ये गुहितमं ज्ञान अर्जुन को इसलिए बताया गया क्योंकि वे कृष्ण का परम प्रिये मित्र है। जो कोई भी अर्जुन के पथ का अनुसरन करता है, वे क ये शब्द इस बात पर बल देते हैं कि मनुष्य को अपना मन उस कृष्ण पर एकागर करना चाहिए जो दोनों हातों में वच्ची धारण किये सुन्दर मुख वाले कथा अपने बालों में मूर पंथ धारण की हुए साम्दे बालक के रूप में हैं कृष्ण का वर्ण� भगवान के अन्य रूपों के ओर नहीं मोडना चलें भगवान के नाना रूप हैं यता विश्णु, नरायन, राम, वराह आदे कित्व भक्त को चाहिए कि अपने मन को उस एक रूप पर केंद्रित करें जो अर्जुन के समक्ष था कृष्ण के रूप पर मन की एकाग्रता ज्
کوئی ڈھونک ओह ज्ञान ते मिरंदा ज्ञान। ओह ज्ञान ते मिरंदा ज्ञान। सदाखया चक्चोरु नुरेतं खेना असमैश्री نہیں गुरुवे नमः। श्रीके तन्या प्रभू ہے नित्यानन्दा। स्वियक्वेन्ग्राव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्याव्या� भगवत घीता विश्व का सबसे पाशीन ग्रंद हैं भगवत घीता के जिहाज आप घीता के चौते हैं नहीं होगा तो मैंने घ्यान था मैंने घ्यान क्या था सबसे पहले किसे सुरे के लिए था वो नाम क्या था जैसे घ्यान मुझें को पहुंचा तो मैं प्रशित तुम्हें देखा हूँ, क्यूं? क्यूंकि तुम्हें मेरे मिठ्स हो और प्रशित हो। इसलिए तुम्हें प्यार के लिए सिद्धों समझ पाओगे। जैसे प्रापवाजी घीता के पूमिकां मैं समझाते हैं, कि अगर आप घीता को समझा चाहो, तो किसी भ जब से बाबा के लिए तरुप प्रकाश्यत हुई है रौप के जाने में खुशी होगी। ये लगबाग 90 भाषाओं में आज बाबा के लिए तरुप रौप से हैं। और सारे विश्वितों लोग घीता पढ़ लेंगे। क्योंकि इसमें हर समस्या का खल है। हर प्रश جیتہ کے دورہ اگیانتہ دور ہوتی ہے جیان پراپس ہوتا ہے دو پرکار کے جیان ہیں سماج پر بہت ایک جیان اور بہت ایک جیان کا وقت کونے پر پراپس ہوتا ہے پھر جہاں تے جیان بڑی خشنہ ہی سے پراپس ہوتا ہے اسی جہاں تے جیان جیتہ دورہ یہ ثابت کیا گیا ہے پرم بھگوان کون ہے ایدھے دولوں کو یہ سکھ سے مل دیا ہے کہ آپ کا اصحیح سلوک کیا ہے. اکیانتاں ہم کیا سوچتے ہیں کہ یہ ہی ہمارا اصحیح سلوک ہے اور سوال سراتھر بیعث رہتے ہیں دے کو سنسوش کرنے کے لئے. کیا ہم دے کو سنسوش کر سکتے ہیں, جنہیں کو سنسوش کر سکتے ہیں. شاید کتنے بھی سبیلہ مل جائے نہیں کر سکتے تو یہ سمجھنا ہوشک ہے جیسے اگر آپ ڈکھنا پڑھنا شروع کر سیکھنا چاہتے ہیں تو بچوں کو سب سے پہلے کیا سکھاتے ہو کھل ڈھک ڈھک ایک بھی سی دی ہے نا تو ادھیات و کھیان کا ایک بھی سی دی ہے یہ جگہ دوسرا دی ہے جہاں کی امان کہہ رہے ہیں کیونکہ آتماں ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن ڈھن प्रते से खाल करते हैं। भावुत अपने तीसे स्कर्म में जनानुती माता जानते बेटे को कीला देव से पूछे हैं। बेटे ये बताओ किस प्रत देव में प्राप्स होगा। जानानुती माता जानते बेटे को कीला देव से पूछे हैं। बेटे ये बताओ किस प्रत दे� इसके अनीक साक्षीर हैं सुर्या के देवता, चंदर्मा के देवता, चंदर्मा तारे, पहले के देवता, इसके हाल सुर्या के देवता, चंदर्मा तारे, पहले के देवता, इसके हाल सुर्या के देवता, चंदर्मा तारे, पहले के देवता, इसके हाल सुर्या के देवता, � तो घीता का संदेश क्या है सर्वधनापर्देते कारते हैं सब इच्छों को त्यागो बन भरी देवो तो प्यों करो किस लिए हमारे किस लिए होते हैं। तो घीता का निर्ण है क्या है भगवी योग एक साथ में जिसके दारे में आप जीवन की लक्ष को प्राप्त कर सकते हैं। यह शीवत भगवता का निर्ण है यह घीता का निर्ण ह महमें कहने हैं सदारा तो मेरा चिंधन करो ये कठिन हैं पिसादे कठिन हैं महमें कहने हैं सदारा तो मेरा चिंधन करो तो आप पूछ सकते हो ये थोगा कठिन हैं अले उपाएं हैं। एक तो हैं जैसे अपारी सात्वरें भी कहा रहे हैं। भुगवान का रूप। भुगवान आपके होगो पगड़ करते हैं। आच्छे विग्राह की रूप हैं। जैसे आपके मंदर में शी शी रादा कुछ भी हारी का बहुत ही सुन्दर بھائی بھول جاتے تھے کس کا درشنا؟ अनमान। ये ये गुलाते थे। पिर बग्बान्जी लीला हैं। बग्बान्जी लीला की कुछ कभी हैं। हैं। जैसे अभी कार्थिक अमनीन समास को आये। हाँ। कुछ दिन पहले। और कार्थिक के वाज़े में मैंना کس पराथा का उचारने नहीं करते हो यह बगवान की बड़ी पसिश लीला है नामदर लीला जिसमें आप पढ़ते हो किस पर येसर नहीं आता हो छिंदित से रहती थी कि मेरे बेटा प्रोस की घराबे मुझे सर्चु चुडाता है शैल और मंखे जाना चाहता है नर्मणाच के पास दो लाग आए थी जो सची सी हीरे हो दिया के साथ नर्मणाच के पास दो लाग आए थी जो सची सी हीरे हो दिया के साथ नर्मणाच पास दो लाग आए थी जो सची सी हीरे हो दिया के साथ नर्मणाच के पास दो लाग आए थी जो सची अगर सी हीरे किसको बात हो दिय पाठ रहे थे बंदरों को कहीं बात रहे थे सुद्धा माधर बेटे को चाट रही थी तो बेटा कहता था उन्हें बंदर हुणा ना बंदरों के राजा कहना होगा जाने तो मुझे बंदर। फिर माधर कहने के लिए नहीं कि उन्हें कहना होगा क्योंकि सु� बगवान को बानने का प्रयास किया तो ने एक रसी ली तो दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसरी, दूसर पर इतनी रस्य में जोड़ा जो भी बान नहीं पाई। ये इतनी बग़बाई की शक्ती। तो जब भगवान ने देखा सब हस रहे हैं। कि सब सोच रहे हैं। तो सब बगवान था इतनी निकम ही हैं। कुछे बेटे को बान नहीं सकते। तो बगवान ने बान रहे हैं। तो दो ग्यां चोड़ी हुनी चुदी दो ग्यां हम होने की विव्याक्षा क्या है। एक विव्याक्षा का खारत यह है। अगर आप भगवान को समझना चाहते हों, आपको प्रयास करना पड़ेगा, कोई त्याखना पड़ेगा, त्रपस्या का पादन चनना पड़ेगा, प्रेर کہ ये नहीं, मारे ज़्यावनें भाव हैं उमके, भगवाईंगा दर्शन कराओं, I want to see God. अच्छा कही बार पिचार के तरह हम तो प्रभव में थे, तो कहते हैं, I want to see God. तो प्रभव में कहते हैं, कोई स्वर्ष्ण है, कोई क्वालिपिकेशन तो सीखो, � योगिता मुणित है ताले मुणित है तो प्रास्वाती हैं बनती के लिए तो भगवाण क्या नहीं की रहे है तो कार्टे के महीने में आज वो ने शायद गोधारपरेक्षा भी किया हूँ सिद्धे मंदरे गोधारपरेक्षा क्या है आज देखना है शायद भवानी गवाना देना ये कोई चोड़ी है देव सहाँ क्रोड़े हो गया थे क्योंकि भवान ने नानमाराच और उससे किसागं का इंदर ये के लिए गवान देना कई बाद देव सहाँ गवानी हो जाते हैं तो इंदर दे पोचा एक छोड़े लड़के के कहने पर यह नहीं है या क्या रुप। यह नहीं है या क्या रुप। यह गोमर चलो तुम पाड़े करो। इनने से तेजी के साथ कौसे पाड़े के लिए हैं। सम्मत पे पाड़े। जो इतने देगी से खंडने, लाइकने के लिए हैं। और गावों की वाल सुने पर आट टाइक हो जाता है और पाली का हर बूंद खामे जेना पाली था। भवानों देखना तुम्हें पास देखें। देखा अब दुखने वाले भवानों की सुरक्षा की कैसे भोजन पर उठाया तो भोजन पर उठाया तो कैसे उठाय ہاں؟ اور اُن دنوں میں جو گولان برود تھا، آکاش جتنا اوچھا تھا، جب آپ ربان کی عدود علامی خرچہ کرتے ہوں، کھانے کے موڑے گوالےوں کے ساتھ तो भगवान क्या नहीं खिल रहे हैं? आगे से कितने बगतों ने भगवान की देश्विस्कान तो पढ़ा हैं। तो आज पर एक जीज़ हो रहा है। तो ये देश्विस्कान तो भगवान की नहीं कर मुझे लगते विश्वित पढ़ते हैं। जब भगवान ने कहा نہیں, میرے بھائی نے جھوٹی شکایت لگایا یہ کہتے ہو سمجھ, وہ ہار گئے لیکن آپ کو بیشواظ نہیں ہے کہ میں موک پھول کر دکھاتا ہوں میں موک پھول کر دکھاتا ہوں میں موک پھول کر دکھاتا ہوں میں موک پھول کر دکھاتا ہوں میں موک پھول کر دکھاتا ہوں موک دکھاتا ہوں موک پھول کر دکھاتا ہوں موک پھول کر دکھاتا ہوں موک پھول کر دکھاتا ہوں موک پھول کر دکھاتا ہوں موک پھول کر دکھاتا ہ کچھ لوگ پوچھتے ہیں چندن کیسے کریں एक उनकी रूप का दूसरा ऐक उनकी अनेक लिणाव का पिर एक एक और उधारत है उनकी उपदेश का और उपदेश कां प्रात होता है विदिक सासन में खाल दलके विदिक सासन में विदिक सासन में � आगवार पढ़ते हैं, टीवी लिखते हैं, जानना चाहते हैं में शुक्षापी तो हैं पर दीडा के असानेश हैं, मुझे बहुत नहीं हो जानते हैं तो बहुत महली दीडा के संदेश हैं तो बहुत बहुत नहीं हैं आप भगोता में सुधामा ब्राह्मन की कथा पढ� सुदाम ब्राह्मान रामिन था। रामिन जो है हर स्थिति में सन्दुष रहते हैं। यही नहीं है। कुछों को तो उसे लिए रहते हैं। वो सुदाम ब्राह्मान को सन्दुष था। उसकी पत्मी पर वो गरीब था। आने के लिए भी करिया है कोई जोना दाता है। उनकी बच्मी ने कहा, तुम्हारे एक दनी बित रहे नहीं है, तुम्हारे काप्यों मिलो। तो वहार मिलने गयें, दावां काप्यों मिलने गयें, अब देखें पियां में से सिखा गयें मिलने। तुम्हारे न سارے محل کے جو چھوٹے جارہے تھے جو گھڑوں نے دیکھا کتنے سنے کے ساتھ خال بھگوانیزم کی برامل کا سماجھ کرنے جب برامل کی پھڑی دھوتی تھی ڈھنڈی دھوتی سوال بھگوان کے محل میں بھگوانیزم نے کہے کہ چلند ہوئے یہ دکھانے کے لئے کس بگاہ برامل کو سماجھ کرنے جائے उन्हें अपनी पश्वर की दीनां का समालन्य के लाए। पुर्शिदावा ब्राह्मन कुछ मांगे बेना लौट देगी थी अलिगी नास्ता में सोच वेट थे। मैं ही दूर्चे आया था पकीदे प्रेणर दी थी। मैंने कुछ मांग आई थी उन्हें जो घर लौटे क्या � میں دیکھا یہ کھوٹیا مند نہیں ہے بھال یہ نے مجھے کے ساتھ سجی ہوا پتی پھر سزا پڑی ساری میں ہوئی تھی لہنگی ساری یہ نے مجھے سجی ہوئی تھی سمجھ گئے یہ میرے میں سجی ہیں بہت سے اوپر ہم کہتے ہیں ہمیں بھی سنامہ بھارت کا لاپ راکھ سکتا ہے وہ بھی اپنے گھڑ گھڑ گھڑ گھوٹے کے سو سکتے ہیں کیوں کہ ہم دھارت محل بن گئے ہیں اگر ہم کوئی دفاع ہوں جنگی بھارت کا تنقل کریں تو شیطان ہم ہو سکتے ہیں پھر اس وقت بھارت کی اندیگی ملائے ہیں وہ भवान के नामों के बिशे में प्रिश्मान करो। जैसे आप जानते हो, इस संसद्वान कौन से मंतर का पुछार हो रहा है? कौन से मंतर का? क्यों? क्योंकि ये शान संदवों पे हरे नाम हरे नाम हरे नाम एवा केवला लोग जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्तेवा जस्ते� शुग्रें को सुमेंदा कलें तो सेडे ने राजन ने राजा कलें को भी दोसी दोसे ये सचे हैं कल? हाँ? आप तो पुरे हाथीर को फिर दिवाभू करते हैं सचे यह जुड़े हैं? सचे सचे हैं आज कल सब के पास है स्मार्ट फून कितने पर करीबा स्मार् पिरे स्मार्ट पॉन थे हैं इनका सुन्दर पॉन भी कह सकते हैं जो भागते हैं हमेरे स्मार्ट पॉन पे तौकों की गंदों को पिठाते हैं तुम्हारे की गस्विनों को पिठाते हैं वो जो भागते हैं वो स्मार्ट पॉन भी कह सकते हैं वो नहीं कहती थी जन्द सब जुड़े हुए हैं उनके स्पार्ट-पॉन के साथ अपने तुम्हें मैं कहमार देखता हूँ शुरु से अंतर मैं बेड़ती यहाँ सिर्मा देखाया है कोई स्पार्ट-पॉन सब स्पार्ट-पॉन ने इतने पुर्ण बलू जुड़े कारण करेंगे त तो कलिवा में दोश ही दोश है पर एक गुन है इस कलिवा में क्या है किषनन किषन तो कहीं बाहर पूछते हैं वो अगर आप हर किषन मंदर लेंगे तो हमें क्या लाद मिलेगा क्या लाद मिलेगा और क्या हैगा 6,000 पर मार्जिनन एक लाद ये है कि इतने में जो प्रहल है कांग्रों दो वो मन्मसले के लुप हैं आगे चेतने वाहरों कहते हैं अनन्द्र बुदी वर्जतम नाम लेने से अनन्द्र सुक्षांती आज समान्दर सुख है शांती है उसके बदने क्या है चिन्ता, निराशा, तनाव, बेचेन हैं सच तो इस घरीगा में ये हरी नाम एक उपा है तो दीली स्मभन करो हरी नाम की महिमा और हरी नाम के दुआरा वो क्या कह रहे हैं मेरा चिंत्त करो भवान को चिंत्त करने कहा हैं कि नहीं सादन भवत की दमें शासन का गया है जहां आपका मन होता है विद्ध के सबे वो इस पकार का देवरात होगा अन्ते नरेंच प्रिदी शासन नरें नहीं है प्लीज प्राजी योजिना करो कि मिर्ति के संगाई पा मंद का हो। वहाँ मुझे चाहिए चाहिए। माल बावा मिर्ति के संगाई आप सोच रहे हो। अरे इतनी बड़ी कोटी बनाई मैं नहीं है मुझे। मुझे प्रिवाद 20 साल ही रह रहे हैं। पर और साले मिलना हैं। � کسی کھڑ کو لکھے महमने महम पड़ते हो मारत भारत की करता है मारत भारत पृठी में शासन करता है पुछ पृठी में इन्धान सुख था कि एक पूरे पृठी को मारत वर्ष नहीं जाता था शासन करने के बाद अजारों सामन का उन्हें त्यागा और जंगल में गए भगवाईन अधिन देख करने के लिए वोन ने देखा एक दिन एक हिर्णी का पीछा की शेर कर रहा था हिर्णी के पेट में की बचा था हिर्णी ने चलांग लगाई मन कोई सलाब एक स्थान है और अगर मन मलगता है تو کیا کروں ملک دیوان کو کیا کہہ جاتا جہاں ملک دیوان محبت دیوان اگر مرمان کہہ رہے ہیں میرا بھاکت بنو مرمان یہ نہیں کہہ دے کسی دیوزہ دیوی کا بھاکت بنو مرمان سمجھ کیا کہہ رہے ہیں میرا بھاکت بنو میرا چندل بنو میری شرم بنو یہ ژیتہ کفیش کون جلد ہے कौं ये भगवद गीता को देखते हैं? भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भरम भगवद भगवद भरम भगवद भरम भरम भगव� जानती देवा बाता देवा बाता तो देवतार की उपानता चलेगा देवतार की उपानता जाएगा तो जो मेरी उपानता चलेगा न वो ही मेरी उपानता चलेगा भजभजत तो किष्ण भजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभजभज कृष्णमत्ति तुम्हारा ने एक देशा देवियों सबको हम प्रतन कर सकते हैं। तो भगवान कहते हैं मेरी उपास्ता करों और मुझे नमस्कार करों मेरी उपास्ता करों हम भगवान की उपास्ता करते हैं अच्छे आच्छे आच्छे रूप इस आर्चविग्रव भगवान में कोई अंतर नहीं। इस परकार भगवान के नामों में कोई अंतर नहीं। पर आर्चविग्रव की उपास्तां सांसन सिख्षा के थार पर खिलाती है। मुझे नमस्कार करो। दूसरे शब्द में मेरे शद खत हो जाओ। जैसे भगवान घी कहने ओजी दिधासिया, चैसे वसंदी कोंगेया तत्वरिश्वमन जो भी तुम करो दान दो तो वैसे करो इसलिए मेरी कुछ है तो घीता का निर्णे क्या है कृशित भवान परम भगवान है और ये निर्णे अजिन्ने विस्तिका है अजिन्ने ये भी कहा असीता देवल व्यासा सर्वाई यही नहीं है। कृष्णाति उरुभ भगवान पयव। घीदा के हर स्लोके द्वादा पढ़ते हो शी भगवान मौचा। शी भगवान मौचा का क्या अलथ है? परम भगवान पूरे। जब आप घीदा पढ़ते हो तो आपको यही सूचना च भगवान आप से चर्षा कर रहे हैं। अर्जिन ने जो प्रशन पूछे, वो वही प्रशन है, तो आप और हम पूछते हैं। अर्जिन तो भगवान के सनातन साथी हैं, तो वो अग्यांतन कैसे हांगे। तो वहाँ ने वर्षी स्थिति बनाई, कि घीता का उदेश देपा हैं घीता का अध्यान बहुत ही आउच्छत है। शर्षेव में घीता का संदेश है। निस्कापभाव से हमने कारे करने जाएं। निस्कापभाव से करोगे तो मन शांत है जाएं। चेतरे चेतरे तरे एक स्लोक है। कृष्णा भक्त निस्कामां अतयेव चन्ता। भुब्ति भ� जिसका भाव से कारे करोगे लोगशोंते बचते हुए तो जोगशोंते स्थानता होगी ये घीता में पड़ा से नवधारा नहीं कमन पूर्ण जल में है तो जल को छूता नहीं तो जोगशोंते पड़ा से नवधारा नहीं कमन पूर्ण जल में है तो जल को छूता नहीं तो एक नाम दें घीता को धियान से पढ़ना चाहते हैं। आम जब ज्ञानों के त्यारी करते हो धियान से पढ़ते हो न। ख्रासर क्या कहते हैं अप आये जी में जाने के उम्हीन रखते हो तो बोधी उम्हीन रखते हो नी पढ़ते हैं। घीता को भी उम्हीन धियान से पढ़न अर्जन भवाने अर्जन को कही थी। श्रतार्ण ग्याइ में भवाने अर्जन ते पूछा, क्या तुमने ये सद्दे ध्यान से सुना है, क्या तुमने ये ज्याद्या अब दूर हो गई है। अर्जन ने कहा, हा हा मैंने ध्यान से सुना हूँ। तो घीता का सद्दे, जिन गीता का संदेश किया है कि हमें हर कार्य करना चाहिए हमें भवान की खुशनी करना चाहिए हमें भवान कहते हैं जैंके डाना तरमस्या तीं चीजों को मत यालो जैंके करते हैं जो मुझे सौपती का सानन पर इसके उसके लिए हमें अगर मुझे सौपती का सानन हैं भ� सबसे उच्छे दान क्या है? ज्यान का दान हम बोधिक समायन स्पुर्ष्टे हैं हाँ हाँ वास्पिलों में दान दे लिया थी प्रियोग के शाड़ी करा दी नहीं अस्तिर दान है वो ज्यान जिसके उप्योग से तिर्मविर्दिक बंदन से तो आँ सब से ये विर्दी है यहाँ हम जीता को पढ़े हैं आँ में से चितने फर्त हो इस समझ में भिरोर जीता को पढ़ते हूं और आँ में से चितने फर्त हो जेकि धर्म में भवति लाये तरुप गीना है सब के पास तो पढ़ते हैं शोड़ी विश्वान के लिए तो सब जिन्दिबाद गीना ने क्या करेंगे ना पढ़ते हैं और भगवान गीना के खाड़े दाएं में ये भी कहते हैं सुष्णा देखते हैं कि सबसे प्रिया भक्त कौन है भगवान क्या कहत उसी जदा ट्रियर है। जगर हुआ है हाँ। सही बाद लोग पूछते हैं, मत पूछते हैं। वहाँ कोई शॉर्ट्रेट नहीं है भगवाण की किपा पास। क्योंकि यहाँ एक शॉर्ट्रेट है और चार करों। विकीदा जन्दी उपताच्छों में भारत प्रयास कर भगवान का कियान है तो घीदा पढ़ेंगे सभी जीवत में सुधारेंगे घीदा पढ़ेंगे सभी जीवत में सुधारेंगे घीदा पढ़ेंगे सभी जीवत में सुधारेंगे घीदा पढ़ेंगे सभी जीवत में सुधारेंगे घीदा पढ़ेंगे सभी जीवत में सुधा तो भवान कहते हैं सब भवत में सुसुर्फी हैं जो प्रचार करता हैं तो हमारे इसमों के भवत साये विश्व में खाड़ के भारत हैं इदे जदी उप लगों क्या प्रयारत मरते हैं गिला मानने के लिए हमारे गिला मानने के लिए वो घर लगाते हैं स� साथ میں سے کتنے मनदे सवह में तो हर साथ या पिछले साथ जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से यूर्दिया था जिनने से تو میں آپ سے کچھ کہنے آیا ہوں. ایک مہدی یہ ہے کہ جیسے جیسے کے پتھر آپ یہ رنے کرو کہ کل سے آپ نے کم سے کم ایک فلوک کانٹرے کے ساتھ گوشت پڑھنا ہے. You are always giving. کچھ بہت لوگ کہتے ہیں کہ آپ مجھے کچھ بھی مانگو اور پیسہ بھی مانگو. अब तो पैसे नहीं मांग रहा हैं तो यह मांग रहे हैं कि घीदार रोज पढ़े करें तो किने बाद कि आप घीदार पर रोज पढ़ोगें सब सभी खानी खाया तो खानी दा रहें और अगर आप घीदा बारते की सेवा करोगें आपको बबाही के बाबी मिलेंगे आपको क्रिपा की ज़्योग नहीं है। यहाँ करता है। तो लगता है कि नहीं नहीं, तोड़े तो बाबान की क्रिपा चाहिए हैं। मैं सब प्रयाच करता हूँ। किता पात कियें। जैसे दिली कैसे शेहर में, तो दो मंदर मिलकर आणा की दावाण हैं। तुझावी बाद को बन देती हैं पीना और सम्में बाद साथ तो और ये घीटा 80% प्रतिशन आप जैसे प्रियासबत बाद में हैं जो सन्दीर के लिए और सालेवेश्व में हैं आपको पता है आपके देश में कितने लाको ईसाही पतिनी दी घर्टर जाकर बाइबल को बात रहे हैं। आपको मुझे ना जानते हैं। कितने पतिनी दी इसका हम अपने अपने प्रसाद करें। पर इसका में गेगी नहीं हुआ। कौन कर रहा है तुर्शाब बेड़ी प्रस इसका लगा बहुत बढ़ा प्रोग्रम था जिसने आपके वाइस्ट प्रेज़ेन्ट मुख्य वतीदी की रुप में आये थे तो वाइस्ट प्रेज़ेन्ड जी ने अबने भाषण में कहा कि जो काम इस कौन संसने किया है शुरू में और किसी ने नहीं किया विश्यों के को अच्छे सो से जादा खेल रहे हैं और के इतने महाप्रभुबी की क्या जी महाप्रभुबी की वो विश्वमान हैं पिर्ट्वीं के आच्छे जेते नगरादी ग्राम सर्वत्रपचार कोई बाराना विश्व के खाड़ कोड़े हो रहे हैं तो हर जाद विश्वमान हो रहे है कुर्ण के बद में एक ही भावता था समाज का उठार और उन्हें प्रियास किया विश्व को प्रमण किया चौना दावा पिछन पुत्री स्थापन की अधिक एशों में आज छे सो से अधिक खेल रहे हैं विश्व की पुले में साहाँ के जम्रदा जोने के लिए योज़ना है सुन्दर मंदर बनाने की आपको पता है सुन्दर मंदर योज़न। बाकिले योज़ने के लिए योज़ना पर लिए है। दादा कुछ बिगाने के लिए सुन्दर मंदर बनाने के लिए। बनाना चाहिए ये नहीं। पर सा हाँ कि नहीं बेनत करना पड़ेगा देगा लोग के लिए हाँ जिया मंदल बन जाएगा हम प्रेशन के आजाएगे बैद उसे मनाना पड़ेगा साथ सब जुड़ी हैं उसके वाई के साथ हमारा सभाक्या है कि वमान हमें सेवा में जूडते हैं सेवा में नहीं इसके प्रभाव है? माया से बचना है हरी का नाम लहो सादु सर्गंत लहो घीता भागवन का अध्यान करो घीता भागवन का अध्यान करो घीता भागवन का अध्यान करो घीता भागवन का अध्यान करो घीता भागवन का अध्यान करो घीता भागवन का अध्यान सिद्ध प्योग करना चाहते हो ये जिस स्लोग करो घीता पढ़ रहा है इसका प्योग करो तो भगवाण क्या कहने है आज किस स्लोग में कौन बदाएगा क्या करें तो मेरे धाम आओगे हाँ भगवाण कहते हैं बिना शक्खा के तो मेरे धाम में आओगे آج جو ساہی دنیا میں ایمزن کا بیبار کا دیدار ہے ایمزن ہے ایمزن؟ اوہ اوہ اچھا بھائی صبح اوہ ایمزن سے کیوں خرید کر جانا کیونکہ وہ کہتے ہیں ہواں ہواں خریدو اچھا نہیں لگے تو واپس کر دیدے دنیا میں کئی لوگ کپڑوں کو دونوں سے پہلے بھی باپس کرے جو میرے مدد کمکنی کہتی ہے مالا مان کھڑیتا نہیں چاہیے تو وہ پیسہ باپس کر لے گئے ہم اشواد کرتے ہیں جو بھائیوان کہتے ہیں ملڑا بابا مان بھگر مان ایلے نماز کرو ہم ہی چکتے ہیں ہاں सच हो सकता है, नहीं हो सकता है. किस दे देखा है किरना? हम्जी गीदा के सबीच में पूरा विश्वास रखना चाहते हैं. पढ़ोंगे तो विश्वास बड़ेगा, कि आदर गीदा ले ले और किरने सजा रहे हो. चीज़ा को पड़ो जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा को पड़ाओ जीज़ा जीज़ा को पड़ा آپ میں سے کتنے भक्तों जो परवाह महम जाते होते हैं? किनने भक्तों जो कि अललीवार पुरादा करिंबियारी के मंदर आते हों? किनने भक्तों जो कि भगवान के लाउं बाड़ना जाते हों? کمیز مکرد روح جبنے کے لئے ہر جنگ میں رشتہ دیتا ہے۔ جبنے کے لئے روح جبنے کے لئے رشتہ دیتا ہے۔ بھگوں دلھاں ڈھوٹنے کے اشنوں کا فاضل دلوں ڈھوٹنے ڈھوٹنے ڈھوٹ तब अपना भगवाद हो ब्यान सिंदन करो बिड़े भी नमस्कार करो बिड़े भी पास रहो पर अपना धन रखो तो बगवाद में चेंच की करो बगवाद में धन रखो अपना धन रखो तो आपको बगवाद में चेंच की करो बगवाद धन रखो तो चेंच की क मुझे नारी हैं। हम बहुत अच्छा हैं। हम बहुत अच्छा हैं। हम सब खुश हो रहे हैं। साम सब आये हर स्वाहर को, अपने मिर्णों को पिलाओ, सेस्थदारों को पिलाओ, सब को सुखी बनाने का प्रयास करो, ہارے کرشنا ہارے کرشنا کرشنا کرشنا ہارے ہارے
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