Book Marathon भी एक तपस्या है | SB 4.8.40 | 29.11.23 | ISKCON Gurugram | Srila Gopal Krishna Goswami

In this devotional lecture recorded at ISKCON Gurugram, Srila Gopal Krishna Goswami expounds on the spiritual significance of a "book marathon" as a form of tapas (austerity). He emphasizes that sincere, disciplined study and chanting are equivalent to traditional ascetic practices, especially in the current age (Kali‑yuga). The discourse weaves together scriptural references, anecdotes (such as a boy’s search for the divine), and practical guidance for devotees. Key themes include the role of the guru‑disciple relationship, the importance of offering (bhog) and prasadam, the creation of deity forms from simple materials (clay), the power of mantras and collective chanting, and the need for simplicity and devotion in daily life. Srila Goswami repeatedly urges listeners—particularly the youth—to adopt regular spiritual routines, maintain humility, and view every act of service as a step toward divine realization. The talk concludes with encouragement to increase personal tapasya through study, prayer, and sincere service, positioning the book marathon as a modern, accessible path to spiritual advancement.
Chapters
hi krishna
ओ
ओ
हे राम।
ज्ञान देते हैं
कुमार को आध्यातमिक जांच देते हैं।
भगवान उनके
भगवान के बच्चों की
भक्तों
की चर्चा करते थे।
आप रोज पढ़ोगे तो भी पूरी जिंदगी में
कहा गया आप रोज भी पढ़ोगे तो आप बात नहीं कर पाओगे।
ज आज से राजा से 22 बता शुरूकी, बाप को ज्यादा लगा सुरुज
राजा के ज्यादा लगा
1 दिन जब गोद में बैठने के लिए उनकी सौतेली वाले
रोक दिया बार मार ली बोर्ड में बैठने के लिए उनकी सौतेली माँ ने रोक दिया
में जन्म नहीं दिया है, इसलिए तुम अपने पिता के कोई भी नहीं बैठ सकते।
उसने कहा कि तुमने मेरी भूख से जनम नहीं नहीं रहा इससे तुम अपने पिता की गोद में नहीं बैठ रहे है।
उनको नीचे रुक गया
और उन्होंने उन लोग नीचे गिरा दिया तो
उसके पिता को कुछ कहना चाहिए था उसके पिता
से
dont by the wife को कुछ कहना चाहिए
बोर्ड
bad
and
she boss
boss the house i
चुपचाप कुछ बोला
महाराज चुपचाप सुन रहे थे और देख रहे धन चीजको लेकिन उन्होंने कुछ बोला नहीं
कौन थे। 1 कमी थी की बजा क्रोधित मिल जाते थे
लेकिन जो क्रोधित हो जाते
थे आगे जो
गए यह भाग भी रखना आवश्यक है क्षत्रियों के लिए
जुटे
बालक के पास गए गुरु मारा जुटे
बालक के 5 साल के अपमान में
किया उन्होंने पढ़ा अपमान महसूस किया रोते
रोते फिर माता समिति के पास पहुँचे
रोते रोते अपने माता समिति के पास पहुँचे।
किसी ने कहा मुझे पता है तुम क्या बोलने आये हो, मुझे पता है
क्या बोलने आये हो
बोला जैसे को की जो योग्या तुम्हारे कुमाता ने दिया
है
जैसे लाल ने दिया है वो
युवा की परीक्षा दी परीक्षा ली से परीक्षा चाहिए, आपको परीक्षा देनी पड़ती है।
जैसे सवाड में भी आप परीक्षा चाहिए, आपको परीक्षा देनी पड़ती है। बरते शास्री
मिलेगा
बोल रहा है। नीता ने कहा देने वाले जो बोला
कि बोलाकर ने कर दिया की हम में ऐसी तपस्या करने की उनको सबसे प्रसिद्ध राज्य प्राप्त होते
है वो ऐसी तपस्या करने के लिए जिससे उनको बहुत प्रसि। राज को अपने पिता से माता ने
कहा था में तुम्हारी भक्ति में 24 घंटे रहना चाहिए।
उनकी माँ ने कहा था हमारे 24 घंटे रहना चाहिए
ा
तो भगवान को मैं का खोज सकता हूँ तो दूर
अपनी बात का तो भगवान को कहा खोज सकता हूँ।
बताइए भगवान को खोजने जाना चाहता हूँ।
बताइए मैं भगवान की खोज में जाना चाहता हूँ।
जा बेटा सुना है जंगल में भगवान प्राप्त थी।
माँ ने कहा बेटा सुना जा है जंगल में भगवान प्राप्त होते है
खोजने
के लिए दूर, भगवान को खोजने के
लिए
मैंने परीक्षा ली।
1 जोड़े बालक को पार कर के तुम जंगल
तुम 1 छोटे बालक
को जो बुरी
बुरी
ने क्या अगर आप मुझे सहयोग दे सकते हो दीजिये नहीं तो मुझे अकेला छोड़।
2 गुरू ने क्या कहा उसने कहा आप अगर मेरा सेवा के सकते हो तो दीजिये मुझे अकेला छोड़ दीजिये
न भाव होना चाहिए
में ये भाव
का सदा प्रयास है हमें विश्व करने के
लिए, माया का सदा करने के लिए।
कई बार लोग कहते हैं कि तुम जवानी में भक्ति रूची देनी चाहिए।
बूड़ी कुमार जैसे लोग कहते हैं जवानी में भक्ति है बूढ़ी पर मे कभी
पापाजी सुनाई राज को सन्यास ले रहे
तो गोबी
अमेरिका में, को में गन
भाग अमेरिकम अमेरिका
an
indian or
indian
report a mi
में कहा जाता है की केवल बुरोकोसरयारदेना चाहिए, आखिर इन जवानों
को बने ने हमारे छात्र में जाता है, विरोध उरोको है।
भोज ने पूछा
रोबने
वन मिलियन
हो?
so that mean to happen anyone, who is a garanty that you will not die for me so robaa कहा,
what is the garanti? you not in for me?
i cant garanti probe also
o,
ये उम्र नहीं है भर्ती करेंगे ने कहा ये उम्र नहीं है, भक्ति करते हैं राज। उन्होंने कहा, आप मुझे यहाँ सहयोग ले सकते हो, फिर मैं आपको सुनने को तैयार हो ने मुझे देखा और उन्होंने
कहा, महाराज अगर आप मुझे सहयोग दे सकते हो, फिर आप सुनने को तैयार
न प्लान शुरू से दवारा भगवान को प्राप्त करने के लिए।
लाल ने देखा कि गुरु जो है वो बड़े जुड है भगवान को पाप करने के लिए।
तो इसी प्रकार से कहते हैं भर्ती के में हमें अनुकूल करना चाहिए
रुकवाने के हैं। अगर हम भक्ति ती करना चाहते हैं तो इन को
स्वामी। मान राज्य के राज्य का पूरा शासन कर रहे थे।
1 समय रूकबान सलमान गाने का पूरा सार
तो उनकी रुची नहीं थी और
उनकी रूचि नहीं थी इस कार्य में
रूचि थी
उनकी रूची थी के साथ।
और कहा तुम्हें नौकरी में कोई रूची नहीं है।
1 समय जब उन्होंने कहा मेरी कोई
भी ऊँची नहीं है, तो माँ को ने आदेश नहीं तुम जाओ लौटो अबे नौकरी। इस प्रकार 1 विमान और कार या प्रेमी बड़े ध्यान से हम काम करे द्वारा भगवान के चंद हे
मा ने
कहा की राज की करो, लेकिन जैसे जो और शियर बड़ी खुशियारी ऐसे कर
रही है जो भगवान गया मेरा चेज करते हुए
मारने को क्या कहा की आप मेरा स्वरा करते हुए युद्ध करो।
6 गुणों का वर्णन किया है ने
6 गुटों का वर्णन किया है तो
1 ही है न डिचरमेंजाये कुछ भी हो बाकी वार से हमें टीचर कुछ
भी हो बस के बाद से
boy
ने देखा की तो उन्होंने sica
गुरू जी
हम भी परीक्षा देते हैं की
रुची है
उन्होने उनको उपदेश दिया
उपदेश
दिया i को visas
राजवी को विश्वास हो गया कि सीरियस तो उन्होंने उन्होंने ज्ञान दिया
जुड़ते हैं बेसिक ज्ञान देते
हो तो शुरू में आप शुरू में लोग जुड़ते हैं उनको आप बेसिक ज्ञान देते हो
कुल है और फिर वो तो
गुल है, फिर वो आगे बढ़ते
है
की सेवा में जुड
1 मंच दिया जिसका 4 जाए तो ना मैंने
सबसे पहले 1 मंत्र दिया कारण करना चाहिए कौन सा मंत्र है वो कहा है?
सो मंच का उच्चार युग में हो गया है।
सो मंत्र का उच्चार आज युग में होता आ रहा है
का तो ये
किला तथा अभी में इस मंत्र का
मंत्र
मंत्र जिसके
हमारे शासन में लाखों
मंत्र हमारे साथ में लाखों मंत्र है
मंत्र को
और को महान
है ये अलग अलग युग में अलग अलग उपाय होते है।
रात में कहा गया है की अलग अलग 2 में अलग अलग रास्ते होते
हैं जैसे की सदी में लोगो की लगभग 1 लाख साल थी जैसे लोगो
की जो 1 लाख 1 लाख साल
हम लोग जीते थे 1 लाख और क्या क्या था साधन या था
वान
का चित अभी भी 10 हजार था
और जी में क्या क्या सारा है जिसमें दूध की जानी वषों की आवाज
जिसमे दूध
10 दिन कम हो जाती
है लोगो को तो द्वाबनीमेमेदसहजार कम हो जाती है जो है वानी में और अब का करे
ह इस युग में जो व्यक्ति है पूजा है भक्ति भावना बहुत
कहा गया है कि युग में व्यक्ति भक्ति भावना लोग जुड़े है लोग रहते है
ठीक
नहीं होता
विजय किया जाता है किया जा रहा है क्या मतलब स्कूलों में उधार ज्ञान नही होना
चाहिए, स्कूलों में दे के ज्ञान के होना चाहिए।
1 ज्ञान के दूसरा परिलाभ होगा छे पापों के काम से जुड़ने का
ये परिणाम लाभ होगा। आपको बोली जीवन अपनाने से दूसरा परिणाम होगा।
जीवन में अपनाने से सो जाने कोई
छोटी देना चाहिए, छोटी आयु से देना चाहिए।
यह जीवन बड़ा दुर्लभ है।
5 साल की क्यूँ क्यूंकी मनुष्य जीवन
बड़ा दुर्लभ है, कठिनाई से प्राप्त होता
है, कठिनाई से प्राप्त होता है।
दे। 1 यूनरी पूछा क्या इस यूनिवर्सटी में ऐसा कोई विभाग है कि यह शिक्षा के बाद कहा जाता है?
तो 1 यूनिवर्सटी में को दे देते हैं तो उन्होंने पूछा यूनिवर्स के कोई ऐसा विभाग है जहाँ पर यह शिक्षा मिल किए मनुष्य के बाद कहा जा रहा है सहयोग में भाग
कर क्या कलियुग में किस प्रकार लोगों को उधार तो
स्वामी ने पूछा की में मन में कैसे होगा ा
221 शूट है राम का ही है तो इस में आपको वो ही लाभ प्राप्त हो सकता है जो लोगों को
कलयुग में अगर
हम
सारे वा बनेंगे तो वह साफ़ प्राप्त होगा जो लाखों धान ऐसी
बुनी ने कहा।
4 करो हा इस मत का उच्चारण करो।
इस आज भी भगवान लाल रूप बनाकर,
भगवान का रूप बनाकर।
भगवान अपने आप को किसी रूप में भी पेश कर दी है।
बार के भगवान अपने आप को किसी भी रूप में प्रकट कर सकते हैं
के रूप में में
के रूप में,
इसी रूप में भगवान प्रकट हुए आले पुरुष
रूप में भगवान आधे आधे सिंह के रूप में के रूप में, मछली के रूप में, बोर्ड के बोर्ड के रूप। यह है भगवान
ह
और 2 महाराज और विवाह द्वारा
बड़ी गरीब सी पस्याउन्होंने बड़ी तपस्या की तो शब्द शाम में अनेक समय चर्चा की जाती है तो
तपरससरकीहमारे साथियों में अनेक समय चर्चा की जाती है।
आधा
आध्यातमिक समस्या, आध्यातमिक समस्या
क्या है या क्या है? आध्यात्मिक पबस्यध्याजिकउद्देश्य को प्राप्त करने के लिए
आध्यात्मिक उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए।
वे द्वारा यह है की गायों की वजह कॉपी होकर हमारे नाम ले।
तो बाली की तपस्या यह है की आप गोदिक छोड़ दे। भगवान के लिए पान की चर्चा करें,
जीविका
और जीव का बहुत महतवपूर्ण करे।
वो भगवान का प्रसाद भक्तों का नही होता है। अगर मेरे खाना है कोई तो केवल प्रसाद था और कुछ नहीं बहुत कुछ नहीं कहते हैं जो वक्त मुझे बोक मिना ते केवल पास आये है।
भगवान कहते है की जो मुझे वो गाय खाते हैं केवल पाप है तो हमारा प्रयास है।
क्या बाद बजे
मारा तो बदल जाए और पास गा प्रसाद
को
इस सारे
विश्व लोगो को प्रचार किसी प्रकार
के साथ है।
मुसलमान की है मास खाते हैं
दुनिया
में,
दुकानों में डिस्प्ले कर, दुकानों में
डिस्प्ले करते है,
हूँ
जाते है हमारा
आँख
देख
को, माता से, हमारे बचने को भी कर
दिया जाय। प
सब लोग
जाने कई हमेशा फुल
रहता है, कई लोग आते हैं हमेशा full
शा और जो खाते हो को
खाते है और भोग लगा कर खाते है to
स्ट्रेट लाइन में करेंगे,
वो
भी कह रहे हैं कि सारे ही लाइन में है जब अगर हम अंक को कल करेंगे भारती को कंट्रोल करना आसान है। ज्यादा ज्यादा सर आसान, नही ज्यादा सर आसान तो नहीं है।
सो रूह बसिया उठाए
महराज ने यह प्रश्न उठाया तपस्या को
डरना नहीं चाहिए,
तपस्या से से डरना नहीं चाहिए।
धा आप सपने आधार्मिक क्षेत्र में गौलीेतलीनेवीआप देखते हो। दे चुकी है उधार में, दिल्ली में,
देखे, दिल्ली में। अगर आप नहीं है तो कभी भी आपको 25, 30
उसका सर जा।
ता है उसका असर आजाता है। क्या है उपाय भगवान का,
और तपस्या है धान देखा जा रहा हो आपको स्वीकार करना चाहिए।
चाहे तो अपने जो करना चाहिए मां की सेवा में, और तपस्या और स्वीकार करते हैं।
कहते है मेरे बेटे तुम तपस्या उठाओ किस लिए? विश् की?
तो विश्वदेव का। कहते हैं को आप जो है तपस्या उठाओ किसके लिए? विश्व के लिए?
आप तपस्या उठा रहे हो। पौधे उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए।
अगर आप का बच्चा आ रहे हो किसी भोतिक दृश्य को प्राप्त करने के लिए। तो वो तपस्या अधार तपस्या नहीं है।
भगवान की सेवा है।
अगर आप का बचा उठाओ भगवान की सेवा करने के लिए, वो है। आधार बस। 4 बजे जाना, जैसे की सुबह 4 बजे जंगल आतंकवाद रहती है, 7 बजे जगे
तो थैंकयू ये में रोया मगर
आज में, रोजाना
की क्लास में,
तो मत भागो क्लास में, ये भी
सो,
ये मेरा भर का समय है
कि
जब गाँव के प्रचार के लिए समस्या वोई
कई काम के बेसी रहते होंगे,
लोगों से चर्चा करते हो, तो आप किसी करते होगे नमचाहमे दी है इसके लिए भगवान मिश्रा,
उसके द्वारा उन्हें भगवान,
जिसके द्वारा भगवान भी बड़े प्रसन्न हुए, उन्होंने अपने आप को प्रकट किया।
आप लोग आजकल भगवान को समझना चाहते हैं। बुजबजेकेि
आज भगवान को जला जाते हैं।
तब गॉड भगवान दिखा जाते।
सो कॉर्ड भगवान के
भगवान को देखने के लिए आपको
तो जी भगवान को देखने के लिए आपने आज रात
तो ने हा हे मे 1 खुशी के
लिए,
भगवान ने कहा मेरी के लिए इतनी गहरी तपस्या की
डर जाओगे, मुझे
बच्चा सुनोगे आप डर जाओगे, हम बनाना
पड़ेगा अरे
पहले से और वो पल कानूनों में
खाते थे, 3 दिन में, हम क्या खाते हैं, 1 दिन में 3 अंग्रेज रेली से है शिक्षा जो ली होगी, ये जो शिक्षा लिया होगा शो अगले महीने। उन्होंने कहा की में बढाए अगले महीने के दिन में 1 खारे खाद जो कि पशु करते है तो
बढ़ाना चाहिए। तो फिर वो अपने महीने जो है, वो हारे जो खास पशु खा 6 दिन बाद 1 बार भी 6 दिन में हो
पानी पीने
पानी पीने से 2 दिन में 1 बार
बड़े प्रभावित हो गए।
बड़े प्रभावी हो गए है।
कि मनु ने कहा वे से मांगो क्या चाहिए?
वान ने कहा मांगो, तुम्हें क्या चाहिए मेरी प्रसन्नता के लिए, इस की तपस्या
में निकला घर से टूडियो शिशो खोज
में, तुम्हारा ने कहा मैं निकला था घर मे घर से टूटे हुए शीशों की खोज में
है, में उसे कोई
रुचि नहीं, तो आपका दर्शन करके आपने, मुझे इतना आनंद आ रहा है, मुझे अब कोई रुची नहीं है, वे भी
मांगो में क्या, वे भी मांगो क्या चाहिए? कुछ तो मांगो, कुछ तो मांगो। अगर आप मुझे कोई वर्ड देना चाहते हो ये वर दीजिये कि मुझे भक्तों संग हो।
महाराज ने कहा की अगर आप देना चाहते हो मुझे वर दीजिये मुझे पड़ा
इस अध्याय में मूली कहते हैं, 3 प्रकार के
न्याय में नामी कहते हैं, 3 प्रकार के हैं।
भक्त भाव हो जाता है,
भक्तों का
भाव हो सकता है
भाव।
इस प्रकार के भाव
आज
आप 1
भाग है होना क्या मुझे अगर वर देना है। तो दीजिए
जैसे दुबारा ने क्या कहा निर्मल देना चाहते हो। तो ऐसे
क्यूँकी उनके के द्वारा ये ज्ञान प्राप्त होगा जिसके माध्यम से
जो की उसके माध्यम से, माध्यम से ज्ञान प्राप्त होगा। जिससे हम के से पूछ सकते हैं।
असली उद्देश्य क्या है?
असली उद्देश्य क्या होता है?
अभी मानव जन प्राप्त हुआ है द्वारा क्या
कहा गया है? अर्थात ा
अब कैसे
छुटकारा काम
है? यह किस प्रकार है?
बोन मन का लाता है। जब आप को शिक्षा देंगे तो इस प्रकार आप की मान ने कहा, बुन्दतपढ़ोगे संत। तो
ने पहले कहा था प्रकार प्राप्त कर सकते है।
प्रधान ने पहले कहा था कि स प्रकार की संकेत
तो
आप अपने आप पर हो।
क्यूँकी आपको ज्ञान मिलेगा जिसके द्वारा आप जीवन के लक्ष्य को आपके जो की
आपको प्यार मिलेगा, जिसके द्वारा आप अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हो।
फिर
फिर दुसरे प्रकार का आपने जो भक्त आपके बराबर हो, जो भक्त आपके
बराबर में हो तो उनसे क्या कहना चाहे है?
मुझसे क्या करना चाहिए के साथ फ्रेंडशिप
से यह नहीं सोचो। कौन
यह नहीं सोचो मेरा मित्रता का भाव रखो और इस भाव से गिरकर प्रचार।
रोग विष का भाव जब सम्भव होगा तो हमसे अब समझे की हमारा सिद्धांत क्या है सिद्ध करे
होगा प्रचार का जब हमें हार का पता हो ना नंबर रखना है और मिलकर प्रचार करेगा
भगवान को पसंद करना है बहुत पुरुष
भगवान को पसंद करना है तो विनम्रता बहुत महत्वपूर्ण है
े यह सोचो आप बड़े शक्तिशाली हो सबसे अच्छे हो तो मार विचार दवा है।
अगर आप को तो आप बहुत शक्तिशाली हो तो ये कार है तो आप
को पसंद नहीं करते प्रकार की है आप से कम ज्ञान रखते हैं
जो आपसे कब जान
देना चाहते हो। संग
गुरु महाराज ने कहा अगर आप मुझे ना चाहते हो तो मुझे ये बात दीजिये की मुझे इन भक्तों के संग मिले
राज। भगवान तपस्या के माध्यम से गुरु महाराज
ने भगवान को या तपस्या के बाद
ही शो में नायबुनीनाधबुनी कह रहे हैं कि नाजबुनीलेशदीहुई है और सुनी थी बुरी शिक्षा का रिपीट कर रही है
है
न की शिक्षा दी हुई है और
ना रिपीट कर रहे हैं और कह रहे है की क्या मेरी सेवा में
जी कह रहे हैं कि भगवान की सेवा में जुड़ना
सुनीति को पूरा विश्वास था मन की शिक्षा में सनी को
विश्वास था
इसलिए उसने को शिक्षा
इसलिए ग्रुप को वही शिक्षा दी देते है।
राजी ने मुनि को कई बार भगवान भी बुलाया जाता है
ने कहा कि आप को कई बार बुलाया जाता है
भगवान भगवान क्यूँ क्यूँ क्यूँकि वो यह था रूप भगवान के सन्देश का आय
प्रचार करते हैं या के संदेश का मजार का बली ने पत्ते प्रति व्ययों का उभार दिया
बड़ा था जैसे की समय 1 कोट कर शिकारी अरजारी नाम से ही लोग डर जाते थे उनके
नाम से लोग जाते है को क्या करना था वो करता था शो को
घायल कर दे था पशुओं को घायल कर देता था फिर उसके बाद फिर
उनके बालों को बेचता था
बने जा रहे थे। 1 पशु अनेक पशु रोल है कश्मीर
साल अनेक पशु जो है वो घायल है और रो रहे है वो कर
बोला पूछा कौन है वो पापी
कौन है वो पापी व्यक्ति बच्चों को घायल कर रहा है और
झाइयों के पीछे छुप गया
सो वो देख रहा है वो बरारी धारियों के पीछे छुप गया
मैं हूँ इसका कारण
ने कहा मैं हूँ इसका कारण
तुम जानते हो क्या परिणाम होगा
इसका क्या परिणाम होगा? नहीं नहीं तो
पशजीबदपशियों को काया दे रहे हो और वो सब आपको उठायेंगे
और दिल को बच्चों को काल करने आपको आना चाह रहा है करते हुए देखकर वो सब आपको खाएंगे
ये तो मेरी रोटी का साधन है।
राय ने कहा यह तो मेरी रोटी
का साधन है, यह मेरी कमाई है,
ये मेरी कमाई है कैसे कैसे मैं अपने दान की देख बात मुझे कहा मत करो ना चिंता मत करो तो
थोड़े
थोड़े दिनों बाद 1 और रिची के साथ आये राज
जब गाड़ी उनका दर्शन लेने आ रहे थे इतनी हलदानी पैरों पर पैरों पर पर ये देखो कोई भी जीवन नहीं है
ने कहा की जब वो को आ रहे थे दारी तो ऐसे रखे थे जिससे कोई भी द देख कर रखने देंगे कोई नीचे कोई जीव तो नहीं है जमीन पर
जा रही है, जैसे की
की
पाली को थे तो देखा की पालकी बहुत हो जा रही है,
भारत क्या
कर रहे हैं गड़बड़ क्या कर रहे थे ने से पहले देखते थे जी
तो नहीं है वक्त कब बाहर रहता है हमारे कारण दोनी
भक्त का भाव रहता है कि किसी चीज को भी हमारे बारे है वो नहीं होगा हमारे बच्चों का, किसी भी जीव को किसी प्रकार का भी कष्ट नहीं होता।
1 और चीज़ जो सुनी थी रही है ये हमें सेवा में जुड़ना चाहिए,
क्यूँ की हमें सेवा में जुड़ना चाहिए। 24 घंटे इसका क्या पता ये क्या बिलकुल विश्वास नहीं कर रहा,
बीमार हो
जा है अगर बीमार हो तो अलग बात
ये 1 पल का भी
बस का भाव है तो मुझे 1 पल का भी दुरुपयोग नहीं करना चाहिए आज किसी से भी आ सकता है, आज तो किसी समय भी समय राजा से
मार गटवनमेयोगदियाथा देवताओं को शुरू से
मारा पटवार में सहयोग लिया था, देवताओं को पसूरों से विजय प्राप्त करने के
सामने का आपने हमने सहयोग दिया था क्या बात चाहिए।
देवताओं ने कहा आपने हमे सहयोग लिया था माँ को आपको क्या वाज चाहिए
ये बताइए की
भगवान ने कहा आप मुझे ये बताइए की मैं कितना जीवन कब तक जी प
मुझे तुरंत ही भगवान भूल रूप से चाहिए
मुझे तुरंत ही माँ के
ही होना चाहिए। हम सोचते हैं 6 साल बहुत लाग
हम खुले विचार साल हम बताएगे की
हमेशा
हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए मुझे अंत किसी से है
कदम कदम कदम पर करता है।
भारत ने कहा आज फदरपदरसप्रधानमंत्रीश के
निर्णय क्या है निर्दय क्या है कितनी मा प्रभुजी का लाभ उठाओ जितने वहाँ की
शिक्षा का लाभ उठा।
मपूर्ण
और माँ दूर ने 5 मैठ्यपूर्ण विशयों पर बल दिया 1 साल
जिसकी
आप चर्चा कर
a की पूजा
पूजा,
यह
ने अपने घर में
च
दूसरे शेत्र में का कर करने, रोज ने कहा लेवाली
को लाभ वृंदावन में है
आप मोदी की
हार है जो यह शिक्षा दी जा रही है मूली के द्वारा, यह शिक्षा हम सब के लिए
है जो शिक्षा जारी मोनी के द्वारा ये शिक्षा हम सबके लिए और हमें
आनंद, हम बोले जीवन में लोग हीरो
बना है, जीवन मे हीरो बना दे
है
साल साल वगैरह
जीवन में
भक्तों भक्तों के जीवन में भी आध्यात्मिक हीरो है। धुबराउीदेीऔरजैसे गुरु महाराज तदाद माराज देवी भारत के जीवन में, उनकी शिक्षा में
पूरे
2 बार है पूरे मानव समाज के लिए
इस विषय की चर्चा कर रहे थे
विषय की चर्चा करने से है और जीवन आगे बढ़ेगा
क्या होता है
किस के साथ होने से क्या होता
की जो पौधे
आप गोटी कर और आधा के गुतसाहाबढताे
इसलिए भवन
लाख लोग
होते है क्लास होती है शाम बीती
क्लास ही शाम के
आप सेवा में
से अगर 1 साथ ना हो तो हमारा आज धार्मिक भाव बढ़ेगा पुलिस सेवा में जुड़ जाएंगे।
इसलिए लोगो
के लिए है goa
मदर लोग मर
जाते हैं तो वो सारे
स्कूल होते जा के शो खरा है तो अब लोग गाय को काउंटर लगाते
है पहली बार यह
गुरुवार पहली बार
जुड़ी भोग लगाने
लगे ने कहा यहाँ की भोग लगाने की जरुरत नहीं है का खाते हैं ने को लगा है विंदावन ऐसा नहीं कुछ भी नहीं, कुछ भी खा लो
खाना ही है मंदिर
के बाहर का खाना भी नहीं की
अभी ने बताया की भी होती है
और बताया कि राज को नारे
कुछ लोग कम था
तुम्हारे अच्छा
वो ये कह रहे हैं महाराज जी के वो वासुदेव में उन्होंने दिया महामत महा मंद महामंत्र पेशी
लोग अत्यंत प्रीत है वो
अत्यंत प्रसिद्ध है लोग अत्यंत
ने बनाया था मिट्टी से
युग में जो महाराज जो है 1 तरफ रो चार्ज करते थे रूप बनाया था
मिटटी से मिटटी
से मरती नहीं दी उन्होंने मिटटी सी रूप बनाया था छोटा वाला
अरे सपना बोल लता
से छोटा
हर देश का
हमारे पास अधिकार नहीं है और माँ के आदेश का विरोध करेगा और कई मत हैं जो महा भी करते है आप सब जो है महामद के जो
महीबको
बाहर विदेशों में कोई उनको याद नहीं था उन्होंने हर
कोई
सार को कोई व्यक्ति नहीं मिला इन्होंने कहा कि कल न दिस
मेरा प्रश्न ये है की जो बंदी में भरते हैं ये लोग खुलते के सेवा में है और लोग अपना ले इसकी भर्ती बहुत पलते मे सीमा में जो लोग बहार मे बाहर भी खाली करना पड़ रहा है ग्राम पर रही है रहा है तो वही अंडरस्टैंड की होगी गुरु ऐसे जैसे कि आप भी अपने जीवन को समझ सके और
नौकरी परेशान होते है
लोक भी करते है करते है भगवान हमसे बहुत प्रसन्न होते है
यह जरूर जाना कदम उठाये थे आगे कर
यह जरूर है कि जो प्रकार में है इससे ज्यादा कदम उठाए है जज की तरफ 4 राजा चारी फैसला सन्यास भक्तिमान ऐसी सफल हो सकता है
s o करना jan
मोबाइल ने कहा है जो खोला वाला जल कर
बहुत
कलयुग में बहुत
सरल हो गया कलयुग में बहुत
है
न चाहिए
जाना है तो है
है
1 ही उपाय है आप से प्राथना करे तो आपके जो कमिया है
आप
महामद
करेंगे मैं महामद के उदगार ऐसी सारी जो दूर
है
तो महामंत्री के कारण से हमारा जो पूरे काला है उसको बोल सकते है सही प्रकार से
जो जी में देख प्रकार के जो विचार है हमारे माने इससे बचने के
उपाय है बचने के लिए महा मंत्री के उपाय
good quality and bad quality
we develop, all the good quality devel can and all the bad quoll okayso
याद आये स्पेशल है तो आपको ये
याद है मेरा कंपनी स्पेशल
समस्या थोड़ी
बढ़ा चाहिए हमें तपस्या थोड़ी बढ़ा देती दी बाप तो लोग जुड़ेंगे अरे रे रे
धन्यवाद करेंगे।
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