मन और इन्द्रियों की गुलामी से कैसे बचे ?|How to escape from the bondage of mind and senses?|20.11.17

The video presents a multilingual devotional discourse in which the speaker(s) discuss the problem of being enslaved by the mind and the senses and outline a path to liberation through bhakti (devotion). They emphasize daily reading of sacred texts (especially the Bhagavata), chanting the holy names (Hare Krishna, Rama, etc.), and maintaining constant remembrance of God. The talk repeatedly stresses the importance of a guru‑disciple relationship, urging seekers to follow a guru’s instructions, practice mantra meditation, and avoid attachment to material desires. Practical advice includes performing simple austerities, focusing on one task at a time, and engaging in community activities such as temple building as a metaphor for spiritual construction. Throughout, the speakers intermix Hindi, Urdu, Sanskrit, and occasional English, creating a fervent, instructional, and sometimes chaotic tone. The overall message is that by surrendering to God, practicing disciplined devotion, and keeping the mind fixed on the divine, one can free oneself from the bondage of the mind and senses.
Chapters
हरे कृष्ण हरे कृष्ण। ओम गिर्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्गुन्�
श्री अंग्रेंग तक राध हर
श्रुभा साथी कोई प्रमारें।
रे कृष्णा रे कृष्णा कृष्णा कृष्णा रे
हरे हरे राम रे राम राम राम राम राम रे हरे। प्रम्भी उमान सर्विद्धेव वस्तदा मुख्षिवेब्ने किया धर्म जे बदाविदे। धर्म پڑھا مہتر پڑھن سلوک ہے, अगर आने बाद ध्यानते सुना, ताना और ताक्रियर, तो ये सलोक घंग-घंग के अध्वे चौतिस घंग कर है, पर ये सलोक उचारण कर नहीं है, सुने थी, जुरूमना की कता पढ़ते है चौतिस घंग में, के तिन महा परपुर्ण के स अच्छर जुरो मनाज पुलाननाराज की हिन्दाव के वश्चे में बते थे. अच्छर जुरो मनाज पुलाननाराज की हिंदाव के वश्चे में चर्चा करते थे. तो आपने इस दियाई में देखा एक राजा ते जेन नाम से हमारा अनुद्धा ना पाने। उनके भाई के नाम से प्रिया वड़ता है। और ये दो पत्यां की सुरीची और सुरीची सुरीची के पुतर के नाम था जो भावू सुरीची के पुतर के नाम था पुर्थान पापा। तो एक देन सुरीची का और जोने देखा उन्हों भाई पिटा की गोल में उन्हों प्रयास किया गोल में बहती थी पिटा के पाथ सुइटी बैठी थी जिसे उनका अधिक पाकशन था सुइटी ने कहा तो हम तुम्हारे पिटा की गोल में नहीं बैठ सकते हैं अगर आप चाहते हो کہ اگر تمہیں راجپدی پرابت ہو تو تمہیں بھگوان کی اپاسنا کرنی پڑے اور اگر پھر بھگوان کی کرپا ہو تو پھر تم میرے گھر سے جنرل ہوگئے بیران امبیدار کی موجہ پہنچن ہوگئے کہ یہ راجپدی کی اطمین کر سکتے ہیں جن سے شمنہ میں وہ کہہ رہی تھی آدم شریف کیا मुझे मनकी पिपा होगी तो मेरे करते में सनाम लोगे। और जान सुरीची ने ग्रूप और लोगा पिठा की गोलने में बैठने से पिठा ने कुछ नहीं कहा। संगीजी में कहते हैं इन पैट साथ में जूरु का गुलाम है। नाधर दुनैना की शुरी थी उन्हें बेटे का बड़ा अपराज कर लिए चिलाकर जो जोड़ चुक रहे थी और इतनी जोड़ से चिलाया कुई चीज़े की जो महेल के नौकर थे सब ने सुन लिया तुस में जोड़ ने बड़ा अभ्मान में सुन किया जो जो ग और यहां उनकी मां उनको शिक्षा देवी है। मां के पार गए, कुड़ी खड़ना सुनाने होती हैं। मांने कहा, मैंने खड़ना सुन लिए हैं। दूसरे नौपर लग सुन लिए हैं। मैंने आज कैसा सुनाना होती हैं। तो सुनीती माता भोती हैं। मैं से बोलता हूँ, म जिराही से देखो लो जो उन्हें खास करके सन्देगर पंछुला के बातों को देखा हैं जो मैं आज के मारे लिए हैं तो क्या कहनी हैं सुने की ये मेरे पुत्र उन्हें परभवान की शरल लेनी थे आज के बातों में आज कहो लो बोलते हैं परभवान की शरल लेनी ह ना भगवान की शरंद। कहते हैं हम पर भगवान की शरंद लो। जो अध्यान देया लोगे, तो कितने कितने शरंद पर हमें लेनी हैं। अगर आप भगवान की शरंद नहीं लेते हैं, मान लो, तो कितने की शरंद लेते हों? माया की शरंद का हाथ क्या है? इन्यों की शरंद ہمیشہ کچھ نہ کچھ مانگتے جائیں گے جن کو چھویے کھڑنی تصویریں دیکھنے کے لئے جن کو چھویے چچکی کے لئے گوھرن کھانے سے آپ سننا چاہتے ہو مولینگ ڈھونگ اور انڈیوں کے گلاف بنوگے تو چاہے آپ کتنا بھی پریاس کر لو آپ انڈیوں کو سمتش کر پاؤگے کر باؤ گئے ہیں؟ ہم مدھر میں مہاجرین جانتی کی قصہ پڑھتے ہیں جنہیں دس ہزار سالوں میں پوری چھوٹ تھی انہیں دس ہزار سالوں میں اتنی چھوٹ کیا اُس کی ترقنہ بھی کر سکتے ہیں فرنس میں اُن کا کیا تعلیم نہیں رہتے ہیں کہ وہ لیسٹک روٹ جیسے سمجھتے ہیں इंदियों को संदुश नहीं करपा हैं। तो हमारी शास्त्मा में हमें पड़ा महत्तपन संदेश दिया जाया है। क्या कारणे के कहा जाता है भागवतन को सुनों रोज। रोज मंदन नहीं आते के तो संदेश में पढ़ो। नास्ता प्रेश्व भदरेशु नित्यं भग भगवतम सुनोगे तो यह जो बहुत एक आकरशन है वो अस्ते अस्ते पिकलेगा तो अस्ते महा पुछाएगा जैसे महा मंतर के पुछान से चेत दबना है तो भगवतम के द्वारा आपने ये ज्ञान मिलता है कि इस पकार ये जीवन का सुद्ध प्योग करना चाहिए तो सुनिती कहने हैं परम भगवान की अच्छरन लो, तो परम भगवान की अच्छरन लेने का अर्थ क्या है, अर्थ हैं कि आप उनके अदेश का पालंब करें, सिख्षा का पालंब करें, क्यों नहीं, ये नहीं कि आप कृष्ण भगवान के बात से हैं, तो आप पहले जो कहیں जब शांतों में कहा जाता है परमवर्गिष्वन लोग तो उसका वर्थिया है कि उनकी सिख्षा, उनकी सिख्षा में कहांता आप सोती हैं पर अब भर्वानत प्रकंट हो गया है बगवता में कहा गया है उनकी सिख्षा वो छोड गयी है कहां इसने मत बग� جیسے پرمتم میں کہا گیا ہے सवय पूल साँपरोधेमो उतना पूल साँपरोधेमो पूल साँपरोधेमो पूल साँपरोधेमो पूल साँपरोधेमो
साँपरो�
उन्होंने यह नहीं कहा देवता देया रुखे हैं उन्होंने यह नहीं कहा कि पर देवता की शर्म होगी कई बाल हम सोच देते हैं कि हर उपात्मा का एक पड़ी नाम है तो भगवतम की दैश्य अस्थान में जहंम भगवान की अग्बुदीनां के विश्व पर जैसे प्रामा समीता में भी कहा गया है क्या ईश्वा प्रामा कृष्णा सति नना पृदा नाधराद गोविदा नाधराद गोविदा ने एक ईश्वा है तुम्हें परमेश्वर हैं परम बग्वान जाने हैं बोक्षन के प्रती अत्यां देहा समेता आप अगर तुझ सेवा भी करोगे वो सेवा का प्रदाव होगा। शीरा स्वामी महानचायत है उन्होंने कहा कि भर्ति में इतनी शक्ति हैं जब आप आंग बढ़न करके दोड़ोगे तो भी गिरोगे होगे। क्या नहीं करता है पर बच्ची परभाण जो हैं भगतों के अभारिया जाते हैं और भगतों के प्रती अध्यान जाते हैं जो व्यक्ती जन्वर मृते के बनदन से शुकाराश आते हैं सुवीदी का क्या कहना है उन्हें परभाण बद्वान के चरणा चत्वने से उन्हें चरण कमां की चर� अच्छी कुछ ये क्या है जन्नों मिले के बंजन से शुक्षारा तापान है जो प्रावभाजी भाग्री सिनाथा जी को पहली बार मिले कर मिले थे पहली बार बाग्री सिनाथा जी ने लेके ही पिछान लिया ये है वो युवर्फ चोगी महाप्रबु की बहुंविश्वानी को सापन बना सकते हैं। तो जब भक्ति जिन्दियों से आदर जी ने कहा, तो पड़े देखे युगको अच्छी अंगेटी पोते हो, देजाओ महाप्रबु की संदेश को, बाच्चें देजे मुझे। सापनी ने क्या रखा? पह پھر لوگ ہمیں آدھے سندیج کو سننے گا یہ جو گنام دیج کے سندیج کو کون سننے گا وہ پاکستان سے جیگری ہوتے ہیں اچھی سندگتتہ کیا ہے جنہوں میں تک بندن سے یہ ہونا چاہیے ہمارا بھاہ تو یہاں کہا جا رہا ہے اگر آپ کو جنہوں میں تک بندن سے जब तक हम इन्डिया जित्वी कारियों में जुड़ेंगे जब तक हम आज तके विव्रित कारियों में जुड़ेंगे जब तक आपको इस शक्र में फस ही रहने ताएँ। भावतन की पाईश्वेत करनम में आप भवान रिश्वदेव की शिक्ष तापते हैं। रिश्व शक कुरुवे कहा लूना प्रमता कुरुवे देवि कर्मा जो व्यक्की शातके विप्रित कार्य करता है वो कौन है कौन है प्रमता मूर्थ सागल आपवे क्यों क्योंकि वो ये नहीं बचानता कि आज जो धे है उसके पार वो किवल कश तेरा है اور جب تک ہم शलतके विभित काये करेंगे हमیں इन अलगवलपरका के लिए खाप्त होती जाने करेंगे और मुधिक्स पार्ण में जाहें आप अमबानी के लिए हमें जाहें चाहते हैं आप कर्षनों के बच तो खालायां दुखी दुखी हैं जब हम ज़्यावान होते हैं अच्छे स्वाराजन होते हैं तो हम सोचने हैं ये जो चासन का पाप गड़ा है हमें जड़ाने के लिए हैं जो खायें हैं जो खायें हैं तो हम चासन का पाप देखो आज एक लिए दिवा समश्ना में भी आये मिर्द्ध की खन्दों से तो मैं भी आया। तो हमें से मुण किया हैं, हमें से प्रिछान देने हैं। तो सुनिदी का ख्याना है, जो की जनों से के बंदन से चुपकार चाहते हैं, वो केवल परमग्वान की शर्ण बेहन करत हवा जीता का क्या ननन है जीता में योगोधान से संग्र योग का वर्णन है यहां योग का वर्णन है कर्म योग का वर्णन है कर्म योग मां क्या कर रहे हैं भरत्या मां अभीजान अगर लोगों ये समझना चाहते हो वर्पी योगी हैं इस साथ और ये हैं इन्हों बरुतों तो हमारे शासना निर्णा है भर्तियों भर्तियों को संख्षीद में क्या माना जाता है संख्षीद में भर्तियों का अर्थ है कि मन बदीवियां को परपड़ करो मान भी संख्षीद है और ये भर्तियों का भाव कैसे बढ़ता है भर्तियों के मार में सभग आप कैसे भा� रुपा विसोंने हमें समझाते हैं केस वकार बत्तियोग हम जोडते हैं अंध्यम बत्तियोग का लक्ष क्या होता है केशन प्रेम का चेतिन मागोगर कहा सनातन विसोंने रुपा को मो देखे तो रुपा सनातन दो भाई थे जिन्नें जवदस्ती جواب دنشاہ کے راجہ کے شاستن میں جھوڑا گیا تھا اس لیے کہ بڑی مسلمانوں نے دربط 99% نہوالی ہندو کی اور مسلمانوں نے کٹھا دیا تھا آشکری کی بات ہے کہ ایسے ہی کہ مسلمانوں نے اسی چھوٹی بکری کے ساتھ بڑی بڑی پجا بھائی شاستن کیا پھر کوئی سناتھن کی روچی نہیں تھی جنسائیوں میں پہلے جو کوئی بھی سامنے نہیں تیاک پتھر دیا راجہ جگہ کا میں ناکھی نہیں کرنا چاہتا اور اس کے پچھلے ہری سناتھن سناتھن نے ایک مہینے کے لیے راستہ دی گئے جو راجہ نے اڑسا جانا تھا وہاں کے راجہ سے یوٹ کرنے کے لئے راجہ نے کہا ہے سناتھن اتنی لیے سے آیا نہیں وہ نے اپنے سبیلیوی ڈاکٹر سے ہوئی ہے آج تک اگر کوئی اپنے گھر میں آدھا جائے تو گھنٹی مالتا ہے آپ مجھے کون ہوں پھر آپ اندر آنے دیتے ہوں پھر ڈاکٹر نے جب آیا اس نے دیکھا سناتھن کے ساتھ ہری برامن मुझे परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद परवाद शैतनात्मन परवाद को जीयर परवाद परव विदा लिया था जो वो मुर्बडी मुर्गडी लिख लए और केटने माई पुबुने गुबर्टनात्मन को अध्यात्मिक ज्ञान के सिख्षा लिए और कहा बृन्दावन जाओ हती समंदिल ग्रातों की रचना करो और उन साना को खोजो जहां की परंप अनरुपाने बिल्दानोंने आकर अनेग रंदों की रच्णा की जिन्में दो बड़े प्रसिंद हैं मर्थी रच्णोंने सिंदों और पो गेशने पड़ते हैं तो चेज़ने महां तो मुझे सिख्षा रिच्णे का प्रमान्दा प्रमेदितमन भगवानने गुरुप प्रि� भति अभीत प्राप्त हुने हारत है भति के महत्तव का घ्यान ये घ्यान आप प्राप्त करते हो सादु संग्गे माने होंगे यहाँ ग्रंदों के माने होंगे जलने हम अपने देखा हैं हमारे चाहिएं ने प्रचार के सेवपर क्या कारण है कि प्र� भक्ति की महिमा का ज्यान प्रात्त होता है। उच्छे दिन माँपों में खाना हैं। भक्ति का बीज अने की योनियों में प्रिजाना हैं। प्रिजाना की प्रिजाना हैं। प्रिजाना की प्रिजाना हैं। प्रिजाना की हैं। प्रिजाना की प्रिजाना हैं। � اگر ہمارے ید میں ایک شرطہ ہے کہ ہم بھگماندی شہر نیگر بن چاہتے ہیں تو جو شرطہ ساتھ آتا ہے تو آپ کو کسی سن بھاک سن سن یا جلد سن کی سنگت ملے گی اور ان کے معلومتے بھکتی کی ویڈیو کا جان ملے گا تو اس کا پالن کرو گے کیا پرینام ہوگا؟ کیا پریگارم ہوگا؟ अनरतर दिवर्ति हैं. मारे जो अनरतर हैं, अनरतर खालतर हैं, जिन कारियों की आवश्चकत हैं, वो नहीं सोंगे. मरंत में जिस साथ प्राप्त होगी, मौन पिश्में प्रीज. ये साथ समभव है, अगर आप भ بندھن کیا نہیں کروگے تو یہ سمجھ نہیں ہے تو یہاں سمیتی کہہ رہی ہے کہ بھکتیوں کرو اور پرمبرمان کو ہندے میں بچھو پرمبرمان تو ہندے میں ہیں سب کی ایشور سر و بھوتا نام کے ذریعے اور ہر ویڈیو کو پچاندی پاتا जो शुरूती के लिए हैं जो गुर्वान को जिते में बिठाओ। सुनकारत है, गुर्वान का चिंदन करो, गुर्वान का पारण करो, गुर्वान की दिख्षा का पारण करो, और दिनांतर सदा गुर्वान जी सेवा मेरे लिए रहो। दिनांतर सदा सेवा मेरे रहो। भक्त جنس کے پالن سے آپ کبھی تھکتے ہیں؟ پالک سمجھ میں آپ دیکھتے ہو سکولوں میں چھوٹی دیر پڑھائی ہوتی ہے کوئی چھوٹی ہو جاتی ہے سانوی کی دمجد میں بچے پڑھتے ہیں 5 مجھے 9 مجھے چھوٹی ہو جائیں چھوٹی ہوں اور ہمارے جج سائن میں سب سے زیادہ میل کرتا ہوں کوشش بند ہوتی ہے لیکن اور ہم دفتر میں جاتے ہیں پانچ جنگ میں دو دن چھوٹی کرتے ہیں اور کمپلیوں میں جن نوکری کرتے ہیں انہیں ایک مہنہ چھوٹی سے گئے ہیں تو چھوٹی کیوں چھوٹے گئے؟ جیسے پچھلی ہفتہ دنوں میں پلوشن ہوا تھا تو پرچم کو ستی دنوں میں چھوٹی ہوئی ہے کوئی پچھل نے کہا کہ پھروشوں کو پڑھ جانا دیتا ہے ہم چھوٹی کی احساس کیوں رکھتے ہیں ہم تانگا جاتے ہیں تو کالیا کرتے ہیں ہمیں بڑا ہی نہیں گئی ہے ہم پانے دفتر جاتے ہیں اور دو دن چھوٹی جائے ہیں کہ ایک سال کام کرتے ہیں اور ایک منہ چھوٹی جاتے ہیں तो कभी आपके मन में यह भाव आता है कि आप से एक महिन की चुकी होती हैं। क्योंकि इस काने में आननद ही हैं। अनान्द बोरी मर्दना लड़ना होती हैं। कही बालों बोलते हैं। महामान्दर के उचारदर के आदा एक तो हिदे के में अदूर होती हैं। दूसरा � तो प्रापजी तापरे में कहलें हैं कि जो भाक्ति योग का जल सिख्षा भाक्तियों की जल सिख्षा तुनीदी देवी देवी हैं ये हैं, ये विदी, अगर आप सब को उठाना हैं तो प्रापजी उधारें देते हैं तापरे में कस्मास्रवेशु कलेशु अमनस्माही विच्चा। अजनने कहा मैं जुने नहीं लड़ सकता। अजनने कारणे करते थे। तो आने क्या कहा मान और बुदी को मुझे आर्मण करते हुए क्या करो मान और बुदी को सोप्रपदी प्रासपरे में कहते हैं ये आदेश पूरे मानन समाच के लिए कि आप मनन भूदी को बग़्मान के चन का मुनार्फन करते होई आपना कारहे करो आप नापी कर रहे हो, ख़ुणा कर रहे हो, कड़ाई कर रहे हो, मुच्छों को पाब रहे हो सब कारहे करो पर मनन भूदी को ब پھر بھائی یہ کہہ رہے ہیں کہ یہ ہے سری جمہبی کی تکونتہ ہے بھائی کہہ رہے ہیں کہ یہ ہے جو بات ہے بیتیہ بچہ ڈالتا ہے اتیان دیال ہو گئے ہیں ہمیں ملتا نہیں بھالی تو دھروہ مراج کے دل سکھشہ نہیں جواری ہے وہ سکھشہ ہم آرہے ہیں ہم ساتھ پہلے वाप्रावभाजी चातपर में ये आत्में कहते हैं कि भक्यी का जमानग है चोड़े बच्चे के लिए भी है खान साथ के लिए जुरोह मना और उनने भक्यी का पान की। तो सुनीती ने मुम्रुवतों कहा निया जमान से योग नहीं दे सकती भगवान दे सकते हैं � अगला प्रशन ही है साथ हमां कहाँ प्राप्स होते हैं कहाँ उठीरी जिन्दे याकार सुना है जैनल में प्राप्स होते हैं जब आप ब्राजवनल करते होते हैं किलिए बात मैं ब्राजवनल किया हूँ जब आप ब्राजवनल करते हो तो मदवन ली जाते हूँ अभी तपा चल लिया है तो भिरोबनाय देने नहीं कर लिया हम भवान को कोई नहीं कर लिया है जैसे वो घरत से नानत से निकल रहे थे वहाँ पोच गए नानत मुनी नानत मुनी के विश्य में पाप अत्थात्में भी कहते हैं वो सीका क्या है जाने क्या बीता है क्या बीटेगा क्या बीटा है नादा मुरी ने जुरुआ की परिक्षा देगी नादा मुरी ने कहा है हे बालत हमें मां के कठोर शब्दों को इनी तुम भीर्टा से मत बिता चलो یہ بھگوان کا کھوشنے کی عمر تھوڑی ہے یہ تو کھیلے کھوشنے کی عمر ہے جیسے آج کے وقت میں کئی سانوں میں دیکھا ہے چاہے کسی اور میں بھکتی میں جوڑو لوگ کیا کہتے ہیں یہ بھکتی میں جوڑنے کی عمر ہے کئی بار ہم دیکھتے ہیں سار سال یہ اور میں سکار ریٹارشہ دیکھتی ہے سکار کہتی ہے تم نے بہت محنت کی ابھی پنشن لو بجھن کرو اور جب بجھن میں جڑتے ہو سرماد کیا کہتے ہیں یہ بھکتی کی مرد پڑتی ہے بھکتی کیا مرد ہے چاہو آنے اندے ہو، آنے اندے ہو، آنے بہرے ہو کوئی آپ کے بعد سیٹھنا نہیں چاہتا جب چاہو پڑھنانا بجھن کرو پڑھنانا منی نے کیا کہا کیا उसके लोग उन प्रिक्षा ले रहे थे किसकी उदेश ले रहे जे पहले उनने प्रिक्षा ले जैसे ये कौन संथा में प्रिक्षा लेने जे पहले ये उसके आपकी प्रिक्षा ले जाती हैं आपको इन्दियां ले जाते हैं आपके कौन स्वर्वार या प्रेज� ये व्यक्ति प्रिक्षा की जो ये है नहीं है और फेला गड़ियों जो जो आगे परते हैं तो दो राशी भी ना लो इने प्रिक्षा भी जो प्रिक्षा ने ना ये साथ प्रिक्षा ने ना ये साथ प्रिक्षा ने ना ये साथ प्रिक्षा ने ना ये साथ प्रिक्षा اگر ने ना آپ میرا سعیدہ دے سکتے ہو، ہمیں دیدھ ہونا چاہئے، بھگواں کو پیش کرنے کے لیے اگر آپ بھکتی ایمان میں ہوتا چاہتے ہو تو اگر آپ بھکتی ایمان میں سب ہوتا چاہتے ہو تو ایسے رنگ پیر ہونا پڑے گا اور کہتے ہیں کہ دل بھاو کئی بار پھر پوچھتے ہیں کہ دل بھاو کیسے آنکھل ہوتا ہے کی نہیں پوچھتے ہیں تو یہ آنکھل ہوتا ہے کیسے؟ کون بتائے گا کیسے؟ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ یہ بڑا کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ دل کیا کرتے ہیں؟ بڑھنگ بڑھنگ کیا کرتے ہیں؟ ب ہے کہ کیسے بڑا دل ہے بڑا دل ہے کہ کیسے بڑا دل ہے بڑا بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا دل ہے بڑا کون تھی منتر د کا اوچانن، کون تھی منتر کا دیا؟ سوارا گیوہ میں آدھا کھانت ہوئے تھے، منتر کا اوچانن کا ورنہ میں چاہتے ہیں، تو میں نے منتر کا اوچانن کیا، آگے میں نے یہ بتایا کہ کس پرکار بھاگوان کا روح بنا کر वहां का चिन्दर करने करता जो मने मदवन में जब गए महां मिठी से महां का मिठी और पानी से महां का रुपना है और निरंदर वसका इजद्ध करें और ग्रोह मराज ने अभी तपच्या आरद की थी इस उदेशे के साथ میری سوتیلی ماں نے میرا افبان کیا ہے میں اپنی تپیسل سے نماراں کو اکرشد کروں گا اور پھر راجہ پرات کروں گا جو کی تیہاس میں سب سے پرسد مانا چاہے یہ دینوں کی اچھا ہے کہ سوتیلی والا نے میرا افبان کیا پیدا کی گل میں بیٹھنے سے روکا पर उनकी अभाव था चपस्या के मालें से चपस्या दिना जमान को प्रसंद करना अच्छंबाव है आज के वादां में नहीं करेती था हम प्रचार करते हैं पर चपस्या की चर्चा कोई करता है कोई नहीं करता है पिर शास्थम में लिखता है चपस्या बहुत निश सब वो दिल्यंप तरह तरह जी रहता था। एहे मेरे पुपे दे, चपयशा का पहान करो खिच के लिए, हमारी खुश्जी के लिए। तो संख्षेर में चपयशा का अरथ क्या है। उन कारे मत्यागो जो की भाती के लिए क्या हूँ। भाती को की कुछ। उन कारे मत्या یہ تب مہتر ہو گئے سے میرے ناظر ہو گئے ہیں تو سپس بھگوڑ کی طرح کہتے ہیں تین چیزوں کو ہم کبھی تیار نہیں سکتے چاہے ہم آدھ بھگیاں نہیں ہوں اسے بھی تیار نہیں سکتے چاہے تین چیزیں یکیت نہیں یکیت نہیں تا پس تا پس یکیت کیا ہے اس کل یکیت میں دھانا، دھانا کہتے ہیں نا، تو سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، کیا ہے سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، کیا ہے سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، ہے سب سے اوچھے پکا پکا دھان کیا ہے، ہے سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، کیا ہے سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، کیا ہے سب سے اوچھے پکا دھان کیا ہے، کیا ہے سب سے اوچھے پکا کیوں دھان کہ کیا ہے، یہ بھگواں کی اکشا ہے شاستر میں انیک سلوک ہیں یہاں کے بھگواں نے کہہ رہے ہیں پتی نمبر ہو جارہے ہیں کہیں کیوں نہیں ہیں اور بھگوڑ ژیدہ جس میں ویڈی شاستر میں سہار سہار سہار ہے प्रचार्वेद नियाइन में बग़बान क्या कहते हैं नियाइन दान पार्मण कोई है सब अक्में सब स्पियर कौन है तो यह प्रचार्वेद है तो यह जो प्रचार्वेद की सेवा है यह बड़ी महें सभून सेवा है और अगर प्रापाजी ने प्रापाजी में प्रचा तब वरी जो बृनावर में थे लगबर सत्य साथ के आईयो में पाली के जहान में गए विदेश क्यों। क्योंकि इस तया के भावना थी। दानी भावना थी। वो बहुत भी जहान करता है। तो इस आमना को इस सेवा के महतर जिहाण शासन पात करते हूं। और पर किसी नाम नहीं है हमारे परम गुरू। उन्होंने भी इस पर पत दिया। सागवक्रियों महान सांडर। जिन्हें ये प्रचार गता रिया। अनुं क्या। उन्होंने एक ग्रह लिखा था। इसी नहीं सिख्स में। एक दिन महा प्रभ नेक महावज्ञानां बगृति बगृति जिरादा जी ने भी गन चापे और प्राभा जी को क्या देख दिया अगर बग्मान तमें सुविदा नहीं तो क्या करो क्या करो मैं बोला नहीं है अच्छवा करो और और प्राभा जी ने इस विश्वे को उनि गमरीदर जस्वितार के साथे इसको प्राभा जी के अच्छा जान देवों। प्रयाम अभ्यवधारन से उन्हें इस सेवा सम्मत से बदा रहे हैं। तो हर साल मायें भाग साहे विश्वे में जुड़ते हैं किस कार्ये में یہ جو پوچھ سکیں ہیں ان کا ہمیں ادھیان بھی کرنا ہے ادھیان بھی کرنا ہے یہ نہیں سیار بیچھن گھڑوں گھڑوں ہم کو ادھیان دیں کتنے بھگتوں آپ میں سے ایسے ہوا ہوئے ہیں جو روج انگریزہ کو پڑھتے ہو اور پھر میں پوچھوں کتنے بھگتوں ہیں جن کے گھڑوں میں کوئی نمبر ایک گھڑاں تھے وہ تاں بھارت ہیں جس کا ارض یہ ہے کہ آپ میں سے 20-25 परिशल पर वो भी पढ़ते हैं जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिन्ग्रनतुना जिनग्रनतुना जिनग्रनतुना जिनग्रनतुना जि یہ سب ہی آپ गरनदे के मजने सेवा में जुड़ोगे मैंने देखा कि सब ने हाथ नहीं उठाया था बहुत काम बहुत तो नहीं उठाया था मतलब के बहुत काम बहुत चुड़े हैं तो दूसरे शहर में हमारे जो गियर सर्वत में बड़े उठा کوئی اپکے سن سنوں کے شورٹ کٹ نہیں ہو مہاں کے ویڈیو میں؟ کیوں بھاپ راہم سے ہوں؟ ہم کہہ رہے ہیں شورٹ کٹ ایک ہے پرچار کے دیوں میں جو یہ پرچار جب کرتے ہو کہیں لوگ ساتھ دیں گے کہیں ساتھ نہیں دیں گے راہم سے ہوں ہمیں کیوں یہوں میں کیوں جوڑتے ہیں؟ یہ مہنچاریوں کا لیج ہے پاپا جی کا لیج ہے پاپا جی نے کیا کہا؟ You wanna feed me? اگر تمہیں سمجھتے ہوئے تو میں چاہتا ہوں کہ کیا کرو یہ نئے ویڈیوز ہیں آپ سب جھوڑ گئے ہیں جھوڑ گئے میراثان میں بیٹھے سال آپ اپنے کتنے کیلا پارٹی سے 26 تاون 26 تاون 26 تاون ہاں اور پہلے پہلے ये सब आप सब जुड़ेंगे मेराथान में अगर आप देख रहे हो सारे विश्णों में खास्ता के भारत में अगर भक्तों की संक्या बढ़ रही है तो इसका मूल खालन क्या है इन गंधमों को हमें ये नहीं सोचना चाहिए कि अगर हम 26,000 जीता पाने भी मेराथान में तो � कहیں सप्यों में स्टेज होता है, कहें सप्यों में सप्यों में चुरा रहता है, जैसे मैं तीन चार घर्टनाईं जानता हूँ, जहां कि से ग्रंच मिया था देध साथ पहले, देध साथ खोना भी नहीं था, मैं बाद में पढ� وہ اگر ہم پریحاث کریں گے تو بھگوان سری اور دین گے بھگوان گیتہ میں کیا کہتے ہیں جو پریحاث کرتے ہیں مجھے پسند کرنے کے لئے میں جو نے کچھ کرنے میں ہے میں کہاں کرتا ہوں پوری کرنے کے لئے دیتا ہوں دلوں پر آج کا بڑا اچھا مناظر ہے انہوں نے بڑی گہری سپسکے اٹھایا گیا اور جس کی پتی ہوئے ہم بھگوان वर्मान ने कहा द्रोभा मेरे कारण तो मेरे इतनी तपसे उठाएगा मांगो मेरे से क्या चाहिए चाहिए तो द्रोभा मेरे कारण अग मेरे कुछ नहीं चाहिए एक घीरा प्राप्ण हो गया तो द्रोभा ने क्या मांगा वर्मान से तपसे आरण के दी बुड़ा विशाव � प्राज्य प्राप्त। भक्ति के माद्यम से भगवान का चिंदन करके भगवान के नाम और उच्छान करके वो मेरे इतनी शुरृती प्राप्त होगई। जो मुझे क्या मांगा? ताकि अगर आप मुझे कोई वर देना चाहते हो तो ऐसा वर दीजिये कि मैं सद्धा, जनन में तो जब हम घ्रंटों को पाठते हैं इन घ्रंटों में क्या हैं मुतम भक्तों की संगल सबसे पहले घ्रंटों में हैं परम भगवान का संदेश इदा के हर पेज में क्या लिखा है शीव भगवान परम भगवान बोल रहे हैं सुधानन्मृति का उप्देश नहीं है परंब्रह्मान का उप्देश नहीं है और ता प्रेम क्या है हमारे महान संतों की भ्याक्या जो परंब्रह्मानें कहा रहे हैं सुधानन्मृति का उप्देश नहीं है तो जब आँ इन ब्रह्तमों पढ़ते हो तो एक लूप से आ� جیسے کی جب آپ بھائی نام پر چاپ کرتے ہو بھائی نام اور بھاگوان میں انتر ہے کئی لوگ پوچھتے ہیں اب ایک ہی مندہ کو چھالن کرتے دن رات تھکتے ہیں نہیں نہیں کیونکہ بھاگوان نے آپ کے ناموں میں ہوئی شکریت ڈالی اسی پرکار شاستم میں اور بھاگوان میں کوئی انتر نہیں गिता आप पढ़ते हैं तो यूहों हैं अग्मान की संगल और महान संतों की संगल और महान संतों की संगल में रहोगे तो असीं ज्ञान सापर होगे परती सिनादर जी कहते थे समाज में अगर किसी की जी कमी है तो एलसी जी ज्ञान की संगल होगे तो द्रोम्रा की कथा काथी � तो विश्यों की क्या चाहिए है तो जो महारी कसमें हम क्या जीते हैं कि अगर हमें भी दिर्द होना पड़ेगा अगर हम इस बर्दी की मार्ध में समोता चाहते हैं और दिर्द कैसे होगे हम यहाँ ही नाम के चाहिएं से सांथों के अध्यान से सेवा भाव से सेवा और ये सेव भाव करत है, सब की सेवा, भगवान की सेवा, गुरुप की सेवा, संतन की सेवा, अनेग महिश्यों की सेवा, इसलिए हमारे नाम के आगे क्या चोड़ा जाता है, दास और दास की, दास के यह अच्छे हैं, हम जो भगवान की सेवा होते हैं, हम सब की सेवा होते है जवचेतने माहा भोगोंने कहा ना अगर पीस नहीं थी ना तरह और पीस आई थी ना हमारी नमादा देना किरते हैं अधिकोरा अधिकोरा उन्हें हमें ये संदेश दिया हैं कि हमारे में गुद्धर्वर भाव हो और सेवा का भाव हो सब अधिकोरा अधिकोरा हैं तो दुरु کوئی کلاکار ہو یا کلاڑی ہو. अज्ञात्मिक शेधर में भी जो भागते हैं अज्ञात्मिक की लोगनात हैं क्या स्विकार करते हैं हमें एक हैं जुरुमना जुरुमना से उध्यारन से हम शक्ति प्राप्ट चरतकते हैं और दिख्रिक मार में اور ایسے دھیانوں میں آپ پڑھو گے جنہوں نے کہا تھا کہ گہری سے پچھلے اٹھائیں پہلے مہینے جب وہ جنگل میں گئے ہر تیسرے دن کھا رہے تھے ہاں کیا سکا تھا پہلے مہینے پھل तो आम होगा नहीं पल जोगी जानवर खाते हैं बंगर खाते हैं आरती दिल आपको दो एक दिन मती मा खुलाते हैं देध भुगों मेरा शेन देन में तो फिर मेरा सोचाती है और तफ़स्या करनी चाहिए कहगे महीने एक दिन मेरे क्या शुका था फिर उन्हें सोचती हैं हमें तपच्य और बढ़ानी चाहिए तो क्या नौले में एक बार पानी फिर उन्हें पानी पीना तपच्य होती हैं हम यह नहीं कह रहें कि जिस पका की तपच्या आपको मोगे नहीं चाहिए हम यह कह रहें और शक्ती प्रातोड़ी कैसे? प्रापाणी ने पहला इसका भक्यानने शुरू किया नियौक में उन्हें में से हम अमेडियन बनते हैं प्रापाणी ने बनता वो सब ये कहा चेन खाली कृष्णा और माधननुवच्छी लिखा तो भक्यानने जाप करने शूरू किया ते पर प्रापाजी के बाद आये और साथ स्वोमिंग, जो आप प्रापाजी के बाद आये और साथ स्वोमिंग, जो आप प्रापाजी के बाद आये और स्वोमिंग, जो आप प्रापाजी के बाद आये और स्वोमिंग, जो आप प्रापाजी के बाद आये और स्वोमिंग, जो आ तो जीत की तपासिया, बन की तपासिया, वानी की तपासिया, ये तब का वणन शात्म हैं। तो सक्षेट में, आप भिरुमना की तका पढ़ रहे हो, भावुदम के आठ्वे, चौदेश्रम के आठ्वे ज्ञाई में, और सुनेदी माता क्या-क्या ही हैं, भिरुमना से, बग बगतन के परती अत्यांत का लोगे हैं कहीं बार अरे कोई दुरुघटना आती है नामक्षोर से इस दुरुघटना मुझे कियो आई मैंने क्या कल्दी के थी मैंने देखा लिए भरती है हम बोल जाते हैं कि हम सबका कर्मों का इतिहास भी रहता है कि जब भरती में जुड़ते گھڑ جاتا ہے. ہمیں یہ بھی نہیں سوچنا چاہتے ہیں کہ کبھا کو بہت دھیال ہے سمجھے تو کرنا کیوں. ہم چاہتا ہے یہ سوچتے ہیں. اگر کیسے ہم بھگت رہے ہیں بہت بہت کی طرح سے. ڈسکاونٹ مل رہا ہے آپ کو. سمیت بھی کہہ رہی ہے ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔ तो हम सब में यह प्रचार की भावना होनी थे यह इस परकार हम सब बचे हैं माया के प्रभाव से वो यह बचने का प्रयास कर रहे हैं बचे नहीं प्रयास कर रहे हैं यह सच बत हैं जैसे आप को एक मेडिकल कॉलेज में ताथला लेते हो एक थोड़ी ताथला लेते ह اگر کیا مطلب بڑھائی کرو گے, جب امتحان پاس کرو گے, انٹرنشپ کرو گے, پھر پڑھو گے. اسی طرح جب ہم جس کو امتحان پر ساتھ جھڑتے ہیں, ہم جھڑتے ہیں وہ سنسا کے ساتھ. جہاں کہ اگر ہم مہارچاریوں اور پاپا کی تشکیل کا پالنے جائیں, تو ہندویں کیا پرابت ہو جاتا ہے؟ ہمیں کیا کہیں सरवत हमाँ पहता जरहत हैं महाँ तबजन पहतपे मूख्षिषन मूख्षिषन पहतपे मूख्षिषन पहतपे मूख्षिषन पहतपे मूख्षिषन पहतपे मूख् प्रापा जी में इन्दी सुन्दर संस्था बना गया है जो आपको अजारों भगतम की संगल में आप कार्टि में गए तो जन्दावान आप कोई जहरा मिल नहीं थी मंदल में आपे देखो आगा कार्टि कैसे में में ही कार्टि की वो कापड़ी की दिर्वा पीटी वाले दिन 8000 चोड़ी दिर्वा. तो अगर आप देखते हैं वो पक्तमित कापड़ी हैं, बड़ी संग्य संत्य मना ये जांगी, पक्तमित संग्य मिलता हैं, संग्य संग्य मिलता हैं, सुन्दे ज्रांच मिलते हैं, सुन्दे ज्रांच जाच مجھ پر کیا کر سکتے ہو؟ ہم نہیں کر سکتے ہمارا بھاہ ہونا چاہئے جس پرکاہ ہمیں ایک دن کی جان پراب کھاؤں ہم جنسوں کو ایک جان دیں یہ نہیں وہاں تو ادھا ہونے کی چکشہ ہم نے پراب کھالیں جنسوں کو دیڑے گھوڑ جان دیں ورشتوں جو ہیں پہاڑوں کو دھوکی دوسرے دھوکی ہیں وہ بھی دھوکی ہو جاتا ہے भवानृ शुद्धव कहते हैं भगवतम में एक बुदिमात व्यक्ती अन्दे व्यक्ती को गलत राजद में शुद्धि होई, जब देखते हैं तो क्या करता है, पुरे हासन को पगड़ते हैं, सीख राजद में चूनने करते हैं. हम सब कहीं बहावना चाहिए, चाहिए अ کہ ہم جس گیاں کو گمبیتہ سے ہنکول کریں تو آگے کیا کریں؟ پچھال کریں پھر اس مادیوں سے ہم بھگوان کے پریہ پڑتے ہیں اور جو میں کرکھان سے یہ سکھ چاہتا ہوں کہ آپ کہتے ہیں کہ دیڑھوں پر ہمیں کیسے کھڑتے ہونا چاہتے ہیں. हائے کرشنا
अरेक्षना, दर्वारपणाव, गुर्माराजे, बहुत नेक्टर भराग का लक्षय था, बड़े अच्छे पॉइंट हमें समझ में आये हैं, हम ऐसे रोज मटिरिय लाइफ में रहते हैं, तो इस तरह के हमें नहीं सुनने को मिलता हैं, तो महराज एक चोड़ा सा इसमें प्रेज़िकेशन था जैसे इसमें आपने कहा कि अगर हम जनम रित्यू हैं जो ये सबसे बड़ी समस्या हैं और अगर हम जनम रित्यू के समस्या से हम निकलना चाहते हैं तो हमें परम भगवान की शरण देहन करनी चाहिए تو مہاراج اس میں بھی کہتے ہیں کہ ہم روج دیکھ رہے ہیں آپ نے بتایا کہ وہ بھی مر رہے ہیں جو بھی مر رہے ہیں سب مر رہے ہیں پھر بھی ہم اس چیز سے تنظیم کرنا چاہتے ہیں تو جیسے یوڈیشن مہاراج کا بھی ہم نے مشکلی بار بتایا کہ وہ بھی کہتے ہیں کہ سب سے بڑا اشترے کیا ہے کہ سب مر رہے ہیں پھر بھی ہم سوچتے ہیں ہم شاید نہیں مریں گے تو مہاراج اس چیز کو کیسے ہی
مریں گے؟ ہم مریں گے تو ہمارے اچھا کے نظارے ہی ہوں ہم چ
आगर तो इस से कैसे हम इसको समझेंगे हम कभी भी बढ़ सकते हैं, इसको बढ़ाने के लिए इस चीज को भी हम अगले पल भी बढ़ सकते हैं, इस चीज को दृड करने के लिए हमें क्या करना चाहते हैं?
शास्त पढ़ना चाहते हैं, मन में एक कमी है कि हम जि شکریہ شکریہ شکریہ شکریہ بہت بہت भसर भसर भसर भसर भसर भसर भसर आपने परचर हैं परचर हैं परचर हैं परचर हैं परचर हैं परचर परचर हैं परचर हैं � तो उसके लिए पढ़ते हैं कि बत्ति शुडश से धारा की तरह उताय जाता है कि सल्वान की धार की तरह हैं तो थोड़सा भी चुप्पे तो कट क्या हैं तो कैसे इन दोनों चीज़ों को समझ सकते हैं बत्ति में इतनी शक्ती है कोई अंग्यांजा से भी थोड़ी बत्ति कर ساہدھانی سے چھوڑنا چاہیے جیسے اگر ساہدھانی سے ماندھو آج ساہدھانی کا نہیں چھوڑائی جو بھکتی کی ہیں جب بھی میں کھلا بھکتی نہیں چھوڑائی ماندھو کہ آپ میں سارے نیوموں کا پال نہیں کر پا رہے یہ نہیں کہ جو شیعہ کی ہے چاندوں کی ویڈیو کیوں بتایا تھا بھائی؟ ۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔۔
ہم کچھ اس پرکار کی تپسیاں لے لیتے ہیں جو اچھت نہیں ہیں ہم کیسے سندھے کہ کونسے تپسیاں اچھت رہے
گی اور نہیں اچھت رہے گی؟ سب سے بہتر ہے وہ نیوم کا پالن کرنے جو پرابا جی نے کہا پرابا جی نے کہا کہ ڈھنڈے پانے سے ڈھنڈے کی ایک ضرورت کا شان نیوم کا پالن کرنے والے چاہتے ہیں بڑھا لیتے ہیں تپتیاں پھر لیتے ہیں کیونکہ یہ ہمارے میں یوگیتہ نہیں ہے تو آپ چالیوں کو فالن کرو دونوں مانوں کا جات کرو ساتھ ساتھ پڑھو اور کرتے ہیں تپتیاں پڑھو اور ہم شدید
गुरु मैंने एक एक वार प्रश्च पूछता चाहता था कि अगर कैसे एक शिष्य जान सकता है कि उसकी सेवा से गुरु प्रसन हो रहे हैं अगर उसको उतना फिजिकल पर्टाक्ट में नहीं हो पार
है गुरु तो कैसे समझ सकता है वापो और वानी दो माद्यम हैं जिन अगर आप अदेशा पालं कर रहे हो तो आप भी अट्रेमेरिक पर एद्वान्स करोगे तो गुरुव भी अट्रेमेरिक पर्शन होगे ये नहीं कि गुरुव जी ने मुझे थैंक्स को नहीं बोला तो
गुरुव जी के
बाड़े के लिए क्या वाज़ जाता है अट्रेमेरिक प्रिश्चल टेकनॉलोजी लोग सपशन है। अगर खलो तो पानी आता है। अब शेवा करोगे तो बंग्मानी प्रशन होंगे। पूरी परंपराश्य सोड़े की ब्यास विवाल के गेंगे। पूरी परंपराश्य सोड़े की ब्यास विवाल के गेंगे। पूरी परंप
हरी कृष्ण मरक पहने लाग,
सबर शिक्षाएं दिया आपने. मरक आपने आपकर आया है हमारे पास
अपनी सविदाएं हैं, अच्छा साथों का संग
हैं, अच्छा ज्ञाओस्ट्री हैं, लेकिन मुझे भी हम इसके महतों को جب ہم نئے نئے جڑتے ہیں تو پڑا اوچھا اوچھا رہتا ہے کہ ایسے ایسے کئی بار کام ہو جاتا ہے ہیں نا تو بھاگ پھولے گی جب ہم نئے نئے ہوتے ہیں ہم سوتے ہیں سارے بھاگ دیوتا ہیں جب ہم درواراں دیکھتے ہیں وہ دیوتا تھا نہیں ہے وہ نہیں
ہے
ایڈیس وی ڈیزم کہتے ہیں بچے اس ویڈیو کی شہر جنہوں نے نمونی کرتے ہیں پاکستان میں کہاں نمونی کرتے ہیں کہی بار بیمار بیاکتی پریش کرتا ہے کھوڑی دیر کے لیے پھر سوچتا ہے پریش کی آمشا کے لیے تو میں ٹھیک ہو گیا ہے پھر میں کھوڑی لاپس ہو جاتا ہوں तो ये पागमतं का उठारत है, मेरा नहीं. तो असी पकार हम जब भक्ति में जोड़ते हैं, शुरु शुर में हम अग्गुनों को देखते हैं, और फिर थोड़ी दरबार हम अग्गुनों को देखना शुरु करते हैं, गुणों को बुल जाते हैं, जिसका क्या पेनाम होता है तो अगर हम चाहते हैं कि हमारा उन्सा घटे नहीं तो एक बड़ा सरल उपाय है अच्छी साधना रखो जाप करो, दिमों को पान करो तो आपका उन्सा सरला रहेगा तो ये नहीं कि आप सोचोगे खल उनसा थांपर अंग्रिकर में देखना हो इतनी कम्जोरी नहीं
हरे किष्टा जरदर गुर्मारा गुरुदी ये सबसे इंपार्टन बात है कि मैश्ट अफन्सिस से कैसे पता चाहें वो रोज परा की
प्रॉबरम होगी है कैसे पता चाहें रोज की प्रॉबरम होगी है बहुत साहन है सावधन रहे विवान में इस शत्वे से बच یہ نہیں کہ اگر آپ کوئی کمی دیکھو تو کمی نہیں سنا سکتے سدا کی اچھا نہیں رکھ سکتے بلکہ ایشو اور دویش میں آرکھا روشنہ نہیں کرنی چاہتے گشن و پرانس کی بشارت میں شاہد سے میں پڑھتے ہو کہ کتنا کمیر پرینام ہو سکتا ہے ہم بچ سکتے ہیں یہ نہیں کہ بچ نہیں سکتے مہاراج
جی کئی بار کوئی بات کرتا ہے تو پھر اس کو answer دیتے وقت کئی بار ہوتا ہے کہ اس کا answer ضروری ہے مہاراج جی کئی بار کوئی بات کرتا ہے
تو پھر اس کو answer دیتے وقت کئی بار ہوتا ہے کہ اس کا answer ضروری ہے مہاراج جی کئی بار
کوئی بات کرتا ہے تو پھر اس کو answer دیتے وقت کئی ہوتا مہاراج
جی کئی بار ہوتا ہے مہاراج جی کئی بار ہوتا ہے مہاراج جھوٹی ج جھوٹی نہ کریں آپ کو مجھ پر میں وجدہ پرادیف کرنا چاہتے ہیں وہ میری وجدہ نہیں ہے یہ وجدہ ہے دیواروں سے تو کوئی چڑچا کرتا نہیں ہے چڑچا کرتے ہیں کوئی ساتھی سے کوئی گراہ سے ہم گراہ بن جاتے
ہیں
हरे
कृष्णा गुरुजी प्रभुपात जो बहुत
लोड़ा है कि जो बुक्स में बहुत लोड़ा है चार खड़े कृष्णा तो वो दिख्षा करता है? दिख्षा करता है अच्छा पर वो दिक्षा करता है तो वो अच्छा के लिए अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो अच्छा करता है तो वो प्रावपाद अच्छा क प्रावपाद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद तो प्रावपद मैंने ये कहा प्रावपद प्रावपद प्रावपद प्रावपद प कि पुतर मैं कि प्रापा जी आज ही नहीं भवाईशकी 10,000 साल तर सिख्षा ले जा रहा है कि प्रापा जी जी नस्पी को सिख्षा कुरोगा पुरावानस पंद्रभूरी है तो हमारे शासों के नुसार देख्षा हमें जीवित प्रतिनीदी से लेना मुझे दिख्षा दे रहे हैं स्कुर में सौप का दिख्षा सिख्षा दे रहे हैं हमारे पासे की सिख्षा पर हैं और प्राभाजी ने हमें सिख्षा दी उनकी दुरूजी में शात्म हैं तो ये दिव्यक्यान परंबर में आ रहा हैं हरे विश्णा
गुरुमाराज देवन प्रणाम। गुरुमाराज इस प्रकार आपने वड़न किया कि मन और मुद्धी को श्रीकृष्ण में समर्धन करके कारिय करना चाहिए। लेकिन एक कहावत है do one thing at one time. तो अगर कोई corporate employer, for example, if he has to meet some deadline and target, वो किस प्रकार उन्हां मन और मुद्धी कृष्
جیسے ہم نے کروشیتر میں مندر بنا رہے ہو، اس نام کے پہلے یہ بھاہ والچ ہے، یہ مندر بن گا ہے، پاپا جی کی چھتی کی کروشیتر میں اس تھاں میں مندر بن گا ہے، تو یہ بھاہ والچ ہے، جیسے ہم گھنٹوں کے بیٹھوں کی سیو اور پاپا دے رہے ہیں، آج تک کہ پیتا جنگیوں پر، ہماری اچھاریوں کی اچھا ہے کہ سب پتیدوں کو ادھار ہو ہماری اچھا ہے کہ سب پتیدوں کو ادھار ہو ہم اس اچھا کو پورا کرنے کے لئے ہائے کر جائیں گے پھر چار کنک میں پھر مان جائے گا اوہاں بے ایسی ہو جائیں گے تمہارے لئے بے ایسی ہو جائیں گے جب ہماری دنہ طرف حیدہ ساکھو چیشنی نے مہا پھروپریدی آدھیش پر گھر کا جانا شروع کیا کئی گھروں میں تو انہوں نے اچھا سواگا سواگا کئی گھرانوں میں انہوں نے کہا مہل بھی ہوا اتنا تھا کہ انہوں نے کہا چھوڑ آگئے ہیں جاسس آگئے ہیں گھرانوں کے کپڑے پہنڈ گئے ہیں تو جب گھرانوں میں آپ کا مند گئے تو پرچار کی بنا پڑھتی جائیں گے अगर हम सहरेंगे, भगवाणी देनानदर सहर सकते हैं, हम कौन हैं? ओके, तो मुझे एक एक एक विश्वाल देंगे। प्रिश्णान।
मुझे यह सबरे की हमें जी रखता है कि क्या मुझे सुद्धवक्ति मिल सकता
है तो की लक्षे हैं। अगर कोई नहीं है, कोई मानन समा� جو کعبہ سے پوچھا آپ کوئی جادو کرسکتے ہو چمکہ دکھا سکتے ہیں یہ سوچا جاتا ہے پنجاب میں اگر کوئی سن مارنا ہے تو جادو کرے گا کوئی چمکہ دکھائے گا پنجاب میں وہ جادو کرے گا کہتے ہیں تو پاپا جی جو پوچھا آپ کو چمالکار کرسکتے ہیں نہیں کوئی جادو نہیں کرسکتا چمالکار نہیں کرسکتا پھر ایک جادو میں نے کیا ہے تو مجھے مہیدی کی آسانی ہے کیا جادو کیا ہے میں نے پاپا جی میں نے ہنجاروں ملچوں کو برہمان بنا دیا ہے ملچوں سے کہتے ہیں جو گیشہ آدمی کے بارے میں آپ کا کاریہ کرتا ہے ब्रावर कैसे कहते हैं विश्वान पर क्या सारा प्रतिवन मिता हैं मा आपका प्रशन था कि आपको विश्वान पर की पात होती हैं तो उतने प्रापाजी ने जो ज्ञान दिया है वो पूरे मानल समाज के लिए है आज साले विश्वान में इसको हम निकेन रहे हैं श پرابہ جی کے جو گھرانس ہیں اُن کا نمہ لگ بگ نمبے اندر اچھے باتوں میں ہو گیا ہے. جو پڑھنے ہیں جیتا پڑھنے ہے.
गुरु मरज, many times we read examples of so many great devotees in the Shastras, और अगर हम अपना जीवन उनके example के according करने का प्रयास करते हैं, तो और तो बाहर से हमारा अंसर करने का प्रयास करते हैं, पर अगर से वैसा भाव डेवलब नहीं हो पड़ता, और कभी-कभी ऐसा लगता कि आर्टिक्षिय लिमि बलाद
मराज जय जय बन जाओ। बलाद मराज बहुत बहुत चोटी होंगे फेका। पर जूर मराज बलाद मराज बहुत बहुत मर्धों के विश्व बहुत सुनोगे। सुनने से ही तो कोई ध्यादनिक शक्ती आईगी। यह नहीं कि आप उनके समान बन जाओगे। और उनकी अध्याद्मिक शक्ती प्राफ्त होती है जिसके सुयोग से आप माना का विरोग करता होगे। इसलिए स्वर्णों के सुनों आप उशकें। आप अगर भगवतना पढ़ते होते हैं उसके लिए देखा होगा, लिखा हैं। जो व्यक्ति कता को दिहान से सुनेगा, उसके यदे So that's important. प्रापा जी से कई बार भाग पूछे थे, आप इतने वचासे प्रशाख कैसे करते हैं। प्रापा जी ने कहा, मेरी टाइम काई बार मुझे समझ नहीं आता था गुरु जी क्या बोल रहे हैं। मैं दिहान से सुनता था कहें कोई ना हूँ। दिहान से सुनना अवश्यक है। और सुनोगे कई बार हम सोचे हैं। एक हाल से सुनते हैं जो दिखान से देखो जापा हैं। नो हाम सुनते जाओ। एक दिन ही जिहान लुग जाएगा। क्या बेगा रहे हैं? एक समय प्रापा जी मिरा प्रापा जी में भगवान पर प्रासा कर रहे थे। प्रासा मुझे कही होगी। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रासा कर रहे थे। प्रास کیونکہ میں مایہ پر کبھی نہیں دور ہوں تو بھگت مہمان سے یہ پرادنہ کرنی چاہے کہ ہم بھکتی میں جھڑے رہے مایہ کے پروحاں سے بچے یہ نہیں کہ کیوں پرادنہ کرو ہم کو پریاست کرنا پڑے گا कृष्णा कृष्णा हारे हारे हारे रामा हारे रामा रामा हारे हारे
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