Happiness Through Material Prosperity | SB 5.13.1 | 19.07.2020 | Delhi | Srila Gopal Krishna Goswami

Srila Gopal Krishna Goswami teaches that material prosperity cannot bring lasting happiness. The mind is the greatest enemy, pulling you toward fleeting distractions like celebrity culture and political power. True joy comes only through devotion, chanting, and service to Krishna.
Chapters
ओम मो भगवते वासुदेवाय, ओम मो भगवते वासुदेवाय, हम मो भवते वासु।
देवाया
सिक्सी डेस्टन सपने रखा रखो नो मास्क आई शुड मे करना जरुरी है या नहीं मास्क। english me class hindi me se ma bogota canto fi chapter teri thanks one brnowcaजमजयaतोरj आमा सत्वा बता कर दे सा ऐसा सरतोंतापरापरीदव बबतेमासी कम पिलतीरादीजवानमजाय निवेश तो हुआ भगत कम to the परी
की
शर्म न जान विष तो bakara मत
शरमा फिर से हम सब को बता रहा है। क्षण के बाद में महाराज के पास आया हमजा मौसम यह मेरी हास मैं
रहेगा ह
ने नई क्या
वह मिला
नाम न हे रहा मै का काम गलका
माताजी
रामवा हे हा
शानदार थी
राम धाम राम रात हमके गलत जिसको
हल करने है
दुर्गा ध्वनी सदाम कर्मों के पद पर इस जन्म में कर्म करना। इन गर्मो के आधार पर अगले महीनों में नही ना और इस पकार जब मरन के चक्र को अंधेरा माया
से
भगवान की नहीं रह सकती। मेशितासा जहाँ तुम जो
उन को तुरंत
देख है, 3 साल में सह सह आलतमेबढ़ह सुना दी
है।
कम, ब्रन्संचकाफर और जिन प्रथा के प्रभाव
से,
के जादू से एवं 3 प्रकार के जो सु, सु तथा शुभा से बोलते है, देख पा रहा है। इस पार में मार्च में तादाद की प्रति आसान हो जाता है। मैं इस मणि के समान े हमारे कठोर
हमारे
करने और उससे लाभ होने को दे किन्तु उसे इस संसार में
उपलब्ध हो।
यह सरलता से समझ में आता है की टी का भार कितना कठिन था। दुर्ग इस मार को न जाने के
कारण मनुष्य
जल्द है। इस से इस संसार में कष्ट उठाना पड़ता है। इस जीवन में कोई यह सोचकर भले प्रसन्न होंगे कि वे अंग्रेज या जमा किन्तु चुनाव सीमा कोई दूसरा हार कर। कर्म के अनुसार तुरंत काम होगा, वही सभी स्वीकार करना होगा, किसी प्रकार के लाभ नहीं होगा। प्रकृति का अविकास जीवातोअपनाकरमआनंद जीवन ज्ञात नहीं रहता। जिससे माया के को सुन दी आर्टिस्ट होता है। इस संसार में उसे कभी भी सुख नहीं मिल पाता तो उसी के लिए है
क?
श्री चितानिया
भूसे पकदामयुराविश्वा बंदे हम श्री गुरु शरीरका पदकम छीरपमसरायतब सहागनालुनातंगदम कम स कम स धूतकजनसकृषणकेदेवं छि धा कृष्ण शगननशाश्रीवशागन जंसा हे क्रृष्ण करना। सन 2 इनबधजनतदेगोबेसना आपका का इतना होगी अगर बिना चा jsisnacetaनia composite awara mas speaker no ka so i dont beta mask okay okay so i said six in so samar tina। तो
sorry
जल भात शिक्षा देते हैं किसे और पिछले कई अध्यायों से शिक्षा दे रहे है। ये है और यहाँ है और भाव देख लिया भारवे दहाई का सारा के हमें संतोकी सेवा करनी चाहिए, संतों की सेकंड प्राप्त करनी चाहिए। और यह यही भाव भगोदेशलोगोेऔरिजे दिखाई में फिर से और गिराई के साथ जलपाल शिक्षा दे। तो वो कह रहे है पूरे रूप से, आत्म ज्ञानी से और न्होंने। आगे क्या कहा जीवात्मा है वो इस भौतिक संस्थान में 1 यूनी से, दूसरा ने 1 ब्रेस से दूसरा प्राप्त कर दी जाती है और जो कि भौतिक वात के प्रभाव में है वो जन्म मृत के मंडल में गुजरते रहते हैं तो शासक रहे हैं। मनुष्य जीवन बहुत ही दुर्लभ है, इसका हमें उपयोग करना चाहिए। अध्यातिक उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए। इसे विधान में क्या कहा जाता है। अब मनुष्य देह प्राप्त हुआ है, इसका उपयोग करो। पापा जी कहते थे अनेक महा विद्यालय है। ये शिक्षा कहा भी नहीं जा रहे। तो जद भारत को पूरे रूप से आत्म ज्ञानी है और भारत यहाँ उपदेश दे रहे हैं। ो और इस अध्याय की माफी में आप देखोगे तुम्हारा लोगों ने उनका भार पर किया, उन्होंने इतने अपरेशन से उन्हें तो यह कहा जा रहा है कि जो जीवात्मा है वो अनेक नये में गुजर रही है। भगवान जी कृष्ण के शिक्षा देते कह रहे थे कि वह अनेक भूल जाता है, जो भाग्यशाली है वो सन में आकर अध्यात्मिक जीवन को आरंभ करता है। तो जीवात्मा अनेक प्रकार के कार्य में जुडी रहती है। और इनका उद्देश्य क्या है? उद्देश्य यह है कि हम किसी प्रकार से भौतिक सुख प्राप्त कर, किसी प्रकार से बौधिक आनंद प्राप्त करें। पर ये ज्ञान नहीं रखते कि बौद्धिक संसार में चाहे आप किसी भी समता प्राप्त कर लो, बौधिक सुख प्राप्त कर सकोगे। अगर प्राप्त हो भी तो केवल थोड़े समय तो ये कार बहुत ही अवश्य ज्ञान है। और श्रीमद भागवत में बार बार इस विषय का उपदेश दिया जा रहा है। आप कहोगे पूछोगे? न भी आज के पास भी अध्यात्मिक ज्ञान था। इन के महाराज लोगों न पूरे रूप से जान थे, पलती में जा रहे थे, कहाँ जा रहे थे, पालकी में पलती जाया जा रहा था। पीले देव के शिक्षा ग्रहण करने के ज्ञान था ने देखा की ये जो वाणी भारत की मूल है वो समझ गए। ये कोई सधारण, भरा और गूंगा व्यक्ति नहीं है, ये तो आत्मध्यानी में हुई है और तुरंत ही हल्के। वो तो कहने का सार को यह है कि भारत शिक्षा दे रहे हैं ऐसे व्यक्ति को जिनके पास आध्यात्मिक ज्ञान था, जो बिल्कुल अज्ञात में नहीं थे, ज्ञान आध्यात्मिक ज्ञान था, उन्हें भी ये उपदेश देने के लिए। 3 अधिया तो कहने का तर्क पर ये है की हमें धार्मिक ज्ञान को निरंतर शव करना पड़ेगा तो ही का हम लाभ उठा सकते हैं। कई बार हम सोचते हैं, हम तो सबको जानते हैं, हम 1 बार पढ़ चुके हैं, सुन बैठे हैं नहीं हर बार सुनना से भगवत। ती ती तो जो जीवात्मा है उन्हें योनियों में जन्म प्राप्त कर रहा है और ये जन्म किस प्रकार से मिलने किया जाता है, ये जन्म कैसे ये निर्णय किया जाता है। वह कर्मों के आधार पर, कर्म के आधार पर यह निश्चित होता है। किस प्रकार यह हमें और अज्ञानता में हम सब का लक्ष्य क्या है। हम सब का लक्ष यह है की हम किसी प्रकार से बौद्दिक शोख प्राप्त और बौद्धिक सुख को प्राप्त करने के लिए हम हर प्रकार का पाप करते हैं, सोचते नहीं इसका क्या परिणाम होगा जैसे आज के वतन में अगर आप लोगो को कहो ये जो कार्य आप कर रहे हो इसका यह परिणाम होगा ऊपर वार करते अपने को। इसका परिणाम होगा कि आपको पशु का जीवन प्राप्त होगा। तो भी वो पराली अधियानता तो जीवात्मा ने जाता है और कई बार उनका जो कार्य है सत गुनका होता है, कई बार राज गुन का, कई बार तो भगुलगीतामेंकहा गया है की फिल्म बने है। राजग 9 जो व्यक्ति के प्रभाव में कार्य करता है उसी पर ये ज्ञान रहता है कि अगर मैं कार्य करूँगा, शास्त्र के आधार पर करूँगा तो मुझे कम से कम तो मालूम, नहीं तो हो सकेगा पूरे शब्द में जानता है सब का वो इसलिए उसके यान से रही है जो राज्य की वाह में है, उसकी अनेक बहुते की छाई रहती है। और वो ये होता है बात को संतोष करने के द्वारा ही मुझे शर्त मिलेंगे तक प्रभाव में कोई इस विषय की चिंता नहीं करता है या इतनी अज्ञानता में है जैसे व्यक्ति मेरे नशे में होता है। चाहे आप कुछ भी कहो, उसे समझने के प्रभाव में व्यक्ति बहुत गहराई के साथ ज्ञान रे और कुछ रुचि नही की हम आगे बढ़े। भग अठारहवे अध्याय में भगवान इसी विषय पर 3 प्रकार की खुशियों का वर्णन करते ह भगवान कहते है सात्विक सुख वो है जो शो में कशते, बाद में मीठा बन जाए जिसके द्वारा हम सक्षात जैसे की जब आपको धार, मे ज्ञान का सन्देश दिया जाता है। आनंद में शुरू में जब आप सुनते हो, 16 माला करो, 4 नियम का पालन करो तो आपको ये जरा कष्ट देता है के नही करे और शुरू में ये करवा दिखता है माँ का जाप, माँ का जाप करोगे और कार्य से बचना टाइम निकालना पड़ेगा और आप ध्यान का लाभ उठाते हुए कर लेते हो। चलो में करवा है तो बाद में, शुरू में कड़वा, बाद में मीठा व देश के द्वारा आत्मा राजनीतिक बिल्कुल शुरू में मीठा, बाद में करवा जो की इंडिया द्वारा होता है। ये भौतिक कार्य अब देखो श्रू मीठे दिखते हैं, रात जारी फ्रंट में इसका भयंकर परिणाम होता है। तो ये है जामा शिक्षक। शुरू से अंत जानता के ऊपर निर्भर रहता है। तो यहाँ जद भारत कह रहे हैं कि जीव आत्मा अनेक प्रकार के बहुते कार्यों से जुड़ता है और ये जो कार्य करते हैं वो कई बार शादी में आता है, कई बार राजीव, कई बार और कई बार हम धर्म को अपनाते हैं सुदेश के साथ कि धर्म का क्या मैं। इसके बदले में अक्सर देखा जाता है की अगर आपको भौतिक लाभ धर्म को अपना मन मिले। धर्म के प्रति भी लोग लोग है, अगर हमें कोई सु चाहिए, अगर हमें कुछ ब्लाक चाहिए तो हमें भगवान के होना का, तो कई बार लोग धर्म को अपनाते हैं। इस दृष्टि से कुछ आर्थिक लाभ होगा इंडिया ट्रिप की उन्हें तो भगवान के साथ, तो ये हैं बहुत जो ध्यान, करे जुड़े श्रीम क्या सबसे वासदेव सब भेदों की रचना करने के पश्चाद भी अनुभव कर रहे थे की उनके में कुछ कमी रह गयी। जब वो विचार करने थे, उनके गुरु ना मुनि वहाँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि तुम शुद्ध भक्ति जिसका भक्ति पर बल, जिसके उत्तर में उन्होंने शिव पूर्ण ज्ञान दिया है, जिसमें शुरू से अंत तक 1 ही विषय की चर्चा है। वो क्या है? समझाते हैं ये जो भक्ति का ज्ञान है, ये आ रहा है कैसे गुरु परंपरा के द्वारा। जी कहते है अगर कोई फल पेड़ की चोटी से नीचे पहुँचाया जाये अलग अलग द्वारा तो वो उसी रूप में पहुँच जाता। अगर ऊपर से फेंका जाए तो नीचे पहुंचने पर तो यह माने परंपरा प्राप्त हो, इसका पूरा लाभ उठा। तो यहाँ आगे यह कहा जा रहा है कि इंडिया दिप्ती के विषय में चाहे आप कितना भी प्रयास कर लो, आप द्वारा कोई सुख प्राप्त कर। सकेगा। घी में अब घी डालते जाओ भी उबल रहा है। वहाँ बढ़ेगी घटेगी बढते जाए। तो लाल मनाज प्राप्त करते। वो कहते हैं ना दे दे वायरल धन पाने वान लोग। आज ये नहीं जानते कि असली कैसे प्राप्त हो, सन। वो ये नहीं जानते और लोग किसका मार्गदर्शन ले रहे हैं, मार्गदर्शन ले रहे हैं, स्वयं नहीं जानते। शिव भगत में इस विषय को स्थापित करने के ल अनेक लीलाएँ हैं। जैसे आपके मन में सुबाडिबुनीकीकता पढ़ते हो, सुबारीमूनी बहती कोटी कोटी के मुल से अगर आप को बताया जाए। योगिक शक्तियों के बेचने वाली मुल्ली चिंतन कर लेते हैं। दरिया के नीचे सब मरीन होते है। सर मैरीन 1 फ्लो मैरीन बन गए, शुरू हुआ था, 1 फ्लो नीचे जाते थे, अब तो 3456 फ्लो जाते। सुबरी मूली बिलकुल गिराई में भगवान का चिंतन कर रहा था और लाज लगाओ और उस वतरण में कोई शेर थोड़ी करता है, कोई आईना थोड़ी रखता है, कोई ये थोड़ी देखता है की कितना ू वह फाइनल जेल में क्यों देखना चाहते हैं। में हमारे 1 भक्त हैं जो कह रहे थे अमेरिका में उनके मित्र की 1 बिल्डिंग थी। वो बिल्डिंग में जरा पुरानी किराया जो है बार बार कहते थे इतनी शो जारी है, प क्या किया जाए मैं इतना पैसा करना नहीं चाहता क्या किया जाए। मित्र ने कहा में आइना है क्या कोई आईना न, उसने कहा लाइफ साइज आईना लगा दे और फिर देखना की वो शिकार तो उसमें 3 डायरेक्शन हुए हैं, लाइफ साइज में शीशे लगा दिया, लोगो के शिकार की संख्या बोल घर शीशे के सामने देख रहे थे, वो कैसे दिखते है। तो जब आप किसी पर रहते हो तो देखते रहते हो कैसे कैसे देखते हो? और आगे के नीचे ये सुबा ली। में दाढ़ी बढ़ी हो गयी थी, दांत बाहर आ गये थे, उनको कोई चिंता नहीं, उन्होंने देखा की 2 मछलियाँ भोग विलास में लगी है और इसके द्वारा उनके मन में भाव जागृत हुआ तपस्या तो कर रहा हूँ। तो देखो मछलियाँ भी वो विला से आनंद उठा रही है। तो उसका मन भटक गया इसलिए में कहा गया है मन मन भाव मन भक्तों माँ मन के द्वारा सदा मेरा चिंतन करो। मन जो है भटकते रहता है और 1 में भी अगर आप किसी गलत विषय का समन करोगे तो आपके आध्यात्मिक जीवन में हो सकती है के लिए आज आम जन तो ब्राह्मण खानदान में हुआ था, बचपन से छोटी आयु से भागने की वीडियो में, वो जुड़ा हुआ था। और वो गया था जंगल में फूल लाने के लिए, फूलों का बना, भगवाने के लिए गया था फूल लाने के लिए, पूजा के लिए। और उसने देखा 1 वैश्या को अपने प्रेमी के साथ गले लगाते हुए। तो इस घटना को उसने हिजने बिठा लिया, ये सोचा कि कितना आनंद है बोसिक, इस हलाकि पत्नी भी बचे थे, सब को छोड़ दिया। और एशिया के साथ, तो ये है परिणाम जब हम मन का दुरुपयोग करते हैं, जी का दुरुपयोग किया गया था कि वो रात मनी नो मछलियों को। इससे उसका मन विचलित हो गया, उसके मन में आया भाव मुझे भी देखने 2 कितना आनंद है इस कार में, वो भी अपना मन चिंतन या सालों की 1 मिनट में नष्ट हो गई, सालों की तपस्या 1 घटना से, वो विचलित हो गया। ये है चंचल मन का प्रभाव, हम हमें ऐसे भी सोचे हम तगड़े हैं माया का प्रभाव का प्रभाव। सारे मूली निकल सागर सी और और शहर के राजा के महल में पहुँचे और उन्होंने कहा सुना आपकी 50 बेटियाँ हैं तो मैं आपकी 1 बेटी से भी बात करना चाहत। 2 राजा ने देखा लम्बे लम्बे बाल बदसूरत चेहरा लम्बे नाखुन जंगली जैसा दिख रहा था। राजा ने कहा अपने मन में सोचा मैं अपनी बेटी को जंगली के पास थोड़ी दूंगा। तो राजा ने कहा मैं अपनी बेटियों को जबरदस्ती नहीं कह सकता, अगर कोई अपने विवाह करना चाहे तो मुझे नहीं है। सब बेटियों ने देखा देखते दरवाजा बंद कर दिया। जो सुर विवाह करेंगे तो तुम्हारे मन मार था, बुद्धू नहीं था, आगे मन में जाना समझ गया, क्यूँ उन्होंने कर लिया है। सब मेरे बच्चे चेहरे को लेकर डर जाते हैं। मैं अपना अपनी तरह दिखाता हूँ। योगिक सदियों के द्वारा आप लोग प्राप्त कर सकोगे। तो सपना भी देखा। इस बार योग के द्वारा खूबसूरत युवक का रूप इतना खूबसूरत बहनों में झगड़ा हो गया। पहले तो बहनों में था, सब ने दरवाजा बंद कर दिया था। उस अरे इतना खूबसूरत बनी है। महल बना लिए देखा उससे ज्यादा सुन्दर महल से तो मान गया बड़ा शक्ति होता है। तो इस प्रकार जब सारे मुनी ने देखा बहनों में झगड़ा हो रहा है, उसके कारण उसने सारी 50 रुपहनोमेंशाली कर ली और और फैन से होंगे सौ। बच्चे 2 है। हर थोड़ी देर में उनकी आबादी बढ़ गई, क्या कर लिया मैंने। मैं पहले भगवान के चिंतन में जुड़ा हुआ था, ं ियों की मोगा से लेकर मैं विचलित हो गया। मैंने गलती की है। अब मुझे पछतावा है तो मैं ही महल को छोड़ कर वहाँ पर जा रहा हूँ। जंगल में चंदन करने, चिंतन करने उनकी 50 पतियाँ बिराए पतिया। पतियों ने देखा ना पाती कितनी गंभीरता से भगवान का चिंतन कर रहा है। पतियों ने कहा हम पति जैसा करेंगे और सब जुड़ गए। ये कथा भगवत में ली गई है। नवस्तर ये साबित करने के ले कि चाहे आप कितना भी शोक प्राप्त कर लो। भौतिक संसार में आप शांत नहीं हो स। इसलिए जो बुद्धिमान व्यक्ति है वो ही शिक्षा का लाभ उठाते हैं। वो ये नहीं कहते है। हम देखेंगे माया या नहीं। बाद में बताए गए।
आपको
ऊपर बिलिंग से देखने के लिए आपको मालूम है। सबने कहा है छलाग मारोगे तो हड्डिया टूट जाएगी। ये टेक मी एक्सपेरिमेंट आप दूसरों के एक्सपेरिमेंट से खुश हो। उसी प्रकार हमें शासगेवानीसंतगेवानी का लाभ उठा। बाद में माँ। ये यात्री की भी आज यात्री उन्होंने हज़ारों सालों के लिए उन्हें बुरे पर गए थे थी। छोटे बेटे ने अपनी जवानी बदल दी, उनको दे दी। यह भी माना जा में लस्ट गोट मे बकरे के संभाल बाबाजी लस्टी गोट है उसको आप कदल खाने के बार रखो और अगर उसे मौका मिले हिंदिया दीदी का काम आसन का उसका लाभ उठा लेगा। ये नहीं देखेगा सोचेगा 2 मिनट में मेरी बारी आने वाली है। यह है ज्ञान व्यक्ति का वो, यह नहीं समझ पाता कि ये जीवन किसी समय भी मना ने पूछा ामाने पूछा देश माना है। में मैं सबसे बड़ी क्या बात है। में ने कहा हर 1 पल पर हम देख रहे हैं, हजारों व्यक्तियों का अंत आने वाला है, हम सोचते हैं हमारा, ये है ज्ञाता का, तो यहाँ इस रिहाई के आरभ में आगे लोको
में
भारत समझाते हैं। यह जो बौधिक संसार है, ये 1 बड़े जंगल के साथ समान है। और जंगल में कई लूटने वाले व्यक्ति बैठे हैं, वैसे आप जंगल में या डरते हो, कोई लूटने नहीं आ जाए। हमें जंगल में अकेला जाता है। तो जल्द बारत ने कहा ये जो बहुत संसार है, ये जंगल जैसा है और ये जंगल में कई भयंकर पशु है। और ये सारे पशु आपको छूने को तैयार है, ये भी जो इंडिया है ये भी हमें लूट रही है। जैसे नेत्र नेत्र के द्वारा, हम भगवान का स्वरूप देख सकते हो, नेत्र के द्वारा बनी को देख सकते हो, वो उधार लिया जाता है। 1 पतंगा रात के समय बिजली को देखता है, बिजली की रोशनी से बड़ा प्रभावित होता है। और वो ऊपर जाकर रोशनी बल पर बैठता है। तो क्या अनुभव करता है, उसकी गर्मी से उसका शरीर जल जात। अब मायापुर में जाओ सुबह देखते हो। बढ़ाने में हजारो मे शास्त्र ने कहा की दिया उसी प्रकार जो व्यक्ति अपने नेत्रों का उपयोग नहीं करे, भगवान की सेवा में, उसका परिणाम इस पतंगे जैसा होगा, मौत जैसा होगा मौत का अंतर, ये सब हमारे शत्रु है। कान कान का उपयोग कर सकते हो, भगवान का गुणगान सुनने के लिए, भगवान का भजन सुनने के लिये, कृष्ण कथा सुनने के लिए। और यही काम अगर हो, रॉक म्यूजिक सुना, यही सुना, यही काम शत्रु बन जाता है और शाम उधार दिया जाता है। डियर हिरन हिरन को पकड़ना बहुत मुश्किल है। यहाँ अमेरिका में जहाँ वाचिंग माना मंदिर है और कई भागते रहते हैं, उस इलाके में बड़े डीयर वो भागते जाते हैं। डील को पकड़ना, इन को पकड़ना बहुत मुश्किल है। क्या करते है, धुन बजाते हैं। जब वो धुन बजाते है। दौड़ना रोक देता है, देखता है यह धूल कहाँ से आ रही है। वो रुक जाता है। तो शिकारी क्या करता है? तो भगवत दिया जाता है। हम जब कानून का दुरुपयोग करें तो वहां भी नए पैनल हाथी को पकड़ना बहुत मुश्किल है। तो जो शिकारी है वो क्या करे? वो हाथियों को खास ट्रेनिंग देते हैं, जिसके द्वारा हाथी अट्रैक्ट होता है। हाथी का पीछा करने को उन्होंने खड्डा खोद लिया है, जिसको ऊपर से घास से छिपा लिया है। जब हाथी व पहुँचता है तो उस खड्डे में फँस जाता है, हाथी का पीछा करता है। काम वासना के। तो यह उदाहरण है। हम सुबह से रात व्यास रहते हैं, ये सोच में काम वासना कैसे बुलाया जाए, ये सुबह से रात, काम वासना कैसे बुलाए? और ये परिलाभ होगा। तो यह है सास। क्या बज गया? जीव जीव जो है आज कल लोगों को चस्का है, बिना भेदभाव के कुछ नहीं। का आरोप यही जीव को देश,
जब
लोग मछली पकड़ने जाते हैं, क्या करते हैं, अपने फिशिंग नेट में खाने लगते हैं। और जब वो मछली देखती है और खाने को मिल गया, चलो जब जाती लेगा, वो फंस जाती है, जाल में उसका अंतर जाता। तो इसी प्रकार शास् उदाहरण है। अगर हम जीप का दुरुपयोग करे तो हमें इसी प्रकार का इनाम भुगतना पड़ेगा। तो शास् में उदाहरण दिए गए हैं। और ये कहा गया है की हमें महान मोदी का उपयोग कर। जा। सवोपालीविदमुपता से ना भगवान के नेक नामों में है, सारे इंदियों के स्वामी, ये इंदियों के स्वामी कौन है। न। भगवान स्वामी जा रहे थे, मिलने जगतपुरी में और रास्ते में उनका शरीर है, उसमें ये शरीर जो है वो बिमार हो गया, शरीर में पस आने लगे। इतने सावधान नीती चलते थे की रीति के ऊपर चल रहे थे, क्यूँकी वो ये नहीं चाहते थे की जगा है उनका शरीर उनके शरीर पर लगे, जो की बस वो पुंजों से भरा। तो वो ये सोच रहे थे, मेरा शरीर बेकार हो गया है, इसकी कोई वैल्यू नहीं है। मैं जगनाथ पुरी में रथ के नीचे आत्मा हत्या कर दूंगा, पीछे, तिन लोगों को पता था उनके मन में क्या भाव। वहाँ लोगों ने कहा सनातन, ये जो देह है, यह तुम्हारा नहीं है, ये मेरा है, मैंने इसका उपयोग करना है। इसलिए भगवान के शिक्षक का फाइनल के ये होना चाहिए। हमारा विचार ये दे हमारा ले है। जब तक हम सोचेंगे दे हमारा है, तो हम कहेंगे जो मन कहे वो ही ठीक है। ये मन आपका सबसे बड़ा शत्रु है, सोचे आपका सबसे प्रिय बदलू है। तो पहले हमें ये बचा बंदूक कौन है? शत्रु कौन है? और हम शत्रु को बंद बुलाने माँ मेरा है। मैं योग करूंगा, भगवान के संदेश की स्थापना की, सो, ये हम सब को सोच रहे है। you one life, one। तो यहाँ जल भारत हमें वो ही समय दे रहे हैं जो आप पहले भी सुन बैठे हो। और वो क्या है की चाहे आप कितना भी प्रयास कर लो, नाते बुजुर्ग, सो आप लेकर सोग और समस्या क्या है, यह नहीं जानते। अदिसु क्या कार्य है। ये सबसे बड़ी अभियान अगर आप बालीवाल चर्चा करो। ये प्रतिकूल है जीवन के लक्ष्य के लिए। मानेंगे मेने उनको यह देश तो इसलिए साल आवश्यक हो। इस शोक में कहा जा रहा है कि जो बोली वाली व्यक्ती है, चाहे कितना भी प्रयास कर ले, वो शो प्राप्त नहीं कर सकेगा। ये सोचना की भौतिक कार्यों के द्वारा हमें संतुष्ट प्राप्त हो सकती है। जो बहुत बड़ी है। मान लो आपके पास हर प्रकार की सुविधा है। अब बिल के का नाम सुनाए सुना है। बिलके वेरी हैंडसम मैन शुरू से बड़ा हैंडसम, बॉलीवुड नोबुक एक्टर भी देने, उनकी पत्नी भी बड़ी खूबसूरत है। पर ये सब कब तक रहेगा? मुकेश माने के फोटो देख के पास भौतिक डिश्चीसे देखा जाए। सब कुछ है, पर कब तक रहेगा? रिकॉर्ड 6 महीने होम तो कहने का तार तो यह यह है। हमें यह खबर देना चाहिए की अगर मुझे सारे विश्व का धन प्राप्त हो जाए, सारे विश्व की सम्पति प्राप्त हो जाए तो भी मैं नाम रहूंगा। इसलिए अगर मुझे असली उपाय चाहिए। क्या है ये भगवत का उमेश? तो यहाँ कहा जा रहा है कि व्यक्ति दिन रात बहुत परिश्रम करता है। जो बात तो ये जो जंगल है, जंगल में कई लुटेरे हैं। आप बौधिक सलमान में विवाह करते हो, बच्चे होते हैं। क्या? कहते हैं बाई मी दिस पाती, क्या, कहेगी मुझे, यह 2, यह 2, यह 2, ये सुधार क्या? ये जो लुटेरे हैं, ये आप को शांति से लेने नहीं देंगे सकते हो, पर नहीं रह सकते।
इसलिए
suprem to the bad वोल्ट रिहाई में आप देखोगे। जंगल में किस रूप से हमारे हर सुविधा को रहे हैं, चाहे आप कितना भी 2 उन्हें अंत में क्या कहना है। अबे क्या दिया हमने, ये हमारा अधिकार
है
आप कि मदद का में क्या क्या माल है, सो इसलिए मोदी मान व्यक्ति को देखेगा। मैं तो किसी को संतोष नहीं कर सकता। भगवान को समेट कर सकते है। मीडिया पत्नी 1 कवि है? उन्होंने कहा भौतिक संसार में चाहे कितना भी सुविधा मिल जाए, वो पानी के बूंद के बराबर है। प्यार से व्यक्ति को 1 बूंद पानी का लिया जाए। या बुझेगी आपका गर्मी का मौसम आपको 1 ही बोल पाने का नहीं है, बल का पानी पीने जाते है तो आपको ग्लास में लेने का अधिकार नहीं होगा। 1 ही पुल कहते हैं, ये है वो चाहे आप कितना भी प्रयास करो, competi get drop मॉडल तो जो है, why should i raised by time, why should i लिंक point इमोशनल से या तो प्रॉपरली ने हमें हर प्रकार की सुविधा दी है। भक्ति के मार्ग में आगे बढ़ने के लिए। फोर डीरी जब, 6 मई महीने डीडी बंद थे, अंदर बंद था तो आप मिस कर दे, दे, भगवान को कर दी। नहीं, ऐसा लगता है वो 6 महीने का भूल गए तो याद ही नहीं आता। या ये जो फॉर्म बंद रहा है वो अभी भी बंद है। पूना मंदर भी दुबाद वो सुनते हैं, तेली पूरा खुल गया है, भेल खुल गया है। तो हमें इन सब सुजा करना चाहिए। यह बात जरूर है। 4 के लिए। आज में थोड़ी कठिनाई है, पर प्रयास करोगे भगवान आपको साल now picing very difficult to retain। गो टू वंदावन कठिन स्थिति है? हम बुद्धि को ज्यादा लगाएंगे, उपाय ढूंढने के लिए 1 सीने दूरी है। मैं उसका नाम भी लेना चाहता तो ये कह रहा था की अभी लॉक डाउन हुआ है, मंदिर का कलेक्शन पहले के महंगा में डबल हो गया है। करेगा कैसे हमारे पीछे रहे हैं, उछाल कर रहे हैं। तो अनेक साधन है। हमें केवल उत्साहित होकर प्रयास करना है, उत्साहित होकर प्रयास करेंगे। भगवान आपको कोई कोई रास्त ना। तो लोग तो देश क्या है महाराज भारत महाराज आत्मज्ञानी शिक्षा दे रहे है, वो कह रहे हैं नियान व्यक्ति खुशी की खोज में प्रयास करता है। पर असल में पौधिकइंसानने किसी कार्य के द्वारा चाहिए तो क्या करना तुम्हे? और ये भी सोचना चाहिए। मानव के बाद हर जनम भानवधेमेंप्रापहो इस विषय की चर्चा बात कर रहे हैं। कइयों के मन में ये विचार रहता है। अब ये मानव देह प्राप्त हुआ है। चलो कुछ भी हो, जीवन मान मिलेगा नहीं। आप पहाड़ की चोटी में जाकर नीचे फिसल कर गिर सकते हो। यहाँ आपको कर लिया का जन्म आप सोच सकते हैं। इसलिए कहा भी जन्म प्राप्त हो सकता है। तो हमें यह सोचना ऐसी सीडी में पहुँच गए हैं, कुछ भी करे। हम तो इसलिए कहा गया है भागे गुरु कृष्ण से करोड़ो में 1 व्यक्ति है जिसे भक्ति का बीज प्राप्त होता है। तो आप सब जो भक्ति में जुड़े हो, यह मत भूलो लाखो करोडो में भक्ती का ज्ञान मिला है। ने क्या कहा? भक्ति उगेगा, कब उगेगा, क्या करोगे, क्या करोगे? what the seed water, the सी पानी पिला गए है। sowlaतोsonamketnam is we, as hirapur everyone? नाम केते नाम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चाहे आप किसी आश्रम में हो। माने कहा भक्ति कभी झुकेगा, अगर आप उसे काला पानी पीता। ओगे, जिसका अर्थ है शरण। और उन्होंने आगे कहा की जिस प्रकार ये मंदिर के चारों तरफ दीवार है, दीवार क्यों है, हम शातिनी गलत व्यक्ति अंदर आ जाए। इसी प्रकार हमें अपने आप को भक्तों के संग में रखना चाहिए। भक्तों के संग में रहोगे, तभी कमजोरियों को जल्दी सुधार से बोले। हम जो भक्तों के संग में रहते हैं, हमारा यह विचार नहीं होना चाहिए। मेरी तारीफ होनी चाहिए और अगर कोई मेरी तारीफ नहीं करे।
न
की जी कहते थे जो की तारीफ करे, वो आपका दुश्मन है। आधे नौकर ईशान के साथ वन, वन वरणासी जा रहे थे। माँ होटल में देखा, मालिक इतनी खातिर कर रहा है। हमारी आगे पीछे नाचते रहता है। उनको शक हो गया। जरूर इसके मन में कोई भाव होगा। तुम्हारे जी में कोई धन है क्या? शान के पास 800 पान कुशामतकररहाहै। तो जब भक्तों के साथ में रहते हैं, ये उम्मीद करो हमारी तारीफ होनी चाहिए, प्रशंसा होनी चाहिए। आ शु ये भाव ना जाए। अगर कोई हमारी सुधार के लिए कुछ कह रहा है, हमें बड़ी खुशी से स्वीकार करना चाहिए। भक्ति कहते थे बी वेयर ऑफ लेटर्स सुन है। वो जो आपकी तारीफ कर रहे हैं उससे डर जा हो। जो आपके सुधार के लिए 2 को सुधारें, वहाँ पर आज तो संक्षेप में कि लोक में शिक्षा दे रहे है। बौधिक इंसान में कभी ऐसी प्राप्त नहीं होगा जो बुद्धिमान है। वो जानते हुए लुटेरों के सब से दूर रहते हैं। वह इंडिया का प्रयोग करते हैं तो वह इस्तेमाल में hकsnaनyqवेs्tiन was clear, wod everybody her clearly
हा, जैसे आपने बताया की भगवान की सेवा तो किस सर्विस करते, लेकिन हमारा मन जो है वो अवाम को नहीं कर पाता सेवक है।
सेवा करते हो वो भी समान, तो तुम सेवा करते हो देर, चेनिंग आप पोस्ट जाते हो, दर चेनें सेवा कर रहे हो मेरी सेवा के लिए, भगवान के लिए है
हमेशा श
और
उसने आज तो इसको
कैसे प्रसाद प्रसाद भाव भक्ति द्वारा, मुर को पसंद करते है लोग। भगवान भी। अब आप पूछोगे कैसे क्या टेक्नोलॉजी है? ये टेक्नोलॉजी आप ही समझ पाओगे और जब आप गुरु इस आदमी को पसंद करते हो। krishna is also patama is very high। भगवान अंतर यह है, सब विचारों को समझ लेते हैं आपका कैसे ये भगवान है? okay yes yes
को बोलते है की membr
और रिमेम्बर्स के कई सालो में 1 है भगवान का रूप है भगवान की मिलाए 1 भगवान का सन्देश, भगवान की सेवा, सेवा कर रहे हो और ध्यान से कर रहे हो। ये सेवा ान के लिए की जा रही है। yes
weston here in spection weston stats
so, then for handed condition to the
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develop thats why every boning weygettakashus and not what is in shaitan mine is shital mine in a plundreeiagontsea, take a blum we a broom in so so the point is maine yourself ramlaasiacerbl and main rich you know whats flight won rog myenischncajuna chnchlikmaa। ऑप्शन ऑप्शन ऑप्शन का क्या होता है? हजार बार सुना है भी
है
को हजार बार बोला so my names like that you the keep beating a day।
संसार है, वो संत है। और यह भी सुनते है की विश्व पोरेटेजकमोजीजसुहाव वेस्ट
पहला क्वेश्चन किया था प्रसंसा पढ़ते है, वो संतू
है।
असली प्रसंद साबित हो सकती है ये हम कहते हैं हमेशा कोई अच्छा काम करे। हम कहते है गुड वर्क राल कागज भी नहीं पापा थैंक यू सो, असली सा और दूसरा कैश
दूसरी दिखना चाहिए,
गुड क्वालिटी भी देखो, जियो को भी देखो हमें आदत पड़ जाती है। गुड क्वालिटी का सुनने के लिए हमें के परेम से कहे जी में कमी है, इसे सुधारना चाहिए। अब आगे बढ़ने के लिए हमें स्वीकार करना चाहिए। सम दुर्गा
की क्या था कि जो लोग हो करने के पश्चात हो करने का तो मे होता है, लेकिन फिर भी उसे करने सा सोच के रेट
हो करने के बाद हमें आगे 1 प्वाइंट डाला जवाब आपको, नो मोर नोनसंबाबायेउधहरण 1 बार जल्दी करो, 2 बार जल्दी करो, 3 बार माफ कर देगा और बार बार। थी तो हमें भी सोच लेना चाहिए अब हमें नहीं करना चाहिए और सारे सहयोग अब केले में हो तो ये मात्र नहीं होगा नहीं कहा जाता है साल साल से ना बच्चों को देखें
ऐसा लगा कि इसका मेरे कोई नहीं जो मेरा है कम्पैशन डेट कर सकते
हमें लगता है मेरे राम और पहेली घर बने मेरे ऊपर डिपेंडेंट है तो और वो विचार आ सकता है। और 1 जीवन भगवान की सेवा में अर्पण करने उसके द्वारा सबका लाभ होगा आपकी भक्ति का लाभ वहाँ बाप दादा लाने सबको को भगवान स्वयं सब हम जमसपाव यह सबसे ऊँचा है जब सेवा कर रहे है भगवान की सेवा कर रहे हैं भगवान क्या कहते है सब धर्मों को छोड़कर सब b्rिसतेसबपेचान वाले केन सब सबसे ज्यादा जरूरी है मेरी
से
मारे ससारदूटेयरसे भरा हुआ है तो फसल में तो को प्रचार या मुझे बचने है ये जल्द भारत कह रहे है इस अध्याय में जल्द भारत करेंगे इस संसार 1 जंगल जैसे है वो जंगल में अनेक लुटेरे हैं जो आपको लूटेंगे अंकों को कानों को आप तो ये शासक लुटेरों की संगत में सावधान रहो इंगलुटेरा
भगवान विलय में बैठ जाती है
तो प्रैक्टिकल ली
लेकिन गुरु को साफ 2 अगर ऐसा भी हो गए है सो
क्या गुरु अंतरी मे रही है ही जादुर जिसने सुवारी बोली है पिजयादीशक्तीहै गुरु सिम्पल पोसम भगवान कैसा मेरे को पूछा रहा है राम से क्या ले रहा है ऐसे करोगे तो आगे बढ़ोगे जैसे करोगे पीछे करोगे टीचर और कोई हम जादूगर भी है वाला रिस्पांडर को दी कह रहा है मेरा नाम जादू
सेवा करते है तो कल है बहुत सारे भक्त आते है हमार सुनो
लेकिन
हमे कैसे पता चलेगा
अगर आप कर रहे हो जो वहाँ ने कहा गुरु ने तो शो आप महल मानी कर रहे है लगा if you are falling instruction and doing or grushangrusan brouse, we are repeating on proper going in and you so a lot se दूगने इसमें कोई मैजिक नहीं हर नहीं बडी सिम्पल टेक्नोलॉजी है ये है tags or
i
o, not always genre flatrygenril appreciation is a appreciation and flatrysर बंदे नमकसार सुनते
है तो
में भी पहल करता है
तो इसमें लगता है कि
कानून को देने वाले दे तो इससे के बाद छुरीटीकनेमेपता है एप्रीशिएशन रहे थे जल है और हमें याद भी पड़ जानी चाहिए हम सबको जेनविन होना चाहिए nice
correction
करेक्टिंग बात कल नोट लूट ली अरे बना हम बहुत लूट ली भगवन गीत भगवान कहते हैं की तपस्या के
तपस्या सीकी
okay elyonbragon
जब हम सुनते है की रीना है, जब हमको इतना श्रोता
नहीं होता
नहीं होता बात की रीना का साथ है तो कैसे
we dont expect somebody join us we will have a there to moon will devel up with facts the like you poiames the facts bag, the i
will get strong
as i practis stop no practise in the leglerbason i have i talk now krishna हाई क्रिशना हाई क्रिशन हरे हरे
रामा
हरे हरे।
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